कोल इंडिया का बड़ा प्रोजेक्ट यूपी के नाम
* देशभर की 25 कंपनियों को पछाड़ गोरखपुर की कंपनी को मिला ₹115 करोड़ का फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट


• सीएम योगी की औद्योगिक पहल से उत्तर प्रदेश बन रहा नवीकरणीय ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर और निजी निवेश का उभरता केंद्र


लखनऊ/ गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के तेजी से बढ़ते औद्योगिक और निवेश परिदृश्य में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। गोरखपुर की कंपनी “नॉर्दर्नएक्सप्रेस इंफ्राडेवलपर्स प्रा. लि.” Northernexpress Infradevelopers Pvt. Ltd.  ने महेसरा ताल (चिलुआताल) में 20 मेगावाट (MW) क्षमता की फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट हासिल कर राज्य के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को नई गति दी है। यह ऐतिहासिक कदम उत्तर प्रदेश की हरित ऊर्जा क्षमता को मजबूत करने के साथ-साथ गोरखपुर को देश के औद्योगिक मानचित्र पर स्थापित करेगा।
गोरखपुर के चिलुआताल, जिसे महेसरा ताल के नाम से भी जाना जाता है, में प्रतिष्ठित फ्लोटिंग सोलर परियोजना हासिल की है। यह उपलब्धि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के देश के सबसे पसंदीदा निवेश गंतव्यों में तेजी से उभरने को और मजबूत करती है।
यह परियोजना भारत सरकार के कोयला मंत्रालय के अंतर्गत कोल इंडिया लिमिटेड (Coal India Limited) द्वारा जारी की गई थी। देशभर की कुल 25 कंपनियों ने इस प्रक्रिया में भाग लिया, जिनमें से 17 कंपनियां तकनीकी और वित्तीय रूप से योग्य घोषित हुईं। 25 मई 2026 को वित्तीय मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद लगभग ₹115 करोड़ मूल्य की यह परियोजना नॉर्दर्नएक्सप्रेस इंफ्राडेवलपर्स प्रा. लि. को प्रदान की गई।
नॉर्दर्नएक्सप्रेस इंफ्राडेवलपर्स प्रा. लि. इससे पहले हिंदुस्तान उर्वरक एंड रसायन लिमिटेड (HURL) के लिए वाप्कोस लिमिटेड (WAPCOS Limited) की निगरानी में चिलुआताल/महेसरा ताल ड्रेजिंग परियोजना का सफलतापूर्वक कार्यान्वयन कर चुकी है। प्रबंध निदेशक नितीश त्रिपाठी के नेतृत्व में कंपनी की यह सफलता गोरखपुर के लिए गर्व का विषय है, जो राष्ट्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में उत्तर प्रदेश की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है। प्रस्तावित फ्लोटिंग सोलर परियोजना स्वच्छ ऊर्जा, सतत विकास और उत्तर प्रदेश के तीव्र आर्थिक परिवर्तन को नई गति देने का कार्य करेगी।
सुबोध दीक्षित, पीएसयू हेड, इन्वेस्ट यूपी ने कहा कि चिलुआताल फ्लोटिंग सोलर परियोजना हासिल करना उत्तर प्रदेश की नवीकरणीय ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में बढ़ती क्षमता को दर्शाता है। यह राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं में क्षेत्रीय उद्यमों की बढ़ती भागीदारी को रेखांकित करता है और गोरखपुर के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को और सशक्त बनाता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से देश का पसंदीदा निवेश गंतव्य बन रहा है और एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के विजन की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है।
यह परियोजना उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों की बढ़ती रुचि को भी दर्शाता है, जहां कोल इंडिया लिमिटेड (Coal India Limited)  राज्य में अपनी अन्य आगामी परियोजनाओं के साथ इस ऐतिहासिक फ्लोटिंग सोलर परियोजना के माध्यम से अग्रणी भूमिका निभा रही है।
सवर्ण नेता मंत्री सांसद विधायक का घेरा डालो डेरा डालो आंदोलन करेगा: सवर्ण सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रीय अध्यक्ष


