“नशा मुक्त भारत अभियान” के तहत सीबीएन की बड़ी कार्रवाई, करोड़ों की नशीली दवाएं बरामद, एक तस्कर गिरफ्तार
लखनऊ  । केंद्र सरकार के “नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA)” के तहत अवैध नशीले पदार्थों और प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) को बड़ी सफलता मिली है। सीबीएन की टीम ने संयुक्त ऑपरेशन के दौरान भारी मात्रा में एनआरएक्स दवाइयां और कोडीन फॉस्फेट सिरप बरामद करते हुए एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों का मानना है कि यह खेप अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क से जुड़ी हो सकती है।
सीबीएन की बरेली डिवीजन (उत्तर प्रदेश यूनिट) और ग्वालियर स्थित सीबीएन मुख्यालय की दिल्ली सेल ने 26 मई 2026 को संयुक्त कार्रवाई की। खुफिया सूचना के आधार पर टीम ने सोनीपत के पास मेरठ-खरखौदा हाईवे पर संदिग्ध कार को रोककर तलाशी ली। जांच में वाहन से बिना वैध दस्तावेजों के बड़ी मात्रा में नशीली दवाइयां बरामद हुईं।
तलाशी के दौरान अधिकारियों ने 2,600 क्लोनाजेपाम टैबलेट, 6,200 ट्रामाडोल टैबलेट और 1,269 बोतल कोडीन फॉस्फेट सिरप बरामद किए। कुल मिलाकर 8,800 एनआरएक्स टैबलेट और भारी मात्रा में कोडीन सिरप जब्त किया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन दवाओं का इस्तेमाल अवैध नशे और सप्लाई नेटवर्क में किया जाना था।
सीबीएन अधिकारियों ने एनडीपीएस एक्ट 1985 के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया। साथ ही तस्करी में इस्तेमाल कार को भी जब्त कर लिया गया है। एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे किस राज्य या नेटवर्क तक पहुंचाया जाना था।
जांच एजेंसियों को शक है कि इस नेटवर्क के तार कई राज्यों से जुड़े हो सकते हैं। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर अन्य तस्करों और सप्लायरों की तलाश की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
सीबीएन के मुताबिक उत्तर प्रदेश यूनिट ने वर्ष 2026 में अब तक छह सफल ऑपरेशन को अंजाम देते हुए कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। विभाग ने साफ किया है कि “नशा मुक्त भारत अभियान” के तहत अवैध ड्रग्स और प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
यूपी सचिवालय में बड़ा बदलाव: Vi की जगह BSNL के नए CUG नंबर, कर्मचारियों ने जताया विरोध
* 4200 कर्मचारियों के मोबाइल नंबर बदलने का फैसला, पुराने नंबर पोर्ट कराने की उठी मांग


लखनऊ। उत्तर प्रदेश सचिवालय प्रशासन विभाग ने सचिवालय कर्मचारियों के सीयूजी (Closed User Group) मोबाइल नंबरों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। विभाग ने मौजूदा वोडाफोन-आइडिया (Vi) सेवा को हटाकर बीएसएनएल को नया सेवा प्रदाता बनाने का निर्णय लिया है। इसके तहत सचिवालय में कार्यरत लगभग 4200 कर्मचारियों और अधिकारियों को अब बीएसएनएल के नए सीयूजी नंबर आवंटित किए जाएंगे।
हालांकि, इस फैसले का कर्मचारियों ने विरोध शुरू कर दिया है। कर्मचारी नेताओं ने बुधवार को मुख्य सचिव एसपी गोयल और प्रमुख सचिव सचिवालय प्रशासन मनीष चौहान से मुलाकात कर मांग की कि मौजूदा मोबाइल नंबरों को ही बीएसएनएल में पोर्ट कराया जाए, ताकि नंबर बदलने की आवश्यकता न पड़े।
कर्मचारियों का कहना है कि वर्तमान सीयूजी नंबर उनके निजी और पेशेवर जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। ये नंबर ई-ऑफिस पोर्टल, बैंक खातों, ई-मेल, आयकर रिटर्न, आधार कार्ड, पासपोर्ट, बिजली और गैस कनेक्शन, बच्चों के स्कूल-कॉलेज रिकॉर्ड तथा विभिन्न व्हाट्सएप समूहों से जुड़े हुए हैं। ऐसे में नंबर बदलने से उन्हें कई तरह की व्यावहारिक दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

