हजारीबाग में नो पार्किंग के खिलाफ चला जागरूकता अभियान, दो दिन बाद कटेगा चालान

हजारीबाग। पुलिस अधीक्षक हजारीबाग के आदेशानुसार रविवार 24 मई 2026 को शहर में नो पार्किंग व्यवस्था को लेकर विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान माइक से लगातार अनाउंसमेंट कर लोगों को सड़क पर वाहन खड़ा नहीं करने और यातायात नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया गया।

यह अभियान इंद्रपुरी चौक से शुरू होकर मेन रोड, झंडा चौक, पानी टंकी, पैगोडा चौक, सुंदरी मार्केट, पंच मंदिर चौक, छोटी ग्वालटोली चौक, खाजा चौक, सांसद महोदय मोड़, कल्लू चौक और जिला मोड़ तक चलाया गया। इस दौरान टोटो और ऑटो चालकों को भी नो पार्किंग जोन में वाहन नहीं लगाने की सख्त हिदायत दी गई।

पुलिस की ओर से प्रचारित किया गया कि अगले दो दिनों तक लोगों को जागरूक किया जाएगा, इसके बाद नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार चालान काटने की कार्रवाई की जाएगी।

अभियान का नेतृत्व पुलिस उपाधीक्षक सीसीआर के नेतृत्व में किया गया। वहीं यातायात थाना प्रभारी सहित 3 पुलिस पदाधिकारी और 10 गृहरक्षकों की टीम गठित कर शहर के विभिन्न इलाकों में जागरूकता अभियान चलाया गया।

राहुल दुबे गैंग का सक्रिय सदस्य हथियार के साथ गिरफ्तार, बड़ी वारदात की साजिश नाकाम

राहुल दुबे गैंग का सक्रिय सदस्य हथियार के साथ गिरफ्तार, बड़ी वारदात की साजिश नाकाम

हजारीबाग जिला पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए राहुल दुबे गैंग के एक सक्रिय सदस्य को हथियार और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस की इस कार्रवाई से अपराधियों की बड़ी वारदात की योजना विफल हो गई।

जानकारी के अनुसार, 22 मई 2026 की शाम करीब 4:00 बजे से 6:00 बजे के बीच पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि लोहसिंघना थाना क्षेत्र के रोतश ग्राम में राहुल दुबे गैंग के सक्रिय सदस्य किसी बड़ी आपराधिक घटना की योजना बनाने के लिए जुटे हैं। सूचना के सत्यापन एवं त्वरित कार्रवाई के लिए बड़कागांव अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी श्री अमित आनन्द (IPS) के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया।

गठित SIT टीम ने लोहसिंघना थाना क्षेत्र के रोतश स्थित नगर निगम डंपिंग यार्ड के पास घेराबंदी कर कार्रवाई की। इस दौरान पुलिस ने 25 वर्षीय जियाउल रहमान उर्फ मोजम्मिल को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी पेलावल के आजाद नगर (पगमील) का निवासी है तथा उसके पिता का नाम स्वर्गीय रिजवान आलम बताया गया है।

तलाशी के दौरान आरोपी के पास से एक पिस्टल (मैगजीन सहित), एक अतिरिक्त खाली मैगजीन, 02 जिंदा कारतूस, 05 खोखा तथा एक मोबाइल फोन बरामद किया गया। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी बानादाग रेलवे साइडिंग में लेवी वसूली और दहशत फैलाने के उद्देश्य से फायरिंग करने की योजना बना रहा था।

इस मामले में लोहसिंघना थाना कांड संख्या- 57/26 दर्ज करते हुए आरोपी के खिलाफ धारा 112(2)/61(2) BNS एवं 25(1-बी)ए/26/27 आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा रहा है।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी का आपराधिक इतिहास भी रहा है। वह पहले कटकमसांडी (पेलावल) थाना कांड संख्या- 242/25 (NDPS एक्ट) एवं सदर (बड़ा बाजार) थाना कांड संख्या- 368/24 के मामलों में जेल जा चुका है।

इस सफल अभियान में बड़कागांव SDPO अमित आनन्द (IPS), लोहसिंघना थाना प्रभारी पु०अ०नि० निशांत केरकेट्टा, पेलावल OP प्रभारी पु०अ०नि० वेद प्रकाश पाण्डेय, कोर्रा थाना प्रभारी पु०अ०नि० नेमधारी रजक, पु०अ०नि० सत्यम गुप्ता, तकनीकी शाखा की टीम एवं लोहसिंघना थाना के सशस्त्र बल शामिल थे।

