राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ बलिया ने पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता समाप्त करने की मांग को लेकर किया विशाल धरना-प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट मा
संजीव सिंह बलिया, 18 जून 2026 — राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, जनपद बलिया के नेतृत्व में आज जिले भर के शिक्षकों ने पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी (टीचर एंट्रेंस टेस्ट) अनिवार्यता के विरोध में विशाल धरना-प्रदर्शन कर कलेक्ट्रेट तक मार्च निकाला। कार्यक्रम में विभिन्न विकास खंडों से बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लेकर अपनी आवाज उठाई। धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए जिला संयोजक राजेश कुमार सिंह ने कहा कि 27 जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी लागू करना अनुचित और अन्यायपूर्ण है। उनके अनुसार उन शिक्षकों की नियुक्ति उस समय की नियमावली के अनुसार हुई थी, इसलिए बाद में बनाए गए नियमों को पूर्व प्रभाव से लागू करना प्राकृतिक न्याय तथा संवैधानिक सिद्धांतों के विरुद्ध है। उन्होंने सरकार पर ज़ोर दिया कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों की सेवा-सुरक्षा और सम्मान की रक्षा करना राज्य की जिम्मेदारी है। राजेश कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि संगठन किसी विशेष वित्तीय सुविधा की मांग नहीं कर रहा, बल्कि पूर्व नियुक्त शिक्षकों के संवैधानिक एवं वैधानिक अधिकारों की रक्षा की मांग कर रहा है। धरना-प्रदर्शन के बाद शिक्षक नेताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री तथा माननीय मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी कार्यालय में सौंपा, जिसमें टीईटी अनिवार्यता समाप्त करने की मांग शामिल है। प्रदर्शन में उपस्थित शिक्षकों ने कहा कि उनकी मांगे यदि शीघ्र सकारात्मक रूप से नहीं मानी गईं तो संगठन के निर्देशानुसार आंदोलन और व्यापक किया जाएगा। सभा में जिले के विभिन्न ब्लॉकों से आए शिक्षक नेताओं एवं सदस्यों ने अपने विचार व्यक्त किए और शिक्षक एकता तथा अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से मौजूद शिक्षक नेता और सदस्य: राजेश सिंह, ज्ञान प्रकाश उपाध्याय, अकिलुर्रहमान खान, संजीव कुमार सिंह, ओंकार सिंह, कर्ण प्रताप सिंह, अमित यादव, मुकेश सिंह, समीर कुमार पाण्डेय, संजय पाण्डेय, विनय राय, गणेश सिंह, राघवेन्द्र सिंह, सतेन्द्र चौबे, अशोक तिवारी, पृथ्वी नाथ मौर्य, पवन मौर्य, प्रदीप सिंह, दुर्गा दत्त सिंह, अमित राय, अनुज सिंह, अजीत श्रीवास्तव, अश्विनी यादव, राजेश सिंह, चन्दन सिंह, निर्भय सिंह, अनीश श्रीवास्तव, रविकांत तिवारी, राजेश तिवारी, ओमप्रकाश सिंह, पंकज सिंह, अमरदेव सिंह मंटू, पंकज कुमार, संतोष पाण्डेय, आशीष कुमार, आलोक कुमार, संजीत तिवारी, रामानुज गुप्ता, जितेंद्र यादव, संजीव रंजन श्रीवास्तव, हरीशंकर यादव, रूपेश कुमार, श्यामनारायण, प्रीतिंदर सिंह, राम प्रताप यादव इत्यादि मौजूद रहे। राजेश कुमार सिंह जिला संयोजक राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, जनपद बलिया
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संजीव सिंह बलिया!, 16 जून 2026 — उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद् के नियंत्रणाधीन परिषदीय विद्यालयों तथा मान्यता प्राप्त विद्यालयों के लिए ग्रीष्मकालीन अवकाश का ताजा आदेश जारी किया गया है। बीएसए मनीष कुमार सिंह ने बताया कि वर्ष 2026 में इन विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश 20 मई से 24 जून तक रहेगा। 25 जून, 2026 से सभी विद्यालय नियमित पठन-पाठन के लिए खुले जाएंगे। बीएसए ने कहा कि अवकाश समाप्ति से पहले विद्यालयों में आवश्यक तैयारियों को सुनिश्चित किया जाए। 