लखनऊ । भाजपा सवर्णों के आंदोलन के आयोजन से भयभीत नहीं है, उसे भय इस बात का है कि एक बार आंदोलन के चलते यूजीसी का मुद्दा छा गया, घर-घर तक ये बात पहुँच गई कि नरेंद्र मोदी ने गत 11 वर्षों में कैसा तुष्टिकरण किया है, तो उनका बनाया हुआ अवतारी पुरुष हिन्दू हृदय सम्राट का तिलस्म तो खत्म होगा ही, साथ में अमित शाह का किला भी भरभरा कर गिर सकता है। वो इस खबर को, विषय को यहीं रोकना चाहते हैं क्योंकि संघ से लेकर भाजपा के अंदरूनी सर्कल में अब समझ सबको आ गया है कि ये विषय उतना छोटा नहीं था। क्योंकि जब UGC अधिनियम आया और लोगों ने विरोध करना शुरू किया तब भाजपा और संघ के नेताओं का अंदरुनी कहना था कि इस विरोध से कुछ होने जाने को नहीं है। चार लोग सड़क पर नहीं आएगा। किन्तु जब लोगों ने सड़कों पर उतरना शुरू किया तब हाउस अरेस्ट किया गया और राजधानी आने वाले लोगों को प्रदर्शन स्थल पर प्रदर्शन न करने की पूरी ताकत झोंक दी गई। प्रदर्शन करियो को चारों तरफ से घेर कर गिरफ्तार करने लगे इससे सवर्ण का हौसला बढ़ता गया बसे कम हो गई ये सवर्ण विरोधी बीजेपी सरकार को उखाड़ कर फेंकना है का संकल्प लेना होगा सनातन धर्म आदि गुरु शंकराचार्य अतिमुक्तेश्वरा सरस्वती जी का अपमान करने वाले भाजपाई को सवर्ण किन्हीं भी परिस्थित में माफ़ नहीं करेगी आप सभी का आवाहन करता हु कि सवर्ण नेता मंत्री सांसद विधायक जहां भी मिले घेराव करो उनसे सवाल पूछो कि यूजीसी बिल पर क्यों नहीं बोल रहे हैं उनको बहिष्कृत करो सवर्ण के पास राजनीतिक विकल्प भी आ गया है एडवोकेट अनिल मिश्रा जी पूर्व आई पी एस जुगल किशोर तिवारी जी अलंकार अग्निहोत्री जी एक राजनीतिक दल का गठन कर रहे हैं उक्त बाते सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरज प्रसाद चौबे आज सोनभद्र के बघुआरी में सवर्ण की बैठक में कही बैठक में जिला अध्यक्ष पंकज कुमार शुक्ला,जिला संरक्षक अखिलेश पाण्डेय , सुरेंद्र सिंह,अमित कुमार,शशांक ,अवधेश कुमार , जितेन्द्र कुमार पाठक आदि रहे सभी ने एक सुर में कहा कि यूजीसी बिल वापस नहीं हुआ तो भाजपा को सरकार अब नहीं रहेगी।
एक ही व्यक्ति को एक ही परीक्षा में तीन बार रिजर्वेशन प्रतिभाओं का हनन नहीं तो क्या है: सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रिय अध्यक्ष