जिला प्रशासन की पहल से दिव्यांगजनों को मिली नई गति, 24 दिव्यांग लाभुकों के बीच बैटरी चालित ट्राईसाइकिल का वितरण

उपायुक्त हेमन्त सती के निर्देशानुसार शनिवार को समाज कल्याण विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में उपविकास आयुक्त श्रीमती रिया सिंह द्वारा डीएमएफटी मद से उपलब्ध कराए बैटरी चालित ट्राईसाइकिल का वितरण कुल 24 दिव्यांगजनों के बीच किया गया। इस अवसर पर जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती शिप्रा सिंह मौजूद थी। कार्यक्रम के दौरान लाभुकों के चेहरे पर खुशी एवं उत्साह साफ झलक रहा था। 

इस संबंध में उपायुक्त श्री हेमन्त सती ने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन समाज का अभिन्न हिस्सा हैं और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए प्रशासन हरसंभव सहयोग प्रदान करने हेतु प्रतिबद्ध है। बैटरी चालित ट्राईसाइकिल से दिव्यांगजनों की दैनिक गतिविधियां आसान होंगी, उनकी शिक्षा, रोजगार एवं सामाजिक सहभागिता को नई दिशा मिलेगी तथा वे आत्मनिर्भर जीवन की ओर मजबूती से कदम बढ़ा सकेंगे।

उपायुक्त ने आगे कहा कि जिला प्रशासन केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं है, बल्कि दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के उद्देश्य से संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने सभी लाभुकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रशासन भविष्य में भी जनहित एवं समाज कल्याण से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता के साथ धरातल पर उतारता रहेगा।

इस अवसर पर उपविकास आयुक्त श्रीमती रिया सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर, सशक्त एवं सम्मानजनक जीवन प्रदान करने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि बैटरी चालित ट्राईसाइकिल दिव्यांगजनों के लिए केवल एक वाहन नहीं, बल्कि उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने का माध्यम है। इससे विद्यार्थियों को विद्यालय आने-जाने में सुविधा होगी तथा वे नियमित रूप से अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगे।

कार्यक्रम में ट्राईसाइकिल प्राप्त करने वाले दिव्यांग विद्यार्थियों एवं अन्य लाभुकों ने जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। एक दिव्यांग शिक्षक ने कहा कि बैटरी चालित ट्राईसाइकिल मिलने से अब वे समय पर विद्यालय पहुंचकर विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान कर सकेंगे, जिससे उनके कार्य में काफी सहूलियत होगी।

लाभुकों ने कहा कि जिला प्रशासन की यह पहल उनके लिए बेहद उपयोगी साबित होगी और इससे उनके दैनिक जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा। जिला प्रशासन की इस संवेदनशील एवं जनहितकारी पहल की सभी ने सराहना की।

बिरहोर समुदाय के उत्थान हेतु जिला प्रशासन की विशेष पहल, बिरहोर टोला में लगा मेडिकल कैंप एवं आधार-पेंशन से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू

इचाक प्रखंड अंतर्गत तिलरा भुसवा स्थित बिरहोर टोला में जिला प्रशासन द्वारा बिरहोर समुदाय के लोगों के लिए विशेष शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में आधार कार्ड निर्माण, पेंशन योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया तथा बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मेडिकल कैंप आयोजित किया गया।

शिविर के दौरान संबंधित विभागों की टीम द्वारा बिरहोर परिवारों के सदस्यों का आधार पंजीकरण एवं अद्यतन कार्य किया गया। साथ ही योग्य लाभुकों को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया भी प्रारंभ की गई, ताकि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उन्हें समय पर मिल सके।

मेडिकल कैंप में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा बिरहोर समुदाय के लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई तथा आवश्यक दवाइयों का वितरण किया गया। बच्चों, महिलाओं एवं बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देते हुए चिकित्सकों ने स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक परामर्श भी दिया।

जिला प्रशासन द्वारा बिरहोर जनजाति के लोगों तक सरकारी योजनाओं एवं मूलभूत सुविधाओं को उनके घरों तक पहुंचाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।

