जमानत निर्दोष होने का सबूत नहीं": आलमगीर आलम की रिहाई पर जश्न को लेकर बाबूलाल मरांडी का हमला

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आलमगीर आलम को बेल मिलने और इसपर कांग्रेसियों द्वारा मनाए जा रहे जश्न पर को लेकर सोशल मीडिया के एक्स पर पोस्ट कर कहा है कि यह केवल उम्र और बीमारी के आधार पर कड़ी शर्तों के साथ मिली अंतरिम राहत है, अंतिम फैसला नहीं।

उन्होंने कहा है कि मनी लॉन्ड्रिंग और टेंडर कमीशन घोटाले मामले में जेल में बंद झारखंड के पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद आज बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा, होटवार से जमानत पर बाहर आने का मौका मिला। लेकिन इसे “बाइज्जत बरी” होना समझने की भूल कोई न करे।

श्री मरांडी ने कहा कि हैरानी की बात यह है कि उनके समर्थक और लाभार्थी जमानत पर ऐसे जश्न मना रहे हैं मानो कोई क्रांतिकारी आज़ादी की लड़ाई लड़कर लौटा हो। मिठाइयाँ बाँटी जा रही हैं, पटाखे फोड़े जा रहे हैं, आतिशबाज़ी हो रही है। क्या करोड़ों रुपये की कथित काली कमाई, कमीशनखोरी और गरीबों के हिस्से पर डाका डालने के आरोप अब उत्सव मनाने लायक उपलब्धि बन चुके हैं?

उन्होंने कहा कि जिस मामले में मंत्री के निजी सचिव के घरेलू सहायक के घर से करीब ₹32.20 करोड़ नकद बरामद हुए हों, वहाँ जनता सवाल पूछेगी ही। आखिर एक घरेलू सहायक के घर में नोटों का पहाड़ कैसे खड़ा हो गया? नोट गिनने के लिए मशीनें मंगानी पड़ी थीं। पूरा देश टीवी पर वह दृश्य देख रहा था और झारखंड शर्म से सिर झुकाए खड़ा था।

साथ ही श्री मरांडी ने कहा कि याद रखिए, जमानत मिल जाना निर्दोष होने का प्रमाण नहीं होता। मुकदमा अभी बाकी है, अदालतें अभी बाकी हैं और कानून की प्रक्रिया अभी लंबी चलेगी। सत्ता, संपर्क और संसाधनों के दम पर कुछ समय की राहत तो मिल सकती है, लेकिन ऐसे मामलों का दाग आसानी से नहीं मिटता। अगर भरोसा न हो तो लालू प्रसाद यादव के राजनीतिक और कानूनी सफर को देख लीजिए। सत्ता गई, उम्र ढली, स्वास्थ्य बिगड़ा, लेकिन पुराने मामलों की परछाई आज भी पीछा नहीं छोड़ रही। भ्रष्टाचार के मामलों में अदालत की दस्तक देर से जरूर आती है, पर आती जरूर है।

झारखंड में अनाधिकृत मकानों को नियमित कराने का सुनहरा मौका, ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च

रांची:-नगर विकास मंत्री श्री सुदिव्य कुमार ने गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन से झारखंड अनाधिकृत निर्मित भवन नियमितीकरण नियमावली,2026 के ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ किया ।इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह एक ऐतिहासिक क्षण है जहाँ राज्य की जनता को एक मौक़ा प्रदान किया जा रहा है कि वे अनाधिकृत तरीक़े से बने अपने मकानों का नियमितीकरण करा सकेंगे । जो लोग चिंतित थे कि उनके अनियमित मकानों का क्या होगा सरकार इस दिशा में राहत देते हुए भवन नियमितीकरण योजना ले कर आई है । अब लोग पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर अपना मकान नियमित करा सकेंगे।

भवन नियमितीकरण योजना की सफलता के लिए लोगों का सहयोग एवं समर्थन जरूरी

श्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की प्रबल इच्छाशक्ति थी कि राज्य के लोगों को राहत देते हुए अनियमित मकानों को नियमितीकरण करने का एक मौक़ा जरूर दिया जाना चाहिए । इसी के मद्देनजर नगर विकास विभाग ने बड़े कठिन और अथक प्रयासों के बाद यह योजना तैयार हुई है और अब ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ हो गया है। लोग अब पोर्टल के माध्यम से अपने मकानों के नियमितीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे और अपने मकानों को नियमित करा सकेंगे । उन्होंने कहा कि राज्य की जनता का समर्थन और सहयोग जरूरी है ताकि इस योजना को सफल बनाया जा सके ।

