धर्मगुरु राजनीति के दलदल में न फंसें, जो धर्मगुरु खुद को किसी एक राजनीतिक खेमे से जोड़ लेते हैं: पूर्व सांसद नरेश अग्रवाल
रितेश मिश्रा

#हरदोई में भाजपा नेता पूर्व सांसद नरेश अग्रवाल ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के गौरक्षण कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस और सपा नेताओं को लेकर पूछे गए सवाल पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने साफ कहा कि यदि कोई स्वामी है तो उसे किसी भी राजनीतिक दल के पचड़े में नहीं पड़ना चाहिए। धर्मगुरुओं का काम जनता का मार्गदर्शन करना, उनकी कठिनाइयों को दूर करना और समाज को दिशा देना है, न कि किसी दल को हटाने या किसी को सत्ता में लाने की राजनीति करना।
नरेश अग्रवाल ने कहा कि स्वामी और धर्मगुरु समाज में आदर और आस्था के केंद्र होते हैं, इसलिए उन्हें सभी राजनीतिक दलों से समान दूरी बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो धर्मगुरु खुद को किसी एक राजनीतिक खेमे से जोड़ लेते हैं, वे धर्मगुरु नहीं बल्कि राजनीतिक गुरु बन जाते हैं और ऐसे लोगों का अंत भी वैसा ही होता है। उन्होंने कहा कि धर्मगुरुओं को यह समझना चाहिए कि सभी दल उनके पास आते हैं, लेकिन उन्हें किसी राजनीतिक दलदल में नहीं फंसना चाहिए।
राम मंदिर चंदा घोटाले के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए नरेश अग्रवाल ने कहा कि सरकार ने मामले में एसआईटी गठित कर दी है और अब जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एसआईटी अपनी रिपोर्ट देगी और रिपोर्ट में जिसका भी नाम सामने आएगा, उसे छोड़ा नहीं जाएगा। यह सरकार का स्पष्ट निर्णय है।
सण्डीला क्षेत्र पंचायत बैठक में 3.50 करोड़ के विकास कार्यों का शिलान्यास

श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती पर माल्यार्पण के बाद शुरू हुई बैठक, सांसद समेत कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

