Sambhal बुलडोजर एक्शन पर सियासी संग्राम: “मुसलमानों को टारगेट कर रही सरकार” - AIMIM जिलाध्यक्ष का बड़ा हमला
सम्भल जिले के मुबारकपुर बंद और बिछौली में ईदगाह, मदरसा और मस्जिदों पर चले बुलडोजर को लेकर सियासत गरमा गई है। AIMIM जिलाध्यक्ष असद अब्दुल्ला ने इस कार्रवाई को लेकर भारतीय जनता पार्टी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

असद अब्दुल्ला ने कहा कि उत्तर प्रदेश सहित देश के जिन राज्यों में बीजेपी या उसके सहयोगी दलों की सरकार है, वहां मुसलमानों को निशाना बनाकर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बुलडोजर कार्रवाई को संविधान के खिलाफ बताते हुए कहा कि बिना पर्याप्त नोटिस और अदालत के फैसले का इंतजार किए धार्मिक स्थलों को गिराना एक सोची-समझी साजिश है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या केवल मस्जिद, मदरसे और इबादतगाह ही ग्राम समाज की जमीन पर हैं? अन्य धर्मों के स्थलों पर ऐसी कार्रवाई क्यों नहीं होती? उनके मुताबिक, सरकार हिंदू-मुस्लिम के बीच विभाजन पैदा कर सियासत कर रही है। वहीं प्रशासन का दावा है कि सभी निर्माण कानूनी प्रक्रिया के तहत अवैध पाए जाने पर ही हटाए गए हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए AIMIM नेता ने कहा कि सरकार असली मुद्दों से ध्यान भटका रही है। उन्होंने बेरोजगारी, किसानों की बदहाल स्थिति और हाल ही में आई आपदाओं को लेकर सरकार को घेरा। असद अब्दुल्ला ने दावा किया कि 2027 के चुनाव में जनता नफरत की राजनीति का जवाब देगी और एक सेक्युलर सरकार बनेगी। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि AIMIM सम्भल जिले की असमोली और सम्भल सीटों पर मजबूती से चुनाव लड़ेगी और “हिस्सेदारी की लड़ाई” जारी रखेगी। कुल मिलाकर, बुलडोजर कार्रवाई अब सिर्फ प्रशासनिक नहीं, बल्कि बड़ा सियासी मुद्दा बन चुकी है, जिस पर आने वाले चुनावों में जोरदार घमासान तय माना जा रहा है।
Sambhal जनगणना 2027 की तैयारी तेज- मकान सूचीकरण के लिए मैदान में उतरे प्रगणक, शुरू हुआ विशेष प्रशिक्षण
जनगणना 2027 को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में पहले चरण, यानी मकान सूचीकरण और मकानों की गणना के लिए व्यापक स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। डिस्ट्रिक्ट फील्ड ट्रेनर रितेश कुमार ने बताया कि यह प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी आधार पर आगे की जनगणना का ढांचा तैयार होगा।

उन्होंने जानकारी दी कि इस कार्य में लगे सुपरवाइजर और प्रगणकों को तीन-तीन दिन का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण को प्रभावी बनाने के लिए अलग-अलग बैच बनाए गए हैं। फिलहाल पहले दिन चार बैचों में प्रशिक्षण चल रहा है, जबकि आने वाले दिनों में अन्य बैचों को भी इसी तरह प्रशिक्षित किया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया क्षेत्रवार विभाजन के आधार पर संचालित की जा रही है, ताकि हर क्षेत्र में सही और सटीक जानकारी जुटाई जा सके। रितेश कुमार ने बताया कि जनगणना के पहले चरण में मकानों की पहचान और वर्गीकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसमें यह समझाया जा रहा है कि भवन और मकान में क्या अंतर होता है, परिवार की परिभाषा क्या है और लोगों की रहन-सहन की स्थिति को किस तरह दर्ज किया जाएगा। यह डेटा भविष्य की योजनाओं और नीतियों के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनगणना का दूसरा चरण फरवरी में शुरू होगा, जिसमें व्यक्तियों की गणना की जाएगी। यानी पहले चरण में जहां मकानों और आवासीय ढांचे की जानकारी जुटाई जा रही है, वहीं दूसरे चरण में जनसंख्या से जुड़ी विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी। कुल मिलाकर, जनगणना 2027 को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है और प्रशिक्षित टीम के जरिए इस महाअभियान को सफल बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।
एबीसी किड्स मोंटेसरी स्कूल में धूमधाम से मनाई गई परशुराम जयंती

