अमेरिका-ईरान में हुआ समझौता, ट्रंप और पेजेश्कियान ने MoU पर किए साइन

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आखिरकार अमेरिका और ईरान के बीच जंग खत्म करने को लेकर शांति समझौता हो गया है। दोनों देशों के राष्ट्रपतियों ने जंग खत्म करने के लिए समझौता पत्र (MoU) पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों के अनुसार, इस दस्तावेज पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने डिजिटल रूप से हस्ताक्षर किए हैं।

अमेरिका-ईरान का एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर

अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक राष्ट्रपति ट्रंप ने फ्रांस के पैलेस ऑफ वर्सेलिस में मैक्रों के साथ डिनर के दौरान अमेरिका-ईरान का एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर कर दिए है। समझौते के वक्त ईरान और अमेरिका आमने-सामने नहीं थे। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अलग-अलग जगहों से दोनों देशों के बीच 3 महीने से अधिक समय से जारी जंग को खत्म करने के लिए एमओयू पर औपचारिक तौर पर हस्ताक्षर कर दिए। ईरानी राष्ट्रपति यहां से 5000 किमी दूर तेहरान में बैठकर डील साइन कर रहे थे।

खुल जाएगा होर्मुज

फिलहाल बताया जा रहा है कि इस समझौते का ज्यादातर हिस्सा युद्ध से पहले की स्थिति को बहाल करेगा। इसमें जंग को खत्म करना, तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत फिर से शुरू करना और होर्मुज़ स्ट्रेट को फिर से खोलना शामिल है. होर्मुज एक अहम समुद्री मार्ग है जहां से दुनिया के कई देशों के लिए तेल और प्राकृतिक गैस पहुंचाए जाते हैं और इसके बंद होने से ऐतिहासिक ऊर्जा संकट पैदा हो गया था।

तेहरान को यूरेनियम के भंडार कम करना होगा

दोनों देशों की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, इस समझौते के तहत तेहरान को अपने अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम के भंडार को कम करना होगा और अमेरिका की ओर से लगाए गए बैन को हटा लिया जाएगा। इस करार के तहत ईरान को तुरंत अपना तेल स्वतंत्र रूप से बेचने की अनुमति मिल जाएगी।

ईरान के लिए 300 अरब डॉलर

इसमें ईरान के पुनर्निर्माण और आर्थिक विकास के लिए 300 अरब डॉलर के फंड का भी प्रावधान है। हालांकि, इसमें अमेरिका को योगदान करने की जरूरत नहीं है। ट्रंप प्रशासन ने इस समझौते को प्रदर्शन आधारित बताया है, जिसमें ईरान को तभी लाभ मिलेगा जब वह अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन करेगा। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि इस समझौते का मकसद चार महीने से चल रहे टकराव को खत्म करना और दुनिया के लिए ऊर्जा की सप्लाई के अहम मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना है।

