औद्योगिक इकोसिस्टम को मजबूती: जिला उद्योग अफसरों को इन्वेस्ट यूपी दिला रहा आईआईएम में बिजनेस ट्रेनिंग


* पांच दिवसीय कार्यक्रम में नेतृत्व, निवेशक सुविधा, एआई और औद्योगिक प्रशासन पर विशेष फोकस



• आईआईडीसी दीपक कुमार ने विकसित भारत के विजन को साकार करने का आह्वान किया



लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जिला स्तर पर औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, इन्वेस्ट यूपी ने सोमवार को भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM), लखनऊ में जिला उद्योग केंद्र (DIC) अधिकारियों, संयुक्त आयुक्त उद्योग, क्षेत्रीय प्रबंधकों तथा औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के नोडल अधिकारियों के लिए पांच दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का उद्घाटन उत्तर प्रदेश सरकार के अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त (IIDC) दीपक कुमार ने किया। इस अवसर पर इन्वेस्ट यूपी की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्रीमती प्रेरणा शर्मा भी उपस्थित रहीं।

प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए दीपक कुमार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश को “सर्वोत्तम प्रदेश” बनाने के विजन और विकसित भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य में प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पारदर्शी शासन, सुदृढ़ कानून व्यवस्था और निवेशकों को सक्रिय सहयोग आज उत्तर प्रदेश के औद्योगिक परिवर्तन के प्रमुख आधार बन चुके हैं।

उन्होंने डीआईसी अधिकारियों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि वे नीति निर्माण और जमीनी क्रियान्वयन के बीच एक अहम कड़ी हैं। उन्होंने अधिकारियों से उद्यमियों का मार्गदर्शन करने, एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) पहल को और मजबूत बनाने तथा वैश्विक प्रथाओं को अपनाकर प्रदेश में समावेशी औद्योगिक विकास को गति देने का आह्वान किया।

यह कार्यशाला तीसरे और अंतिम बैच की शुरुआत है। ‘लर्निंग जर्नी ऑफ डीआईसी’ थीम पर आधारित इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम के अंतर्गत लगभग 122 अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया है। इस पहल का उद्देश्य जमीनी स्तर पर संस्थागत क्षमता को सुदृढ़ करना, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस व्यवस्था को और मजबूत बनाना तथा प्रदेश के ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था विजन को आगे बढ़ाना है।

अगले पांच दिनों के दौरान प्रतिभागी अधिकारियों को व्यवहारिक नेतृत्व, वित्त एवं निवेश प्रशासन, स्टार्टअप इकोसिस्टम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, संचार रणनीतियों और उभरते औद्योगिक रुझानों पर गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह कार्यक्रम जिला स्तर के अधिकारियों को निवेशक सुविधा, नीति क्रियान्वयन और औद्योगिक विकास को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक प्रशासनिक दृष्टिकोण और व्यावहारिक कौशल से सशक्त करेगा।
वाराणसी में भूटान बनाएगा बौद्ध मंदिर और गेस्ट हाउस, 2 एकड़ भूमि उपलब्ध कराएगी यूपी सरकार

लखनऊ/वाराणसी। उत्तर प्रदेश सरकार वाराणसी में रायल गवर्नमेंट ऑफ भूटान को बौद्ध मंदिर एवं गेस्ट हाउस निर्माण के लिए 02 एकड़ भूमि उपलब्ध कराएगी। इसके लिए वाराणसी के मौजा पिण्डरा, अजईपुर कोलसला में भूमि चिन्हित की गई है और लीज डीड की प्रक्रिया तेज़ी से पूरी की जा रही है।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि शासन स्तर पर लीज डीड की सभी औपचारिकताएं लगभग पूरी कर ली गई हैं। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से डीड पर हस्ताक्षर के लिए विशेष सचिव पर्यटन विभाग मृदुल चौधरी को अधिकृत किया गया है। भूमि हस्तांतरण के लिए दोनों पक्षों के बीच जल्द ही एमओयू (समझौता ज्ञापन) का निष्पादन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि लीज डीड पर रायल गवर्नमेंट ऑफ भूटान के प्रतिनिधियों तथा पर्यटन विभाग की ओर से हस्ताक्षर किए जाएंगे। भूटान सरकार की तरफ से रायल गवर्नमेंट ऑफ भूटान दूतावास, सांगचु सांगचु प्रमुख बौद्ध मंदिर बोधगया और छोटेन दोरजी लेयतशो दुगचेन को प्रतिनिधि के रूप में नामित किया गया है। यह पूरी प्रक्रिया प्रधानमंत्री की घोषणा के अनुरूप आगे बढ़ाई जा रही है।
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि काशी और सारनाथ विश्व प्रसिद्ध धार्मिक एवं बौद्ध आस्था केंद्र हैं, जहां पूरे वर्ष देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंचते हैं। वाराणसी में बौद्ध मंदिर बनने से भारतीय और विदेशी बौद्ध श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि होगी, जिससे पर्यटन गतिविधियों को नया विस्तार मिलेगा।
उन्होंने कहा कि बौद्ध पर्यटक पहले से ही बड़ी संख्या में सारनाथ, संकिसा और कुशीनगर जैसे स्थलों पर पहुंचते हैं। वाराणसी में बनने वाला यह नया बौद्ध मंदिर बौद्ध सर्किट को और मजबूत करेगा। साथ ही, बौद्ध सर्किट के अंतर्गत आने वाले स्थलों को आधुनिक आधारभूत सुविधाओं से सुसज्जित करने का कार्य भी सरकार द्वारा लगातार किया जा रहा है।
जनता दर्शन में सीएम योगी ने सुनी फरियादें, अधिकारियों को त्वरित समाधान के दिए निर्देश
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को अपने सरकारी आवास 5-कालिदास मार्ग, लखनऊ में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए लोगों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं।

जनता दर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे नागरिकों ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी व्यक्तिगत, सामाजिक एवं प्रशासनिक समस्याएं रखीं। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक प्रकरण को संवेदनशीलता के साथ सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को जन-समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि आमजन की समस्याओं के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देशित किया कि शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। जनता दर्शन कार्यक्रम के माध्यम से मुख्यमंत्री ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान और सुशासन के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
गर्मी की छुट्टियों पर सीएम योगी की बच्चों को चिट्ठी
* कहा– सीखने, संस्कार और परिवार संग समय बिताने का सुनहरा अवसर

लखनऊ। गर्मी की छुट्टियों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चों के नाम एक प्रेरणादायक संदेश जारी करते हुए छुट्टियों को सीखने, रचनात्मकता और पारिवारिक जुड़ाव का बेहतर अवसर बताया है।

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि गर्मी की छुट्टियां केवल आराम का समय नहीं, बल्कि नई चीजें सीखने, अपनी रुचियों को पहचानने और व्यक्तित्व विकास का भी महत्वपूर्ण अवसर हैं। उन्होंने बच्चों को किताबें पढ़ने, चित्रकारी, संगीत, फोटोग्राफी जैसी रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

सीएम ने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों को दादा-दादी और नाना-नानी के पास जरूर लेकर जाएं, ताकि बच्चों को पारिवारिक संस्कार, अपनापन और पारंपरिक मूल्यों को समझने का अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि परिवार के साथ समय बिताने से बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

मुख्यमंत्री ने बच्चों को छुट्टियों में घूमने-फिरने और नई जगहों को जानने के लिए भी प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक और पर्यटन स्थलों की यात्रा बच्चों को प्रकृति, पर्यावरण और विविध संस्कृतियों से जोड़ती है। इस क्रम में उन्होंने दुधवा, चूका बीच और कतर्निया घाट जैसे स्थलों का उल्लेख करते हुए इन्हें प्रकृति से जुड़ने के बेहतरीन केंद्र बताया।

मुख्यमंत्री का यह संदेश बच्चों को छुट्टियों का सदुपयोग करने के साथ-साथ सीखने, संस्कार और परिवार के महत्व को समझाने वाला माना जा रहा है।
ऊर्जा क्षेत्र में नई उपलब्धि: देश में सबसे अधिक विद्युत आपूर्ति वाला राज्य बना यूपी : एके शर्मा
*उत्तर प्रदेश में 31,804 मेगावाट की रिकॉर्ड बिजली आपूर्ति, पूरे प्रदेश को मिली बड़ी राहत

लखनऊ। उत्तर प्रदेश ने बिजली आपूर्ति के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए शनिवार रात्रि 10:39 बजे 31,804 मेगावाट की रिकॉर्ड पीक डिमांड को सफलतापूर्वक पूरा किया। यह न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि देश के किसी भी राज्य द्वारा अब तक की गई सर्वाधिक विद्युत आपूर्ति है।

नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने इस उपलब्धि पर कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य हर घर, हर गांव और हर शहर तक निर्बाध बिजली पहुंचाना है, जिस दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि निर्धारित रोस्टर से आगे बढ़कर प्रदेश में व्यापक स्तर पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराने का प्रयास किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी लगभग 22 से 22.5 घंटे तक बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई, जिससे आमजन, किसान, व्यापारी और उद्योगों को बड़ी राहत मिली है।

ऊर्जा मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि कुछ लोग प्रदेश की बिजली व्यवस्था को लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास करते हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि उत्तर प्रदेश आज देश में सर्वाधिक बिजली उपलब्ध कराने वाला राज्य बन चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीकी, प्राकृतिक अथवा मानवजनित कारणों से कहीं-कहीं स्थानिक व्यवधान उत्पन्न हो सकते हैं, लेकिन उन्हें दूर करने के लिए विद्युत विभाग के अधिकारी और कर्मचारी दिन-रात पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि विद्युतकर्मियों का मनोबल बढ़ाएं, क्योंकि भीषण गर्मी और कठिन परिस्थितियों में भी वे लगातार जनता को बेहतर बिजली सुविधा उपलब्ध कराने में जुटे हुए हैं।
ब्राह्मण मान चाहता है अपमान नहीं : सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रिय अध्यक्ष

लखनऊ। ब्राह्मण न हुआ जैसे ठोल नगाड़ा हो गया जिसको देखो आजकल बजाने लग गया। वो भी लगे हैं ब्राह्मणों के खिलाफ आवाज उठाने जो न जाए मजदूरी पर तो रोटी भी न मिले खाने को। शास्त्र हमें सिखाता है अति होने तक सहते रहना वही शस्त्र सिखाता है।

अति होने पर शस्त्र उठाना जिस दिन उठ गया शस्त्र तुम कुछ न कह पाओगे इसलिए प्रेम से रहो तो सब जीत जाओगे ये बाते सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने सपा प्रवक्ता मनोज यादव के उस बयान पर कही जिसमें कहा था कि " जितना उनका( ब्राह्मण) का खर्च नहीं होता होगा उससे ज्यादा दान दे दे ते है" राजा भैया का सीधा बयान सनातन अगर कमजोर हुआ तो संविधान भी नहीं रहेगा का मै भी समर्थन करता हू। सनातन हमारी संस्कृति,हमारी पहचान और हमारी आत्मा है। यही हमें जोड़ता है, संस्कार देता है और एक सहेजी दिशा देता है। इसे मजबूत रखना हम सब की जिम्मेदारी है। सनातन रहेगा,तो संस्कार रहेंगे संस्कार रहेंगे तो संविधान रहेगा ।

राजा भैया  ने जो कहा सच कहा इन जय भीम वाले को कैसे समझाया जाए आरक्षण से नौकरी तो मिल जाएगी पर बुद्धि कहा से लाए । जातीय जनगणना स्वीकार करने के बाद जो पार्टी अपने माथे से सवर्ण की पार्टी होने का टैग हटाने के लिए फुले,और पेरियार के सामने शीर्षासन और मुर्गासन कर सकती है दलित हितैषी बनने के लिए माननीय सुप्रीम कोर्ट के सुझाओ को दरकिनार कर के एससीएसटी एक्ट में धारा 18 ए जोड़ सकती है यूजीसी जैसे घटिया रेगुलेशन ला सकती है उसके बारे में आप इतने विश्वास से नहीं बोल सकते कि कल  अगर इनका वोट बैंक प्रभावित हुआ तो वह मोहम्मद साहब को अपना बाप नहीं बनायेंगे।
लखनऊ नगर निगम विवाद खत्म: महापौर ने दिलाई ललित तिवारी को पार्षद पद की शपथ
* शपथ से पहले ललित तिवारी बोले- ‘ये सत्य और संविधान की जीत’

