पुष्पेंद्र सिंह चौहान के नेतृत्व में बदली रूपापुर चीनी मिल की तस्वीर, सुरक्षा व्यवस्था हुई चाक-चौबंद*
रितेश मिश्रा
हरदोई (सवायजपुर)। रूपापुर चीनी मिल में बीते करीब 8 महीनों में व्यवस्थाओं में बड़ा और सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है। इस बदलाव का श्रेय मिल के सिक्योरिटी एवं एडमिन हेड पुष्पेंद्र सिंह चौहान को दिया जा रहा है, जिनके कुशल नेतृत्व में मिल परिसर की कार्यप्रणाली सुदृढ़ हुई है।पुष्पेंद्र सिंह के कार्यभार संभालने के बाद से ही मिल में साफ-सफाई, अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष फोकस किया गया। पहले जहां परिसर में अव्यवस्था देखने को मिलती थी, वहीं अब माहौल काफी व्यवस्थित और नियंत्रित नजर आता है।सबसे बड़ा बदलाव सुरक्षा व्यवस्था में देखने को मिला है। अब मिल में तैनात सिक्योरिटी गार्ड अपनी-अपनी ड्यूटी पर पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात रहते हैं, जिससे किसी भी प्रकार की लापरवाही की गुंजाइश नहीं बची है।
खास बात यह है कि सिक्योरिटी इंचार्ज पुष्पेंद्र सिंह चौहान खुद भी समय-समय पर ही नहीं, बल्कि कभी-कभी देर रात अचानक चीनी मिल परिसर का औचक निरीक्षण (सर्प्राइज विजिट) करते हैं। उनके इस कदम से सुरक्षा कर्मियों में सतर्कता बनी रहती है और ड्यूटी में ढिलाई करने वालों पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित होती है।इसके साथ ही मिल में आवागमन और निगरानी को और प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों की गाड़ी व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। पहले जहां बुलेरो वाहन का उपयोग होता था, वहीं अब उसकी जगह आधुनिक अर्टिगा (Ertiga) गाड़ी का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे निरीक्षण कार्य और तेज व सुगम हो गया है।
मिल कर्मचारियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि इन बदलावों के चलते अब परिसर में सुरक्षा का माहौल मजबूत हुआ है, साफ-सफाई बेहतर हुई है और कार्यसंस्कृति में सकारात्मक परिवर्तन आया है।पूरे क्षेत्र में चर्चा: पुष्पेंद्र सिंह चौहान के कार्यों की अब पूरे क्षेत्र में चर्चा हो रही है। खासतौर पर उनके कार्यकाल के दौरान गन्ना पिराई सीजन में किसी भी प्रकार की बड़ी घटना सामने नहीं आई, जिसका श्रेय सीधे तौर पर उनकी सख्त निगरानी और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था को दिया जा रहा है।कर्मचारियों में बढ़ा विश्वास:कर्मचारियों के अनुसार, सख्त निगरानी और बेहतर प्रबंधन के चलते अब कार्यस्थल पर विश्वास और संतोष का माहौल बना है।
रूपापुर चीनी मिल में आए इस व्यापक बदलाव को क्षेत्र में एक मिसाल के तौर पर देखा जा रहा है, जहां मजबूत नेतृत्व और निरंतर निगरानी से व्यवस्थाओं को नई दिशा मिली है।

रितेश मिश्रा

रितेश मिश्रा
विनोद गुप्ता
रितेश मिश्रा
रितेश मिश्रा
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3 hours ago
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