MEDIN EXPO Chennai 2026 में LABOLIT को मिला सम्मान, उमा साइंटिफ़िक ने बढ़ाया भारतीय लैब उपकरण उद्योग का गौरव
चेन्नई । देश की अग्रणी पैथालॉजी प्रयोगशाला उपकरण निर्माता कंपनी LABOLIT, जो UMA SCIENTIFIC द्वारा संचालित है, को MEDIN EXPO Chennai 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन और नवाचारपूर्ण प्रयोगशाला समाधानों के लिए सम्मानित किया गया। यह उपलब्धि कंपनी के लिए ही नहीं, बल्कि भारतीय वैज्ञानिक एवं पैथालॉजी प्रयोगशाला उपकरण उद्योग के लिए भी गर्व का विषय है।
प्रदर्शनी के दौरान LABOLIT के स्टॉल पर बड़ी संख्या में देश ही नहीं अपितु विदेश के   पैथालॉजी प्रयोगशाला विशेषज्ञों, उद्योग प्रतिनिधियों एवं व्यवसायिक आगंतुकों ने पहुंचकर कंपनी के उत्पादों और तकनीकी नवाचारों की सराहना की। कंपनी ने अपने उन्नत Micropipettes, Multichannel Micropipettes, Bottle Top Dispensers सहित विभिन्न प्रयोगशाला उपकरणों का प्रदर्शन किया, जिन्हें आगंतुकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त हुई। कंपनी प्रबंधन ने इस सम्मान को अपने ग्राहकों, व्यापारिक सहयोगियों और शुभचिंतकों के विश्वास एवं सहयोग का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि LABOLIT का उद्देश्य भारतीय पैथालॉजी प्रयोगशालाओं को विश्वस्तरीय गुणवत्ता के उपकरण उपलब्ध कराना है, जिससे वैज्ञानिक अनुसंधान और परीक्षण कार्यों को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।
LABOLIT – Pulse of World Sciences के संकल्प के साथ कंपनी लगातार नवाचार, गुणवत्ता और ग्राहक संतुष्टि के क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर रही है। MEDIN EXPO Chennai 2026 में प्राप्त यह सम्मान कंपनी की बढ़ती प्रतिष्ठा और उत्कृष्ट कार्यशैली का प्रमाण है। कंपनी के संस्थापक एवं निदेशक शुभम पांडेय ने इस अवसर पर कहा,
“यह सम्मान केवल LABOLIT का नहीं, बल्कि भारतीय मैन्युफैक्चरिंग क्षमता, नवाचार और गुणवत्ता के प्रति हमारे संकल्प का सम्मान है। हमारा लक्ष्य ‘Made in India’ उत्पादों को वैश्विक स्तर पर स्थापित करना है। हम ऐसे वैज्ञानिक उपकरण विकसित कर रहे हैं जो गुणवत्ता, सटीकता और विश्वसनीयता के अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरे उतरें। आने वाले वर्षों में LABOLIT को वैश्विक प्रयोगशाला उपकरण उद्योग के अग्रणी ब्रांडों में शामिल करना हमारा संकल्प है।”
इस अवसर पर LABOLIT एवं UMA SCIENTIFIC की पूरी टीम को उद्योग जगत एवं शुभचिंतकों द्वारा बधाइयाँ दी गईं ।
जी7 सम्मेलन में आज पीएम मोदी-ट्रंप की अहम मुलाकात, क्‍या भारत-अमेरिका तनाव होगा कम

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के एवियन में आयोजित जी7 देशों के सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं। आज मंगलवार को सम्मेलन के दूसरे दिन उन्होंने मजबूती से भारत का पक्ष रखा। जी7 देशों की बैठक से इतर पीएम मोदी आज शाम करीब 6.15 बजे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे।

16 महीने के बाद आमने-सामने की बैठक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच आज फ्रांस में द्विपक्षीय बैठक होने वाली है। दोनों नेताओं के बीच फरवरी 2025 के बाद यानि करीब 16 महीने के बाद आमने-सामने की बैठक होनी है। इन 16 महीने में भारत अमेरिका के बीच के संबंध 20 साल पीछे जा चुके हैं। ट्रंप प्रशासन ने भारत के साथ संबंध काफी खराब कर लिए हैं।

तीन भारतीयों की मौत का मुद्दा अहम

मोदी-ट्रंप के बीच बैठक उस वक्त हो रही है जब अमेरिकी सेना ने एक वाणिज्यिक जहाज पर हमला किया जिसमें तीन भारतीय मारे गये हैं और भारत सरकार पर अमेरिका को सख्त संदेश देने का दबाव है। आज की बैठक में भी यह मुद्दा छाया रह सकता है। कारण कि भारत ने पहले ही इस मसले पर अमेरिका के समक्ष अपना विरोध दर्ज करा दिया है। इसके अलावा ट्रेड से लेकर ऊर्जा सुरक्षा और पश्चिम एशिया संघर्ष पौर तमाम दूसरे द्विपक्षीय मसलों पर बातचीत होगी।

पीएम मोदी ने उठाया भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा

इससे पहले जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को फ़्रांस में जी-7 सम्मेलन के दौरान सुरक्षित समुद्री रास्तों और नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष की वजह से भारत के मित्र देशों को जान-माल का नुकसान झेलना पड़ा है। साथ ही होर्मु स्ट्रेट में समुद्री व्यापाार में आई बाधा की वजह से पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा है। इस संघर्ष में भारत के कई नागरिकों को जान गंवानी पड़ी है। पीएम मोदी ने कहा, वैश्विक समुद्री व्यापार के जरिए सभी देशों को आपस में जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा सामूहिक दायित्व है। इसलिए समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी ताकि नाविक बिना डर के काम कर सकें।

