अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर यूपी सरकार की बड़ी कार्रवाई, 7,339 वाहनों पर शिकंजा

33.71 करोड़ रुपये का अधिरोपण, 28.31 करोड़ की वसूली; प्रदेशभर में प्रवर्तन अभियान जारी


लखनऊ। उत्तर प्रदेश में उपखनिजों के अवैध खनन, अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग द्वारा पूरे प्रदेश में व्यापक प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत अब तक 7,339 वाहनों पर कार्रवाई करते हुए 33 करोड़ 71 लाख रुपये का अधिरोपण किया गया है।

भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग की सचिव एवं निदेशक श्रीमती माला श्रीवास्तव के निर्देश पर अप्रैल 2026 से जनपद और निदेशालय स्तर पर प्रदेशभर में लगातार सघन जांच अभियान संचालित किया जा रहा है।

विभागीय जांच में बड़ी संख्या में वाहन वैध प्रपत्रों के साथ खनिज परिवहन करते पाए गए, जबकि अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग में लिप्त वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की गई। विभाग के अनुसार अधिरोपित राशि में से अब तक 28 करोड़ 31 लाख रुपये की वसूली भी की जा चुकी है।
अभियान की समीक्षा के दौरान श्रीमती माला श्रीवास्तव ने अंतर्राज्यीय सीमावर्ती जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि अन्य राज्यों से आने वाले उपखनिजों का परिवहन केवल वैध आईएसटीपी (Inter-State Transit Pass) के माध्यम से ही सुनिश्चित किया जाए और किसी भी परिस्थिति में ओवरलोडिंग न होने दी जाए।
उन्होंने कहा कि खनन क्षेत्रों के सोर्स प्वाइंट पर निर्धारित लोडिंग मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाए। यदि किसी भी स्तर पर नियमों के उल्लंघन या अनियमितता की शिकायत मिलती है, तो संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

श्रीमती माला श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार अवैध खनन और अवैध परिवहन के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर काम कर रही है। प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और राजस्व हितों की सुरक्षा के लिए यह प्रवर्तन अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
हमीरपुर पुल हादसा: 6 मजदूरों की मौत मामले में निर्माण कंपनी, मालिक और सुपरवाइजर पर भी एफआईआर

* ठेकेदार की लापरवाही से आंधी में गिरा था सेगमेंटल स्पैन, कार्रवाई तेज; इंजीनियर सस्पेंड, विभागीय जांच भी शुरू

हमीरपुर/ लखनऊ। हमीरपुर जिले में निर्माणाधीन पुल गिरने से छह मजदूरों की मौत के मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे के संबंध में पुल निर्माण करा रही कंपनी M/S The Sheltor, उसके मालिक विजय प्रताप सिंह और प्रोजेक्ट सुपरवाइजर नीतिश सचान के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है।
कुरारा थाने में दर्ज एफआईआर उप परियोजना प्रबंधक दिलीप कुमार की ओर से कराई गई है। शिकायत में कहा गया है कि ठेकेदार की लापरवाही के चलते तेज आंधी के दौरान पुल का सेगमेंटल स्पैन गिर गया, जिससे छह मजदूरों की जान चली गई।
हमीरपुर पुल हादसे को लेकर लगातार कार्रवाई का दौर जारी है। घटना के बाद उत्तर प्रदेश सेतु निर्माण निगम के सहायक अभियंता गजेंद्र चौधरी को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, एफआईआर दर्ज कराने वाले उप परियोजना प्रबंधक दिलीप कुमार के खिलाफ भी विभागीय जांच के आदेश जारी किए गए हैं।
प्रशासनिक स्तर पर हादसे की वजहों की गहन जांच की जा रही है और जिम्मेदार लोगों पर आगे भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने साइकिल से अदालत पहुंचे न्यायिक अधिकारी