लखनऊ ।सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे आज एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने आए लखनऊ के कृष्णा नगर में सवर्ण समाज के लोगो के बीच बोलते हुए कहा कि अंधों के अनुसार कमजोर लोगों को आरक्षण मिलना चाहिए लेकिन त्रिस्तरीय रिजर्वेशन वर्तवान शासन सत्ता के भक्ति में अंधे हुए लोगों को उन्हें इस बात की जानकारी नहीं होगी कि राजस्थान की सर्वोच्च न्यायालय ने त्रिस्तरीय रिजर्वेशन की स्वीकृति प्रदान कर दी इसकी मांग अब उत्तर प्रदेश में होने लगी है इसी त्रिस्तरीय रिजर्वेशन के चलते उत्तर प्रदेश में समीक्षा अधिकारी के परिणाम को स्थगित कर दिया गया है तो अंध भक्त जनों त्रिस्तरीय रिजर्वेशन का मतलब जानो किसी भी एक  परीक्षा के तीन स्टेप है स्क्रीनिंग,मेंस इंटरव्यू तो इन तीनों स्टेप पर एक ही व्यक्ति को तीन बार रिजर्वेशन का लाभ दिया जाएगा एक ही व्यक्ति को एक ही परीक्षा में तीन बार रिजर्वेशन का लाभ दिया जाएगा क्या यह तर्क सगत है क्या ये प्रतिभाओं का हनन नहीं है क्या यह प्राकृतिक न्याय है तुम लोग अंध भक्ति में अंधे हुए जो कुछ भी कहो मेरे को गरिया रहे हो लेकिन एक बात बहुत अच्छी तरह अपने दिमाक में बैठा लो कि जिस दिन सवर्ण समाज के बुद्धजीवी और तर्कशील लोगों की संख्या सरकारी के भिन्न कार्यालय में ,50 प्रतिशत से कम हो जाएगी  उस दिन सवर्ण समाज के लोगों को सास लेना मुश्किल हो जाएगा। इसलिए जो गलत है उसका विरोध करो  जो राजनेता है उनको अपनी राजनीत एवं कुर्सी से बढ़ कर कुछ भी नहीं वे कुर्सी का सुख भोगेंगे एवं मर जायेगे उसका दुष्परिणाम तुम्हारे बच्चे आने वाली पीढ़ी आजीवन भोगेगी त्रिस्तरीय रिजर्वेशन गलत है यह प्राकृतिक न्याय के खिलाफ है किसी भी व्यक्ति को एक बार रिजर्वेशन दे दिया गया न्याय संगत है कमजोर है दे दिया गया ठीक है लेकिन एक ही व्यक्ति को एक ही परीक्षा में तीन बार रिजर्वेशन यह कहा का न्याय है कहा का विधान है  कम से कम जो गलत है उसका तो विरोध करो अगर अब भी विरोध नहीं कर रहे हो किसी भी शासन सत्ता  की भक्ति में इतने भी अंधे नहीं बनो कि अपनी ही पीढ़ियों को गर्त में मिलादो जो गलत है उसको गलत बोलना सीखो, जातिगत आरक्षण उसमें एक ही व्यक्ति को एक ही परीक्षा में तीन बार रिजर्वेशन सीधे सवर्ण के प्रतियोगिता बच्चों को उच्च पदों पर जाने से रोकना है सवर्ण समाज अब भी विरोध नहीं कर रहा है जबकि अन्य वर्ग के लोग लगातार हमलावर हैं जो सवर्ण समाज के लिए संकल्पित भाव से जमीनी स्तर पर काम कर रहा है उसके साथ तो खड़े हो साथ दो हौसले बढ़ाओ यह भी नहीं कर सकते तो हौसला गिराने का काम मत करो ।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर यात्रियों से भरी डबल डेकर स्लीपर बस अनियंत्रित होकर पलटी, छह की मौत, 24  घायल
लखनऊ /उन्नाव। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर मंगलवार सुबह ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। दिल्ली से गोरखपुर जा रही यात्रियों से भरी डबल डेकर स्लीपर बस औरास थाना क्षेत्र में अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराई और कई बार पलटती चली गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। इस भीषण हादसे में छह यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 24 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसा एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 262 पर नींभाखेड़ा गांव के पास हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बस बेहद तेज रफ्तार में थी। आशंका है कि चालक को अचानक नींद की झपकी आ गई, जिसके चलते बस सीधे डिवाइडर से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस पलट गई, शीशे चकनाचूर हो गए और कई यात्री बस से बाहर सड़क पर जा गिरे।
हादसे के बाद चारों तरफ चीखें गूंजने लगीं। कई यात्री बस के अंदर फंस गए थे। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और यूपीडा की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों ने भी राहत कार्य में मदद की। किसी तरह बस में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया और घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया।
घायलों में कई की हालत गंभीर बनी हुई है, जिन्हें लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है। पुलिस ने मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। हादसे के बाद कुछ देर तक एक्सप्रेसवे पर यातायात बाधित रहा।
प्रारंभिक जांच में चालक की लापरवाही और नींद की झपकी को हादसे की वजह माना जा रहा है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
औद्योगिक इकोसिस्टम को मजबूती: जिला उद्योग अफसरों को इन्वेस्ट यूपी दिला रहा आईआईएम में बिजनेस ट्रेनिंग


