हमीरपुर में निर्माणाधीन पुल गिरा, मलबे में दबकर 6 मजदूरों की मौत, कई फंसे होने की आशंका
लखनऊ । उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में गुरुवार देर रात आए तेज आंधी-तूफान और बारिश के बीच बड़ा हादसा हो गया। बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया, जिससे वहां मौजूद मजदूर मलबे में दब गए। हादसे में छह मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।

यह हादसा ललपुरा थाना क्षेत्र के मोराकंदर परसानी और कुरारा क्षेत्र के नैथी गांव को जोड़ने वाले निर्माणाधीन पुल पर हुआ। बताया जा रहा है कि देर रात करीब तीन बजे तेज आंधी और बारिश के दौरान पुल का स्लैब अचानक ढह गया। उस समय कई मजदूर स्लैब के नीचे और आसपास आराम कर रहे थे।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। शुरुआती जानकारी में छह मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं कुछ मजदूर अभी भी मलबे में दबे हो सकते हैं। तीन मजदूर पुल के पिलर पर फंसे बताए गए, जिन्हें सुरक्षित निकालने के प्रयास किए गए।

मृतकों की पहचान बांदा जिले के लोकेंद्र निषाद, कुलदीप निषाद, सावंत यादव, सभाजीत, हमीरपुर निवासी पुष्पेंद्र सिंह चौहान और राजेश पाल के रूप में हुई है।

हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। वहीं तेज आंधी-तूफान के कारण जिले में कई पेड़ उखड़ गए, बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित रहा।

घटना के बाद निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। मजदूरों के पुल के स्लैब के नीचे ठहरने और खराब मौसम के दौरान पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम न होने को लेकर भी जांच की मांग उठ रही है। जिला प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
यूपी के 2027 में होने वाले विधान सभा चुनाव में राष्ट्रीय विकल्प मोर्चा सभी सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी : सूरज प्रसाद चौबे
लखनऊ।राष्ट्रीय विकल्प मोर्चा के घटक राष्ट्रीय सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने कहा कि 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश के विधान सभा चुनाव में राष्ट्रीय विकल्प मोर्चा चुनाव में उतारेगी,यह बाते सवर्ण समाज के लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा, चौबे ने कहा कि भारत देश में यहां करोड़ों की संख्या में सवर्ण समाज के लोगों रहते हैं इन राजनीतिक दलों ने उनका सर्व नाश करने के लिए SCSTACT को कठोर बनाया ,जिसे सवर्ण समाज के सांसदों ने ताली बजाकर स्वागत किया,राजनीतिक दलों ने सवर्ण के योग्य बच्चों को बेरोजगार करने के लिए नौकरियों में भरपूर आरक्षण बढ़ाया सवर्ण नेता खुश हुए 90% अंक लाने वाले बच्चों को बाहर कर के माइनस 40%अंक वाले को को विशेषज्ञ डॉक्टर बना दिया सवर्ण नेता खुश हुए फिर हमने UGC रेगुलेशन लाकर जन्म जाती अपराधी घोषित कर दिया फिर भी सवर्ण नेता तलवा चाट रहे हैं ऐसा है हमारा भारत और भारत का सवर्ण समाज। जातीय जनगणना स्वीकार करने के बाद जो पार्टी अपने माथे से सवर्ण की पार्टी होने का टैग हटाने के लिए फुले और पेरियार के सामने शीर्षासन और मुर्गा सन कर सकती है उसके बारे में इतने विश्वास से नहीं बोल सकते कि कल इनका वोट बैंक प्रभावित हुआ तो वह मोहम्मद को अपना बाप अपना बाप नहीं बनाएंगे। अभी तक सवर्ण समाज के लोग कहते थे कि विकल्प क्या है अब सवर्ण समाज के पास राजनीतिक विकल्प मिल गया है इस विकल्प मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ग्वालियर उच्चन्यालय वार एसोशिएशन के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट अनिल कुमार मिश्रा जी है राष्ट्रीय संरक्षक पूर्व न्यायधीश सी बी पांडेय जी है राष्ट्रीय प्रवक्ता पत्रकार पंकज त्रिपाठी जी एव उत्तर प्रदेश का प्रभारी पूर्व उप पुलिस महानिरीक्षक IPS जुगल किशोर तिवारी जी है इस विकल्प मोर्चा में कुल 65 सवर्ण संगठन, राजनीतिक दल को शामिल करते हुए राष्ट्रीय विकल्प मोर्चा बनाया गया है विकल्प मोर्चा में शामिल सभी संगठनों राजनीतिक दल द्वारा पूरे प्रदेश में सभा गोष्ठी की जा रही है गांव से लेकर राष्ट स्तर पर पदाधिकारियों की नियुक्ति किया जा रहा है जिससे कि बूथ स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक एक मजबूत स्थित रहे।
प्राकृतिक आपदा के बीच ऊर्जा विभाग की परीक्षा, मंत्री ए.के. शर्मा की मॉनिटरिंग से मिली राहत