भवन नियमितीकरण के उद्देश्य को पूरा करना हम सब की जवाबदेही

मंत्री श्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि सरकार की नीतियों का अनुपालन में जनता की भागीदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भवन नियमितीकरण का उद्देश्य अनियमितीकरण को बढ़ावा देना नहीं है बल्कि जो लोग बिना नक्शा और मास्टर प्लान के अपना मकान बना लिए है ये उन लोगों के लिए एक मौक़ा है। सरकार ने नियमितीकरण नियमावली को बहुत ही सरल और लिबरल बनाया है और नियमित करने में लगने वाली राशि को भी तीन किस्तों में भुगतान का प्रावधान कर लोगों को राहत देने का काम किया है । इसके उद्देश्य को पूरा करना हम सब की जवाबदेही है।

शहरीकरण व्यवस्थित ढंग से हो इसके प्रति सरकार गंभीर

प्रधान सचिव श्री सुनील कुमार ने कहा कि सरकार नगरीय क्षेत्रों के विकास को गंभीरता से ले रही है । शहर की सूरत बदल रही है । इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर दिया जा रहा है । रांची में 3 फ्लाइओवर बन कर तैयार हैं, सिरमटोली कनेक्टिंग फ्लाइओवर भी ऑनगोइंग है । अरगोड़ा , करमटोली और हरमू 3 नए फ्लाइओवर की स्वीकृति मिल चुकी है। जमशेदपुर और धनबाद में भी फ्लाईओवर बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन का निदेश है कि शहरीकरण अव्यवस्थित ढंग से ना हो। रोड ,फुटपाथ , टाउनहॉल, नाली सभी व्यवस्थित हों। शहरों में उन्नत बस स्टैंड हो। इस दिशा में काम जारी है। म्युनिसिपल के रेवन्यू बढ़ाने पर भी फोकस है । मानव संसाधन पर भी ज़ोर दिया जा रहा है । टाउन प्लानर , इंजीनियर आदि की नियुक्ति सरकार ने की है। उन्होंने कहा कि भवन नियमितीकरण नियमावली 2026 को हम योजना कह सकते हैं । इससे लोगों को एक बार मौका दिया जा रहा है कि वे अपने मकानों को नियमित करा सकेंगे। उन्होंने इसकी प्रक्रिया की जानकारी दी। कहा कि इसके शुभारंभ से लेकर 2 माह के अंदर ऑनलाइन आवेदन करना है और 6 माह के अंदर नियमितीकरण का निर्णय लिया जा सकेगा ।साथ ही G+2 और 300 वर्गमीटर से कम में बने मकानों का ही नियमितीकरण होगा ।

भवन नियमितीकरण योजना लोगों के लिए राहत

श्री सूरज कुमार डायरेक्टर सूडा ने कहा कि भवन नियमितीकरण नियमावली -2026 सरकार का ऐतिहासिक कदम है । किसी कारण से लोगों ने अपने मकान को बिना नक्शा पास कराए बना लिया है ,ऐसे अनाधिकृत रूप से बने भवन का नियमतीकरण का निर्णय सरकार ने लिया है ताकि झारखंड के नागरिकों को राहत पहुंचाई जाय।भवन नियमितीकरण योजना का लाभ सभी लोग उठायें । झारखंड अनाधिकृत निर्मित भवन नियमितीकरण नियमावली,2026 का लाभ लेने के लिए पोर्टल का शुभारंभ हो गया है । इस पोर्टल में जाकर ऑनलाइन आवेदन करें । आवेदन के लिए 2माह का समय है। राशि का भुगतान भी किस्तों में कर सकेंगे । सरकार ने लोगों को राहत देने के उद्देश्य से ऐसा प्रावधान किया है।

इस अवसर पर पोर्टल पर किस प्रकार आवेदन करना है इसका लाइव डेमोंस्ट्रेशन निदेशक सूडा श्री सूरज कुमार ने मंत्री जी के समक्ष दिया ।

इस अवसर पर नगर विकास विभाग के विशेष सचिव श्री ज्ञानेंद्र कुमार , अपर सचिव जुल्फिकार अली , धनबाद नगर आयुक्त श्री आशीष सहित नगर विकास एवं राज्य शहरी विकास अभिकरण के पदाधिकारीगण और फिक्की के पदाधिकारी उपस्थित थे ।

झारखंड की कला को कोलकाता में नया मंच: झारक्राफ्ट इम्पोरियम का उद्घाटन

कोलकाता/रांची:-उद्योग मंत्री श्री संजय प्रसाद यादव ने बुधवार को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के थिएटर रोड में झाक्राफ्ट के नए इंपोरियम का उद्घाटन किया । इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह एम्पोरियम केवल उत्पादों की बिक्री का केंद्र नहीं होगा, बल्कि यह झारखंड के हजारों कारीगरों के सपनों, मेहनत और आत्मविश्वास का प्रतीक बनेगा। इससे ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा मिलेगा, महिला सशक्तिकरण को मजबूती मिलेगी। झारक्राफ्ट लगातार राज्य के कारीगरों, बुनकरों और ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा उनके हुनर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करने का कार्य कर रहा है।

