*लखनऊ में एजुकेट गर्ल्स ने मनाया 18वाँ स्थापना दिवस, बालिका शिक्षा को आगे बढ़ाने में जमीनी साझेदारियों के प्रभाव को किया प्रदर्शित*

लखनऊ, 25 मार्च, 2026: एजुकेट गर्ल्स, जिसे 2025 के रेमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, ने 25 मार्च 2026 को लखनऊ में अपना 18वाँ स्थापना दिवस मनाया। इस पुरस्कार को व्यापक रूप से एशिया का नोबेल पुरस्कार माना जाता है। इस महत्वपूर्ण आयोजन में 300 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए, जिनमें टीम बालिका स्वयंसेवक, फील्ड स्टाफ, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, सिविल सोसाइटी साझेदार और शिक्षा क्षेत्र के हितधारक शामिल थे। इस अवसर पर संस्था की यात्रा पर विचार किया गया और भारत भर में बालिका शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया गया।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मुख्य संबोधन दिया और राज्य में प्रत्येक बालिका के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सशक्तिकरण सुनिश्चित करने के लिए सरकार के सतत प्रयासों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “देशव्यापी पहलों जैसे बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ से लेकर उत्तर प्रदेश में एजुकेट गर्ल्स जैसे साझेदारों के माध्यम से निरंतर प्रयासों तक, हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। वर्ष 2017 के बाद से राज्य में बुनियादी, माध्यमिक और उच्च शिक्षा में व्यापक परिवर्तन देखने को मिले हैं, जिनमें बेहतर बुनियादी ढाँचा, संसाधनों में वृद्धि और ड्रॉपआउट दर को कम करने के लिए केंद्रित प्रयास शामिल हैं। कायाकल्प योजना और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के विस्तार जैसी सरकारी योजनाओं ने बालिकाओं को स्कूल में वापस लाने और उनकी शिक्षा जारी रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज अधिकांश बालिकाएँ कक्षाओं में हैं और ड्रॉपआउट दर लगातार घट रही है। मिशन शक्ति के माध्यम से हम बालिकाओं को गरिमा, अवसर और समानता के साथ जीवन जीने में सक्षम बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम एजुकेट गर्ल्स के साथ मिलकर बालिका शिक्षा और सशक्तिकरण को आगे बढ़ाने के हर प्रयास में दृढ़ता से साथ खड़े हैं।”

माध्यमिक शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त राज्य परियोजना निदेशक विष्णु कांत पांडेय ने राज्यभर में सामुदायिक भागीदारी और पुनःसमावेशन प्रयासों के माध्यम से हासिल की गई प्रगति को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “लगातार प्रयासों के माध्यम से हम लगभग 23 जिलों में बालिकाओं की पहचान कर उन्हें मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने में सफल हुए हैं, साथ ही जोखिमग्रस्त छात्रों को विद्यालय में बनाए रखने में भी सहयोग किया है। विद्या कार्यक्रम के अंतर्गत टीम बालिका स्वयंसेवक गाँव-गाँव जाकर स्कूल से बाहर बालिकाओं को पुनः शिक्षा से जोड़ने की तैयारी कर रहे हैं और सामाजिक या आर्थिक कारणों से पढ़ाई छोड़ चुकी बालिकाओं के लिए ओपन स्कूलिंग के माध्यम से निरंतरता सुनिश्चित कर रहे हैं। किशोर बालिकाओं को पुनः मुख्यधारा में लाना एक जटिल चुनौती बनी हुई है, लेकिन एजुकेट गर्ल्स ने मजबूत सामुदायिक जुड़ाव और साझेदारियों के माध्यम से इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके जमीनी अनुभवों ने हमारी योजना और क्रियान्वयन को मजबूत किया है, जिससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिली है कि कोई भी बालिका पीछे न रह जाए। हम इस सहयोग और एजुकेट गर्ल्स, टीम बालिका तथा सभी साझेदारों की बालिका शिक्षा को आगे बढ़ाने की निरंतर प्रतिबद्धता को अत्यंत महत्व देते हैं।”




एजुकेट गर्ल्स की सीईओ गायत्री नायर लोबो ने संस्था की जमीनी पहल से राष्ट्रीय स्तर पर परिवर्तनकारी शक्ति बनने की यात्रा पर प्रकाश डाला और 2025 के रेमन मैग्सेसे पुरस्कार का श्रेय अग्रिम पंक्ति में कार्यरत स्वयंसेवकों और फील्ड टीमों के सामूहिक साहस को दिया।