* वैकल्पिक स्रोतों से जारी रही आपूर्ति


लखनऊ। प्रदेश में 25-26 मई की रात आए भीषण आंधी-तूफान से कई जनपदों की विद्युत अवसंरचना प्रभावित हुई, लेकिन ऊर्जा विभाग की त्वरित कार्रवाई और सतत मॉनिटरिंग के चलते अधिकांश क्षेत्रों में कुछ घंटों के भीतर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने पूरी स्थिति पर लगातार नजर रखते हुए अधिकारियों को युद्धस्तर पर राहत एवं मरम्मत कार्य के निर्देश दिए।

प्राकृतिक आपदा के चलते सीतापुर, उन्नाव, देवीपाटन, बदायूं, बरेली, बस्ती, कुशीनगर, वाराणसी और देवरिया समेत कई जिलों में हाईटेंशन विद्युत लाइनों एवं टावरों को भारी नुकसान पहुंचा। तेज हवाओं के कारण 400 केवी बरेली-उन्नाव लाइन, 220 केवी बदायूं-रोजा, बरेली-दोहना, पारीछा-दुनारा, साहूपुरी-राजा का तालाब तथा बस्ती-खलीलाबाद 132 केवी लाइन समेत कई प्रमुख लाइनें प्रभावित हुईं, जिससे अनेक क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।
हालांकि, ऊर्जा मंत्री के निर्देशन में पारेषण एवं वितरण विभाग की टीमों ने तत्काल मोर्चा संभाला। अधिकारी और कर्मचारी पूरी रात फील्ड में डटे रहे और कठिन परिस्थितियों के बीच तेजी से मरम्मत कार्य करते हुए अधिकांश लाइनों को पुनर्स्थापित कर दिया।
विभाग के अनुसार, आंधी-तूफान से 33 केवी के 139 सबस्टेशन प्रभावित हुए थे तथा करीब 1500 बिजली पोल टूट गए या क्षतिग्रस्त हुए। लगातार अभियान चलाकर आज सुबह तक 133 सबस्टेशनों की आपूर्ति सामान्य कर दी गई, जबकि शेष 6 सबस्टेशनों में भी जल्द आपूर्ति बहाल किए जाने की बात कही गई है।
ऊर्जा विभाग ने बड़े पैमाने पर हुए नुकसान के बावजूद वैकल्पिक स्रोतों के माध्यम से विद्युत आपूर्ति को यथासंभव सामान्य बनाए रखा, जिससे उपभोक्ताओं को न्यूनतम असुविधा हुई। अधिकांश इलाकों में कुछ घंटों के भीतर और अन्य स्थानों पर 24 घंटे के अंदर बिजली व्यवस्था दोबारा पटरी पर आ गई।
ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि सरकार हर परिस्थिति में प्रदेशवासियों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने लोगों से संयम बनाए रखने की अपील करते हुए भ्रामक खबरों और दुष्प्रचार से सावधान रहने को कहा तथा भरोसा दिलाया कि ऊर्जा विभाग पूरी तत्परता के साथ लगातार काम कर रहा है।
लखनऊ को मिला हाईटेक वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट, मंत्री ए.के. शर्मा ने किया उद्घाटन

* भैंसोरा में अत्याधुनिक FCTS प्लांट शुरू, लखनऊ की स्वच्छता व्यवस्था को मिली नई ताकत

