दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा में सेंध, अज्ञात कार गेट तोड़कर अंदर घुसी

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दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा में बड़ी चूक सामने आई है। बताया जा रहा है कि कार लेकर एक शख्स दिल्ली विधानसभा में बैरियर तोड़कर अंदर तक जा घुसा। दिल्ली विधानसभा के गेट नंबर-2 से एक शख्स कार के साथ बैरियर तोड़कर अंदर तक चला गया।

जानकारी के मुताबिक दोपहर 2 बजकर 5 मिनट पर एक टाटा सिएरा कार मॉल रोड स्थित बंद रहने वाले VVIP गेट को तोड़कर अंदर जा घुसी। कार चालक सीधे विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के कार्यालय की ओर बढ़ा और पोर्च के पास फूलों का गुलदस्ता रख दिया। दिल्ली पुलिस को उस कार की तलाश है।

यूपी नंबर की थी गाड़ी

जो कार दिल्ली विधानसभा में घुली वह UP-26, पीलीभीत नंबर की टाटा सिएरा गाड़ी थी। आरोपी व्यक्ति ने विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के कार्यालय के पास जो गुलदस्ता रखा, उसमें फिलहाल कोई भी संदिग्ध चीज नहीं मिली है।

दिल्ली पुलिस ने शुरू की जांच

दिल्ली पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और इलाके को घेर लिया है। उस गेट से फिलहाल किसी को एंट्री नहीं मिल रही है। गनीमत रही कि किसी तरह की घटना नहीं घटी। उस इलाके से गुजरने वाली हर गाड़ी की तलाशी ली जा रही है। फिलहाल आधिकारिक बयान का इंतजार है।

संसद की सुरक्षा में चूक का मामला

इससे पहले संसद की सूरक्षा में चूक का मामला सामने आया था। 13 दिसंबर, 2023 का मामला है, जिसने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया था। यह घटना ठीक उसी दिन हुई थी, जब देश 2001 के संसद हमले की बरसी मना रहा था। लोकसभा की कार्यवाही के दौरान दर्शक दीर्घा से दो युवक- सागर शर्मा और मनोरंजन डी, अचानक सदन के भीतर कूद गए और सांसदों की बेंचों पर भागने लगे। उन्होंने अपने जूतों में छिपाकर रखे कलर स्मोक कैनिस्टर निकाल लिए, जिससे सदन में पीला धुआं फैल गया और अफरा-तफरी मच गई। ठीक उसी समय संसद परिसर के बाहर नीलम और अमोल शिंदे नामक दो अन्य प्रदर्शनकारियों ने भी रंगीन धुआं छोड़ा और नारेबाजी की। इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड ललित झा को माना गया, जिसने घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किए। जांच में सामने आया कि आरोपी बेरोजगारी, महंगाई और किसानों की समस्याओं जैसे मुद्दों पर विरोध दर्ज कराना चाहते थे।

यूसीसी और एक देश-एक चुनाव’, बीजेपी के स्थापना दिवस पर पीएम मोदी ने बता दिया टारगेट

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आज यानी 6 अप्रैल को भाजपा के लिए बहुत बड़ा दिन है। आज ही के दिन यानी 6 अप्रैल 1980 को पार्टी की स्थापना हुई थी। बीजेपी का आज अपना 47वां स्थापना दिवस मना रही है। पीएम मोदी ने इस अवसर पर बीजेपी कार्यकर्ताओं को खास संदेश दिया।

पीएम मोदी ने कार्यकर्ताओं को किया संबोधित

पीएम मोदी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भावुक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा सिर्फ एक राजनीतिक संगठन नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं के लिए “मां” के समान है। पीएम मोदी ने स्थापना दिवस का जिक्र करते हुए कहा कि यह हम कार्यकर्ताओं के लिए एक राजनीतिक आयोजन नहीं होता। ये हम सब कार्यकर्ताओं के लिए एक भावुक अवसर होता है। ये दिन हमें पार्टी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का मौका देता है कि पार्टी ने हमें राष्ट्र सेवा का सौभाग्य दिया।