झाक्राफ्ट के नये एम्पोरियम का उ‌द्घाटन कोलकाता जैसे सांस्कृतिक और ऐतिहासिक नगर में होना महत्वपूर्ण उपलब्धि

उद्योग मंत्री श्री संजय प्रसाद यादव ने कहा कि आज का यह अवसर हम सभी के लिए अत्यंत गौरव और प्रसन्नता का क्षण है। झाक्राफ्ट के नये एम्पोरियम का शुभ उ‌द्घाटन कोलकाता जैसे सांस्कृतिक और ऐतिहासिक नगर में होना हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि झारखंड अपनी प्राकृतिक संपदा के साथ-साथ समृद्ध हस्तशिल्प, हथकरघा, तसर सिल्क, डोकरा कला. बाँस एवं लकड़ी के शिल्प और जनजातीय संस्कृति के लिए पूरे देश में विशेष पहचान रखता है।

कोलकाता में झारक्राफ्ट का नया इम्पोरियम, दो राज्यों की सांस्कृतिक विरासत को जोड़ने का करेगी कार्य

इस अवसर पर उद्योग सचिव श्री अरवा राजकमल ने कहा कि कोलकाता, कला, साहित्य और संस्कृति का केंद्र रहा है। ऐसे शहर में झारक्राफ्ट के इस नये इम्पोरियम की स्थापना दो राज्यों की सांस्कृतिक विरासत को जोड़ने का कार्य करेगी। यहाँ आने वाले ग्राहकों को झारखंड की पारंपरिक कला और आधुनिक डिजाइन का सुंदर संगम देखने को मिलेगा।

अन्य महानगरों में भी झारक्राफ्ट का इम्पोरियम खोलने का रहेगा प्रयास

प्रबंध निदेशक, झारक्राफ्ट श्रीमती गरिमा सिंह ने उद्घघाटन समारोह में आये हुये सभी विशिष्ट आगन्तुकों को धन्यवाद ज्ञापन करते हुये कहा कि झारक्राफ्ट का यह नया इम्पोरियम कोलकाता के लोगों के बीच विशेष लोकप्रियता प्राप्त करेगा और झारखंड की कला एवं संस्कृति को नई पहचान दिलाएगा। आने वाले दिनों में झारक्राफ्ट अन्य महानगरों में भी नये इम्पोरियम खोलने के लिए प्रयासरत रहेगा।

झारक्राफ्ट के उत्पाद की देश- विदेश में है माँग

झारक्राफ्ट के विभिन्न प्रोडक्टस यथा साड़ियाँ, डिजाइनर कुर्ती, सलवार सूट. स्कार्फ डुपट्टा, शर्ट, कुर्ता, बंडी, शॉल और सवोत्तम गुणवत्ता वाले रेशम के कपड़े, लेदर बैग इत्यादि विभिन्न प्रोडक्टस ग्राहकों को अपनी ओर आकर्शित कर रहे हैं।

जिला परिषद उपाध्यक्ष व सदस्यों ने DC रांची को सौंपा ज्ञापन, विकास कार्यों पर मिला आश्वासन

जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त रांची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री से आज समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में उपाध्यक्ष एवं जिला परिषद सदस्यों ने मुलाकात कर जिला परिषद क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों एवं लोक समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा।

मुलाकात के दौरान जिला परिषद सदस्य प्रखंड नगड़ी, श्रीमती पूनम देवी एवं उपाध्यक्ष जिला परिषद, श्रीमती वीणा चौधरी एवं ग्रामीणों ने उपायुक्त के समक्ष निम्नलिखित प्रमुख मांगों को रखा:

(1) रांची-गुमला पथ से टिकरा टोली स्कूल तक पीसीसी सड़क निर्माण: क्षेत्र की connectivity बढ़ाने और छात्र-छात्राओं सहित आम जनमानस को सुगम यातायात उपलब्ध कराने के लिए उक्त सड़क का शीघ्र निर्माण कराया जाए।

(2) नगड़ी परियोजना अंतर्गत आँगनबाड़ी केंद्रों का मरम्मत एवं सौन्दर्यकरण: विभिन्न आँगनबाड़ी केंद्र भवनों की दशा खराब होने के कारण बच्चों एवं महिलाओं को परेशानी हो रही है। इन भवनों की तत्काल मरम्मती एवं सौन्दर्यीकरण कराने की मांग की गई।