सचिवालय प्रशासन विभाग के निर्णय के अनुसार, कंप्यूटर सहायक से लेकर विशेष सचिव स्तर तक के कर्मचारियों के लिए बीएसएनएल के नए सीयूजी नंबर जारी किए जाएंगे। वहीं, प्रमुख सचिव सचिवालय प्रशासन मनीष चौहान का कहना है कि कर्मचारी चाहें तो अपने पुराने मोबाइल नंबरों का उपयोग व्यक्तिगत नंबर के रूप में जारी रख सकते हैं, लेकिन आधिकारिक उपयोग के लिए सभी को बीएसएनएल के नए सीयूजी नंबर ही दिए जाएंगे।
फ्यूल इमरजेंसी के बीच अकासा एयर की फ्लाइट की लखनऊ में सुरक्षित लैंडिंग

खराब मौसम के चलते डायवर्ट हुई फ्लाइट, 194 यात्रियों की सांसें अटकीं; एयरपोर्ट पर फुल इमरजेंसी घोषित

लखनऊ। बंगलूरू से भुवनेश्वर जा रही अकासा एयर की एक फ्लाइट की बीती रात लखनऊ एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। खराब मौसम के कारण भुवनेश्वर में विमान उतर नहीं सका, जिसके बाद फ्लाइट को डायवर्ट किया गया। इसी दौरान विमान का ईंधन तेजी से कम होने लगा।

स्थिति गंभीर होने पर पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को “फ्यूल इमरजेंसी” की सूचना दी। सूचना मिलते ही लखनऊ एयरपोर्ट प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया और तत्काल फुल इमरजेंसी घोषित कर दी गई। रनवे पर एहतियातन फायर ब्रिगेड, मेडिकल टीम और आपातकालीन सेवाओं को तैनात किया गया। सभी तैयारियों के बीच रात 9:21 बजे विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई।

फ्लाइट में कुल 194 यात्री सवार थे। विमान के सुरक्षित उतरने के बाद यात्रियों और एयरपोर्ट प्रशासन ने राहत की सांस ली। घटना के दौरान किसी भी यात्री या क्रू सदस्य को नुकसान नहीं पहुंचा।

पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण पर आयोग सक्रिय, प्रदेशभर में होगा सर्वे और खुले संवाद सत्र

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण को लेकर गठित “उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग” ने अपना काम औपचारिक रूप से शुरू कर दिया है। आयोग पंचायतों में पिछड़े वर्गों के प्रतिनिधित्व का व्यापक अध्ययन कर सरकार को अपनी रिपोर्ट और सिफारिशें सौंपेगा।
इस संबंध में मंगलवार को लखनऊ स्थित नैमिषारण्य गेस्ट हाउस में आयोग के अध्यक्ष द्वारा प्रेसवार्ता आयोजित कर विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि पंचायती राज अनुभाग-3, उत्तर प्रदेश शासन की अधिसूचना के तहत गठित आयोग का कार्यकाल छह माह निर्धारित किया गया है।

* जिलों और ब्लॉकों में होगा व्यापक सर्वेक्षण
आयोग प्रदेश के सभी जिलों का दौरा करेगा और जिला व ब्लॉक स्तर पर बैठकें आयोजित करेगा। इन बैठकों में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और अन्य संबंधित पक्षों से संवाद कर आवश्यक तथ्य और आंकड़े जुटाए जाएंगे। आयोग पंचायत चुनावों में आरक्षण व्यवस्था के लिए अनुभवजन्य अध्ययन, सर्वेक्षण और तथ्यात्मक आंकड़ों के आधार पर रिपोर्ट तैयार करेगा। साथ ही ग्रामीण स्थानीय निकायों में पिछड़े वर्गों के प्रतिनिधित्व और अनुपातिक आरक्षण की स्थिति का भी गहन अध्ययन किया जाएगा।

* सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप होगा अध्ययन
आयोग के अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त न्यायाधीश राम औतार सिंह ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार पिछड़े वर्गों के अध्ययन और आयोग की रिपोर्ट के आधार पर आरक्षण तय किया जाना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि नगर निकाय चुनाव इसी प्रक्रिया के तहत कराए गए थे और अब पंचायत चुनावों के लिए यह आयोग गठित किया गया है। उन्होंने कहा कि आयोग पूरे प्रदेश का भ्रमण कर विभिन्न हितधारकों से संवाद स्थापित करेगा और पंचायतों में पिछड़े वर्गों की वास्तविक स्थिति से जुड़े तथ्य जुटाएगा।

* खुले संवाद सत्र में आमजन भी दे सकेंगे सुझाव
आयोग के सदस्य एवं सेवानिवृत्त न्यायाधीश ब्रजेश कुमार ने बताया कि आयोग आपत्तियां और सुझाव भी स्वीकार करेगा। जिलों और ब्लॉकों में खुले संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे, जहां आम नागरिकों से सीधे बातचीत कर उनकी राय ली जाएगी। इन बैठकों में पिछड़े वर्गों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति पर भी चर्चा की जाएगी। हालांकि आयोग के दौरों की तिथियां और स्थान अभी तय नहीं किए गए हैं।
प्रेसवार्ता में डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया (सेवानिवृत्त आईएएस), एस.पी. सिंह (सेवानिवृत्त आईएएस), पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित कुमार सिंह आईएएस तथा संयुक्त निदेशक संजय कुमार बरनवाल भी मौजूद रहे।
आयुष इलाज भी होगा कैशलेस योजना में शामिल : सीएम योगी
* स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता, तकनीक और जवाबदेही पर जोर



लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का असर सीधे आम आदमी को दिखना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि सरकारी अस्पतालों में इलाज, जांच, दवाओं और आपातकालीन सेवाओं की गुणवत्ता लगातार बेहतर बनाई जाए तथा स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन से जोड़ा जाए।
मुख्यमंत्री ने बड़ा निर्णय लेते हुए दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना में आयुष पद्धतियों को भी शामिल करने के निर्देश दिए। अब आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी की आईपीडी सेवाओं को भी योजना के दायरे में लाया जाएगा।

* आयुष्मान योजना गरीबों का बड़ा सहारा
सीएम योगी ने कहा कि आयुष्मान योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए सबसे बड़ा सहारा बन रही है। उन्होंने अस्पतालों के क्लेम दावों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समीक्षा में बताया गया कि प्रदेश में 6480 अस्पताल योजना से जुड़े हैं और अब तक 96.75 लाख से अधिक मरीजों को नि:शुल्क उपचार मिल चुका है।

* मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य ढांचे का तेजी से विस्तार
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में वर्ष 2016-17 की तुलना में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 44 से बढ़कर 83 हो गई है। वहीं एमबीबीएस सीटें 5390 से बढ़कर 12,800, जबकि पीजी सीटें 1344 से बढ़कर 5067 हो गई हैं। प्रदेश में वर्तमान में 108 जिला चिकित्सालय, 106 विशिष्ट चिकित्सालय, 976 सीएचसी, 3757 पीएचसी और 27,668 स्वास्थ्य उपकेंद्र संचालित हैं। वर्ष 2025-26 में सरकारी अस्पतालों में 26.41 करोड़ ओपीडी, 1.23 करोड़ आईपीडी सेवाएं और 24.33 करोड़ पैथोलॉजी जांचें की गईं।

* कोविड काल के स्वास्थ्य कर्मियों को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के तहत कोविड काल में सेवाएं देने वाले स्वास्थ्य कर्मियों का प्राथमिकता के आधार पर समायोजन किया जाए। साथ ही, आशा कार्यकर्ताओं का भुगतान किसी भी स्थिति में लंबित न रखने के निर्देश भी दिए।

* एम्बुलेंस रिस्पॉन्स टाइम और घटाने के निर्देश
सीएम योगी ने कहा कि आपात स्थिति में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है, इसलिए 108 एम्बुलेंस और एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) एम्बुलेंस का रिस्पॉन्स टाइम और कम किया जाए। वर्तमान में प्रदेश में 375 एएलएस एम्बुलेंस संचालित हैं, जिनके जरिए अब तक 9.38 लाख मरीजों को रेफर किया जा चुका है।

