देवीपाटन मंडल के विकास का नया खाका तैयार
*कृषि, पर्यटन और रोजगार पर फोकस, देवीपाटन मंडल में जनपदवार विकास योजना होगी तैयार*
*स्थानीय जरूरतों के अनुसार होगा विकास, आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने मांगे जिलों से सुझाव*
*देवीपाटन मण्डल गोण्डा 19 मई 2026* - देवीपाटन मंडल के समग्र एवं योजनाबद्ध विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए नवागत आयुक्त देवीपाटन मंडल दुर्गा शक्ति नागपाल ने मंडल के सभी जिलाधिकारियों से उनके जनपदों की प्रमुख चुनौतियों, संभावनाओं तथा उनके प्रभावी निराकरण के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट एवं सुझाव मांगे हैं। यह पहल मुख्यमंत्री जी की मंशा के अनुरूप जनपद आधारित विकास मॉडल तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक जनपद की भौगोलिक, सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थितियाँ अलग हैं, इसलिए स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाएगा। उन्होंने कृषि, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, रोजगार, महिला सशक्तिकरण एवं जनजातीय क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। आने वाले समय में इन क्षेत्रों में उल्लेखनीय एवं सकारात्मक परिवर्तन आमजन को देखने को मिलेंगे।
श्रावस्ती जनपद ने अपनी रिपोर्ट में बौद्ध पर्यटन, खेल एवं जैविक खेती की व्यापक संभावनाओं को रेखांकित किया है। जेतवन विहार सहित ऐतिहासिक स्थलों के विकास, खेल अवसंरचना निर्माण एवं कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की योजनाएँ प्रस्तावित की गई हैं। वहीं बाढ़, परिवहन एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की चुनौतियों के समाधान हेतु रेलवे, एयरपोर्ट विस्तार, तटबंध सुदृढ़ीकरण तथा स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर कार्य किया जा रहा है।
गोंडा जनपद ने कृषि, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण एवं धार्मिक पर्यटन को भविष्य की प्रमुख संभावनाओं के रूप में चिन्हित किया है। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, एग्रो प्रोसेसिंग यूनिट, कौशल विकास कार्यक्रम तथा सड़क एवं परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष बल दिया गया है। घाघरा एवं सरयू नदी से होने वाली बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान हेतु भी कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
बहराइच जनपद ने जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, रोजगार एवं आधारभूत संरचना को प्रमुख आवश्यकता बताया है। स्थानीय उत्पादों की मार्केटिंग, कृषि आधारित उद्योग, सड़क संपर्क एवं रेलवे ओवरब्रिज निर्माण जैसी योजनाओं को विकास का आधार माना गया है। तकनीकी एवं व्यवसायिक शिक्षा को बढ़ावा देकर युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में भी प्रयास प्रस्तावित हैं।
बलरामपुर जनपद ने बाढ़ नियंत्रण, जनजातीय विकास, स्वास्थ्य एवं डिजिटल सेवाओं के विस्तार को प्राथमिकता दी है। थारू जनजाति की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक पर्यटन, ऑर्गेनिक खेती एवं फूड प्रोसेसिंग को जनपद की प्रमुख संभावनाओं के रूप में प्रस्तुत किया गया है। साथ ही फ्लड अलर्ट सिस्टम, मोबाइल न्यूट्रिशन वैन, डिजिटल शिक्षा एवं ग्रामीण सुविधाओं के विस्तार जैसी योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है।
आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने कहा कि देवीपाटन मंडल के सभी जनपदों में स्थानीय संसाधनों एवं संभावनाओं के अनुरूप योजनाबद्ध विकास कर रोजगार, निवेश एवं आधारभूत सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा, जिससे मंडल को प्रदेश के अग्रणी विकास क्षेत्रों में स्थापित किया जा सके।
1 hour and 42 min ago
- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
1