भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने किया जमशेदपुर महानगर जिला प्रशिक्षण वर्ग का उद्घाटन

पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान-2026 के तहत सोनारी स्थित चित्रगुप्त भवन में आयोजित भाजपा जमशेदपुर महानगर जिला का दो दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग का भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के द्वारा विधिवत उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं वंदे मातरम् के साथ हुआ। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष ने प्रशिक्षण वर्ग परिसर में लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए संगठन की विचारधारा, सेवा कार्यों, सरकार की उपलब्धियों एवं ऐतिहासिक विषयों से संबंधित प्रदर्शित सामग्री की जानकारी प्राप्त की।

संबोधन में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि यह प्रशिक्षण अभियान कार्यकर्ताओं को संगठन की विचारधारा, कार्यपद्धति एवं राष्ट्रसेवा के मूल मंत्र से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता राष्ट्रहित, सेवा और संगठन की भावना के साथ कार्य करता है तथा इसी विचार को लेकर जनता के बीच जाना ही पार्टी की सबसे बड़ी ताकत है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूर्ण करने के लिए भारतीय जनता पार्टी की रीति, नीति और विचारधारा के साथ संकल्पित होकर निरंतर आगे बढ़ने की बात कही।

श्री साहू ने कहा कि यह प्रशिक्षण अभियान संगठन को बूथ स्तर तक सशक्त बनाने एवं कार्यकर्ताओं में वैचारिक दृढ़ता लाने का कार्य करेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आगामी कार्यक्रमों एवं जनसंपर्क अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रशिक्षण के माध्यम से प्राप्त अनुभव एवं मार्गदर्शन को बूथ स्तर तक पहुंचाना आवश्यक है। उन्होंने उपस्थित कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन देते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। साथ ही प्रदेश अध्यक्ष द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय के 'एकात्म मानववाद' एवं 'अंत्योदय' के सिद्धांतों पर विस्तृत प्रकाश डाला गया।

वहीं प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने संगठन को और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिनेशानंद गोस्वामी, प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह, विधायक पूर्णिमा साहू एवं प्रदेश मंत्री शैलेन्द्र सिंह, जिला अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

पीवीयूएनएल में स्वच्छता पखवाड़ा के तहत स्वच्छता शपथ का आयोजन

(पीवीयूएनएल) में आज परियोजना कार्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत स्वच्छता शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर श्री ए.के. सहगल, सीआरओ पीवीयूएनएल, श्री मनीष क्षेत्रपाल, महाप्रबंधक (ओ एंड एम), श्री बिष्णु दत्ता दास, महाप्रबंधक (प्रोजेक्ट) एवं श्री जियाउर रहमान, एचओएचआर सहित बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने स्वच्छता शपथ ली।

कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने स्वच्छता बनाए रखने तथा अपने कार्यस्थल एवं आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखने का संकल्प लिया। चर्चा के दौरान सीईओ महोदय ने टीम को विभिन्न स्थानों की पहचान कर स्वच्छता संबंधी पहल शुरू करने तथा नियमित रूप से स्वच्छता गतिविधियों को आगे बढ़ाने हेतु मार्गदर्शन दिया। उन्होंने सभी कर्मचारियों से स्वच्छता को जन आंदोलन बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

झारखंड और कर्नाटक के बीच व्यापार-निवेश सहयोग को नई गति, रांची में हुई अहम बैठक

शुक्रवार को चेम्बर भवन में फेडरेशन ऑफ झारखंड चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज और बेल्लारी डिस्ट्रिक्ट चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, कर्नाटक के बीच व्यापार और निवेश की संभावनाओं को लेकर हुए एक अहम बैठक में उद्योग सचिव श्री अरावा राजकमल ने कहा कि औद्योगिक दृष्टिकोण से झारखंड एक बेहद समृद्ध राज्य है। यहाँ विशाल खनिज संसाधन हैं और यह एक प्रमाणित औद्योगिक पावरहाउस रहा है। हमारे राज्य के भीतर की औद्योगिक इकाइयाँ इसके औद्योगिक कौशल का प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि बेल्लारी खनन, विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) और आईटी क्षेत्रों में अग्रणी है, और दोनों राज्यों के बीच आपसी सीखने और सहयोग के व्यापक अवसर हैं। उन्होंने देखा कि झारखंड चेम्बर ने राज्यों के बीच औद्योगिक संवाद को बढ़ावा देने की एक उत्कृष्ट परंपरा शुरू की है—एक ऐसी पहल जिसके निकट भविष्य में सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है।वे शुक्रवार को चेम्बर भवन में आयोजित फेडरेशन ऑफ झारखंड चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज और बेल्लारी डिस्ट्रिक्ट चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, कर्नाटक के बीच व्यापार और निवेश की संभावनाओं को लेकर एक संयुक्त बैठक में राज्य के आर्थिक विकास का दृष्टिकोण रख रहे थे।