* अस्पतालों में एक्सपायरी दवाओं पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने अस्पतालों में दवाओं की गुणवत्ता को लेकर सख्त निर्देश देते हुए कहा कि तीन माह से कम एक्सपायरी अवधि वाली दवाएं अस्पतालों में नहीं रहनी चाहिए। उनकी जगह समय रहते नई दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

* मातृ-शिशु स्वास्थ्य, रिसर्च और डिजिटल हेल्थ पर फोकस
मुख्यमंत्री ने मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में और कमी लाने के लिए सुरक्षित एवं संस्थागत प्रसव व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया। साथ ही रिसर्च, मेडटेक और डिजिटल हेल्थ पहल को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। सीएम योगी ने कैंसर, ट्रॉमा, आईसीयू और इमरजेंसी सेवाओं को प्राथमिकता से विकसित करने के निर्देश दिए। समीक्षा में UPTEN, CARE-UP मिशन, प्रोजेक्ट सुश्रुत और यूपी राज्य कैंसर मिशन की प्रगति पर चर्चा हुई।
बैठक में गोरखपुर मेडिकल कॉलेज का गर्ल्स हॉस्टल, अयोध्या मेडिकल कॉलेज का 110 बेड ट्रॉमा सेंटर, सहारनपुर मेडिकल कॉलेज का बीएससी नर्सिंग कॉलेज और कानपुर मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग एवं डी-एडिक्शन वार्ड विस्तार जैसी परियोजनाओं की समीक्षा भी की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक, जवाबदेही और संवेदनशीलता तीनों साथ दिखाई देनी चाहिए, तभी आम लोगों का भरोसा और मजबूत होगा।
कोल इंडिया का बड़ा प्रोजेक्ट यूपी के नाम
* देशभर की 25 कंपनियों को पछाड़ गोरखपुर की कंपनी को मिला ₹115 करोड़ का फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट


• सीएम योगी की औद्योगिक पहल से उत्तर प्रदेश बन रहा नवीकरणीय ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर और निजी निवेश का उभरता केंद्र


लखनऊ/ गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के तेजी से बढ़ते औद्योगिक और निवेश परिदृश्य में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। गोरखपुर की कंपनी “नॉर्दर्नएक्सप्रेस इंफ्राडेवलपर्स प्रा. लि.” Northernexpress Infradevelopers Pvt. Ltd.  ने महेसरा ताल (चिलुआताल) में 20 मेगावाट (MW) क्षमता की फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट हासिल कर राज्य के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को नई गति दी है। यह ऐतिहासिक कदम उत्तर प्रदेश की हरित ऊर्जा क्षमता को मजबूत करने के साथ-साथ गोरखपुर को देश के औद्योगिक मानचित्र पर स्थापित करेगा।
गोरखपुर के चिलुआताल, जिसे महेसरा ताल के नाम से भी जाना जाता है, में प्रतिष्ठित फ्लोटिंग सोलर परियोजना हासिल की है। यह उपलब्धि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के देश के सबसे पसंदीदा निवेश गंतव्यों में तेजी से उभरने को और मजबूत करती है।
यह परियोजना भारत सरकार के कोयला मंत्रालय के अंतर्गत कोल इंडिया लिमिटेड (Coal India Limited) द्वारा जारी की गई थी। देशभर की कुल 25 कंपनियों ने इस प्रक्रिया में भाग लिया, जिनमें से 17 कंपनियां तकनीकी और वित्तीय रूप से योग्य घोषित हुईं। 25 मई 2026 को वित्तीय मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद लगभग ₹115 करोड़ मूल्य की यह परियोजना नॉर्दर्नएक्सप्रेस इंफ्राडेवलपर्स प्रा. लि. को प्रदान की गई।
नॉर्दर्नएक्सप्रेस इंफ्राडेवलपर्स प्रा. लि. इससे पहले हिंदुस्तान उर्वरक एंड रसायन लिमिटेड (HURL) के लिए वाप्कोस लिमिटेड (WAPCOS Limited) की निगरानी में चिलुआताल/महेसरा ताल ड्रेजिंग परियोजना का सफलतापूर्वक कार्यान्वयन कर चुकी है। प्रबंध निदेशक नितीश त्रिपाठी के नेतृत्व में कंपनी की यह सफलता गोरखपुर के लिए गर्व का विषय है, जो राष्ट्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में उत्तर प्रदेश की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है। प्रस्तावित फ्लोटिंग सोलर परियोजना स्वच्छ ऊर्जा, सतत विकास और उत्तर प्रदेश के तीव्र आर्थिक परिवर्तन को नई गति देने का कार्य करेगी।
सुबोध दीक्षित, पीएसयू हेड, इन्वेस्ट यूपी ने कहा कि चिलुआताल फ्लोटिंग सोलर परियोजना हासिल करना उत्तर प्रदेश की नवीकरणीय ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में बढ़ती क्षमता को दर्शाता है। यह राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं में क्षेत्रीय उद्यमों की बढ़ती भागीदारी को रेखांकित करता है और गोरखपुर के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को और सशक्त बनाता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से देश का पसंदीदा निवेश गंतव्य बन रहा है और एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के विजन की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है।
यह परियोजना उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों की बढ़ती रुचि को भी दर्शाता है, जहां कोल इंडिया लिमिटेड (Coal India Limited)  राज्य में अपनी अन्य आगामी परियोजनाओं के साथ इस ऐतिहासिक फ्लोटिंग सोलर परियोजना के माध्यम से अग्रणी भूमिका निभा रही है।
सवर्ण नेता मंत्री सांसद विधायक का घेरा डालो डेरा डालो आंदोलन करेगा: सवर्ण सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रीय अध्यक्ष