रितेश मिश्रा
सण्डीला, हरदोई। विकास खण्ड सण्डीला सभागार में सोमवार को क्षेत्र पंचायत सण्डीला की बैठक आयोजित हुई, जिसमें वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए करीब 3.50 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का शिलान्यास किया गया। बैठक से पहले श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई।
बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में मिश्रिख सांसद अशोक रावत, याचिका समिति के सभापति व विधान परिषद सदस्य अशोक अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत सिंह ‘बब्बन’ और पूर्व ब्लाक प्रमुख वीरेन्द्र सिंह मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्लाक प्रमुख आरती गुप्ता ने की। इस दौरान क्षेत्र पंचायत की ओर से वर्ष 2026-27 में कराए जाने वाले विभिन्न विकास कार्यों की रूपरेखा रखी गई और 3.50 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजनाओं का शिलान्यास कराया गया।
बैठक में खण्ड शिक्षा अधिकारी, सीडीपीओ, एमओआईसी सण्डीला और पशु चिकित्साधिकारी ने अपने-अपने विभागों की संचालित योजनाओं और प्रगति की जानकारी दी। वहीं खण्ड विकास अधिकारी गौरी राठौर ने विकास खण्ड में चल रही योजनाओं और प्रस्तावित कार्यों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के अंत में ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि अमित गुप्ता ने मुख्य अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। बैठक में कर्नल आदित्य प्रताप सिंह, नरेन्द्र बाजपेई, सत्येन्द्र सिंह, विजेन्द्र सिंह, अब्दुल वली, वेद प्रकाश मिश्रा, राजू अस्थाना, संतोष त्रिपाठी, रामसिंह, रानू मिश्रा और पंकज कुमार सहित जिला पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान और बीडीसी सदस्य बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता मे हुई कृषि विभाग की समीक्षा बैठक
रितेश मिश्रा
हरदोई. आज जिलाधिकारी अनुनय झा की अध्यक्षता में स्वामी विवेकानंद सभागार में कृषि विभाग की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई । बैठक में कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, कृषि यंत्रीकरण, फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड, बीज एवं उर्वरक की उपलब्धता, प्राकृतिक एवं जैविक खेती तथा किसानों को दी जा रही विभिन्न सुविधाओं की प्रगति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी पात्र किसानों को समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए।
बैठक में खरीफ फसलों की बुआई, सिंचाई व्यवस्था, उर्वरकों एवं प्रमाणित बीजों की उपलब्धता तथा कृषि निवेशों की नियमित निगरानी पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता किसानों की आय में वृद्धि तथा कृषि को अधिक लाभकारी बनाना है। इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और निर्धारित लक्ष्यों को समय से पूर्ण करें। उन्होंने ने कहा कि सभी खाद बिक्री केंद्रों पर सीसी टीवी कैमरा लगाया जाये। उन्होंने कहा कि काला चावल का तराई क्षेत्रों में उसका उत्पादन बहुत अच्छा होता है। जिला गन्ना अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि विभिन्न सहायता समूह द्वारा गन्ने की पौधे तैयार कर उसको बेचकर अपनी आय में वृद्धि हुई है। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी नेहा व्याडवाल, उप कृषि निदेशक राजेश यादव, सीवीओ अशोक कुमार सिंह, लीड बैंक मैनेजर, जिला कृषि अधिकारी सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
पांच माह की नवविवाहिता ने फांसी लगाकर की आत्महत्या।
रितेश मिश्रा
बेनीगंज (हरदोई)।कोतवाली  क्षेत्र बेनीगंज अंतर्गत भैंनगांव में रविवार की रात को एक नवविवाहिता ने कमरे में साड़ी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। प्राप्त समाचार के मुताबिक प्रत्यक्षदर्शियों ने जानकारी देते हुए बताया कि
भैनगांव निवासिनी प्रियंका (20) पत्नी अनिल प्रजापति का शव घर के कमरे में छल्ले से बंधी साड़ी के फंदे पर लटका मिला। सूचना मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। परिजनों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी।
बताया गया कि प्रियंका का मायका अतरौली थाना क्षेत्र के सिटकाना गांव में है। उसकी शादी करीब पांच माह पूर्व भैंनगांव निवासी अनिल प्रजापति से हुई थी। अनिल हरियाणा की एक निजी कंपनी में मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता है। करीब डेढ़ माह पहले वह पत्नी को अपने साथ हरियाणा ले गया था। कुछ समय बाद प्रियंका वापस गांव आ गई थी, जबकि अनिल दोबारा हरियाणा चला गया था।मृतका के परिजनों का आरोप है कि 3 जून को उसकी बहन माधुरी की गोद भराई का कार्यक्रम था, लेकिन प्रियंका को मायके नहीं भेजा गया। इसी बीच उसकी मौत की सूचना मिलने से मायके पक्ष में शोक और आक्रोश व्याप्त हो गया।मृतका के पिता ने दहेज हत्या का आरोप लगाया है।घटना की सूचना पर बेनीगंज कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सतीश चन्द्र यादव मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रतीत होता है, हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।फोरेंसिक टीम ने भी आवश्यक नमूने लिए।
नवविवाहिता की असमय मौत से दोनों परिवारों में मातम पसरा हुआ है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही मृत्यु का कारण पता चल सकेगा।
पूर्व विधायक के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने से भड़की सपा
*चंदा चोर गद्दी छोड़ के नारे के साथ कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन


गोंडा।जिले के कटरा बाजार विधानसभा के पूर्व विधायक बैजनाथ दूबे पर नगर कोतवाली गोंडा में दर्ज फर्जी मुकदमा अपराध संख्या 627/26 के विरोध में समाजवादी पार्टी के हजारों कार्यकर्ताओं ने अरविंद शुक्ला एडवोकेट(जिला उपाध्यक्ष अधिवक्ता सभा), राम अवध गोस्वामी पूर्व ब्लॉक प्रमुख तथा कुलदीप मणि श्रीवास्तव (प्रतिनिधि) के नेतृत्व में हाथ में तख्तियां लेकर जोरदार आंदोलन गोंडा लखनऊ राज्यमार्ग से तहसील मुख्यालय की तरफ कूच किया।आंदोलन में कार्यकर्ताओं ने पूर्व विधायक पर दर्ज फर्जी मुकदमे के वापसी के लिए नारे,गोंडा पुलिस अधीक्षक मुर्दाबाद,चंदा चोर गद्दी छोड़,कटरा बाजार के विधायक बावन सिंह होश में आओ,पुलिस के बल पर गुंडागर्दी नहीं चलेगी सहित कई तख्तियां लेकर लोगों ने अपना विरोध प्रदर्शन किया।
  अधिवक्ता सभा के जिला उपाध्यक्ष अरविंद शुक्ला ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान भाजपा विधायक बावन सिंह सत्ते के नशे में चूर हैं, न्याय अन्याय उनकी निगाहों से नजर नहीं आ रहा है लगातार ब्राह्मणों के साथ उत्पीड़न कर रहे हैं।सत्ता का लोभ कुछ इस कदर चढ़ा है कि विधायक बावन सिंह घृतराष्ट्र बन चुके हैं सत्य बोलने पर फर्जी मुकदमा लिखा रहे हैं। पूर्व ब्लॉक प्रमुख राम अवध गोस्वामी ने मीडिया से बात करते हुए कि यह कोई सामान्य जनांदोलन नहीं है भाजपा के लोग अपनी हार के डर से पूर्व विधायक की छवि धूमिल करना चाहते है।चंदा चोरी करने वाले लोगों से यदि चन्दा पर सवाल पूंछा जाए तो वे लोग फर्जी मुकदमा करते हैं।चंदा चोरी की घटना से संपूर्ण सनातन समाज आहत है भाजपा के लोग प्रभु राम को भी नहीं बख्शे तो ये लोग देश की जनता का क्या होंगे।राम के नाम पर बनी सरकार आज प्रभु श्री राम सहित करोड़ों सनातनियों के साथ छल करने का कार्य किया है।
पूर्व विधानसभा प्रत्याशी करनैलगंज त्रिलोकी नाथ तिवारी ने कहा कि भाजपा और आरएसएस के लोग काफी दिनों से मंदिर में चोरी करने का कार्य करते थे आज पकड़े जाने पर लोगों को भाजपा के लोग क्या मुंह दिखाये इसलिए उलूल जलूल कार्य कर फर्जी मुकदमा कर लोगों की आवाजों को दबाना चाहते हैं लेकिन अब चंदा चोरी का मामला आग की तरह फैल चुकी है अब यह रुकने वाली नहीं है।चंदा चोरी का धन और पूर्व विधायक बैजनाथ दूबे पर दर्ज मुकदमा यदि वापस नहीं होता है तो सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
पूर्व विधायक कटरा प्रतिनिधि कुलदीप मणि श्रीवास्तव ने क्षेत्र के आए हुए कार्यकर्ताओं,समर्थकों को धन्यवाद ज्ञापित किया तथा कहा कि यदि श्री बैजनाथ दूबे जी पर दर्ज मुकदमा प्रशासन द्वारा वापस नहीं लिया गया तो आगे की रणनीति तय कर चक्का जाम किया जायेगा।फर्जी मुकदमे से क्षेत्र में काफी काफी रोष है यदि प्रशासन समय रहते विचार नहीं करता तो जनांदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा और जेल में जगह कम पड़ जाएगी।