(3) महिला पर्यवेक्षिका की लापरवाही: क्षेत्र भ्रमण के दौरान महिला पर्यवेक्षिका द्वारा लापरवाही बरते जाने की शिकायत की गई। इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया।

(4) नगड़ी प्रखंड में मॉडल स्टेडियम का निर्माण: युवाओं को खेलकूद के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने एवं खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नगड़ी प्रखंड में एक अत्याधुनिक मॉडल स्टेडियम का निर्माण कराया जाए।

(5) पंचायत हाकेदाग, नागेडीह एवं दोवाडू में पीसीसी सड़क निर्माण: उक्त पंचायतों के गाँवों में पीसीसी सड़कों का निर्माण कराकर ग्रामीण क्षेत्रों की सड़क सुविधा को मजबूत किया जाए।

उन्होंने सभी मांगों पर शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने ज्ञापन प्राप्त करते हुए सभी बिंदुओं पर गंभीरता से विचार करने एवं संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी करने का आश्वासन दिया।

जिला परिषद उपाध्यक्ष श्रीमती वीणा चौधरी, जिला परिषद सदस्य प्रखंड नगड़ी, श्रीमती पूनम देवी, जिला परिषद सदस्य, श्रीमती सरिता देवी एवं स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे।

भाजपा द्वारा किसानों के मुद्दे पर 15 से 20 मई तक राज्य के सभी प्रखंड मुख्यालयों पर एकदिवसीय धरना कार्यक्रम का ऐलान


भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने राज्य सरकार द्वारा किसानों से किए गए वादाखिलाफी सहित उनसे जुड़े अन्य सभी मुद्दे को लेकर 15 मई से लेकर 20 मई तक राज्य के सभी प्रखंड मुख्यालयों में एकदिवसीय धरना कार्यक्रम का ऐलान किया है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा है कि महागठबंधन सरकार ने चुनाव पूर्व किसानों को लेकर कई बड़े बड़े वादे किए थे, उन वादों को पूरा करने में हेमंत सरकार नाकाम साबित हुई है। झामुमो और कांग्रेस ने अलग अलग जारी अपने घोषणा पत्र में किसानों को 3200 रुपए प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य देने, वन उत्पादों के MSP में 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी करने, कृषि कार्य के लिए फ्री बिजली देने, किफायती दर पर खाद बीज, कृषि उपकरण देने सहित कई वादे किए परन्तु सरकार बनते ही यह सरकार उन्हें भूल गई। किफायती दर पर खाद देने की बात तो दूर उल्टे उसकी कालाबाजारी की जा रही है। 266 वाली यूरिया की बोरी 550 से लेकर 800 रुपए तक बेची गई है। और तो और झारखंड में पीडीएस के नमक तक की कालाबाजारी हो रही है। पूर्ववर्ती भाजपा सरकार द्वारा चलाई जा रही मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना को हेमंत सरकार ने बंद करने का काम किया। फिर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में भी अवरोध पैदा किया गया। वर्तमान हेमंत सरकार पूरी तरह किसान और गरीब विरोधी है। इस सरकार का चेहरा पूरी तरह बेनकाब किया जाएगा।

वहीं श्री साहू ने बेमौसम बारिश और इसके साथ भारी ओला वृष्टि से किसानों को हुई क्षति को लेकर राज्य सरकार से किसानों को उचित मुआवजे देने की भी मांग की है।

श्री साहू ने कहा कि बेमौसम बारिश और भारी ओला वृष्टि रांची सहित राज्य के कई जिलों के किसानों के लिए अभिशाप बन रही है। इससे किसानों के फसलों को काफी नुकसान हुआ है। खासकर तरबूज, खीरा, ककड़ी और सब्जियों को भारी नुकसान होने की सूचना प्राप्त हो रही है। किसानों को लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। कुछ किसानों ने तो कई कई एकड़ खेतों में फसल लगाया था, इसके नष्ट होने से उनकी कमर ही टूट गई है। राज्य सरकार को तत्काल अपने स्तर से इसका सर्वेक्षण कराकर किसानों को हुए इस नुकसान का सही सही आकलन कर उन्हें उचित मुआवजा भुगतान करने की दिशा में तत्काल पहल करनी चाहिए।

श्री साहू ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में कई किसान कर्ज लेकर, गहने वगैरह उधार रखकर भी फसल लगाते हैं। उन्हें उम्मीद होती है कि उन्होंने इतनी मेहनत की है तो उनके खेतों में अच्छी पैदावार होगी ही। वे इस फसल को बेचकर लिए हुए कर्ज भी वापस कर देंगे और उन्हें कुछ मुनाफा भी हो जाएगा। लेकिन ओला वृष्टि ने केवल उनकी फसलों को ही नहीं बल्कि उनकी उम्मीदों को रौंद डाला है। इसलिए राज्य सरकार को इस मामले की गंभीरता से संज्ञान लेनी चाहिए, ताकि किसानों को राहत मिल सके।

