प्रदेश अध्यक्ष के निष्कासन के बाद सुभासपा का डैमेज कंट्रोल तेज
* अनुशासनहीनता पर सख्त रुख, जल्द होगा नए नेतृत्व का ऐलान

लखनऊ। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) ने संगठनात्मक अनुशासन को सर्वोपरि मानते हुए बड़ा कदम उठाया है। पार्टी ने उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष प्रेमचंद कश्यप को तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया है। यह कार्रवाई उन्हें कथित रूप से पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने के बाद की गई।
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, प्रेमचंद कश्यप की गतिविधियां संगठन के हितों के विपरीत पाई गईं, जिसके चलते यह कड़ा निर्णय लिया गया। सुभासपा नेतृत्व को पिछले कुछ समय से उनके कार्यों को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। आंतरिक जांच के बाद निष्कासन की कार्रवाई को अंतिम रूप दिया गया। पार्टी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संगठन की विचारधारा और नीतियों के खिलाफ जाने वाले नेताओं पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
इस घटनाक्रम के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, संगठन को मजबूत बनाए रखने के लिए जल्द ही नए प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा की जाएगी। सुभासपा ने यह भी दोहराया कि वह अतिपिछड़ों, अति दलितों, वंचितों और शोषित वर्गों के अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ती रहेगी। पार्टी का कहना है कि उसकी सक्रियता से विपक्षी दल असहज हैं, लेकिन किसी भी साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
माटीकला कारीगरों के लिए सुनहरा मौका: 15 दिन का मुफ्त प्रशिक्षण, रोज़ ₹250 मानदेय
* रहना-खाना मुफ्त, 20 मई तक करें आवेदन
* डालीगंज स्थित प्रशिक्षण केंद्र में होगा आवासीय कार्यक्रम

लखनऊ। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, उत्तर प्रदेश के तहत उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड द्वारा परंपरागत कारीगरों और शिल्पियों के कौशल विकास के लिए 15 दिवसीय निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, लखनऊ के माध्यम से मण्डलीय ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केंद्र, डालीगंज में संचालित होगा।
इस प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को दैनिक उपयोग की वस्तुएं, सजावटी सामग्री, खिलौने और मूर्तियां बनाने के साथ-साथ मिट्टी के उत्पादों पर कटिंग, चित्रकारी और नक़्काशी जैसी तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कार्यक्रम पूरी तरह आवासीय होगा, जिसमें प्रतिभागियों के रहने और भोजन की व्यवस्था निःशुल्क की गई है। साथ ही प्रत्येक प्रशिक्षार्थी को 250 रुपये प्रतिदिन मानदेय भी दिया जाएगा।
इच्छुक परंपरागत कारीगर, मूर्तिकार और माटीकला से जुड़े अभ्यर्थी योजना की आधिकारिक वेबसाइट upmatikalaboard.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के बाद अभ्यर्थियों को अपना फॉर्म 20 मई 2026 तक जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, 8 कैण्ट रोड, कैसरबाग, लखनऊ में जमा करना अनिवार्य होगा।
आवेदन के साथ आधार कार्ड, राशन कार्ड, फोटो, शैक्षिक प्रमाणपत्र (मार्कशीट) और बैंक पासबुक की छायाप्रति संलग्न करना जरूरी है।
अधिक जानकारी के लिए धर्मवीर खरे (मो. 8737008603) से संपर्क किया जा सकता है।
दोहरीघाट-ओड़िहार मेमू सेवा को मिली रफ्तार, ऊर्जा मंत्री एके शर्मा के प्रयास रंग लाए