इस अवसर पर उपस्थित पदाधिकारियों ने कहा कि जिला प्रशासन बिरहोर समुदाय के समग्र विकास एवं मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है तथा आगे भी इस प्रकार के विशेष शिविरों का आयोजन किया जाता रहेगा।

ईद उल अजहा (बकरीद) पर्व को लेकर विधि व्यवस्था एवं शांति समिति की समीक्षात्मक बैठक आयोजित

ईद-उल-अज़हा (बकरीद) पर्व 2026 के अवसर पर जिले में विधि व्यवस्था एवं आपसी सौहार्द बनाए रखने को लेकर नगर भवन, हजारीबाग में उपायुक्त श्री हेमन्त सती की अध्यक्षता में शांति समिति एवं विधि व्यवस्था की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। 

बैठक में पुलिस अधीक्षक,उप विकास आयुक्त, नगर आयुक्त,अपर समाहर्ता, एसडीएम सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, दंडाधिकारी एवं शांति समिति के सदस्य उपस्थित थे।

बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने सभी नागरिकों से आपसी भाईचारा एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में पर्व मनाने की अपील की।

उपायुक्त ने जिले के सभी संवेदनशील स्थलों पर विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में शांति समिति की बैठक सुनिश्चित करें तथा स्थानीय स्तर पर समन्वय बनाकर कार्य करें। दोनों अनुमंडल पदाधिकारियों को संदिग्ध एवं अराजक तत्वों के विरुद्ध धारा 126 के तहत नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया।

उन्होंने पर्व-त्योहार के दौरान किसी भी आकस्मिक दुर्घटना से निबटने के लिए अस्पतालों एवं अग्निशमन वाहनों को 24x7 क्रियाशील रखने का निर्देश दिया, साथ ही गर्मी के मद्देनजर पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बकरीद पर्व के दौरान होने वाली कुर्बानी को देखते हुए पशुओं के अवशेषों का व्यवस्थित तरीके से निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा।

उपायुक्त ने आमजनों से किसी भी सूचना अथवा आपात स्थिति की जानकारी तत्काल प्रशासन तक पहुंचाने की अपील की तथा जिला नियंत्रण कक्ष को सक्रिय रखने का निर्देश दिया। जिला नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 06546-265233, 8002529349 एवं पुलिस सहायता हेतु 112 जारी किया गया।

बैठक में त्योहारों के दौरान सुचारू ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने हेतु आम सूचना जारी करने का भी निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने विशेष रूप से विष्णुगढ़, ईचाक, बरही, बड़कागांव एवं टाटीझरिया क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने का निर्देश दिया।

पुलिस अधीक्षक श्री अमन कुमार ने कहा कि विधि व्यवस्था संधारण के लिए सभी दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी आपसी समन्वय के साथ अलर्ट मोड में कार्य करें। उन्होंने सभी थाना क्षेत्रों में फ्लैग मार्च करने का निर्देश दिया तथा आमलोगों से सोशल मीडिया का सावधानीपूर्वक एवं जिम्मेदारी से उपयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी भ्रामक अथवा आपत्तिजनक पोस्ट से बचें तथा प्रशासन को सहयोग करते हुए शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखें।

बैठक के अंत में जिलेवासियों से आपसी सौहार्द एवं भाईचारे के साथ ईद उल जुहा (बकरीद) पर्व मनाने की अपील की गई।

मौके पर शांति समिति के सदस्यों से सुझाव भी लिए गए।

हज़ारीबाग में पुलिस का बड़ा अभियान, एक रात में 77 अपराधी गिरफ्तार

हजारीबाग। पुलिस अधीक्षक हजारीबाग के निर्देश पर 20 मई 2026 की रात जिलेभर में विशेष समकालीन छापामारी अभियान चलाया गया। इस दौरान विभिन्न मामलों में फरार चल रहे अपराधियों एवं वारंटियों के खिलाफ हजारीबाग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 77 अपराधियों को गिरफ्तार किया।

पुलिस द्वारा चलाए गए इस विशेष अभियान में जिले के सभी पुलिस उपाधीक्षक एवं पुलिस निरीक्षकों के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। अभियान के लिए कुल 30 टीमों का गठन किया गया था, जिसमें लगभग 150 पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिसकर्मी शामिल थे।

गठित टीमों ने जिलेभर में वांछित अपराधियों के लगभग 100 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। पुलिस की इस कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंप मच गया।