राज्य में इको टूरिज्म, क्रिटिकल मिनरल्स, टेक्सटाइल और रेडीमेड गारमेंट्स, फूड प्रोसेसिंग और सुपर फूड्स क्षेत्रों में जबरदस्त क्षमता

श्री अरवा राजकमल ने आगे कहा कि झारखंड में उद्योग तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन राज्य के विकास को लेकर एक दूरदर्शी दृष्टिकोण रखते हैं। मुख्यमंत्री का दृष्टिकोण खनन क्षेत्र में खनिज खनन से लेकर हाई-एंड सॉल्यूशंस तक एक संपूर्ण मूल्य श्रृंखला (वैल्यू चेन) बनाने का है। मुख्यमंत्री का इसी तरह का दृष्टिकोण महिला उद्यमिता को आधारशिला बनाकर राज्य में कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को सकारात्मक रूप से बदलने का है। उन्होंने कहा कि राज्य में इको टूरिज्म, क्रिटिकल मिनरल्स (महत्वपूर्ण खनिज), टेक्सटाइल और रेडीमेड गारमेंट्स, फूड प्रोसेसिंग और सुपर फूड्स क्षेत्रों में जबरदस्त क्षमता है।

उद्योग विभाग निवेशकों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए हमेशा तत्पर

उद्योग निदेशक श्री विशाल सागर ने डेलीगेट्स को झारखंड में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने उल्लेख किया कि झारखंड ने इस वर्ष पहली बार दावोस में विश्व आर्थिक मंच (WEF) में भाग लिया था, जहाँ मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल में झारखंड चेम्बर भी शामिल था। माननीय मुख्यमंत्री ने राज्य में निवेश के अवसरों तलाशने के लिए यूनाइटेड किंगडम (यूके) के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भी किया था। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य के भीतर भारी निवेश क्षमता पर जोर देते हुए उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि खाद्य प्रसंस्करण (फूड प्रोसेसिंग), पर्यटन और कृषि क्षेत्र निवेश के व्यापक अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने आगे जोड़ा कि उद्योग विभाग निवेशकों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए हमेशा तत्पर है।

बैठक के दौरान झारखंड और कर्नाटक के उद्योग और व्यापार प्रतिनिधियों के बीच व्यावसायिक विचारों, निवेश के अवसरों, औद्योगिक सहयोग और व्यापार विस्तार को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। दोनों राज्यों के प्रतिनिधियों ने भविष्य में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए आपसी समन्वय के साथ मिलकर काम करने की आवश्यकता पर बल दिया।

चेम्बर के महासचिव श्री रोहित अग्रवाल ने बेल्लारी डिस्ट्रिक्ट चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, कर्नाटक के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि यह बैठक उद्योग, निवेश, पर्यटन और व्यापार सहयोग में एक नए अध्याय की शुरुआत है। झारखंड और कर्नाटक के उद्यमियों के बीच सीधे संवाद से व्यापार सहयोग को नई गति मिलेगी।झारखंड चेम्बर के अध्यक्ष श्री आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि झारखंड और कर्नाटक दोनों में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि झारखंड तेजी से औद्योगिक विकास के एक नए चरण में प्रवेश कर रहा है। राज्य की टेक्सटाइल नीति (कपड़ा नीति) आकर्षक है, और जल्द ही एक नई औद्योगिक नीति जारी होने वाली है, जो निवेशकों के लिए एक सुनहरा अवसर पेश करेगी। उन्होंने रेखांकित किया कि झारखंड एक खनिज-समृद्ध राज्य है, जो लिथियम, मैंगनीज और बॉक्साइट सहित विभिन्न खनिजों से संपन्न है। राज्य बिजली-सरप्लस (अधिशेष बिजली वाला) है और यहाँ कुशल जनशक्ति की कोई कमी नहीं है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि माननीय मुख्यमंत्री के नेतृत्व में झारखंड राज्य निवेश और उद्योग के क्षेत्रों में एक अग्रणी राज्य के रूप में उभरेगा।