उन्होंने कहा, “एजुकेट गर्ल्स यह दर्शाता है कि मजबूत साझेदारियाँ किस प्रकार बड़े स्तर पर सार्थक परिवर्तन ला सकती हैं। ज्ञान का पिटारा जैसे हमारे रेमेडियल लर्निंग कार्यक्रमों के माध्यम से हम सबसे वंचित बालिकाओं तक पहुँचते हैं, उन्हें स्कूल में वापस लाने और सीखने की राह पर बनाए रखने में सहयोग करते हैं। रेमन मैग्सेसे पुरस्कार, जिसे एशिया का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है हमारी टीम बालिका स्वयंसेवकों, फील्ड टीमों और साझेदारों के सामूहिक प्रयासों को मान्यता देता है और सेवा, ईमानदारी तथा जमीनी नेतृत्व की उस भावना को दर्शाता है, जो हमारे कार्य को आगे बढ़ाती है। घर-घर जाकर स्कूल से बाहर बालिकाओं की पहचान करना और गहरी जड़ें जमाए सामाजिक दृष्टिकोणों को बदलना, यह सम्मान अग्रिम पंक्ति में काम कर रहे लोगों के असाधारण साहस और प्रतिबद्धता का प्रमाण है। हम अपने कार्य में निरंतर सहयोग के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के प्रति भी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं।”

इस आयोजन में शिक्षार्थियों और स्वयंसेवकों की प्रेरणादायक कहानियाँ और प्रस्तुतियाँ भी शामिल थीं, जिन्होंने शिक्षा की परिवर्तनकारी शक्ति को उजागर किया। बिहार की प्रगति टीम से जुड़ी शिक्षार्थी हलीमा सादिया भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहीं। संचालन निदेशक विक्रम सिंह सोलंकी द्वारा संचालित टीम बालिका पैनल चर्चा में 55,000 से अधिक स्वयंसेवकों के प्रभाव को दर्शाया गया, जो घर-घर जाकर समुदायों में परिवर्तन ला रहे हैं और बाल विवाह, घरेलू जिम्मेदारियों तथा सामाजिक मान्यताओं जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, जो अक्सर बालिकाओं के स्कूल छोड़ने का कारण बनती हैं।

इन्हीं में से बदायूं की सोनम ने साझा किया कि पिछले दो वर्षों में एजुकेट गर्ल्स के साथ उनकी यात्रा ने उन्हें अधिक आत्मविश्वासी बनाया है और शिक्षा की परिवर्तनकारी शक्ति को समझने में मदद की है। सोनभद्र की प्रांचल गुप्ता ने बताया कि ड्रॉपआउट बच्चों को शिक्षा से जोड़ना उन्हें अपार खुशी और उद्देश्य देता है। अंकित मौर्य ने अपने गाँव में जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों को साझा किया, जहाँ वे सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद परिवारों को, विशेषकर बालिकाओं की शिक्षा को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित करते हैं। निर्मला यादव की कहानी विशेष रूप से प्रेरणादायक रही। कम उम्र में विवाह और विरोध का सामना करने के बावजूद उन्होंने अपनी शिक्षा जारी रखी, यहाँ तक कि उनकी किताबें नष्ट कर दी गईं, फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी और बीए तथा एमएसडब्ल्यू की पढ़ाई पूर्ण की, जिससे वे कई लोगों के लिए प्रेरणा बनीं।
अस्पताल जाने से पहले इन बातों का खास ध्यान रखकर बनें 'मरीज के लिए सबसे बड़ी मदद' - डॉ अतुल मलिकराम (राजनीतिक रणनीतिकार)

जब परिवार का कोई सदस्य बीमार होकर अस्पताल में भर्ती होता है, तो रिश्तेदार और जान-पहचान वाले उसे देखने जरूर जाते हैं। यह हमारी संस्कृति का हिस्सा है कि हम मुश्किल समय में एक-दूसरे के साथ खड़े रहें। लेकिन कई बार हमारी यही अच्छी भावना मरीज और उसके परिवार के लिए परेशानी भी बन जाती है। इसलिए अस्पताल जाते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है।

