जनता दर्शन में केशव मौर्य ने सुनीं समस्याएं, त्वरित निस्तारण के सख्त निर्देश
* भूमि विवाद, पेंशन, आवास व रोजगार से जुड़े मामलों पर अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को अपने कैंप कार्यालय, 7-कालिदास मार्ग, लखनऊ में आयोजित ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जनपदों से आए नागरिकों की समस्याएं सुनीं और उनके त्वरित, प्रभावी एवं न्यायसंगत निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
जनता दर्शन में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचे सैकड़ों लोगों ने अपनी व्यक्तिगत व सार्वजनिक समस्याएं सीधे उप मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। इनमें भूमि विवाद, राजस्व मामले, चिकित्सा सहायता, पेंशन, आवास, सड़क, बिजली-पानी, पुलिस कार्रवाई, शिक्षा एवं रोजगार से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता दर्शन आमजन से सीधे संवाद का प्रभावी माध्यम है, जिससे जमीनी हकीकत सामने आती है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आवश्यक मामलों में मौके पर जाकर निरीक्षण कर पीड़ितों को समयबद्ध राहत देने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने कहा कि हर पात्र व्यक्ति को सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिलना चाहिए और सरकार जनहित के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कोई भी फरियादी निराश नहीं लौटेगा और हर समस्या का यथासंभव समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
श्री मौर्य ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत का संतुष्टिपरक और समयबद्ध निस्तारण किया जाए तथा जिम्मेदारी भी तय की जाए। उन्होंने कहा कि समस्याओं का समाधान इस प्रकार हो कि लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
महिलाओं, दिव्यांगजनों और बुजुर्गों की शिकायतों को प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई की जाए। भूमि संबंधी मामलों में जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए कि राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम बनाकर मौके पर जाकर प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए।
गोबर आधारित कम्पोस्ट व बायोगैस को बढ़ावा: गौशालाओं को बनाया जाएगा उत्पादन केंद्र

* जैविक खेती को नई दिशा, किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार की व्यापक योजना

लखनऊ। प्रदेश के पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह ने सोमवार को विधानसभा स्थित समिति कक्ष 44-ख में पशुपालन एवं कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर गोबर आधारित कम्पोस्ट, बायोगैस, जीवामृत और घनामृत के उत्पादन, उपयोग व विपणन को लेकर व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
मंत्री ने कहा कि योगी सरकार किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता को पुनर्स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर दिया कि प्रदेश में उपलब्ध गोबर संसाधनों का वैज्ञानिक उपयोग कर बड़े पैमाने पर जैविक खाद का उत्पादन किया जा सकता है, जिससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि गौशालाओं को उत्पादन केंद्र के रूप में विकसित कर उन्हें कम्पोस्ट व अन्य जैविक उत्पादों के जरिए आत्मनिर्भर बनाया जाए।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में लाखों मीट्रिक टन कम्पोस्ट उत्पादन की क्षमता मौजूद है। इसके लिए गोशालाओं, डेयरी इकाइयों और किसानों के बीच समन्वित प्रयासों की आवश्यकता है। मंत्री ने झांसी, चंदौली, फर्रुखाबाद, कानपुर और बाराबंकी में संचालित सफल बायोगैस व जैविक खाद मॉडलों का उल्लेख करते हुए इन्हें प्रदेशभर में विस्तार देने के निर्देश दिए।
कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) संयंत्रों के विस्तार और गोबर गैस प्लांट्स की स्थापना पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि बायोगैस से ऊर्जा के साथ-साथ उच्च गुणवत्ता की जैविक खाद (स्लरी) भी प्राप्त होती है, जिससे किसानों को दोहरा लाभ मिलता है। उन्होंने गोबर आधारित खाद के मानकीकरण पर विशेष जोर देते हुए पैकेजिंग, नमी स्तर और गुणवत्ता के स्पष्ट मानक तय करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को भरोसेमंद उत्पाद मिल सके। सहकारी समितियों के माध्यम से इसकी उपलब्धता बढ़ाने और यूरिया के साथ इसके उपयोग को प्रोत्साहित करने पर भी विचार किया गया।
मंत्री ने कहा कि गोबर आधारित खाद मिट्टी में ऑर्गेनिक कार्बन बढ़ाकर उत्पादन क्षमता को दीर्घकालिक रूप से मजबूत करती है। इस दिशा में कृषि वैज्ञानिकों, विश्वविद्यालयों और कृषि विज्ञान केंद्रों के सहयोग से कम लागत वाले मॉडल विकसित किए जाएंगे। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि गोबर गैस संयंत्रों को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं तैयार की जाएंगी और जैविक खाद के प्रभावी विपणन के लिए मजबूत व्यवस्था विकसित की जाएगी, ताकि किसानों को बेहतर मूल्य मिल सके।
मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि कृषि और पशुपालन के एकीकरण से जैविक खेती को नई दिशा मिलेगी। गोबर आधारित उत्पादों के उपयोग से जहां पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा, वहीं ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और किसानों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित होगी।
अम्बेडकरनगर हत्याकांड का खुलासा: मां नहीं, सनकी आशिक निकला कातिल, पुलिस मुठभेड़ में ढेर