लखनऊ । भाजपा सवर्णों के आंदोलन के आयोजन से भयभीत नहीं है, उसे भय इस बात का है कि एक बार आंदोलन के चलते यूजीसी का मुद्दा छा गया, घर-घर तक ये बात पहुँच गई कि नरेंद्र मोदी ने गत 11 वर्षों में कैसा तुष्टिकरण किया है, तो उनका बनाया हुआ अवतारी पुरुष हिन्दू हृदय सम्राट का तिलस्म तो खत्म होगा ही, साथ में अमित शाह का किला भी भरभरा कर गिर सकता है। वो इस खबर को, विषय को यहीं रोकना चाहते हैं क्योंकि संघ से लेकर भाजपा के अंदरूनी सर्कल में अब समझ सबको आ गया है कि ये विषय उतना छोटा नहीं था। क्योंकि जब UGC अधिनियम आया और लोगों ने विरोध करना शुरू किया तब भाजपा और संघ के नेताओं का अंदरुनी कहना था कि इस विरोध से कुछ होने जाने को नहीं है। चार लोग सड़क पर नहीं आएगा। किन्तु जब लोगों ने सड़कों पर उतरना शुरू किया तब हाउस अरेस्ट किया गया और राजधानी आने वाले लोगों को प्रदर्शन स्थल पर प्रदर्शन न करने की पूरी ताकत झोंक दी गई। प्रदर्शन करियो को चारों तरफ से घेर कर गिरफ्तार करने लगे इससे सवर्ण का हौसला बढ़ता गया बसे कम हो गई ये सवर्ण विरोधी बीजेपी सरकार को उखाड़ कर फेंकना है का संकल्प लेना होगा सनातन धर्म आदि गुरु शंकराचार्य अतिमुक्तेश्वरा सरस्वती जी का अपमान करने वाले भाजपाई को सवर्ण किन्हीं भी परिस्थित में माफ़ नहीं करेगी आप सभी का आवाहन करता हु कि सवर्ण नेता मंत्री सांसद विधायक जहां भी मिले घेराव करो उनसे सवाल पूछो कि यूजीसी बिल पर क्यों नहीं बोल रहे हैं उनको बहिष्कृत करो सवर्ण के पास राजनीतिक विकल्प भी आ गया है एडवोकेट अनिल मिश्रा जी पूर्व आई पी एस जुगल किशोर तिवारी जी अलंकार अग्निहोत्री जी एक राजनीतिक दल का गठन कर रहे हैं उक्त बाते सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरज प्रसाद चौबे आज सोनभद्र के बघुआरी में सवर्ण की बैठक में कही बैठक में जिला अध्यक्ष पंकज कुमार शुक्ला,जिला संरक्षक अखिलेश पाण्डेय , सुरेंद्र सिंह,अमित कुमार,शशांक ,अवधेश कुमार , जितेन्द्र कुमार पाठक आदि रहे सभी ने एक सुर में कहा कि यूजीसी बिल वापस नहीं हुआ तो भाजपा को सरकार अब नहीं रहेगी।
एक ही व्यक्ति को एक ही परीक्षा में तीन बार रिजर्वेशन प्रतिभाओं का हनन नहीं तो क्या है: सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रिय अध्यक्ष