संभल/ चंदौसी । एबीसी किड्स मोंटेसरी स्कूल में आज परशुराम जयंती का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय का वातावरण पूरी तरह से धार्मिक और उत्साहपूर्ण बना रहा। कार्यक्रम का उद्देश्य नन्हे-मुन्ने बच्चों को भारतीय संस्कृति, परंपराओं एवं महान व्यक्तित्वों के बारे में जागरूक करना था।

कार्यक्रम की शुरुआत भगवान परशुराम के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन और पुष्प अर्पित कर की गई। इसके बाद बच्चों को भगवान परशुराम के जीवन, उनके आदर्शों और उनके योगदान के बारे में सरल और रोचक तरीके से बताया गया, जिससे बच्चे आसानी से समझ सकें।
विद्यालय की संचालिका श्रीमती संगीता भार्गव जी ने बच्चों को संबोधित करते हुए बताया कि परशुराम जयंती हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम जी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि परशुराम जी का जन्म तृतीया तिथि के प्रदोष काल में हुआ था। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार उनका अवतार अधर्म, अन्याय और अत्याचार का अंत करने के लिए हुआ था।
उन्होंने आगे बताया कि परशुराम जी के पिता महर्षि जमदग्नि और माता रेणुका थीं। वे बचपन से ही तेजस्वी, पराक्रमी और धर्मनिष्ठ थे। उनके जीवन से हमें यह सीख मिलती है कि हमें सदैव सत्य और धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए तथा अन्याय के विरुद्ध आवाज उठानी चाहिए।

प्रिया मैम ने बच्चों को बताया कि प्राचीन ग्रंथों जैसे महाभारत और विष्णु पुराण के अनुसार परशुराम जी का मूल नाम “राम” था, लेकिन जब भगवान शिव ने उन्हें “परशु” नामक दिव्य अस्त्र प्रदान किया, तभी से उनका नाम परशुराम पड़ा। उन्होंने यह भी बताया कि परशुराम जी भगवान शिव के परम भक्त थे और उन्होंने अपने जीवन में कठोर तप और साधना की।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने “जय श्री राम” के जयकारे लगाए, जिससे पूरा विद्यालय परिसर भक्तिमय हो उठा। कुछ बच्चों ने भगवान परशुराम से जुड़ी छोटी-छोटी प्रस्तुतियां भी दीं, जिससे कार्यक्रम और भी आकर्षक बन गया।
अंत में संचालिका संगीता भार्गव जी ने बच्चों को संदेश दिया कि हमें भगवान परशुराम के जीवन से प्रेरणा लेकर सच्चाई, साहस और अनुशासन को अपने जीवन में अपनाना चाहिए।

कार्यक्रम का समापन हर्ष और उल्लास के साथ किया गया। इस अवसर को सफल बनाने में विद्यालय की अध्यापिकाएं प्रिया, रूपाली, काजल, इशिता, मनप्रीत, शालू, निशा, संतोष, नीरज, सरिता, सोनल, दीक्षा, रक्षा शिल्पा सहित सभी स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा।यह आयोजन बच्चों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रहा, जिसने उनके मन में संस्कृति और नैतिक मूल्यों के प्रति सम्मान की भावना को और मजबूत किया।
Sambhal कोर्ट के आदेश ठंडे बस्ते में! अमीन पर मिलीभगत के आरोप, पीड़िता ने संपूर्ण समाधान दिवस में लगाई न्याय की गुहार
जनपद सम्भल से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां पारिवारिक न्यायालय के स्पष्ट आदेशों के बावजूद कार्रवाई न होने से पीड़िता न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। दरख्शा पत्नी मोहम्मद दानिश ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि उनके मामले में कोर्ट द्वारा रिकवरी के आदेश पारित किए गए थे, लेकिन संबंधित अमीन द्वारा जानबूझकर कार्रवाई नहीं की जा रही।

