देवघर के डीएवी भंडारकोला के विद्यार्थियों ने बारहवीं की सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में शत प्रतिशत सफलता प्राप्त कर लहराया परचम।
देवघर: गीता देवी डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल, भंडारकोला, के विद्यार्थियों ने सीबीएसई की बारहवीं की बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विद्यालय का नाम रौशन किया। विद्यार्थियों की शानदार सफलता से विद्यालय परिसर में हर्ष एवं उत्साह का वातावरण व्याप्त है। विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने विज्ञान एवं वाणिज्य कला संकाय में बेहतरीन अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। विज्ञान संकाय में 91.4 प्रतिशत अंक के साथ सुंदरम प्रथम स्थान, 85 प्रतिशत अंक के साथ प्रथम राज दूसरे और 84 प्रतिशत अंक के साथ मो असजद अंसारी तीसरे स्थान पर रहे। वाणिज्य संकाय में 90.6 प्रतिशत अंक के साथ ओम भारद्वाज प्रथम, 86.6 प्रतिशत अंक के साथ ऋचा सिंह दूसरे और 83.6 प्रतिशत अंक के साथ क्रमशः श्रेयश कुमार और निधि कुमारी तीसरे स्थान पर रहे। विद्यार्थियों की इस उपलब्धि का श्रेय उनके कठिन परिश्रम, शिक्षकों के मार्गदर्शन एवं अभिभावकों के सहयोग को दिया गया। विद्यालय के प्राचार्य ने सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह परिणाम विद्यार्थियों की मेहनत, अनुशासन एवं शिक्षकों की समर्पित शिक्षण पद्धति का प्रतिफल है। उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें जीवन में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
देवघर- स्वर्गीय वर्धन खवाड़े क्रिकेट चैंपियनशिप शुरू, एसडीओ और डॉ. सुनील खवाड़े ने किया उद्घाटन।
देवघर: स्वर्गीय वर्धन खवाड़े क्रिकेट चैंपियनशिप का उद्घाटन सोमवार को केकेएन स्टेडियम में सदर एसडीओ रवि कुमार और जिला ओलंपिक संघ के अध्यक्ष सह आयोजन समिति के चेयरमैन वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. सुनील खवाड़े ने किया। इस दौरान दोनों अतिथियों ने पहले ट्रॉफी का अनावरण किया। फिर खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त पिच पर बैटिंग भी की। एसडीओ रवि कुमार ने कहा कि ऐसे आयोजन नए खिलाड़ियों के लिए एक मंच के समान है, अपने खेल का प्रदर्शन कर सकते हैं। मैच का लाइव प्रसारण दर्शकों को रोमांचित भी करेगा। डॉ. सुनील खवाड़े ने कहा कि ऐसे आयोजन के पीछे हम लोगों का उद्देश्य है कि यहां खेल से जुड़े युवा आगे बढ़े। ओलंपिक एसोसिएशन भी इसमें लगातार प्रयासरत है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस टूर्नामेंट में सारे खिलाड़ी देवघर के ही हैं। हमारे देवघर के खिलाड़ी जिला, राज्य, देश और देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेले, यही हम लोगों का सपना है और इसको आगे बढ़ने का काम निरंतर जारी रहेगा। पहले दिन तीन मैच खेले गए। वैसे रोजाना 3 मैच खेले जाएंगे, जो 10-10 ओवर का होगा। वहीं फाइनल मुकाबला 15 ओवर का खेला जाएगा। इस प्रतियोगिता में खिलाड़ियों नकदी राशि इनाम स्वरूप दी जाएगी। आयोजन समिति के चेयरमैन डॉ. सुनील खवाड़े ने बताया कि केकेएन स्टेडियम में सारा आयोजन होगा। इसमें कुल 12 फ्रैंचाइजी टीम हैं जिनको दो ग्रुपों में बांटा गया है। दोनों ग्रुप से टॉप 2-2 टीम सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करेगी। कुल 204 खिलाड़ियों को मौका दिया गया है। सभी मैचों का सीधा प्रसारण यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया के जरिये हो रहा है। दर्शकों के लिए भी इनामों की बारिश होगी। इस प्रतियोगिता की विजेता टीम को एक लाख 10 हजार और उपविजेता को पचपन हजार रुपए मिलेंगे। उद्घाटन के मौके पर आयोजन समिति के सीईओ संजय मालवीय, जिला खेल प्राधिकरण के सचिव आशीष झा, आयोजन समिति के अध्यक्ष बीरेंद्र सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष ऋषि राज सिंह, निर्मल कुमार, जोगी तिवारी, उपाध्यक्ष नवीन शर्मा, कार्यकारी सचिव नीरज झा, कोषाध्यक्ष पंकज वाजपेयी, राकेश राय, रितेश केसरी,जिम्मी समेत सुशील महत्ता,दीपक दुबे,अजय खवारे,टुनटुन राउत,रोहित पाण्डेय, चांद मणि बलियासे,,किशोर यादव, ब्रहमदेव राउत, कई लोग मौजूद थे।उद्घोषक अशोक कुमार थे।। पहले दिन खेले गए तीन मैच पहला मैच कैलाशा फाइटर और मोहनपुर टाइगर्स के बीच खेला गया, जिसमें मोहनपुर टाइगर ने कैलासा फाइटर को 4 विकेट से हराया। दूसरा मैच वीरांश स्टाइलिश इलेवन और पीवीआर पैंथर का हुआ, जिसमें वीरांश एलेवन ने पीवीआर पैंथर को 25 रन से हराया। तीसरा मैच बादशाह और पैराडाइज बीच खेला गया। लेकिन बारिश की वजह से मैच बीच में बाधित हो गया। इस कारण दोनों टीमों को एक-एक पॉइंट दिया गया। निर्णायक की भूमिका में खुशहाल शेख और ऋषि कुमार थे।।
देवघर-भारतीय जनता पार्टी ने राज्य स्तरीय प्रदर्शन पानी बिजली एवं स्वास्थ्य के लिए विशाल जुलूस निकाला।
देवघर: भारतीय जानता पार्टी के राज्य स्तरीय प्रदर्शन कार्यक्रम के अंतर्गत देवघर जिला में भी जानता के मूलभूत समस्याओं बिजली पानी नगर निगम क्षेत्र में व्याप्त गंदगी जैसी समस्या होमगार्ड बहाली आदि को लेकर देवघर जिला उपायुक्त समक्ष प्रदर्शन के लिए जिला अध्यक्ष सचिन रवानी के नेतृत्व के सेकड़ो कार्यकर्ताओं जिसमें महिला और युवाओं की बड़ी संख्या थी जुलूस के सक्ल में स्थानीय शिवलोक परिसर से निकली पूरे रास्ते में इस गर्मी में भी कार्यकर्ताओं का जोश देखने लायक था। हेमंत सोरेन और जेएमएम सरकार तथा स्थानीय प्रशासन के खिलाप नारेबाज़ी करते हुवे उपायुक्त कार्यालय पहुचे जहाँ भाजपा कार्यकर्ताओं ने अनुशासन का परिचय देते हुवे वहाँ उपस्थित जिला प्रशासन के प्रतिनिधि का आग्रह स्वीकार करते हुवे केवल दस लोग ही अंदर गए परंतु जिला प्रशासन ने काफ़ी इंतज़ार कराने के बाद भी केवल दो लोगो के ही मिलने की बात कह कर भाजपा जिला प्रतिनिधि मंडल को बिना ज्ञापन लिए वापस लौटा दिया इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा प्रदेश महामंत्री  गणेश मिश्रा  उपस्थित थे मुख्य वक्ता के रूप ने पूर्व सारथ विधायक  रणधीर सिंह देवघर के पूर्व देवघर विधायक नारायण दास रीता चौरसिया उपस्थित थे। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में जिला महामंत्री अभय अनन्द झा सुनीता सिंह जिला उपाध्यक्ष पंकज भदौरिया मुकेश पाठक मनोज पप्पू यादव मिश्रा विजया सिंह सुलोचना देवी अलका सोनी विशाखा सिंह दिवाकर गुप्ता संजय यादव जय कांत मंडल सोना धारी झा संजय गुप्ता विपिन देव संतोष उपाध्या सौरभ पाठक राहुल झा सौरभ सुमन सुनील यादव काशी मंडल जय कुमार मिश्रा चंद्र नारायण दुबे निर्मल मिश्रा अमरजीत दुबे मनीष सिंह हरि ओम शरण सुमित रवानी काशी मंडल शांति देवी दिगंबर पांडेय अजय सिंह मोहन मंडल अशोक यादव बिनीता पासवान कुंदन झा दीपक केशरी सहित सैकड़ो कार्यकर्ता उपस्थित थे
देवघर-के डीएवी भंडारकोला में माँ के त्याग और स्नेह को बच्चों ने गीत, कविता और नृत्य के माध्यम से किया नमन।
देवघर: के गीता देवी डीएवी पब्लिक स्कूल भंडारकोला,देवघर में अंतर्राष्ट्रीय मदर्स डे के पुनीत अवसर पर भावपूर्ण एवं आकर्षक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम का उद्देश्य मातृत्व के महत्व को उजागर करना तथा बच्चों के मन में अपनी माँ के प्रति सम्मान और प्रेम की भावना को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्य मोहम्मद मुस्तफा मजीद ने दीप प्रज्वलित करके किया। इसके पश्चात क्लास 8 से 12 तक के विद्यार्थियों ने माँ के प्रेम, त्याग और स्नेह को दर्शाते हुए गीत की प्रस्तुति से वातावरण को मधुर एवं भावनात्मकता से सराबोर कर दिया,माइम की प्रस्तुति ने सभी