अमेरिका का नाम ना लेने पर विपक्ष हमलावर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ओर से समुद्री में नाविकों की 'सुरक्षा का मुद्दा उठाने के तरीके' पर कांग्रेस ने प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने पीएम मोदी के भाषण के एक अंश को रेखांकित करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, ''जी-7 मीटिंग में अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने देश का सिर झुका दिया। उनका कायराना बयान इस देश के साथ एक भद्दा मज़ाक है। हमारे लोगों का अपमान है। हिन्दुस्तान के तीन नाविकों की अमेरिका ने क्रूर हत्या कर दी और नरेंद्र मोदी अमेरिका का नाम लेने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। उन्होंने कई सिविलियन्स को जान गंवानी पड़ी कह कर छोड़ दिया। मृतकों का नाम आदित्य शर्मा, शिवानंद चौरसिया, परनाला सुरेश था है। इतना सम्मान तो देना चाहिए था। जो अपने देश का ना हुआ वह किसका होगा? लानत है मोदी जी!''

ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की जीत को दी चुनौती, खटखटाया हाईकोर्ट का दरवाजा

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तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी भवानीपुर विधानसभा चुनाव में मिली हार को अभी तक पचा नहीं पाई हैं। यही वजह है कि उन्होंने भवानीपुर विधानसभा सीट के चुनाव रिजल्ट को कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती दी है। उन्होंने अपनी याचिका में कोर्ट से रिजल्ट की वैधता पर विचार करने की मांग की है।

चुनावी परिणामों पर लगातार सवाल उठा रहीं ममता

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के ऐलान के बाद से ही ममता बनर्जी इन परिणामों को लेकर लगातार सवाल उठा रही थीं। अब उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाकर इस पूरे मामले को कानूनी मोड़ दे दिया है। इसी को लेकर ममता बनर्जी मंगलवार दोपहर कलकत्ता हाई कोर्ट पहुंचीं। उनके साथ पार्टी के सीनियर नेता कुणाल घोष और डोला सेन भी मौजूद थे। उन्होंने वहां अपनी याचिका दायर की और कुछ ही देर में बाहर निकल आईं।

सबूतों को सहेजने की मांग

हाईकोर्ट में दायर की गई याचिका में ममता बनर्जी ने बेहद गंभीर मांगें रखी हैं। कानूनी याचिका के जरिए उन्होंने भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र के सभी चुनाव संबंधी रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने का आग्रह किया है। इसमें मतदान से जुड़े दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ईवीएम शामिल हैं। ममता बनर्जी का कहना है कि इन उपकरणों और दस्तावेजों को तुरंत सील किया जाए ताकि इनके साथ कोई छेड़छाड़ या इन्हें नष्ट न किया जा सके।

शुभेंदु ने ममता बनर्जी को 15,105 वोटों से हराया

भवानीपुर सीट पर भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को 15,105 वोटों के अंतर से हराया था। यह सीट पहले ममता बनर्जी के पास थी। उन्होंने इस सीट पर काउंटिंग के दौरान अनियमितताओं और अपने साथ मारपीट के आरोप भी लगाए थे।

शूटर जसपाल राणा की मां का निधन, इकलौते बेटे की मौत के 4 दिन बाद तोड़ा दम

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मशहूर शूटर और कोच जसपाल राणा की मां का दिल्ली के आर्मी हॉस्पिटल में मंगलवार को निधन हो गया। बेटे जसपाल राणा की मौत से उनकी मां को गहरा सदमा लगा था और वह अस्पताल में भर्ती थीं। उन्होंने इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। बता दें कि जसपाल राणा की मौत बीते शुक्रवार यानी 12 जून को हो गई थी। वह सिर्फ 49 साल के थे।

12 जून हुई थी जसपाल राणा की मौत

जसपाल राणा की मां स्वास्थ्य संबधी दिक्कत के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कुछ दिन पहले ही अपना बेटा खोने से वह सदमे में थी। दिल्ली के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। 12 जून को जसपाल राणा के निधन के बाद उनकी स्थिति और बिगड़ गई थी।

फ्लाइट में बिगड़ी थी तबीयत

जसपाल म्यूनिख में हुए ISSF वर्ल्ड कप के बाद जर्मनी से लौट रहे थे और इस दौरान उनकी अचानक से तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह मौजूदा समय में भारतीय पिस्टल निशानेबाजों के हाई परफॉर्मेंस कोच के रूप में काम कर रहे थे। उनकी अगुवाई में भारतीय टीम इस टूर्नामेंट में 2 गोल्ड और दो सिल्वर मेडल जीतने में सफल रही थी। जसपाल एशियाई खेलों के पूर्व गोल्ड मेडलिस्ट थे और ओलंपिक मेडलिस्ट मनु भाकर की सफलता में भी उनका अहम योगदान रहा।