पीड़िता के अनुसार, वर्ष 2025 में चल रहे मुकदमे में न्यायालय ने मोहम्मद दानिश फजल और आनंद हॉस्पिटल भरण-पोषण की बकाया राशि करीब 9.65 लाख रुपये की वसूली के आदेश दिए थे। इसके बावजूद न तो कोई संपत्ति कुर्क की गई और न ही कोई ठोस कार्रवाई हुई। आरोप है कि संबंधित अमीन विपक्षी पक्ष से मिलीभगत कर मामले को लटकाए हुए है। इतना ही नहीं, जिलाधिकारी द्वारा 4 अप्रैल 2026 को अमीन को जवाब देने का निर्देश दिया गया था, जिसकी अंतिम तिथि 14 अप्रैल तय की गई थी, लेकिन अब तक कोई जवाब दाखिल नहीं किया गया। इससे प्रशासनिक आदेशों की भी खुलेआम अवहेलना हो रही है। पीड़िता ने मांग की है कि मामले में किसी अन्य अमीन से जांच कराकर न्याय दिलाया जाए, ताकि उसे उसका हक मिल सके। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर लापरवाही पर क्या कदम उठाता है।

कोर्ट का आदेश
Sambhal नारी शक्ति का सम्मान नई ऊर्जा नया संकल्प
आज जनपद सम्भल में "नारी शक्ति वंदन अधिनियम" के निमित्त आयोजित भव्य, विशाल एवं ऐतिहासिक स्कूटी रैली का शुभारंभ हयातनगर मण्डल के पक्का बाग सरायतरीन से प्रारंभ होकर सम्भल शहर में होते हुए भाजपा कार्यालय पर सम्पन्न हुई जिसमें जिला अध्यक्ष श्री हरेंद्र सिंह एवं क्षेत्रीय उपाध्यक्ष राजेश श्री सिंघल ने उपस्थित कर्यक्रम मे नामित सभासद उत्तर प्रदेश सरकार नगर पालिका परिषद संभल सय्यद शान अली के साथ सेकड़ो मुस्लिम महिलाये कार्यक्रम मे शामिल हुई कार्यकर्ताओं को सम्बोधित किया इस प्रेरणादायक रैली में महिलाओं का उत्साह, आत्मविश्वास और जोश देखने योग्य था। यह केवल एक रैली नहीं, बल्कि नारी सशक्तिकरण, सम्मान और अधिकारों की सशक्त अभिव्यक्ति थी।
हर बहन-बेटी के चेहरे पर आत्मविश्वास की चमक यह संदेश दे रही थी कि आज की नारी अब केवल सहभागी नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण की अग्रणी शक्ति बन चुकी है।