लखनऊ। नगर निगम लखनऊ में पिछले तीन दिनों से चल रही राजनीतिक और प्रशासनिक उठापटक आखिरकार समाप्त हो गई। महापौर ने रविवार सुबह ललित किशोर तिवारी को पार्षद पद की शपथ दिलाई।
गौरतलब है कि शपथ ग्रहण न कराए जाने के मामले में हाईकोर्ट ने महापौर के अधिकारों को फ्रीज कर दिया था, जिसके बाद नगर निगम में मामला लगातार चर्चा का विषय बना हुआ था।

शपथ ग्रहण से पहले ललित किशोर तिवारी ने बड़ा बयान देते हुए कहा, “ये सत्य और संविधान की जीत है।” उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में ऐसी स्थिति नहीं आनी चाहिए।
ललित तिवारी ने कहा,“19 दिसंबर 2025 को मुझे पार्षद घोषित किया गया था। मुझे न्यायालय के आदेश के बाद पार्षद बनाया गया।”
शपथ ग्रहण के साथ ही नगर निगम में चल रहा विवाद फिलहाल शांत होता दिखाई दे रहा है। हालांकि, पूरे घटनाक्रम ने नगर निगम की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को लेकर कई सवाल भी खड़े किए हैं।
भीषण गर्मी में गांव से नगर तक निर्बाध बिजली दें, लापरवाही पर होगी कार्रवाई : सीएम योगी


ऊर्जा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सीएम के निर्देश — बढ़ती बिजली मांग के बीच उत्पादन क्षमता बढ़ाने, ट्रांसमिशन नेटवर्क मजबूत करने और उपभोक्ता सेवाएं बेहतर बनाने पर जोर

लखनऊ। प्रदेश में भीषण गर्मी और लगातार बढ़ती बिजली मांग के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गांव से लेकर शहर तक निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। रविवार को ऊर्जा विभाग, पावर कॉरपोरेशन और सभी डिस्कॉम अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि आमजन, किसानों, व्यापारियों और उद्योगों को बिजली संकट का सामना नहीं करना पड़े। इसके लिए सतत मॉनिटरिंग, जवाबदेही और त्वरित शिकायत निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा और राज्य मंत्री कैलाश सिंह राजपूत की मौजूदगी में हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली आपूर्ति केवल तकनीकी विषय नहीं, बल्कि जनता के जीवन, खेती, व्यापार और औद्योगिक विकास से सीधे जुड़ा मुद्दा है। ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

30,339 मेगावाट पहुंची पीक बिजली मांग

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में इस वर्ष बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। 15 अप्रैल से 22 मई के बीच औसत दैनिक बिजली खपत 501 मिलियन यूनिट से बढ़कर 561 मिलियन यूनिट हो गई, जबकि पीक डिमांड 30,339 मेगावाट तक पहुंच गई। 20 से 22 मई के दौरान उत्तर प्रदेश देश में सबसे अधिक बिजली मांग पूरी करने वाले राज्यों में दूसरे स्थान पर रहा।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बढ़ती मांग को देखते हुए सभी संभावित स्रोतों से बिजली खरीद और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

बिजली उत्पादन क्षमता में 86 प्रतिशत वृद्धि

अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड की कुल उत्पादन क्षमता बढ़कर 13,388 मेगावाट हो चुकी है। इसमें तापीय परियोजनाओं की 9,120 मेगावाट, जल विद्युत परियोजनाओं की 526.4 मेगावाट तथा संयुक्त उपक्रमों के जरिए 3,742 मेगावाट क्षमता शामिल है। वर्ष 2022 की तुलना में वर्ष 2026 तक स्थापित क्षमता में 86 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं गैर-पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों से करीब 10 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है।

ट्रांसमिशन नेटवर्क मजबूत करने पर जोर

मुख्यमंत्री ने ट्रांसमिशन व्यवस्था को अधिक आधुनिक, मजबूत और भरोसेमंद बनाने के निर्देश दिए। अधिकारियों के अनुसार प्रदेश में 60,858 सर्किट किलोमीटर लंबी ट्रांसमिशन लाइनें संचालित हैं और 715 उपकेंद्रों के माध्यम से 2,05,632 एमवीए क्षमता उपलब्ध है। ट्रांसमिशन नेटवर्क की उपलब्धता 99.30 प्रतिशत और पारेषण हानि घटकर 3.2 प्रतिशत रह गई है।