भाजपा ईमानदारी से कोशिश कर रही-पीएम मोदी

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ''देश जानता है, हर चुनौती का सामना करने के लिए भाजपा ईमानदारी से कोशिश कर रही है, आगे भी करेगी। पहले भी सकारात्मक नतीजे मिले हैं और आगे भी मिलेंगे। अंग्रेजों के दौर के सैकड़ों काले कानूनों का अंत, लोकतंत्र के लिए नए संसद भवन का निर्माण, सामान्य समाज के गरीबों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण, कानून बनाकर तीन तलाक पर रोक, सीएए, अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण ऐसे कितने ही काम हैं, जो भाजपा के ईमानदार प्रयासों का नतीजा हैं।''

हमारा मिशन अभी भी जारी-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, हमारा मिशन अभी भी जारी है। उन्होंने कहा कि "समान नागरिक संहिता और एक देश-एक चुनाव ऐसे सभी विषयों पर आज देश में एक गंभीर चर्चा हो रही है। भाजपा के कार्यकर्ता जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने में कभी पीछे नहीं हटते।उन्हें दृढ़ विश्वास था कि वे जो कड़ी मेहनत कर रहे हैं, उससे भारत का भविष्य बेहतर होगा।"

कार्यकर्ताओं के समर्पण को किया याद

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि "आज भाजपा जिस शिखर पर है, उसकी चमक सबको दिखती है, लेकिन यहां तक पहुंचने में लाखों कार्यकर्ताओं का जो श्रम है, उन्होंने तप, त्याग की पराकाष्ठा की है, ये वही जान सकता है, जो इस पार्टी के संकल्पों के लिए समर्पित होकर स्वयं इस साधना का हिस्सा रहा है। पीएओम मोदी ने कहा, कार्यकर्ताओं ने हर कठिनाई झेली, चाहे वह आपातकाल हो या कांग्रेस के शासन का दमन। कई कार्यकर्ताओं ने तो अपना जीवन भी बलिदान कर दिया। हमने पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में देखा है, जहां हिंसा को एक राजनीतिक संस्कृति बना दिया गया है।"

हमने कार्यकर्ताओं का विशाल कैडर खड़ा किया

पीएम मोदी ने ने बीजेपी की यात्रा जिक्र करते हुए कहा, "राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के विशाल और पवित्र वट वृक्ष के नीचे हमें साफ नीयत के साथ सुचिता के साथ राजनीति में कदम रखने की प्रेरणा मिली। फिर शुरुआत के कुछ दशकों में हमने संगठन के लिए नीतियां निर्धारित करने में अपनी ऊर्जा लगाई। उसके बाद जो समय आया जब भाजपा ने पूरी निष्ठा के साथ खुद को एक सशक्त कैडर आधारित पार्टी बनाने में झोंक दिया। हमने कार्यकर्ताओं का ऐसा विशाल कैडर खड़ा किया, जिनमें सेवा भावना से काम करने का समर्पण था, जिन्होंने पार्टी के सिद्धांतों को अपने जीवन का आदर्श बनाया और जिन्होंने किसी भी परिस्थिति में अपने मूल्यों से समझौता स्वीकार नहीं किया।"

भारत की कूटनीति की तारीफ, ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि ने कहा-बातचीत में होगी बड़ी भूमिका

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ईरान पर 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल पर हमले के बाद मध्य-पूर्व में तनाव चरम पर है। इसके चलते दुनिया भर के कई देशों को ऊर्जा संकट से जूझना पड़ रहा है। ऐसे में कई देशों ने जंग समाप्त कर अमेरिका-इजरायल और ईरान को बातचीत की मेज पर लौटने की वकालत की है। इसी बीच, ईरानी सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही जो इस वक्त भारत में हैं, उन्होंने ने शांति की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि दुनिया में शांति स्थापित होनी चाहिए। उन्होंने भारतीय कूटनीति की सराहना करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर भारत एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