उपरोक्त कार्यक्रम में राम कुमार शुक्ला(राष्ट्रीय सचिव लोहिया वाहिनी),त्रिवेणी मिश्रा (निवर्तमान जिलाध्यक्ष प्रबुद्ध सभा),नन्द कुमार प्रजापति (जिला पंचायत सदस्य),गुलाम नबी(जिला पंचायत सदस्य),रूप नारायण प्रजापति(जिला पंचायत सदस्य),राहुल गोस्वामी,अशोक तिवारी (एडवोकेट), अंकित शुक्ला छात्र नेता,अर्जुन बाबा (पूर्व प्रधान),अरशद अंसारी(प्रतिनिधि चेयरमैन कटरा बाजार)भगौती मिश्रा,संतोष तिवारी, छल्लर दूबे,लल्लन पांडेय,अजय कुमार मिश्रा,अमरेश कुमार चतुर्वेदी (एडवोकेट),वहीद खान,नन्द किशोर ओझा पूर्व प्रधान,संजय चौबे प्रधान,सुरेश तिवारी,राजेश तिवारी फरेंदा, मनीष शुक्ला रूद्र, बड़कऊ तिवारी प्रधान बमडेरा,संसारमणि पांडेय,उत्तम सिंह,हरेंद्र सिंह पूर्व प्रधान गद्दोपुर,लेखराज यादव सपा नेता,मोनू यादव,हरिशंकर दूबे,राजू शुक्ला,लक्ष्मीशंकर तिवारी,राम करन चतुर्वेदी प्रधान,रिंकू तिवारी कोचा,रिंकू तिवारी कौड़ियां बाजार,दद्दन शुक्ला,सहदेव मिश्रा पुत्र श्री रामदेव मिश्रा पूर्व विधायक,सौरभ तिवारी,राम बाबू शुक्ला,राजेंद्र दूबे,हरिओम तिवारी,राहुल तिवारी,सुल्तान प्रधान,परमात्मादीन साहू पूर्व प्रधान,दीनानाथ तिवारी सहित हजारों की संख्या में लोग उपस्थित रहे।
निर्मोष मंदिर एवं सूर्य कुंड पर कब्जे का आरोप, महंत परंपरा और आस्था के सम्मान की उठी मांग।
रितेश मिश्रा
बेनीगंज(हरदोई)। कोतवाली बेनीगंज क्षेत्र अंतर्गत संतों द्वारा मंदिर पर अवैध कब्जा को लेकर एक मामला प्रकाश में आया है कि आस्था, श्रद्धा और सनातन परंपरा के प्रतीक माने जाने वाले नैमिषारण्य चौरासी कोसी परिक्रमा मेला क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले प्रसिद्ध निमोष बाबा मंदिर सूर्यकुंड को लेकर एक गंभीर विवाद सामने आया है। कोतवाली क्षेत्र बेनीगंज के हांस बरौली बाजार स्थित घनश्याम नगर ब्रह्मदेव आश्रम निवासी महंत सुरेश दास की चेला द्वारा कोतवाली बेनीगंज में लिखित शिकायत देकर मंदिर पर अवैध कब्जे और जान से मारने की धमकी दिए जाने का आरोप लगाया गया है। इस प्रकरण ने क्षेत्र के संत समाज और श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।शिकायत के अनुसार, कोतवाली क्षेत्र के गिरधरपुर गांव स्थित प्राचीन निमोष बाबा मंदिर सूर्यकुंड, जो नैमिषारण्य चौरासी कोसी परिक्रमा मेला के चौथे पड़ाव के अंतर्गत आता है, वर्षों से संत परंपरा और धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। बताया गया कि मंदिर के संरक्षक रहे महंत रामस्वरूप दास उर्फ निमिया बाबा के शिष्य एवं अखिल भारतीय महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 मदन मोहन दास जी महाराज, निवास प्रमोद वन अयोध्या, लंबे समय तक मंदिर का संचालन और देखरेख करते रहे।शिकायतकर्ता के मुताबिक, महंत मदन मोहन दास जी महाराज ने अपनी स्वेच्छा से मंदिर की नियमित पूजा-अर्चना, देखरेख और धार्मिक व्यवस्था की जिम्मेदारी अब उन्हें सौंप दी है। लेकिन आरोप है कि गिरधरपुर गांव निवासी दिनेश पुत्र आसाराम स्वयं को पुजारी बताकर जबरन मंदिर परिसर पर अवैध कब्जा जमाए हुए हैं और मंदिर की परंपरागत व्यवस्था में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जब उनसे मंदिर खाली करने और संत परंपरा के अनुसार व्यवस्था सौंपने की बात कही गई, तब विपक्षी बाबा दिनेश दास गाली-गलौज, अभद्रता और धमकी पर उतारू हो गए। इतना ही नहीं, अपनी दबंगई दिखाते हुए लड़ाई-झगड़े और जान से मारने की धमकी तक दी गई। महंत मोहिनी दास ने भी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि वह निमोष आश्रम मंदिर में रहकर भगवान की स्थापित मूर्तियों की विधिवत पूजा-अर्चना और सेवा करना चाहती हैं, किंतु विपक्षी द्वारा उन्हें ऐसा करने से रोका जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार भय और दबाव का माहौल बनाया जा रहा है तथा जान से मारने की धमकी दी जा रही है।