ग्वारी डकैती का पुलिस ने किया खुलासा, मुठभेड़ में 2 बदमाश घायल; 5 गिरफ्तार, 4.64 लाख नकद, तमंचे व जेवर बरामद
बाराबंकी। बाराबंकी पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान पांच शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर बीते 22 मई को देवा के ग्वारी गांव में हुई किराना व्यवसाई के घर बड़ी लूट का खुलाशा किया। पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने बताया स्वाट, सर्विलांस व थाना देवा की संयुक्त पुलिस टीम ने बीते 22 मई को ग्राम ग्वारी में हुई सनसनीखेज लूट की घटना में शामिल पांच बदमाशो को मुठभेड़ के दौरान आज बुधवार को गिरफ्तार किया।
जिसमे दो बदमाश पुलिस मुठभेड़ घायल हो गए। पकड़े गए बदमाशों के कब्जे से लूट के 4 लाख 64 हजार रुपये नकद, सोने-चांदी के जेवर, चार तमंचे .315 बोर, कारतूस, वारदात में प्रयुक्त वैगनआर कार व एक मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है। 22 मई 2026 को किराना व्यवसाई आलोक कुमार जायसवाल निवासी ग्वारी चौराहा, मजरे शाहपुर, थाना देवा ने तहरीर दी कि रात में लगभग आधा दर्जन सशस्त्र अज्ञात बदमाश घर के पीछे के दरवाजे से घुस आए। परिजनों से मारपीट कर घर में रखे जेवर व नकदी लूटकर फरार हो गए। तहरीर पर थाना देवा में बीएनएस के तहत अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। आज 27 मई को स्वाट व सर्विलांस टीम ने मैनुअल इंटेलिजेंस, डिजिटल डेटा व सीसीटीवी फुटेज की मदद से बदमाशों को ट्रेस किया।तो बदमाशो की लोकेशन गोवर्धन कॉलोनी गेट के पास मिली।आनन फानन में पहुँची पुलिस ने लूट कांड में शामिल बदमाशो को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया।मुठभेड़ में जसीम अहमद निवासी अलहइयापुर, कैसरगंज, बहराइच व सैफ पुत्र याकूब निवासी सोढ़ीपुर, घुंघटेर,घायल हो गए। वहीं अन्य मो. इस्माइल निवासी चांदपुर रुधौली, रामपुर मथुरा, सीतापुर; मो. अबरार निवासी ददरा नोखेपुरवा, बड्डूपुर, बाराबंकी व बलवंत सिंह निवासी देवगांव पश्चिम, सांगीपुर, प्रतापगढ़ को वैगनआर कार समेत गिरफ्तार किया गया। तलाशी में इनके पास लूटा हुआ 4.64 लाख रुपये, 4 तमंचे .315 बोर, 2 खोखा व 4 जिंदा कारतूस, पायल, झुमकी, माला, अंगूठी, हार, मांग टीका, नथुनी, झूमर, हाथफूल, बिछुआ समेत करीब 72 ग्राम सोने के जेवर व चांदी के आभूषण मिले। साथ ही विक्टोरिया फोटो वाला 10 ग्राम का चांदी का सिक्का भी बरामद हुआ।
पुलिस को पूछताछ में पता चला कि गैंग का सरगना बुलंदशहर का रोहित जाट है। गैंग पहले रेकी कर कम सदस्यों वाले धनाढ्य घरों व प्रतिष्ठानों को चिन्हित करता था। बाराबंकी के अलावा लखनऊ, सीतापुर व गोंडा में भी वारदातें कर चुके हैं। रोहित की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। गिरफ्तार सैफ उर्फ बादशाह पर सीतापुर, लखनऊ, बाराबंकी में 8 मुकदमे हैं। इस्माइल पर लखनऊ, बाराबंकी, सीतापुर में चोरी, एनडीपीएस, गैंगस्टर समेत 16 केस दर्ज हैं। जसीम पर बाराबंकी व बहराइच में 5 मुकदमे हैं।
खुलासे में स्वाट प्रभारी उ0नि0 अंकित त्रिपाठी, सर्विलांस प्रभारी उ0नि0 अजय सिंह, प्रभारी निरीक्षक देवा यशकांत सिंह समेत स्वाट, सर्विलांस व थाना देवा की टीम शामिल रही। एसपी ने टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।

बाराबंकी। बाराबंकी पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान पांच शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर बीते 22 मई को देवा के ग्वारी गांव में हुई किराना व्यवसाई के घर बड़ी लूट का खुलाशा किया। पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने बताया स्वाट, सर्विलांस व थाना देवा की संयुक्त पुलिस टीम ने बीते 22 मई को ग्राम ग्वारी में हुई सनसनीखेज लूट की घटना में शामिल पांच बदमाशो को मुठभेड़ के दौरान आज बुधवार को गिरफ्तार किया।

बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में मंगलवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे ने चार परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। कैंची धाम में दर्शन करने निकले युवक शायद ही जानते थे कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा। भोर के अंधेरे में लखनऊ-सुल्तानपुर हाईवे पर दौड़ रही इनोवा अचानक खड़े ट्रक से जा टकराई और कुछ ही सेकंड में चीख-पुकार मच गई। हादसे में चार युवकों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं।
बाराबंकी। जिले में शनिवार तड़के एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया। **फतेहपुर-भनौली मार्ग** पर स्थित **ग्राम झांसा** में घर के बाहर सो रहे परिवार को तेज रफ्तार डंपर ने कुचल दिया। हादसे में **पिता समेत तीन बच्चों की मौत** हो गई, जबकि महिला गंभीर रूप से घायल हो गई।


बाराबंकी। शहर के विजय पार्क में पं. दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा का अनावरण करने बाराबंकी पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय के प्रणेता थे। उन्होंने हर हाथ को काम, हर खेत को पानी का उद्घोष किया था। स्वतंत्र भारत में देश की दिशा क्या होनी चाहिए, इसके बारे में तत्कालीन सत्ता के सामने असमंजस की स्थिति रही होगी। लेकिन उस समय भारतीय राजनीति के नए सितारे का उदय हो रहा था, जिन्होंने आजादी के तत्काल बाद पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, फिर भारतीय जनसंघ के माध्यम से राजनीति में प्रवेश करते हुए भारत की सामाजिक, आर्थिक नीति और राजनीतिक व्यवस्था के बारे में जो विचार दिए, उसकी प्रासंगिकता आज न केवल भारत, बल्कि वैश्विक समुदाय के सामने भी देखने को मिल रही है।

5 hours ago
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