भारत की कूटनीति की ईरान ने की तारीफ

ईरान पर अमेरिका और जराइल की ओर से हमला शुरू हुए 38 दिन हो चुके हैं। इतने दिनों में पूरी दुनिया की जियोपॉलिटिक्स में बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव हुआ है। लेकिन, भारत की जो कूटनीति रही है, उसकी तारीफ ईरान भी दिल खोलकर कर रहा है। भारत में ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने नई दिल्ली में भारत की कूटनीति की खुलकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि भारतीय कूटनीति मजबूत और प्रभावी है तथा शांति स्थापना में नई दिल्ली बड़ी भूमिका निभा सकती है।

युद्ध को एक बड़ी गलती करार दिया

डॉ. इलाही ने अमेरिका-इस्राइल द्वारा ईरान के खिलाफ छेड़े गए युद्ध को एक बड़ी गलती करार दिया। उन्होंने कहा, शुरू से ही यह एक बहुत बड़ी गलती थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह युद्ध सिर्फ ईरान के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरी दुनिया और मानवता के खिलाफ है। इस युद्ध का नतीजा यह है कि दुनिया के अलग-अलग देशों में बहुत से लोग अभी दुख झेल रहे हैं। डॉ. इलाही ने कहा कि हमें शांति की बात करनी चाहिए। हमें दुनिया में शांति लानी चाहिए।

ट्रंप की भाषा पर उठाए सवाल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दी गई धमकी पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि ने कहा, हर इंसान जो भाषा इस्तेमाल करता है, वह उसके व्यक्तित्व, मानवता और नैतिकता की अभिव्यक्ति होती है। इसलिए, जो व्यक्ति अभद्र भाषा का इस्तेमाल करता है। उसका मतलब है कि यह उनका व्यक्तित्व है। यहां तक कि कई अमेरिकी सांसदों ने भी ऐसी भाषा के इस्तेमाल से इनकार किया है।

ईरान पर हमले बंद हो तो जंग समाप्त

जंग खत्म करने की संभावना पर किए गए सवाल के जवाब में अब्दुल माजिद हकीम इलाही ने कहा, यह उन देशों पर निर्भर करता है, जिन्होंने इस जंग की शुरुआत की। अगर ईरान पर हमले बंद हो जाए तो युद्ध समाप्त हो जाएगा। जब उनसे पूछा गया कि क्या भारत अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता में भूमिका निभा सकता है। इस पर उन्होंने कहा, सभी देश इस जंग को समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

एस जयशंकर ने ईरान, यूएई और कतर से की बात, पश्चिम एशिया के हालात पर हुई चर्चा

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अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के चलते पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने रविवार शाम को कतर और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के अपने समकक्षों के साथ टेलीफोन पर बातचीत की और क्षेत्र के बिगड़ते सुरक्षा हालातों पर चर्चा की। कतर और यूएई के नेताओं से बात करने के तुरंत बाद, भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची का फोन आया। 

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जसीम अल थानी से पश्चिम एशिया संघर्ष और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर उसके असर को लेकर रविवार को चर्चा की। विदेश मंत्री ने संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान से भी फोन पर बातचीत की।

युद्ध और तनाव पर पर चर्चा

विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस बातचीत की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री के साथ क्षेत्र में चल रहे युद्ध और तनाव पर विचार साझा किए गए। इसके बाद जयशंकर ने यूएई के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान से संपर्क किया। उन्होंने पश्चिम एशिया की उभरती स्थिति पर विस्तार से चर्चा की।

ईरान के विदेश मंत्री का आया फोन

इसी कड़ी में ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरघची ने भी डॉ. जयशंकर को फोन किया। भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया पर यह बताया है कि उनके पास ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का फोन आया। दोनों नेताओं ने वेस्ट एशिया में चल रही टेंशन को लेकर लंबी बातचीत की।

ट्रंप की चेतावनी के बीच बढ़ी हलचल

ईरान के विदेश मंत्री, कतर के प्रधानमंत्री और संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्री से जयशंकर की फोन पर बातचीत ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को दी गई हालिया चेतावनी के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि होर्मुज स्ट्रेट को नौवहन के लिए फिर से नहीं खोला गया तो ईरान के बिजली संयंत्रों और पुलों को नष्ट कर दिया जाएगा।

