एक अधूरे मिसरे से शुरू हुई कहानी बन गई महाग्रंथ...

आठ एपिसोड की उर्दू-अदबी वर्टिकल सीरीज़ ‘फ़ारूक़ और मरियम’ आज होगी स्ट्रीम

भोपाल। डिजिटल दौर में जहां तेज़ रफ्तार मनोरंजन का चलन बढ़ता जा रहा है, वहीं लेखक-निर्देशक अदनान खान एक अलग और संवेदनशील कहानी लेकर आ रहे हैं। उनकी नई उर्दू-अदबी वर्टिकल सीरीज़ ‘फ़ारूक़ और मरियम’ का आधिकारिक ट्रेलर 13 जून को रिलीज़ कर दिया गया है, जिसे दर्शकों की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। आठ एपिसोड में प्रस्तुत यह श्रृंखला मुख्य रूप से एक ही कमरे में घटित होने वाली कहानी है, लेकिन अपने संवादों, भावनाओं और साहित्यिक वातावरण के माध्यम से एक विस्तृत भावनात्मक संसार रचती है।

कहानी एक लेखक फ़ारूक़ और उसकी लेखनी की प्रशंसक मरियम के इर्द-गिर्द घूमती है। एक अधूरे मिसरे से शुरू हुई यह मुलाक़ात धीरे-धीरे शब्दों, किताबों और एहसासों की दुनिया में प्रवेश करती है। जहाँ एक ओर फ़ारूक़ अपनी लेखनी के माध्यम से लोगों के दिलों तक पहुँचता है, वहीं मरियम उसके शब्दों में अपने जज़्बातों की परछाईं तलाशने लगती है। दोनों के बीच मौजूद अहमद इस कहानी का एक महत्वपूर्ण किरदार है, जो कई बार दर्शकों की तरह घटनाओं को देखता और समझता है।

सीरीज़ में फ़ारूक़ की भूमिका सदाशिव राव, मरियम की भूमिका आस्था जैन, तथा अहमद की भूमिका अदनान खान निभा रहे हैं। अदनान खान ने ही इस श्रृंखला का लेखन और निर्देशन भी किया है।

‘फ़ारूक़ और मरियम’ को पारंपरिक प्रेम कहानी के बजाय शब्दों, अदब, गलतफ़हमियों और भावनात्मक परतों की कहानी के रूप में प्रस्तुत किया गया है। टीम का मानना है कि यह सीरीज़ उन दर्शकों को विशेष रूप से पसंद आएगी जो साहित्य, ग़ज़ल, शायरी और संवाद प्रधान कथाओं में रुचि रखते हैं।

यह आठ एपिसोड की वर्टिकल सीरीज़ 18 जून 2026 से Instagram तथा Adnan Khan के आधिकारिक Facebook अकाउंट पर स्ट्रीम होना शुरू होगी।

सीरीज़ का आधिकारिक ट्रेलर फिलहाल सोशल मीडिया पर उपलब्ध है और दर्शकों को इसके प्रसारण का इंतज़ार है।

अब न्याय किससे मांगा जाए : पुलिस ने ही रच डाली युवती की बदनामी की कहानी...?

सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर से मिलकर रची साजिश, तोड़े नियम

भोपाल। एक झूठी और कपोल कल्पित कहानी को सच के करीब लाने के लिए एक साजिश रच दी गई। एक बुजुर्ग NRI और पुलिस की मिलीभगत से रची गई साजिश में तीसरा एंगल सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर को बनाया गया। नियम, कायदे, गवाह, सुबूत को इंसाफ की दुहाई देने वाली पुलिस ने इस त्रिकोण से एक शिक्षित लड़की को बदनाम करने की योजना को अंजाम दे दिया। 

मामला राजधानी भोपाल के कोलार थाने का बताया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि बुजुर्ग NRI डॉ. नरेश शर्मा अपने सगे भांजे की साजिशों और दोगलेपन से आहत थे। अपनी पारिवारिक खींचतान का कोई ठोस निराकरण पाने के लिए उन्होंने कोलार थाने में शिकायत दर्ज कराई। सूत्रों का कहना है कि इस बीच बुजुर्गियत और NRI की हैसियत देखते हुए कई बातें तय हुईं थीं।