लखनऊ। ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से शनिवार को जनपद लखनऊ के न्यायिक अधिकारियों ने साइकिल से न्यायालय पहुंचकर समाज को सकारात्मक संदेश दिया।  जनपद न्यायाधीश लखनऊ मलखान सिंह के नेतृत्व में सभी न्यायिक अधिकारी प्रातः डालीबाग स्थित सेशंस हाउस से साइकिल द्वारा न्यायालय के लिए रवाना हुए।

जनपद न्यायाधीश मलखान सिंह ने बताया कि वर्तमान परिस्थितियों में ईंधन संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शनिवार को न्यायिक अधिकारी साइकिल से न्यायालय आएंगे तथा जो अधिकारी साइकिल नहीं चला सकते, वे बैटरी रिक्शा का उपयोग करेंगे। इस पहल का उद्देश्य न केवल ईंधन की बचत करना है, बल्कि आमजन को पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों के लिए प्रेरित करना भी है।

यह अभियान  मुख्य न्यायमूर्ति इलाहाबाद उच्च न्यायालय अरूण भंसाली के मार्गदर्शन एवं शुभाशीष से प्रारम्भ किया गया है। अभियान का शुभारम्भ 22 मई 2026 को  प्रशासनिक न्यायमूर्ति लखनऊ राजेश सिंह चौहान द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया था। जनपद न्यायाधीश मलखान सिंह के नेतृत्व में न्यायिक अधिकारियों ने संकल्प लिया है कि प्रत्येक शनिवार को सभी न्यायिक अधिकारी साइकिल से न्यायालय पहुंचेंगे। इसी क्रम में अभियान के दूसरे चरण में शनिवार को एक बार फिर न्यायिक अधिकारियों ने साइकिल यात्रा कर ईंधन संरक्षण, ऊर्जा बचत और पर्यावरण सुरक्षा का संदेश दिया।
केंद्र सरकार के 12 साल पूरे होने पर यूपी में 5 से 21 जून तक चलेगा व्यापक जनसंपर्क अभियान

* हर विधानसभा में निकलेगी ‘प्रगति पथ यात्रा’, जनकल्याण मेले, संवाद कार्यक्रम और विकसित भारत संकल्प सम्मेलन होंगे आयोजित

* सीएम योगी ने शुक्रवार को मंत्रिमंडल और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर अभियान की तैयारियों की समीक्षा की