* स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा
* रेल सेवा से पूर्वांचल में बढ़ेगा विकास और रोजगार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा के सतत प्रयासों से दोहरीघाट से ओड़िहार के बीच प्रस्तावित मेमू ट्रेन सेवा को गति मिलती दिख रही है। क्षेत्रीय जनता की लंबे समय से चली आ रही मांग को प्राथमिकता देते हुए मंत्री ने इस महत्वपूर्ण परियोजना को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाई है।
मऊ जनपद के दौरे के दौरान मंत्री ए. के. शर्मा ने दोहरीघाट रेलवे स्टेशन का स्थलीय निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों के साथ व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रस्तावित मेमू सेवा क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए विकास के नए द्वार खोलेगी और आवागमन को अधिक सुगम, सुलभ और किफायती बनाएगी। उन्होंने बताया कि उनके प्रयासों और केंद्र सरकार के सहयोग से दोहरीघाट से कटिहार तक मेमू ट्रेन संचालन की घोषणा संभव हो सकी है।
मंत्री ने इस उपलब्धि के लिए नरेंद्र मोदी और अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह परियोजना पूर्वांचल के समग्र विकास को नई दिशा देगी।
उन्होंने कहा कि इस रेल सेवा के शुरू होने से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि व्यापार, शिक्षा और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने मंत्री का जोरदार स्वागत किया और इस पहल को ऐतिहासिक बताते हुए आभार व्यक्त किया। क्षेत्र में नई रेल सेवा को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला है।
‘जनगणना 2027’ पूरी तरह डिजिटल: हर घर पहुंचेगी टीम, डेटा रहेगा पूरी तरह गोपनीय- शीतल वर्मा

* 7 से 21 मई तक स्व-गणना का विकल्प, 22 मई से शुरू होगा घर-घर सर्वे
* प्रदेश में 5.25 लाख से अधिक कर्मियों की तैनाती, टोल-फ्री 1855 जारी

लखनऊ, प्रतिनिधि।
जनगणना कार्य निदेशालय, उत्तर प्रदेश की निदेशक एवं मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी श्रीमती शीतल वर्मा ने शनिवार को लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता में ‘जनगणना 2027’ की तैयारियों और प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना में एकत्र की गई प्रत्येक व्यक्तिगत जानकारी पूर्णतः गोपनीय रहेगी और इसका उपयोग किसी भी जांच या साक्ष्य के रूप में नहीं किया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी। पहला चरण ‘मकान सूचीकरण एवं आवास गणना’ 22 मई से 20 जून 2026 तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण ‘जनसंख्या गणना’ फरवरी 2027 में होगा। इससे पहले 7 मई से 21 मई तक स्व-गणना (Self Enumeration) का विकल्प उपलब्ध रहेगा, जिसमें नागरिक स्वयं ऑनलाइन पोर्टल (se.census.gov.in) पर अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
श्रीमती वर्मा ने बताया कि यह पहली बार होगा जब जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से कराई जाएगी। स्व-गणना के बाद प्राप्त SE ID को घर आने वाले प्रगणक को दिखाना होगा, जिसकी पुष्टि के बाद ही प्रक्रिया पूर्ण मानी जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्व-गणना वैकल्पिक है, लेकिन प्रगणक हर घर तक पहुंचकर जानकारी अवश्य एकत्र करेंगे।
प्रदेश में इस विशाल कार्य के लिए 5.25 लाख से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इसमें मंडल, जिला और नगर स्तर के अधिकारियों के साथ-साथ लगभग 5 लाख प्रगणक और पर्यवेक्षक शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि जनगणना का कार्य ‘जनगणना अधिनियम 1948’ और ‘जनगणना नियमावली 1990’ के तहत किया जाएगा, जिसमें डेटा की गोपनीयता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। यह जानकारी टैक्स, पुलिस या अन्य किसी भी जांच एजेंसी के साथ साझा नहीं की जा सकती।
राज्य में यह अभियान 75 जिलों, 783 नगरीय निकायों, 350 तहसीलों और 1.04 लाख ग्रामों में चलाया जाएगा। इसके लिए करीब 3.90 लाख मकान सूचीकरण ब्लॉक बनाए गए हैं, जहां प्रगणक घर-घर जाकर सर्वे करेंगे।
जनगणना से संबंधित जानकारी के लिए टोल-फ्री नंबर 1855 भी जारी किया गया है।
श्रीमती वर्मा ने मीडिया और आम जनता से अपील की कि वे जनगणना को जनभागीदारी का अभियान बनाएं और सही जानकारी देकर विकास योजनाओं के निर्माण में सहयोग करें।
स्मार्ट प्रीपेड मीटर में बड़ा बदलाव: 30 दिन तक नहीं कटेगी बिजली, 67 लाख उपभोक्ताओं को राहत