लखनऊ। राजधानी को स्वच्छ, हरित और आधुनिक शहर बनाने की दिशा में लखनऊ नगर निगम ने एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने आज जोन-4 के भैंसोरा क्षेत्र में अत्याधुनिक एफसीटीएस (FCTS) प्लांट का उद्घाटन किया। लगभग 9 करोड़ रुपये की लागत से बने इस प्लांट में प्रतिदिन करीब 150 टन कूड़े के निस्तारण की क्षमता है।

इस अवसर पर महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार भी मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि नगर निगम स्वच्छता व्यवस्था को तकनीकी रूप से अधिक सक्षम और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए लगातार काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि लखनऊ को ऐसा शहर बनाया जा रहा है जहां कहीं भी कूड़े के ढेर दिखाई न दें और प्रतिदिन कूड़े का वैज्ञानिक एवं नियमित निस्तारण सुनिश्चित हो। सरकार का लक्ष्य राजधानी को स्वच्छ, सुंदर, हरित और आधुनिक स्वरूप देना है, ताकि यहां आने वाला हर व्यक्ति शहर की साफ-सफाई और हरियाली से प्रभावित हो।
मंत्री ने बताया कि लखनऊ में पानी निकासी, नालों और बारिश के दौरान जलभराव जैसी समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए भी तेजी से कार्य हो रहा है। फैजुल्लागंज क्षेत्र में लंबे समय से लंबित नाले का निर्माण पूरा हो चुका है, जिससे स्थानीय लोगों को राहत मिली है। वहीं किला मोहम्मदी नाले का निर्माण कार्य भी जल्द शुरू होने जा रहा है।
नगर निगम की ओर से शहर के आठ जोन में कुल 51 स्थानों पर PCTS और FCTS केंद्र विकसित किए जा रहे हैं। इनमें 24 स्थलों पर निर्माण पूरा हो चुका है, 15 स्थानों पर कार्य जारी है जबकि शेष 12 स्थानों पर जल्द काम शुरू किया जाएगा।
भैंसोरा स्थित इस प्लांट के संचालन से भरवारा, मल्हौर, खरगापुर वार्ड और गोमती नगर विस्तार समेत आसपास के क्षेत्रों में कूड़ा संग्रहण एवं निस्तारण व्यवस्था अधिक मजबूत होगी। इसके साथ ही क्षेत्र के गार्बेज वल्नरेबल प्वाइंट्स (GVP) को भी समाप्त करने में मदद मिलेगी।
करीब दो एकड़ क्षेत्र में विकसित इस परिसर में 150 वाहनों के लिए चार्जिंग पॉइंट की सुविधा भी बनाई गई है, जिससे इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। परिसर में व्यापक हरित क्षेत्र विकसित किया गया है और अब तक करीब 4000 पौधे लगाए जा चुके हैं।
“नशा मुक्त भारत अभियान” के तहत सीबीएन की बड़ी कार्रवाई, करोड़ों की नशीली दवाएं बरामद, एक तस्कर गिरफ्तार
लखनऊ  । केंद्र सरकार के “नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA)” के तहत अवैध नशीले पदार्थों और प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) को बड़ी सफलता मिली है। सीबीएन की टीम ने संयुक्त ऑपरेशन के दौरान भारी मात्रा में एनआरएक्स दवाइयां और कोडीन फॉस्फेट सिरप बरामद करते हुए एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों का मानना है कि यह खेप अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क से जुड़ी हो सकती है।
सीबीएन की बरेली डिवीजन (उत्तर प्रदेश यूनिट) और ग्वालियर स्थित सीबीएन मुख्यालय की दिल्ली सेल ने 26 मई 2026 को संयुक्त कार्रवाई की। खुफिया सूचना के आधार पर टीम ने सोनीपत के पास मेरठ-खरखौदा हाईवे पर संदिग्ध कार को रोककर तलाशी ली। जांच में वाहन से बिना वैध दस्तावेजों के बड़ी मात्रा में नशीली दवाइयां बरामद हुईं।
तलाशी के दौरान अधिकारियों ने 2,600 क्लोनाजेपाम टैबलेट, 6,200 ट्रामाडोल टैबलेट और 1,269 बोतल कोडीन फॉस्फेट सिरप बरामद किए। कुल मिलाकर 8,800 एनआरएक्स टैबलेट और भारी मात्रा में कोडीन सिरप जब्त किया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन दवाओं का इस्तेमाल अवैध नशे और सप्लाई नेटवर्क में किया जाना था।
सीबीएन अधिकारियों ने एनडीपीएस एक्ट 1985 के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया। साथ ही तस्करी में इस्तेमाल कार को भी जब्त कर लिया गया है। एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे किस राज्य या नेटवर्क तक पहुंचाया जाना था।
जांच एजेंसियों को शक है कि इस नेटवर्क के तार कई राज्यों से जुड़े हो सकते हैं। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर अन्य तस्करों और सप्लायरों की तलाश की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
सीबीएन के मुताबिक उत्तर प्रदेश यूनिट ने वर्ष 2026 में अब तक छह सफल ऑपरेशन को अंजाम देते हुए कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। विभाग ने साफ किया है कि “नशा मुक्त भारत अभियान” के तहत अवैध ड्रग्स और प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
यूपी सचिवालय में बड़ा बदलाव: Vi की जगह BSNL के नए CUG नंबर, कर्मचारियों ने जताया विरोध
* 4200 कर्मचारियों के मोबाइल नंबर बदलने का फैसला, पुराने नंबर पोर्ट कराने की उठी मांग