लखनऊ ।सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे आज एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने आए लखनऊ के कृष्णा नगर में सवर्ण समाज के लोगो के बीच बोलते हुए कहा कि अंधों के अनुसार कमजोर लोगों को आरक्षण मिलना चाहिए लेकिन त्रिस्तरीय रिजर्वेशन वर्तवान शासन सत्ता के भक्ति में अंधे हुए लोगों को उन्हें इस बात की जानकारी नहीं होगी कि राजस्थान की सर्वोच्च न्यायालय ने त्रिस्तरीय रिजर्वेशन की स्वीकृति प्रदान कर दी इसकी मांग अब उत्तर प्रदेश में होने लगी है इसी त्रिस्तरीय रिजर्वेशन के चलते उत्तर प्रदेश में समीक्षा अधिकारी के परिणाम को स्थगित कर दिया गया है तो अंध भक्त जनों त्रिस्तरीय रिजर्वेशन का मतलब जानो किसी भी एक  परीक्षा के तीन स्टेप है स्क्रीनिंग,मेंस इंटरव्यू तो इन तीनों स्टेप पर एक ही व्यक्ति को तीन बार रिजर्वेशन का लाभ दिया जाएगा एक ही व्यक्ति को एक ही परीक्षा में तीन बार रिजर्वेशन का लाभ दिया जाएगा क्या यह तर्क सगत है क्या ये प्रतिभाओं का हनन नहीं है क्या यह प्राकृतिक न्याय है तुम लोग अंध भक्ति में अंधे हुए जो कुछ भी कहो मेरे को गरिया रहे हो लेकिन एक बात बहुत अच्छी तरह अपने दिमाक में बैठा लो कि जिस दिन सवर्ण समाज के बुद्धजीवी और तर्कशील लोगों की संख्या सरकारी के भिन्न कार्यालय में ,50 प्रतिशत से कम हो जाएगी  उस दिन सवर्ण समाज के लोगों को सास लेना मुश्किल हो जाएगा। इसलिए जो गलत है उसका विरोध करो  जो राजनेता है उनको अपनी राजनीत एवं कुर्सी से बढ़ कर कुछ भी नहीं वे कुर्सी का सुख भोगेंगे एवं मर जायेगे उसका दुष्परिणाम तुम्हारे बच्चे आने वाली पीढ़ी आजीवन भोगेगी त्रिस्तरीय रिजर्वेशन गलत है यह प्राकृतिक न्याय के खिलाफ है किसी भी व्यक्ति को एक बार रिजर्वेशन दे दिया गया न्याय संगत है कमजोर है दे दिया गया ठीक है लेकिन एक ही व्यक्ति को एक ही परीक्षा में तीन बार रिजर्वेशन यह कहा का न्याय है कहा का विधान है  कम से कम जो गलत है उसका तो विरोध करो अगर अब भी विरोध नहीं कर रहे हो किसी भी शासन सत्ता  की भक्ति में इतने भी अंधे नहीं बनो कि अपनी ही पीढ़ियों को गर्त में मिलादो जो गलत है उसको गलत बोलना सीखो, जातिगत आरक्षण उसमें एक ही व्यक्ति को एक ही परीक्षा में तीन बार रिजर्वेशन सीधे सवर्ण के प्रतियोगिता बच्चों को उच्च पदों पर जाने से रोकना है सवर्ण समाज अब भी विरोध नहीं कर रहा है जबकि अन्य वर्ग के लोग लगातार हमलावर हैं जो सवर्ण समाज के लिए संकल्पित भाव से जमीनी स्तर पर काम कर रहा है उसके साथ तो खड़े हो साथ दो हौसले बढ़ाओ यह भी नहीं कर सकते तो हौसला गिराने का काम मत करो ।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर यात्रियों से भरी डबल डेकर स्लीपर बस अनियंत्रित होकर पलटी, छह की मौत, 24  घायल
लखनऊ /उन्नाव। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर मंगलवार सुबह ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। दिल्ली से गोरखपुर जा रही यात्रियों से भरी डबल डेकर स्लीपर बस औरास थाना क्षेत्र में अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराई और कई बार पलटती चली गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। इस भीषण हादसे में छह यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 24 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसा एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 262 पर नींभाखेड़ा गांव के पास हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बस बेहद तेज रफ्तार में थी। आशंका है कि चालक को अचानक नींद की झपकी आ गई, जिसके चलते बस सीधे डिवाइडर से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस पलट गई, शीशे चकनाचूर हो गए और कई यात्री बस से बाहर सड़क पर जा गिरे।
हादसे के बाद चारों तरफ चीखें गूंजने लगीं। कई यात्री बस के अंदर फंस गए थे। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और यूपीडा की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों ने भी राहत कार्य में मदद की। किसी तरह बस में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया और घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया।
घायलों में कई की हालत गंभीर बनी हुई है, जिन्हें लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है। पुलिस ने मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। हादसे के बाद कुछ देर तक एक्सप्रेसवे पर यातायात बाधित रहा।
प्रारंभिक जांच में चालक की लापरवाही और नींद की झपकी को हादसे की वजह माना जा रहा है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
औद्योगिक इकोसिस्टम को मजबूती: जिला उद्योग अफसरों को इन्वेस्ट यूपी दिला रहा आईआईएम में बिजनेस ट्रेनिंग


