आयुष इलाज भी होगा कैशलेस योजना में शामिल : सीएम योगी
* स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता, तकनीक और जवाबदेही पर जोर
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का असर सीधे आम आदमी को दिखना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि सरकारी अस्पतालों में इलाज, जांच, दवाओं और आपातकालीन सेवाओं की गुणवत्ता लगातार बेहतर बनाई जाए तथा स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन से जोड़ा जाए।
मुख्यमंत्री ने बड़ा निर्णय लेते हुए दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना में आयुष पद्धतियों को भी शामिल करने के निर्देश दिए। अब आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी की आईपीडी सेवाओं को भी योजना के दायरे में लाया जाएगा।
* आयुष्मान योजना गरीबों का बड़ा सहारा
सीएम योगी ने कहा कि आयुष्मान योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए सबसे बड़ा सहारा बन रही है। उन्होंने अस्पतालों के क्लेम दावों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समीक्षा में बताया गया कि प्रदेश में 6480 अस्पताल योजना से जुड़े हैं और अब तक 96.75 लाख से अधिक मरीजों को नि:शुल्क उपचार मिल चुका है।
* मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य ढांचे का तेजी से विस्तार
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में वर्ष 2016-17 की तुलना में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 44 से बढ़कर 83 हो गई है। वहीं एमबीबीएस सीटें 5390 से बढ़कर 12,800, जबकि पीजी सीटें 1344 से बढ़कर 5067 हो गई हैं। प्रदेश में वर्तमान में 108 जिला चिकित्सालय, 106 विशिष्ट चिकित्सालय, 976 सीएचसी, 3757 पीएचसी और 27,668 स्वास्थ्य उपकेंद्र संचालित हैं। वर्ष 2025-26 में सरकारी अस्पतालों में 26.41 करोड़ ओपीडी, 1.23 करोड़ आईपीडी सेवाएं और 24.33 करोड़ पैथोलॉजी जांचें की गईं।
* कोविड काल के स्वास्थ्य कर्मियों को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के तहत कोविड काल में सेवाएं देने वाले स्वास्थ्य कर्मियों का प्राथमिकता के आधार पर समायोजन किया जाए। साथ ही, आशा कार्यकर्ताओं का भुगतान किसी भी स्थिति में लंबित न रखने के निर्देश भी दिए।
* एम्बुलेंस रिस्पॉन्स टाइम और घटाने के निर्देश
सीएम योगी ने कहा कि आपात स्थिति में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है, इसलिए 108 एम्बुलेंस और एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) एम्बुलेंस का रिस्पॉन्स टाइम और कम किया जाए। वर्तमान में प्रदेश में 375 एएलएस एम्बुलेंस संचालित हैं, जिनके जरिए अब तक 9.38 लाख मरीजों को रेफर किया जा चुका है।
* अस्पतालों में एक्सपायरी दवाओं पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने अस्पतालों में दवाओं की गुणवत्ता को लेकर सख्त निर्देश देते हुए कहा कि तीन माह से कम एक्सपायरी अवधि वाली दवाएं अस्पतालों में नहीं रहनी चाहिए। उनकी जगह समय रहते नई दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
* मातृ-शिशु स्वास्थ्य, रिसर्च और डिजिटल हेल्थ पर फोकस
मुख्यमंत्री ने मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में और कमी लाने के लिए सुरक्षित एवं संस्थागत प्रसव व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया। साथ ही रिसर्च, मेडटेक और डिजिटल हेल्थ पहल को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। सीएम योगी ने कैंसर, ट्रॉमा, आईसीयू और इमरजेंसी सेवाओं को प्राथमिकता से विकसित करने के निर्देश दिए। समीक्षा में UPTEN, CARE-UP मिशन, प्रोजेक्ट सुश्रुत और यूपी राज्य कैंसर मिशन की प्रगति पर चर्चा हुई।
बैठक में गोरखपुर मेडिकल कॉलेज का गर्ल्स हॉस्टल, अयोध्या मेडिकल कॉलेज का 110 बेड ट्रॉमा सेंटर, सहारनपुर मेडिकल कॉलेज का बीएससी नर्सिंग कॉलेज और कानपुर मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग एवं डी-एडिक्शन वार्ड विस्तार जैसी परियोजनाओं की समीक्षा भी की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक, जवाबदेही और संवेदनशीलता तीनों साथ दिखाई देनी चाहिए, तभी आम लोगों का भरोसा और मजबूत होगा।
1 hour and 17 min ago
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