लखनऊ। उत्तर प्रदेश सचिवालय प्रशासन विभाग ने सचिवालय कर्मचारियों के सीयूजी (Closed User Group) मोबाइल नंबरों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। विभाग ने मौजूदा वोडाफोन-आइडिया (Vi) सेवा को हटाकर बीएसएनएल को नया सेवा प्रदाता बनाने का निर्णय लिया है। इसके तहत सचिवालय में कार्यरत लगभग 4200 कर्मचारियों और अधिकारियों को अब बीएसएनएल के नए सीयूजी नंबर आवंटित किए जाएंगे।
हालांकि, इस फैसले का कर्मचारियों ने विरोध शुरू कर दिया है। कर्मचारी नेताओं ने बुधवार को मुख्य सचिव एसपी गोयल और प्रमुख सचिव सचिवालय प्रशासन मनीष चौहान से मुलाकात कर मांग की कि मौजूदा मोबाइल नंबरों को ही बीएसएनएल में पोर्ट कराया जाए, ताकि नंबर बदलने की आवश्यकता न पड़े।
कर्मचारियों का कहना है कि वर्तमान सीयूजी नंबर उनके निजी और पेशेवर जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। ये नंबर ई-ऑफिस पोर्टल, बैंक खातों, ई-मेल, आयकर रिटर्न, आधार कार्ड, पासपोर्ट, बिजली और गैस कनेक्शन, बच्चों के स्कूल-कॉलेज रिकॉर्ड तथा विभिन्न व्हाट्सएप समूहों से जुड़े हुए हैं। ऐसे में नंबर बदलने से उन्हें कई तरह की व्यावहारिक दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

सचिवालय प्रशासन विभाग के निर्णय के अनुसार, कंप्यूटर सहायक से लेकर विशेष सचिव स्तर तक के कर्मचारियों के लिए बीएसएनएल के नए सीयूजी नंबर जारी किए जाएंगे। वहीं, प्रमुख सचिव सचिवालय प्रशासन मनीष चौहान का कहना है कि कर्मचारी चाहें तो अपने पुराने मोबाइल नंबरों का उपयोग व्यक्तिगत नंबर के रूप में जारी रख सकते हैं, लेकिन आधिकारिक उपयोग के लिए सभी को बीएसएनएल के नए सीयूजी नंबर ही दिए जाएंगे।
फ्यूल इमरजेंसी के बीच अकासा एयर की फ्लाइट की लखनऊ में सुरक्षित लैंडिंग

खराब मौसम के चलते डायवर्ट हुई फ्लाइट, 194 यात्रियों की सांसें अटकीं; एयरपोर्ट पर फुल इमरजेंसी घोषित

लखनऊ। बंगलूरू से भुवनेश्वर जा रही अकासा एयर की एक फ्लाइट की बीती रात लखनऊ एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। खराब मौसम के कारण भुवनेश्वर में विमान उतर नहीं सका, जिसके बाद फ्लाइट को डायवर्ट किया गया। इसी दौरान विमान का ईंधन तेजी से कम होने लगा।