हजारीबाग पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आगे भी इसी प्रकार सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि यदि उनके इलाके में कोई आपराधिक तत्व गिरफ्तारी के डर से छिपा हुआ है या फरार चल रहा है, तो इसकी सूचना तुरंत अपने नजदीकी थाना को दें। सूचना मिलने पर पुलिस सत्यापन कर आवश्यक कार्रवाई करेगी।

लावारिस नवजात बच्ची के लिए देवदूत बना आरोग्यम अस्पताल, डॉक्टरों और नर्सों ने दिया नया जीवन

हजारीबाग - इंसानियत और सेवा भाव की मिसाल पेश करते हुए हजारीबाग के आरोग्यम अस्पताल ने एक लावारिस नवजात बच्ची को नया जीवन देने का सराहनीय कार्य किया है। जन्मजात कटे होंठ (क्लेफ्ट लिप) से पीड़ित इस मासूम बच्ची को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था, जहां डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की अथक मेहनत, संवेदनशीलता ने उसे जिंदगी की नई उम्मीद दी। बीते 7 मई की शाम लगभग 7:30 बजे सदर थाना पुलिस की गश्ती टीम को एक खाली ई-रिक्शा में नवजात बच्ची लावारिस हालत में मिली। बच्ची के पास एक पर्ची भी बरामद हुई, जिसमें उसे अनाथ आश्रम पहुंचाने की अपील की गई थी। लंबे समय तक खुले वातावरण में रहने के कारण बच्ची संक्रमण की चपेट में आ गई थी और उसे सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी। जन्म से ही कटे होंठ की समस्या होने के कारण उसकी स्थिति काफी नाजुक बनी हुई थी। सदर थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बच्ची को तुरंत हजारीबाग स्थित आरोग्यम अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसे एनआईसीयू में विशेष निगरानी में रखा गया। अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर हीरालाल राम एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर प्रकाश चंद्र की देखरेख में बच्ची का इलाज प्रारंभ हुआ। डॉक्टरों ने बच्ची को ऑक्सीजन सपोर्ट, आवश्यक एंटीबायोटिक दवाएं और विशेष नवजात चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई। कटे होंठ की समस्या को ध्यान में रखते हुए उसके लिए विशेष फीडिंग प्रोटोकॉल तैयार किया गया।

अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ ने भी बच्ची की देखभाल पूरी ममता और संवेदनशीलता के साथ की। 24 घंटे निगरानी करते हुए नर्सों ने समय पर दवा देने, दूध पिलाने, साफ-सफाई बनाए रखने और लगातार नजर रखने का कार्य पूरी जिम्मेदारी से निभाया। अस्पताल की नर्सिंग टीम ने सिर्फ अपनी ड्यूटी नहीं निभाई, बल्कि उस मासूम को अपने बच्चे की तरह स्नेह और प्यार दिया। लगातार इलाज और देखभाल के बाद बच्ची की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ। इलाज के दौरान वह हर तीन घंटे में 15 से 20 एमएल दूध लेने और उसे पचाने लगी। चिकित्सकों की सतत निगरानी और उपचार के बाद बच्ची को क्लिनिकली स्टेबल घोषित कर दिया गया। इसके बाद 22 मई को बाल कल्याण समिति हजारीबाग के आदेशानुसार सदर थाना पुलिस ने स्वस्थ बच्ची को सुरक्षित रूप से समिति को सौंप दिया। अस्पताल के निर्देशक हर्ष अजमेरा ने कहा कि चिकित्सा सेवा केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानवता और संवेदनशीलता से भी जुड़ी हुई है। उन्होंने बताया कि बच्ची की स्थिति काफी नाजुक थी, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टरों और एनआईसीयू टीम की लगातार निगरानी एवं बेहतर उपचार से उसकी हालत में सुधार संभव हो सका। अस्पताल की प्रशासक जया सिंह ने कहा कि आरोग्यम अस्पताल हमेशा मानव सेवा को अपनी प्राथमिकता मानता है। उन्होंने कहा कि जब यह नवजात बच्ची गंभीर हालत में अस्पताल लाई गई, तब डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और स्वास्थ्यकर्मियों ने बिना समय गंवाए उसके इलाज में पूरी ताकत झोंक दी। उन्होंने कहा कि एक मासूम जिंदगी को बचाना अस्पताल परिवार के लिए सबसे बड़ी जिम्मेदारी थी और पूरी टीम ने संवेदनशीलता एवं समर्पण के साथ अपना कर्तव्य निभाया। इस कार्य पर अस्पताल में मौजूद एक परिजन ने बताया कि आरोग्यम अस्पताल केवल उपचार का केंद्र नहीं, बल्कि मानवता, सेवा और संवेदनशीलता का भी प्रतीक बन गया है यहां डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने सिर्फ एक नवजात शिशु का इलाज नहीं किया, बल्कि एक मासूम जिंदगी को नया जीवन देने का कार्य किया। अस्पताल की नर्सिंग टीम की ममता, समर्पण और सेवा भावना ने यह संदेश दिया कि चिकित्सा सेवा केवल पेशा नहीं, बल्कि इंसानियत का सबसे बड़ा धर्म है।