आइए, हम सभी मिलकर संकल्प लें कि नारी सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के इस अभियान को और मजबूत बनाएंगे। इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष सौरभ गुप्ता, जिला महामंत्री, शिल्पी गुप्ता, जिला मंत्री सोनू चहाल, गणेश शर्मा, सुरेश अटल, सय्यैद शान अली, पारुल शर्मा, कशिश कौशल,मनोज राणा, जितेन्द्र सैनी,निशि,निशा,श्रवण कुमार, बंटी सागर , खुर्शीदा  रूबी बेगम सूफिया बेगम इलमा परवीन नसरीन फातमा बानो खानम हिना परवीन शहीना परवीन  नज़रिन बानो  रेशमा परवीन सकीना प्रवीण सिमरन फातमा रानी परवीन अज़ीज़ फातमा सितारा बेगम रुकसाना परवीन शहनाज़ फातमा
बेगम,सतीश, प्रमोद सैनी, अब्दुल हकीम, शकील अंसारी,परवीन,अमलेश,प्रिंयका सहित बड़ी संख्या मे मातृशक्ति उपस्थित रही
Sambhal खंभे पर झंडा लगाने चढ़ा युवक, 11 हजार वोल्ट लाइन की चपेट में, हालत गंभीर
सम्भल जनपद के रजपुरा थाना क्षेत्र के सिंगोली पूर्वी गांव में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां एक युवक बिजली के खंभे पर झंडा लगाने के दौरान हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आ गया। हादसे के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनेश (उम्र लगभग 27-28 वर्ष), जो गांव सिंगोली पूर्वी का रहने वाला है, बिजली के खंभे पर “बाबा साहेब” का झंडा लगाने के लिए चढ़ रहा था। इसी दौरान वह 11 हजार वोल्ट की लाइन की चपेट में आ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आसपास मौजूद लोगों ने उसे रोकने की कोशिश भी की, लेकिन वह नहीं माना और यह हादसा हो गया। घटना की सूचना मिलते ही गांव के लोग मौके पर पहुंचे और घायल युवक को तुरंत रजपुरा अस्पताल ले जाया गया। जहां से उसकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। फिलहाल युवक का इलाज जारी है और हालत नाजुक बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि दिनेश के माता-पिता नहीं हैं और वह अविवाहित है। गांव के ही लोग उसका सहारा हैं और इलाज का पूरा खर्च भी ग्रामीण मिलकर उठाने की बात कह रहे हैं। इस घटना के बाद इलाके में शोक और चिंता का माहौल है। साथ ही यह हादसा एक बार फिर बिजली के खंभों और हाई वोल्टेज लाइनों के पास सावधानी बरतने की बड़ी चेतावनी बनकर सामने आया है।
Sambhal जिला कांग्रेस कमेटी जनपद सम्भल ने जिला अध्यक्ष आरिफ तुर्की के नेतृत्व में मनाई अंबेडकर जयंती