स्थिति गंभीर होने पर पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को “फ्यूल इमरजेंसी” की सूचना दी। सूचना मिलते ही लखनऊ एयरपोर्ट प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया और तत्काल फुल इमरजेंसी घोषित कर दी गई। रनवे पर एहतियातन फायर ब्रिगेड, मेडिकल टीम और आपातकालीन सेवाओं को तैनात किया गया। सभी तैयारियों के बीच रात 9:21 बजे विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई।

फ्लाइट में कुल 194 यात्री सवार थे। विमान के सुरक्षित उतरने के बाद यात्रियों और एयरपोर्ट प्रशासन ने राहत की सांस ली। घटना के दौरान किसी भी यात्री या क्रू सदस्य को नुकसान नहीं पहुंचा।

पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण पर आयोग सक्रिय, प्रदेशभर में होगा सर्वे और खुले संवाद सत्र

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण को लेकर गठित “उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग” ने अपना काम औपचारिक रूप से शुरू कर दिया है। आयोग पंचायतों में पिछड़े वर्गों के प्रतिनिधित्व का व्यापक अध्ययन कर सरकार को अपनी रिपोर्ट और सिफारिशें सौंपेगा।
इस संबंध में मंगलवार को लखनऊ स्थित नैमिषारण्य गेस्ट हाउस में आयोग के अध्यक्ष द्वारा प्रेसवार्ता आयोजित कर विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि पंचायती राज अनुभाग-3, उत्तर प्रदेश शासन की अधिसूचना के तहत गठित आयोग का कार्यकाल छह माह निर्धारित किया गया है।

* जिलों और ब्लॉकों में होगा व्यापक सर्वेक्षण
आयोग प्रदेश के सभी जिलों का दौरा करेगा और जिला व ब्लॉक स्तर पर बैठकें आयोजित करेगा। इन बैठकों में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और अन्य संबंधित पक्षों से संवाद कर आवश्यक तथ्य और आंकड़े जुटाए जाएंगे। आयोग पंचायत चुनावों में आरक्षण व्यवस्था के लिए अनुभवजन्य अध्ययन, सर्वेक्षण और तथ्यात्मक आंकड़ों के आधार पर रिपोर्ट तैयार करेगा। साथ ही ग्रामीण स्थानीय निकायों में पिछड़े वर्गों के प्रतिनिधित्व और अनुपातिक आरक्षण की स्थिति का भी गहन अध्ययन किया जाएगा।

* सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप होगा अध्ययन
आयोग के अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त न्यायाधीश राम औतार सिंह ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार पिछड़े वर्गों के अध्ययन और आयोग की रिपोर्ट के आधार पर आरक्षण तय किया जाना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि नगर निकाय चुनाव इसी प्रक्रिया के तहत कराए गए थे और अब पंचायत चुनावों के लिए यह आयोग गठित किया गया है। उन्होंने कहा कि आयोग पूरे प्रदेश का भ्रमण कर विभिन्न हितधारकों से संवाद स्थापित करेगा और पंचायतों में पिछड़े वर्गों की वास्तविक स्थिति से जुड़े तथ्य जुटाएगा।

* खुले संवाद सत्र में आमजन भी दे सकेंगे सुझाव
आयोग के सदस्य एवं सेवानिवृत्त न्यायाधीश ब्रजेश कुमार ने बताया कि आयोग आपत्तियां और सुझाव भी स्वीकार करेगा। जिलों और ब्लॉकों में खुले संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे, जहां आम नागरिकों से सीधे बातचीत कर उनकी राय ली जाएगी। इन बैठकों में पिछड़े वर्गों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति पर भी चर्चा की जाएगी। हालांकि आयोग के दौरों की तिथियां और स्थान अभी तय नहीं किए गए हैं।
प्रेसवार्ता में डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया (सेवानिवृत्त आईएएस), एस.पी. सिंह (सेवानिवृत्त आईएएस), पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित कुमार सिंह आईएएस तथा संयुक्त निदेशक संजय कुमार बरनवाल भी मौजूद रहे।
आयुष इलाज भी होगा कैशलेस योजना में शामिल : सीएम योगी
* स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता, तकनीक और जवाबदेही पर जोर



लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का असर सीधे आम आदमी को दिखना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि सरकारी अस्पतालों में इलाज, जांच, दवाओं और आपातकालीन सेवाओं की गुणवत्ता लगातार बेहतर बनाई जाए तथा स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन से जोड़ा जाए।
मुख्यमंत्री ने बड़ा निर्णय लेते हुए दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना में आयुष पद्धतियों को भी शामिल करने के निर्देश दिए। अब आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी की आईपीडी सेवाओं को भी योजना के दायरे में लाया जाएगा।

* आयुष्मान योजना गरीबों का बड़ा सहारा
सीएम योगी ने कहा कि आयुष्मान योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए सबसे बड़ा सहारा बन रही है। उन्होंने अस्पतालों के क्लेम दावों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समीक्षा में बताया गया कि प्रदेश में 6480 अस्पताल योजना से जुड़े हैं और अब तक 96.75 लाख से अधिक मरीजों को नि:शुल्क उपचार मिल चुका है।

* मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य ढांचे का तेजी से विस्तार
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में वर्ष 2016-17 की तुलना में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 44 से बढ़कर 83 हो गई है। वहीं एमबीबीएस सीटें 5390 से बढ़कर 12,800, जबकि पीजी सीटें 1344 से बढ़कर 5067 हो गई हैं। प्रदेश में वर्तमान में 108 जिला चिकित्सालय, 106 विशिष्ट चिकित्सालय, 976 सीएचसी, 3757 पीएचसी और 27,668 स्वास्थ्य उपकेंद्र संचालित हैं। वर्ष 2025-26 में सरकारी अस्पतालों में 26.41 करोड़ ओपीडी, 1.23 करोड़ आईपीडी सेवाएं और 24.33 करोड़ पैथोलॉजी जांचें की गईं।

* कोविड काल के स्वास्थ्य कर्मियों को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के तहत कोविड काल में सेवाएं देने वाले स्वास्थ्य कर्मियों का प्राथमिकता के आधार पर समायोजन किया जाए। साथ ही, आशा कार्यकर्ताओं का भुगतान किसी भी स्थिति में लंबित न रखने के निर्देश भी दिए।

* एम्बुलेंस रिस्पॉन्स टाइम और घटाने के निर्देश
सीएम योगी ने कहा कि आपात स्थिति में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है, इसलिए 108 एम्बुलेंस और एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) एम्बुलेंस का रिस्पॉन्स टाइम और कम किया जाए। वर्तमान में प्रदेश में 375 एएलएस एम्बुलेंस संचालित हैं, जिनके जरिए अब तक 9.38 लाख मरीजों को रेफर किया जा चुका है।

* अस्पतालों में एक्सपायरी दवाओं पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने अस्पतालों में दवाओं की गुणवत्ता को लेकर सख्त निर्देश देते हुए कहा कि तीन माह से कम एक्सपायरी अवधि वाली दवाएं अस्पतालों में नहीं रहनी चाहिए। उनकी जगह समय रहते नई दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

* मातृ-शिशु स्वास्थ्य, रिसर्च और डिजिटल हेल्थ पर फोकस
मुख्यमंत्री ने मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में और कमी लाने के लिए सुरक्षित एवं संस्थागत प्रसव व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया। साथ ही रिसर्च, मेडटेक और डिजिटल हेल्थ पहल को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। सीएम योगी ने कैंसर, ट्रॉमा, आईसीयू और इमरजेंसी सेवाओं को प्राथमिकता से विकसित करने के निर्देश दिए। समीक्षा में UPTEN, CARE-UP मिशन, प्रोजेक्ट सुश्रुत और यूपी राज्य कैंसर मिशन की प्रगति पर चर्चा हुई।
बैठक में गोरखपुर मेडिकल कॉलेज का गर्ल्स हॉस्टल, अयोध्या मेडिकल कॉलेज का 110 बेड ट्रॉमा सेंटर, सहारनपुर मेडिकल कॉलेज का बीएससी नर्सिंग कॉलेज और कानपुर मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग एवं डी-एडिक्शन वार्ड विस्तार जैसी परियोजनाओं की समीक्षा भी की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक, जवाबदेही और संवेदनशीलता तीनों साथ दिखाई देनी चाहिए, तभी आम लोगों का भरोसा और मजबूत होगा।
कोल इंडिया का बड़ा प्रोजेक्ट यूपी के नाम
* देशभर की 25 कंपनियों को पछाड़ गोरखपुर की कंपनी को मिला ₹115 करोड़ का फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट


• सीएम योगी की औद्योगिक पहल से उत्तर प्रदेश बन रहा नवीकरणीय ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर और निजी निवेश का उभरता केंद्र


लखनऊ/ गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के तेजी से बढ़ते औद्योगिक और निवेश परिदृश्य में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। गोरखपुर की कंपनी “नॉर्दर्नएक्सप्रेस इंफ्राडेवलपर्स प्रा. लि.” Northernexpress Infradevelopers Pvt. Ltd.  ने महेसरा ताल (चिलुआताल) में 20 मेगावाट (MW) क्षमता की फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट हासिल कर राज्य के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को नई गति दी है। यह ऐतिहासिक कदम उत्तर प्रदेश की हरित ऊर्जा क्षमता को मजबूत करने के साथ-साथ गोरखपुर को देश के औद्योगिक मानचित्र पर स्थापित करेगा।
गोरखपुर के चिलुआताल, जिसे महेसरा ताल के नाम से भी जाना जाता है, में प्रतिष्ठित फ्लोटिंग सोलर परियोजना हासिल की है। यह उपलब्धि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के देश के सबसे पसंदीदा निवेश गंतव्यों में तेजी से उभरने को और मजबूत करती है।
यह परियोजना भारत सरकार के कोयला मंत्रालय के अंतर्गत कोल इंडिया लिमिटेड (Coal India Limited) द्वारा जारी की गई थी। देशभर की कुल 25 कंपनियों ने इस प्रक्रिया में भाग लिया, जिनमें से 17 कंपनियां तकनीकी और वित्तीय रूप से योग्य घोषित हुईं। 25 मई 2026 को वित्तीय मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद लगभग ₹115 करोड़ मूल्य की यह परियोजना नॉर्दर्नएक्सप्रेस इंफ्राडेवलपर्स प्रा. लि. को प्रदान की गई।
नॉर्दर्नएक्सप्रेस इंफ्राडेवलपर्स प्रा. लि. इससे पहले हिंदुस्तान उर्वरक एंड रसायन लिमिटेड (HURL) के लिए वाप्कोस लिमिटेड (WAPCOS Limited) की निगरानी में चिलुआताल/महेसरा ताल ड्रेजिंग परियोजना का सफलतापूर्वक कार्यान्वयन कर चुकी है। प्रबंध निदेशक नितीश त्रिपाठी के नेतृत्व में कंपनी की यह सफलता गोरखपुर के लिए गर्व का विषय है, जो राष्ट्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में उत्तर प्रदेश की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है। प्रस्तावित फ्लोटिंग सोलर परियोजना स्वच्छ ऊर्जा, सतत विकास और उत्तर प्रदेश के तीव्र आर्थिक परिवर्तन को नई गति देने का कार्य करेगी।
सुबोध दीक्षित, पीएसयू हेड, इन्वेस्ट यूपी ने कहा कि चिलुआताल फ्लोटिंग सोलर परियोजना हासिल करना उत्तर प्रदेश की नवीकरणीय ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में बढ़ती क्षमता को दर्शाता है। यह राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं में क्षेत्रीय उद्यमों की बढ़ती भागीदारी को रेखांकित करता है और गोरखपुर के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को और सशक्त बनाता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से देश का पसंदीदा निवेश गंतव्य बन रहा है और एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के विजन की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है।
यह परियोजना उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों की बढ़ती रुचि को भी दर्शाता है, जहां कोल इंडिया लिमिटेड (Coal India Limited)  राज्य में अपनी अन्य आगामी परियोजनाओं के साथ इस ऐतिहासिक फ्लोटिंग सोलर परियोजना के माध्यम से अग्रणी भूमिका निभा रही है।