यूएस-ईरान समझौते का पीएम मोदी ने किया स्वागत, बोले-शांति और स्थिरता बहाली में मिलेगी मदद

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अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते का एलान हो गया है, जिससे पूरी दुनिया ने राहत की सांस ली है। अमेरिका-ईरान के बीच समझौते पर दुनियाभर से प्रतिक्रियाएं आई हैं। ब्रिटेन, फ़्रांस, जर्मनी और इटली के नेताओं की ओर से एक संयुक्त बयान जारी किया गया। वहीं संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, जापान, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड के नेताओं ने भी प्रतिक्रियाएं दीं है। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष को समाप्त करने के लिए घोषित शांति समझौते का स्वागत किया है।

अमेरिका-ईरान समझौते पर क्या बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए इस कदम की प्रशंसा की है। पीएम मोदी ने सोमवार को एक्स पर लिखा, "मैं पश्चिम एशिया में संघर्ष समाप्त करने को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच बनी सहमति का स्वागत करता हूं। इस संघर्ष के कारण दुनियाभर में गंभीर आर्थिक अड़चन पैदा हुई और कई देशों में लोगों की जान गई। भारत को उम्मीद है कि इस सहमति के लागू होने से क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने में मदद मिलेगी और नेविगेशन और व्यापार की आज़ादी सुनिश्चित होगी।" इसके अलावा उन्होंने उम्मीद जताई कि 'बाक़ी बचे मुद्दों पर भी' होने वाली बातचीत 'एक टिकाऊ और अंतिम समझौते' तक पहुंचेगी।

ट्रंप ने किया शांति समझौते का ऐलान

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को ट्रुथ पर पोस्ट कर ऐलान किया कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर सहमति बन चुकी है। स्विट्जरलैंड में दोनों देशों के बीच शांति समझौते पर साइन किए जाएंगे। इसमें अमेरिका से जेडी वेंस और ईरान से अराघची और गालिबफ शामिल होंगे। 60 दिनों के सीजफायर के दौरान समझौते पर दोनों देशों के बीच बातचीत होगी। इसमें ईरान पर लगे प्रतिबंधों, फ्रीज फंड को रिलीज करने से लेकर परमाणु कार्यक्रम जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। जब तक फाइनल समझौता लागू नहीं हो जाता, अस्थायी व्यवस्थाएं लागू रहेंगी।

टीएमसी के बागी सांसदों का नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी में विलय का ऐलान, स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद लोकसभा सांसदों की पार्टी छोड़कर जाने की खबरें छन-छन कर आ रही हैं। इस बीच 20 बागी सांसदों का गुट त्रिपुरा की नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी (NCPI) में विलय का ऐलान किया है।

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र सौंपा

तृणमूल कांग्रेस की बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने रविवार शाम लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र सौंपा। काकोली घोष और शताब्दी रॉय के साथ पार्टी के कुछ सांसद लोकसभा स्पीकर बिरला के घर पहुंचे थे। उन्होंने दावा किया है उनके साथ पार्टी के 20 सांसद हैं। उन्होंने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से सदन में अपने गुट के सांसदों को अलग बिठाने की मांग की है।

काकोली घोष दस्तीदार ने क्या कहा?

काकोली घोष दस्तीदार ने ओम बिरला से मुलाकात करने के बाद पत्रकारों से कहा, ''हम अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (एआईटीसी) के चुने हुए सांसद थे। हमने लोकसभा स्पीकर को एआईटीसी से अपनी नाराजगी के बारे में बताया। हमने संसद में अलग से बैठने की मांग की और कहा कि नेशनलिस्ट सिटिज़ंस पार्टी के साथ विलय कर रहे हैं। हमारे साथ 20 सांसद हैं जो तृणमूल के 28 सांसदों के दो तिहाई से ज़्यादा हैं। हम एआईटीसी से अलग होकर एनडीए के साथ काम करेंगे।''

टीएमसी में टूट का सिलसिला

पश्चिम बंगाल में वाम मोर्चे की 35 साल तक चली सरकार को हटाकर सत्ता में आईं ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस ने 15 सालों तक प्रदेश में शासन किया। हालिया विधानसभा चुनावों में मिली हार के बाद से ममता बनर्जी और उनकी पार्टी अपने राजनीतिक करियर की सबसे बड़ी चुनौती से जूझ रही है। पार्टी के नेता एक-एक कर साथ छोड़ रहे हैं। पहले ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा के साथ विधानसभा में बगावत हुई उसके बाद राष्ट्रीय नेताओं में इस्तीफे का सिलसिला शुरू हुआ।