* पांच दिवसीय कार्यक्रम में नेतृत्व, निवेशक सुविधा, एआई और औद्योगिक प्रशासन पर विशेष फोकस



• आईआईडीसी दीपक कुमार ने विकसित भारत के विजन को साकार करने का आह्वान किया



लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जिला स्तर पर औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, इन्वेस्ट यूपी ने सोमवार को भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM), लखनऊ में जिला उद्योग केंद्र (DIC) अधिकारियों, संयुक्त आयुक्त उद्योग, क्षेत्रीय प्रबंधकों तथा औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के नोडल अधिकारियों के लिए पांच दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का उद्घाटन उत्तर प्रदेश सरकार के अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त (IIDC) दीपक कुमार ने किया। इस अवसर पर इन्वेस्ट यूपी की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्रीमती प्रेरणा शर्मा भी उपस्थित रहीं।

प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए दीपक कुमार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश को “सर्वोत्तम प्रदेश” बनाने के विजन और विकसित भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य में प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पारदर्शी शासन, सुदृढ़ कानून व्यवस्था और निवेशकों को सक्रिय सहयोग आज उत्तर प्रदेश के औद्योगिक परिवर्तन के प्रमुख आधार बन चुके हैं।

उन्होंने डीआईसी अधिकारियों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि वे नीति निर्माण और जमीनी क्रियान्वयन के बीच एक अहम कड़ी हैं। उन्होंने अधिकारियों से उद्यमियों का मार्गदर्शन करने, एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) पहल को और मजबूत बनाने तथा वैश्विक प्रथाओं को अपनाकर प्रदेश में समावेशी औद्योगिक विकास को गति देने का आह्वान किया।

यह कार्यशाला तीसरे और अंतिम बैच की शुरुआत है। ‘लर्निंग जर्नी ऑफ डीआईसी’ थीम पर आधारित इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम के अंतर्गत लगभग 122 अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया है। इस पहल का उद्देश्य जमीनी स्तर पर संस्थागत क्षमता को सुदृढ़ करना, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस व्यवस्था को और मजबूत बनाना तथा प्रदेश के ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था विजन को आगे बढ़ाना है।

अगले पांच दिनों के दौरान प्रतिभागी अधिकारियों को व्यवहारिक नेतृत्व, वित्त एवं निवेश प्रशासन, स्टार्टअप इकोसिस्टम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, संचार रणनीतियों और उभरते औद्योगिक रुझानों पर गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह कार्यक्रम जिला स्तर के अधिकारियों को निवेशक सुविधा, नीति क्रियान्वयन और औद्योगिक विकास को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक प्रशासनिक दृष्टिकोण और व्यावहारिक कौशल से सशक्त करेगा।
वाराणसी में भूटान बनाएगा बौद्ध मंदिर और गेस्ट हाउस, 2 एकड़ भूमि उपलब्ध कराएगी यूपी सरकार