बेल्लारी में निवेश की संभावनाओं पर बोलते हुए, बेल्लारी डिस्ट्रिक्ट चेम्बर के अध्यक्ष श्री अव्वारु मंजूनाथ ने झारखंड के उद्यमियों को कर्नाटक में निवेश करने का निमंत्रण दिया। बेल्लारी चेम्बर के पदाधिकारियों ने झारखंड चेम्बर को बेंगलुरु में आयोजित होने वाले एमएसएमई (MSME) कॉन्क्लेव में शामिल होने के लिए भी आमंत्रित किया। बैठक के दौरान दोनों राज्यों के उद्यमियों और व्यापारियों ने अपने-अपने व्यवसायों का परिचय दिया और विचारों का आदान-प्रदान किया।कार्यक्रम के दौरान बेल्लारी चेम्बर द्वारा उद्योग सचिव और उद्योग निदेशक को सम्मानित किया गया।

महंगाई, बेरोजगारी और कॉर्पोरेटपरस्ती ने देश को संकट में धकेला : विनोद पांडेय

भारतीय जनता पार्टी नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने पिछले 11 वर्षों में देश की आम जनता को राहत देने के बजाय लगातार संकट, महंगाई और असुरक्षा की स्थिति में धकेलने का काम किया है। आज देश का मध्यम वर्ग, किसान, मजदूर, युवा और छोटे व्यापारी सभी आर्थिक दबाव और अस्थिरता से जूझ रहे हैं, जबकि सत्ता पक्ष केवल प्रचार, इवेंट प्रबंधन और बड़े उद्योगपतियों के हित साधने में व्यस्त दिखाई देता है।

नोटबंदी के दौरान आम लोगों को घंटों बैंक की कतारों में खड़ा रहना पड़ा। कोविड काल में अस्पताल, ऑक्सीजन और दवाइयों के लिए जनता त्राहिमाम करती रही। आज भी रसोई गैस, पेट्रोल-डीज़ल, खाद्य सामग्री और रोजमर्रा की जरूरतों की बढ़ती कीमतों ने आम परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आने के बावजूद जनता को राहत नहीं दी गई, जबकि तेल कंपनियां रिकॉर्ड मुनाफा कमा रही हैं। यह स्पष्ट करता है कि केंद्र सरकार की प्राथमिकता जनता नहीं, बल्कि कॉर्पोरेट हित हैं।

भाजपा सरकार लगातार जनता को त्याग, बचत और राष्ट्रहित का उपदेश देती है। पेट्रोल कम खर्च करो, विदेश मत जाओ, डॉलर बचाओ। लेकिन, दूसरी ओर बड़े उद्योगपतियों के विदेशी निवेश और विशेष आर्थिक सुविधाओं पर कोई सवाल नहीं उठाया जाता। आम नागरिकों पर राष्ट्रभक्ति का बोझ डाला जाता है, जबकि सत्ता के करीब बैठे लोगों को हर प्रकार की छूट दी जाती है। यह दोहरी नीति देश के लोकतांत्रिक और सामाजिक संतुलन के लिए घातक है।

देश को एक ऐसी सरकार की आवश्यकता है जो जनता को राहत दे, रोजगार सृजित करे, महंगाई नियंत्रित करे और सामाजिक सौहार्द बनाए रखे। दुर्भाग्य से वर्तमान केंद्र सरकार ने बेरोज़गारी, आर्थिक असमानता, सामाजिक तनाव और विभाजनकारी राजनीति को बढ़ावा देने का कार्य किया है।