* चार मासूमों समेत महिला की हत्या का राज खुला, संपत्ति और शादी की चाहत बनी वजह—एसपी प्राची सिंह का बयान

अम्बेडकरनगर। जिले में दो दिन पहले हुए दिल दहला देने वाले हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जिस मामले में शुरुआत में मां पर ही अपने चार बच्चों की हत्या का शक जताया जा रहा था, उसमें नया मोड़ सामने आया है। पुलिस के अनुसार, इस जघन्य वारदात को आमिर नाम के युवक ने अंजाम दिया था।

एसपी प्राची सिंह ने बताया कि आरोपी आमिर महिला से शादी करना चाहता था और उसकी संपत्ति पर भी उसकी नजर थी। इसी लालच और जुनून में उसने महिला और उसके चारों मासूम बच्चों की बेरहमी से हत्या कर दी। घटना के बाद शुरुआती जांच में यह माना गया कि महिला ने ही अपने बच्चों की हत्या कर फरार हो गई है। लेकिन अगले ही दिन महिला का शव नाले में मिलने से मामला पूरी तरह पलट गया और पुलिस ने गहन जांच शुरू की।

पुलिस की कार्रवाई के दौरान देर रात आमिर की लोकेशन मिलने पर घेराबंदी की गई। मुठभेड़ के दौरान आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग की, जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटी है और अन्य पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है।

यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 38 IAS अधिकारियों का तबादला, 8 जिलों में नए डीएम तैनात

* देवरिया, जौनपुर, मऊ, महाराजगंज समेत कई जिलों में बदले जिलाधिकारी

 • शासन और विकास प्राधिकरणों में भी बड़े स्तर पर जिम्मेदारियों का पुनर्विन्यास

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर तबादले करते हुए 38 आईएएस अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया है। इस फेरबदल के तहत 8 जिलों में नए जिलाधिकारियों (डीएम) की तैनाती की गई है, जबकि कई अधिकारियों को महत्वपूर्ण विभागों और विकास प्राधिकरणों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

देवरिया के नए जिलाधिकारी के रूप में मधुसूदन हुलगी की नियुक्ति की गई है, जो पहले विशेष सचिव मुख्यमंत्री और अपर आवास आयुक्त के पद पर तैनात थे। वहीं, सैमुअल पाल एन को जौनपुर का जिलाधिकारी बनाया गया है। मऊ जिले की कमान अब आनंद वर्धन संभालेंगे, जबकि गौरव सिंह सुगरवाल को महाराजगंज का डीएम नियुक्त किया गया है।

संतोष कुमार शर्मा को महाराजगंज से फिरोजाबाद का जिलाधिकारी बनाया गया है। राजेंद्र पेंसिया को संभल से मुरादाबाद भेजा गया है, जबकि अंकित खंडेलवाल को आगरा नगर निगम से संभल का डीएम बनाया गया है। अभिषेक पांडे को प्रतापगढ़ का जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है।

प्रशासनिक फेरबदल में कई अधिकारियों को शासन स्तर पर भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। अनुज सिंह को मुरादाबाद के डीएम पद से हटाकर विशेष सचिव मुख्यमंत्री बनाया गया है। अभिनव गोयल को गाजियाबाद के मुख्य विकास अधिकारी पद से हटाकर गोरखपुर विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

अजय जैन को लखनऊ के मुख्य विकास अधिकारी पद से हटाकर नगर आयुक्त, गोरखपुर बनाया गया है। डॉ. अल्का वर्मा को वित्त विभाग में विशेष सचिव के साथ रजिस्ट्रार चिट्स फंड एवं सोसाइटी की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, निधि बंसल को निदेशक प्रशासन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं नियुक्त किया गया है।