अवैध शराब निर्माण एवं बिक्री के विरुद्ध उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई

उपायुक्त हेमन्त सती के निर्देशानुसार अवैध शराब के बिक्री, निर्माण, संचय एवं परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाने हेतु सहायक आयुक्त उत्पाद, हजारीबाग के निर्देशन में चौपारण थाना एवं गया मद्य निषेध विभाग के संयुक्त सहयोग से चौपारण थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम भगहर में व्यापक छापेमारी अभियान चलाया गया।

अभियान के दौरान अवैध महुआ चुलाई शराब संचालित किए जा रहे 9 अलग-अलग भट्ठियों पर कार्रवाई की गई। छापेमारी के क्रम में घटनास्थल एवं आसपास छुपाकर रखे गए लगभग 9500 किलोग्राम किन्वयन योग्य जावा महुआ को विनष्ट किया गया। साथ ही शराब निर्माण में प्रयुक्त सामग्री, बर्तन आदि को नष्ट करते हुए करीब 460 लीटर अवैध चुलाई शराब जब्त की गई।

उत्पाद विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया कि जिले में अवैध शराब निर्माण एवं तस्करी के विरुद्ध लगातार सघन अभियान चलाया जा रहा है तथा इसमें संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

छापेमारी दल में अवर निरीक्षक उत्पाद सुमितेश कुमार, सहायक अवर निरीक्षक एंटोनि बागे एवं सय्यद बसीरुद्दीन, उत्पाद आरक्षी अनूप कुमार सिंह तथा सशस्त्र गृह रक्षा वाहिनी के जवान शामिल थे।

डेंगू,चिकनगुनिया एवं जे.ई. से बचाव को लेकर एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित

राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार की अध्यक्षता में उनके कार्यालय सभागार में डेंगू, चिकनगुनिया एवं जापानी इंसेफेलाइटिस (जे.ई.) से संबंधित एक-एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला भी.बी.डी. पदाधिकारी डॉ. कपिलमुनि प्रसाद एवं डॉ. सुधानन्द डब्ल्यू, एच.ओ. एस.एम.ओ. द्वारा डेंगू, चिकनगुनिया एवं जे.ई. की रोकथाम, बचाव एवं नियंत्रण के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई।

 प्रशिक्षण में नगर निगम के पदाधिकारी भी उपस्थित थे।

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य डेंगू, चिकनगुनिया एवं जे.ई. की रोकथाम हेतु सर्विलेंस प्रणाली को सुदृढ़ करना, प्रभावी केस मैनेजमेंट सुनिश्चित करना तथा अंतर्विभागीय समन्वय को मजबूत बनाना था। उपस्थित प्रतिभागियों को इस कार्य में विशेष रुचि लेते हुए गंभीरता एवं सक्रियता के साथ कार्य संपादित करने का निर्देश दिया गया।

प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि हजारीबाग शहरी क्षेत्र सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के सेमी-अर्बन क्षेत्रों में माह जुलाई से 100 दिवसीय डेंगू सर्विलेंस अभियान चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं वॉलंटियरों तथा प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर पर दो-दो सहियाओं द्वारा घर-घर जाकर डेंगू निगरानी कार्य किया जाएगा।

यह भी जानकारी दी गई कि वर्ष 2026 में अब तक जिले में कुल 05 डेंगू मरीज पाए गए हैं, जबकि जे.ई. का कोई मामला अब तक प्रकाश में नहीं आया है।

उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम में महेन्द्र पाल, मलेरिया निरीक्षक, मैमूर सुलतान, भी.बी.डी. सलाहकार सहित अन्य कार्यालय कर्मी उपस्थित थे।

