एबीसी किड्स मोंटेसरी स्कूल में धूमधाम से मनाई गई परशुराम जयंती
संभल/ चंदौसी । एबीसी किड्स मोंटेसरी स्कूल में आज परशुराम जयंती का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय का वातावरण पूरी तरह से धार्मिक और उत्साहपूर्ण बना रहा। कार्यक्रम का उद्देश्य नन्हे-मुन्ने बच्चों को भारतीय संस्कृति, परंपराओं एवं महान व्यक्तित्वों के बारे में जागरूक करना था।
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान परशुराम के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन और पुष्प अर्पित कर की गई। इसके बाद बच्चों को भगवान परशुराम के जीवन, उनके आदर्शों और उनके योगदान के बारे में सरल और रोचक तरीके से बताया गया, जिससे बच्चे आसानी से समझ सकें।
विद्यालय की संचालिका श्रीमती संगीता भार्गव जी ने बच्चों को संबोधित करते हुए बताया कि परशुराम जयंती हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम जी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि परशुराम जी का जन्म तृतीया तिथि के प्रदोष काल में हुआ था। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार उनका अवतार अधर्म, अन्याय और अत्याचार का अंत करने के लिए हुआ था।
उन्होंने आगे बताया कि परशुराम जी के पिता महर्षि जमदग्नि और माता रेणुका थीं। वे बचपन से ही तेजस्वी, पराक्रमी और धर्मनिष्ठ थे। उनके जीवन से हमें यह सीख मिलती है कि हमें सदैव सत्य और धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए तथा अन्याय के विरुद्ध आवाज उठानी चाहिए।
प्रिया मैम ने बच्चों को बताया कि प्राचीन ग्रंथों जैसे महाभारत और विष्णु पुराण के अनुसार परशुराम जी का मूल नाम “राम” था, लेकिन जब भगवान शिव ने उन्हें “परशु” नामक दिव्य अस्त्र प्रदान किया, तभी से उनका नाम परशुराम पड़ा। उन्होंने यह भी बताया कि परशुराम जी भगवान शिव के परम भक्त थे और उन्होंने अपने जीवन में कठोर तप और साधना की।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने “जय श्री राम” के जयकारे लगाए, जिससे पूरा विद्यालय परिसर भक्तिमय हो उठा। कुछ बच्चों ने भगवान परशुराम से जुड़ी छोटी-छोटी प्रस्तुतियां भी दीं, जिससे कार्यक्रम और भी आकर्षक बन गया।
अंत में संचालिका संगीता भार्गव जी ने बच्चों को संदेश दिया कि हमें भगवान परशुराम के जीवन से प्रेरणा लेकर सच्चाई, साहस और अनुशासन को अपने जीवन में अपनाना चाहिए।
कार्यक्रम का समापन हर्ष और उल्लास के साथ किया गया। इस अवसर को सफल बनाने में विद्यालय की अध्यापिकाएं प्रिया, रूपाली, काजल, इशिता, मनप्रीत, शालू, निशा, संतोष, नीरज, सरिता, सोनल, दीक्षा, रक्षा शिल्पा सहित सभी स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा।यह आयोजन बच्चों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रहा, जिसने उनके मन में संस्कृति और नैतिक मूल्यों के प्रति सम्मान की भावना को और मजबूत किया।
1 hour and 48 min ago
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