दर्शकों को भावुक कर दिया। वहीं रंगारंग नृत्य की प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने माँ के सम्मान में भावपूर्ण कविता पाठ भी प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुति ने उपस्थित अभिभावकों एवं शिक्षकों को भावविभोर कर दिया। एलकेजी के बच्चों ने माँ की तस्वीर को रंग करके, क्लास 1 के बच्चों ने बुके बनाकर, क्लास 2 के बच्चों ने पर्स बनाकर, क्लास 3 से 5 तक के बच्चों ने कोलाज और ग्रीटिंग कार्ड बनाकर तथा क्लास 5 से 7 के बच्चों ने गायन की प्रस्तुति कर मातृशक्ति के प्रति प्रेम प्रदर्शित किया। विद्यालय के प्राचार्य मोहम्मद मुस्तफा मजीद ने अपने संबोधन में कहा कि माँ हमारे जीवन की प्रथम गुरु होती हैं और उनके योगदान को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने विद्यार्थियों को सदैव अपने माता-पिता का सम्मान करने तथा उनके आदर्शों पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने विद्यार्थियों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि माँ के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का यह एक सुंदर प्रयास है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों में संस्कार, संवेदनशीलता और पारिवारिक मूल्यों को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय के शिक्षकों अभिषेक सूर्य, निशा किरण, दीपिका सिन्हा, नीलम चौधरी, राज रानी, मीनू चौधरी, कार्तिक राज, उर्वशी वत्स,संगीता बनर्जी,निधि तथा क्लास एलकेजी से दो तक की सभी वर्ग शिक्षिका एवं विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अंत में धन्यवाद ज्ञापन और शांति पाठ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। उक्त आशय की जानकारी मीडिया प्रभारी अभिषेक सूर्य ने दी।
देवघर के डीएवी भंडारकोला में विश्वगुरु रबीन्द्रनाथ टैगोर की 165वीं जयंती मनाई गई।
देवघर: गीता देवी डीएवी पब्लिक स्कूल भंडारकोला, देवघर में आज गुरुदेव रबीन्द्रनाथ टैगोर का 165वां जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।इस अवसर पर विद्यालय परिसर में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य मोहम्मद मुस्तफा मजीद, शिक्षक पार्थ गुहा, अभिषेक सूर्य ,शिक्षिका नीलम चौधरी एवं विद्यार्थियों द्वारा पुष्प अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर विद्यालय में एक सभा का आयोजन भी किया गया, जिसमें गुरुदेव रबीन्द्रनाथ टैगोर के साहित्य, शिक्षा एवं राष्ट्र निर्माण में उनके अमूल्य योगदान पर प्रकाश डाला गया। विद्यालय के प्राचार्य मोहम्मद मुस्तफा मजीद ने अपने संबोधन में कहा कि गुरुदेव रबीन्द्रनाथ टैगोर केवल एक दूरदर्शी कवि ही नहीं, बल्कि दार्शनिक, शिक्षाविद् , मानवतावादी विचारक और नोबेल पुरस्कार विजेता भी थे, जिनके शब्द आज भी हृदय और मस्तिष्क को आलोकित करते हैं।उनके विचार आज भी विद्यार्थियों को सृजनशीलता, नैतिकता एवं राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा देते हैं। उनके विचार हमें ज्ञान प्राप्त करने,रचनात्मकता को संजोने और एक बेहतर दुनिया के निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को उनके आदर्शों का अनुसरण करने को कहा। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने गुरुदेव की रचनाओं का पाठ किया तथा उनके जीवन से जुड़ी प्रेरणादायक घटनाओं को साझा किया। अंत में सभी ने राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन किया। उक्त आशय की जानकारी मीडिया प्रभारी अभिषेक सूर्य ने दी।
देवघर- की मदर टच स्कूल में मदर्स डे समारोह धूमधाम से मनाया गया।
देवघर: के मदर्स टच स्कूल में मदर्स डे बड़े हर्ष, उत्साह और भावनात्मक गर्मजोशी के साथ मनाया गया। इस वर्ष का समारोह विशेष रूप से दिव्यांग एवं विशेष बच्चों को समर्पित था, जिसका उद्देश्य समाज में समावेशिता, संवेदनशीलता और स्वीकार्यता के प्रति जागरूकता फैलाना था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथियों के रूप में सिस्टर अनीला, सिस्टर एक्नोस, डिप्टी मेयर टिप चटर्जी, रीता चौरसिया एवं वीणा पांडेय की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिसने समारोह को और भी प्रेरणादायक एवं विशेष बना दिया। समारोह का मुख्य आकर्षण विशेष बच्चों की माताओं का सम्मान समारोह रहा। आयुष, संतोषी, सान्वी, निधि राज एवं महावती टुड्डू की माताओं को उनके प्रेम, समर्पण, धैर्य और निस्वार्थ देखभाल के लिए सम्मानित किया गया। साथ ही जियरमुनी मुर्मू को भी उनकी प्रेरणादायक उपस्थिति और योगदान के लिए विशेष सम्मान प्रदान किया गया। इन भावुक पलों ने उपस्थित सभी लोगों के हृदय को छू लिया और मातृत्व की सच्ची भावना को दर्शाया। माताओं और बच्चों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं प्रस्तुतियों का भी आयोजन किया गया। गायन प्रतियोगिता में पुरब झा की माता एवं कियान्श की माता विजेता रहीं, जबकि नृत्य प्रतियोगिता में कियान्श की माता ने जीत हासिल की। श्रुति मिश्रा एवं किट्टाख द्वारा प्रस्तुत विशेष नृत्य प्रस्तुति को दर्शकों ने खूब सराहा। वहीं पुरब झा की माता को श्लोक विजेता के रूप में सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में रुही, अनुष्का, आरुषी, साक्षी, दृष्टिना, लाव्या, रोशनी, अनन्या, सोनम एवं शिवांगी की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने समारोह को और भी जीवंत एवं यादगार बना दिया। मदर्स टच स्कूल, सानिया, प्रिया, पूजा आर्या झा, स्वेतसांश, सोनम झा, डॉ. रूपाश्री, तृप्ति पांडेय, अमन अमिताभ एवं कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी लोगों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करता है। यह समारोह मातृत्व, करुणा, समावेशिता और एकता की भावना का सुंदर प्रतीक बनकर उभरा।
देवघर-9 मई 2026 फाउंडेशन विथ फन ए प्ले स्कूल में धूमधाम से मनाया गया मातृ दिवस समारोह।
देवघर: फाउंडेशन विद फन ए प्ले स्कूल द्वारा आज वायोरे इन बैंक्वेट हॉल में मातृ दिवस का भव्य आयोजन किया गया। इस वर्ष समारोह की थीम 'लाइट ब्लू' रखी गई, जिसमें सभी माताओं ने नीले परिधान में भाग लेकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि रीता चौरसिया रहीं। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में ममता किरण, डॉ. पल्लवी, डॉ. चेतना भारती, डॉ. स्नेहा, ज्ञानी मिश्रा तथा श्री एवं श्रीमती बिरेंद्र सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ स्कूल की प्राचार्या अर्पणा सिन्हा के स्वागत भाषण एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। अपने संबोधन में प्राचार्या ने कहा, "मां वह शब्द है जिसमें पूरी दुनिया समाई है। आज का दिन उन सभी माताओं को समर्पित है जो बिना किसी शिकायत के 24 घंटे अपने बच्चों के लिए समर्पित रहती हैं।" समारोह में केक कटिंग के साथ विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अंग्रेजी-हिंदी कविता पाठ, मातृ दिवस गीत, मेडले सॉन्ग तथा 'रेट्रो टू डिस्को' नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं, जिसे देखकर सभी माताएं भावुक हो गईं। माताओं के लिए विशेष रूप से रैंप वॉक, क्विज़, पासिंग द बॉल गेम जैसे मनोरंजक कार्यक्रम आयोजित किए गए। पिताओं के लिए 'कलेक्टिंग द बॉल' गेम का आयोजन किया गया। साथ ही 'मॉम एंड मी' डांस प्रतियोगिता और फायरलेस कुकिंग प्रतियोगिता भी आकर्षण का केंद्र रही। मुख्य अतिथि रीता चौरसिया ने विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए और अपने संबोधन में कहा कि "बच्चे के पहले गुरु और जीवन भर की ताकत मां ही होती है। स्कूल द्वारा माताओं के सम्मान में किया गया यह आयोजन सराहनीय है।" सभी विशिष्ट अतिथियों को प्राचार्या द्वारा बुके एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में प्राचार्या अर्पणा सिन्हा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं स्कूल स्टाफ का आभार व्यक्त किया। लगभग दो घंटे चले इस कार्यक्रम में 100 से अधिक माताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। समारोह का समापन जलपान के साथ हुआ।कार्यक्रम को सफल बनाने में ऐश्वर्या, मंचना, सौम्या,एवम् संजना का तथा शिक्षिका सुनीता एवं राजेश्वरी का महत्वपूर्ण योगदान रहा । मच संचालन अर्चना सिन्हा द्वारा बखूबी निभाया गया।
देवघर-विश्व रेड क्रॉस सोसाइटी दिवस के अवसर पर रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ में भव्य कार्यक्रम।
देवघर: विश्व रेड क्रॉस दिवस के अवसर पर भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, देवघर द्वारा रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ, देवघर के प्लस-२ भवन सभागार में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य रक्तदाताओं, सामाजिक संस्थाओं एवं समाजसेवियों को सम्मानित करना तथा समाज में मानव सेवा, करुणा और रक्तदान के महत्व को जन-जन तक पहुँचाना था। विश्व रेड क्रॉस दिवस प्रत्येक वर्ष ८ मई को रेड क्रॉस के संस्थापक हेनरी ड्यूनेंट की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। यह दिवस मानवता, निस्वार्थ सेवा, सहायता और भाईचारे का संदेश देता है। रेड क्रॉस संस्था सदैव जरूरतमंदों की सहायता, रक्तदान, आपदा राहत एवं स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से समाज की सेवा करती रही है। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि रक्तदान केवल एक दान नहीं, बल्कि किसी को नया जीवन देने का सबसे बड़ा माध्यम है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ब्रह्मचारी अनादिचैतन्य महाराज, शैक्षणिक समन्वयक (वरिष्ठ माध्यमिक विभाग), रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ, देवघर, डॉ. नृपेन्द्र सिंह लिंगवाल, निदेशक, खाद्य शिल्प संस्थान,श्री जॉय बनर्जी, हवाई अड्डा निदेशक,डॉ. इंद्रनील दास, रक्त आधान विभाग, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान तथा भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, देवघर के chairman जितेश राजपाल उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में समाज को सेवा और सहयोग की भावना की सबसे अधिक आवश्यकता है। रेड क्रॉस द्वारा किए जा रहे रक्तदान, स्वास्थ्य जागरूकता और मानव सेवा के कार्य समाज के लिए प्रेरणादायी हैं। इस अवसर पर ३० नवम्बर २०२५ को रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ में आयोजित रक्तदान शिविर के सभी १२४ रक्तदाताओं को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। रक्तदाताओं के इस निस्वार्थ योगदान की सभी अतिथियों ने सराहना की और उन्हें समाज के लिए प्रेरणा बताया। एच.डी.एफ.सी. बैंक को रक्तदान शिविर में सहयोग के लिए सम्मानित किया गया। वहीं भारतीय स्टेट बैंक को ३० नवम्बर २०२५ को रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ में आयोजित विशाल रक्तदान शिविर के प्रायोजन एवं सामाजिक सहयोग के लिए विशेष धन्यवाद दिया गया। भारतीय स्टेट बैंक द्वारा समय-समय पर सामाजिक कार्यों, जनकल्याण गतिविधियों एवं सेवा कार्यों में दिए जा रहे योगदान की भी सराहना की गई। नितेश सिंह राजपूत को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा आयोजित प्राथमिक उपचार प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहयोग देने हेतु सम्मान प्रदान किया गया। वहीं रेड क्रॉस की आजीवन सदस्य श्वेता शर्मा को शिक्षा के क्षेत्र में प्राप्त राष्ट्रपति उत्कृष्टता पुरस्कार के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उन सामाजिक एवं सेवा संस्थाओं को भी सम्मानित किया गया जिन्होंने भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, देवघर के साथ मिलकर रक्तदान शिविर एवं विभिन्न सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई। इनमें मारवाड़ी युवा मंच, रोटरी क्लब ऑफ देवघर, इनर व्हील क्लब ऑफ देवघर, सनातन फाउंडेशन, भारतीय जनता युवा मोर्चा, खाद्य शिल्प संस्थान देवघर, विरोय फाउंडेशन, रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण देवघर, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान देवघर, ब्रह्माकुमारी संस्था, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, कल्पतरु प्रोजेक्ट इंटरनेशनल लिमिटेड, दत्ता डेप्युटी हेल्थ ट्रस्ट सत्संग, भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी उप-मंडलीय शाखा मधुपुर तथा अडानी पावर प्लांट गोड्डा शामिल रहे। कार्यक्रम में भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, देवघर की ओर से vice chairman पियुष जायसवाल, कोषाध्यक्ष राजकुमार बर्नवाल, सह-कोषाध्यक्ष सुधांशु शेखर बर्नवाल, कार्यकारिणी सदस्य  विजय प्रताप सनातन, अभिषेक नेवर, देवनंदन झा, संजय मिश्रा, आजीवन सदस्य बैद्यनाथ वर्मा, ज्योति झा, श्वेता शर्मा, कृष्णा केशरी एवं युवा सदस्य पल्लवी कुमारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मंच संचालन पियुष जायसवाल एवं श्वेता शर्मा द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। वहीं धन्यवाद ज्ञापन भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, देवघर के अध्यक्ष जितेश राजपाल ने किया। अपने धन्यवाद ज्ञापन में जितेश राजपाल ने कहा कि रेड क्रॉस केवल एक संस्था नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने सभी रक्तदाताओं, सामाजिक संस्थाओं, अतिथियों एवं सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के सहयोग से ही ऐसे सेवा कार्य सफल हो पाते हैं। उन्होंने युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में रक्तदान एवं सामाजिक सेवा कार्यों से जुड़ने की अपील की तथा कहा कि एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन दे सकता है। कार्यक्रम का समापन मानव सेवा, रक्तदान और सामाजिक सहयोग के संदेश के साथ किया गया। यह आयोजन समाज में सेवा, करुणा और मानवता की भावना को और अधिक मजबूत करने वाला प्रेरणादायी कार्यक्रम सिद्ध हुआ।
देवघर-महान रोटेरियन स्व. अभय श्रॉफ को संगीत समारोह में भावभीनी श्रद्धांजलि।
देवघर: के शिल्पग्राम ऑडिटोरियम में संस्कृती वाटिका एवं रोटरी क्लब ऑफ देवघर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “गुरु असित मुखर्जी मेमोरियल सिंगिंग ग्रैंड फिनाले सीजन-2” के दौरान महान समाजसेवी एवं रोटरी क्लब ऑफ देवघर के स्तंभ स्वर्गीय रोटेरियन अभय श्रॉफ को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। यह भव्य संगीत समारोह केवल प्रतिभाओं का मंच नहीं बना, बल्कि देवघर की एक महान विभूति को याद करने और उनके अतुलनीय योगदान को नमन करने का भावुक अवसर भी बना। कार्यक्रम में उपस्थित रोटेरियंस, समाजसेवियों, कलाकारों एवं नागरिकों ने स्व. अभय श्रॉफ को याद करते हुए उन्हें सेवा, समर्पण और मानवता का प्रतीक बताया। कार्यक्रम के दौरान संस्कृती वाटिका, देवघर के निदेशक बिस्वजीत दास ने अत्यंत भावुक अंदाज में प्रसिद्ध गीत “ना चिट्ठी ना संदेश” प्रस्तुत किया। गीत की मार्मिक प्रस्तुति ने पूरे सभागार को भावुक कर दिया और उपस्थित लोगों की आंखें नम हो गईं। इसके उपरांत सभी लोगों ने खड़े होकर एक मिनट का मौन रख स्व. रोटेरियन अभय श्रॉफ को श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरा वातावरण श्रद्धा, सम्मान और भावनाओं से भर गया। इस अवसर पर रोटरी परिवार की ओर से चार्टर प्रेसिडेंट रोटेरियन गोविंद प्रसाद डालमिया, रोटेरियन डॉ. सुनील कुमार सिन्हा, रोटेरियन विजय मुंद्रा, रोटेरियन सुरेंद्र सिंघानिया, रोटेरियन डॉ. संजय भगत, रोटेरियन आनंद साह, रोटेरियन प्रमोद चौचरिया, क्लब सचिव रोटेरियन नितेश बठवाल, एवं वर्तमान अध्यक्ष रोटेरियन पीयूष जायसवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। रोटेरियन पीयूष जायसवाल ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि “स्व. रोटेरियन अभय श्रॉफ केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि रोटरी क्लब ऑफ देवघर की आत्मा थे। उनका जीवन सेवा, समर्पण, अनुशासन और मानवता का जीवंत उदाहरण था। उन्होंने जिस निष्ठा और प्रेम से रोटरी को आगे बढ़ाया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा। देवघर समाज और रोटरी परिवार उनके योगदान को कभी नहीं भूल पाएगा।” 15 सितंबर 1946 को देवघर में जन्मे स्व. अभय श्रॉफ ने अपना पूरा जीवन देवघर और यहां की जनता की सेवा में समर्पित कर दिया। वे वर्ष 1981 में रोटरी क्लब ऑफ देवघर के संस्थापक सदस्यों में से एक थे और लगातार 44 वर्षों तक रोटरी से जुड़े रहे। इस दौरान उन्होंने दो बार क्लब अध्यक्ष के रूप में नेतृत्व किया और रोटरी के विभिन्न सामाजिक कार्यों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। विशेष रूप से वार्षिक रोटरी मेले के सफल आयोजन में उनका योगदान अविस्मरणीय रहा। कई अवसरों पर उन्होंने अकेले अपने नेतृत्व और मेहनत से पूरे आयोजन को सफल बनाया। उनके व्यक्तित्व में सरलता, विनम्रता, प्रेम और सेवा भावना का अद्भुत संगम था। वे किसी के प्रति दुर्भावना नहीं रखते थे और सदैव समाजहित में कार्य करते रहे। वे एक सफल व्यवसायी होने के साथ-साथ पुस्तकों, ज्ञान और अध्यात्म के प्रति गहरी रुचि रखते थे। उनके घर की निजी लाइब्रेरी उनकी अध्ययनशील प्रवृत्ति का प्रमाण थी। वे एक प्रभावशाली वक्ता भी थे, जिनकी वाणी में स्पष्टता, संवेदनशीलता और प्रेरणा झलकती थी। स्व. अभय श्रॉफ को बागवानी से विशेष प्रेम था। देवघर में आयोजित वार्षिक पुष्प प्रदर्शनी में वे लगातार कई पुरस्कार जीतते रहे। उनका जीवन सेवा, संस्कार और समाज के प्रति समर्पण की मिसाल था। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने कहा कि स्व. अभय श्रॉफ केवल एक रोटेरियन नहीं, बल्कि अपने आप में एक संस्था थे, जिनकी प्रेरणा आने वाली पीढ़ियों को सदैव मार्गदर्शन देती रहेगी। इस अवसर पर आयोजित “गुरु असित मुखर्जी मेमोरियल सिंगिंग ग्रैंड फिनाले 2026” भी अत्यंत भव्य एवं सफल रहा। झारखंड, बिहार एवं पश्चिम बंगाल से 1200 से अधिक प्रतिभागियों ने ऑडिशन दिया था, जिनमें से चयनित जूनियर एवं सीनियर वर्ग के प्रतिभागियों ने फाइनल में शानदार प्रस्तुति दी। संस्कृती वाटिका के मुख्य स्तंभ बिस्वजीत दास (सहायक प्राध्यापक, DIPSER कॉलेज) एवं तृषा दास (नृत्य शिक्षिका, देवसंग स्कूल) को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। पिछले 15 वर्षों से दोनों संगीत एवं वाद्ययंत्र की शिक्षा देकर देवघर की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। कार्यक्रम में अनाथालय के बच्चों की प्रस्तुति ने सभी को भावुक कर दिया। वहीं इंडियन आइडल सीजन-2 के फाइनलिस्ट एवं प्रसिद्ध गायक आद्रिज घोष मुख्य निर्णायक के रूप में उपस्थित रहे और प्रतिभागियों की सराहना की। *प्रतियोगिता के विजेता इस प्रकार रहे:* जूनियर वर्ग: प्रथम – Md. Rehan Shaikh द्वितीय – Shreayanshu Karmakar तृतीय – Kanishk Kr. Suman सीनियर वर्ग: प्रथम – Nitin Kumar द्वितीय – Shashwat तृतीय – Shobhit Sharma विशेष पुरस्कार: Best Performer – Md. Rehan Shaikh Sri Sushil Kumar Das Memorial Award – Chandan Kumar पूरा कार्यक्रम स्व. अभय श्रॉफ की यादों, उनके आदर्शों और समाज सेवा के प्रति उनके समर्पण को समर्पित रहा। ईश्वर उनकी पुण्य आत्मा को शांति प्रदान करें।
देवघर-के कांग्रेस नेता डॉ मुनम्म संजय को प्रदेश कांग्रेस कमेटी का महासचिव बनाया गया। कांग्रेस ने एक बड़ी जिम्मेदारी दी।
देवघर: कांग्रेस के जुझारू, बेबाक और जमीनी नेता डॉ. मुनम्म संजय का है—एक ऐसा नाम, जो संघर्ष की आग में तपकर राजनीति की असली पहचान बना है। आज जब उन्हें प्रदेश कांग्रेस कमेटी का महासचिव बनाया गया है, तो यह केवल एक पद नहीं, बल्कि वर्षों की तपस्या, त्याग और अडिग निष्ठा का सम्मान है। डॉ. संजय का राजनीतिक जीवन किसी आरामदायक रास्ते से नहीं, बल्कि संघर्षों के तूफान से होकर निकला है। छात्र जीवन से ही उन्होंने सत्ता के खिलाफ आवाज उठाई। देवघर का टावर चौक उनकी लड़ाइयों का साक्षी रहा है—जहां उन्होंने धरना दिया, अनशन किया, सड़कें जाम कीं, पुतला दहन किया और हर उस मुद्दे पर डटकर खड़े हुए, जहां आम जनता की आवाज दबाई जा रही थी। सैकड़ों बार गिरफ्तारियां झेलना उनके लिए डर का कारण नहीं, बल्कि संघर्ष का तमगा बन गया। सबसे बड़ी बात—जब कई लोग सत्ता के लालच में रास्ता बदल लेते हैं, तब डॉ. संजय ने कभी कांग्रेस का दामन नहीं छोड़ा। पार्टी के सबसे कठिन दौर में भी वे चट्टान की तरह डटे रहे। लेकिन डॉ. संजय ने अद्भुत धैर्य और साहस का परिचय दिया। उन्होंने साफ तौर पर ठान लिया कि किसी भी कीमत पर झुकना नहीं है—और अडिग होकर हर दबाव का मुकाबला किया। उन्होंने न कभी कांग्रेस से समझौता किया, न ही कांग्रेस की विचारधारा के साथ किसी प्रकार की सौदेबाजी की। गांधी परिवार के प्रति उनकी निष्ठा और कांग्रेस विचारधारा के प्रति उनका समर्पण कभी डगमगाया नहीं। यही कारण है कि पार्टी ने हर मोड़ पर उन पर भरोसा जताया। एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष से लेकर युवा कांग्रेस के नेतृत्व तक, और फिर करीब 14-15 वर्षों तक देवघर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने संगठन को जमीनी स्तर पर खड़ा किया। विरोध, साजिश और अंदरूनी खींचतान के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी—बल्कि हर चुनौती को अपनी ताकत बना लिया। बीस सूत्री कार्यक्रम के जिला उपाध्यक्ष के रूप में उन्होंने जो काम किया, वह सिर्फ पद संभालना नहीं था, बल्कि व्यवस्था को आईना दिखाना था। उन्होंने यह साबित किया कि अगर नीयत साफ हो, तो सरकारी योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि गरीबों के घर तक पहुंचती हैं। उन्होंने प्रशासन को जवाबदेह बनाया, अधिकारियों को सक्रिय किया और आम जनता के हक के लिए लड़ाई लड़ी। डॉ. संजय की पहचान सिर्फ एक नेता की नहीं, बल्कि एक लड़ाकू सिपाही की है—जो हर वक्त जनता के बीच खड़ा रहता है। उनकी पकड़ प्रशासन पर भी रही है और जनता के दिलों पर भी। कई बार प्रशासन से टकराव हुआ, लेकिन हर बार उन्होंने अपने हक की लड़ाई को मजबूती से रखा और समाधान भी निकाला। उनका स्वभाव जितना सरल है, उनकी राजनीति उतनी ही धारदार। युवाओं में उनकी जबरदस्त पकड़ है—क्योंकि वे सिर्फ भाषण नहीं देते, बल्कि साथ लेकर चलते हैं। यही वजह है कि उनके साथ हमेशा युवाओं की एक मजबूत फौज खड़ी रहती है। पार्टी ने उन्हें कई जिलों में प्रभारी और ऑब्जर्वर बनाकर उनकी क्षमता का उपयोग किया है। अब प्रदेश महासचिव के रूप में यह देखना दिलचस्प होगा कि वे अपने अनुभव, संघर्ष और जमीनी समझ से संगठन को किस ऊंचाई तक ले जाते हैं। आज उनके इस नए दायित्व से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा, नया जोश और नई उम्मीद जगी है। आम कांग्रेसियों से लेकर बुद्धिजीवियों तक, हर कोई यह मान रहा है कि पार्टी ने इस बार एक ऐसे योद्धा को जिम्मेदारी दी है, जो सिर्फ कुर्सी नहीं, बल्कि विचार और संघर्ष की राजनीति को आगे बढ़ाएगा।