श्री साहू ने कहा कि कई जगहों पर गरीबों के घर भी क्षतिग्रस्त होने की बात सामने आ रही है। अभी तो बेमौसम बरसात हो रही है, जल्द ही मानसून भी दस्तक देगी, इसलिए बेघर हुए लोगों की सुध लेनी चाहिए। नहीं तो पीड़ित परिवार को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ेगा। इन्हें भी सरकार अपने स्तर से राहत मुहैया कराए।

कांग्रेस के लिए भ्रष्टाचार शर्म नहीं बल्कि जश्न का उत्सव-प्रतुल शाह देव


भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने कहा कि ₹3000 करोड़ के बहुचर्चित टेंडर घोटाले के मुख्य अभियुक्त पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को सुप्रीम कोर्ट से बेल मिलने के बाद कांग्रेस नेताओं द्वारा पटाखे फोड़ना, नाच-गाना करना और उत्सव मनाना झारखंड की राजनीति के नैतिक पतन का सबसे बड़ा उदाहरण है।उन्होंने कहा कि हद तो तब हो गई जब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश और उनके सहयोगियों ने जिस प्रकार “बेल उत्सव” मनाया, उससे यह स्पष्ट हो गया कि कांग्रेस के लिए भ्रष्टाचार शर्म का नहीं बल्कि जश्न का विषय बन चुका है।प्रतुल ने कहा कि जिस व्यक्ति के निजी सचिव के सहायक के यहां से ईडी की छापेमारी में ₹32 करोड़ से अधिक नकद बरामद हुआ, जिस मामले में उस सहायक जहांगीर आलम ने स्वयं स्वीकार किया कि पैसा आलमगीर आलम का है, उस मामले में बेल मिलने पर कांग्रेसियों का नाचना पूरे राज्य की जनता का अपमान है। बेल को कांग्रेस “बाइज्जत बरी” की तरह प्रस्तुत कर रही है, जबकि देश की जनता जानती है कि बेल न्यायिक प्रक्रिया का एक हिस्सा है, भ्रष्टाचार मुक्त होने का प्रमाणपत्र नहीं।

प्रतुल ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस और झामुमो गठबंधन की सरकार ने शायद नया नारा बना लिया है —'जहां घोटाला, वहां शर्म नहीं बल्कि जश्न मनेगा'।प्रतुल ने कहा कि आज झारखंड की स्थिति यह है कि गांवों में पेयजल योजनाएं दम तोड़ चुकी हैं। करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद लोग बूंद-बूंद पानी के लिए भटक रहे हैं। कई जलमीनार शोपीस बन चुकी हैं। स्वास्थ्य विभाग की हालत इतनी बदतर है कि जिला अस्पतालों में डॉक्टर, दवा और उपकरणों का भारी अभाव है। मरीज रेफर होकर दर-दर भटक रहे हैं।उन्होंने कहा कि राज्य में सड़कें टूटी हुई हैं, बिजली व्यवस्था चरमराई हुई है, बेरोजगार युवा निराश हैं, लेकिन कांग्रेस और झामुमो के नेताओं को जनता की समस्याओं से कोई मतलब नहीं। उन्हें केवल घोटालेबाज नेताओं के स्वागत और बचाव में ऊर्जा दिखाई देती है।प्रतुल ने कहा कि जिस राज्य में किसान परेशान हो, युवा नौकरी के लिए पलायन कर रहे हों, महिलाएं असुरक्षित हों और विकास योजनाओं का पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा हो, वहां सत्ता पक्ष द्वारा “भ्रष्टाचार उत्सव” मनाना लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है।

राहुल गांधी स्पष्ट करें कि क्या उनके युग में भ्रष्टाचार को उपलब्धि माना जाता है?

प्रतुल ने कहा कि राहुल गांधी को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वो ₹3000 करोड़ के टेंडर घोटाले को “उपलब्धि” मानती है? क्या उनके युग में कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति है कि जनता के पैसे की लूट पर जश्न मनाया जाए?प्रतुल ने कहा कि झारखंड की जनता सब देख रही है। जनता को अब समझ में आ चुका है कि यह गठबंधन सरकार विकास नहीं, “कमीशन, करप्शन और कलेक्शन” के मॉडल पर चल रही है। आने वाले समय में जनता लोकतांत्रिक तरीके से इस भ्रष्ट और संवेदनहीन राजनीति का जवाब देगी। आज की प्रेस वार्ता में झारखंड प्रदेश भाजपा के सह मीडिया प्रभारी श्री योगेंद्र प्रताप सिंह भी उपस्थित थे।

गढ़वा: बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत खरीदार-विक्रेता सम्मेलन आयोजित, फल उत्पादकों को बाजार से जोड़ने पर जोर

गढ़वा जिला उपविकास आयुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में मनरेगा अंतर्गत बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत “Buyer Seller Meet” का आयोजन किया गया। वहीं कार्यक्रम का उद्देश्य फलोत्पाद से जुड़े लाभुकों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना तथा उत्पादों की बिक्री के लिए संस्थागत समन्वय को मजबूत करना था।

इस अवसर पर जिले के सभी प्रखंडों से फलोत्पाद आधारित बागवानी योजना के लाभुक, जेएसएलपीएस द्वारा प्रोत्साहित एफपीओ के प्रतिनिधि, पलाश के सदस्य, प्रदान संस्था के कर्मी, सभी प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी, परियोजना पदाधिकारी एवं सहायक परियोजना पदाधिकारी उपस्थित रहे।

वहीं कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त ने कहा कि बिरसा हरित ग्राम योजना के अंतर्गत तैयार हो रहे फलोत्पाद को उचित बाजार उपलब्ध कराना आवश्यक है, ताकि लाभुकों की आय में वृद्धि सुनिश्चित हो सके। उन्होंने सभी लाभुकों को एफपीओ एवं जेएसएलपीएस के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए फल उत्पादों की बिक्री के लिए सामूहिक प्रयास करने का निर्देश दिया।

वहीं उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों एवं संस्थाओं को भी निर्देशित किया कि लाभुकों को विपणन, संग्रहण एवं खरीदारों से संपर्क स्थापित कराने में सक्रिय भूमिका निभाएं, जिससे किसानों एवं बागवानी लाभुकों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिल सके।

वहीं कार्यक्रम के दौरान फलोत्पाद की बिक्री, बाजार उपलब्धता, समूह आधारित विपणन एवं भविष्य की कार्ययोजना को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। उपस्थित लाभुकों एवं प्रतिनिधियों ने भी अपने अनुभव साझा किए तथा बाजार से जुड़ी चुनौतियों एवं संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि यह Buyer Seller Meet लाभुकों को बाजार से जोड़ने तथा उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।

झारखंड ने खोया सादगी का प्रतीक: पूर्व मंत्री "माधव बाबू" माधव लाल सिंह नहीं रहे

झारखंड की राजनीति से एक दुखद खबर सामने आई है. पूर्व मंत्री माधव लाल सिंह का निधन हो गया है. बीते दिनों अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें बोकारो के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें रांची रेफर कर दिया. इसके बाद उन्हें रांची स्थित पल्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान आज बुधवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली. उनके निधन की खबर फैलते ही गोमिया सहित पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई.

चार बार गोमिया से विधायक रहे थे माधवलाल सिंह

माधवलाल सिंह ने गोमिया विधानसभा क्षेत्र का चार बार प्रतिनिधित्व किया था. वे वर्ष 1985, 1990, 2000 और 2009 में विधायक निर्वाचित हुए थे. बिहार और बाद में झारखंड की राजनीति में उन्होंने एक सशक्त और जनप्रिय नेता के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई थी.

सादगी और जनसेवा से बनाई अलग पहचान

मंत्री रहते हुए भी वे सादगी, ईमानदारी और जनसेवा के लिए जाने जाते थे. आम लोगों के बीच वे “माधव बाबू” के नाम से बेहद लोकप्रिय थे.

ग्रामीण इलाकों में थी मजबूत पकड़

ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर राजनीतिक गलियारों तक उनकी गहरी पकड़ थी. गोमिया क्षेत्र के विकास, जनसमस्याओं के समाधान और आम लोगों से सीधे जुड़ाव के कारण वे जनता के दिलों में विशेष स्थान रखते थे. उनके निधन की सूचना मिलते ही समर्थकों, शुभचिंतकों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं का पल्स अस्पताल और उनके आवास पर पहुंचना शुरू हो गया. कई समर्थक फोन पर बात करते हुए भावुक हो उठे.

निधन से गोमिया समेत पूरे क्षेत्र में शोक की लहर

विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों और क्षेत्र के लोगों ने उनके निधन को राज्य की राजनीति और समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया है. उनके निधन से गोमिया क्षेत्र में शोक और मायूसी का माहौल है

_खरीफ कर्मशाला में कृषि मंत्री सख्त: लापरवाही पर होगी कार्रवाई, 20 मई से हर जिले में लगेगा खरीफ मेला