एक लाख का इनामी बदमाश पुलिस मुठभेड़ में ढेर, बाबा मिलनदास हत्याकांड का था आरोपी

बांगरमऊ, उन्नाव। थाना बांगरमऊ पुलिस और एसओजी टीम उन्नाव की संयुक्त कार्रवाई में एक लाख रुपये का इनामी बदमाश इसराइल उर्फ इजराइल पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। पुलिस के अनुसार बदमाश पर बाबा मिलनदास की हत्या का आरोप था और वह घटना के बाद से फरार चल रहा था।

पुलिस के मुताबिक सोमवार तड़के करीब 3:40 बजे थाना बांगरमऊ पुलिस और एसओजी टीम आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे की हवाई पट्टी सर्विस रोड पर संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि थाना बांगरमऊ पर पंजीकृत बाबा मिलनदास हत्याकांड में वांछित एक लाख रुपये का इनामी अपराधी इसराइल उर्फ इजराइल पुत्र शकूर निवासी पूर्विया टोला, कस्बा एवं थाना बांगरमऊ, ग्राम ताजपुर अंडरपास के पास मौजूद है।
सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और आरोपी को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा। पुलिस का दावा है कि आत्मसमर्पण करने के बजाय आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग के दौरान एक गोली उपनिरीक्षक न्यूटन कुमार सिंह की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी, जबकि एसओजी के आरक्षी विकास भदौरिया के हाथ में गोली लगने से वह घायल हो गए।
पुलिस द्वारा आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में इसराइल उर्फ इजराइल गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बांगरमऊ ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने घटनास्थल से एक चाकू, जो हत्या में प्रयुक्त होना बताया जा रहा है, एक तमंचा 315 बोर तथा दो खोखा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि इसराइल उर्फ इजराइल पर 9 जून 2026 को बाबा मिलनदास की चाकुओं से गोदकर हत्या करने का आरोप था। घटना के बाद से वह फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते का एलान, जानें पीस डील की अहम बातें

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फारस की खाड़ी में जंग खत्म करने को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच समझौता हो गया है। बातचीत की मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी। शुक्रवार 19 जून को स्विट्जरलैंड के जेनेवा में दोनों पक्षों की ओर से इस पीस डील पर औपचारिक हस्‍ताक्षर किया जाएगा।

ट्रंप ने शांति समझौते को लेकर क्या कहा?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी सरकार की ओर से समझौते की पुष्टि कर दी गई है। डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि "सभी को समझौते की बधाई देते हुए मैं होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी टोल के खोलने की पूरी मंजूरी देता हूं। साथ ही अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी को तुरंत हटाने का भी आदेश देता हूं।"

ईरान ने क्या कहा है

ईरान के उप-विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने सरकारी टेलीविजन पर समझौते की पुष्टि की है। गरीबाबादी ने कहा है कि डील हो गई है लेकिन शुक्रवार को हस्ताक्षर होने तक तेहरान इसे लागू करना शुरू नहीं करेगा। उन्होंने बताया कि यह समझौता तेहरान में कतर के प्रतिनिधि के साथ 14 घंटे से ज्यादा चली बातचीत के बाद हुआ है। पाकिस्तान के अलावा कतर एक और अहम मध्यस्थ है।

समझौते के बाद शहबाज शरीफ का पोस्ट

इस समझौते के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभाने वाले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक्स पर लिखा, "लंबी बातचीत के बाद, हमें यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता हो गया है। दोनों पक्षों ने लेबनान सहित सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई को तुरंत और स्थायी रूप से रोकने की घोषणा की है।"

US-ईरान शांति डील में क्या-क्या शामिल है?

1- लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध को तुरंत और हमेशा के लिए रोकना

2- अमेरिका ने वादा किया है कि वह ईरान के अंदरूनी मामलों में दखल नहीं देगा और इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान की संप्रभुता का सम्मान करेगा

3- दिनों के अंदर नौसैनिक नाकेबंदी को पूरी तरह से हटाया जाएगा

4- अमेरिका ने यह वादा किया है कि वह ईरान के आस-पास के इलाकों से अपनी सेना हटा लेगा

5- ईरान की 'व्यवस्थाओं' के तहत 30 दिनों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोला जाएगा

6- तेल, पेट्रोकेमिकल उत्पादों और उनसे जुड़े उत्पादों पर लगे प्रतिबंधों को हटाना और उनसे होने वाली कमाई तक ईरान की पूरी पहुंच सुनिश्चित की जाएगी

7- अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए ईरान के पुनर्निर्माण के वास्ते कम से कम 300 अरब डॉलर की योजनाएं पेश करना जरूरी होगा।

8- परमाणु मुद्दों और अमेरिका के प्राथमिक और माध्यमिक प्रतिबंधों, साथ ही UN सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और IAEA बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के प्रस्तावों को पूरी तरह से हटाने के आधार पर अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए 60 दिनों की बातचीत।

9- NPT के तहत परमाणु हथियार न बनाने के अपने वादे को ईरान का फिर से दोहराना।

10- बातचीत के दौरान अमेरिका ने वादा किया है कि वह इस क्षेत्र में अपनी सेना नहीं बढ़ाएगा और कोई नया प्रतिबंध नहीं लगाएगा।

11- अंतिम बातचीत की 60 दिनों की अवधि के दौरान ईरान के फ्रीज किए गए 24 अरब डॉलर जारी किए जाएंगे। इस राशि का आधा हिस्सा बातचीत शुरू होने से पहले ही ईरान को उपलब्ध कराया जाएगा।

12- समझौते को लागू करने के लिए एक निगरानी तंत्र बनाया जाएगा।

13- अंतिम समझौते को UN सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के माध्यम से मंजूरी दी जाएगी।

14- अंतिम बातचीत तब तक शुरू नहीं होगी जब तक ईरान के फ्रीज किए गए फंड का आधा हिस्सा जारी नहीं हो जाता ईरान पर तेल प्रतिबंध हटा नहीं दिए जाते और नौसैनिक नाकेबंदी खत्म नहीं हो जाती।अंतिम समझौता केवल संवर्धित यूरेनियम और संवर्धन, प्रतिबंधों से राहत और ईरान की अर्थव्यवस्था के पुनर्निर्माण के कार्यक्रम तक ही सीमित रहेगा। ईरान के मिसाइल कार्यक्रम और प्रतिरोध समूहोंको समर्थन देने के बारे में चर्चा को एजेंडे से पूरी तरह हटा दिया गया है।

अमेरिका के आज्ञाकारी नौकर की तरह कर रहे हैं काम”, राहुल गांधी की पीएम मोदी पर विवादित टिप्पणी

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लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जोराद हमला बोला है। राहुल गांधी ने खाड़ी क्षेत्र में हुए तीन भारतीय नाविकों की मौत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने अपने एक्स हैंडल पर पीएम मोदी की कूटनीति पर सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी ने पीएम मोदी को अमेरिका का 'आज्ञाकारी नौकर' तक बता दिया।

आज्ञाकारी नौकर की तरह आदेश मान लेते हैं- राहुल गांधी

राहुल गांधी ने एक्स हैंडल पर लिखते हुए कहा कि अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविकों की हत्या के चंद दिन बाद - न अफसोस, न माफी। उल्टा, अमेरिका ने आदेश देना जारी रखा है। उनके शब्द पढ़िए-अमेरिकी सेना के आदेश तुरंत मानें। कोई उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एक आजाद देश इस तरह की भाषा कभी नहीं सहेगा। लेकिन हमारे कंप्रोमाइज्ड पीए चुप साधे बैठे हैं। एक आज्ञाकारी नौकर की तरह सुनते हैं, और आदेश मान लेते हैं। कंप्रोमाइज्ड पीएम देश के सम्मान की रक्षा नहीं करेगा - क्योंकि जो देश का अपमान करते हैं, वो उन्हीं के वश में हैं।

तीन भारतीयों की मौत के बाद भड़के राहुल गांधी

बता दें कांग्रेस नेता की यह टिप्पणी खाड़ी में हुई घटना के बाद आई है। दरअसल, ओमान की खाड़ी (डुक्म) में एक कमर्शियल तेल टैंकर पर अमेरिकी सेना का शिकार हो गया। हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी। MT सेटेबेलो नाम का यह जहाज बुधवार को निशाना बना, क्योंकि अमेरिका ने आरोप लगाया था कि वह बंदरगाहों पर लगाए गए प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहा था। जानकारी के मुताबिक, जहाज पर कुल 24 भारतीय क्रू सदस्य सवार थे। इनमें से 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि तीन नाविकों की बाद में मौत की पुष्टि हुई।