दोगले के साथ दोस्तों पर भी वार

सूत्रों का कहना है कि NRI डॉ. नरेश शर्मा ने अपने भांजे एडवोकेट नीतीश त्रिपाठी को सबक सिखाने और अपने बीच के मतभेद को निपटाने के लिए उनके साथियों को भी घेरे में ले लिया गया। थाना कोलार में की गई शिकायत में उन्होंने एडवोकेट नीतीश त्रिपाठी की जूनियर और इंटर्न रही एडवोकेट प्रगति श्रीवास्तव को भी सहयोगी आरोपी बना दिया। जबकि प्रगति इस मामले की इतनी दोषी थी कि वह निशीथ त्रिपाठी को एक वकील और सीनियर के रूप में जानती थी और इस नाते निशीथ के NRI मामा की उनके विभिन्न कामों में मदद किया करती थी।

फिर बनी यह कहानी

सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने इस मामले को अधिक पुख्ता बनाने के लिए प्रगति श्रीवास्तव पर ही कई झूठे और मनगढंत आरोप लगा दिए। इसको तूल देने के लिए उसके साथ मीडिया तो नहीं आ पाया, लेकिन एक सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर को आधार बना लिया। इस सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर ने भी संविधान, कानून, प्रचलित व्यवस्था और नियमों से बाहर जाकर मनगढ़ंत पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल कर दी। इस दौरान उन्होंने प्रगति के फोटो और विडियो को भी सार्वजनिक कर उन्हें सामाजिक बदनामी में धकेल दिया। सूत्रों का कहना है कि इस सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर की धमकी यह है कि वह भविष्य में इस तरह की पोस्ट से प्रगति की और बदनामी कर सकता है।

- अब मामले में शिकायत 

सूत्रों का कहना है कि प्रगति श्रीवास्तव इस मामले को साइबर थाने की शरण में पहुंची है। नियम और मीडिया संविधान के विपरीत सोशल मीडिया खबर में उनके फोटो इस्तेमाल करने पर उन्होंने ऐतराज उठाया है। आगे चलकर वे इस सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर के खिलाफ मानहानि का मामला भी दर्ज करने वाली हैं।

वक्फ जमीन का करोड़ों का सौदा !

- कूटरचित दस्तावेजों से बिकी दरगाह-इमामबाड़े की भूमि

- मामला ट्रिब्यूनल और हाईकोर्ट पहुंचेगा, प्रशासन पर लीपापोती के आरोप

खान आशु |

भोपाल | 16 जून 2026। नरसिंहपुर जिले में वक्फ संपत्ति की कथित अवैध बिक्री का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आरोप है कि दरगाह जहांगीर शाह एवं इमामबाड़े की करोड़ों रुपये मूल्य की कृषि भूमि को कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर निजी संपत्ति बताकर बेच दिया गया। इतना ही नहीं, सौदे के तुरंत बाद रजिस्ट्री भी कर दी गई। अब यह मामला भोपाल वक्फ ट्रिब्यूनल और जबलपुर हाईकोर्ट तक पहुंचने की तैयारी में है।

वक्फ हितैषियों का आरोप है कि जिला प्रशासन अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए मामले में लीपापोती कर रहा है तथा भूमि को निजी बताने के प्रयास किए जा रहे हैं। पूरे घटनाक्रम पर सामाजिक संगठनों, मुस्लिम समाज और राजनीतिक दलों की नजर बनी हुई है।

₹1.24 करोड़ में हुआ सौदा

मामला नरसिंहपुर के नेहरू वार्ड स्थित वक्फ दरगाह जहांगीर शाह एवं इमामबाड़े से जुड़ी खसरा नंबर 35/1 और 35/2 की कृषि भूमि का है। आरोप है कि सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में पर्याप्त जांच-पड़ताल किए बिना उक्त भूमि की रजिस्ट्री 1 करोड़ 24 लाख रुपये में कर दी गई। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच से जुड़े हुसैन पठान ने इस पूरे प्रकरण की शिकायत मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड से की। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए वक्फ बोर्ड ने कलेक्टर नरसिंहपुर को पत्र भेजकर नामांतरण पर रोक लगाने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

नामांतरण रोकने के निर्देश, फिर भी प्रक्रिया जारी !