सम्भल, 14 अप्रैल 2026: जिला कांग्रेस कमेटी सम्भल की ओर से आज मंगलवार को भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती बड़ी धूमधाम और उत्साह के साथ मनाई गई। चंदौसी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत पचाक में स्थित बाबा साहेब अंबेडकर की प्रतिमा पर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हाजी आरिफ तुर्की के नेतृत्व में कांग्रेस के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने भारी संख्या में पहुंचकर प्रतिमा पर माल्यार्पण किया इसी के साथ ग्राम पंचायत गोविंद पुर में भी माल्यार्पण के उपरांत वहां एक विचार गोष्ठी  का आयोजन किया गया, जिसमें बाबा साहेब के जीवन, संघर्ष और उपलब्धियों पर विस्तृत चर्चा हुई। जिला अध्यक्ष आरिफ तुर्की ने मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए बाबा साहेब के सामाजिक कार्यों पर गहराई से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर एक महान समाज सुधारक, विधिवेत्ता, अर्थशास्त्री और संविधान निर्माता थे। उन्होंने अपने पूरे जीवन में छुआछूत, जातिवाद और सामाजिक असमानता के खिलाफ अथक संघर्ष किया। आरिफ तुर्की ने बताया कि बाबा साहेब ने दलितों, पिछड़ों, महिलाओं और श्रमिकों के अधिकारों के लिए लगातार आवाज उठाई। उन्होंने महाड़ सत्याग्रह और कालाराम मंदिर सत्याग्रह जैसे आंदोलनों के माध्यम से अछूतों को पानी और मंदिर प्रवेश का अधिकार दिलाने की लड़ाई लड़ी। स्वतंत्र भारत के पहले कानून एवं न्याय मंत्री के रूप में उन्होंने हिंदू कोड बिल जैसे महत्वपूर्ण सुधारों का प्रयास किया। सबसे बड़ा योगदान संविधान निर्माण का था। बाबा साहेब संविधान सभा की मसौदा समिति के अध्यक्ष थे और उन्होंने भारतीय संविधान को ऐसा बनाया जो समानता, स्वतंत्रता, न्याय और बंधुत्व के सिद्धांतों पर आधारित है। उन्होंने अनुसूचित जाति-जनजाति और पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की, ताकि समाज के कमजोर वर्गों को मुख्यधारा में लाया जा सके। आरिफ तुर्की ने जोर देकर कहा कि आज के समय में भी बाबा साहेब के विचार अत्यंत प्रासंगिक हैं। युवा पीढ़ी को उनके सिद्धांतों — शिक्षा, संगठन और संघर्ष — को अपनाना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे बाबा साहेब के सपनों वाले समतामूलक भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।गोष्ठी में अन्य कांग्रेस नेताओं ने भी अपने विचार रखे और बाबा साहेब को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में स्थानीय ग्रामीणों, युवाओं और महिलाओं की अच्छी खासी भीड़ उमड़ी। पूरा माहौल सम्मान, एकता और उत्साह से भरा रहा। जिला कांग्रेस कमेटी सम्भल का यह कार्यक्रम बाबा साहेब के प्रति सच्ची श्रद्धा और उनके आदर्शों को जीवित रखने का एक सशक्त प्रयास साबित हुआ।इस अवसर पर  संजीव कुमार साहू,डी के वाल्मीकि,सलीम सैफी,ठाकुर रनवीर सिंह, सलमान तुर्की, मनोज भास्कर, होम सिंह, इरशाद नेता जी,नोमान, हैदर, युनुस अंसारी,मुशर्रफ हुसैन, डॉ मरगूब, राशिद सैफी,सरम सिंह, निसार अहमद भूरा,जितेंद्र, अजय भारती, दीपचंद,मुन्नी पाल, आदि लोग मौजूद रहे
चंदौसी के AM World Kids में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ बैसाखी का पर्व मनाया गया


जनपद संभल की चंदौसी के AM World Kids में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ बैसाखी का पर्व मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय में विभिन्न रचनात्मक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान नन्हे बच्चों द्वारा पतंग सजावट गतिविधि करवाई गई, जिसमें बच्चों ने रंग-बिरंगी पतंगों को सजाकर अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। वहीं यूकेजी कक्षा के विद्यार्थियों ने गेहूं चिपकाने की गतिविधि में भाग लेकर फसल पर्व के महत्व को समझा।

इसके साथ ही, बच्चों ने पारंपरिक गीतों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। उनके उत्साह और ऊर्जा ने सभी का मन मोह लिया।

विद्यालय की निर्देशिका श्रीमति अलका मंगलम ने सभी बच्चों को बैसाखी के महत्व के बारे में बताते हुए उन्हें इस पर्व से जुड़ी परंपराओं से अवगत कराया। साथ ही, विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमति अर्चना सिरोही ने बच्चों के प्रयासों की सराहना की और उन्हें इसी तरह उत्साह के साथ सीखते रहने के लिए प्रेरित किया।