झारखंड मुक्ति मोर्चा स्पष्ट रूप से मानता है कि लोकतंत्र में सरकार जनता के प्रति जवाबदेह होती है, न कि चुनिंदा पूंजीपतियों के प्रति। जनता अब सवाल पूछ रही है और आने वाले समय में देश की जनता अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के माध्यम से इसका जवाब भी देगी।

रांची डीसी का सदर अस्पताल में औचक निरीक्षण, दवा न देने पर डिस्पेंसरी प्रभारी का वेतन रोका, किचन केयरटेकर को शो-कॉज

जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त रांची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने आज सदर अस्पताल रांची का अचानक (सप्राइज) निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं को बारीकी से जाँचा और मरीजों की समस्याओं को सीधे सुना। इस दौरान जिला पंचायती राज पदाधिकारी श्री राजेश कुमार साहू, जिला जन संपर्क पदाधिकारी श्रीमती उर्वशी पांडेय, सिविल सर्जन सदर डॉ. प्रभात कुमार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

उपायुक्त श्री भजन्त्री ने वार्ड, इमरजेंसी, डिस्पेंसरी (फार्मेसी), किचन और ड्राई क्लीन क्षेत्र का क्रमवार निरीक्षण किया। सबसे अधिक ध्यान फार्मेसी की अनियमितता पर गया, जहाँ मरीजों की शिकायत पर उपायुक्त ने तत्काल सख्त रुख अपनाया।

डॉक्टरों द्वारा लिखी गई दवाएँ डिस्पेंसरी में उपलब्ध नहीं होती हैं। इस गंभीर शिकायत पर उपायुक्त ने डिस्पेंसरी प्रभारी को तत्काल शो-कॉज नोटिस जारी करने और अगले आदेश तक वेतन रोकने का कड़ा निर्देश दिया

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने ओपीडी में आए मरीजों से उनके इलाज और अस्पताल व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। दो महिला मरीजों ने बताया कि डॉक्टरों द्वारा लिखी गई दवाएँ डिस्पेंसरी में उपलब्ध नहीं होती हैं। इस गंभीर शिकायत पर उपायुक्त ने तुरंत एक मरीज की पर्ची ली और स्वयं डिस्पेंसरी पहुँचकर जाँच की। जाँच में पाया गया कि कुछ दवाएँ उपलब्ध थीं, लेकिन शिकायत के बावजूद मरीजों को दवा नहीं दी जा रही थी। इस पर उपायुक्त ने डिस्पेंसरी प्रभारी को तत्काल शो-कॉज नोटिस जारी करने और अगले आदेश तक वेतन रोकने का कड़ा निर्देश दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अस्पताल में मरीजों को नि:शुल्क दवाएँ उपलब्ध कराना प्राथमिक दायित्व है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

किचन और अन्य व्यवस्थाओं पर दिए निर्देश

किचन निरीक्षण में साफ-सफाई की कमी पाए जाने पर उपायुक्त ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि संबंधित केयर टेकर को शो-कॉज किया जाए और किचन को पूर्ण रूप से स्वच्छ एवं व्यवस्थित रखा जाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि मरीजों के परिजनों को गुणवत्ता पूर्ण और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाए।

वार्ड, इमरजेंसी और अन्य क्षेत्रों में भी आवश्यक सुधार के लिए कई अहम दिशा-निर्देश दिए गए

श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने स्पष्ट कहा कि सदर अस्पताल रांची जिले का प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है और यहाँ मरीजों को बेहतर सुविधाएँ मिलनी चाहिए। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी दी कि जनसेवा में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह निरीक्षण जिला प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से झा०प्र०से० के नवप्रोन्नत संयुक्त सचिवों ने की शिष्टाचार मुलाकात

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में झारखंड प्रशासनिक सेवा (झा०प्र०से०) के संयुक्त सचिव पद पर नवप्रोन्नत हुए अधिकारियों ने शिष्टाचार मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रति सभी नवप्रोन्नत अधिकारियों ने आभार जताया।