बीजेपी ने तमिलनाडु में अन्नामलाई को क्यों नहीं उतारा? खुद दिया जवाब

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तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने अपनी लिस्ट जारी कर दी है। बीजेपी ओर से जारी 27 उम्मीदवारों की लिस्ट में कद्दावर नेता के. अन्नामलाई का नाम नहीं है। के. अन्नामलाई राज्य में बीजेपी के सबसे बड़े चेहरे हैं। ऐसे में चर्चा हो रही है कि क्या बीजेपी ने अन्नामलाई को साइडलाइन कर दिया है। इन चर्चाओं पर अन्नामलाई ने खुद विराम लगाया है।

अन्नामलाई बोले-उनका टिकट काटा नहीं गया

अन्नामलाई ने कहा कि उन्होंने खुद ही चुनाव न लड़ने का फैसला किया था, उनका टिकट काटा नहीं गया। चेन्नई हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बात करते हुए अन्नामलाई ने भाजपा नेतृत्व का आभार जताया कि उन्होंने उनके फैसले का सम्मान किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने पहले ही पार्टी आलाकमान को लिखित रूप में सूचित कर दिया था कि वे किसी भी निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव नहीं लड़ेंगे, बल्कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के लिए प्रचार अभियान में जुटेंगे।

पूरी तरह से पार्टी के प्रचार पर करेंगे फोकस

अन्नामलाई ने साफ तौर पर कहा है कि वह चुनावी मैदान में नहीं उतरेंगे और पूरी तरह से पार्टी के प्रचार पर फोकस करेंगे। अन्नामलाई ने कहा कि अगर वह चाहते, तो तमिलनाडु की किसी भी सीट से चुनाव लड़ सकते थे, लेकिन उन्होंने संगठन को मजबूत करने और उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार करने का रास्ता चुना। अन्नामलाई ने कहा कि वह न तो उम्मीदवारों की सूची में थे और न ही चुनाव लड़ने की दौड़ में।

पुडुचेरी-केरल और तमिलनाडु में प्रचार की मिली जिम्मेदारी

तमिलनाडु भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि पार्टी ने उन्हें 7 अप्रैल तक पुडुचेरी और केरल में, और उसके बाद 23 अप्रैल तक तमिलनाडु में प्रचार की जिम्मेदारी दी है। अन्नामलाई ने कहा- ‘एक कार्यकर्ता के तौर पर, मेरी भूमिका पूरे राज्य में एनडीए प्रत्याशियों के लिए प्रचार करना है और मैं इसे पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाऊंगा।’ अन्नामलाई ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने फैसले की जानकारी पहले ही केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, बीजेपी महासचिव बीएल संतोष और पार्टी नेतृत्व को दे दी थी।

कोर कमेटी की बैठक में शामिल

भाजपा ने अन्नामलाई को आज राज्य कोर कमेटी की बंद कमरे में होने वाली बैठक में शामिल होने के लिए बुलाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली बैठक में आगामी चुनावी रणनीति पर चर्चा की जाएगी।

24 घंटे में ईरान ने अमेरिकी खेमे में मचाई खलबली, दो लड़ाकू विमान-हेलीकॉप्टर को बनाया निशाना

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ईरान और अमेरिका-इजरायल युद्ध में हर दिन हमले तेज हो रहे हैं। ईरान के साथ करीब पांच सप्ताह से चल रहे संघर्ष के बीच अमेरिका को बड़ा झटका लगा है। एक ही दिन में ईरान द्वारा दो अमेरिकी लड़ाकू विमानों के गिराए जाने की घटना ने पश्चिम एशिया में संकट को और गहरा दिया है।

अमेरिका ने पिछले 24 घंटे में अपन दो फाइटर जेट और दो हेलीकॉप्टर खो दिए हैं। जबकि उसके एफ-15 लड़ाकू विमान का पायलट अभी भी लापता है। ईरान के अंदर उसकी तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं।

ईरान ने खुजेस्तान में F-15E स्ट्राइक ईगल को मार गिराया

शुक्रवार को ईरान ने एक अमेरिकी F-15E स्ट्राइक ईगल को निशाना बनाया। ईरान ने अपने खुजेस्तान प्रांत F-15E स्ट्राइक ईगल को मार गिराया। इस घटना में विमान के दो चालक दल सदस्यों में से एक को बचा लिया गया है, जबकि दूसरा अब भी लापता है। चालक की तलाश के लिए ईरान ने इनाम की घोषणा की है।

कुवैत के ऊपर अमेरिकी A-10 को बनाया निशाना

एक दूसरी घटना में ईरान ने कुवैत के ऊपर उड़ान भर रहे अमेरिकी A-10 वारथॉग अटैक एयरक्राफ्ट को निशाना बनाया। ईरान ने अमेरिका के दो A-10 वॉरथॉग विमानों पर हमला किया था जिनमें से एक विमान समंदर में जा गिरा। इस विमान के पायलट को भी बचा लिया गया है। दूसरा विमान एक इंजन के सहारे बेस पर लौटने में कामयाब रहा।

बचाव मिशन पर भी हमला

F-15E लड़ाकू विमान के लापता पायलट का पता लगाने के प्रयास बेहद खतरनाक साबित हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक खोज और बचाव मिशन के लिए ईरानी क्षेत्र में घुसे दो अमेरिकी ब्लैकहॉक हेलीकॉप्टरों पर भी गोलाबारी हुई। हालांकि वे ईरानी हवाई क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे। इस मिशन में एक पायलट को रेस्क्यू कर लिया गया था। आशंका जताई गई है कि ये दो हेलीकॉप्टर भी क्षतिग्रस्त हुए हैं।

केरल के मलप्पुरम में चुनाव प्रचार के दौरान शशि थरूर के काफिले पर हमला, जानें पूरा मामला

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केरलम की विधानसभा चुनावी की सरगर्मी जोरों पर हैं। इस बीच चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस सांसद शशि थरूर की कार पर हमला हुआ है। यह घटना मलप्पुरम जिले के वांडूर में हुई। कुछ लोगों ने शशि थरूर की कार रोक ली और उनके गनमैन के साथ मारपीट की। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है और दो लोगों को हिरासत में ले लिया है।

गनमैन के साथ गाली-गलौज और मारपीट

यह हमला शुक्रवार रात को हुआ। शशि थरूर मलप्पुरम के वंडूर में यूडीएफ उम्मीदवार एपी अनिल कुमार के लिए प्रचार करने आए थे। इस मामले में थरूर के गनमैन ने खुद शिकायत दर्ज कराई है। वांडूर पुलिस ने बताया कि सांसद के गनमैन रतीश केपी की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है।

हमलावर दो गाड़ियों में थे सवार

थरूर की टीम के अनुसार वे दो वाहनों में यात्रा कर रहे थे। थरूर पहली कार में सवार थे। दूसरी कार ओवरटेक करने की कोशिश के दौरान विवाद शुरू हुआ। अचानक दो कारों में सवार करीब आठ लोगों ने थरूर की गाड़ी रोक दी। उन्होंने आगे बढ़ने नहीं दिया और कार के शीशे पर जोर-जोर से हाथ-पैर मारे। जब थरूर का गनमैन सुरक्षा की वजह से गाड़ी से उतरा तो हमलावरों ने उस पर भी हमला बोल दिया। गनमैन धक्का-मुक्की और मारपीट का शिकार हो गया।

पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया

पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को भी हिरासत में लिया है। पुलिस ने इस मामले में दो कारों को भी जब्त किया है। पुलिस का कहना है कि शशि थरूर का काफिला रोकने वाला ग्रुप इन कारों में सफर कर रहा था। इस मामले में पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि यह घटना वंडूर के चेल्लीथोड में शाम करीब 7 बजे हुई। चुनाव में उतरने उम्मीदावार एपी अनिल कुमार के लिए शशि थरूर चुनाव प्रचार करने वंडूर आए थे।

मालदा का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने वाले मोफक्करुल इस्लाम समेत 35 पर शिकंजा

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पश्चिम बंगाल के मालदा (कालियाचक) में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने और हिंसा भड़काने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस पूरे कांड के मास्टरमाइंड माने जा रहे एडवोकेट मोफक्कारुल इस्लाम को बंगाल सीआईडी ने गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के मुताबिक, मोफक्कारुल इस्लाम राज्य छोड़कर भागने की फिराक में था।

अब तक 35 लोग गिरफ्तार

सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान और पूरा मामला एनआईए को रेफर होने के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी को अरेस्ट कर लिया है। मालदा घटना पर उत्तरी बंगाल के एडीजी के. जयरामन के अनुसार अब तक 35 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस हिंसा में 19 मामले दर्ज किए हैं। उन्होंने बताया कि हिंसा भड़काने वाले मुख्य आरोपी मोफक्करुल इस्लाम को अरेस्ट किया गया है। जयरामन के अनुसार वह एक वकील लगता है। हम जांच कर रहे हैं कि बचाव कार्य में देरी क्यों हुई। फिर हम एक रिपोर्ट सौंपेंगे।

एआईएमआईएम का नेता बताया जा रहा मोफक्करुल

आरोपी मोफक्करुल इस्लाम कालियाचक की घटना का मुख्य साजिशकर्ता है। बुधवार रात हुई इस घटना में सात न्यायिक अधिकारियों को बीडीओ कार्यालय के अंदर कई घंटों तक बंधक बनाकर रखा गया था। वकील मोफक्करुल इस्लाम ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) का नेता बताया जा रहा है। मालदा में हुए विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व करने के आरोप में उसे गिरफ्तार किया गया है।

न्यायिक अधिकारियों को क्यों बनाया गया बंधक?

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों से पहले चुनाव आयोग द्वारा किए जा रहा मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया एक बड़ा मुद्दा बन गई है। एसआईआर प्रक्रिया के बाद अंतिम मतदाता सूची में 63 लाख से अधिक नाम हटाए गए, जबकि 60 लाख अन्य मतदाताओं को विचाराधीन रखा गया। न्यायिक अधिकारियों को इन मामलों की समीक्षा करने का कार्य सौंपा गया था। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार ये न्यायिक अधिकारी इन मामलों की जांच कर मतदाताओं को मतदाता सूची में बरकरार रखने या हटाने का फैसला कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने बुधवार को अधिकारियों के साथ बैठक का अनुरोध किया, जिसे अस्वीकार करने पर उन्होंने बीडीओ कार्यालय का घेराव कर तीन महिलाओं समेत सात अधिकारियों को बंधक बना लिया।

सुप्रीम कोर्ट ने मालदा हिंसा को बताया सोची-समझी साजिश

सुप्रीम कोर्ट ने मालदा हिंसा को इसे एक सोची-समझी साजिश बताया और न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती का आदेश दिया। सीजेआई सूर्यकांत रात दो बजे तक इस घटना के बाद जागते रहे थे। चुनाव आयोग ने अदालत के निर्देश पर जांच NIA (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) को सौंप दी है। बंगाल चुनाव 2026 के मद्देनजर इस घटना ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है, जहां बीजेपी इसे कानून-व्यवस्था की विफलता बता रही है, वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की एक साजिश करार दिया है।

राघव के जवाब पर 'आप' का पलटवार, सौरभ भारद्वाज से लेकर अनुराग ढांडा ने घेरा

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राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के उपनेता पद से हटाए जाने के एक दिन बाद सांसद राघव चड्ढा ने इस पर चुप्पी तोड़ी। उन्होंने शुक्रवार को एक वीडियो जारी करके कहा कि मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना। राघव चड्ढा ने कहा, 'खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं।' यही नहीं उन्होंने इस मैसेज के साथ आम आदमी पार्टी पर कई गंभीर आरोप लगा दिए। राघव चड्ढा का वीडियो सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी की ओर से पलटवार किया गया है।

अनुराग ढांडा ने भी राघव चड्ढा को घेरा

आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के हालिया बयान और वीडियो को लेकर पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ गया है। पार्टी नेता अनुराग ढांडा ने राघव चड्ढा पर निशाना साधते हुए कहा कि वह अब अरविंद केजरीवाल के सिपाही नहीं रहे हैं और सरकार के खिलाफ खुलकर बोलने से घबराने लगे हैं। अनुराग ढांडा ने कहा, 'हम केजरीवाल के सिपाही हैं। निडरता हमारी पहली पहचान है। जो डर जाए, वो देश के लिए क्या लड़ेगा?'

मोदी के खिलाफ बोलने से घबराते हो- ढांडा

ढांडा ने आरोप लगाया कि संसद में सीमित समय मिलने के बावजूद राघव चड्ढा गंभीर राष्ट्रीय मुद्दों के बजाय छोटे-छोटे मुद्दों पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, ‘संसद में थोड़ा सा समय मिलता है बोलने का पार्टी को, उसमें या तो देश बचाने का संघर्ष कर सकते हैं या एयरपोर्ट कैंटीन में समोसे सस्ते करवाने का।’ उन्होंने कहा कि गुजरात में पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बावजूद चड्ढा ने संसद में आवाज नहीं उठाई। इसके अलावा पश्चिम बंगाल में कथित तौर पर वोट के अधिकार से जुड़े मुद्दे पर भी उन्होंने चड्ढा को घेरा। ढांडा के मुताबिक, जब मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ प्रस्ताव लाया गया, तो राघव चड्ढा ने उस पर साइन करने से इनकार कर दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब पार्टी ने संसद से वॉकआउट किया, तब भी चड्ढा सदन में बैठे रहे। अपने पोस्ट के आखिर में अनुराग ढांडा ने सीधे शब्दों में लिखा, ‘पिछले कुछ सालों से तुम डर गए हो राघव। मोदी के खिलाफ बोलने से घबराते हो। देश के असली मुद्दों पर बोलने से घबराते हो। जो डर गया वो….’

सौरभ भारद्वाज ने कहा- ऐसे डरकर राजनीति कैसे होगी

आम आदमी पार्टी के दिल्ली यूनिट के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने राघव चड्ढा पर रिएक्ट किया। उन्होंने कहा कि राघव भाई अभी आपका वीडियो देखा। हम सब लोग अरविंद केजरीवाल के सिपाही हैं। हमने एक ही बात सीखी थी जो डर गया समझो मर गया। हम सबको तो लोगों के मुद्दे उठाने थे सरकार की आंख में आंख डालकर। पिछले कुछ दिनों में हमने देखा जो भी कोई गंभीर मुद्दे उठाता और सरकार से सवाल पूछता है तो सरकार उस पर डिक्टेटर की तरह उनको तमाम सोशल मीडिया पर बैन करती है। सौरभ भारद्वाज ने आगे कहा कि सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ता कोई सॉफ्ट पीआर अपनी संसद में करे। संसद में एक छोटी सी पार्टी का बड़ा ही सीमित समय होता है। उसमें अगर कोई समोसों की बात उठा रहा तो उससे जरूरी है कि देश के बड़े मुद्दों की बात उठाए। पूरे देश में हमने देखा हर राज्य में सही लोगों के वोट काटे जा रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि नकली और झूठे वोट बनाकर सरकार बेईमानी के साथ कब्जा करने पर जुटी है। पश्चिम बंगाल का मामला इसमें अहम है। पिछले कई अरसे से मैंने देखा कि आपने कोई ऐसा मुद्दा सदन में नहीं उठाया, जिसमें आपने सरकार से सवाल किए हों। ऐसे डरकर राजनीति कैसे होगी।

भारत की समुद्री ताकत में इजाफा, सबमरीन अरिदमन और INS तारागिरी नेवी में शामिल

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भारत अपनी समुद्री ताकत में लगातार इजाफा करने की कोशिश में जुटा है। आज जब दुनिया में तनाव बढ़ रहा है तब भारत ने दिखा दिया है कि वह सिर्फ जमीन या आसमान से ही नहीं, बल्कि समुद्र की गहराई से भी जवाब देने में सक्षम है। भारत की समुद्री सुरक्षा को अभेद्य बनाने की दिशा में शुक्रवार को एक नया अध्याय जुड़ गया है।

भारत की समुद्री ताकत कई गुना बढ़ी

विशाखापत्तनम में आज दो बड़ी ताकतें एक साथ भारतीय नौसेना में शामिल हुईं परमाणु पनडुब्बी आईएनएस अरिदमन और स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस तारागिरी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विशाखापट्टनम स्थित नेवल डॉकयार्ड में स्वदेशी अत्याधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट तारागिरी और आईएनएस अरिदमन को नौसेना में शामिल कराया। एक समंदर की गहराई में छिपकर दुश्मन को तबाह करने की क्षमता रखती है, तो दूसरी सतह पर तेज रफ्तार और आधुनिक हथियारों के साथ हर खतरे से निपटने को तैयार है। इन दोनों की तैनाती से भारत की समुद्री ताकत कई गुना बढ़ गई है और अब दुश्मन के लिए हर दिशा से खतरा तय माना जा रहा है।

क्या हैं INS अरिदमन की खूबियां

-INS अरिदमन अरिहंत-श्रेणी की तीसरी SSBN पनडुब्बी है, जिसे भारत के उन्नत प्रौद्योगिकी वेसेल (ATV) प्रोजेक्ट के तहत विकसित किया गया है।

-यह पनडुब्बी समुद्र से परमाणु हमले की क्षमता प्रदान करती है, जो भारत की ‘पहले इस्तेमाल नहीं’ (No-First-Use) नीति के तहत प्रहार क्षमता को मजबूत बनाती है।

-यह 90% से अधिक स्वदेशी तकनीक से निर्मित है, जिसमें इसका परमाणु रिएक्टर भी शामिल है। इसे विशाखापट्टनम स्थित शिप बिल्डिंग सेंटर ने विकसित किया है।

- अरिदमन की सबसे बड़ी खासियत इसकी मारक क्षमता है। इसमें 8 वर्टिकल लॉन्च ट्यूब हैं, जो लंबी दूरी की K-4 मिसाइल या अधिक संख्या में K-15 मिसाइल ले जा सकती हैं। यह पनडुब्बी समुद्र की गहराई में छिपकर किसी भी समय जवाबी परमाणु हमला करने की क्षमता रखती है, इसे ‘सेकंड स्ट्राइक कैपेबिलिटी’ कहा जाता है।

तारागिरी में क्या है खास

-‘प्रोजेक्ट 17A’ के तहत चौथे प्लेटफॉर्म के रूप में तारागिरी 6,670 टन का युद्धपोत है, जिसे मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड, मुंबई द्वारा बनाया गया है, जो उन्नत डिजाइन और इंजीनियरिंग उत्कृष्टता को प्रदर्शित करता है।

-इस युद्धपोत की बनावट अधिक स्लिम है, जिससे इसका रडार पर दिखाई देने वाला आकार बहुत कम हो जाता है और यह जटिल समुद्री परिस्थितियों में अधिक सुरक्षित रहने में सक्षम है।

-यह पोत 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री से निर्मित है और भारत के घरेलू रक्षा तंत्र की परिपक्वता को दर्शाता है, जिसमें 200 से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) शामिल हैं और हजारों लोगों को रोजगार मिलता है।

-तारागिरी में संयुक्त डीजल या गैस प्रणोदन प्रणाली लगी है, जो इसे उच्च गति और लंबी दूरी तक संचालन की क्षमता प्रदान करती है।

-यह युद्धपोत अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों से लैस है, जिनमें सुपरसोनिक सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें, मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें और विशेष पनडुब्बी रोधी युद्ध प्रणाली शामिल हैं। इन सभी को आधुनिक युद्ध प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से जोड़ा गया है, जिससे उभरते खतरों का तेजी और सटीकता से सामना किया जा सकता है।

-युद्धक भूमिका के अलावा तारागिरी को मानवीय सहायता और आपदा राहत कार्यों के लिए भी डिजाइन किया गया है, जिससे शांति और संघर्ष दोनों स्थितियों में इसकी उपयोगिता बढ़ जाती है।