वक्फ बोर्ड के पत्र क्रमांक 42/आर/नरसिंहपुर/2026/1421 दिनांक 22 मई 2026 में स्पष्ट रूप से नामांतरण रोकने की बात कही गई है। इसके बावजूद सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायत के जवाब में तहसीलदार कार्यालय द्वारा नामांतरण प्रक्रिया आगे बढ़ाए जाने की जानकारी सामने आई है, जिससे कई सवाल खड़े हो गए हैं।

भाजपा शासन में कांग्रेसियों का दबदबा ?

सूत्रों के अनुसार इस कथित सौदे में कुछ कांग्रेस नेताओं की भूमिका की चर्चा है। आरोप है कि प्रशासन निष्पक्ष जांच करने के बजाय दोषियों को बचाने की दिशा में काम कर रहा है। हालांकि आधिकारिक स्तर पर अभी तक किसी का नाम सामने नहीं आया है।

22 साल के युवक के नाम पर ही क्यों हुआ सौदा ?

सूत्रों का दावा है कि पूरे प्रकरण में एक 22 वर्षीय युवक को सामने रखकर दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी की गई। जानकारों का मानना है कि भविष्य में किसी कानूनी या सामाजिक विवाद की स्थिति में वास्तविक लाभार्थियों को बचाने के लिए ऐसा किया गया हो सकता है।

सांप्रदायिक सौहार्द पर भी मंडरा रहा खतरा

दरगाह और इमामबाड़े से जुड़ी भूमि के विवादित सौदे को लेकर क्षेत्र में असंतोष बढ़ रहा है। मुहर्रम का समय निकट होने के कारण स्थानीय स्तर पर तनाव की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। समाज के कई जिम्मेदार लोगों ने प्रशासन से तत्काल और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

प्रमुख बिंदु

वक्फ संपत्ति की कथित अवैध बिक्री का मामला

▪ कूटरचित दस्तावेजों के इस्तेमाल के आरोप

▪ ₹1.24 करोड़ में हुई रजिस्ट्री

▪ वक्फ बोर्ड ने नामांतरण रोकने के निर्देश दिए

▪ मामला ट्रिब्यूनल और हाईकोर्ट तक पहुंचेगा

▪ प्रशासन पर लीपापोती और दोषियों को बचाने के आरोप

▪ सांप्रदायिक तनाव की आशंका से इनकार नहीं

मोदी सरकार के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने पर निजामुद्दीन दरगाह में विशेष दुआ

मुस्लिम भाजपाइयों ने प्रधानमंत्री मोदी की दीर्घायु और देश की तरक्की के लिए मांगी दुआएं

भोपाल/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देश की राजधानी दिल्ली स्थित ऐतिहासिक हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया की दरगाह में विशेष दुआ और चादरपोशी का आयोजन किया गया। पसमांदा मुस्लिम समाज उत्थान समिति (पंजीकृत) के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य तथा भारत की निरंतर प्रगति और समृद्धि के लिए सामूहिक दुआ की गई।

कार्यक्रम के दौरान देश में शांति, सौहार्द, भाईचारा और राष्ट्रीय एकता बनाए रखने की भी प्रार्थना की गई। समिति के मुख्य संरक्षक एवं वरिष्ठ भाजपा नेता इरफ़ान अहमद तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष एहसान अब्बासी के नेतृत्व में दरगाह पर चादर और अकीदत के फूल पेश किए गए।

जनकल्याणकारी योजनाओं को बताया विकास की आधारशिला

इस अवसर पर आयोजित पत्रकार वार्ता में वक्ताओं ने केंद्र सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल को विकास, सुशासन और जनकल्याण के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बताया। मुख्य संरक्षक इरफ़ान अहमद ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार की अनेक योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान तक पहुंचा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जनधन योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुद्रा योजना, स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना जैसी पहल ने गरीब, पिछड़े और वंचित वर्गों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य किया है। उन्होंने दावा किया कि इन योजनाओं के माध्यम से करोड़ों लोगों को बैंकिंग, स्वास्थ्य, आवास, स्वच्छता, रोजगार, पेयजल और खाद्यान्न जैसी मूलभूत सुविधाओं का लाभ मिला है। साथ ही पसमांदा मुस्लिम समाज की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार भी व्यक्त किया गया।