इस प्रकार, यह उत्सव बच्चों के लिए ज्ञानवर्धक, सांस्कृतिक एवं आनंदमय रहा।
Sanbhal जिला कांग्रेस कार्यालय पर दुआ एवं पुष्पांजलि
जनपद सम्भल 13 अप्रैल 2026 को जिला कांग्रेस कार्यालय पर बड़ी  भावुक वातावरण में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं उत्तर प्रदेश कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती मोहसिना किदवई के आकस्मिक निधन पर शोक सभा आयोजित की गई। उनके निधन की खबर सुनकर पूरे कांग्रेस परिवार में गहरा शोक व्याप्त है आज जिला कांग्रेस कार्यालय पर धर्म गुरुओं द्वारा उनकी मगफिरत के लिए दुआ की गई सभा में उपस्थित जनपद सम्भल के कांग्रेस कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और आम जनता ने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए सभी ने दो मिनट का मौन रखा  जिला अध्यक्ष आरिफ तुर्की ने श्रीमती मोहसिना किदवई के जीवन और उनके अविस्मरणीय योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला।श्रीमती मोहसिना किदवई का जन्म 1 जनवरी 1932 को उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में हुआ था। वे कांग्रेस पार्टी की एक दिग्गज और सम्मानित नेता थीं, जिन्होंने छह दशकों से अधिक समय तक पार्टी की सेवा की। उन्होंने मेरठ लोकसभा क्षेत्र से तीन बार सांसद चुनी गईं और मेरठ की पहली महिला सांसद के रूप में इतिहास रचा। वे दो बार राज्यसभा सदस्य भी रहीं।उनके प्रमुख योगदान:इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की करीबी सहयोगी के रूप में उन्होंने केंद्र सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में कई महत्वपूर्ण मंत्रालय संभाले।
1970 के दशक में आपातकाल के बाद उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष बनकर उन्होंने पार्टी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। पूरे प्रदेश का दौरा कर कार्यकर्ताओं को जोड़ा और संगठन को नई ऊर्जा दी।
वे कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की सदस्य रहीं तथा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव के रूप में भी कार्य किया। पार्टी के संगठन, रणनीति और युवा नेताओं के मार्गदर्शन में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।
वे सादगी, ईमानदारी और जनसेवा की मिसाल थीं। महिलाओं और अल्पसंख्यक समुदाय की प्रतिनिधित्व के रूप में उन्होंने हमेशा सामाजिक न्याय और सेकुलर मूल्यों को मजबूत किया।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “श्रीमती मोहसिना किदवई जी का पूरा जीवन देश सेवा और कांग्रेस पार्टी के प्रति समर्पण का प्रतीक रहा। उनका निधन कांग्रेस पार्टी के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनकी यादें हमें हमेशा प्रेरित करती रहेंगी। हम उनके आदर्शों पर चलते हुए पार्टी को मजबूत बनाने का संकल्प लेते हैं।”सभा में जिला कांग्रेस के सभी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय नेता मौजूद रहे। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
इस अवसर पर पवन कठेरिया कोस्तुभ रस्तोगी सफी सैफी सलमान तुर्की अंजार मंसूरी अंजार तुर्की निसार अहमद नोमान हैदर मुशर्रफ हुसैन इकबाल हुसैन, अनीस अहमद जब्बार हुसैन साजिद हुसैन तालिब ,मिंजर हुसैन आदि
ABC Kidz Montessori School ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए नया मुकाम हासिल किया
चन्दौसी।संभल जनपद के ABC Kidz Montessori School ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए नया मुकाम हासिल किया है। ताइक्वांडो, डांस और अन्य गतिविधियों में पहले ही कई मेडल जीत चुके स्कूल के नन्हे सितारों ने अब स्केटिंग में भी अपना परचम लहराया है।

आगरा में आयोजित 1st Open Agra Zonal Roller Skating Championship 2026 में विद्यालय की छात्रा ऐश चौधरी (कक्षा UKG) ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। यह उपलब्धि स्कूल और पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है।
इस सफलता के पीछे कोच हर्ष राणा का मार्गदर्शन रहा, जिनकी देखरेख में बच्चों को स्केटिंग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। चन्दौसी लौटने पर जिलाधिकारी द्वारा ऐश को मेडल पहनाकर सम्मानित किया गया।
विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती संगीता भार्गव ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि ABC Kidz Montessori के बच्चे हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल में बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है, जिससे वे पढ़ाई के साथ-साथ खेल और अन्य गतिविधियों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।
यह उपलब्धि न केवल स्कूल बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है।