धार्मिक आस्था से जुड़े इस प्रकरण ने क्षेत्र के श्रद्धालुओं को भी भावुक कर दिया है। लोगों का कहना है कि जहां एक ओर संत-महात्मा सनातन धर्म की परंपराओं को जीवित रखने में अपना जीवन समर्पित कर देते हैं, वहीं दूसरी ओर धार्मिक स्थलों पर कब्जे और विवाद जैसी घटनाएं समाज की आस्था को आहत करती हैं। श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर मंदिर की गरिमा और संत परंपरा की रक्षा सुनिश्चित की जाए।फिलहाल कोतवाली बेनीगंज पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
भंडारे के नाम पर चंदा मांगकर महिला को बेहोश करने वाले दो शातिर ठग गिरफ्तार*
रितेश मिश्रा
शाहाबाद (हरदोई)̊पचदेवरा पुलिस ने भंडारे के नाम पर चंदा मांगने के बहाने एक महिला को सम्मोहन या नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश करने और उसके कान के कुंडल लूटने वाले दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेज दिया है।प्राप्त बिबरण मे  ग्राम मैकपुर निवासी माया देवी पत्नी बलवीर ने थाने में तहरीर देकर बताया था कि बीती 26 जून 2026 को दोपहर करीब 3:00 बजे दो अज्ञात व्यक्ति उनके दरवाजे पर आए दोनों ने खुद को भंडारे के लिए चंदा इकट्ठा करने वाला बताया।जब माया देवी ने दान देने के लिए 100 रुपये की पर्ची कटवाई,तो दोनों अभियुक्तों ने उनके सिर से कोई धागा घुमाया इसके तुरंत बाद माया देवी बेहाश हो गईं महिला के बेहोश होते ही दोनों शातिर ठग उनके कान के सोने के कुंडल लेकर मौके से फरार हो गए।जिसके सम्बन्ध मे थाना पचदेवरा पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू की गई थी और विवेचना के दौरान प्रकाश में आए दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तार किए गए आरोपियों मेपवन पुत्र राजेन्द्र उर्फ पप्पू निवासी मोहल्ला पटकना,ब करण पुत्र अरविन्द कुमार निवासी: मोहल्ला नई बस्ती,थाना शाहाबाद, इस सम्बन्ध मे  पचदेवरा इस्पेक्टर राकेश यादब ने बताया कि मामले मे एक अन्य आरोपी अरविन्द पुत्र स्व0 लालबहादुर निवासी मोहल्ला नई बस्ती, शाहाबाद  को पुलिस द्वारा पहले ही 1जुलाई 2026 को घटना में लूटे गए 02 अदद कुंडल के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्षता मे हुई सार्वजनिक सुनवाई
रितेश मिश्रा
हरदोई. उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा स्वामी विवेकानन्द सभागार कलेक्ट्रेट हरदोई में एक सार्वजनिक सुनवाई आयोजित की गयी। इसका उद्देश्य स्थानीय ग्रामीण निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के राजनीतिक पिछड़ेपन का समकालीन और अनुभवजन्य अध्ययन करना था। सुनवाई में बड़ी संख्या में नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव आयोग के समक्ष रखे।आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति राम औतार सिंह ने इसकी अध्यक्षता की। इस दौरान आयोग के सदस्य बृजेश कुमार (सेवानिवृत्त डीजे)संतोष कुमार विश्वकर्मा (सेवानिवृत्त एडीजे), डॉ. अरविन्द कुमार चौरसिया (सेवानिवृत्त आईएएस) और एस.पी. सिंह (सेवानिवृत्त आईएएस) भी मौजूद रहे। सुनवाई के दौरान, विभिन्न पक्षों ने ग्रामीण निकायों में ओबीसी वर्ग के राजनीतिक प्रतिनिधित्व, आरक्षण व्यवस्था और राजनीतिक पिछड़ेपन से संबंधित तथ्य और सुझाव प्रस्तुत किए। आयोग ने सभी पक्षों की बातों को गंभीरता से सुना। आयोग ने भरोसा दिलाया कि प्राप्त सुझावों और तथ्यों का गहन परीक्षण किया जाएगा और उन्हें अपनी संस्तुतियों में उचित स्थान दिया जाएगा।मा0 न्यायमूर्ति राम औतार सिंह ने बताया कि आयोग का मुख्य उद्देश्य स्थानीय ग्रामीण निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग के राजनीतिक पिछड़ेपन का निष्पक्ष और तथ्यपरक अध्ययन करना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न मंडलों में सार्वजनिक सुनवाई आयोजित की जा रही हैं। इसका लक्ष्य सभी संबंधित पक्षों की राय के आधार पर व्यापक और संतुलित संस्तुतियां तैयार करना है। इसके साथ ही आयोग के सदस्यों द्वारा आयोग की कार्यप्रणाली, अध्ययन के उद्देश्य और आगामी कार्ययोजना के बारे में जानकारी साझा की गई।कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्रेमावती, मुख्य विकास अधिकारी नेहा व्याडवाल, परियोजना निदेशक डीआरडीए अशोक कुमार मौर्य, जिला पंचायतराज अधिकारी श्रैया उपाध्याय एवं विभागों के अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। आयोग ने स्पष्ट किया कि प्रदेशभर से प्राप्त सुझावों और तथ्यों के आधार पर तैयार की जाने वाली संस्तुतियां स्थानीय ग्रामीण निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग के राजनीतिक प्रतिनिधित्व के संबंध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
गविष्ठ यात्रा: में स्वामी मुक्तेश्वरानंद बोले- 'गाय पशु नहीं, हमारी माता और पूजनीय है*
रितेश मिश्रा
कछौना, हरदोई।* स्वामी मुक्तेश्वरानंद सरस्वती का स्वागत कछौना में सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र कुमार ने जोरदार फूल मालाओं को पहनाकर किया। यह गविष्ट यात्रा का उद्देश्य सनातन धर्म को जन जन तक पहुंचना है। गाय को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने का संकल्प लिया। स्वामी जी का कछौना में सिंह नर्सिंग होम के पास जोरदार स्वागत किया गया। उन्होंने गाय के महत्व पर प्रकाश डाला। गाय पशु नहीं है, गाय हमारी माता है, गाय पूजनीय है। भविष्य में हम उसी राजनैतिक दल का समर्थन करेंगे, जो देश प्रदेश में गौ हत्या को पूरी तरह रोकने के लिए प्रतिबद्ध होगी। मौजूदा सरकार की गलत नीतियों के कारण अस्थाई गौशाला कब्रगाह बन गए हैं। धीरे-धीरे गाय प्रजाति को खत्म करने में लगे हैं। इन गौशालाओं में बेजुबान गौवंश की दुर्दशा है। तड़प तड़प कर मरने को विवश है। घायल गौवंशों को कौवे, कुत्ते नोज नोच कर खा रहे हैं। गौवंश की सुरक्षा व संरक्षण के लिए ठोस कानून की आवश्यकता है। वह इस उद्देश्य को लेकर प्रत्येक विधानसभा में पहुंच रहे हैं। कछौना में उनके आगमन को भव्य बनाने में सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र कुमार ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। इस अवसर पर प्रबुद्ध नागरिक और दूर-दराज के श्रद्धालु मौजूद है।
शंकराचार्य की गौसंरक्षण यात्रा का भव्य स्वागत, “गाय को राष्ट्रमाता घोषित करो” के नारों से गूंजा कस्बा

रितेश मिश्रा


बेनीगंज(हरदोई)।जनपद के कस्बा बेनीगंज में उस समय धार्मिक आस्था, गौभक्ति और जनआक्रोश का अद्भुत संगम देखने को मिला जब ज्योतिषपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज की गौसंरक्षण यात्रा भव्य स्वागत के बीच कस्बे में पहुंची। गाय को “राष्ट्रमाता” का दर्जा दिलाने के संकल्प के साथ निकली इस यात्रा ने बेनीगंज में हजारों गौभक्तों के हृदय में नई चेतना जगा दी।

कार्यक्रम का आयोजन वरिष्ठ गौभक्त अशोक वर्मा गोपार की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। जैसे ही शंकराचार्य महाराज अपनी वैनिटी वैन से बाहर निकले, सैकड़ों श्रद्धालुओं ने “गौमाता की जय”, “सनातन धर्म अमर रहे” और “राष्ट्रमाता गौमाता” के गगनभेदी नारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालुओं ने फूल-मालाओं से उनका जोरदार स्वागत किया तथा गाय माता की प्रतिमा भेंट कर उनका अभिनंदन किया।

अपने ओजस्वी और आक्रोशपूर्ण संबोधन में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि वेदों और पुराणों में गौमाता को पहले ही राष्ट्रमाता का दर्जा दिया जा चुका है, लेकिन दुर्भाग्य यह है कि आज सत्ता में बैठी सरकारें गौमाता के नाम पर राजनीति तो करती हैं, पर उन्हें राज्यमाता घोषित करने का साहस नहीं दिखातीं। उन्होंने कहा कि “जो लोग गाय को केवल पशु मानते हैं, उनकी बुद्धि भी पशुवत हो चुकी है।”

उन्होंने कहा कि देशभर के सनातनियों की भावना गौमाता से जुड़ी हुई है और अब समय आ गया है कि सरकार जनभावनाओं का सम्मान करे। शंकराचार्य ने कहा कि दूसरे धर्मों के लोग भी गौसंरक्षण का समर्थन कर रहे हैं, लेकिन सरकार अपनी राजनीतिक मजबूरियों और सत्ता के मोह में निर्णय लेने से बच रही है।

अपने संबोधन के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “नाथ संप्रदाय त्याग और तपस्या का प्रतीक है, सत्ता की कुर्सी उसका मार्ग नहीं है।” उन्होंने यह भी स्मरण कराया कि वर्ष 2014 से पहले दिल्ली की एक जनसभा में योगी आदित्यनाथ स्वयं गाय को राज्य माता घोषित करने की मांग कर चुके हैं, लेकिन आज सत्ता में आने के बाद वे अपनी कही बातों पर अमल नहीं कर रहे हैं।

शंकराचार्य ने उपस्थित जनसमूह को गौसंरक्षण की शपथ दिलाई और कहा कि “जो लोग गाय को माता मानते हैं, वे आपस में भाई-बहन हैं।” उन्होंने लोगों से गौसंरक्षण के लिए संघर्ष करने और ऐसे जनप्रतिनिधियों को वोट देने का आह्वान किया जो गौमाता के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध हों।

उन्होंने घोषणा की कि जल्द ही लखनऊ में गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराने के लिए एक विशाल कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रदेशभर से लाखों गौभक्तों को पहुंचने का आह्वान किया गया।

पूरे कार्यक्रम के दौरान भक्तिमय जयकारों और गौमाता के समर्थन में नारों से वातावरण गुंजायमान रहा। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस बल जगह-जगह तैनात रहा।

इस अवसर पर समाजसेवी सुरेंद्र गुप्ता कल्लू, रामचंद्र वैश्य लंबू, अशोक वर्मा, सुभाष वैश्य, राजकमल गुप्ता, कैलाश जोशी, प्रिंस बाजपेई, विनीत वैश्य, शेखर सक्सेना, लालमन सक्सेना, अनमोल श्रीवास्तव, रविंद्र सैनी, मन्नीलाल राठौर, राम चंद्र यादव, मनीष वर्मा सहित सैकड़ों गौभक्त और क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।

बेनीगंज की धरती पर आयोजित यह जनसभा केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि गौमाता के सम्मान और सनातन आस्था के संरक्षण के लिए उठी जनभावनाओं की बुलंद आवाज बनकर उभरी।