रांची:- कृषि मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के उत्थान के प्रति गंभीर है और इस दिशा में लापरवाही कतई बर्दास्त नहीं की जाएगी । किसानों के हित के लिए जो काम करेंगे उनका सम्मान दिया जाएगा और जो लापरवाही करेंगे उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी । श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की मंगलवार को बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित खरीफ कर्मशाला 2026 के दूसरे दिन कर्मशाला में कृषि प्रभाग के निदेशकों की अनुपस्थिति पर कड़ी नाराज़गी जाहिर कर रही थीं।

सूखे की स्थिति में किसानों को राहत पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता

कृषि मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि भारतीय मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष मानसून में कम बारिश के आसार है जिस कारण सूखे की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में राज्य सरकार पहले से ही तैयारी कर किसानों को राहत पहुंचाने की दिशा में काम कर रही है। सूखे से निपटने के लिए सभी तैयारियां पूर्व में कर ली जाए इसी हेतु किसानों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से यह कर्मशाला का आयोजन किया गया है। सूखे की आशंका को देखते हुए सभी जिला के कृषि पदाधिकारियों को अपने अपने जिले में किस स्तर की तैयारियाँ करेंगे इस हेतु एक कांटिजेंट प्लान बनाने का निदेश दिया गया था। जिसे विस्तार में इस कर्मशाला में प्रस्तुत किया गया है। कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों के लिए समय महत्वपूर्ण होता है । उसे यदि सही समय पर बीज ना मिले, सिंचाई की सुविधा न मिले तो हमारी सारी मेहनत बेकार है। यह एक-एक की जिम्मेवारी है इस जिम्मेवार को धर्म के रूप में निभाना होगा।

कृषि मंत्री ने सूखे की संभावित आशंका को देखते हुए दिया एक्शन प्लान

कृषि मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की ने पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोग एक सेना के रूप में किसानों में लिए काम करेंगे । जिला में नोडल पदाधिकारी जिला कृषि पदाधिकारी रहेंगे और कृषि प्रभाग से जुड़े सभी पदाधिकारी मिलकर एक्शन मोड पर काम करेंगे । उन्होंने निदेश दिया कि 15 मई को जिला स्तरीय बैठक बुलायें जिसमे प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे । इस कर्मशाला में बताए गए प्लान की सूचना उनसे साझा करेंगे । इसकी रिपोर्ट राज्य के नोडल पदाधिकारी को भेजेंगे। साथ ही 20 मई को हर जिला में ख़रीफ़ मेला का आयोजन होगा । जिसमें 500 प्रगतिशील किसान भाग लेंगे इसमें हर प्रखंड से भागीदारी हो इसे सुनिश्चित करेंगे। मेला में सॉइल टेस्टिंग काउंटर भी उपलब्ध करायेंगे। कर्मशाला में जो बातें आपने सीखी है उसे सरल तरीक़े से किसानो को समझाना होगा। कृषि विभाग से क्या मदद मिल सकती है उसकी जानकारी भी दे । 22 मई को प्रखंड स्तर भी खरीफ मेला का आयोजन करें और पंचायत स्तर भागीदारी सुनिश्चित करें साथ ही हर पंचायत से 50-50 प्रगतिशील किसानों की भागीदारी सुनिश्चित करें । बीज का वितरण एसएचजी और एफ़पीओ के जरिये हो इसे भी सुनिश्चित करेंगे ।

कृषि के अलावा अन्य प्रभाग पर भी जोर

कृषि मंत्री ने पदाधिकारियों को निदेश दिया कि पशुओं के दवाई का वितरण समय पर इससे संबंधित निविदा समय पर हो इसे सुनिश्चित करें । मई अंत तक तालाबों के जीर्णोद्धार का कार्य ख़त्म को जाना चाहिए। जिला मत्स्य पदाधिकारी मत्स्य बीज का आंकलन कर निदेशालय को भेज दें और मई अंत तक वितरण हो इसे सुनिश्चित करें ।इसके अलावे उन्होंने भूमी संरक्षण,सोलर पम्प वितरण , ड्रिप इरीगेशन ,मधुमक्खी पालन आदि पर सख्ती से अनुपालन करने का निदेश दिया ।

बिरसा विश्वविद्यालय के कुलपति श्री एससी दुबे ने कर्मशाला में कहा कि जल संरक्षण की दिशा में काम करना होगा । डाइवर्सिफिकेशन को बढ़ाना है। किसान आय के अन्य उपायों को भी अपनाने पर जोर दें इसके लिए उन्हें प्रेरित करना होगा । जिला कृषि पदाधिकारी को अपने जिले की कृषि से संबंधित सभी जानकारी रखनी होगी ।

विशेष सचिव श्री गोपाल जी तिवारी ने कहा कि कृषि मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की के निदेश पर इस दो दिवसीय कर्मशाला का आयोजन किया गया। इसमें संभावित सूखे की स्थिति में किसानों को कैसे राहत पहुंचाई जाए इस रणनीति पर काम कर रहे हैं। इस कर्मशाला का उद्देश्य था कि जिला स्तर पर एक इंटीग्रेटेड प्लान निकल कर सामने आए । ताकि राज्य स्तर पर इसे इंप्लीमेंट करे सके ।

