मंडी में आलू का भाव उछला, किसान को मिली राहत
फर्रुखाबाद l शनिवार को सातनपुर आलू मंडी में आमद दोगुनी होने पर भी भाव में लगभग 100 रुपए का उछाल रहा, फर्रुखाबाद की एशिया प्रसिद्ध आलू मंडी सातनपुर में पिछले लगभग एक महीने से एक जैसा ही भाव देखने को मिला, जो सफेद आलू 201 रुपए से 401 रुपए प्रति कुंतल में बिक्री होती रही थी लेकिन बरसात होने से भीषण गर्मी से राहत मिलने व बाहिरी मंडियों से मांग के चलते 100 रुपए प्रति क्विंटल तक की उछाल रही आज 301 से 501 रुपए प्रति क्विंटल में सफेद हाईब्रिड आलू व लाल हालैंड आलू पिछले दिनों 501 से 601 रुपए बिकने वाला आलू आज 601 से 751 रुपए प्रति क्विंटल में बिका है जबकि पिछले दिनों आमद 30 से 40 मोटर रही थी और आज दोगुनी लगभग 80 मोटर आमद होते हुए भी 100 रुपए का उछाल रहा , बिकवाली अच्छी होने से एक घंटे में सभी आलू की बिक्री हो गई ।
अंडर 17 की फुटबॉल टूर्नामेंट का मुख्य अतिथि ने किया उद्घाटन

फर्रुखाबाद l आर्मी पब्लिक स्कूल की सेन्ट्रल कमाण्ड की क्लस्टर-4 की अण्डर -17 की फुटबॉल टूर्नामेंट का शुभारम्भ रमन स्टेडियम में दीप प्रज्ज्वलन और मन्त्रोचार के साथ हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विद्यालय के चेयरमैन स्टेशन कमाण्डर सिखलाई रेजीमेंट सेंटर के ब्रिगेडियर मनीष कुमार जैन रहे। एन. सी. सी. कैडिट ने ईमानदारी और सौहार्दपूर्ण वातावरण में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की शपथ दिलाई। इस दौरान मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर मनीष कुमार जैन ने सभी टीम के खिलाड़ियों , प्रशिक्षकों तथा टीम मैनेजर से हाथ मिलाकर परिचय लिया उसके बाद फुटबॉल में किक मारकर प्रतियोगिता के शुभारम्भ की आधिकारिक घोषणा की। प्रतियोगिता का पहला लीग मैच आर्मी पब्लिक स्कूल एल. बी.एस. मार्ग लखनऊ और आर्मी पब्लिक स्कूल बरेली के बीच हुआ जिसमें आर्मी पब्लिक स्कूल बरेली ने आर्मी पब्लिक स्कूल लखनऊ को 1-0 से हराया । दूसरा लीग मैच आर्मी पब्लिक स्कूल लखनऊ और आर्मी पब्लिक स्कूल फतेहगढ़ के बीच हुआ जिसमें आर्मी पब्लिक स्कूल लखनऊ ने आर्मी पब्लिक स्कूल फतेहगढ़ को 1-0 से मात दी । रविवार 10 मई को प्रातः 7 बजे आर्मी पब्लिक स्कूल फतेहगढ़ और आर्मी पब्लिक स्कूल बरेली के बीच लीग मैच खेला जायेगा।
बवाल में एस ओ सहित कांस्टेबल घायल कराया गया मेडिकल परीक्षण
अमृतपुर फर्रुखाबाद 9 मई।थाना राजेपुर क्षेत्र में युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद भड़के बवाल और पथराव में घायल पुलिसकर्मियों का उपचार जारी है। इसी क्रम में थाना राजेपुर में तैनात कांस्टेबल सौरव सिंह ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजेपुर पहुंचकर अपना मेडिकल परीक्षण कराया।बताया गया कि युवक की मौत के बाद आक्रोशित भीड़ ने पुलिस टीम पर अचानक पथराव शुरू कर दिया था। हालात इतने बिगड़ गए कि मौके पर भगदड़ और अफरा-तफरी मच गई। पथराव में नवांगतुक थाना अध्यक्ष नागेंद्र सिंह के सिर में गंभीर चोट आई, जिसके चलते उनके सिर में तीन टांके लगाए गए। वहीं ड्यूटी पर मौजूद कांस्टेबल सौरव सिंह भी घायल हो गए।घटना के बाद घायल कांस्टेबल सौरव सिंह को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजेपुर भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उनका मेडिकल परीक्षण कर प्राथमिक उपचार किया। इसके अलावा कांस्टेबल विष्णु के दोनों हाथों की उंगलियां फ्रैक्चर होने की भी जानकारी सामने आई है।घटना की सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा। पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पुलिस लगातार गश्त कर रही है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उपद्रव और पथराव करने वाले लोगों की पहचान की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज और वीडियो के आधार पर आरोपियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए है।
संदिग्ध मौत पर ग्रामीणों का पथराव थाना अध्यक्ष राजेपुर समेत कई पुलिसकर्मी घायल
पथराव करने वालों पर कार्यवाही तय उच्च अधिकारियों ने दिए संकेत

अमृतपुर फर्रुखाबाद 9 मई।थाना राजेपुर क्षेत्र में शनिवार को उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब बृजेश पुत्र बालकराम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने जमकर हंगामा कर दिया। आक्रोशित महिलाओं ने शव को कंपोजिट शराब ठेके के पास रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया और आरोप लगाते हुए ठेके पर मौजूद सेल्समैनों के साथ मारपीट कर उन्हें दुकान के अंदर बंद कर ताला डाल दिया।
स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलते ही थाना अध्यक्ष राजेपुर सुदेश कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस द्वारा शव को कब्जे में लेने का प्रयास किया गया तो भीड़ उग्र हो गई और देखते ही देखते पथराव शुरू हो गया। पथराव इतना जबरदस्त था कि थाना अध्यक्ष सुदेश कुमार, क्षेत्राधिकारी ऐश्वर्या उपाध्याय समेत आधा दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए। आबकारी विभाग में तैनात रीता वर्मा को भी पत्थर लगने से चोटें आईं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उग्र भीड़ ने पुलिस को करीब आधा किलोमीटर तक खदेड़ दिया। इस दौरान महिलाओं और पुलिस के बीच तीखी झड़प भी हुई। बताया जा रहा है कि थाना अध्यक्ष सुदेश कुमार को महिलाओं ने काट लिया, जिससे वह घायल हो गए। सिपाही विष्णु, सौरव सहित कई अन्य पुलिसकर्मी भी चोटिल हुए हैं।घटना के दौरान गांव की कई महिलाएं भी घायल हो गईं। पुलिस ने रविता पत्नी छोटेलाल निवासी अंबरपुर, श्रीदेवी पत्नी मंसाराम निवासी चाचूपुर, कामेश पुत्र गंगाराम समेत कई लोगों को हिरासत में लिया है।उग्र भीड़ ने कादरी गेट थाना की सरकारी गाड़ी को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। वहीं मौके पर मौजूद लेखपाल आशीष यादव की कार में भी तोड़फोड़ की गई। लेखपाल आशीष यादव को भी चोटें आने की जानकारी सामने आई है।घटना की सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे और हालात को काबू करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। पूरे इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है तथा बवाल और पथराव करने वालों की पहचान कर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
संदिग्ध परिस्थितियों में मिला शव पुलिस ने भरा पंचनामा
अमृतपुर फर्रुखाबाद 9 मई। थाना राजेपुर क्षेत्र में शनिवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब एक युवक का शव चाचूपुर मोड़ स्थित विद्यालय के निकट संदिग्ध परिस्थितियों में पड़ा मिला। शव मिलने की सूचना से क्षेत्र में भारी भीड़ जमा हो गई। राजेपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई और जांच पड़ताल शुरू कर दी। घटना को लेकर परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।मृतक की पहचान ब्रजेश राजपूत 22 पुत्र बालक राम राजपूत निवासी ग्राम चाचूपुर जटपुरा थाना राजेपुर के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों द्वारा शव पड़े होने की सूचना पुलिस को दी गई थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया तथा मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर जांच शुरू कर दी है।परिजनों के अनुसार ब्रजेश अपने परिवार में सबसे छोटा था। मृतक के बड़े भाई का नाम संजू तथा छोटे भाई का नाम कल्याण बताया गया है, जबकि उसकी तीन बहनों की शादी हो चुकी है। युवक की अचानक मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। मां सावित्री देवी का रो-रोकर बुरा हाल बना हुआ है।घटना के बाद पूरे गांव में शोक और दहशत का माहौल है। ग्रामीणों के बीच युवक की मौत को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। हालांकि अभी तक मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।राजेपुर पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।
ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने ऑनलाइन बिक्री के विरोध में स्वास्थ्य मंत्री को संबोधित ज्ञापन  सांसद को दिया
फर्रुखाबाद। केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने सांसद मुकेश राजपूत के निवास पर पहुंचकर ज्ञापन सौंपा जिस में दवा की  ऑनलाइन बिक्री बंद करने की मांग उठाई गई l साथ ही आगामी 20 मई को होने वाले देशव्यापी बंद की अग्रिम सूचना दी।
स्वास्थ्य मंत्री को संबोधित कर दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि दवाओं कीऑनलाइन बिक्री के चलते दुकानदारों को खाते का सामना करना पड़ रहा है इसके अलावा अन्य और भी समस्याएं हैं विभिन्न तरीके से दवा विक्रेताओं को परेशान किया जाता है कभी किसी धारा को लेकर तो कभी किसी जीआरएस को लेकर दवा विक्रेताओं का मानसिक उत्पीड़न  किया जाता है  जो बंद होना चाहिए।
ज्ञापन में अवगत कराया है कि यदि मांगे नहीं मानी गई तो आगामी 20 मई को संगठन के बैनर तले दवा व्यवसाय पूरी तरह से देश स्तर पर बंद रहेगा। ज्ञापन देने वालों में अध्यक्ष रवि शंकर चौहान मंत्री मनोज मिश्रा रजनीश कटियार, मोहित चौहान,कुनाल मोहित चौहान, प्रशांत शाक्य,सूरज यादव प्रदीप सिंह,अनिल सक्सेना, अनुपम पांडेय,आदि शामिल रहे।
शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण न होने पर अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि के साथ ही प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी

फर्रूखाबाद l आईजीआरएस शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी l शिकायतकर्ता की अनुपस्थिति में दो पड़ोसियों के बयान लिए जाएं । शिकायत गुणवत्ता एवं तत्वविहीन होने पर संबंधित अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि के साथ ही प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी l
जिलाधिकारी डॉ० अंकुर लाठर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आई0जी0आर0एस0 शिकायतों के निस्तारण एवं उनकी गुणवत्ता की समीक्षा हेतु महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा शिकायतों के निस्तारण की स्थिति, शिकायतकर्ताओं से संवाद, साक्ष्यों के अपलोड तथा फीडबैक की गुणवत्ता की गहन समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी महोदया ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी सक्षम अधिकारी स्वयं निस्तारण आख्या का परीक्षण कर उसे पोर्टल पर अपलोड कराया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि केवल औपचारिक निस्तारण पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण एवं तथ्यपरक समाधान किया जाना आवश्यक है। उन्होंने निर्देशित किया कि प्रत्येक निस्तारण आख्या के साथ आवश्यक साक्ष्य अनिवार्य रूप से संलग्न किए जाएं, जिनमें शिकायतकर्ता से वार्ता, स्थलीय निरीक्षण की रिपोर्ट, तथा शिकायतकर्ता की अनुपस्थिति में दो पड़ोसियों के बयान सम्मिलित हों।
जिलाधिकारी ने शिकायतकर्ताओं से संपर्क न करने वाले अधिकारियों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि शिकायतकर्ता से संवाद स्थापित न करना गंभीर लापरवाही एवं अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायतकर्ता से व्यक्तिगत रूप से वार्ता कर उसकी समस्या को समझते हुए गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में उदाहरण स्वरूप विभिन्न अधिकारियों की जांच आख्या को पढ़कर उसकी गुणवत्ता की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि भविष्य में यदि किसी अधिकारी द्वारा गुणवत्ताहीन अथवा तथ्यहीन निस्तारण किया जाता है, तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि सहित कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने पिछले एक माह में प्राप्त असंतोषजनक फीडबैक वाले संदर्भों को चिन्हित करते हुए निर्देश दिए कि ऐसे प्रकरणों की पुनः जांच कर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराया जाए। राजस्व विभाग से संबंधित शिकायतों के पुनरीक्षण हेतु अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) तथा अन्य विभागीय शिकायतों हेतु मुख्य विकास अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई।
जिलाधिकारी महोदया ने यह भी निर्देश दिए कि सभी अधिकारी प्रतिदिन कार्यालय पहुंचने के बाद सर्वप्रथम आई जी आर एस पोर्टल का अवलोकन करें, साथ ही लंबित शिकायतों की समीक्षा कर उनका निस्तारण स्वयं की निगरानी में सुनिश्चित करें। यदि कोई शिकायत संबंधित अधिकारी के कार्यक्षेत्र से संबद्ध नहीं है, तो उसे उसी दिन अथवा अधिकतम अगले दिन संबंधित विभाग को वापस किया जाए।
उन्होंने निर्देशित किया कि किसी भी संदर्भ को डिफाल्टर श्रेणी में जाने से पूर्व कम से कम पांच दिन पहले गुणवत्तापूर्ण एवं स्पष्ट निस्तारण आख्या पोर्टल पर अपलोड कर दी जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि जिन अधिकारियों की लापरवाही से शिकायतकर्ताओं का फीडबैक खराब होगा एवं जनपद की रैंकिंग प्रभावित होगी, उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।  आई जी आर एस शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की शिथिलता अथवा उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), उपजिलाधिकारी सदर सहित विभिन्न विभागों के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
मोडिफाइड साइलेंसर प्रेशर हॉर्न एवं हूटर वालों के विरुद्ध होगी कार्रवाई, चेकिंग अभियान 13 मई तक चलेगा

फर्रूखाबाद l जिलाधिकारी डॉ० अंकुर लाठर के निर्देश पर गुरुवार को एआरटीओ (प्रवर्तन) सुभाष राजपूत एवं यातायात प्रभारी सतेन्द्र कुमार द्वारा नगर क्षेत्र में मोडिफाइड साइलेन्सर, प्रेशर हार्न एवं हूटर के विरुद्ध सघन चेकिंग अभियान चलाया गया।
अभियान के दौरान 08 ट्रक प्रेशर हार्न का प्रयोग करते हुए पाए गए, जिन्हें सीज किया गया। 04 ट्रक ओवरलोड पाए गए। संबंधित वाहनों पर कुल 2.01 लाख रुपए का जुर्माना किया गया।

परिवहन आयुक्त द्वारा मोडिफाइड साइलेन्सर, प्रेशर हार्न एवं हूटर लगाने वाले डीलरों, मोटर गैराजों एवं वर्कशॉप संचालकों के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। 7 से 13 मई 2026 तक विशेष लक्ष्य आधारित अभियान चलाया जाएगा, जिसके अंतर्गत प्रेशर हार्न एवं हूटर हटवाने के साथ-साथ मोडिफाइड साइलेन्सर का प्रयोग कर रहे वाहनों को जब्त किया जाएगा।
मोडिफाइड साइलेन्सर का उपयोग करने वाले वाहनों के संबंध में परिवहन विभाग के हेल्पलाइन नंबर 1800-1800-151 एवं 149 पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। प्राप्त शिकायतों पर तत्काल संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

समस्त वाहन डीलरों, मोटर गैराज एवं वर्कशॉप संचालकों को निर्देशित किया गया है कि वे वाहनों में मोडिफाइड साइलेन्सर, प्रेशर हार्न अथवा हूटर की स्थापना न करें। उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संचालकों के विरुद्ध मोटरयान के अंतर्गत एक लाख रुपए तक का जुर्माना किया जा सकता है।
यदि किसी वाहन स्वामी द्वारा अपने मोटरयान में अवैध रूप से पुर्जों की फिटिंग अथवा अन्य परिवर्तन किए जाते हैं, तो उसके विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति को 06 माह तक के कारावास अथवा 5,000 रुपए तक के जुर्माने अथवा दोनों से दंडित किया जा सकता है। जो कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर ऐसा वाहन चलाएगा अथवा चलाने देगा जिससे सड़क सुरक्षा, शोर नियंत्रण एवं वायु प्रदूषण संबंधी मानकों का उल्लंघन होता हो, उसके विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रथम अपराध पर संबंधित व्यक्ति को 03 माह तक के कारावास अथवा10,000 रुपए तक के जुर्माने अथवा दोनों से दंडित किया जा सकता है। साथ ही उसका ड्राइविंग लाइसेंस 03 माह के लिए निरस्त/अयोग्य घोषित किया जा सकता है।

जिन वाहनों में मोडिफाइड साइलेन्सर अथवा ध्वनि प्रदूषण उत्पन्न करने वाले उपकरण पाए जाएंगे तथा जिनका चालान किया जा चुका है, उनके विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के अंतर्गत पंजीयन प्रमाण-पत्र (आरसी) निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
खरीद केदो पर नहीं खरीदा जा रहा किसानों का आलू, मानकों के विपरीत कहकर किया जा रहा वापस

, किसान परेशान प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप करने की मांग ,मुख्यमंत्री, राज्यपाल और प्रमुख सचिव को भेजा पत्र


फर्रुखाबाद l किसान नेता ने प्रधानमंत्री से बाजार हस्तक्षेप योजना(mis) के तहत आलू खरीदने के नियमों को शिथिल किये जाने व आलू की खरीद कराने की मांग की है l प्रदेश मे आलू की अत्याधिक खराब स्थिति को देखते हुये भारत सरकार ने बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत 2200 मैट्रिक टन आलू खरीदने का निर्णय 650.9 रुपया कुंटल की दर से खरीदने का निर्णय किया है इस संबंध में  क्रषि विभाग भारत सरकार के डिप्टी कमिश्नर (mps) विनोद गिरी 011-23070823 द्वारा उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव उद्यान बी एल मीना को दिये गए है।

इस योजना के तहत आलू मंडी सातनपुर मे उद्यान निदेशक वी पी राम ने 28 अप्रैल 2026 को फीता काटकर राज्य औद्यानिक सहकारी विपणन संघ (हाफेड) का क्रय केंद्र भी खोल दिया लेकिन अभी तक किसानों का कोई भी आलू नहीं खरीदा जा सका क्योंकी आलू का साइज़ 45 से 85 एम एम व्यास का होने व आलू बिना मिट्टी लगा रोग मुक्त सहित कई कठोर शर्ते लागू होने के कारण किसान आलू नहीं बेंच पा रहे है और मंडी मे औने पौने दामों मे बेचने को मजबूर है आलू खरीदने की कठोर शर्ते अव्यवहारिक व हास्यदापद है ऐसा प्रतीत होता है कि भारत सरकार की आलू खरीद नीति बनाने वाले अधिकारियों को आलू के संबंध मे व्यावहारिक जानकारी भी नहीं है ,आलू की अत्यधिक खराब स्थिति को देखते हुये आलू मंडी सातनपुर से किसान नेता अशोक कटिहार के नेतृत्व मे आलू किसान बचाओ यात्रा निकालकर 8 अप्रैल को राज्यपाल को ज्ञापन भी दिया गया और किसानों की समस्या से भी अवगत कराया गया था l

राज्यपाल के हस्तक्षेप के बाद भारत सरकार द्वारा आलू क्रय केंद्र खोल तो दिये गए लेकिन कठोर शर्तों व अभी तक बजट आवंटित न किये जाने के कारण अभी तक आलू की खरीद शुरू नही हो सकी है
यह कि आलू खरीद के नियमों को शिथिल किया जाये केवल 45x85 mm के आलू खरीदने की शर्त को समाप्त किया जाये।

आलू खरीदने के लिये बजट अभी तक आवंटित नही किया गया है शीघ्र बजट आवंटित किया जाये।
आलू का केवल एक प्रतिशत निर्यात किया जाता है जबकि विश्व के 65 देशों मे खाद्यान्न संकट है आलू निर्यात की नीति बनाई जाये ।
आलू खाद्य प्रशंसकरण मे  केवल एक प्रतिशत कुल उत्पादन का उपयोग होता है जबकि आलू से आटा, स्टार्च, कार्बोहाइड्रेट, दवाइया, वोदका(शराब) बनाई जा सकती है रूस, पोलेंड, चीन से तकनीकी मंगाकर आलू आधारित उद्योग लगवाकर खपत 15 से 20 प्रतिशत बढ़ाई जाये। आलू किसानों की समस्याओ पर विचार हेतु संसद व विधान सभा का विशेष सत्र आहूत किया जाये।

उन्होंने कहाकि आलू किसानों के हित मे शीघ्र संसोधित आदेश जारी कराने की मांग की है l साथ ही
कृषि मंत्री भारत सरकार से अशोक कटियार और
मुख्यमंत्री से सुधीर शुक्ला (आलू निर्यातक,मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन को  रिंकू वर्मा (आलू आड़ती संघ,     अंशुल कटियार(अध्यक्ष सरदार पटेल युवा वाहिनी)
   अरविन्द राजपूत,रामलड़ाइते राजपूत,
परशुराम वर्मा,प्रभात कटियार,पवन कटियार,
सुरजीत सिंह,राजीव यादव(लालू)
आकाश कटियार,राजवीर कठेरिया द्वारा मांग की गई है l
22 मई से जनगणना का घर-घर होगा स्व गणना कार्य, गलत जानकारी देने पर हो सकती तीन साल की सजा डीएम


फर्रुखाबाद lजनगणना-2027 के अंतर्गत स्व-गणना प्रक्रिया प्रारंभ, जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से सहभागिता की अपील की
जिलाधिकारी डॉ० अंकुर लाठर द्वारा गुरुवार को जनगणना-2027 के अंतर्गत स्व-गणना प्रक्रिया में स्वयं भाग लेकर जनपदवासियों को इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान से जुड़ने का संदेश दिया गया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में जनगणना-2027 की प्रक्रिया 07 मई 2026 से प्रारंभ हो गई है।

जिलाधिकारी ने बताया कि नागरिक 21 मई 2026 तक स्वयं ऑनलाइन माध्यम से अपनी जानकारी भर सकते हैं। इसके लिए जनगणना निदेशालय द्वारा उपलब्ध कराए गए पोर्टल se.census.gov.in⁠� का उपयोग किया जा सकता है। यह सुविधा पूर्णतः वैकल्पिक है। जो नागरिक स्व-गणना नहीं कर पाएंगे, उनके लिए 22 मई 2026 से जनगणनाकर्मी घर-घर जाकर आंकड़े संकलित करेंगे।उन्होंने बताया कि स्व-गणना हेतु नागरिक मोबाइल फोन अथवा लैपटॉप के माध्यम से पोर्टल पर जाकर प्रदेश का चयन करें तथा कैप्चा कोड भरें।

इसके बाद परिवार पंजीकरण की प्रक्रिया में परिवार के मुखिया का नाम, मोबाइल नंबर एवं उपलब्ध होने पर ईमेल आईडी दर्ज करनी होगी। एक बार दर्ज किया गया परिवार मुखिया का नाम परिवर्तित नहीं किया जा सकेगा तथा एक मोबाइल नंबर केवल एक परिवार के लिए मान्य होगा।

ओटीपी सत्यापन के पश्चात भाषा का चयन कर जिला, पिनकोड एवं गांव अथवा शहर की जानकारी भरनी होगी। इसके उपरांत मानचित्र पर अपने घर का सही स्थान चिह्नित करना होगा तथा मकान एवं परिवार से संबंधित समस्त जानकारी भरनी होगी। अंतिम रूप से सबमिट करने से पूर्व नागरिक अपनी प्रविष्टियों की जांच कर सकते हैं, क्योंकि एक बार फार्म सबमिट होने के बाद उसमें संशोधन संभव नहीं होगा।

फार्म सफलतापूर्वक जमा होने के बाद नागरिकों को ‘H’ अक्षर से प्रारंभ होने वाली 11 अंकों की स्व-गणना पहचान संख्या प्राप्त होगी, जिसे सुरक्षित रखना आवश्यक होगा। 22 मई के बाद जब जनगणनाकर्मी घर आएंगे, तब यह संख्या उन्हें दिखानी होगी।जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना फार्म में कुल 34 प्रश्न होंगे। इनमें मकान संख्या, फर्श, दीवार एवं छत की सामग्री, मकान की स्थिति एवं उपयोग, परिवार के सदस्यों की संख्या, परिवार मुखिया का नाम, लिंग एवं सामाजिक वर्ग आदि की जानकारी मांगी जाएगी। इसके अतिरिक्त पेयजल, बिजली, शौचालय, रसोई, एलपीजी/पीएनजी गैस कनेक्शन, मोबाइल, इंटरनेट, टेलीविजन, कंप्यूटर तथा वाहन (साइकिल, मोटरसाइकिल, कार आदि) संबंधी जानकारी भी देनी होगी। पहली बार परिवार में उपयोग होने वाले मुख्य अनाज के संबंध में भी जानकारी मांगी जाएगी।

जिलाधिकारी ने नागरिकों से अपील की कि वे जनगणना कार्य में पूर्ण सहयोग प्रदान करें तथा सही एवं तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराएं। उन्होंने बताया कि जनगणना कार्य कानूनी रूप से अनिवार्य है। यदि कोई व्यक्ति जनगणना अधिकारी को जानकारी देने से इंकार करता है अथवा गलत जानकारी देता है, तो उसके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जा सकती है। दोषी पाए जाने पर तीन वर्ष तक की सजा एवं एक हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।