बैंक कर्मियों की मनमानी, घर में घुसकर दूसरे व्यक्ति को आरसी नोटिस थमा कर अभद्रता का आरोप।
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रितेश मिश्रा
बेनीगंज(हरदोई)। जनपद के कोतवाली क्षेत्र बेनीगंज में बैंक कर्मियों की कथित मनमानी और संवेदनहीन कार्यशैली का एक बेहद दुखद एवं आक्रोशित कर देने वाला मामला सामने आया है। सिकंदरपुर गांव के निकट झाला क्षेत्र में रहने वाले एक परिवार ने आरोप लगाया है कि संडीला स्थित भूमि विकास बैंक के कर्मचारियों ने बिना किसी ठोस सत्यापन के उनके घर में घुसकर महिलाओं और परिवारजनों को भयभीत किया, मोबाइल फोन से घर और कृषि यंत्रों की तस्वीरें खींचीं तथा एक ऐसे व्यक्ति के नाम की आरसी नोटिस थमा दी जिसका उनसे कोई संबंध ही नहीं है। घटना के बाद पूरा परिवार मानसिक रूप से आहत और भयभीत है।
पीड़ित सरदार विक्की सिंह पुत्र गुरनाम सिंह ने इस संबंध में बेनीगंज कोतवाली में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने बताया कि दिनांक 02 जुलाई 2026 को वह दवा लेने के लिए लखनऊ गए हुए थे। घर पर उनकी पत्नी परमवीर कौर अकेली थीं जबकि उनका 18 वर्षीय पुत्र अजय सिंह खेत में जुताई करने गया हुआ था। इसी दौरान दोपहर लगभग 12:30 बजे एक सफेद रंग की कार उनके घर के बाहर आकर रुकी, जिसमें से कुछ अज्ञात लोग एक महिला सहित उतरे और बिना किसी पूर्व सूचना अथवा अनुमति के सीधे घर के अंदर प्रवेश कर गए।
परिवार का आरोप है कि घर में घुसते ही उक्त लोग मोबाइल फोन से घर की और कृषि यंत्रों की तस्वीरें खींचने लगे। अचानक घर में अजनबियों के इस प्रकार घुस आने से परमवीर कौर बुरी तरह घबरा गईं और डर के मारे खेत पर जाकर अपने बेटे अजय सिंह को पूरी बात बताई। जब अजय सिंह मौके पर पहुंचा और उसने उन लोगों से पूछताछ की तो उन्होंने स्वयं को बैंक कर्मी बताते हुए कहा कि वे बकाया लोन की आरसी नोटिस देने आए हैं।
आरोप है कि बैंक कर्मियों ने 18 वर्षीय युवक अजय सिंह को डांट-फटकार लगाते हुए जबरन एक सादे कागज पर हस्ताक्षर कराए और 58 हजार रुपये के कथित लोन की नोटिस थमा दी। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि नोटिस पर “तारा चंद्र पुत्र राम लाल निवासी बहादुरपुर पिपरी” का नाम अंकित था, जबकि विक्की सिंह और उनके परिवार का उस व्यक्ति से दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है।
घर लौटने पर जब विक्की सिंह को पूरी घटना की जानकारी हुई तो वह स्तब्ध रह गए। उनका कहना है कि उन्होंने कभी किसी बैंक से कोई लोन नहीं लिया और न ही उन पर किसी प्रकार का कोई बकाया कर्ज है। इसके बावजूद बैंक कर्मियों द्वारा उनके घर में इस प्रकार घुसकर परिवार को भयभीत करना न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि यह आम नागरिकों के सम्मान और निजता पर भी सीधा हमला है।
पीड़ित विक्की सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संडीला तहसीलदार अमित कुमार से भी मुलाकात कर शिकायत दर्ज कराई। इस पर तहसीलदार ने कथित रूप से कहा कि नोटिस पर उनके हस्ताक्षर अवश्य हैं, लेकिन उनके द्वारा ऐसा कोई आदेश नहीं दिया गया है जिससे किसी व्यक्ति के मान-सम्मान को ठेस पहुंचे या परिवार को प्रताड़ित किया जाए।
उधर, जब इस संबंध में भूमि विकास बैंक संडीला के मैनेजर योगेंद्र कुमार से द टेलीकास्ट द्वारा फोन पर बातचीत की गई तो उन्होंने स्वीकार किया कि बैंक का स्टाफ नोटिस देने गया था, लेकिन उन्होंने किसी भी प्रकार की अभद्रता से इनकार किया। हालांकि, पूरे मामले का सीसीटीवी फुटेज और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कथित बैंक कर्मी एक घर के अंदर घूमते हुए मोबाइल फोन से तस्वीरें लेते दिखाई दे रहे हैं। वायरल वीडियो ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।
विक्की सिंह का यह भी आरोप है कि वह समाजवादी पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता हैं और उन्हें साजिशन बदनाम एवं मानसिक रूप से परेशान करने का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना है कि यदि बैंक को किसी अन्य व्यक्ति की तलाश थी तो पहले सही सत्यापन किया जाना चाहिए था। निर्दोष परिवार को इस तरह डराना और सार्वजनिक रूप से अपमानित करना किसी भी सभ्य व्यवस्था में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बैंक कर्मी इस तरह बिना जांच-पड़ताल किसी के भी घर में घुसकर कार्रवाई करने लगेंगे तो आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस करेगी। लोगों ने दोषी कर्मचारियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
बेनीगंज पुलिस का कहना है कि मामला संज्ञान में है और शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जांच के बाद आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर बिना सत्यापन एक निर्दोष परिवार को क्यों प्रताड़ित किया गया? क्या बैंक कर्मचारियों को किसी के घर में इस तरह घुसकर तस्वीरें लेने और परिवार को भयभीत करने का अधिकार है? यदि समय रहते ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो आम जनता का भरोसा व्यवस्था से पूरी तरह उठ सकता है।


रितेश मिश्रा

रितेश मिश्रा
रितेश मिश्रा
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. रितेश मिश्रा
Jul 03 2026, 18:15
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