जिला स्तरीय खरीफ कार्यशाला आयोजित, किसानों को सुखाड़ से बचाव एवं आधुनिक कृषि तकनीकों की दी गई जानकारी

माननीय कृषि मंत्री के निर्देशानुसार आगामी सुखाड़ की संभावनाओं को देखते हुए किसानों को जागरूक करने एवं तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नगर भवन, हजारीबाग में जिला स्तरीय खरीफ कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला का उद्घाटन संयुक्त रूप से जिला कृषि पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी, भूमि संरक्षण पदाधिकारी, जिला योजना एवं मूल्यांकन पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी एवं कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), गोरियाकर्मा के वरीय वैज्ञानिकों द्वारा किया गया।

कार्यशाला में कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को सुखाड़ की स्थिति में भी बेहतर उत्पादन प्राप्त करने हेतु उपयुक्त फसल चयन एवं आधुनिक कृषि तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी गई। केवीके, गोरियाकर्मा के वैज्ञानिक डॉ. राघवन ने बताया कि सुखाड़ की स्थिति में मोटे अनाज, दलहन एवं तिलहन फसलों की खेती लाभकारी होती है। उन्होंने फसलों में रोग एवं कीट-व्याधि से बचाव के लिए उचित दूरी एवं वायु संचार बनाए रखने की सलाह दी। साथ ही कम अवधि वाली अरहर की प्रजातियों पूसा-16 एवं बिरसा अरहर-2 के उपयोग पर बल दिया।

केवीके के वैज्ञानिक डॉ. मुकेश तिवारी ने वर्षा जल संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए किसानों को खेत एवं तालाबों में पानी संरक्षित कर सिंचाई हेतु उपयोग करने की जानकारी दी। उन्होंने विभागीय योजनाओं के अंतर्गत पी.डी.एम.सी., टपक सिंचाई एवं फव्वारा सिंचाई तकनीक अपनाने की सलाह दी

जिला सहकारिता पदाधिकारी ने किसानों से पैक्स का सदस्य बनने का आह्वान किया, जिससे किसानों को अनुदानित दर पर समय से बीज उपलब्ध कराया जा सके। भूमि संरक्षण पदाधिकारी ने तालाब जीर्णोद्धार एवं परकोलेशन टैंक जैसी योजनाओं के माध्यम से वर्षा जल संरक्षण कर सुखाड़ की स्थिति में भी उत्पादन बनाए रखने की जानकारी दी।

मत्स्य प्रसार पदाधिकारी द्वारा मत्स्य पालन विभाग की योजनाओं की जानकारी देते हुए किसानों को कृषि के साथ-साथ मत्स्य पालन अपनाकर अतिरिक्त आय अर्जित करने हेतु प्रेरित किया गया। जिला उद्यान पदाधिकारी ने सब्जी खेती, ग्रीन हाउस, पॉली हाउस, पैक हाउस, मधुमक्खी पालन एवं मसाला खेती जैसी योजनाओं एवं उन पर मिलने वाली सब्सिडी की विस्तृत जानकारी दी।

जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि विभाग द्वारा संचालित बिरसा बीज विनिमय एवं बिरसा फसल विस्तार योजना के अंतर्गत किसानों को 50 प्रतिशत एवं 100 प्रतिशत अनुदान पर बीज उपलब्ध कराया जाएगा। दलहन, तिलहन, मिलेट (रागी), मक्का आदि फसलों के बीज चयनित क्लस्टरों में ब्लॉकचेन तकनीक के माध्यम से वितरित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त किसानों को पी.डी.एम.सी., स्वस्थ मृदा कार्ड, कृषि समृद्धि योजना एवं कुसुम योजना की भी जानकारी दी गई।

जिला पशुपालन पदाधिकारी ने पशुधन विकास, बकरा पालन एवं कुक्कुट पालन योजनाओं की जानकारी देते हुए किसानों को इन योजनाओं का लाभ लेकर आय में वृद्धि करने हेतु प्रेरित किया।

कार्यक्रम में उप परियोजना निदेशक आत्मा, हजारीबाग द्वारा स्वागत भाषण दिया गया तथा मंच संचालन प्रखंड तकनीकी प्रबंधक रजनीश आनंद ने किया।

इस अवसर पर जिले के सभी प्रखंडों के कृषक मित्र, प्रगतिशील कृषक, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, जनसेवक, बी.टी.एम., ए.टी.एम. सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।