लखनऊ पीजीआई की कैंटीन में ‘जंक फूड कल्चर’ पर उठे सवाल

मरीजों और तीमारदारों के बीच मैगी व प्रोसेस्ड फूड की भरमार, हेल्दी फूड व्यवस्था की मांग तेज
लखनऊ। संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के (पीजीआई) की कैंटीन में खुलेआम बिक रहे मैगी और अन्य प्रोसेस्ड फूड को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अस्पताल परिसर स्थित एक कॉफी कॉर्नर में वेज, चीज, बटर, तंदूरी और डबल मसाला मैगी समेत कई वैरायटी का मेन्यू सामने आने के बाद तीमारदारों और स्वास्थ्य जागरूक लोगों ने नाराजगी जताई है।
लोगों का कहना है कि जहां डॉक्टर मरीजों को संतुलित और पौष्टिक भोजन लेने की सलाह देते हैं, वहीं अस्पताल परिसर में जंक फूड और इंस्टेंट फूड को बढ़ावा दिया जाना विरोधाभासी स्थिति पैदा करता है। गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के बीच ऐसे खाद्य पदार्थों की उपलब्धता को लेकर कई लोगों ने सवाल खड़े किए हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक अत्यधिक प्रोसेस्ड और हाई-सोडियम वाले खाद्य पदार्थों का नियमित सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसके बावजूद अस्पताल कैंटीनों में हेल्दी विकल्पों की तुलना में इंस्टेंट फूड की अधिक उपलब्धता चिंता का विषय मानी जा रही है।
तीमारदारों का कहना है कि पीजीआई जैसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान में सस्ती पौष्टिक थाली, ताजे फल, सलाद और हेल्दी स्नैक्स जैसी व्यवस्थाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
सोशल मीडिया पर भी लोगों ने अस्पताल प्रशासन से कैंटीन नीति की समीक्षा करने और “हेल्दी फूड सिस्टम” लागू करने की मांग की है, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प उपलब्ध कराए जा सकें।
1 hour and 27 min ago
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