लखनऊ। केंद्र की एनडीए सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर उत्तर प्रदेश में 5 जून से 21 जून तक व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को मंत्रिमंडल और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर अभियान की तैयारियों की समीक्षा की और निर्देश दिए कि केंद्र एवं राज्य सरकार की उपलब्धियों को जनभागीदारी के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में भारत ने विकास, सुशासन, गरीब कल्याण, सामाजिक न्याय और वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल की हैं। अभियान के जरिए केंद्र और राज्य सरकारों की योजनाओं, विकास कार्यों और ‘विकसित भारत’ के संकल्प को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाया जाएगा।
उन्होंने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य, शिक्षा, किसान कल्याण, महिला सुरक्षा, रोजगार, निवेश, आधारभूत संरचना, कानून-व्यवस्था और डिजिटल सेवाओं जैसे क्षेत्रों में हुए बदलावों और उपलब्धियों को व्यापक रूप से प्रचारित किया जाए। साथ ही सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों की सफलता की कहानियों को भी प्रमुखता से सामने लाया जाए।
बैठक में तय किया गया कि 5 से 21 जून के बीच प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा में लगभग 10 किलोमीटर लंबी ‘प्रगति पथ यात्रा’ निकाली जाएगी। यात्रा के दौरान जनप्रतिनिधि गांवों में रात्रि विश्राम करेंगे, चौपाल लगाएंगे और स्थानीय लोगों के साथ संवाद करेंगे।
अभियान के तहत 8 से 14 जून तक जनसंपर्क अभियान, संवाद कार्यक्रम और पैदल मार्च आयोजित किए जाएंगे। 11 और 12 जून को मीडिया संवाद कार्यक्रम होंगे, जबकि 14 से 16 जून के बीच सभी विकास खंडों और नगरीय निकायों में जनकल्याण मेले लगाए जाएंगे। इन मेलों में प्रदर्शनियां, आरोग्य मेले, पशु स्वास्थ्य शिविर और लाभार्थी जोड़ो अभियान भी चलाए जाएंगे।16 और 17 जून को जिला स्तर पर ‘विकसित भारत संकल्प सम्मेलन’ आयोजित होंगे, वहीं 18 और 19 जून को केंद्र सरकार की 12 वर्षों की विकास यात्रा पर आधारित विशेष प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अभियान में युवाओं, महिलाओं, किसानों, व्यापारिक संगठनों, प्रबुद्ध वर्ग, स्वयं सहायता समूहों और सामाजिक संगठनों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जाए। प्राकृतिक खेती, पर्यावरण संरक्षण और जनजागरूकता से जुड़े कार्यक्रम भी अभियान का हिस्सा होंगे।
उन्होंने कहा कि 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत व्यापक वृक्षारोपण किया जाएगा, जबकि 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर प्रदेश के सभी 825 विकास खंडों और 700 से अधिक नगरीय निकायों में योग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान केवल उपलब्धियों के प्रचार तक सीमित न रहकर जनता से संवाद, लाभार्थियों तक पहुंच और विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को जनआंदोलन बनाने का प्रभावी माध्यम बनना चाहिए।
कम मानसून और जलवायु चुनौती से निपटने को यूपी की खास तैयारी, खरीफ 2026 के लिए बनी नई रणनीति

* धान में डीएसआर तकनीक को बढ़ावा, दलहन-तिलहन उत्पादन बढ़ाने को किसानों को मिलेंगे मुफ्त मिनीकिट और उन्नत बीज


नई दिल्ली/ लखनऊ। नई दिल्ली स्थित पूसा परिसर में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन ‘खरीफ अभियान-2026’ में उत्तर प्रदेश ने जलवायु परिवर्तन और संभावित कमजोर मानसून की चुनौतियों से निपटने के लिए अपनी विशेष कृषि रणनीति प्रस्तुत की। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित इस सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के कृषि मंत्रियों, विशेषज्ञों और अधिकारियों ने खरीफ सीजन को सफल बनाने के लिए रणनीतियों पर मंथन किया।
उत्तर प्रदेश सरकार ने खरीफ अभियान 2026 के तहत मौसम आधारित खेती, जल संरक्षण और फसल विविधीकरण को प्राथमिकता दी है। सरकार का लक्ष्य किसानों को नई कृषि तकनीकों से जोड़ते हुए विपरीत परिस्थितियों में भी उत्पादन क्षमता बनाए रखना है। कम मानसून और एल-नीनो प्रभाव की आशंकाओं को देखते हुए प्रदेश सरकार धान की खेती में ‘डीएसआर’ (डायरेक्ट सीडेड राइस) तकनीक को बड़े स्तर पर बढ़ावा दे रही है। इस तकनीक से पारंपरिक रोपाई की तुलना में 15 से 20 प्रतिशत तक जल संरक्षण संभव है, वहीं फसल 15 से 20 दिन पहले तैयार होने से किसानों को रबी फसलों के लिए अतिरिक्त समय भी मिल सकेगा।
खरीफ सीजन की तैयारियों के तहत कृषि विभाग किसानों को प्रमाणित बीज, उर्वरक और तकनीकी प्रशिक्षण समय से उपलब्ध करा रहा है। ग्राम पंचायत स्तर पर किसान गोष्ठियों के माध्यम से सूखा प्रबंधन, मृदा संरक्षण और फसल विविधीकरण की जानकारी दी जा रही है। साथ ही ‘खेत बचाओ’ अभियान के तहत मृदा परीक्षण आधारित उर्वरक उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