* पांच दिवसीय कार्यक्रम में नेतृत्व, निवेशक सुविधा, एआई और औद्योगिक प्रशासन पर विशेष फोकस



• आईआईडीसी दीपक कुमार ने विकसित भारत के विजन को साकार करने का आह्वान किया



लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जिला स्तर पर औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, इन्वेस्ट यूपी ने सोमवार को भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM), लखनऊ में जिला उद्योग केंद्र (DIC) अधिकारियों, संयुक्त आयुक्त उद्योग, क्षेत्रीय प्रबंधकों तथा औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के नोडल अधिकारियों के लिए पांच दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का उद्घाटन उत्तर प्रदेश सरकार के अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त (IIDC) दीपक कुमार ने किया। इस अवसर पर इन्वेस्ट यूपी की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्रीमती प्रेरणा शर्मा भी उपस्थित रहीं।

प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए दीपक कुमार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश को “सर्वोत्तम प्रदेश” बनाने के विजन और विकसित भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य में प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पारदर्शी शासन, सुदृढ़ कानून व्यवस्था और निवेशकों को सक्रिय सहयोग आज उत्तर प्रदेश के औद्योगिक परिवर्तन के प्रमुख आधार बन चुके हैं।

उन्होंने डीआईसी अधिकारियों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि वे नीति निर्माण और जमीनी क्रियान्वयन के बीच एक अहम कड़ी हैं। उन्होंने अधिकारियों से उद्यमियों का मार्गदर्शन करने, एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) पहल को और मजबूत बनाने तथा वैश्विक प्रथाओं को अपनाकर प्रदेश में समावेशी औद्योगिक विकास को गति देने का आह्वान किया।

यह कार्यशाला तीसरे और अंतिम बैच की शुरुआत है। ‘लर्निंग जर्नी ऑफ डीआईसी’ थीम पर आधारित इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम के अंतर्गत लगभग 122 अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया है। इस पहल का उद्देश्य जमीनी स्तर पर संस्थागत क्षमता को सुदृढ़ करना, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस व्यवस्था को और मजबूत बनाना तथा प्रदेश के ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था विजन को आगे बढ़ाना है।

अगले पांच दिनों के दौरान प्रतिभागी अधिकारियों को व्यवहारिक नेतृत्व, वित्त एवं निवेश प्रशासन, स्टार्टअप इकोसिस्टम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, संचार रणनीतियों और उभरते औद्योगिक रुझानों पर गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह कार्यक्रम जिला स्तर के अधिकारियों को निवेशक सुविधा, नीति क्रियान्वयन और औद्योगिक विकास को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक प्रशासनिक दृष्टिकोण और व्यावहारिक कौशल से सशक्त करेगा।