* 1 किलोवाट उपभोक्ताओं को 30 दिन की मोहलत, 2 किलोवाट तक 200 रुपये नेगेटिव बैलेंस पर भी सप्लाई जारी

लखनऊ। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था में अहम बदलाव करते हुए बिजली उपभोक्ताओं, खासकर लोवर और मध्यम वर्ग के परिवारों को बड़ी राहत दी है। नए प्रावधानों से प्रदेश के करीब 67 लाख से अधिक घरेलू उपभोक्ता लाभान्वित होंगे। प्रदेश में 1 किलोवाट तक के करीब 43 लाख और 2 किलोवाट तक के लगभग 24 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को इस फैसले से सीधा फायदा मिलेगा।

* 1 किलोवाट उपभोक्ताओं को सबसे ज्यादा राहत
नई व्यवस्था के तहत 1 किलोवाट तक के घरेलू कनेक्शन धारकों का बैलेंस खत्म होने पर भी उनकी बिजली आपूर्ति तुरंत नहीं काटी जाएगी। ऐसे उपभोक्ताओं को अब 30 दिनों की अतिरिक्त मोहलत दी जाएगी, जिससे वे समय पर रिचार्ज कर सकें।

* 2 किलोवाट तक के उपभोक्ताओं के लिए इमरजेंसी क्रेडिट
1 से 2 किलोवाट तक के उपभोक्ताओं को इमरजेंसी क्रेडिट सुविधा दी गई है। बैलेंस समाप्त होने के बाद भी कम से कम 3 दिन या 200 रुपये तक के नेगेटिव बैलेंस पर बिजली सप्लाई जारी रहेगी। निर्धारित सीमा पार होने पर ही कनेक्शन स्वतः कटेगा।

* पहले मिलते थे केवल 3 दिन
स्मार्ट प्रीपेड मीटर लागू होने के बाद पहले उपभोक्ताओं को सिर्फ 3 दिन का समय मिलता था, जिसके बाद बिजली कट जाती थी। इससे छोटे उपभोक्ताओं को परेशानी होती थी, जिसे देखते हुए सरकार ने यह राहत दी है।

* रिचार्ज में होगा समायोजन
इमरजेंसी अवधि में उपयोग की गई बिजली की राशि अगले रिचार्ज में स्वतः समायोजित हो जाएगी। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे समय-समय पर बैलेंस की जानकारी लेकर रिचार्ज कराएं।

* कनेक्शन काटने से पहले मिलेंगे 5 अलर्ट
अब किसी भी उपभोक्ता का कनेक्शन काटने से पहले 5 अनिवार्य एसएमएस अलर्ट भेजे जाएंगे, ताकि उपभोक्ताओं को समय रहते रिचार्ज का अवसर मिल सके।

* छुट्टियों और रात में नहीं कटेगी बिजली
नई व्यवस्था के तहत शाम 6 बजे से सुबह 8 बजे तक बिजली नहीं काटी जाएगी। इसके अलावा रविवार, दूसरे शनिवार और सार्वजनिक अवकाश के दिनों में भी बिजली आपूर्ति जारी रहेगी, भले ही बैलेंस समाप्त या नेगेटिव क्यों न हो।

* प्रदेश में 83 लाख स्मार्ट मीटर लगे
ऊर्जा विभाग के अनुसार, प्रदेश में अब तक लगभग 83 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिससे उपभोक्ताओं को पारदर्शी और सुविधाजनक सेवा मिल रही है।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की 3 मई से गोरखपुर से शुरू होगी 'गोयात्रा’

* 81 दिन में प्रदेश के सभी 403 विधानसभाओं में पहुंचेगी यात्रा

वाराणसी/ गोरखपुर। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती बीती देर शाम वाराणसी से चलकर गोरखपुर पहुंच गए। वहां से 3 मई को उनकी प्रस्तावित ‘गोयात्रा’ (गविष्ठी धर्मयुद्ध यात्रा) का शुभारंभ होगा। यह यात्रा 81 दिनों तक चलेगी और उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभाओं से होकर गुजरेगी।
वाराणसी श्रीविद्यामठ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान शंकराचार्य ने कहा कि यात्रा का उद्देश्य सनातन समाज को गोरक्षा के प्रति जागरूक करना और गोमाता को ‘राष्ट्रमाता’ घोषित कराने के लिए जनसमर्थन जुटाना है। उन्होंने कहा कि गोमाता की रक्षा के लिए देश में अपेक्षित स्तर पर प्रयास नहीं हो रहे हैं।
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब लोकतंत्र में बहुमत के आधार पर निर्णय लिए जाते हैं, तो गोरक्षा के मुद्दे पर जनभावनाओं की अनदेखी क्यों की जा रही है। सरकार को इस विषय पर संज्ञान लेकर ठोस कानून बनाना चाहिए। शंकराचार्य ने कहा कि यात्रा के दौरान वे विभिन्न स्थानों पर सभाएं कर लोगों से संवाद स्थापित करेंगे और गोरक्षा के लिए व्यापक जनजागरण अभियान चलाएंगे।
बाराबंकी में 13वीं यूपी पुलिस आर्चरी प्रतियोगिता का भव्य समापन ,डॉ रामकृष्ण स्वर्णकार की मौजूदगी में खिलाड़ियों का सम्मान
मेरठ जोन ने पुरुष और महिला दोनों वर्गों में जीती ट्रॉफी

11 जोनों की टीमों ने लिया प्रतियोगिता में हिस्सा

लखनऊ । बाराबंकी स्थित 10वीं वाहिनी पीएसी के आर्चरी ग्राउंड पर आयोजित 13वीं उत्तर प्रदेश पुलिस आर्चरी प्रतियोगिता का समापन 30 अप्रैल 2026 को उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ रामकृष्ण स्वर्णकार (अपर पुलिस महानिदेशक, पीएसी) उपस्थित रहे।
समारोह की शुरुआत सहआयोजन सचिव एवं सेनानायक राकेश कुमार सिंह द्वारा मुख्य अतिथि के स्वागत से हुई। उन्हें पुष्पगुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके बाद मुख्य अतिथि ने प्रतियोगिता में शामिल विभिन्न जोनों की टीमों के मैनेजरों से परिचय प्राप्त किया और खिलाड़ियों का अभिवादन स्वीकार किया।
इस प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश पुलिस के कुल 11 जोनों—गोरखपुर, वाराणसी, बरेली, प्रयागराज, मेरठ, लखनऊ, कानपुर, पीएसी पूर्वी, पीएसी पश्चिमी, पीएसी मध्य और आगरा—की टीमों ने हिस्सा लिया। सभी टीमों ने खेल भावना के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता के परिणामों में मेरठ जोन का दबदबा देखने को मिला। पुरुष वर्ग में मेरठ जोन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चल वैजयंती ट्रॉफी अपने नाम की, जबकि पीएसी पूर्वी जोन उपविजेता रहा। महिला वर्ग में भी मेरठ जोन ने पहला स्थान हासिल किया और प्रयागराज जोन दूसरे स्थान पर रहा।
व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भी खिलाड़ियों ने बेहतर प्रदर्शन किया। 70 मीटर रिकर्व राउंड (पुरुष) में वाराणसी जोन के श्रेय भारद्वाज ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि मेरठ के मोनू कुमार और कुंवरजीत सिंह क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। महिला वर्ग में मेरठ की अनीता ने पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि वाराणसी की जीनत आरा दूसरे और मेरठ की सुमन चौधरी तीसरे स्थान पर रहीं।
50 मीटर कंपाउंड राउंड (पुरुष) में मेरठ के गौरव, हर्ष बालियान और तरुण कुमार दीक्षित ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया। महिला वर्ग में मेरठ की अंकिता शर्मा और वर्ण्या ने पहला और दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि वाराणसी की आंचल रॉय तीसरे स्थान पर रहीं।
ओवरऑल प्रदर्शन में पुरुष वर्ग में मेरठ जोन ने 2472 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। पीएसी पूर्वी जोन 2433 अंकों के साथ दूसरे और प्रयागराज जोन 2426 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। महिला वर्ग में मेरठ जोन 1800 अंकों के साथ पहले, प्रयागराज 1404 अंकों के साथ दूसरे और कानपुर जोन 942 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
समापन समारोह के दौरान मुख्य अतिथि ने विजेता खिलाड़ियों को मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने अपने संबोधन में सभी खिलाड़ियों को खेल भावना बनाए रखने, हार-जीत को स्वीकार करने और भविष्य में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि द्वारा वाहिनी परिसर में नवनिर्मित बैडमिंटन कोर्ट का उद्घाटन किया गया और जिम्नेजियम हॉल का निरीक्षण भी किया गया। इस अवसर पर शिविरपाल अभिषेक श्रीवास्तव, सूबेदार सैन्य सहायक अमित कुमार सिंह, स्पोर्ट्स प्रभारी निखिल मिश्रा सहित कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
ग्रीन कॉरिडोर पर दौड़ने को लखनऊ तैयार
* एलडीए की ‘ग्रीन रन’ का रविवार को आगाज, 1500 से अधिक प्रतिभागियों ने कराया पंजीकरण
* झूलेलाल वाटिका से न्यू डालीगंज ब्रिज तक होगी 3.5 किमी फन रेस

लखनऊ। पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) द्वारा 03 मई 2026 को ‘ग्रीन रन’ का आयोजन किया जाएगा। 3.5 किलोमीटर (5,000 स्टेप) की यह फन रेस नव निर्मित ग्रीन कॉरिडोर पर झूलेलाल वाटिका से न्यू डालीगंज ब्रिज के मध्य आयोजित होगी।
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि यह आयोजन न केवल फिटनेस को बढ़ावा देगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का भी प्रभावी माध्यम बनेगा। उन्होंने बताया कि ग्रीन रन के लिए ऑनलाइन पंजीकरण खोला गया था, जिसमें 1500 से अधिक लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है।
उन्होंने बताया कि महिला एवं पुरुष प्रतिभागी एक साथ दौड़ेंगे। प्रतियोगिता चार श्रेणियों में आयोजित की जाएगी। पहली श्रेणी 18 से 30 वर्ष, दूसरी 30 से 50 वर्ष और तीसरी 50 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लिए निर्धारित है। इसके अलावा युगल दौड़ भी रखी गई है, जिसके लिए 172 जोड़ों ने पंजीकरण कराया है।

* फ्लैग ऑफ के साथ होगी शुरुआत
उपाध्यक्ष ने बताया कि रविवार सुबह 5 बजे से प्रतिभागी झूलेलाल वाटिका में एकत्रित होंगे। दौड़ शुरू होने से पहले योगा और जुम्बा जैसी फिटनेस गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। सुबह 6 बजे फ्लैग ऑफ के साथ ग्रीन रन की शुरुआत होगी।
प्रतिभागियों की सुविधा के लिए मार्ग में चार स्थानों पर हाइड्रेशन प्वाइंट बनाए जाएंगे, जहां शुद्ध पेयजल उपलब्ध रहेगा।

* विजेताओं को मिलेगा सम्मान
आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस बल, चिकित्सकों की टीम और एम्बुलेंस तैनात रहेगी। आवश्यकता पड़ने पर ट्रैफिक डायवर्जन भी सुनिश्चित किया जाएगा।
ग्रीन रन में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को टी-शर्ट और मेडल प्रदान किए जाएंगे। वहीं, प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को आकर्षक पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।
बुद्ध के मार्ग पर चलकर ही विश्व में शांति संभव : केशव प्रसाद मौर्य
* प्रधानमंत्री मोदी भगवान बुद्ध के संदेश को वैश्विक स्तर पर पहुंचा रहे
* कुशीनगर में 2570वीं बुद्ध पूर्णिमा समारोह में बोले उप मुख्यमंत्री

लखनऊ/कुशीनगर। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री  केशव प्रसाद मौर्य ने बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर कुशीनगर में आयोजित 2570वें बुद्ध पूर्णिमा समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान तथागत बुद्ध का शांति, करुणा और अहिंसा का संदेश आज पूरे विश्व के लिए पहले से अधिक प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जब विश्व युद्ध और अशांति की विभीषिका से जूझ रहा है, तब भगवान बुद्ध के बताए मार्ग पर चलकर ही स्थायी शांति स्थापित की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध ने मानवता को शांति का मार्ग दिखाया और भारत ने विश्व को युद्ध नहीं, बल्कि बुद्ध का संदेश दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज वैश्विक स्तर पर भगवान बुद्ध की शिक्षाओं को नए विस्तार के साथ स्थापित कर रहा है।
उप मुख्यमंत्री ने बुद्ध पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कुशीनगर, श्रावस्ती, सारनाथ, संकिसा और कौशांबी सहित भगवान बुद्ध से जुड़े सभी पवित्र स्थलों का अभूतपूर्व विकास डबल इंजन सरकार में हुआ है। एयर, रोड और रेल कनेक्टिविटी को मजबूत कर इन स्थलों को वैश्विक बौद्ध पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाई गई है।
उन्होंने कहा कि कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को और अधिक सक्रिय बनाने के लिए प्रदेश सरकार गंभीरता से कार्य कर रही है, ताकि विश्वभर से आने वाले बौद्ध श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
श्री मौर्य ने अपने रूस प्रवास का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष लेकर रूस के काल्मिकिया गणराज्य भेजा था। वहां जिस श्रद्धा और सम्मान के साथ पवित्र अवशेषों का स्वागत हुआ, वह भारत की आध्यात्मिक शक्ति और भगवान बुद्ध के प्रति वैश्विक आस्था का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि लगभग 40 बौद्ध देशों के साथ भारत के संबंधों को मजबूत करने में भगवान बुद्ध की शिक्षाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने कहा कि सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य एवं सम्राट अशोक महान की गौरवशाली विरासत पर उन्हें गर्व है। सम्राट अशोक ने भगवान बुद्ध के संदेश को विश्वभर में पहुंचाया था और आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए विश्व शांति और मानव कल्याण के लिए कार्य कर रहे हैं।
श्री मौर्य ने कहा कि भगवान बुद्ध की चर्चा भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के उल्लेख के बिना अधूरी है। बाबा साहब ने भगवान बुद्ध के विचारों को सामाजिक समरसता और न्याय से जोड़कर समाज को नई दिशा दी।
उन्होंने बौद्ध अनुयायियों से आह्वान किया कि वे भगवान बुद्ध के विचारों को गांव-गांव और गली-गली तक पहुंचाकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
उप मुख्यमंत्री ने वैशाख पूर्णिमा (बुद्ध पूर्णिमा) और अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रम सम्मान की नई परंपरा स्थापित की है। प्रयागराज महाकुंभ में सफाईकर्मियों का सम्मान तथा अयोध्या और काशी में मंदिर निर्माण से जुड़े श्रमिकों का सम्मान उनकी संवेदनशीलता का प्रतीक है।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने महा परिनिर्वाण मंदिर में भगवान बुद्ध को नमन करते हुए उनके करुणा और शांति के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की अपील की।
कार्यक्रम में श्री सहजानंद राय, श्री दुर्गेश राय, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, समाजसेवी, पूज्य भंतेगण एवं बौद्ध भिक्षु उपस्थित रहे।
आउटसोर्स व अंशकालिक कर्मियों के हित में बड़ा फैसला
* यूपी में नए नियम लागू, साप्ताहिक अवकाश और वेतन सुरक्षा पर सरकार सख्त : असीम अरुण

* मजदूर दिवस पर लाखों कर्मचारियों को राहत, छुट्टियों और भुगतान व्यवस्था में पारदर्शिता

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले लाखों आउटसोर्स एवं अंशकालिक कर्मियों के हितों की रक्षा के लिए बड़ा कदम उठाया है। समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री असीम अरुण ने मजदूर दिवस के अवसर पर बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में नए लेबर कोड्स तथा आउटसोर्स सेवा निगम के गठन के माध्यम से कर्मचारियों के अधिकारों को मजबूत किया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने छुट्टियों, कार्य समय और वेतन भुगतान की प्रक्रिया को पारदर्शी एवं अनिवार्य बना दिया है। अब कर्मचारियों का शोषण संभव नहीं होगा और उनके अधिकारों को कानूनी सुरक्षा मिलेगी।

* साप्ताहिक अवकाश अनिवार्य
नए नियमों के तहत किसी भी आउटसोर्स या अनुबंध कर्मचारी से लगातार सातों दिन कार्य लेना अवैध माना जाएगा। छह दिन लगातार काम के बाद एक दिन का सवेतनिक साप्ताहिक अवकाश देना अनिवार्य होगा। प्रतिदिन कार्य अवधि 8 से 9 घंटे निर्धारित की गई है। इससे अधिक कार्य लेने पर नियमानुसार ओवरटाइम देना होगा।

* छुट्टियों का नया प्रावधान
कर्मचारियों के शारीरिक और मानसिक कल्याण को ध्यान में रखते हुए अवकाश व्यवस्था में भी सुधार किया गया है। इसके तहत प्रति वर्ष 10 दिन आकस्मिक अवकाश, छह माह की सेवा पूर्ण होने पर 15 दिन बीमारी अवकाश तथा प्रतिवर्ष 15 दिन अर्जित अवकाश मिलेगा, जिसे अगले वर्ष के लिए संचय भी किया जा सकेगा। महिला कर्मचारियों के लिए प्रसूति अवकाश नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।

* वेतन सुरक्षा और डिजिटल पारदर्शिता
भारत सरकार के नए लेबर कोड्स के अनुरूप वेतन ढांचे में सुधार किया गया है। अब कुल वेतन (सीटीसी) का कम से कम 50 प्रतिशत मूल वेतन होगा, जिससे कर्मचारियों के पीएफ और ग्रेच्युटी में वृद्धि होगी। वेतन हर माह 1 से 5 तारीख के बीच सीधे बैंक खाते में जमा करना अनिवार्य किया गया है।

* आउटसोर्स सेवा निगम से खत्म होगा शोषण
1 अप्रैल 2026 से प्रभावी आउटसोर्स सेवा निगम के माध्यम से बिचौलियों की भूमिका समाप्त की जा रही है। इसके तहत अकुशल श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी 11 हजार रुपये तथा कुशल श्रमिकों के लिए 13,500 रुपये से शुरू होने वाली नई दरें निर्धारित की गई हैं। सरकार समान कार्य के लिए समान वेतन के सिद्धांत को प्राथमिकता दे रही है।

* सरकार की प्राथमिकता अंत्योदय
असीम अरुण ने कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य अंत्योदय है। आउटसोर्सिंग कर्मचारी व्यवस्था की रीढ़ हैं और उन्हें सामाजिक सुरक्षा तथा सम्मान देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मजदूर दिवस पर यह सुधार उनके पसीने की कीमत और उनके अधिकारों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।