अनेक गणमान्य नागरिक रहे उपस्थित

कार्यक्रम में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग की सदस्य मुन्नव्वरी बेगम, अकरम हाशमी, बिलाल जै़दी, गुलाम निज़ाम निज़ामी, इकबाल खान, फुरकान सलमानी, बाबर निज़ामी, मजाहिर हुसैन सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।

मुख्य बिंदु:-

- हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया दरगाह में विशेष दुआ का आयोजन।

- प्रधानमंत्री मोदी की दीर्घायु और देश की उन्नति के लिए प्रार्थना।

- पसमांदा मुस्लिम समाज उत्थान समिति द्वारा चादरपोशी।

- केंद्र सरकार की 12 वर्षों की उपलब्धियों पर चर्चा।

- शांति, सौहार्द और राष्ट्रीय एकता का संदेश।

मशहूर शायर डॉ. बशीर बद्र का निधन, 91 वर्ष की उम्र में भोपाल में ली अंतिम सांस

‘दुश्मनी जमकर करो लेकिन…’ जैसे अमर शेरों से बनाई खास पहचान

भोपाल। उर्दू अदब की दुनिया के मशहूर शायर डॉ. बशीर बद्र का गुरुवार को 91 वर्ष की उम्र में भोपाल में निधन हो गया। वे लंबे समय से डिमेंशिया बीमारी से पीड़ित थे और पिछले कुछ समय से उनकी याददाश्त भी काफी कमजोर हो चुकी थी। उनके निधन से साहित्य और शायरी जगत में शोक की लहर है।

सरल, संवेदनशील और दिलों को छू लेने वाली शायरी के लिए पहचाने जाने वाले डॉ. बशीर बद्र ने हिंदी और उर्दू साहित्य को कई यादगार ग़ज़लें दीं। उनके कई ग़ज़ल संग्रह प्रकाशित हुए और उनकी रचनाओं ने देश-विदेश में बड़ी लोकप्रियता हासिल की। उनकी शायरी का पंजाबी, बंगाली, नेपाली और रूसी भाषाओं में अनुवाद की तैयारी भी चल रही थी।

बशीर बद्र का मशहूर शेर —

दुश्मनी जमकर करो लेकिन ये गुंजाइश रहे,

जब कभी हम दोस्त हो जाएं तो शर्मिंदा न हों…”

आज भी अदब प्रेमियों की जुबान पर रहता है। उनकी शायरी में मोहब्बत, रिश्ते, तन्हाई, इंसानी एहसास और सामाजिक सरोकारों की गहरी झलक मिलती थी। अपने सहज अंदाज और असरदार अल्फाज की वजह से उन्होंने आम पाठकों से लेकर साहित्यिक जगत तक खास पहचान बनाई। डॉ. बशीर बद्र के इंतकाल के साथ उर्दू शायरी का एक महत्वपूर्ण दौर जैसे थम सा गया है।

भोपाल में 26 से 31 मई तक लगेगा “वीर हिन्दू - विजेता हिन्दू” युवा शौर्य प्रशिक्षण वर्ग

सैकड़ों बजरंगी एवं ओजश्विनी बहनें लेंगी प्रशिक्षण

भोपाल। अंतर्राष्ट्रीय हिन्दू परिषद एवं राष्ट्रीय बजरंग दल, मध्यभारत प्रांत द्वारा “वीर हिन्दू - विजेता हिन्दू” युवा शौर्य प्रशिक्षण वर्ग का आयोजन 26 मई से 31 मई 2026 तक भोपाल में किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण वर्ग JSR मेडिकल कॉलेज परिसर, सूखी बायपास रोड, इमलिया, भोपाल (म.प्र.) में आयोजित होगा, जिसमें प्रदेशभर से सैकड़ों कार्यकर्ता, बजरंगी एवं ओजश्विनी बहनें सम्मिलित होंगी।

प्रशिक्षण वर्ग में अंतर्राष्ट्रीय हिन्दू परिषद, राष्ट्रीय बजरंग दल, राष्ट्रीय महिला परिषद एवं ओजश्विनी संगठन के प्रांत, विभाग एवं जिला स्तर के पदाधिकारी तथा सक्रिय कार्यकर्ता भाग लेंगे। वर्ग में युवाओं के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक एवं संगठनात्मक विकास पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।

