चौरी पुलिस ने मादक पदार्थ तस्कर को पकड़ा:लंबे समय से फरार वांछित अभियुक्त जग्गू साहनी गिरफ्तार
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। चौरी पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के एक मामले में लंबे समय से फरार चल रहे वांछित अभियुक्त जग्गू साहनी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसे शुक्रवार को रेलवे स्टेशन छिवकी से पकड़ा। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी के निर्देशन में की गई।

अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में चौरी पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी। जग्गू साहनी वाराणसी के मलहिया टोला रमना, थाना लंका का निवासी है और उसकी उम्र 24 वर्ष है। वह अवैध गांजा तस्करी करने वाले गिरोह का सदस्य है और उसके खिलाफ मु0अ0सं0 202/2025 धारा 318(4), 319(2) बीएनएस व 8/20/25/29 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज है।

पुलिस ने बताया कि इस गिरोह के दो सदस्यों को पहले 27 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार किया गया था। उस समय उनके कब्जे से गांजा तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक Kia Carens कार से कुल 1 क्विंटल 880 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया था, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 22 लाख रुपये है। साथ ही, चार फर्जी नंबर प्लेट भी बरामद किए गए थे।

अभियुक्त को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में निरीक्षक रामसरीख गौतम, उपनिरीक्षक परवेश राय, उपनिरीक्षक अरविंद सिंह यादव, कांस्टेबल अजय सिंह, कांस्टेबल अरविंद कुमार, कांस्टेबल सुजीत कुमार और रिजर्व कांस्टेबल रोहित कुमार शामिल थे।
डॉ योगेश दुबे ने की स्किल डेवलपमेंट सेंटर, छात्रावास और चिल्ड्रन होम बनाने की घोषणा


भदोही। क्षेत्र के युवाओं के कौशल विकास और निराश्रित बच्चों के कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय युवा पुरस्कार समेत कई पुरस्कारों से सम्मानित और भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता  डॉ. योगेश दुबे ने सुरियावां और कुसौड़ा क्षेत्र के विकास के लिए दो महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं।  घनश्याम दुबे महाविद्यालय सेवाश्रम महाविद्यालय के आस-पास की सभी दुकानों को तत्काल प्रभाव से खाली कराकर वहाँ एक आधुनिक छात्रावास (Hostel) और युवाओं के उज्जवल भविष्य के लिए स्किल डेवलपमेंट सेंटर (Skill Development Center)  स्व रोजगार केंद्र का निर्माण करने का प्रस्ताव दिया है l वे इस बाबत स्थानीय जनप्रतिनिधियों से  और विद्यालय प्रबंध समिति से सहयोग  देने के लिए बात करेंगे । उल्लेखनीय है कि प्रस्तावित क्षेत्र पर पहले से दुकानें स्थापित हैं जिसका इंफ्रास्ट्रक्चर तत्काल शैक्षणिक प्रयोग में लाया जा सकता है ।

डॉ दुबे ने कहा कि दुकानों को खाली करवाने के लिए नियमपूर्वक कानूनी नोटिस देंगे ,किरायेदारों की संयुक्त बैठक आयोजित कर विद्यार्थियों की आवश्यकता पर ज़ोर देंगे ,और आवश्यकता पड़ने पर राज्य सरकार और जिला प्रशासन का सहयोग लेंगे ।
क्षेत्र में लंबे समय से एक छात्रवास की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। दूर-दराज के क्षेत्रों से सेवाश्रम इंटर कॉलेज आने वाले छात्रों को इससे बड़ी राहत मिलेगी।
डॉ. योगेश दुबे ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में युवाओं के विकास के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि "स्किल डेवलपमेंट ही भारत का भविष्य है।" इस केंद्र के बनने से सुरियावां के युवाओं को सीधे लाभ मिलेगा और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगे।

डॉ. योगेश दुबे ने अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता को दोहराते हुए एक और बड़ी घोषणा की। उनके माता-पिता (स्व.घनश्याम दुबे एवं पूज्य माता श्रीमती हीरा देवी) द्वारा बनवाए गए 'हीरा देवी पैलेस' (कुसौड़ा, सुरियावां) को अब बच्चों के कल्याण के लिए समर्पित कर दिया जाएगा । इस संपत्ति पर भदोही जिले का पहला अत्याधुनिक 'चिल्ड्रन होम' (Children Home) बनाया जाएगा।

डॉ. दुबे ने कहा कि भदोही जिले में फिलहाल एक भी स्तरीय चिल्ड्रन होम नहीं है, जिसके कारण निराश्रित बच्चे कठिन परिस्थितियों में है। इस चिल्ड्रन होम में ५ वर्ष से लेकर १८ वर्ष तक के बच्चों को सुरक्षित माहौल और छत मिलेगी। यहाँ उनके लिए रहने की उत्तम व्यवस्था, पौष्टिक भोजन और प्रारंभिक शिक्षा का पूरा प्रबंध किया जाएगा । प्रशासनिक सहयोग: डॉ. दुबे इस महत्वाकांक्षी परियोजना को अमलीजामा पहनाने के लिए जल्द ही जिलाधिकारी (DM भदोही) प्रमुख सचिव महिला और बाल विकास मंत्रालय से मुलाकात कर विस्तृत बातचीत करेंगे।

डॉ. योगेश दुबे पूर्व में भी बच्चों के सर्वांगीण विकास और महिला सशक्तिकरण के लिए कई उत्कृष्ट और अनुकरणीय कार्य कर चुके हैं। इस नई घोषणा से क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को एक नई और सकारात्मक दिशा मिलेगी।
काशी नरेश विश्वविद्यालय की विद्वत परिषद की बैठक संपन्न:नए पाठ्यक्रमों को मिली स्वीकृति
रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। भदोही स्थित काशी नरेश विश्वविद्यालय की विद्वत परिषद की बैठक कुलपति प्रोफेसर उमा श्रीवास्तव की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से विश्वविद्यालय में संचालित होने वाले विभिन्न स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के प्रस्तावों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया, जिसके बाद उन्हें सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की गई।

परिषद ने वर्तमान में संचालित बी.ए., बी.एससी., बी.कॉम., बी.एड., एम.ए., एम.एससी., एम.कॉम. सहित सभी स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के संचालन को मंजूरी दी। इसके साथ ही, शैक्षणिक सत्र 2026-27 से बी.एससी. (कृषि, कंप्यूटर साइंस, माइक्रोबायोलॉजी, इंडस्ट्रियल केमिस्ट्री, स्टैटिस्टिक्स एंड डेटा साइंस तथा बायोकैमिस्ट्री), बीसीए, बीबीए और बीजेएमसी जैसे रोजगारपरक पाठ्यक्रम शुरू करने का भी अनुमोदन किया गया।

इसके अतिरिक्त, आगामी सत्र से विधि संकाय, फार्मेसी विभाग, इंस्टीट्यूट ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स (गायन, वादन एवं नृत्य) तथा इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल की स्थापना और इनसे संबंधित पाठ्यक्रम प्रारंभ करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया। परिषद ने विश्वविद्यालय में रोजगारपरक एवं कौशल आधारित प्रमाणपत्र, डिप्लोमा तथा पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के संचालन पर भी सहमति व्यक्त की।

बैठक में विश्वविद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया, परीक्षा व्यवस्था, पाठ्यक्रमों के अद्यतन, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन तथा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, नवाचार आधारित एवं रोजगारोन्मुख शिक्षा उपलब्ध कराने से संबंधित विभिन्न विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

इस अवसर पर कुलपति प्रोफेसर उमा श्रीवास्तव ने कहा कि काशी नरेश विश्वविद्यालय विद्यार्थियों की रुचि, वर्तमान समय की आवश्यकताओं तथा वैश्विक प्रतिस्पर्धा को ध्यान में रखते हुए गुणवत्तापूर्ण, नवाचार आधारित एवं रोजगारोन्मुख शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि नए एवं विविध पाठ्यक्रमों के संचालन से विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के व्यापक अवसर उपलब्ध होंगे और क्षेत्र में शैक्षणिक, शोध एवं कौशल विकास को नई दिशा मिलेगी।
5.36 करोड़ से हाईटेक बनाए दो रोडवेज स्टेशन, बसें एक भी नहीं चलाई गई
*रोडवेज न होने से निजी बसें ही बनी लोगों का सहारा*




रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। पांच करोड़ 36 लाख रुपये खर्च कर ज्ञानपुर और भदोही रोडवेज स्टेशनों को तो हाईटेक बना दिया गया, लेकिन दोनों स्टेशनों को मिलाकर दिनभर में केवल एक बस चलती है। जिले के विभिन्न रूटों से कम से कम 55 निजी बसों का संचालन होता है, लेकिन रोडवेज बसों की संख्या न के बराबर होने से यात्रियों को निजी बसों में यात्रा करनी होती है। दोनों स्टेशनों पर न तो बसें ही दिखती हैं और न ही कोई जिम्मेदार अधिकारी। भदोही रोडवेज स्टेशन पर एक ‘’अक्षम’’ चालक दिनभर बैठकर अपनी नौकरी के दिन पूरे कर रहे हैं। जिले में भदोही, ज्ञानपुर और औराई तीन रोडवेज बस स्टेशन हैं। औराई रोडवेज स्टेशन हाईवे से सटा होने के कारण यहां दिनभर में 35 से 40 बसों का स्टॉपेज होता है। इसमें भी अधिकतर बसें ऊपर-ऊपर ही निकल जाती हैं। इसके अलावा भदोही के जमुनीपुर में बना राजकीय रोडवेज स्टेशन का निर्माण 2019 में 2.97 करोड़ की लागत से किया गया है।

यूपी राजकीय निर्माण निगम ने अप्रैल 2019 में इसका निर्माण कार्य पूरा किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 31 दिसंबर 2020 को इसका लोकार्पण किया। लोकार्पण के समय वाराणसी, जौनपुर, सोनभद्र और मिर्जापुर जाने के लिए बसों का संचालन हुआ, लेकिन धीरे-धीरे बसें इस रूट से हटने लगी। आज स्थिति यह है कि करोड़ों की लागत से बनी यह बिल्डिंग सुनसान पड़ी है। स्टेशन पर कर्मचारी के रूप में केवल एक चालक की तैनाती है, जो स्टेशन की देखरेख करता है। इसी तरह ज्ञानपुर सड़क रेलवे स्टेशन को करीब डेढ़ साल पहले ही 2.27 करोड़ रुपये से हाईटेक किया गया, लेकिन इस स्टेशन की भी यहीं स्थिति बनी हुई है। दिनभर में इस स्टेशन पर एक भी बसों का संचालन नहीं होता है। यात्री मजबूरी में निजी बसों से यात्रा करने को विवश हैं।


वाराणसी-भदोही रूट पर एक भी रोडवेज बसें नहीं, निजी करीब 30
जिले में रोडवेज बसों का संचालन न होने दिनों-दिन लोगों की परेशानी बढ़ती रहती है। जिले में भदोही और ज्ञानपुर रोडवेज स्टेशन के रूट पर ही 55 निजी बसें चलती हैं। इन सभी बसों में यात्री भरे पड़े होते हैं। वाराणसी से भदोही वाया जौनपुर, प्रतापगढ़ के रूट पर तो 24 घंटे में करीब 25 से 30 बसें चलती हैं, लेकिन इसके उलट इस रूट पर रोडवेज बसें एक भी नहीं है। जिसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ता है। यात्री निजी बसों में अधिक किराया देकर यात्रा करते हैं।


सड़कों से गायब हुई जिले को मिली चार रोडवेज बसें करीब एक साल पहले यात्रियों की सुविधा के लिए जिले को चार नई बसें मिली थी। बीते साल 30 अगस्त को औराई रोडवेज परिषद में सांसद विनोद बिंद और विधायक दीनानाथ भास्कर ने हरी झंडी दिखाया था। इन बसों को वाराणसी से औराई होते हुए धन तुलसी, दूसरी वाराणसी-औराई होते हुए सेमराध धाम, तीसरी बस वाराणसी-औराई से दुर्गागंज और चौथी बस वाराणसी-औराई से अकोढ़ी रोही तक चलाना था। यह सभी बसें भी इस समय नहीं चल रही।



ग्रामीणों क्षेत्रों के लिए जो बसें मिली थी। उसका संचालन हो रहा है। ज्ञानपुर और भदोही स्टेशन के लिए बसें कुछ कम है। चालकों की भर्ती का प्रयास किया जा रहा है। चालक मिलने के बाद पर्याप्त बसें कुछ कम है। चालकों की भर्ती का प्रयास किया जा रहा है। चालक मिलने के बाद पर्याप्त बसें चलाई जाएंगी। जिससे यात्रियों को सहूलियत मिल सके।

परशुराम क्षेत्रीय प्रबंधक रोडवेज
गोपीगंज पुलिस ने 2 गैंगस्टर अभियुक्तों को किया गिरफ्तार :नकली आभूषणों से बैंक को धोखाधड़ी कर पहुंचाया था नुकसान
नितेश श्रीवास्तव



भदोही। गोपीगंज पुलिस ने धोखाधड़ी और जालसाजी करने वाले संगठित गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट (उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम) के तहत वांछित दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई है।

पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई हुई। गैंग लीडर राजू सेठ और उसके 21 सक्रिय सदस्यों ने एक गिरोह बनाकर बैंकों को आर्थिक नुकसान पहुंचाने का षडयंत्र रचा था। वे नकली आभूषणों को असली बताकर प्रमाणित करते थे और बैंक के साथ धोखाधड़ी करते थे। इस संबंध में गोपीगंज थाने में धारा 3(1) गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम 1986 के तहत मुकदमा संख्या 174/2026 पंजीकृत किया गया था। बृहस्पतिवार को पुलिस ने इस गैंग के दो सक्रिय सदस्यों को उनके घर से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की।

गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान शंकर लाल पुत्र लालमणि (निवासी नारेपार, थाना कोईरौना, जनपद भदोही, उम्र लगभग 30 वर्ष) और हंसराज पुत्र राजमणि (निवासी नारेपार, थाना कोईरौना, जनपद भदोही, उम्र लगभग 24 वर्ष) के रूप में हुई है। गिरफ्तार गैंगस्टर अभियुक्तों का आपराधिक इतिहास भी है। उनके खिलाफ गोपीगंज थाने में मुकदमा संख्या 150/25, धारा 419/420/120बी/409/467/468/471 भारतीय दंड संहिता के तहत मामला दर्ज है।

अभियुक्तों को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक विनोद तिवारी, उपनिरीक्षक ओमप्रकाश यादव, आरक्षी दीपू और चालक पीआरडी रामलाल शामिल थे।
बारिश में बजबजाएंगे कचरे के ढेर संक्रामक बीमारियों को देंगे न्योता

निकायों में जगह-जगह है कचरे का ढेर,निकाय प्रशासन बना अनजान


नितेश श्रीवास्तव



भदोही। निकाय क्षेत्र के डंप हुए कचरे बारिश के बाद संक्रामक बीमारियों को न्योता देंगे। सातों निकायों में 15 जगहों पर कचरों का ढेर लगा है। बारिश होने के बाद ये कचरे बजबजाने लगेंगे और आसपास के लोगों के बीच बीमारियों को बढ़ाएंगे। सातों निकायों में साढ़े तीन करोड़ रुपये खर्च करके एक-एक कूड़ा निस्तारण केंद्र (एमआरएफ) बनाया गया, लेकिन वहां कितना कचरा पहुंचता है। यह एक बड़ा सवाल है।

जिले के निकायों में जगह-जगह फैली गंदगी स्वच्छता मुहिम को मुंह चिढ़ा रही है। गंदगी के कारण डेंगू, मलेरिया, बुखार, टाइफाइड होता है। नौनिहालों में इन्फेक्शन होने का ज्यादा खतरा बना रहा है। आसपास के रहवासी अपने रूम के खिड़की नहीं खोलते हैं। जिले में भदोही व गोपीगंज पालिका और ज्ञानपुर, सुरियावां, खमरिया, घोसिया, नई बाजार नगर पंचायत है। यहां कुल 128 वार्ड है। इन वार्डों से हर दिन करीब 30 से 35 टन कचरा निकलता है। बृहस्पतिवार को Street Buzz News की टीम ने निकायों में फैले कचरे की हकीकत देखने निकली। जहां सुरियावां के वार्ड संख्या 9 नेहरू नगर में फोरलेन सड़क से अंदर जाने वाली सड़क के किनारे कूड़ा कचरा का ढेर लगा है। जहां मवेशी पॉलिथीन खा रही है।

गल्ला मंडी, पुरानी बाजार, घोसिया के वार्ड संख्या छह कच्चा तालाब, वार्ड के कल्लितारा पर कूड़े का अंबार लगा है। नई बाजार के वार्ड नंबर आठ गुलौर, ज्ञानपुर के जिला पंचायत के पीछे, बालीपुर, गोपीगंज के खडहट्टी मोहाल, लिंक रोड, गणेश मंदिर, सुरियावां के ईओ नई बाजार के प्रभारी सुजीत कुमार ने बताया कि हर वार्ड में डस्टबिन है। जहां कूड़े का ढेर है। भदोही के ईओ घोसिया के प्रभारी दयाशंकर वर्मा ने बताया कि सभी का निस्तारण किया जाएगा।
पांच साल रोशन करने की गारंटी डेढ़ साल में ही अंधेरे का कब्जा


दो करोड़ से डेढ़ साल पहले गोपीगंज नगर में लगी थी 250 स्ट्रीट लाइटें,35 फीसदी खराब


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। नगर के सुंदरीकरण के लिए लगाई गई स्ट्रीट लाइटें डेढ़ साल के भीतर ही खराब होने लगी हैं। नगर विकास योजना के तहत करीब दो करोड़ रुपये की लागत से लगाई गई 250 स्ट्रीट लाइटों में से करीब 35 फीसदी खराब हैं। इन लाइटों की गारंटी पांच वर्ष की बताई गई थी, लेकिन ये डेढ़ साल भी नहीं चल सकीं। नगर में लगी अधिकतर लाइटें अब शोपीस बनकर रह गई हैं। प्रमुख धार्मिक स्थल बाबा बड़े शिव मार्ग पर लाइटें बंद होने से अंधेरा रहता है।

गोपीगंज जिले का प्रमुख व्यावसायिक नगर है। वाराणसी-प्रयागराज हाईवे पर स्थित होने के कारण इसका महत्व और बढ़ जाता है। यहां जनपद के अलावा अन्य जिलों से भी व्यापारी व्यापार के लिए आते हैं। नगर की सुंदरता बढ़ाने और प्रकाश व्यवस्था सुदृढ़ करने के उद्देश्य से करीब डेढ़ साल पहले तिरंगा स्ट्रीट लाइटें लगाई गई थीं। करीब दो करोड़ रुपये की लागत से लगाई गई फैंसी एलईडी लाइटों में से कई अब बंद हो चुकी हैं। नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों पर लगी अधिकांश लाइटें खराब हैं। सबसे खराब स्थिति प्रमुख धार्मिक स्थल बाबा बड़े शिव धाम मार्ग की बताई गई है, जहां 50 में से 25 लाइटें बंद हैं।

इसी प्रकार ज्ञानपुर-गोपीगंज मुख्य मार्ग पर करीब 15, सदर मोहाल में करीब 15 तथा अन्य वार्डों में भी आठ, 10 और 15 लाइटें बंद होने की बात कही गई है। बंद पड़ी लाइटों के कारण न केवल नगर की सुंदरता प्रभावित हो रही है, बल्कि रात के समय राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


एक पोल पर 80 हजार रुपये खर्च, फिर भी गुणवत्ता पर सवाल
नगर में करीब 250 तिरंगा स्ट्रीट लाइटें लगाई गई थीं, जिनकी गारंटी पांच वर्ष की थी। परियोजना पर करीब दो करोड़ रुपये खर्च किए गए। इस आधार पर प्रति पोल करीब 80 हजार रुपये खर्च हुए। इसके बावजूद बड़ी संख्या में स्ट्रीट लाइटें बंद होने से उनकी गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का आरोप है कि खराब लाइटों की मरम्मत को लेकर न तो नगर पालिका गंभीर है और न ही कार्यदायी संस्था।



ज्ञानपुर रोड पर पालिका के सामने लगा शो लैंप टूटकर गिर गया है। इसे आज तक नहीं बनाया गया है। इस रोड पर कई लाइटें बंद रहती हैं। - धर्मराज दुबे, गोपीगंज
बड़े शिव मार्ग पर ज्यादातर लाइटें बंद हैं। कई लाइटें तो शुरू से ही बंद पड़ी हैं, लेकिन जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। गुणवत्ता भी खराब रही है। - विदेंश गुप्ता, गोपीगंज
इस साल सर्पदंश के 20 मामले आए, बरसात में बढ़ती हैं घटनाएं

*30 स्वास्थ्य केंद्रों पर 2205 एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध, गंगा के मैदानी इलाकों में ज्यादा खतरा*

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। बारिश का मौसम शुरू होने से पहले स्वास्थ्य केंद्रों पर जहरीले जंतुओं से निपटने की तैयारी शुरू हो गई है। जिले के 30 स्वास्थ्य केंद्रों पर 2205 एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) मौजूद है। इस साल अब तक जिले में सर्पदंश के 20 मामले सामने आए हैं।
बारिश के बाद घटनाओं में इजाफा होता है। जनपद में 12 से 15 प्रजातियों के सांप पाए जाते हैं, जिनमें चार बेहद जहरीले हैं। बाकी ज्यादातर विषहीन प्रजातियों के सांप होते हैं। जिले में बरसात के मौसम में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ती हैं। ग्रामीण इलाकों में इस तरह की घटनाएं ज्यादा होती हैं। खेतों काम करते समय और कच्चे घरों के कोने में दुबके सांप लोगों को निशाना बनाते हैं। हालांकि माना जाता है कि सभी सांप जहरीले नहीं होते, लेकिन डर और घबराहट के कारण कई बार लोगों की जान चली जाती है। सर्पदंश की घटनाओं से लोगों की जान बचाने फिलहाल जिले में पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नेक वेनम मौजूद है। जिले के 30 स्वास्थ्य केंद्रों पर 2205 एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध है। प्रत्येक पीएचसी पर 10-10 और छह सीएचसी पर 301 एंटी स्नेक वेनम रखे गए हैं।


बारिश से सर्पदंश की घटनाओं से निपटने के लिए तैयार पूरी है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर पर्याप्त एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध है। सर्पदंश के बाद घबराने की बजाय तत्काल अस्पताल जाना चाहिए। झाड़ - फूंक की बजाय इलाज के प्रति जागरूकता बढ़ेगी तो सर्पदंश से जनहानि नहीं होगी।

डॉ एसके चक मुख्य चिकित्सा अधिकारी
मुख्यमंत्री अभ्युदय निशुल्क कोचिंग केंद्र का शुभारंभ: जिलाधिकारी शैलेष कुमार बोले, युवाओं को मिलेगा नया आयाम
रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव



भदोही। जनपद के आर्थिक रूप से कमजोर एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी उपलब्ध कराने के लिए बुधवार को एक महत्वपूर्ण पहल की गई। ज्ञानपुर स्थित केएनपीजी कॉलेज में मुख्यमंत्री अभ्युदय निशुल्क कोचिंग केंद्र का शुभारंभ जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने फीता काटकर और दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना का उद्देश्य ऐसे मेधावी युवाओं को बेहतर मार्गदर्शन और अवसर प्रदान करना है, जो आर्थिक बाधाओं के कारण उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी नहीं कर पाते। उन्होंने कहा कि यह योजना युवाओं के सपनों को साकार करने और उन्हें राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनाने की दिशा में एक प्रभावी कदम है।

जिलाधिकारी ने सफलता के मंत्र बताते हुए कहा कि इसका कोई शॉर्टकट नहीं होता। निरंतर अध्ययन, अनुशासन, समय का सदुपयोग और सकारात्मक सोच ही सफलता की कुंजी है।

उन्होंने विद्यार्थियों से इस निःशुल्क कोचिंग केंद्र की सुविधाओं का पूरा लाभ उठाने और पूरी मेहनत व समर्पण के साथ अध्ययन करने का आह्वान किया। जिलाधिकारी ने विश्वास व्यक्त किया कि यह केंद्र जनपद के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JEE), राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET), राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA), संयुक्त रक्षा सेवा (CDS) और कर्मचारी चयन आयोग (SSC) जैसी विभिन्न प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित रहने, अनुभवी शिक्षकों के मार्गदर्शन का अधिकतम लाभ उठाने तथा आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ने की अपील की। जिलाधिकारी ने जोर देकर कहा कि कठिन परिश्रम, दृढ़ इच्छाशक्ति और सही मार्गदर्शन के समन्वय से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।

कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने भी मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया तथा उन्हें अपने जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित कर पूरी लगन और निष्ठा के साथ उन्हें प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। अधिकारियों ने कहा कि यह कोचिंग केंद्र जनपद के युवाओं के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा और उन्हें प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सक्षम बनाएगा।
           इस अवसर पर उप जिलाधिकारी (न्यायिक) शिव प्रकाश, बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम पांडेय, जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान, जिला समाज कल्याण अधिकारी शत्रुघ्न कन्नौजिया, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के नोडल अधिकारी पंकज पटेल सहित अन्य अधिकारी, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
            कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना तथा मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के सफल क्रियान्वयन के संकल्प के साथ हुआ।
वैदिक हवन-पूजन के साथ डीपीएम पब्लिक स्कूल में नवीन शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ, आधुनिक शिक्षा और संस्कारों पर दिया गया जोर

बहसूमा (मेरठ)। ग्रीष्मकालीन अवकाश के उपरांत डीपीएम पब्लिक स्कूल, बहसूमा में नवीन शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चारण एवं हवन-पूजन के साथ श्रद्धा और उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्प अर्पित कर हुआ, जिसके बाद वैदिक विधि-विधान से हवन संपन्न कराया गया। विद्यालय परिसर में पूरे समय आध्यात्मिक एवं भक्तिमय माहौल बना रहा।

विद्यालय के सचिव जगदीश त्यागी के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानाचार्य जिया ज़ैदी, शिक्षक-शिक्षिकाओं, कर्मचारियों, अभिभावकों तथा छात्र-छात्राओं ने हवन में आहुति देकर राष्ट्र, समाज, विद्यालय और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य एवं समृद्धि की कामना की।

इस अवसर पर सचिव जगदीश त्यागी ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में श्रेष्ठ चरित्र, अनुशासन, नैतिक मूल्यों और संस्कारों का विकास करना भी है। उन्होंने कहा कि विद्यालय आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विद्यार्थियों से ईमानदारी, समय का सदुपयोग, अनुशासन और कठिन परिश्रम को जीवन का मूल मंत्र बनाने का आह्वान किया।

उन्होंने बताया कि नए शैक्षणिक सत्र में विद्यालय में डिजिटल एजुकेशन, स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक शिक्षण सामग्री और तकनीक आधारित शिक्षण प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया गया है, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं प्रतियोगी शिक्षा मिल सके। साथ ही विद्यालय के आधारभूत ढांचे और परिवहन व्यवस्था को भी अधिक सुरक्षित एवं आधुनिक