डॉ. दिनेश चंद्र को जौनपुर के डीएम पद से हटाकर लोक निर्माण विभाग में विशेष सचिव बनाया गया है, जबकि प्रवीण मिश्रा को मऊ से हटाकर समाज कल्याण विभाग में भेजा गया है। दिव्या मित्तल को देवरिया से हटाकर राजस्व विभाग में विशेष सचिव की जिम्मेदारी दी गई है।

नेहा जैन को केस्को का प्रबंध निदेशक बनाया गया है, जबकि इंदुमती को महिला कल्याण विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा कई अधिकारियों के विभागों में अदला-बदली करते हुए प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने का प्रयास किया गया है।

यह व्यापक तबादला सूची प्रदेश में प्रशासनिक कसावट और बेहतर शासन व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है, जिससे विभिन्न जिलों और विभागों में कार्यकुशलता बढ़ाने की उम्मीद जताई जा रही है।

आंधी-तूफान और बारिश से थमा लखनऊ, दिन में छाया घुप्प अंधेरा

घने बादलों की चादर, तेज हवाओं ने बढ़ाई दहशत; जनजीवन प्रभावित, तापमान में आई गिरावट

लखनऊ । राजधानी लखनऊ में सोमवार को मौसम ने अचानक करवट लेते हुए शहर को आंधी, तूफान और भारी बारिश की चपेट में ले लिया। सुबह 8.30 बजे के समय ही आसमान में घने काले बादल छा गए, जिससे दिन में ही घुप्प अंधेरा जैसा माहौल बन गया।

तेज हवाओं के साथ शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने सड़कों पर पानी भर दिया, जिससे यातायात की रफ्तार थम गई। कई इलाकों में पेड़ और होर्डिंग गिरने की भी खबरें सामने आई हैं।

मौसम के इस अचानक बदले मिजाज से जहां एक ओर गर्मी से राहत मिली, वहीं दूसरी ओर जनजीवन भी प्रभावित हुआ। तेज आंधी और बारिश के चलते लोग सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हो गए। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ घंटों तक इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

प्रदेश अध्यक्ष के निष्कासन के बाद सुभासपा का डैमेज कंट्रोल तेज
* अनुशासनहीनता पर सख्त रुख, जल्द होगा नए नेतृत्व का ऐलान

लखनऊ। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) ने संगठनात्मक अनुशासन को सर्वोपरि मानते हुए बड़ा कदम उठाया है। पार्टी ने उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष प्रेमचंद कश्यप को तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया है। यह कार्रवाई उन्हें कथित रूप से पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने के बाद की गई।
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, प्रेमचंद कश्यप की गतिविधियां संगठन के हितों के विपरीत पाई गईं, जिसके चलते यह कड़ा निर्णय लिया गया। सुभासपा नेतृत्व को पिछले कुछ समय से उनके कार्यों को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। आंतरिक जांच के बाद निष्कासन की कार्रवाई को अंतिम रूप दिया गया। पार्टी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संगठन की विचारधारा और नीतियों के खिलाफ जाने वाले नेताओं पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
इस घटनाक्रम के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, संगठन को मजबूत बनाए रखने के लिए जल्द ही नए प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा की जाएगी। सुभासपा ने यह भी दोहराया कि वह अतिपिछड़ों, अति दलितों, वंचितों और शोषित वर्गों के अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ती रहेगी। पार्टी का कहना है कि उसकी सक्रियता से विपक्षी दल असहज हैं, लेकिन किसी भी साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
माटीकला कारीगरों के लिए सुनहरा मौका: 15 दिन का मुफ्त प्रशिक्षण, रोज़ ₹250 मानदेय
* रहना-खाना मुफ्त, 20 मई तक करें आवेदन
* डालीगंज स्थित प्रशिक्षण केंद्र में होगा आवासीय कार्यक्रम

लखनऊ। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, उत्तर प्रदेश के तहत उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड द्वारा परंपरागत कारीगरों और शिल्पियों के कौशल विकास के लिए 15 दिवसीय निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, लखनऊ के माध्यम से मण्डलीय ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केंद्र, डालीगंज में संचालित होगा।
इस प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को दैनिक उपयोग की वस्तुएं, सजावटी सामग्री, खिलौने और मूर्तियां बनाने के साथ-साथ मिट्टी के उत्पादों पर कटिंग, चित्रकारी और नक़्काशी जैसी तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कार्यक्रम पूरी तरह आवासीय होगा, जिसमें प्रतिभागियों के रहने और भोजन की व्यवस्था निःशुल्क की गई है। साथ ही प्रत्येक प्रशिक्षार्थी को 250 रुपये प्रतिदिन मानदेय भी दिया जाएगा।
इच्छुक परंपरागत कारीगर, मूर्तिकार और माटीकला से जुड़े अभ्यर्थी योजना की आधिकारिक वेबसाइट upmatikalaboard.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के बाद अभ्यर्थियों को अपना फॉर्म 20 मई 2026 तक जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, 8 कैण्ट रोड, कैसरबाग, लखनऊ में जमा करना अनिवार्य होगा।
आवेदन के साथ आधार कार्ड, राशन कार्ड, फोटो, शैक्षिक प्रमाणपत्र (मार्कशीट) और बैंक पासबुक की छायाप्रति संलग्न करना जरूरी है।
अधिक जानकारी के लिए धर्मवीर खरे (मो. 8737008603) से संपर्क किया जा सकता है।
दोहरीघाट-ओड़िहार मेमू सेवा को मिली रफ्तार, ऊर्जा मंत्री एके शर्मा के प्रयास रंग लाए

* स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा
* रेल सेवा से पूर्वांचल में बढ़ेगा विकास और रोजगार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा के सतत प्रयासों से दोहरीघाट से ओड़िहार के बीच प्रस्तावित मेमू ट्रेन सेवा को गति मिलती दिख रही है। क्षेत्रीय जनता की लंबे समय से चली आ रही मांग को प्राथमिकता देते हुए मंत्री ने इस महत्वपूर्ण परियोजना को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाई है।
मऊ जनपद के दौरे के दौरान मंत्री ए. के. शर्मा ने दोहरीघाट रेलवे स्टेशन का स्थलीय निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों के साथ व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रस्तावित मेमू सेवा क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए विकास के नए द्वार खोलेगी और आवागमन को अधिक सुगम, सुलभ और किफायती बनाएगी। उन्होंने बताया कि उनके प्रयासों और केंद्र सरकार के सहयोग से दोहरीघाट से कटिहार तक मेमू ट्रेन संचालन की घोषणा संभव हो सकी है।
मंत्री ने इस उपलब्धि के लिए नरेंद्र मोदी और अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह परियोजना पूर्वांचल के समग्र विकास को नई दिशा देगी।
उन्होंने कहा कि इस रेल सेवा के शुरू होने से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि व्यापार, शिक्षा और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने मंत्री का जोरदार स्वागत किया और इस पहल को ऐतिहासिक बताते हुए आभार व्यक्त किया। क्षेत्र में नई रेल सेवा को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला है।
‘जनगणना 2027’ पूरी तरह डिजिटल: हर घर पहुंचेगी टीम, डेटा रहेगा पूरी तरह गोपनीय- शीतल वर्मा

* 7 से 21 मई तक स्व-गणना का विकल्प, 22 मई से शुरू होगा घर-घर सर्वे
* प्रदेश में 5.25 लाख से अधिक कर्मियों की तैनाती, टोल-फ्री 1855 जारी

लखनऊ, प्रतिनिधि।
जनगणना कार्य निदेशालय, उत्तर प्रदेश की निदेशक एवं मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी श्रीमती शीतल वर्मा ने शनिवार को लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता में ‘जनगणना 2027’ की तैयारियों और प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना में एकत्र की गई प्रत्येक व्यक्तिगत जानकारी पूर्णतः गोपनीय रहेगी और इसका उपयोग किसी भी जांच या साक्ष्य के रूप में नहीं किया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी। पहला चरण ‘मकान सूचीकरण एवं आवास गणना’ 22 मई से 20 जून 2026 तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण ‘जनसंख्या गणना’ फरवरी 2027 में होगा। इससे पहले 7 मई से 21 मई तक स्व-गणना (Self Enumeration) का विकल्प उपलब्ध रहेगा, जिसमें नागरिक स्वयं ऑनलाइन पोर्टल (se.census.gov.in) पर अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
श्रीमती वर्मा ने बताया कि यह पहली बार होगा जब जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से कराई जाएगी। स्व-गणना के बाद प्राप्त SE ID को घर आने वाले प्रगणक को दिखाना होगा, जिसकी पुष्टि के बाद ही प्रक्रिया पूर्ण मानी जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्व-गणना वैकल्पिक है, लेकिन प्रगणक हर घर तक पहुंचकर जानकारी अवश्य एकत्र करेंगे।
प्रदेश में इस विशाल कार्य के लिए 5.25 लाख से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इसमें मंडल, जिला और नगर स्तर के अधिकारियों के साथ-साथ लगभग 5 लाख प्रगणक और पर्यवेक्षक शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि जनगणना का कार्य ‘जनगणना अधिनियम 1948’ और ‘जनगणना नियमावली 1990’ के तहत किया जाएगा, जिसमें डेटा की गोपनीयता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। यह जानकारी टैक्स, पुलिस या अन्य किसी भी जांच एजेंसी के साथ साझा नहीं की जा सकती।
राज्य में यह अभियान 75 जिलों, 783 नगरीय निकायों, 350 तहसीलों और 1.04 लाख ग्रामों में चलाया जाएगा। इसके लिए करीब 3.90 लाख मकान सूचीकरण ब्लॉक बनाए गए हैं, जहां प्रगणक घर-घर जाकर सर्वे करेंगे।
जनगणना से संबंधित जानकारी के लिए टोल-फ्री नंबर 1855 भी जारी किया गया है।
श्रीमती वर्मा ने मीडिया और आम जनता से अपील की कि वे जनगणना को जनभागीदारी का अभियान बनाएं और सही जानकारी देकर विकास योजनाओं के निर्माण में सहयोग करें।
स्मार्ट प्रीपेड मीटर में बड़ा बदलाव: 30 दिन तक नहीं कटेगी बिजली, 67 लाख उपभोक्ताओं को राहत

* 1 किलोवाट उपभोक्ताओं को 30 दिन की मोहलत, 2 किलोवाट तक 200 रुपये नेगेटिव बैलेंस पर भी सप्लाई जारी

लखनऊ। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था में अहम बदलाव करते हुए बिजली उपभोक्ताओं, खासकर लोवर और मध्यम वर्ग के परिवारों को बड़ी राहत दी है। नए प्रावधानों से प्रदेश के करीब 67 लाख से अधिक घरेलू उपभोक्ता लाभान्वित होंगे। प्रदेश में 1 किलोवाट तक के करीब 43 लाख और 2 किलोवाट तक के लगभग 24 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को इस फैसले से सीधा फायदा मिलेगा।

* 1 किलोवाट उपभोक्ताओं को सबसे ज्यादा राहत
नई व्यवस्था के तहत 1 किलोवाट तक के घरेलू कनेक्शन धारकों का बैलेंस खत्म होने पर भी उनकी बिजली आपूर्ति तुरंत नहीं काटी जाएगी। ऐसे उपभोक्ताओं को अब 30 दिनों की अतिरिक्त मोहलत दी जाएगी, जिससे वे समय पर रिचार्ज कर सकें।

* 2 किलोवाट तक के उपभोक्ताओं के लिए इमरजेंसी क्रेडिट
1 से 2 किलोवाट तक के उपभोक्ताओं को इमरजेंसी क्रेडिट सुविधा दी गई है। बैलेंस समाप्त होने के बाद भी कम से कम 3 दिन या 200 रुपये तक के नेगेटिव बैलेंस पर बिजली सप्लाई जारी रहेगी। निर्धारित सीमा पार होने पर ही कनेक्शन स्वतः कटेगा।

* पहले मिलते थे केवल 3 दिन
स्मार्ट प्रीपेड मीटर लागू होने के बाद पहले उपभोक्ताओं को सिर्फ 3 दिन का समय मिलता था, जिसके बाद बिजली कट जाती थी। इससे छोटे उपभोक्ताओं को परेशानी होती थी, जिसे देखते हुए सरकार ने यह राहत दी है।

* रिचार्ज में होगा समायोजन
इमरजेंसी अवधि में उपयोग की गई बिजली की राशि अगले रिचार्ज में स्वतः समायोजित हो जाएगी। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे समय-समय पर बैलेंस की जानकारी लेकर रिचार्ज कराएं।

* कनेक्शन काटने से पहले मिलेंगे 5 अलर्ट
अब किसी भी उपभोक्ता का कनेक्शन काटने से पहले 5 अनिवार्य एसएमएस अलर्ट भेजे जाएंगे, ताकि उपभोक्ताओं को समय रहते रिचार्ज का अवसर मिल सके।

* छुट्टियों और रात में नहीं कटेगी बिजली
नई व्यवस्था के तहत शाम 6 बजे से सुबह 8 बजे तक बिजली नहीं काटी जाएगी। इसके अलावा रविवार, दूसरे शनिवार और सार्वजनिक अवकाश के दिनों में भी बिजली आपूर्ति जारी रहेगी, भले ही बैलेंस समाप्त या नेगेटिव क्यों न हो।

* प्रदेश में 83 लाख स्मार्ट मीटर लगे
ऊर्जा विभाग के अनुसार, प्रदेश में अब तक लगभग 83 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिससे उपभोक्ताओं को पारदर्शी और सुविधाजनक सेवा मिल रही है।