अस्पताल में मरीज पहले से ही शारीरिक और मानसिक तनाव में होता है, इसलिए सबसे जरूरी है कि हम संवेदनशीलता और समझदारी के साथ व्यवहार करें। हमारी मौजूदगी से उसे सुकून मिलना चाहिए, न कि उसका तनाव बढ़ना चाहिए। ऐसे समय में यदि हम आर्थिक रूप से थोड़ी मदद कर सकें, तो यह परिवार के लिए बड़ी राहत बन सकती है। जैसे हम खुशी के अवसरों पर सहयोग करते हैं, वैसे ही मुश्किल समय में किया गया छोटा-सा सहयोग भी बहुत मायने रखता है, क्योंकि इलाज, दवाइयाँ और जांच का खर्च परिवार पर भारी बोझ डाल देता है।

आजकल एक आम समस्या यह भी है कि लोग बिना जानकारी के डॉक्टर बनने की कोशिश करने लगते हैं। इंटरनेट या सुनी-सुनाई बातों के आधार पर सलाह देना मरीज और उसके परिवार के तनाव को और बढ़ा देता है। इलाज डॉक्टर का काम है, इसलिए हमें केवल भावनात्मक सहारा देना चाहिए। मरीज के सामने हमेशा सकारात्मक बातें करनी चाहिए। “सब ठीक हो जाएगा”, “आप जल्दी ठीक हो जाएंगे” जैसे शब्द मरीज का मनोबल बढ़ाते हैं, जबकि नकारात्मक उदाहरण देना उसे मानसिक रूप से कमजोर कर सकता है। अस्पताल में साफ-सफाई और संक्रमण से बचाव का विशेष ध्यान रखना चाहिए। हाथ साफ रखना, मास्क पहनना और अस्पताल के नियमों का पालन करना जरूरी है, क्योंकि वहां भर्ती मरीजों की इम्यूनिटी कमजोर होती है। अगर खुद को खांसी-जुकाम या बुखार जैसी समस्या हो, तो अस्पताल जाने से बचना ही बेहतर है।

मरीज को सबसे ज्यादा जरूरत आराम की होती है, इसलिए ज्यादा देर तक उसके पास बैठना या बातचीत करना सही नहीं है। थोड़ी देर मिलकर हौसला बढ़ाना और फिर वापस आ जाना ही सही तरीका है। अक्सर लोग ज्यादा देर बैठना अपनापन समझते हैं, जबकि इससे मरीज थक जाता है। इसी तरह एक साथ ज्यादा लोगों का जाना भी सही नहीं है। भीड़ होने से मरीज, अन्य मरीजों और अस्पताल स्टाफ को परेशानी होती है, इसलिए सीमित संख्या में ही लोगों को जाना चाहिए।

अस्पताल में शांति बनाए रखना भी बेहद जरूरी है। तेज आवाज में बात करना, हँसना या मोबाइल पर जोर से बातचीत करना दूसरों के लिए असुविधाजनक होता है। मोबाइल को साइलेंट रखना और धीरे बोलना ही सही व्यवहार है। साथ ही, मरीज की निजता का सम्मान करना भी जरूरी है। हर व्यक्ति अपनी बीमारी के बारे में खुलकर बात नहीं करना चाहता, इसलिए अनावश्यक सवाल पूछना या रिपोर्ट देखने की जिद करना उचित नहीं है। डॉक्टर और अस्पताल स्टाफ अपने काम में प्रशिक्षित होते हैं, इसलिए उनके काम में दखल देना या उनसे बहस करना गलत है। इससे इलाज में बाधा आ सकती है और कई बार स्थिति बिगड़ भी सकती है। यदि कोई शंका हो, तो उसे शांत तरीके से समझना चाहिए, न कि विवाद करना चाहिए।

खाने-पीने की चीजें ले जाते समय भी सावधानी जरूरी है। हर मरीज की डाइट अलग होती है, इसलिए बिना पूछे कुछ भी देना नुकसानदायक हो सकता है। परिवार या डॉक्टर से पूछकर ही कुछ ले जाना चाहिए। मरीज के साथ व्यवहार करते समय दया दिखाने के बजाय उसे भावनात्मक रूप से मजबूत बनाना अधिक जरूरी है। “बेचारा” जैसे शब्द उसकी हिम्मत कम करते हैं, जबकि भरोसा और सकारात्मकता उसे ताकत देती है। सिर्फ मिलने जाना ही काफी नहीं होता, बल्कि जरूरत पड़ने पर प्रैक्टिकल मदद करना भी उतना ही जरूरी है। दवा लाना, रिपोर्ट लेना, ब्लड की व्यवस्था करना या परिवार की छोटी-छोटी जरूरतों में सहयोग करना वास्तव में बड़ी मदद साबित होती है।

अंत में यही समझना जरूरी है कि अस्पताल जाना सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है। हमारा व्यवहार, हमारी बात और हमारा सहयोग ही मरीज के लिए सबसे बड़ी दवा बन सकता है। जब भी अस्पताल जाएं, इस बात का ध्यान रखें कि आपका उद्देश्य मरीज को राहत देना होना चाहिए, न कि परेशानी। आपकी छोटी-सी समझदारी और संवेदनशीलता किसी के जीवन में बड़ा सकारात्मक बदलाव ला सकती है।
भारत के अग्रणी ऑटोमोटिव ब्रांडों में से एक

लखनऊ।टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड ने आज गुवाहाटी में बिल्कुल नए टाटा सिएरा की 50 से अधिक इकाइयों की डिलीवरी की। सिएरा ने राष्ट्रीय स्तर पर 100,000 से अधिक बुकिंग पार कर ली है, जो इस प्रतिष्ठित नेमप्लेट की मजबूत मांग और स्थायी अपील को दर्शाता है। यह अभूतपूर्व प्रतिक्रिया पूरे भारत में ग्राहकों के दिल और दिमाग में एक प्रीमियम मिड-एसयूवी के रूप में सिएरा की प्रतिष्ठित स्थिति और इसकी चुंबकीय अपील को रेखांकित करती है।
यह मील का पत्थर कार्यक्रम रुक्मिणी गांव, गुवाहाटी में आयोजित किया गया था, जहां कामाख्या मोटर्स, एक्सोम कार्स और बिमल कार्स ग्राहकों के साथ आए और इसे प्रतिष्ठित एसयूवी की बड़े पैमाने पर ग्राहक डिलीवरी कार्यक्रम बना दिया।
न्यूट्रिका बाय बीएन एग्रीटेक ने शहद सेगमेंट में रखा कदम, लॉन्च किया फंक्शन-फर्स्ट 'न्यूट्रिका बी हनी'

Chandigarh , मार्च, 2026: बीएन एग्रीटेक के लाइफस्टाइल और वेलनेस ब्रांड और भारत के तेजी से बढ़ती वेलनेस-फर्स्ट एफएमसीजी ब्रांड, न्यूट्रिका ने शहद सेगमेंट में कदम रखते हुए 'न्यूट्रिका बी हनी' लॉन्च किया है। यह खास तरह के वैरिएंट्स की रेंज है, जो एनर्जी, फिटनेस और इम्युनिटी पर ध्यान देती है और अब दिल्ली एनसीआर व मुंबई के जनरल ट्रेड स्टोर्स में उपलब्ध है।
आज के समय में हेल्थ कॉन्शियस लाइफस्टाइल तेजी से लोगों की प्राथमिकता बनती जा रही है। ऐसे समय में न्यूट्रिका का शहद सेगमेंट में आना काफी अहम् माना जा रहा है। फंक्शन-फर्स्ट कुकिंग ऑइल्स के लिए पहचान रखने वाला यह ब्रांड अब अपने वेलनेस वादे को शहद जैसे सुपरफूड के जरिए आगे बढ़ा रहा है, जो सदियों से भारतीय खानपान का हिस्सा रहा है। न्यूट्रिका बी हनी इस पारंपरिक पसंद को नए अंदाज में पेश करता है, जिसमें तीन खास वैरिएंट्स शामिल हैं, जो आज के हेल्थ-फोकस्ड और एक्टिव परिवारों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं।
न्यूट्रिका बी हनी के तीन अलग-अलग वैरिएंट्स इस प्रकार हैं। प्रो-एनर्जी मल्टीफ्लोरा हनी, जो अलग-अलग फूलों के रस से तैयार होता है और एंटीऑक्सीडेंट्स व पोषक तत्वों से भरपूर होता है, पूरे दिन एनर्जी बनाए रखने में मदद करता है। प्रो-फिटनेस लेमन इन्फ्यूज्ड हनी, शहद की मिठास के साथ नींबू का स्वाद जोड़ता है, जो पाचन, मेटाबॉलिज्म और वजन नियंत्रण में सहायक होता है। वहीं, प्रो-इम्युनिटी तुलसी इन्फ्यूज्ड हनी, तुलसी के औषधीय गुणों के साथ इम्युनिटी मजबूत करने और सर्दी-खाँसी में राहत देने में मदद करता है।
सभी वैरिएंट्स में न तो आर्टिफिशियल प्रिज़र्वेटिव्स हैं और न ही अतिरिक्त चीनी मिलाई गई है। इन्हें ऐसे क्षेत्रों से लिया गया है, जहाँ प्राकृतिक रूप से भरपूर वनस्पति पाई जाती है और हर स्तर पर इनकी शुद्धता और गुणवत्ता की सख्त जाँच की गई है। 'बिल्डिंग नेशन' के विचार के साथ न्यूट्रिका यह सुनिश्चित करता है कि हर जार स्वच्छ, भरोसेमंद और काम आने वाला पोषण दे, साथ ही ब्रांड के उद्देश्यपूर्ण हेल्थ सॉल्यूशंस के वादे को आगे बढ़ाए।
न्यूट्रिका के डायरेक्टर और बिजनेस हेड (एफएमसीजी) स्पर्श सचर ने कहा, "न्यूट्रिका बी हनी सिर्फ एक नया प्रोडक्ट नहीं है, बल्कि यह हमारी पहचान और सोच का हिस्सा है। हमने न्यूट्रिका को इस तरह तैयार किया है कि यह आज की एक्टिव लाइफस्टाइल को सपोर्ट करे, जहाँ परंपरा और नई सोच दोनों का संतुलन हो। हमारी हनी रेंज के साथ हम एक स्वच्छ और प्राकृतिक विकल्प दे रहे हैं, जो बदलती वेलनेस जरूरतों के साथ मेल खाता है। यही सोच बीएन एग्रीटेक की उस बड़ी प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है, जिसमें रोजमर्रा के ऐसे प्रोडक्ट्स बनाए जाते हैं, जो लोगों को बेहतर और स्वस्थ जीवन जीने में मदद करें।"
यह लॉन्च न्यूट्रिका के फंक्शन-फर्स्ट पोर्टफोलियो को और मजबूत करता है, जिसमें पहले से ही विटामिन-सी युक्त कुकिंग ऑइल्स शामिल हैं, और यह कंपनी के रोजमर्रा के उपयोग के लिए बेहतर वेलनेस सॉल्यूशंस देने के संकल्प को भी दर्शाता है। अनुभव अग्रवाल द्वारा स्थापित बीएन एग्रीटेक लंबे समय से ऐसे उच्च गुणवत्ता वाले प्रोडक्ट बनाने पर जोर देता रहा है, जो बेहतर जीवनशैली को बढ़ावा देते हैं। प्रीमियम लेकिन किफायती कीमत के साथ न्यूट्रिका का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा भारतीय घरों को अच्छी गुणवत्ता वाला शहद उपलब्ध कराना है। यह लॉन्च ब्रांड के उस विज़न की दिशा में भी एक अहम् कदम है, जिसमें वह नेचुरल और फंक्शनल फूड सेगमेंट में अपनी उपस्थिति को और बढ़ाने तथा लोगों को हर दिन बेहतर और स्वस्थ जीवन जीने में मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है।
स्कोडा ऑटो इंडिया ने “ईज़ी टू लव” नई कुशाक के लॉन्च के साथ वैल्यू, परफॉर्मेंस और सेफ्टी को नए सिरे से परिभाषित किया
ड्राइविंग डायनामिक्स और सेफ्टी में लीडर, अपने कस्टमर्स के लिए रेंज को सच में सुविधाजनक बनाकर इंडियन मार्केट में नए बेंचमार्क सेट करता है

वैल्यू और प्राइड ऑफ ओनरशिप: बिल्कुल नए फ्रंट और रियर डिज़ाइन, पूरी रेंज में असली, टर्बो-चार्ज्ड ऑटोमैटिक्स, स्टैंडर्ड के तौर पर एलईडी हेडलैंप और टेललैंप, सीक्वेंशियल रियर टर्न इंडिकेटर्स, एलॉय व्हील्स, इलेक्ट्रिक सनरूफ, क्लाइमेट्रॉनिक ऑटो एसी, टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट और स्कोडा सुपर केयर जैसे कई फीचर्स के साथ।
बिना किसी समझौते के सेफ्टी: ग्लोबल एनसीएपी 5-स्टार रेटेड सेफ्टी जिसमें 40+ सेफ्टी फीचर्स हैं, अब रेन-सेंसिंग वाइपर, रियर वाइपर और डिफॉगर, स्टैंडर्ड के तौर पर ऑटो आईआरवीएम के साथ और बेहतर हो गए हैं।
नई कुशाक क्लासिक+ एक लोडेड एंट्री-लेवल वैरिएंट के तौर पर रोमांच को और बढ़ाती है।
क्लास-लीडिंग ड्राइविंग डायनामिक्स को बेस वैरिएंट से उपलब्ध सेगमेंट-फर्स्ट आठ-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक के साथ कुछ पायदान ऊपर ले जाया गया है।
सेगमेंट में पहली बार रियर सीट मसाजर के साथ शानदार आराम
नई कुशाक 1.0 टीएसआई रेंज की शुरुआती कीमत 10,69,000 रुपए है
टॉपिंग 1.5 टीएसआई प्रेस्टीज और मोंटे कार्लो रेंज अब ऑल-व्हील डिस्क ब्रेक, पैनोरमिक सनरूफ, 26.03 सीएम वर्चुअल कॉकपिट, और भी बहुत कुछ के साथ और भी आकर्षक हो गई है
परफॉर्मेंस के शौकीनों को ध्यान में रखकर, नई कुशाक 1.5 टीएसआई, जिसमें मशहूर सेवेन-स्पीड डीएसजी है, 18,79,000 रुपए से उपलब्ध है
'यू नेवर ड्राइव अलोन' का वादा 183+ शहरों में 325 टचपॉइंट पर पूरा किया गया

जबलपुर, मार्च, 2026: स्कोडा ऑटो इंडिया ने रिफ्रेश्ड और अपग्रेडेड नई कुशाक की कीमतों और कस्टमर डिलीवरी शुरू होने की घोषणा कर दी है। इस साल जनवरी में लॉन्च हुई नई कुशाक, वैल्यू, सेफ्टी, ड्राइविंग डायनामिक्स के मामले में सबसे आगे है और पूरी रेंज में यूरोपियन टेक्नोलॉजी को सबके लिए लाने की ब्रांड की स्ट्रैटेजी को आगे बढ़ाती है। सेगमेंट-फर्स्ट टेक्नोलॉजी जैसे बिल्कुल नया एट-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन, रियर सीट मसाजर, और कई नए फीचर्स के साथ-साथ स्टैंडर्ड इक्विपमेंट के साथ, नई कुशाक 1.0 टीएसआई और नई कुशाक 1.5 टीएसआई दोनों ही स्कोडा ऑटो इंडिया की यूरोपियन इंजीनियरिंग और 5-स्टार सेफ्टी को भारतीय सड़कों पर ज़्यादा आसानी से चलने वाली बनाने की स्ट्रैटेजी को फॉलो करती हैं। नई कुशाक पाँच ट्रिम्स में उपलब्ध है: क्लासिक+, सिग्नेचर, स्पोर्टलाइन, प्रेस्टीज और मोंटे कार्लो, जो मैनुअल और रियल ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के साथ टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल इंजन का ऑप्शन देती है। कस्टमर्स के पास आठ रंगों- कैंडी व्हाइट, कार्बन स्टील, ब्रिलियंट सिल्वर, लावा ब्लू, और डीप ब्लैक में से चुनने का ऑप्शन है, जिसमें तीन बिल्कुल नए रंग शामिल हैं: शिमला ग्रीन, स्टील ग्रे, और चेरी रेड।