प्रदेश को दलहन, तिलहन और मिलेट्स उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए किसानों को निःशुल्क मिनीकिट तथा अनुदानित उन्नत बीज उपलब्ध कराए जाएंगे। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि बीज, उर्वरक और कृषि रक्षा रसायनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर दी गई है। सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे आधुनिक कृषि तकनीकों और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी फसल उत्पादकता बढ़ाएं तथा आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बनें।
डीएनटी समुदाय के युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की पहल, सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान

* भागीदारी भवन में उद्यमिता विकास कार्यक्रम आयोजित, राज्यमंत्री असीम अरुण बोले—छोटे समूह बनाकर बनें रोजगार सृजक


लखनऊ। विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्धघुमंतू (डीएनटी) समुदायों के युवाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को गोमतीनगर स्थित भागीदारी भवन में ‘उद्यमिता विकास कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम समाज कल्याण मंत्रालय एवं अनुगम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ, जिसमें समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
राज्यमंत्री असीम अरुण ने कहा कि उद्यमिता आत्मनिर्भरता और आर्थिक प्रगति का मजबूत माध्यम है। उन्होंने डीएनटी समुदाय के युवाओं से अपील की कि वे छोटे-छोटे समूह बनाकर सरकारी योजनाओं का लाभ लें और रोजगार पाने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बनें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है।
कार्यक्रम में विशेषज्ञों द्वारा प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना (पीएम अजय-जीआईए), प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, सीएम युवा योजना, ओडीओपी, विश्वकर्मा सर्वसम्मान योजना, स्टैंड-अप इंडिया, स्टार्ट-अप इंडिया और प्रधानमंत्री मुद्रा योजना समेत विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
डिक्की के प्रदेश अध्यक्ष मनीष वर्मा ने बताया कि किस प्रकार वंचित वर्ग सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर अपना सफल व्यवसाय स्थापित कर सकते हैं। वहीं, बैंक ऑफ बड़ौदा के असिस्टेंट जनरल मैनेजर अनुज शर्मा ने ऋण सुविधा, व्यवसाय स्थापना और वित्तीय सहायता की प्रक्रियाओं पर उपयोगी जानकारी साझा की।

कार्यक्रम में आयोजित वन-टू-वन काउंसलिंग सत्र में प्रतिभागियों को उनकी रुचि एवं आवश्यकताओं के अनुरूप व्यक्तिगत मार्गदर्शन प्रदान किया गया। भागीदारी भवन के उपनिदेशक आनंद कुमार सिंह ने बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रत्येक सप्ताह आयोजित किए जाएंगे, ताकि युवाओं को उद्यमिता से जुड़ी जानकारी और अवसरों का लाभ मिल सके। इस अवसर पर डिक्की के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कुँवर शशांक, विपिन कुमार पांडेय समेत कई अधिकारी एवं विशेषज्ञ मौजूद रहे।
संपादक विनेश ठाकुर से मंगेश शर्मा की शिष्टाचार मुलाकात
लखनऊ। महानगर मुंबई के जाने-माने उद्योगपति कलेक्टर शर्मा के पुत्र,प्रख्यात समाजसेवी एवं पूर्व ग्राम प्रधान मंगेश शर्मा ने लखनऊ में वरिष्ठ समाजसेवी, जनसेवा दल के संस्थापक व राष्ट्रीय अध्यक्ष और दैनिक समाचार पत्र 'विधान केसरी' के संपादक विनेश ठाकुर से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान दोनों दिग्गजों के बीच समाज उत्थान,राजनीतिक सशक्तिकरण और संगठन विस्तार को लेकर घंटों गहन चर्चा हुई।संगठन और राजनीतिक करियर की मजबूती पर जोर दिया गया।मुलाकात के दौरान चर्चा का मुख्य केंद्र बिंदु समाज के हर व्यक्ति को गांव और जिला स्तर पर एक सूत्र में पिरोना रहा।विनेश ठाकुर ने जमीनी स्तर पर काम करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा - "एक-एक व्यक्ति से मिलकर समाज, फिर समुदाय और अंततः एक मजबूत संगठन का निर्माण होता है।यदि हमें अपने समाज और संगठन को शक्तिशाली बनाना है,तो राजनीतिक करियर को मजबूत करना होगा।इसके लिए हम सभी को एकजुट होकर आगे आना होगा।" इस पर अपनी सहमति जताते हुए समाजसेवी मंगेश शर्मा ने हर संभव सहयोग का वादा किया।उन्होंने कहा कि वे विनेश ठाकुर के साथ मैं हर कदम पर खड़ा मिलूंगा और जहां भी जाएंगे, समाज के लोगों को जोड़ने का प्रयास जारी रखेंगे। साथ ही, वे 'जनसेवा दल' की नीतियों का व्यापक प्रचार-प्रसार कर लोगों को इससे जुड़ने के लिए प्रेरित करेंगे।दैनिक समाचार पत्र के संपादक और जनसेवा दल के प्रमुख विनेश ठाकुर 'कर्पूरी' ने समाज के सभी प्रबुद्ध, बुद्धिजीवी और संपन्न लोगों से नंदवंशियों को सत्ता के शीर्ष पर ले जाने के लिए तन,मन और धन से सहयोग करने की भावुक अपील की। उन्होंने 'जनसेवा दल' द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की तुलना एक सामाजिक मंदिर से की।विनेश ठाकुर ने कहा "यह दल एक सामाजिक मंदिर की तरह है। इसमें कोई तन से,कोई मन से तो कोई धन से सहयोग करे,तो इस मंदिर को बेहद विशाल बनाया जा सकता है।" सत्ता का मंदिर इतना शक्तिशाली होता है कि वहां कुछ मांगने से पहले ही मांगें पूरी हो जाती हैं।" इतिहास का जिक्र करते हुए विनेश ठाकुर ने मंगेश शर्मा से कहा कि हमारी कौम का इतिहास गवाह है कि जब हमें प्रथम चक्रवर्ती सम्राट महापद्म नंद के रूप में देश का नेतृत्व करने का मौका मिला,तो हमने बिना किसी भेदभाव के पूर्ण सामाजिक न्याय स्थापित किया। इसके बाद जब जननायक कर्पूरी ठाकुर जी को मौका मिला तो उन्होंने मुख्यमंत्री बनते ही वह फैसले ले लिए जो देश के अन्य लोग 77 साल बाद भी नहीं ले सके।उन्होंने दृढ़ संकल्प जताते हुए कहा कि यदि अब विनेश ठाकुर 'कर्पूरी' को मौका मिलता है,तो जातिगत जनगणना के आधार पर हर वर्ग को प्रत्येक क्षेत्र में उनका वाजिब और उचित हिस्सा दिया जाएगा। विनेश ठाकुर के विचारों और विजन से प्रभावित होकर पूर्व प्रधान मंगेश शर्मा ने उन्हें आश्वस्त करते हुए कहा, "विनेश भैया, मैं शत-प्रतिशत आपके साथ हूँ। समाज हित के इस महायज्ञ में आप जहाँ भी याद करेंगे, मैं आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा मिलूँगा।"इस मुलाकात के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म है और इसे आने वाले समय में समाज को एक नई दिशा देने वाले बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है।
चौधरी चरण सिंह को मुख्यमंत्री योगी ने दी श्रद्धांजलि, बोले- किसानों के हितों के लिए जीवनभर संघर्ष किया

लखनऊ । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। राजधानी लखनऊ स्थित विधान भवन परिसर में मुख्यमंत्री ने उनकी प्रतिमा पर पुष्प चढ़ाकर नमन किया और उनके योगदान को याद किया।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि चौधरी चरण सिंह देश के महान नेता और किसानों की आवाज थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन गांव, गरीब और किसानों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका मानना था कि भारत की वास्तविक प्रगति गांवों और कृषि व्यवस्था को मजबूत किए बिना संभव नहीं है।
उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने कृषि, राजस्व और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण सुधार किए, जिनका लाभ आज भी किसानों को मिल रहा है। किसानों को सरकार की प्राथमिकता में शामिल करने की सोच उनके नेतृत्व की बड़ी पहचान थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश और समाज के प्रति उनके योगदान को देखते हुए उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया। उत्तर प्रदेश सरकार भी उनकी स्मृतियों को सहेजने और किसानों के हितों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। इसी कड़ी में लखनऊ में चौधरी चरण सिंह सीड पार्क जैसे महत्वपूर्ण प्रकल्प विकसित किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर प्रदेश सरकार के कई मंत्री, जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, राज्यमंत्री केपी मलिक, महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद ब्रजलाल सहित कई विधायक और विधान परिषद सदस्य शामिल हुए।
मथुरा पहुंचे पीएसी महानिदेशक, श्रीकृष्ण जन्मभूमि की सुरक्षा व्यवस्था का किया सघन निरीक्षण
लखनऊ । उत्तर प्रदेश पीएसी के महानिदेशक ने गुरुवार को मथुरा का दौरा कर श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर की सुरक्षा तैयारियों का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर तैनात पुलिस और सुरक्षा कर्मियों से सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली तथा ड्यूटी के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान महानिदेशक ने परिसर में प्रवेश व्यवस्था, निगरानी प्रणाली और सुरक्षा इंतजामों का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि संवेदनशील स्थल होने के कारण सुरक्षा मानकों का पूरी सख्ती के साथ पालन सुनिश्चित किया जाए।
दौरे के दौरान उन्होंने रांची बांगर स्थित पीएसी कैंप का भी निरीक्षण किया। यहां बैरकों, शस्त्रागार और विशेष सुरक्षा बल (SSF) के आवासीय परिसर की स्थिति का अवलोकन किया गया। उन्होंने जवानों की सुविधाओं, भोजन व्यवस्था और स्वच्छता व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए।
महानिदेशक ने कहा कि सुरक्षा बलों की कार्यक्षमता बनाए रखने के लिए कैंप की व्यवस्थाओं का बेहतर होना बेहद जरूरी है। इस दौरान पीएसी और स्थानीय पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि पर लखनऊ में ट्रैफिक डायवर्जन, कई मार्गों पर रहेगा प्रतिबंध
लखनऊ । पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि के अवसर पर 29 मई 2026 को सुबह 9 बजे विधान भवन गेट नंबर-2 के पास स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम को देखते हुए राजधानी लखनऊ में व्यापक यातायात डायवर्जन लागू किया गया है।

ट्रैफिक पुलिस के अनुसार चारबाग और कैसरबाग की ओर से आने वाली रोडवेज व सिटी बसों का रूट बदला गया है। वहीं हजरतगंज, विधानसभा मार्ग, लोकभवन और रॉयल होटल (बापू भवन) की ओर सामान्य वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा जाएगा।

इसके अलावा कैपिटल तिराहा, लालबत्ती चौराहा और विधानसभा मार्ग से गुजरने वाले यातायात को भी डायवर्ट किया जाएगा। हजरतगंज चौराहे से रॉयल होटल चौराहे तक यातायात पूरी तरह बंद रहेगा।

पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यात्रा से पहले वैकल्पिक मार्गों की जानकारी लेकर ही निकलें, ताकि जाम की स्थिति से बचा जा सके। हालांकि एम्बुलेंस, स्कूली वाहन और शव वाहन जैसी आवश्यक सेवाओं को जरूरत पड़ने पर प्रतिबंधित मार्गों से भी गुजरने की अनुमति दी जाएगी।

ट्रैफिक संबंधी सहायता के लिए कंट्रोल रूम नंबर 9454405155 जारी किया गया है।