25 जून को पठन-पाठन आरंभ करने से पहले विद्यालयों में लेसन प्लान तैयार करना, मिड-डे मील की व्यवस्था दुरुस्त करना, पाठ्य-पुस्तकें व्यवस्थित करना तथा विद्यालय शिक्षा समिति की भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु समुदाय के साथ बैठकें करना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त बाल-वाटिका की व्यवस्था, विद्यालय परिसर, रसोई और शौचालय की सफाई, खेल सामग्री की उपलब्धता, स्मार्ट क्लास/आईसीटी लैब का क्रियाशील रखरखाव, बिजली कनेक्शन चालू रखना तथा पेयजल की आपूर्ति आदि कार्य पूर्ण किए जाने हैं। बीएसए ने निर्देश दिए हैं कि उक्त तैयारियों को अमल में लाने के लिए प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी 22, 23 तथा 24 जून, 2026 को सभी शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी विद्यालयों में उपस्थित रहकर ये कार्य संपादित कराएँ। ताकि 25 जून को छात्र-छात्राओं के विद्यालय आगमन पर निर्बाध रूप से पढ़ाई शुरू हो सके। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक वर्ष 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विद्यालयों में शिक्षक व छात्र-छात्राओं द्वारा सामूहिक योगाभ्यास सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया गया
संजीव सिंह बलिया!गोठाई (नगरा), 16 जून 2026 — अत्यंत दुःख के साथ सूचित किया जाता है कि नगरा ब्लॉक के गोठाई गांव निवासी श्रीमती नीला सिंह (पत्नी — संजीत कुमार सिंह), अनुदेशक (शारीरिक शिक्षा), उच्च प्राथमिक विद्यालय खारी, शिक्षा क्षेत्र नगरा, बलिया का रात्रि 15.06.2026 को हृदयाघात (हार्ट अटैक) के कारण आकस्मिक निधन हो गया। वे दो पुत्रों की माँ थीं।
संजीव सिंह बलिया!बाबा बालखंडी नाथ दिउली के सानिध्य में चल रही शिव महापुराण कथा के चौथे दिन अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने श्रद्धालुओं से कहा कि शिवत्व के माध्यम से जीवन को सुखमय बनाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि नियमित भजन-नाम स्मरण और भगवान की भक्ति से न केवल मनचाही भौतिक संपदाएँ प्राप्त होती हैं, बल्कि शिव की विशेष कृपा भी मिलती है, जबकि व्यसनों में लिप्तता व्यक्ति के जीवन को बर्बाद कर देती है।
बलिया — बैंक शाखा प्रबंधक दीपक कुमार सिंह ने लखनऊ स्थानांतरण के अवसर पर मंगलवार को बलिया तथा रसड़ा और नगरा के लोगों को भावभीनी विदाई देते हुए कहा कि वे यहाँ अपने घर जैसा महसूस करते रहे। दीपक ने साझा किया कि जब 2019 में बलिया में पहली बार तैनाती हुई तो उन्हें खुशी और अपनापन मिला और तब उन्हें यह नौकरी नहीं बल्कि अपने लोगों के बीच लौटने का अवसर लगा।
भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि पृथ्वी माता समस्त जीवों का भार सहन कर सकती हैं, पर मनुष्य के पापों का बोझ वह ढो नहीं सकतीं; ऐसे में जो पापों का बोझ उठाकर कल्याण करने की शक्ति रखता है वह महादेव ही हैं। पं. प्रदीप मिश्रा ने नारद पुराण के हवाले से बताया कि भगवान शिव अपने भक्तों के दुख, कष्ट और पापों का नाश करते हैं। उन्होंने सच्ची भक्ति, धर्म, संस्कार और सदाचार का संदेश दिया और कहा कि शिव का स्मरण तथा पाप, अहंकार और छल-कपट से दूर रहने से जीवन में सुख और शांति निवास करती है। कथा के दौरान शिव-परिवार से जुड़ी कई प्रसंगात्मक कहानियाँ और भजन प्रस्तुत किए गए, जिन पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर हर-हर महादेव के जयघोष करते रहे। पूरा पंडाल प्रेम, आस्था और भक्ति से शिवमय दिखाई दिया। तीसरे दिन जिले के विभिन्न क्षेत्रों व पड़ोसी जनपदों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा सुनने पहुंचे। आयोजन समिति ने पेयजल, चिकित्सा, सुरक्षा व यातायात की समुचित व्यवस्थाएँ सुनिश्चित कीं। कथा समापन पर परिवहन मंत्री अनुज धर्मेंद्र सिंह, सुनील सिंह तथा अन्य परिजनों ने महादेव की आरती की और प्रसाद वितरण किया। श्रद्धालुओं ने क्षेत्र की सुख-समृद्धि और विश्व कल्याण की कामना करते हुए जयकारे लगाए। बांसडीह रोड के दिउली में चल रहे कार्यक्रम के दौरान बढ़ती भीड़ के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसे देखते हुए परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने एनसीसी तिराहा से कार्यक्रम स्थल तक फ्री बस सेवा शुरू कराने का निर्देश दिया। पुलिस द्वारा रूट डायवर्ट किए जाने से पैदल चलने की दूरी बढ़ गई थी; मुफ्त बस सेवा से श्रद्धालुओं को काफी राहत मिली और भक्ति में शामिल होने वालों की सुविधा सुनिश्चित हुई।
वाल्मिकी त्रिपाठी भी देर से कार्यक्रम में शामिल हुए। ठाकुर मंगल सिंह सेंगर, जिला महामंत्री भाजपा किसान मोर्चा एवं जिला कार्यकारिणी सदस्य, सेवक रसड़ा बलिया व प्रत्याशी जिला पंचायत क्षेत्र वार्ड नंबर 37 रसड़ा बलिया ने बताया कि पूजा-हवन में राष्ट्र की निरंतर प्रगति, समृद्धि एवं जनकल्याण के लिए आहुति अर्पित की गई और आगामी दिनों में इसी प्रकार की जनकल्याणकारी गतिविधियाँ निरंतर चलती रहेंगी।
फुलवरिया (बाबा बालखंडी नाथ मंदिर परिसर), बलिया — बाबा बालखंडी नाथ मंदिर परिसर के फुलवरिया में आयोजित शिव महापुराण कथा के दूसरे दिन अंतरराष्ट्रीय कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने शिवत्व, आध्यात्मिक चेतना और भोलेनाथ में अटूट विश्वास के महत्व पर प्रभावशाली प्रवचन दिया। उन्होंने कहा कि संसार पर भरोसा करने वाले को धोखा मिलना निश्चित है, लेकिन जो भोलेनाथ पर भरोसा रखते हैं उन्हें कभी असफलता का सामना नहीं करना पड़ता। कथा का शुभारम्भ कथा का शुभारम्भ व्यासपीठ पर बैठने से पहले विघ्नहर्ता गणेश और भोलेनाथ की वैदिक रीति से पूजा-अर्चना के साथ किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह और उनके अनुज धर्मेंद्र सिंह सहित परिजनों ने व्यासपीठ की पारंपरिक विधि से पूजा की। एक लोटा जल का महत्व पंडित प्रदीप मिश्रा ने बताया कि जब संसार में संकट, विपत्तियाँ और दुःख घेर लें और कोई रास्ता दिखाई न दे, तब शिवालय (शिव का मंदिर) उस समस्या को दूर करने का केन्द्र बनता है। उन्होंने कहा कि “एक लोटा जल सारी समस्याओं का हल है” — अगर श्रद्धालु दिल से एक लोटा जल भोलेनाथ को अर्पित कर संकल्प करता है तो उसकी अरज़ी सीधे भोलेनाथ तक पहुंच जाती है और भोलेनाथ उसके सारे कष्ट, संकट दूर कर देते हैं। यह एक अटूट विश्वास है जो जीवन बदलने की शक्ति रखता है। अधिक मास में दान का महत्त्व और 33 चीजें कथा में पंडित मिश्र ने अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) में दान के विशेष महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस मास में दिए जाने वाले दान की संख्या सामान्यतः 33 बतायी जाती है। उनका विवरण था: तीस चीजें एक माह के लिए होती हैं, 31वीं चीज उन दोषों के निवारण के लिए है जो बहन-बेटी के घर जाकर भोजन करने से लग सकते हैं; 32वीं चीज उन दोषों के लिए है जो अनजाने में किसी सूतक वाले घर का पानी पीने से लगते हैं; 33वीं चीज गुरु व ब्राह्मण के घर भोजन करने से लगे दोष को दूर करने के लिए होती है। इसके माध्यम से श्रद्धालुओं को दान के व्यवस्थित और पारंपरिक महत्व की जानकारी दी गई। पार्थिव शिवलिंग पूजा का पुण्य प्रदर्शक ने पार्थिव शिवलिंग की महत्ता भी बतायी और कहा कि शिवरात्रि के दिन जो भी पार्थिव पूजन करता है, उसे सहस्त्रों शिवलिंग पूजा के समकक्ष पुण्य मिलता है। इस बात से श्रद्धालुओं में श्रद्धा और उत्साह दोनों बढ़े। समापन और आरती कथा के समापन अवसर पर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, पूर्व सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त, जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा और मृत्युंजय तिवारी बबलू सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का अंत आरती और सामुहिक भजन-कीर्तन के साथ हुआ।
संजीव सिंह बलिया, 9 जून 2026 — बाबा बालखंडी नाथ मंदिर परिसर में मंगलवार से शुरू हुई सात दिवसीय श्री अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) शिव महापुराण कथा का भव्य और भक्तिमय आयोजन पहले ही दिन श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति के साथ संपन्न हुआ। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कथा के प्रथम दिन अधिक मास की महिमा तथा भगवान शिव की आराधना के महत्व का विस्तृत वर्णन किया।
Jun 18 2026, 14:50
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