लखनऊ/वाराणसी। उत्तर प्रदेश सरकार वाराणसी में रायल गवर्नमेंट ऑफ भूटान को बौद्ध मंदिर एवं गेस्ट हाउस निर्माण के लिए 02 एकड़ भूमि उपलब्ध कराएगी। इसके लिए वाराणसी के मौजा पिण्डरा, अजईपुर कोलसला में भूमि चिन्हित की गई है और लीज डीड की प्रक्रिया तेज़ी से पूरी की जा रही है।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि शासन स्तर पर लीज डीड की सभी औपचारिकताएं लगभग पूरी कर ली गई हैं। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से डीड पर हस्ताक्षर के लिए विशेष सचिव पर्यटन विभाग मृदुल चौधरी को अधिकृत किया गया है। भूमि हस्तांतरण के लिए दोनों पक्षों के बीच जल्द ही एमओयू (समझौता ज्ञापन) का निष्पादन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि लीज डीड पर रायल गवर्नमेंट ऑफ भूटान के प्रतिनिधियों तथा पर्यटन विभाग की ओर से हस्ताक्षर किए जाएंगे। भूटान सरकार की तरफ से रायल गवर्नमेंट ऑफ भूटान दूतावास, सांगचु सांगचु प्रमुख बौद्ध मंदिर बोधगया और छोटेन दोरजी लेयतशो दुगचेन को प्रतिनिधि के रूप में नामित किया गया है। यह पूरी प्रक्रिया प्रधानमंत्री की घोषणा के अनुरूप आगे बढ़ाई जा रही है।
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि काशी और सारनाथ विश्व प्रसिद्ध धार्मिक एवं बौद्ध आस्था केंद्र हैं, जहां पूरे वर्ष देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंचते हैं। वाराणसी में बौद्ध मंदिर बनने से भारतीय और विदेशी बौद्ध श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि होगी, जिससे पर्यटन गतिविधियों को नया विस्तार मिलेगा।
उन्होंने कहा कि बौद्ध पर्यटक पहले से ही बड़ी संख्या में सारनाथ, संकिसा और कुशीनगर जैसे स्थलों पर पहुंचते हैं। वाराणसी में बनने वाला यह नया बौद्ध मंदिर बौद्ध सर्किट को और मजबूत करेगा। साथ ही, बौद्ध सर्किट के अंतर्गत आने वाले स्थलों को आधुनिक आधारभूत सुविधाओं से सुसज्जित करने का कार्य भी सरकार द्वारा लगातार किया जा रहा है।
जनता दर्शन में सीएम योगी ने सुनी फरियादें, अधिकारियों को त्वरित समाधान के दिए निर्देश
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को अपने सरकारी आवास 5-कालिदास मार्ग, लखनऊ में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए लोगों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं।

जनता दर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे नागरिकों ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी व्यक्तिगत, सामाजिक एवं प्रशासनिक समस्याएं रखीं। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक प्रकरण को संवेदनशीलता के साथ सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को जन-समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि आमजन की समस्याओं के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देशित किया कि शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। जनता दर्शन कार्यक्रम के माध्यम से मुख्यमंत्री ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान और सुशासन के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
गर्मी की छुट्टियों पर सीएम योगी की बच्चों को चिट्ठी
* कहा– सीखने, संस्कार और परिवार संग समय बिताने का सुनहरा अवसर

लखनऊ। गर्मी की छुट्टियों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चों के नाम एक प्रेरणादायक संदेश जारी करते हुए छुट्टियों को सीखने, रचनात्मकता और पारिवारिक जुड़ाव का बेहतर अवसर बताया है।

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि गर्मी की छुट्टियां केवल आराम का समय नहीं, बल्कि नई चीजें सीखने, अपनी रुचियों को पहचानने और व्यक्तित्व विकास का भी महत्वपूर्ण अवसर हैं। उन्होंने बच्चों को किताबें पढ़ने, चित्रकारी, संगीत, फोटोग्राफी जैसी रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

सीएम ने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों को दादा-दादी और नाना-नानी के पास जरूर लेकर जाएं, ताकि बच्चों को पारिवारिक संस्कार, अपनापन और पारंपरिक मूल्यों को समझने का अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि परिवार के साथ समय बिताने से बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

मुख्यमंत्री ने बच्चों को छुट्टियों में घूमने-फिरने और नई जगहों को जानने के लिए भी प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक और पर्यटन स्थलों की यात्रा बच्चों को प्रकृति, पर्यावरण और विविध संस्कृतियों से जोड़ती है। इस क्रम में उन्होंने दुधवा, चूका बीच और कतर्निया घाट जैसे स्थलों का उल्लेख करते हुए इन्हें प्रकृति से जुड़ने के बेहतरीन केंद्र बताया।

मुख्यमंत्री का यह संदेश बच्चों को छुट्टियों का सदुपयोग करने के साथ-साथ सीखने, संस्कार और परिवार के महत्व को समझाने वाला माना जा रहा है।
ऊर्जा क्षेत्र में नई उपलब्धि: देश में सबसे अधिक विद्युत आपूर्ति वाला राज्य बना यूपी : एके शर्मा
*उत्तर प्रदेश में 31,804 मेगावाट की रिकॉर्ड बिजली आपूर्ति, पूरे प्रदेश को मिली बड़ी राहत