मौके पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने नवप्रोन्नत अधिकारियों को अपनी ओर से शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में सरकार द्वारा संचालित जनहित, सुशासन एवं विकासात्मक कार्यों को और ज्यादा प्रभावी तरीके से आम जनता तक पहुंचाने में अपनी महत्ती भूमिका निभाएंगे। इस अवसर पर राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वाले नवप्रोन्नत अधिकारियों में श्री प्रवीण प्रकाश, श्री विद्या भूषण कुमार, श्री सचिंद्र बड़ाईक, श्री प्रेम तिवारी, श्री सत्यवीर रजक, श्रीमती सुमन पाठक, श्री अमित बेसरा, श्री महेंद्र कुमार, श्रीमती मोनी कुमारी, श्रीमती मोनिका रानी टूटी, श्री रंजीत लोहरा, श्री विजय विरुआ, श्रीमती मनीषा तिर्की, श्रीमती एनी सरोजिनी तिर्की एवं श्रीमती गीतांजलि शामिल थे।

रांची में 17 मई को JPSC बैकलॉग परीक्षा, 64 केंद्रों के 200 मीटर दायरे में धारा-163 लागू

रांची, 15 मई 2026: झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा (बैकलॉग) प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा-2025 के शांतिपूर्ण व कदाचार मुक्त संचालन के लिए जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है।

अनुमंडल दंडाधिकारी, सदर रांची श्री कुमार रजत ने B.N.S.S. की धारा-163 के तहत 17 मई 2026 को रांची के सभी 64 परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर की परिधि में निषेधाज्ञा लागू कर दी है। यह आदेश सुबह 7 बजे से रात 8 बजे तक प्रभावी रहेगा।

इन 5 चीजों पर रहेगा प्रतिबंध

1. पांच या अधिक व्यक्तियों का एक जगह जमा होना। सरकारी ड्यूटी और शवयात्रा को छूट।

2. लाउडस्पीकर या किसी भी ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग।

3. बंदूक, रिवाल्वर, बम, बारूद जैसे अस्त्र-शस्त्र ले जाना।

4. लाठी-डंडा, तीर-धनुष, गड़ासा-भाला जैसे हरवे हथियार ले जाना।

5. किसी भी तरह की बैठक या आमसभा का आयोजन।

पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को इन प्रतिबंधों से छूट दी गई है।

क्यों लगाया गया प्रतिबंध?

उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री एवं अपर जिला दंडाधिकारी विधि-व्यवस्था श्री राजेश्वर नाथ आलोक ने परीक्षा के लिए दंडाधिकारियों के साथ भारी पुलिस बल तैनात किया है। प्रशासन को आशंका है कि असामाजिक तत्व परीक्षा केंद्रों पर भीड़ लगाकर विधि-व्यवस्था भंग करने की कोशिश कर सकते हैं। इसी को रोकने के लिए निषेधाज्ञा जारी की गई है।

64 केंद्रों पर होगी परीक्षा

परीक्षा रांची के प्रमुख स्कूल-कॉलेजों में होगी। इसमें ST. Xavier's College, DAV Nandraj Modern School, St. Joseph Girls High School, Carmel Girls High School, St. Aloysius High School, Firayalal Public School, DAV Gandhinagar, Vivekananda Vidya Mandir Dhurwa सहित 64 केंद्र शामिल हैं।

प्रशासन ने परीक्षार्थियों व अभिभावकों से अपील की है कि केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ न लगाएं और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने में सहयोग करें। आदेश का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

_

भाजपा की प्रदेश बैठक: हेमंत सरकार को घेरने का खाका तैयार, 15-20 मई तक प्रखंडों में धरना

भाजपा के प्रदेश कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू की अध्यक्षता में पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान राज्य की वर्तमान राजनीतिक हालात, किसानों के संकट एवं उनके हालिया नुकसान, राज्य सरकार की वादाखिलाफी, एसआईआर सहित प्रदेश के अन्य ज्वलंत मुद्दों को लेकर गहन चर्चा हुई। बैठक के दौरान राज्य की वर्तमान हेमंत सरकार की विफलताओं पर सरकार को मजबूती से घेरने के लिए भावी आंदोलनों की रूपरेखा तैयार की गई।

मौके पर प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड सरकार के किसी वादा और दावा पर रत्ती भर भी भरोसा नहीं है। यह सरकार केवल घोषणा करने में माहिर है। इनके सभी घोषणाओं का क्या हश्र हुआ है, यह जगजाहिर है।

बैठक के बाद मीडिया को ब्रीफिंग करते हुए प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा ने कहा कि पार्टी की मंडलों में, जिलों में और कोर ग्रुप की बैठक पूर्व में संपन्न हो चुकी है। आज प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक संपन्न हुई है। पिछली तमाम बैठकों में आए विषयों के आधार पर पार्टी आगे की रणनीति व आंदोलन की रचना प्रारंभ करने जा रही है।

श्री मिश्रा ने कहा कि पूरे देश की भांति झारखंड में भी SIR का काम चुनाव आयोग द्वारा किया जा रहा है। आयोग द्वारा सभी राजनीतिक दलों से अपने अपने दल के BLA टू कार्यकर्ता का नाम और फोटो जिला के कार्यालय में जमा करने का आग्रह किया है। बीजेपी ने यह काम अच्छी तरह से कर लिया है। BLA वन के साथ सरकार द्वारा जो पांच दिवसीय प्रशिक्षण होना है, प्रदेश पदाधिकारी की बैठक में इस पर भी चर्चा हुई। एक सजग राजनीतिक दल होने के नाते भाजपा SIR के मुद्दे पर काफी सजग है। झारखंड के वोटर लिस्ट में काफी विसंगतियां हैं इसलिए SIR का काम यहां काफी अच्छी तरह करना है। इसमें संशोधन करना बहुत जरूरी है ताकि आने वाले चुनाव में शुद्ध मतदाता सूची के माध्यम से चुनाव हो सके।

श्री मिश्रा ने कहा कि किसान आज संकट के दौर से गुजर रहे हैं। बेमौसम बारिश और ओला वृष्टि से अन्नदाता काफी प्रभावित हुए हैं। किसानों को ₹3200 रुपए प्रति क्विंटल एमएसपी देने का सरकारी दावा फेल है। वहीं पूरे राज्य में प्रखंड स्तर पर स्थानीय समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। लोग इससे काफी जूझ रहे हैं। किसानों की समस्या के साथ-साथ स्थानीय समस्याओं को लेकर भी पार्टी ने 15 मई से लेकर 20 मई तक अलग अलग तिथि में राज्य के सभी प्रखंड कार्यालयों में एकदिवसीय धरना देने का निर्णय लिया है। जिसमें कार्यकर्ताओं के साथ जनता की भागीदारी भी रहेगी। महागठबंधन सरकार द्वारा किए गए पूर्व में उनके ही वादों को पूरा करने की मांग भाजपा करेगी। राज्य के तमाम मुद्दे पार्टी के संज्ञान में है, पार्टी समय समय पर राज्य सरकार के संज्ञान में इसे लाने का काम पहले भी करती रही है और आगे भी करेगी। एक जागरूक राजनीतिक दल का दायित्व भाजपा निभाने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।

प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में आदित्य साहू के अलावा बाबूलाल मरांडी, नागेंद्र नाथ त्रिपाठी, करमवीर सिंह, राकेश प्रसाद, नीलकंठ सिंह मुंडा, आभा महतो, बालमुकुंद सहाय, भानु प्रताप शाही, डॉ प्रदीप कुमार वर्मा,सुनील सोरेन, मुनेश्वर साहू, गणेश मिश्रा, अमर कुमार बाउरी, मनोज सिंह, दिलीप वर्मा, शैलेंद्र कुमार सिंह, सरोज सिंह, सुनीता सिंह, अमरदीप यादव, कृष्णा महतो, अमित कुमार, मनीर उरांव, शालिनी बैसखियार, सूरज कुमार गुप्ता आदि भी मौजूद थे।

ग्लोबल स्कूल ऑफ इंडिया, गोविंदपुर के विद्यार्थियों ने 12वीं बोर्ड में गाड़े सफलता के झंडे।

गोविंदपुर (धनबाद): सीबीएसई कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा 2026 के परिणामों में ग्लोबल स्कूल ऑफ इंडिया, गोविंदपुर के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। विद्यालय के आज़ाद अंसारी ने 90.6% अंक प्राप्त कर संस्थान में प्रथम स्थान हासिल किया है।

  • मेधावी छात्र-छात्राओं की सूची: विद्यार्थियों ने अपनी कड़ी मेहनत से शानदार स्कोर किया है, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:आज़ाद अंसारी: 90.6%
  • आमिर हफ़ीज़: 84.6%
  • राइमा नाज़: 81.6%
  • निखिल कुमार (कला): 81%
  • तहसीन अली: 80.6%
  • फरहान अख्तर: 77.2%

प्रबंधन और शिक्षकों ने दी बधाई: छात्रों की इस उपलब्धि पर विद्यालय के निर्देशक डॉ. एस. खालिद और चेयरपर्सन डॉ. निकहत परवीन ने हर्ष व्यक्त किया। डॉ. खालिद ने अपने संदेश में कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों के कठिन परिश्रम, शिक्षकों के उचित मार्गदर्शन और अभिभावकों के निरंतर सहयोग का सुखद परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि ये छात्र भविष्य में भी सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित करेंगे।

प्रधानाचार्या चाँदनी त्रिगुणायत ने भी सफल छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विद्यालय का लक्ष्य हमेशा से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बच्चों का सर्वांगीण विकास रहा है। इस मौके पर समस्त शिक्षक वर्ग ने भी बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।


जमानत निर्दोष होने का सबूत नहीं": आलमगीर आलम की रिहाई पर जश्न को लेकर बाबूलाल मरांडी का हमला

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आलमगीर आलम को बेल मिलने और इसपर कांग्रेसियों द्वारा मनाए जा रहे जश्न पर को लेकर सोशल मीडिया के एक्स पर पोस्ट कर कहा है कि यह केवल उम्र और बीमारी के आधार पर कड़ी शर्तों के साथ मिली अंतरिम राहत है, अंतिम फैसला नहीं।

उन्होंने कहा है कि मनी लॉन्ड्रिंग और टेंडर कमीशन घोटाले मामले में जेल में बंद झारखंड के पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद आज बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा, होटवार से जमानत पर बाहर आने का मौका मिला। लेकिन इसे “बाइज्जत बरी” होना समझने की भूल कोई न करे।

श्री मरांडी ने कहा कि हैरानी की बात यह है कि उनके समर्थक और लाभार्थी जमानत पर ऐसे जश्न मना रहे हैं मानो कोई क्रांतिकारी आज़ादी की लड़ाई लड़कर लौटा हो। मिठाइयाँ बाँटी जा रही हैं, पटाखे फोड़े जा रहे हैं, आतिशबाज़ी हो रही है। क्या करोड़ों रुपये की कथित काली कमाई, कमीशनखोरी और गरीबों के हिस्से पर डाका डालने के आरोप अब उत्सव मनाने लायक उपलब्धि बन चुके हैं?

उन्होंने कहा कि जिस मामले में मंत्री के निजी सचिव के घरेलू सहायक के घर से करीब ₹32.20 करोड़ नकद बरामद हुए हों, वहाँ जनता सवाल पूछेगी ही। आखिर एक घरेलू सहायक के घर में नोटों का पहाड़ कैसे खड़ा हो गया? नोट गिनने के लिए मशीनें मंगानी पड़ी थीं। पूरा देश टीवी पर वह दृश्य देख रहा था और झारखंड शर्म से सिर झुकाए खड़ा था।

साथ ही श्री मरांडी ने कहा कि याद रखिए, जमानत मिल जाना निर्दोष होने का प्रमाण नहीं होता। मुकदमा अभी बाकी है, अदालतें अभी बाकी हैं और कानून की प्रक्रिया अभी लंबी चलेगी। सत्ता, संपर्क और संसाधनों के दम पर कुछ समय की राहत तो मिल सकती है, लेकिन ऐसे मामलों का दाग आसानी से नहीं मिटता। अगर भरोसा न हो तो लालू प्रसाद यादव के राजनीतिक और कानूनी सफर को देख लीजिए। सत्ता गई, उम्र ढली, स्वास्थ्य बिगड़ा, लेकिन पुराने मामलों की परछाई आज भी पीछा नहीं छोड़ रही। भ्रष्टाचार के मामलों में अदालत की दस्तक देर से जरूर आती है, पर आती जरूर है।