आंधी-तूफान में भी त्वरित रिस्पॉन्स सिस्टम रहे सक्रिय

मुख्यमंत्री ने कहा कि आंधी, तूफान और भीषण गर्मी जैसी परिस्थितियों में भी फील्ड स्तर पर त्वरित रिस्पॉन्स सिस्टम सक्रिय रहना चाहिए। समीक्षा में बताया गया कि 4, 7 और 15 मई को आए तूफानों से 38 सब-स्टेशन और 326 फीडर प्रभावित हुए थे, लेकिन तेजी से मरम्मत और बहाली का कार्य किया गया।

स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को समय पर मिले सही बिल

मुख्यमंत्री ने स्मार्ट मीटर व्यवस्था को उपभोक्ता हितैषी बनाने पर जोर दिया। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में अब तक 89.23 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं और सभी स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को पोस्टपेड व्यवस्था में बदल दिया गया है। जून 2026 से स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को हर माह 1 से 10 तारीख के बीच पोस्टपेड आधार पर बिल जारी किए जाएंगे। बिल एसएमएस, व्हाट्सऐप और ई-मेल के माध्यम से भी उपलब्ध होंगे।

हेल्पलाइन व्यवस्था का होगा निरीक्षण

मुख्यमंत्री ने ऊर्जा मंत्री और राज्य मंत्री को 1912 हेल्पलाइन कॉल सेंटर का भौतिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायत दर्ज करना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं को यह स्पष्ट जानकारी भी दी जाए कि समस्या का समाधान कब तक होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों को गर्मी के मौसम में बेहतर, भरोसेमंद और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी डिस्कॉम को मिलकर इस लक्ष्य को पूरा करना होगा।

जनगणना कार्य में लापरवाही पर सख्ती: गैरहाजिर अधिकारियों-कर्मचारियों पर होगी FIR

लखनऊ। जनगणना-2027 के तहत चल रहे मकान सूचिकरण एवं मकानों की गणना कार्य में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों की अनुपस्थिति को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है।
जानकारी के अनुसार, ड्यूटी से गैरहाजिर पाए गए अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस संबंध में ज़ोन-1 के ज़ोनल अधिकारी ओम प्रकाश सिंह ने हजरतगंज थाने में तहरीर दी है।
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में लापरवाही और अनुपस्थिति को लेकर संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ जल्द ही एफआईआर दर्ज की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि जनगणना कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही, उदासीनता या आदेशों की अवहेलना बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यूपी में बिजली संकट पर शक्ति भवन में बड़ी समीक्षा बैठक, निर्बाध आपूर्ति के निर्देश
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बिजली कटौती, ट्रिपिंग और बाधित आपूर्ति को लेकर राजधानी स्थित शक्ति भवन में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेशभर की बिजली आपूर्ति और राजस्व व्यवस्था की गहन समीक्षा की गई।

प्रदेश के कई जिलों में लगातार बिजली संकट से उपभोक्ता परेशान हैं। वहीं राजधानी लखनऊ के कई गली-मोहल्लों में बिजली कटौती के विरोध में लोगों ने जोरदार प्रदर्शन भी किया। बढ़ती शिकायतों के बीच बिजली विभाग ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों के साथ अहम बैठक की।

बैठक की अध्यक्षता UPPCL अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने की। इस दौरान UPPCL एमडी नितीश कुमार सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्बाध और सुचारु बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए गए। साथ ही, लगातार सामने आ रही ट्रिपिंग की समस्याओं के त्वरित समाधान पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि जिन जिलों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित होगी, वहां संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने और शिकायतों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश भी जारी किए गए।
UPPCL अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने कहा कि “जनता को निर्बाध बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।” उन्होंने अधिकारियों को फील्ड स्तर पर निगरानी बढ़ाने और समस्याओं के तत्काल समाधान के निर्देश दिए।