लखनऊ। उत्तर प्रदेश ने बिजली आपूर्ति के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए शनिवार रात्रि 10:39 बजे 31,804 मेगावाट की रिकॉर्ड पीक डिमांड को सफलतापूर्वक पूरा किया। यह न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि देश के किसी भी राज्य द्वारा अब तक की गई सर्वाधिक विद्युत आपूर्ति है।

नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने इस उपलब्धि पर कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य हर घर, हर गांव और हर शहर तक निर्बाध बिजली पहुंचाना है, जिस दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि निर्धारित रोस्टर से आगे बढ़कर प्रदेश में व्यापक स्तर पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराने का प्रयास किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी लगभग 22 से 22.5 घंटे तक बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई, जिससे आमजन, किसान, व्यापारी और उद्योगों को बड़ी राहत मिली है।

ऊर्जा मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि कुछ लोग प्रदेश की बिजली व्यवस्था को लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास करते हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि उत्तर प्रदेश आज देश में सर्वाधिक बिजली उपलब्ध कराने वाला राज्य बन चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीकी, प्राकृतिक अथवा मानवजनित कारणों से कहीं-कहीं स्थानिक व्यवधान उत्पन्न हो सकते हैं, लेकिन उन्हें दूर करने के लिए विद्युत विभाग के अधिकारी और कर्मचारी दिन-रात पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि विद्युतकर्मियों का मनोबल बढ़ाएं, क्योंकि भीषण गर्मी और कठिन परिस्थितियों में भी वे लगातार जनता को बेहतर बिजली सुविधा उपलब्ध कराने में जुटे हुए हैं।
ब्राह्मण मान चाहता है अपमान नहीं : सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रिय अध्यक्ष

लखनऊ। ब्राह्मण न हुआ जैसे ठोल नगाड़ा हो गया जिसको देखो आजकल बजाने लग गया। वो भी लगे हैं ब्राह्मणों के खिलाफ आवाज उठाने जो न जाए मजदूरी पर तो रोटी भी न मिले खाने को। शास्त्र हमें सिखाता है अति होने तक सहते रहना वही शस्त्र सिखाता है।

अति होने पर शस्त्र उठाना जिस दिन उठ गया शस्त्र तुम कुछ न कह पाओगे इसलिए प्रेम से रहो तो सब जीत जाओगे ये बाते सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने सपा प्रवक्ता मनोज यादव के उस बयान पर कही जिसमें कहा था कि " जितना उनका( ब्राह्मण) का खर्च नहीं होता होगा उससे ज्यादा दान दे दे ते है" राजा भैया का सीधा बयान सनातन अगर कमजोर हुआ तो संविधान भी नहीं रहेगा का मै भी समर्थन करता हू। सनातन हमारी संस्कृति,हमारी पहचान और हमारी आत्मा है। यही हमें जोड़ता है, संस्कार देता है और एक सहेजी दिशा देता है। इसे मजबूत रखना हम सब की जिम्मेदारी है। सनातन रहेगा,तो संस्कार रहेंगे संस्कार रहेंगे तो संविधान रहेगा ।

राजा भैया  ने जो कहा सच कहा इन जय भीम वाले को कैसे समझाया जाए आरक्षण से नौकरी तो मिल जाएगी पर बुद्धि कहा से लाए । जातीय जनगणना स्वीकार करने के बाद जो पार्टी अपने माथे से सवर्ण की पार्टी होने का टैग हटाने के लिए फुले,और पेरियार के सामने शीर्षासन और मुर्गासन कर सकती है दलित हितैषी बनने के लिए माननीय सुप्रीम कोर्ट के सुझाओ को दरकिनार कर के एससीएसटी एक्ट में धारा 18 ए जोड़ सकती है यूजीसी जैसे घटिया रेगुलेशन ला सकती है उसके बारे में आप इतने विश्वास से नहीं बोल सकते कि कल  अगर इनका वोट बैंक प्रभावित हुआ तो वह मोहम्मद साहब को अपना बाप नहीं बनायेंगे।