दो दिवसीय खरीफ कर्मशाला के दूसरे दिन मंगलवार को डॉ अख़लाक़ अहमद ,कृषि वैज्ञानिक ने धान के किस्मों के चयन के बारे में जानकारी दी । मानसून समय पर आता है तो धान की बुआई शुरू कर देनी है। उन्होंने मौसम और भूमि के आधार पर धान के किस्मों के चयन के बारे में जानकारी दी।डॉ अशोक कुमार सिंह ने धान की उन्नत खेती कैसे करें इस संबंध में कार्यशाला में मौजूद पदाधिकारियों को जानकारी दी ताकि किसानों को इस संबंध में जागरूक किया जा सके ताकि धान की पैदावार अधिक से अधिक हो । उन्होंने वैज्ञानिक तरीकों से धान की खेती पर जोर दिया । धान की बुआई कैसे करें , किस प्रकार की धान के किस्मों का चयन करें, ज़्यादा उपज के धान की किस्मों का चयन, भूमि आधारित धान के किस्मों का चयन आदि की जानकारी दी। खरपतवार नाशक के किस्म और उनके उपयोग की जानकारी दी । डॉ अरुण कुमार , कृषि वैज्ञानिक बीएयू ने मिलेट्स खेती की जानकारी दी । सॉइल कंजर्वेशन के उपायों की भी जानकारी दी गई।

इस अवसर पर सूखे की आपात स्थिति से निपटने के लिए किस प्रकार की तैयारी रखें इस आधारित एक डाक्यूमेंट्री फ़िल्म बनायी गई है जिससे किसानों को अवगत कराया जा सके । इसे दिखाया गया ।

कार्यक्रम में निदेशक समिति श्री विकास कुमार , निदेशक सांख्यिकी एवं मूल्यांकन श्री श्री शैलेन्द्र कुमार , कृषि विभाग से जुड़े पदाधिकारी, सभी जिले से आयें कृषि पदाधिकारी , संबंधित विभिन्न विभागों से जुड़े पदाधिकारीगण सहित बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के पदाधिकारीगण, कृषि वैज्ञानिक आदि उपस्थित थे ।

PVUNL की बड़ी छलांग: 800 MW Unit-2 का Trial Operation पूरा, Jharkhand को मिलेगी 1360 MW बिजली

Patratu Vidyut Utpadan Nigam Limited (PVUNL) ने 11 मई 2026 को शाम 7:15 बजे Unit-2 के Trial Operation को सफलतापूर्वक पूरा कर एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की। इस सफलता के साथ Unit-2 के नियमित संचालन एवं Commercial Operation Declaration (COD) का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इससे Jharkhand सहित अन्य लाभार्थी राज्यों में गर्मी के मौसम में बढ़ी हुई बिजली मांग को पूरा करने में सहायता मिलेगी।

PVUNL से उत्पादित कुल विद्युत का 85% Jharkhand को प्राप्त होगा। Unit-1 और Unit-2 के 1600 मेगावाट की कुल स्थापित क्षमता में से 1360 मेगावाट बिजली Jharkhand को जाएगी। यह विद्युत राज्य के औद्योगिकीकरण को गति देने तथा विकास के नए अवसर सृजित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

इस अवसर पर PVUNL के CEO Shri A.K. Sehgal, CGM (Project) Shri Anupam Mukherjee, GM (O&M) Shri Manish Khetrapal, GM (O&C) Shri Jogesh Chandra Patra, GM (Project) Shri Bishnu Dutta Dash तथा GM (Maintenance & ADM) Shri O.P. Solanki सहित PVUNL, NTPC एवं BHEL के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे और इस उपलब्धि का उत्सव मनाया।

इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए CEO Shri A.K. Sehgal ने सभी कर्मचारियों, अभियंताओं एवं सहयोगियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सफलता पूरी टीम की मेहनत, समर्पण और सामूहिक प्रयास का परिणाम है।

उन्होंने यह भी कहा कि पिछले वर्ष 05 नवंबर 2025 को Unit-1 की वाणिज्यिक परिचालन की घोषणा (COD) की गई थी और अब PVUNL, Unit-2 की वाणिज्यिक परिचालन के घोषणा की दिशा में भी पूर्ण रूप से तैयार है।

Shri Sehgal ने NTPC, Government of Jharkhand, JBVNL तथा अन्य सभी हितधारकों के अधिकारियों एवं सहयोगी संस्थाओं का उनके निरंतर सहयोग, मार्गदर्शन एवं समर्थन के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया।