खरीद केदो पर नहीं खरीदा जा रहा किसानों का आलू, मानकों के विपरीत कहकर किया जा रहा वापस

, किसान परेशान प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप करने की मांग ,मुख्यमंत्री, राज्यपाल और प्रमुख सचिव को भेजा पत्र


फर्रुखाबाद l किसान नेता ने प्रधानमंत्री से बाजार हस्तक्षेप योजना(mis) के तहत आलू खरीदने के नियमों को शिथिल किये जाने व आलू की खरीद कराने की मांग की है l प्रदेश मे आलू की अत्याधिक खराब स्थिति को देखते हुये भारत सरकार ने बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत 2200 मैट्रिक टन आलू खरीदने का निर्णय 650.9 रुपया कुंटल की दर से खरीदने का निर्णय किया है इस संबंध में  क्रषि विभाग भारत सरकार के डिप्टी कमिश्नर (mps) विनोद गिरी 011-23070823 द्वारा उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव उद्यान बी एल मीना को दिये गए है।

इस योजना के तहत आलू मंडी सातनपुर मे उद्यान निदेशक वी पी राम ने 28 अप्रैल 2026 को फीता काटकर राज्य औद्यानिक सहकारी विपणन संघ (हाफेड) का क्रय केंद्र भी खोल दिया लेकिन अभी तक किसानों का कोई भी आलू नहीं खरीदा जा सका क्योंकी आलू का साइज़ 45 से 85 एम एम व्यास का होने व आलू बिना मिट्टी लगा रोग मुक्त सहित कई कठोर शर्ते लागू होने के कारण किसान आलू नहीं बेंच पा रहे है और मंडी मे औने पौने दामों मे बेचने को मजबूर है आलू खरीदने की कठोर शर्ते अव्यवहारिक व हास्यदापद है ऐसा प्रतीत होता है कि भारत सरकार की आलू खरीद नीति बनाने वाले अधिकारियों को आलू के संबंध मे व्यावहारिक जानकारी भी नहीं है ,आलू की अत्यधिक खराब स्थिति को देखते हुये आलू मंडी सातनपुर से किसान नेता अशोक कटिहार के नेतृत्व मे आलू किसान बचाओ यात्रा निकालकर 8 अप्रैल को राज्यपाल को ज्ञापन भी दिया गया और किसानों की समस्या से भी अवगत कराया गया था l

राज्यपाल के हस्तक्षेप के बाद भारत सरकार द्वारा आलू क्रय केंद्र खोल तो दिये गए लेकिन कठोर शर्तों व अभी तक बजट आवंटित न किये जाने के कारण अभी तक आलू की खरीद शुरू नही हो सकी है
यह कि आलू खरीद के नियमों को शिथिल किया जाये केवल 45x85 mm के आलू खरीदने की शर्त को समाप्त किया जाये।

आलू खरीदने के लिये बजट अभी तक आवंटित नही किया गया है शीघ्र बजट आवंटित किया जाये।
आलू का केवल एक प्रतिशत निर्यात किया जाता है जबकि विश्व के 65 देशों मे खाद्यान्न संकट है आलू निर्यात की नीति बनाई जाये ।
आलू खाद्य प्रशंसकरण मे  केवल एक प्रतिशत कुल उत्पादन का उपयोग होता है जबकि आलू से आटा, स्टार्च, कार्बोहाइड्रेट, दवाइया, वोदका(शराब) बनाई जा सकती है रूस, पोलेंड, चीन से तकनीकी मंगाकर आलू आधारित उद्योग लगवाकर खपत 15 से 20 प्रतिशत बढ़ाई जाये। आलू किसानों की समस्याओ पर विचार हेतु संसद व विधान सभा का विशेष सत्र आहूत किया जाये।

उन्होंने कहाकि आलू किसानों के हित मे शीघ्र संसोधित आदेश जारी कराने की मांग की है l साथ ही
कृषि मंत्री भारत सरकार से अशोक कटियार और
मुख्यमंत्री से सुधीर शुक्ला (आलू निर्यातक,मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन को  रिंकू वर्मा (आलू आड़ती संघ,     अंशुल कटियार(अध्यक्ष सरदार पटेल युवा वाहिनी)
   अरविन्द राजपूत,रामलड़ाइते राजपूत,
परशुराम वर्मा,प्रभात कटियार,पवन कटियार,
सुरजीत सिंह,राजीव यादव(लालू)
आकाश कटियार,राजवीर कठेरिया द्वारा मांग की गई है l
22 मई से जनगणना का घर-घर होगा स्व गणना कार्य, गलत जानकारी देने पर हो सकती तीन साल की सजा डीएम


फर्रुखाबाद lजनगणना-2027 के अंतर्गत स्व-गणना प्रक्रिया प्रारंभ, जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से सहभागिता की अपील की
जिलाधिकारी डॉ० अंकुर लाठर द्वारा गुरुवार को जनगणना-2027 के अंतर्गत स्व-गणना प्रक्रिया में स्वयं भाग लेकर जनपदवासियों को इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान से जुड़ने का संदेश दिया गया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में जनगणना-2027 की प्रक्रिया 07 मई 2026 से प्रारंभ हो गई है।

जिलाधिकारी ने बताया कि नागरिक 21 मई 2026 तक स्वयं ऑनलाइन माध्यम से अपनी जानकारी भर सकते हैं। इसके लिए जनगणना निदेशालय द्वारा उपलब्ध कराए गए पोर्टल se.census.gov.in⁠� का उपयोग किया जा सकता है। यह सुविधा पूर्णतः वैकल्पिक है। जो नागरिक स्व-गणना नहीं कर पाएंगे, उनके लिए 22 मई 2026 से जनगणनाकर्मी घर-घर जाकर आंकड़े संकलित करेंगे।उन्होंने बताया कि स्व-गणना हेतु नागरिक मोबाइल फोन अथवा लैपटॉप के माध्यम से पोर्टल पर जाकर प्रदेश का चयन करें तथा कैप्चा कोड भरें।

इसके बाद परिवार पंजीकरण की प्रक्रिया में परिवार के मुखिया का नाम, मोबाइल नंबर एवं उपलब्ध होने पर ईमेल आईडी दर्ज करनी होगी। एक बार दर्ज किया गया परिवार मुखिया का नाम परिवर्तित नहीं किया जा सकेगा तथा एक मोबाइल नंबर केवल एक परिवार के लिए मान्य होगा।

ओटीपी सत्यापन के पश्चात भाषा का चयन कर जिला, पिनकोड एवं गांव अथवा शहर की जानकारी भरनी होगी। इसके उपरांत मानचित्र पर अपने घर का सही स्थान चिह्नित करना होगा तथा मकान एवं परिवार से संबंधित समस्त जानकारी भरनी होगी। अंतिम रूप से सबमिट करने से पूर्व नागरिक अपनी प्रविष्टियों की जांच कर सकते हैं, क्योंकि एक बार फार्म सबमिट होने के बाद उसमें संशोधन संभव नहीं होगा।

फार्म सफलतापूर्वक जमा होने के बाद नागरिकों को ‘H’ अक्षर से प्रारंभ होने वाली 11 अंकों की स्व-गणना पहचान संख्या प्राप्त होगी, जिसे सुरक्षित रखना आवश्यक होगा। 22 मई के बाद जब जनगणनाकर्मी घर आएंगे, तब यह संख्या उन्हें दिखानी होगी।जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना फार्म में कुल 34 प्रश्न होंगे। इनमें मकान संख्या, फर्श, दीवार एवं छत की सामग्री, मकान की स्थिति एवं उपयोग, परिवार के सदस्यों की संख्या, परिवार मुखिया का नाम, लिंग एवं सामाजिक वर्ग आदि की जानकारी मांगी जाएगी। इसके अतिरिक्त पेयजल, बिजली, शौचालय, रसोई, एलपीजी/पीएनजी गैस कनेक्शन, मोबाइल, इंटरनेट, टेलीविजन, कंप्यूटर तथा वाहन (साइकिल, मोटरसाइकिल, कार आदि) संबंधी जानकारी भी देनी होगी। पहली बार परिवार में उपयोग होने वाले मुख्य अनाज के संबंध में भी जानकारी मांगी जाएगी।

जिलाधिकारी ने नागरिकों से अपील की कि वे जनगणना कार्य में पूर्ण सहयोग प्रदान करें तथा सही एवं तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराएं। उन्होंने बताया कि जनगणना कार्य कानूनी रूप से अनिवार्य है। यदि कोई व्यक्ति जनगणना अधिकारी को जानकारी देने से इंकार करता है अथवा गलत जानकारी देता है, तो उसके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जा सकती है। दोषी पाए जाने पर तीन वर्ष तक की सजा एवं एक हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
मेंसर्स किसान एजेन्सीज, पपियापुर पर यू०पी०एल० कम्पनी का नकली'इलेक्ट्रॉन' मिलने पर हुई  कार्यवाही


फर्रुखाबाद lउप कृषि निदेशक ने बताया  कि मैसर्स किसान एजेन्सीज, पपियापुर सेन्ट्रल जेल सातनपुर मण्डी रोड फर्रुखाबाद के प्रतिष्ठान पर यू०पी०एल० कम्पनी का संदिग्ध बीज शोधक रसायन 'इलेक्ट्रॉन' प्राप्त हुआ है जिसकी जॉच की जा रही है, उन्होंने कहा  संयुक्त टीम ने प्रतिष्ठान पर छापा मारकर जाँच पडताल की गई। जाँच के दौरान प्रो० शिवम अग्रवाल पुत्र राजकमल अग्रवाल द्वारा बताया गया कि रसायन मैसर्स अभय एग्रो ट्रेडर्स नेरा रोड कन्नौज से प्राप्त किया है। रसायन की कुल मात्रा 2520 लीटर है जिसका मूल्य पच्चीस लाख बीस हजार रुपए है। प्रो० शिवम अग्रवाल से गहन जाँच पड़ताल करने पर बताया कि रसायन पांचाल घाट के पास लालू यादव के प्लाट पर मौजूद है। कृषि रसायन की बोतलो पर विनिर्माण तिथि, अवसान तिथि एवं वैच नम्बर न होने से प्रथम दृष्टयता रसायन नकली प्रतीत हो रहा है। रसायन को सीज कर करते हुए राजकीय कृषि रक्षा केन्द्र बुढनामऊ पर सुरक्षित रखा गया है। रसायन की गुणवत्ता की जॉच हेतु नमूना लेकर प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। इस दौरान गवाह अमित पुत्र राजेश ग्राम अवापुखरी कमालगंज, बॉबी एवं प्रो० शिवम अग्रवाल उपस्थित रहे। यू०पी०एल० कम्पनी को भी अवगत करा दिया है। इस प्रकरण में सम्बन्धित के विरूद्ध कार्यवाही की जा रही है।
टॉप 10 अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने के दिए गए निर्देश
फर्रुखाबाद l बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी  डॉ अंकुर लाठर और पुलिस अधीक्षक आरती सिंह की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस दौरान बैठक में जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना और गैंगस्टर एक्ट के तहत अपराधियों पर की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की गई l साथ ही बैठक के दौरान समाज में भय व्याप्त करने वाले अपराधियों और माफियाओं के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए। उन्होंने विशेष रूप से चिन्हित गैंगस्टरों की अवैध रूप से अर्जित की गई संपत्तियों के जब्तीकरण की कार्यवाही में तेजी लाने और समयबद्ध तरीके से चार्जशीट दाखिल करने पर बल दिया। साथ ही, शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए रात्रि गश्त बढ़ाने, टॉप-10 अपराधियों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखने और लंबित विवेचनाओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। बैठक में जिले के अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।


पुलिस अधीक्षक फतेहगढ़ द्वारा पुलिस लाइन स्थित सभागार में समस्त उपनिरिक्षको के साथ क्राइम मीटिंग आहूत की गयी, मीटिंग के दौरान सभी विवेचको से पेण्डिंग विवेचनाओं व अहकामात की वर्तमान स्थिति को जाना एवं गुणदोष व साक्ष्यो के आधार पर विवेचनाओं के जल्द निस्तारण हेतु निर्देशित किया गया।
पिछड़ा वर्ग द्वारा निर्मित महिला छात्रावास के लिए छात्राएं संपर्क करें

फर्रुखाबाद l जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी ने अवगत कराया है कि पीएम श्री महीयसी महादेवी वर्मा राजकीय बालिका इण्टर कॉलेज फतेहगढ़ - फर्रुखाबाद में पिछड़ा वर्ग कल्याण द्वारा महिला छात्रावास की सुविधा उपलब्ध है l अध्यनरत जो छात्राएँ / महिला कर्मचारी छात्रावास में रहने की इच्छुक है वो छात्रावास की जानकारी सहायक अध्यापक निर्मला सिंह से फोन नं0-7007549903 से प्राप्त कर सकते है l साथ ही कार्यालय में सुबह 7:30 से दोपहर 1:30 तक सम्पर्क भी किया जा सकता है।
राष्ट्रीय लोक अदालत 9 मई को सफल बनाने की तैयारियां तेज

फर्रुखाबाद। राष्ट्रीय लोक अदालत 9 मई 2026 के आयोजन को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई है। इस दौरान एडीआर भवन में बैंक ऋण से संबंधित मामलों की समीक्षा हेतु एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का आयोजन प्रभारी जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अभिनितम उपाध्याय के निर्देशन में किया गया, जिसकी अध्यक्षता अपर जिला जज एवं राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी संजय कुमार ने की। बैठक का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव बिंदिया भटनागर द्वारा किया गया। बैठक में बैंक ऋण अदायगी से जुड़े अधिक से अधिक मामलों को राष्ट्रीय लोक अदालत में चिन्हित कर निस्तारण हेतु संबंधित बैंक अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सूची बनाकर लोक अदालत में प्रस्तुत किया जाए, जिससे आपसी सहमति से त्वरित समाधान
सुनिश्चित हो सके। अब तक विभिन्न बैंकों द्वारा कुल 1473 ऋण संबंधी मामलों को राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए चिन्हित किया जा चुका है, जो कि इस दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति मानी जा रही है। बैठक में बैंक ऑफ बड़ौदा के प्रबंधक । शैलेन्द्र प्रताप सिंह, लीड बैंक के प्रबंधक विवेक कुमार, पंजाब नेशनल बैंक के प्रबंधक सुनील कुमार यादव, एक्सिस बैंक के डिप्टी प्रबंधक गोविन्द सिंह, उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के प्रबंधक सतीश कुमार तथा इंडियन बैंक के प्रबंधक अनुराग सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन द्वारा उम्मीद जताई गई है कि राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से अधिक से अधिक मामलों का त्वरित एवं सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किया जायेगा l
मंडी में आलू सड़ने से महामारी फैलने की संभावना, एसोसिएसन ने सचिव को सफ़ाई कराने का दिया ज्ञापन

फर्रुखाबाद l आलू मंडी सातनपुर परिसर में चारों तरफ सड़ा गला कटा आलू पड़ा हुआ है, इधर दो दिन लगातार हुई बारिश से गंदगी  फैली है उससे निकलने वाली बदबू से आढ़तियों और किसानों को सांस लेना मुश्किल हो रहा है आलू मंडी सातनपुर में सड़े आलूओं से सभी जगहों पर गंदगी के अंबार लगे हुए हैं जिसकी बदबू से आम जनों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है , अविलंब सफाई व्यवस्था नहीं हुई तो बीमारियों के फैलने की संभावना है, सफाई व्यवस्था को लेकर आढ़तियों किसानों ने मंडी प्रशासन से बुधवार को मांग की है । सफाई व्यवस्था को लेकर एसोसिएशन के अध्यक्ष अर्पित राजपूत ने मंडी सचिव से तुरन्त सफाई व्यवस्था सुचारू रूप से करवाने के कहा गया था l
भिवानी से प्रयागराज जाने वाली कालिंदी एक्सप्रेस का रूट ड्राइवर्जन से फर्रुखाबाद के लोगों की परेशानी बढ़ी ,दिल्ली जाने की हुई समस्या
जल्द निर्णय न हुआ तो होगा आंदोलन
फर्रुखाबाद l फर्रुखाबाद विकास मंच के जिला अध्यक्ष भईयन मिश्रा के नेतृत्व में काफी बड़ी संख्या में लोगों ने फर्रुखाबाद रेलवे स्टेशन जाकर स्टेशन अधीक्षक को ज्ञापन दिया ज्ञापन की प्रमुख मांग यह थी नई दिल्ली से फर्रुखाबाद होकर कानपुर की तरफ जाने वाली कालिंद्री एक्सप्रेस को मार्ग परबर्तन करके शिकोहाबाद इटावा होते हुए कानपुर किया जा रहा है जो की गलत है कालिंद्री एक्सप्रेस फर्रुखाबाद से पिछले 40 वर्षों से लगातार चल रही है और दिल्ली के लिए जाने वाली है एकमात्र ट्रेन है यदि इस ट्रेन का मार्ग परिवर्तन करके इसको हटाया गया तो फर्रुखाबाद वालों को बहुत परेशानियां होगी और लोगों को यात्रा करने में बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा स्टेशन अधीक्षक मनोज कुमार को ज्ञापन देकर उनको अवगत कराया गया कि किसी भी सूरत में कालिंद्री एक्सप्रेस का मार्ग परिवर्तन ना किया जाए इसको नई दिल्ली से फर्रुखाबाद तक चलाया जाए यदि संभव हो तो इसको कन्नौज होते हुए मंधना तक चलाया जाए क्योंकि मंडाना से लेकर अनवरगंज रेलवे स्टेशन तक एलिवेटेड ट्रैक तैयार होने के कारण इस रूट को बंद किया जा रहा है अब फर्रुखाबाद से ट्रेन केवल मंधाना तक जाएंगे तो यदि आवश्यक हो तो कालिंद्री एक्सप्रेस को मंधना तक जारी रखा जाए और नहीं तो पूर्व की भांति इस ट्रेन को फर्रुखाबाद से भिवानी तक ही चलाया जाए फर्रुखाबाद से ट्रेन को रेलवे डिपार्टमेंट हटाने की ना सोचे क्योंकि यह फर्रुखाबाद वालों के लिए लाइफलाइन भी है और दिल्ली के लिए मात्र एक ट्रेन है ज्ञापन देते समय फर्रुखाबाद विकासखंड के जिला अध्यक्ष भईयन मिश्रा ने स्टेशन अधीक्षक को बताया की बहुत जल्द रेलवे विभाग उच्च अधिकारियों से बात करके उनको जनता की भावनाओं से अवगत कराए की फर्रुखाबाद की जनता बहुत परेशान है और किसी भी सूरत में यह नहीं चाहती है कि इस ट्रेन का मार्ग परिवर्तन किया जाए जन भावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस ट्रेन को नई दिल्ली से फर्रुखाबाद के बीच चलाया जाए क्योंकि कानपुर से दिल्ली की दर्जनों ट्रेनें हैं वहां के लोगों को कालिंद्री एक्सप्रेस से ज्यादा आना-जाना भी नहीं होता है इस एक्सप्रेस से कन्नौज फर्रुखाबाद हरदोई मैनपुरी जनपदों के ही लोग यात्रा करते हैं और उन लोगों के लिए एक ट्रेन यही है यदि इसको बंद किया गया तो जबरदस्त आंदोलन किया जाएगा जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी रेलवे विभाग की होगी,स्टेशन अधीक्षक मनोज कुमार ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया कि मेरी पूरी कोशिश होगी की कालिंद्री एक्सप्रेस का मार्ग परिवर्तन ना किया जाए और इसको पूर्व की भांति नई दिल्ली से फर्रुखाबाद तक चलाया जाए उन्होंने उच्च अधिकारियों से बात करके जल्द से जल्द इसका निस्तारण करने का वचन दिया
अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद के जिला महामंत्री अंगद पांडे उर्फ कोमल पांडे ने कहा की रेलवे डिपार्टमेंट देखें की ट्रेन से सबसे अधिक जनपद फर्रुखाबाद के लोग यात्रा करते हैं और उनके लिए देश की राजधानी से जोड़ने वाली एकमात्र ट्रेन है हजारों व्यापारी प्रतिदिन नई दिल्ली जाता है और आता है इसलिए इस ट्रेन को फर्रुखाबाद से बंद किया जाना बहुत गलत है और इसके लिए हमको किसी स्तर पर भी आवाज उठानी होगी हम उठाएंगे । इस मौके पर प्रमुख लोगों में नीतीश दुबे उर्फ नीशू+पूर्व सभासद), उमेश जाटव ( सभासद), महेश अग्निहोत्री बाबू (पूर्व सभासद), नितिन गुप्ता अध्यक्ष व्यापार मंडल (पटरी दुकानदार संगठन) राजीव पाल, सनी बाथम, ओमनिवास पाठक, राजीव वर्मा, रजत वर्मा, आशू मिश्रा, आलोक मिश्रा भूरे, मलखान सिंह राजपूत, लकी गुप्ता, शिवांग बाजपेई, आशुतोष मिश्रा आदि उपस्थित रहे l
जैव चिकित्सा अवशिष्ट को लेकर निजी चिकित्सालयो का किया निरीक्षण, अस्पतालों को दिए गए दिशा निर्देश,एक अस्पताल सील

फर्रुखाबाद l जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन के संबंध में जिलाधिकारी द्वारा गठित जिला स्तरीय टीम के द्वारा आवास विकास एवं लकूला रोड  स्थित  चिकित्सालयों का निरीक्षण किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी अविनेद्र कुमार के निर्देश पर टीम ने निरीक्षण किया जिसमें जिला गंगा समिति की जिला परियोजना अधिकारी निहारिका पटेल, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी दीपक कटारिया, प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड कानपुर से वैज्ञानिक सहायक श्री एस डी सिंह एवं लैब टेक्नीशियन  प्रसून पाल, पर्यावरण सहायक गुंजा जैन द्वारा विभिन्न स्तरों पर जांच की गई। निरीक्षण के दौरान लकूला  रोड स्थित गायत्री हॉस्पिटल को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अविनेंद्र कुमार ,डॉ शोभा सक्सेना, डॉक्टर श्वेता, डॉ आलोक सिंह के द्वारा सील किया गया। इनके अतिरिक्त द केयर हॉस्पिटल, जेपी हॉस्पिटल,भल्ला हॉस्पिटल,डॉक्टर आर सिंह हॉस्पिटल, सृष्टि गीत राज हॉस्पिटल एवं श्री साईं हॉस्पिटल में भी निरीक्षण किया गया। इस दौरान टीम के द्वारा सभी चिकित्सालयों को जैव चिकित्सा अवशिष्ट प्रबंधन से संबंधित उचित दिशा निर्देश दिए गए।इसके अतिरिक्त नियमानुसार कूड़ेदान की व्यवस्था‌‌,साफ सफाई की व्यवस्था, स्वच्छता कर्मियों की व्यवस्था,प्रदूषण कंट्रोल द्वारा जारी एन ओ सी की जांच कर सभी कार्य को नियमानुसार कराने के निर्देश दिए गए। सभी चिकित्सालय को दिशा निर्देश दिए गए की प्रतिदिन जैव चिकित्सा अपशिष्ट का निस्तारण किया जाए। जैव चिकित्सा अपशिष्ट को ले जाने वाली कंपनी विल वर्ल्ड के द्वारा सही तरह से लाक बुक भरी जाए एवं प्रतिदिन की स्थिति उसमें लिखी जाए।किसी प्रकार की कोई भी समस्या हो तो संबंधित उच्च स्तर को अवगत कराया जाए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि इस संबंध में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आने पर संबंधित के खिलाफ  कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह निरीक्षण आगे भी जारी रहेगा।
शिक्षामित्र सम्मान एवं बढ़े हुए मानदेय वितरण का भव्य शुभारंभ समारोह हुआ आयोजित
फर्रुखाबाद l बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षामित्रों के सम्मान एवं उनके बढ़े हुए मानदेय वितरण के शुभारंभ हेतु एक भव्य एवं गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षामित्रों के समर्पण, उनके महत्वपूर्ण योगदान एवं शिक्षा व्यवस्था में उनकी सशक्त भूमिका को सम्मानित करना तथा प्रदेश सरकार द्वारा उनके कल्याण हेतु उठाए गए कदमों की जानकारी जन-जन तक पहुंचाना रहा।
कार्यक्रम में सांसद मुकेश राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष मोनिका यादव,  विधायक अमृतपुर  सुशील शाक्य, जिलाधिकारी डॉ० अंकुर लाठर एवं मुख्य विकास अधिकारी की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। सभी अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया तथा शिक्षामित्रों को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
इस दौरान गोरखपुर से मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण भी देखा गया, जिसमें शिक्षामित्रों के कल्याण हेतु प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता एवं विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। उपस्थित शिक्षामित्रों एवं जनप्रतिनिधियों ने कार्यक्रम का अवलोकन करते हुए मुख्यमंत्री जी के विचारों एवं घोषणाओं का स्वागत किया।
अपने संबोधन में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने कहा कि शिक्षामित्र प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था की मजबूत नींव हैं, जिनके अथक प्रयासों से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा का व्यापक प्रसार संभव हुआ है। प्रदेश सरकार उनके योगदान को सम्मान देते हुए उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में शिक्षामित्रों के मानदेय में अभूतपूर्व वृद्धि की गई है। पूर्व में ₹3,500 से बढ़ाकर ₹10,000 किए गए मानदेय को अब पुनः बढ़ाकर ₹18,000 प्रति माह कर दिया गया है। यह निर्णय शिक्षामित्रों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
जनपद में कुल 1,515 शिक्षामित्र इस निर्णय से प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो रहे हैं। मानदेय वृद्धि के फलस्वरूप कुल व्यय ₹1,55,50,000 से बढ़कर ₹2,72,70,000 हो गया है, जिससे उनके जीवन स्तर में सकारात्मक सुधार अपेक्षित है।
इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार द्वारा शिक्षामित्रों को कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ प्रदान किया जा रहा है, जिससे आवश्यकता पड़ने पर उन्हें गुणवत्तापूर्ण एवं निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सके। नई स्थानांतरण नीति के अंतर्गत शिक्षामित्रों को व्यापक राहत प्रदान की गई है, जिससे वे अपनी पारिवारिक एवं सामाजिक परिस्थितियों के अनुरूप कार्यस्थल का चयन कर सकेंगे।
महिला शिक्षामित्रों के सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए 360 दिवस के मातृत्व अवकाश की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जो उनके अधिकारों के संरक्षण एवं सम्मान का प्रतीक है।
कार्यक्रम के दौरान प्रत्येक विकास खण्ड से 03 शिक्षामित्रों (कुल 24 शिक्षामित्रों) को प्रतीकात्मक रूप से चेक वितरण कर सम्मानित किया गया। इस मौके पर शिक्षामित्रों ने अपने अनुभव साझा करते हुए प्रदेश सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया तथा इसे अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाला निर्णय बताया।
कार्यक्रम के समापन पर अधिकारियों ने कहा कि “परिवर्तन की बहती बयार, 9 वर्ष योगी सरकार” के संकल्प के साथ प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सुधार, नवाचार एवं विकास कार्य किए जा रहे हैं, जिससे आने वाली पीढ़ी को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके।