ग्राम रोजगार सेवकों का विरोध प्रदर्शन, 10 सूत्रीय ज्ञापन सौपा
जौनपुर । महराजगंज ब्लॉक के मनरेगा योजना के अंतर्गत कार्यरत ग्राम रोजगार सेवकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रदेश सरकार के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया है। शुक्रवार को रोजगार सेवक अध्यक्ष संतोष मिश्रा की अगुवाई में ब्लॉक प्रशासन के माध्यम से सरकार को 10 सूत्रीय ज्ञापन खंड विकास अधिकारी दिनेश कुमार मौर्या को सौंपा।साथ ही अपनी समस्याओं के समाधान न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी।ज्ञापन में सबसे प्रमुख मांग वर्ष 2006 से संविदा पर कार्यरत लगभग 36 हजार ग्राम रोजगार सेवकों को नियमित कर राज्य कर्मचारी का दर्जा देना है। इसके साथ ही वेतन वृद्धि की मांग भी शामिल है।रोजगार सेवकों का कहना है कि वे पिछले 17 वर्षों से पंचायत स्तर पर मनरेगा सहित सरकार की विभिन्न योजनाओं को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके बावजूद उनकी अनदेखी की जा रही है।रोजगार सेवकों ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 15 मई 2026 तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो प्रदेश भर के रोजगार सेवक राजधानी लखनऊ में एकत्र होंगे और विधानसभा का घेराव करेंगे।उन्होंने यह भी कहा कि इसके बाद उत्पन्न होने वाली किसी भी कानून-व्यवस्था की स्थिति की जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।ज्ञापन के दौरान अमरनाथ निषाद,मूलचंद्र सरोज, सूर्यलाल उमर,राजकुमार, प्रमोद, रमेश सिंह,दुष्यंन्द्र, संदीप,शिल्पा पटेल, संगीता,सुनीता,प्रियंका,शोभावती सहित अन्य उपस्थित रहे।
सार्वजनिक स्थलों पर भगवान परशुराम की मूर्ति स्थापित करना धर्मसम्मत नहीं : बाबा दुबे

जौनपुर। भगवान परशुराम को विष्णु का छठा अवतार माना गया है और पृथ्वी के साथ चिरंजीवियों में एक माने जाते  हैं। माना जाता है कि आज भी वह महेंद्र गिरी पर्वत पर तपस्या कर रहे हैं। ऐसे में महापुरुषों की तरह सार्वजनिक स्थानों पर उनकी मूर्तियां स्थापित नहीं की जा सकती हैं। पूर्व विधायक बाबा दुबे ने सार्वजनिक स्थलों पर किसी महापुरुष की तरह लगाई जा रही उनकी मूर्ति को धर्मशास्त्र के विरुद्ध बताते हुए उपरोक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि किसी भी भगवान की मूर्ति की तरह भगवान परशुराम की मूर्ति को भी प्राण प्रतिष्ठा के बाद ही स्थापित की जानी चाहिए तथा नियमित उनकी पूजा अर्चना होनी चाहिए जबकि महापुरुषों की मूर्तियों के लिए प्राण प्रतिष्ठा और नियमित पूजा अर्चना लागू नहीं होता। बाबा दुबे ने कहा कि पिछले कुछ अरसे से भगवान परशुराम की मूर्तियों को लेकर राजनीति की जा रही है तथा राजनीतिक पिपासा की शांति के लिए ही उनकी मूर्तियां स्थापित की जा रही हैं। परंतु हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि भगवान परशुराम की मूर्ति को बिना प्राण प्रतिष्ठा किए सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित करके कर्तव्यों की इति श्री नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा कि अच्छा होगा कि उनकी मूर्ति को मंदिर में स्थापित किया जाए तथा नियमित पूजा पाठ के लिए पुजारी रखे जाएं। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम को संसार के सात अमर लोगों में माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि कलयुग की समाप्ति पर वे भगवान कल्कि के रूप में एक बार फिर दुष्टों का संहार करेंगे। श्री दुबे ने कहा कि भगवान परशुराम भले ब्राह्मण कुल में पैदा हुए थे परंतु उनका कार्य पूरी तरह से क्षत्रियोचित था। उन्होंने दुष्ट राजाओं का विनाश किया यही कारण है कि उन्हें ब्रह्म क्षत्रीय कहा जाता है। उन्होंने भीष्म पितामह, द्रोणाचार्य और कर्ण जैसे योद्धाओं को शिक्षा दी थी।
एबीएस विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने शानदार परीक्षाफल प्राप्त कर बढ़ाया गौरव
जौनपुर। महाराजगंज क्षेत्र के प्रतिष्ठित विद्यालय एबीएस इंटरनेशनल स्कूल में विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी एबीएस इंटरनेशनल स्कूल (सत्र 2025–26) के विद्यार्थियों ने अपनी मेहनत, शिक्षकों के कुशल मार्गदर्शन एवं अभिभावकों के निरंतर सहयोग से शानदार परीक्षाफल प्राप्त कर विद्यालय का गौरव बढ़ाया है। इस उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए सभी विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी। पिछले वर्षों की तरह इस वर्ष भी विद्यार्थियों ने जनपद टॉपर सूची में अपना स्थान सुनिश्चित किया है, जो विद्यालय की उत्कृष्ट शैक्षणिक परंपरा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण एवं विद्यार्थियों की निरंतर मेहनत का प्रमाण है। होनहार छात्रा अनुष्का मौर्य (97%) ने सर्वोच्च अंक प्राप्त कर विद्यालय में प्रथम स्थान हासिल किया है। वहीं समीक्षा (94%), दिव्यांशु शुक्ला (92.8%), प्रज्ञा यादव (91.2%), विभु दुबे (89.2%), निधात्री त्रिपाठी (89%), आयुष शर्मा (87.2%) एवं दिव्यांशी यादव (86.2%) ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम से लोकतंत्र को मिलेगी और मजबूती : कृपाशंकर सिंह
जौनपुर।  भारतीय जनता पार्टी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में आज भाजपा कार्यालय पर विधानसभा स्तरीय नारी सम्मेलन का आयोजन किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाराष्ट्र के पूर्व गृहराज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व गृहराज्यमंत्री एवं पूर्व लोकसभा प्रत्याशी कृपाशंकर सिंह ने कहा कि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के अधिकारों, सम्मान और राजनीतिक भागीदारी को सशक्त बनाने के प्रति जागरूकता फैलाना था। भारतीय जनता पार्टी ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार काम किया है।
उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं का उल्लेख किया, जिन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इनमें उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और मातृत्व वंदना योजना जैसी पहलें शामिल हैं, जो महिलाओं के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में सहायक सिद्ध हुई हैं।
प्रधानमंत्री द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर एक विशेष सत्र बुलाया गया है। यह कदम महिला सशक्तिकरण के प्रति सरकार की गंभीरता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के माध्यम से महिलाओं को विधायिका में उचित प्रतिनिधित्व मिलेगा, जिससे लोकतंत्र और अधिक मजबूत होगा। इस मौके पर शशि मौर्य,सीमा प्रजापति, आशा प्रमिला समेत सैकड़ों महिला शक्ति उपस्थित रही।
संजय निषाद और बाबा दुबे की मुलाकात से बदली बदलापुर की राजनीति
जौनपुर (शिवपूजन पांडे)। उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के मुखिया संजय निषाद का पूर्व विधायक बाबा दुबे से बदलापुर स्थित उनके आवास बाबा कुंज में की गई मुलाकात ने बदलापुर विधानसभा में राजनीतिक अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है। देखा जाए तो बाबा दुबे ने समाजवादी पार्टी के टिकट पर पिछला चुनाव लड़ा था और बहुत ही कम मतों से पराजित हुए थे। लोकसभा चुनाव में बाबू सिंह कुशवाहा को टिकट दिए जाने से नाराज बाबा दुबे ने समाजवादी पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। ऐसे में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सस्पेंस बना हुआ है कि वे किस पार्टी से चुनाव लड़ेंगे? अब तक आठ चुनाव लड़ चुके बाबा दुबे का चुनाव लड़ना तय है और वह बाकायदा जन विश्वास यात्रा के माध्यम से लोगों से लगातार मिल रहे हैं। संजय निषाद की पार्टी, भारतीय जनता पार्टी की सहयोगी पार्टी है। ऐसे में सवाल उठता है कि बाबा दुबे से उनके मिलने का औचित्य क्या है? राजनीतिक जानकारों की माने तो संजय निषाद शाहगंज की सीट के बदले बदलापुर की सीट मांग सकते हैं। शाहगंज विधानसभा में जिस तरह से रमेश सिंह को मामूली मतों से विजय प्राप्त हुई थी, जबकि ओवैसी की पार्टी को 8 हजार से अधिक मत प्राप्त हुए थे। 2027 के चुनाव में मुसलमान का यह मत किसी भी कीमत पर बंटता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है। ऐसे में रमेश सिंह की विजय पर संदेह के बादल दिखाई दे रहे हैं। शाहगंज के मुकाबले संजय निषाद को बदलापुर की सीट ज्यादा सुरक्षित दिखाई दे रही है। भाजपा भी भीतर ही भीतर समाजवादी पार्टी के पीडीए प्रयोग से डरती दिखाई दे रही है। आने वाले चुनाव में यूजीसी प्रमुख मुद्दा रहेगा, जिसके चलते भाजपा को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। सूत्रों की माने तो समाजवादी पार्टी बदलापुर विधानसभा में निषाद या अन्य ऐसी जाति के कैंडिडेट को खड़ा कर सकती है, जो भाजपा का वोट बैंक माना जाता रहा है। ऐसे में भाजपा भी इस सीट पर झुकने को तैयार हो सकती है। इस बारे में पूछे जाने पर बाबा दुबे ने कहा कि संजय निषाद उनसे मित्रवत मुलाकात करने आए थे। हम लोगों के बीच कई बातों पर सकारात्मक चर्चा हुई।  एक बात तो तय है कि इस मुलाकात के बाद राजनीतिक अटकलों का बाजार पूरी तरह से गरम दिखाई दे रहा है।
वरिष्ठ समाजसेवी पूर्णमासी शर्मा को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि
जौनपुर। जनपद के सम्मानित पूर्व प्रधानाचार्य एवं उत्कृष्ट समाजसेवी पूर्णमासी शर्मा का विगत 2 अप्रैल 2026 को आकस्मिक निधन हो गया।उक्त जानकारी प्राप्त होने पर जनपद जौनपुर ही नहीं अपितु संपूर्ण पूर्वांचल के जिलों से शुभचिंतकों सहित तमाम सामाजिक संगठनों के समाजसेवियों की उपस्थिति देखी गई।ग्राम खमपुर निवासी  पूर्व प्रधानाध्यापक स्व.पूर्णमासी शर्मा की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। जहां भारतीय नाई कल्याण विकास सेवा समिति,नंदवंशी सेल्फ केयर ट्रस्ट,महापद्म नंद आर्गनाइजेशन वेलफेयर संस्था एवं नई उम्मीद फाउंडेशन ट्रस्ट के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता सहित भदोही जिलाध्यक्ष कैलाश नाथ शर्मा,एम डबलू ओ के प्रांतीय अध्यक्ष घनश्याम शर्मा, प्रतापगढ़ सुल्तानपुर वाराणसी जिलाध्यक्ष आशीष शर्मा गणमान्य नागरिकों ने उन्हें नम आंखों से श्रद्धांजलि दी।भारतीय नाई कल्याण विकास सेवा समिति के संस्था अध्यक्ष दिनेश चन्द्र शर्मा ने स्व.पूर्णमासी शर्मा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और कहा कि एक कुशल शिक्षक और समाजसेवी के रूप में पूर्णमासी का जीवन समाज के लिए अनुकरणीय रहा है।शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को खमपुर और आसपास का क्षेत्र सदैव याद रखेगा।स्वजातीय बंधुओं की गरिमामयी उपस्थिति ने शोकाकुल परिवार को जीवन के रहस्य से सांत्वना दी तथा स्वजातीय बंधुओं ने व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला।शोक व्यक्त करने वालों में समिति के समस्त पदाधिकारी, खमपुर ग्राम के निवासी और शिक्षा जगत से जुड़े लोग शामिल रहे।मुंबई से सर्व सहयोग सेवा ट्रस्ट के कवि एवं पत्रकार विनय शर्मा दीप,नंदवंशी हरिकेश शर्मा नंदवंशी, नंदवंशी प्रदीप कुमार शर्मा, संतोष निरंकार शर्मा,मनोज जगदीश शर्मा, एडवोकेट अनिल शर्मा, श्रीमती राधा संतोष शर्मा, हरिशंकर शर्मा उर्फ मुन्ना,कर्पूरी शर्मा,गंगेश शर्मा,संतोष शर्मा, कलेक्टर शर्मा,जे पी शर्मा,कदम कदम पर के संपादक छोटेलाल शर्मा,प्रबंध संपादक अनिल शर्मा सहित अनेकों समाजसेवियों ने दुःख व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित किया।सभी ने दो मिनट का मौन धारण कर पुण्यात्मा की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना की और परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।
भगवान परशुराम जन्मोत्सव को लेकर जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में बैठक
जौनपुर। महराजगंज क्षेत्र के कार्यालय कैंप नाथ निकेतन नाहरपुर पर संगठन की एक बैठक जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में हुई जिसमें यह निर्णय लिया गया कि चारों गांव स्थित भगवान श्री परशुराम मंदिर के प्रांगण में अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर भगवान श्री परशुराम के जन्मोत्सव पर मंदिर के संस्थापक पुजारी सुनील शास्त्री के द्वारा अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा जिलाध्यक्ष डॉ. अतुल कुमार दुबे की अगुवाई में मंदिर पर भगवान का पूजन अर्चन एवं हवन करते हुए रथ और डीजे के साथ दिव्य शोभा यात्रा निकली जाएगी वहीं मीडिया प्रभारी अमित पाण्डेय ने जानकारी देते हुए बताया कि यह शोभायात्रा हर वर्ष की भांति अक्षय तृतीया के दिन 19 अप्रैल, 2026 को सुबह 10 बजे मंदिर परिसर से शोभायात्रा की शुरुआत होगी और सेनपुर ठेंगहा गद्दोपुर महराजगंज लोहिंदा होते हुए तेजीबाजार के रास्ते जमदग्नि पार्क कुल्हनामऊ स्थित भगवान श्री परशुराम की दिव्य प्रतिमा का दर्शन करते हुए शोभायात्रा नगर में प्रस्थान करेगी समापन कृषि भवन पॉलिटेक्निक पर पूर्व की तरह किया जाएगा जिसमें जिले भर के ब्राह्मण संगठन इकट्ठे होंगे वही संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष श्याम मिश्रा के नेतृत्व में संगठन के सभी पदाधिकारी कार्यकर्तागण शोभायात्रा को सफल बनाने में लगे हुए हैं। बैठक के दौरान कुछ नए सदस्यों का चयन किया गया जिन्हें सदस्यता ग्रहण कराई गई और उन्हें प्रमाण पत्र भी दिया गया जिनमें लालचंद गिरी, सुरेंद्र पाण्डेय अकेला बाबा रहे। बैठक के दौरान जिलाध्यक्ष डॉ. अतुल कुमार दुबे, राजेंद्र मिश्र, सुरेंद्रनाथ तिवारी, नागेंद्र मिश्र वशिष्ठ, अरुण पाठक, जगदीश उपाध्याय,  ब्लॉक अध्यक्ष श्याम मिश्र,पंकज उपाध्याय, दीपक मिश्र, अमरपाल तिवारी, रमेश मिश्र, कल्पनाथ उपाध्याय, संदीप मिश्र, राजेश उपाध्याय, निलेश मिश्रा,इंद्रेश मिश्र,लालन दुबे, भैया लाल उपाध्याय,सुभाष चंद्र उपाध्याय, संतोष मिश्र,नवीन उपाध्याय, रंकज मिश्र, दुर्गेश मिश्रा, आशीष कुमार मिश्रा उपस्थित रहे।
धूमधाम और उत्साह से मनाई गई भारत रत्न डॉ. अंबेडकर की जयंती
जौनपुर। विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ भीमराव अंबेडकर की 135 वीं जयंती के अवसर पर खुटहन थाना अंतर्गत स्थित सुतौली गांव में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में भारत रत्न डॉ अंबेडकर की तस्वीर पर माल्यार्पण किया गया। इस अवसर पर उपस्थित वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे ने कहा कि बाबा साहेब के बताए रास्ते और आदर्शों पर चल करके ही एक स्वस्थ समाज और मजबूत राष्ट्र का निर्माण किया जा सकता है। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित लोगों में पूर्व ग्राम प्रधान एडवोकेट अमरनाथ, पूर्व प्रधानाध्यापक राम प्यारे, आदर्श शिक्षक राजीव कुमार पांडे, युवा समाजसेवी, अमित कुमार सिंह, समाजसेवी संजय यादव, विजय बहादुर यादव, बौद्ध उपासक रामलवट, डॉ रुदल, कल्पनाथ खरवार, जयप्रकाश, रामराज, दयाराम, संदीप कुमार, कार्यक्रम के हर साल बिना किसी किराए के टेंट उपलब्ध कराने वाले ओमप्रकाश, डॉ संजय कुमार, डॉ रमेश कुमार समेत सैकड़ों लोग उपस्थित रहे। इस अवसर पर बाबा साहेब से जुड़े गीतों का कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया।
जलियांवाला बाग नरसंहार के शहीदों की याद में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन

जौनपुर। काकोरी-ऐक्शन शताब्दी वर्ष आयोजन समिति जौनपुर के तत्वाधान में आज दिनांक 13 अप्रैल 2026 को श्री आर. पी कालेज ऑफ फार्मेसी खजुरन बदलापुर जौनपुर के सभागार में जलियांवाला बाग नरसंहार के शहीदों की याद में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता  कृष्णचंद्र शुक्ल व संचालन- दिलीप कुमार ने किया। कार्यक्रम को काकोरी-ऐक्शन शताब्दी वर्ष आयोजन समिति के जिला सचिव प्रमोद कुमार शुक्ल व मिथिलेश कुमार मौर्य ने सम्बोधित किए। वक्ताओं ने कहा कि, 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर के जलियांवाला बाग में बैसाखी के दिन जनरल डायर ने निहत्थे लोगों पर अंधाधुंध गोलियां चलवाईं। रॉलेट एक्ट के विरोध में जुटे हज़ारों लोगों में से सैंकड़ों (आधिकारिक 379, अनौपचारिक 1000+) मारे गए। इस नरसंहार के विरोध में रवींद्रनाथ टैगोर ने अपनी ‘नाइटहुड’ उपाधि लौटा दी थी। दूसरी तरफ यह घटना भारतीय क्रांतिकारी युवाओं के लिए असहनीय थी। आत्मसम्मान पर भी गहरी चोट पहुंची। जिससे ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ देश के भीतर और देश के बाहर आजादी की ज्वाला धधक उठी। नौजवानों के दिल में आग ऐसी लगी कि क्रूर ब्रिटिश हुकूमत कांप उठी और उसे हिंदुस्तान को छोड़कर जाना पड़ा। क्रांतिकारी ऊधम सिंह जलियांवाला बाग नरसंहार के दौरान मौजूद थे। नरसंहार की घटना का मुख्य जिम्मेदार तत्कालीन गवर्नर जनरल माइकल ओ डायर को उधम सिंह ने 21 साल 1940 में इंग्लैंड जाकर भरी सभा में गोली मारा था। इस तरह उधमसिंह ने जलियाँवाला बाग नरसंहार का बदला लिया।अमृतसर में होने वाली जनसभाओं और जलियांवाला बाग हत्याकांड की घटना के प्रत्यक्ष गवाह पंजाबी कवि नानक सिंह ने लिखा है कि उस दौर में ऐसी एकता थी कि हिन्दू, मुसलमान, सिख एक ही गिलास पानी पी रहे थे और एक ही थाली में खाना खा रहे थे। वह इस नरसंहार के बाद, अंतिम संस्कार के जुलूसों का वर्णन करते हुए लिखते हैं कि कैसे हिंदू, मुस्लिम और सिख कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे थे। उन्होंने अपनी कविता ‘खूनी वैसाखी’ में उल्लेख किया है कि कैसे हिंदू, मुस्लिम और सिख एक साथ मिलकर एक ही त्योहार मना रहे थे-
“पंच वजे अप्रैल दी तेहरवीं नूं,
लोकीं बाग़ वल होए रवान चले।
दिलां विच इनसाफ़ दी आस रख के,
सारे सिख हिन्दू मुसलमान चले।
विरले आदमी शहिर विच रहे बाकी, सब बाल ते बिरध जवान चले।“वे बताते हैं कि हिन्दू, सिख मुसलमान सब एक ही साथ मिलकर त्यौहार मना रहे थे। इस तहजीब को खत्म करने की कोशिश शोषकवर्ग तब भी कर रहा था और आज भी। दरअसल 1947 में बोतल बदली थी शराब तो अब भी वही है। बोतल बदलने से जनता में जो भ्रम पैदा हुआ था वह धीरे-धीरे टूट रहा है। लोग धीरे-धीरे महसूस कर रहे हैं कि अंग्रेजों के वारिश सत्ता में आज तक बने हुए हैं, इसीलिए इनके खिलाफ लड़ाई अभी जारी है। अतः जलियाँवाला बाग नरसंहार जैसे खतरे आज भी बने हुए हैं। 13 अप्रैल जलियांवाला बाग नरसंहार में हुये सभी शहीदों को और आजादी आन्दोलन में अपने को कुर्बान कर देने वाले जाने-अनजाने जितने भी क्रातिकारी शहीद हुए हैं। सभी को क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि देते हुए संकल्प लेते हैं कि आज जन विरोधी काले कानूनों के खिलाफ आंदोलन तेज करें। इस अवसर पर अरविंद सिंह, संतोष कुमार प्रजापति, विशाल गौतम, शेषना श्रीवास्तव, इदरीश अहमद, अरविंद गुप्ता, आजाद, संजय सिंह, शोभावती सहित अन्य कई लोग मौजूद रहे।
नवोदय विद्यालय परीक्षा में प्राथमिक विद्यालय सुतौली के दो बच्चों ने रचा इतिहास

जौनपुर। प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के लिए सबसे कठिन परीक्षा कही जाने वाली नवोदय विद्यालय परीक्षा में प्राथमिक विद्यालय सुतौली के दो बच्चों ने अपनी अपनी कैटेगरी में पूरे जनपद में प्रथम रैंक प्राप्त कर नाम रोशन किया है। विद्यालय के सक्षम दुबे पुत्र सुशील दुबे ने सामान्य केटेगरी में तथा काव्या राव पुत्री प्रदीप राव ने एससी कैटेगरी में प्रथम स्थान प्राप्त किया। आज विद्यालय प्रांगण में चयनित विद्यार्थियों का अभिनंदन किया गया। विद्यालय परिवार की तरफ से दोनों बच्चों को पुरस्कार के रूप में साइकिल देकर प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व प्रधान एड.अमरनाथ ने की। मुख्य अतिथि के रूप में प्राथमिक शिक्षक संघ के मांडलिक संगठन मंत्री व जिलाध्यक्ष अरविंद शुक्ल, विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे तथा सम्मानित अतिथि के रूप में तहसील प्रभारी अनिल कुमार पांडे, ब्लॉक अध्यक्ष सुधीर कुमार सिंह, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष राम सिंह, ब्लॉक महामंत्री ओम प्रकाश गुप्ता, संघर्ष समिति के ब्लॉक अध्यक्ष विजेंद्र शर्मा, एआरपी अभिषेक तिवारी, दिनेश यादव, अरविंद मौर्य, राकेश कुमार पाल, प्रधानाध्यापक राजीव पांडे, उमेश कुमार चतुर्वेदी, आनंद तिवारी ,अशोक पांडे, श्याम लाल यादव, बजरंग बहादुर गुप्ता, विजय यादव, अरुण पाठक, संदीप यादव, विजय मौर्य, प्रदीप समेत अनेक लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन राज भारत मिश्र ने किया तथा आभार विद्यालय के प्रधानाध्यापक दिवाकर दुबे ने व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रधान अवधेश तिवारी, दयाशंकर तिवारी, कोमल कोटेदार, जगदंबा प्रसाद पांडे, राम लवट के अलावा विद्यालय परिवार की तरफ से योगेश भारती, दुर्गेश पांडे, प्रवेश वर्मा, शकुंतला देवी, रागिनी मिश्रा उपस्थित रहे।