राष्ट्रीय बजरंग दल के प्रांत अध्यक्ष सुरेश आचार्य ने जानकारी देते हुए बताया कि संगठन के संस्थापक डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया के मार्गदर्शन में प्रत्येक वर्ष ऐसे प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किए जाते हैं, जिनका उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र, समाज एवं संस्कृति के प्रति जागरूक एवं सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज में फैली कुरीतियों, सामाजिक समस्याओं एवं चुनौतियों का सामना करने के लिए युवाओं का संगठित एवं संस्कारित होना आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि 26 मई को सभी प्रतिभागी सायं 4 बजे तक वर्गस्थल पर पहुंचेंगे तथा 31 मई को सायं 4 बजे समापन के पश्चात अपने गंतव्य के लिए रवाना होंगे।

वर्ग के अंतर्गत युवाओं को शौर्य, अनुशासन, संगठन, आत्मरक्षा एवं राष्ट्रसेवा से जुड़े विविध विषयों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं 30 एवं 31 मई को राष्ट्रीय महिला परिषद एवं ओजश्विनी की बहनों एवं युवतियों के लिए विशेष आत्म-सुरक्षा प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें महिलाओं को आत्मरक्षा के व्यावहारिक गुर सिखाए जाएंगे।

अंतर्राष्ट्रीय हिन्दू परिषद मध्यभारत प्रांत के महामंत्री संजीव पटेरिया ने बताया कि प्रशिक्षण वर्ग के दौरान केंद्रीय संयुक्त महामंत्री प्रदीप गौर, हिन्दू हेल्पलाइन केंद्रीय मंत्री राजेश्वर चौहान, क्षेत्रीय अध्यक्ष अतुल राठौर काका, क्षेत्रीय महामंत्री मूलचंद साध, हिन्दू हेल्पलाइन प्रदेश अध्यक्ष कमलेश रायचंदानी सहित संगठन के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहेंगे।

संगठन पदाधिकारियों के अनुसार यह प्रशिक्षण वर्ग युवाओं में राष्ट्रभक्ति, सेवा, संस्कार एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

अब चुनाव में "जन्म जहां, चुनाव वहां से" का मुद्दा उछला

सामाजिक संस्था नया कारवां के फाउंडर ने उठाया मामला

भोपाल। शहर को, शहरवासियों को लफंडर और फकोड़ा कहकर एक पूर्व विधायक बवाल में आ गए हैं। उन्होंने जीते हुए विधायक से अपना अवसाद निकालने के लिए उन्हें अनर्गल भाषा अपनाने के बीच भोपालियों को भी झूठा और फकोड़ा कहने में कोताही नहीं बरती है। शहरवासी उनकी इस बात से खफा भी हैं, और जो व्यक्ति जहां जन्मा हो, चुनाव भी वहीं से लड़े, की मांग उठाने लगा है।नेशनल एनजीओ नया कारवां के फाउंडर मोहम्मद तारिक ने इस मामले को लेकर निर्वाचन आयोग में शिकायत करने की तैयारी की है। मोहम्मद तारिक लंबे समय से भाजपा की रीतिनीति से जुड़े रहे हैं, लेकिन उनका भाजपा से अलगाव तब हो गया, जब तत्कालीन भाजपा विधायक ध्रुव नारायण सिंह ने यह सार्वजनिक बयान दिया कि उनके पास कई मुस्लिम महिलाएं आती हैं, उनसे उनके अंतरंग रिश्ते भी हैं और इससे वे खुशी भी महसूस करते हैं। तारिक ने कहा कि जिस मध्य विधानसभा से वे चुनाव जीतकर विधायक बने थे, वहां करीब आधी आबादी मुस्लिमों की है। ऐसे में अपने मतदाताओं से इस तरह का दोगला व्यवहार रखना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिस समय कांग्रेस प्रत्याशी नासिर इस्लाम को पराजित करने की रणनीति बनाई गई थी, तब उनको इन्हीं आरिफ मसूद ने का सहयोग लेना पड़ा था, जिन्हें अब वे फर्जी, गुंडा और झूठा करार दे रहे हैं।

भोपाली फकोड़े, तो छोड़ क्यों नहीं देते शहर...

ध्रुव नारायण सिंह जिन भोपालियों को फकोड़ा और बतौला कह रहे हैं, उन्हीं के वोट समर्थन से वे जीत हासिल करना चाहते हैं। वे मूलतः सतना जिले के रामपुर बघेलान के रहने वाले हैं, अगर वे खुद को इतना सबल मानते हैं, तो अपने पैतृक गांव जाकर चुनाव क्यों नहीं लड़ते। मोहम्मद तारिक इस मामले को लेकर चुनाव आयोग से मांग भी करने वाले हैं, कि जो व्यक्ति जहां जन्मा हो, वह वहीं से चुनाव लड़े।

धर्म सियासत नहीं चलेगी

मोहम्मद तारिक ने ध्रुव नारायण के उस प्रयास पर भी प्रहार किया है, जिसमें शहर की जनता को सांप्रदायिक आग में झोंकने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि आरिफ मसूद मुस्लिम समुदाय से हैं, विपक्षी दल से ताल्लुक रखते हैं और किसी अप्रत्याशित निर्णय के मामले में बोलने को स्वतंत्र हैं। उनके कार्यकाल में वे हर धर्म का सम्मान और सभी धर्मों के त्यौहार में सहभागिता करते रहे हैं। ऐसे में हार की हताशा में ध्रुव नारायण को इस तरह की सियासत करने से बाज आना चाहिए। वैसे भी यह शहर गंगा जमुनी तहजीब का बड़ा उदाहरण कहा जाता है, उनके इस तरह के बयानों से जनता पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

इनका कहना 

सियासत में मर्यादाओं का ख्याल जरूरी है। इस मामले में सिर्फ इतना ही कह पाऊंगा कि 

इन दोनों में एक मेरा जूनियर छोटा भाई है तो दूसरी तरफ़ मेरा सुसराली पक्ष भाई। दोनों को धैर्य और संयम रखना चाहिए।

मोहम्मद तारिक,

नयां कारवां 

(नेशनल एनजीओ) 

हर वर्ग और हर समाज को मिले समान अवसर और सम्मान

राहुल गांधी से अल्पसंख्यक एडवाइज़री काउंसिल की लंबी बातचीत

भोपाल। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अल्पसंख्यक एडवाइज़री काउंसिल के पचास से अधिक सदस्यों के साथ विस्तृत संवाद किया। यह बैठक खुली बातचीत और खुली मानसिकता के साथ हुई, जिसमें हर वर्ग और हर समाज के समान अवसर व सम्मान पर जोर दिया गया। राहुल गांधी ने भाजपा के नफ़रत के एजेंडे के खिलाफ "मुहब्बत की राजनीति" के विचार को दोहराते हुए कहा कि हर समुदाय को बराबरी का मुकाम मिलना चाहिए।

अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी ने राहुल गांधी का आभार व्यक्त किया और उनके प्रति धन्यवाद जताया कि उन्होंने अल्पसंख्यक समाज के नेताओं को सुना और उनकी समस्याओं तथा सुझावों को गंभीरता से समझा। बैठक में शामिल प्रमुख प्रतिनिधियों में तारिक अनवर, अभिषेक मनु सिंहवी, अजहरूद्दीन, गुपदीप सप्पल, विधायक आरिफ मसूद, क़नीज़ फ़ातिमा, क्रिस्टोफ़र तिलक, नासिर हुसैन, इमरान मसूद, असलम शेख़, साजिद पठान, इरफ़ान अंसारी, रक़ीबुद्दीन, हमदुल्ला सईद, जेबी माथेर हिशाम सहित अन्य अनेक सदस्य शामिल थे।

विशेष रूप से भोपाल से विधायक आरिफ मसूद ने राहुल गांधी को मुस्लिम समुदाय से जुड़ी निर्मनों और सुझावों को बेबाकी से रखा, जिन्हें राहुल गांधी ने ध्यानपूर्वक सुना और गंभीरता से ग्रहण किया। बैठक के दौरान सामाजिक समानता, सुरक्षा, शिक्षा एवं रोजगार जैसी अहम पहलुओं पर चर्चा हुई और कई ठोस सुझाव रखे गए जिन पर आगे कार्यवाही करने का आश्वासन भी दिया गया।

बैठक का स्वर समावेशी रहा और प्रतिनिधि मंडल ने आशा जताई कि यह संवाद आगे भी जारी रहेगा तथा समुदायों के बीच भरोसा और आपसी समझ बढ़ाने में मदद करेगा।

भोपाल आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई: स्कूटर से 54 बल्क लीटर अवैध शराब जब्त, आरोपी जेल भेजा

भोपाल। भोपाल आबकारी विभाग ने अवैध शराब कारोबार के खिलाफ अभियान तेज करते हुए एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के निर्देशन में, सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र सिंह धाकड़ के मार्गदर्शन तथा नियंत्रण कक्ष प्रभारी आर.जी. भदौरिया के नेतृत्व में जिले की आबकारी टीम ने बड़ी सफलता हासिल की।

मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर आबकारी टीम ने प्लैटिनम प्लाजा के पास टीटी नगर रोड क्षेत्र में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान आरोपी संतोष लोंधे पुत्र कन्हैया लोंधे के स्कूटर से 54 बल्क लीटर अवैध देशी प्लेन मदिरा बरामद की गई। टीम ने मौके से शराब सहित वाहन को जब्त कर लिया।

आरोपी के खिलाफ मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 (संशोधन 2000) की धारा 34(1)(क) एवं 34(2) के तहत मामला दर्ज किया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया

आबकारी विभाग के अनुसार, जब्त की गई अवैध शराब की अनुमानित कीमत 22,500 रुपये, जबकि वाहन की कीमत करीब 1 लाख रुपये आंकी गई है। यह कार्रवाई वृत्त प्रभारी सहायक जिला आबकारी अधिकारी एम.के. विश्वकर्मा के नेतृत्व में संपन्न हुई।

इसी क्रम में आबकारी विभाग की दूसरी टीम ने बैरागढ़ क्षेत्र के ग्राम सलाम बरखेड़ा में कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति के कब्जे से 40 पाव देशी शराब बरामद की। वहीं डरविन ढाबा से बीयर की बोतलें भी जब्त कर आबकारी अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई।

सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र सिंह धाकड़ ने बताया कि एक सप्ताह के भीतर यह तीसरी बड़ी कार्रवाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध शराब के कारोबारियों के खिलाफ विभाग का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

भोपाल में ईदुजुहा का त्यौहार 28 मई को

अलसुबह 6.30 पर होगी नमाज, 3 दिन चलेगा कुर्बानी का सिलसिला 

भोपाल। राजधानी भोपाल में ईदुजुहा का त्यौहार 28 मई को

मनाया जाएगा। नमाज ए ईद के लिए मसाजिद कमेटी ने वक्त निर्धारित कर दिए हैं। इसके मुताबिक पहली नमाज ईदगाह में अदा की जाएगी। सुबह 6.30 बजे अदा की जाने वाली यह नमाज शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी साहब पढ़ाएंगे। ईद की इस खास नमाज के बाद खुतबा (इस्लामी संदेश) दिया जाएगा। नमाज से पहले मुल्क के हालात और समाज में रखे जाने वाले व्यवहार को लेकर बात भी जाएगी। नमाज के बाद दुआ ए खास की जाएगी, जिसमें मुल्क, प्रदेश और शहर की खुशहाली, कामयाबी, सेहत, अमन, शांति की दुआएं की जाएंगी। इसके बाद लोग अपने घरों में कुर्बानी की रस्म अदा करेंगे। तीन दिन चलने वाला यह सिलसिला मदरसों और नगर निगम द्वारा तय किए गए स्थानों पर भी कुर्बानी की जाएगी। इस बीच काजी ए शहर ने शहर वासियों से शहर में स्वच्छता रखने की अपील की है। उन्होंने किसी खुले स्थान पर कुर्बानी करने और जानवर के गैर जरूरी अवशेष को यहां वहां फेंकने से मना किया है। साथ ही नगर निगम की बनाई गई व्यवस्था के मुताबिक ही सहयोग करने की अपील की है। इधर मसाजिद कमेटी ने अपील की है कि ईद की पहली नमाज ईदगाह पर ही अदा होगी, इससे पहले किसी मस्जिद में नमाज अदा न की जाए।

नमाज का वक्त 

• ईदगाह सुबह 6.30 बजे 

• ताजुल मसाजिद सुबह 6.45 बजे

• जामा मस्जिद सुबह 7.00 बजे

• मोती मस्जिद सुबह 7.15 बजे

• मस्जिद बिलकिस जहां (आरिफ नगर) सुबह 7.30 बजे