स्कोडा ऑटो इंडिया के ब्रांड डायरेक्टर आशीष गुप्ता ने कहा, “स्कोडा में हमारा मिशन यूरोपियन टेक्नोलॉजी को सबके लिए उपलब्ध कराना और इसे ज़्यादा कस्टमर्स के लिए आसान बनाना है। नई कुशाक के साथ, हम सच में पूरी रेंज में वैल्यू को नए सिरे से परिभाषित करते हैं। नई कुशाक सभी वैरिएंट्स में कॉम्पिटिटिव वैल्यू प्राइसिंग, बेहतर स्टैंडर्ड सेफ्टी फीचर्स और ऑल-राउंड परफॉर्मेंस के ज़रिए सबसे आगे है। सेगमेंट में पहली बार दिए गए फीचर्स जैसे आठ-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स, रियर सीट मसाजर और ज़रूरी फीचर्स का स्टैंडर्डाइजेशन, एंट्री वैरिएंट से ही शानदार वैल्यू देते हैं। क्लास-लीडिंग सेफ्टी, बेजोड़ ड्राइविंग डायनामिक्स और ओनरशिप का गर्व नई कुशाक के साथ स्टैंडर्ड आता है, जैसा कि हर स्कोडा के साथ होता है।”
नई कुशाक 1.0 टीएसआई
नई कुशाक अपने आजमाए हुए और खास तौर पर टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल इंजन लाइन-अप के साथ जारी है। कुशाक 1.0 टीएसआई में छह-स्पीड मैनुअल और सेगमेंट में पहली बार आठ-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर के साथ सबसे अच्छी कीमत, एफिशिएंसी और टेक्नोलॉजी मिलती है, जो इस नई स्कोडा के ड्राइविंग एक्सपीरियंस को पूरी तरह से बदल देता है। यह एसयूवी अपने टर्बोचार्ज्ड इंजन से 85 किलोवाट की पॉवर और 178 एनएम का टॉर्क पैदा करती है। 1.0 टीएसआई मैनुअल 19.66 किमी/लीटर – एआरएआई की फ्यूल एफिशिएंसी देता है, जबकि 8-स्पीड ऑटोमैटिक 19.09 किमी/लीटर – एआरएआई देता है।
नई कुशाक 1.5 टीएसआई
जो कस्टमर्स ज़्यादा परफॉर्मेंस चाहते हैं, उनके लिए 1.5 टीएसआई, 110 किलोवाट और 250 एनएम का टॉर्क देता है और यह खास तौर पर सेवेन-स्पीड डीएसजी ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के साथ आता है। नई कुशाक के साथ, 1.5 टीएसआई चारों पहियों पर डिस्क ब्रेक के साथ आती है, जबकि मोंटे कार्लो में चमकदार दिखने वाले लाल ब्रेक कैलिपर्स मिलते हैं। 1.5 टीएसआई डीएसजी 18.72 किमी/लीटर – एआरएआई की फ्यूल एफिशिएंसी देती है। इसकी एक्टिव सिलेंडर टेक्नोलॉजी के साथ, जो क्रूज़िंग मोड पर दो सिलेंडर बंद कर देती है, 1.5 टीएसआई एक टेक्नोलॉजिकल टूर डे फोर्स है। यह पक्का करता है कि नई कुशाक 1.5 टीएसआई एफिशिएंसी से समझौता किए बिना शौकीनों को संतुष्ट करने वाली परफॉर्मेंस, पॉवर और टॉर्क देने की अपनी लिगेसी को जारी रखे।
स्टैंडर्ड के तौर पर आसान ओनरशिप: स्कोडा सुपर केयर
नई कुशाक, स्कोडा ऑटो इंडिया के आसान ओनरशिप एक्सपीरियंस देने के तरीके को जारी रखती है। अब यह स्कोडा सुपर केयर 4-साल या 100,000-किलोमीटर वॉरंटी, साथ ही 4 साल की रोडसाइड असिस्टेंस के साथ आती है, जो लंबे समय तक मन की शांति देती है। इसके अलावा, कस्टमर्स को दो साल या 30,000 किलोमीटर तक के लिए चार लेबर-फ्री सर्विस का फायदा मिलता है। वॉरंटी को पेड बेसिस पर आठवें साल तक बढ़ाया जा सकता है। इसके साथ छह साल की ज़ंग न लगने की वॉरंटी और तीन साल की पेंट वॉरंटी भी मिलती है।
स्कोडा ऑटो इंडिया ने “ईज़ी टू लव” नई कुशाक के लॉन्च के साथ वैल्यू, परफॉर्मेंस और सेफ्टी को नए सिरे से परिभाषित किया
ड्राइविंग डायनामिक्स और सेफ्टी में लीडर, अपने कस्टमर्स के लिए रेंज को सच में सुविधाजनक बनाकर इंडियन मार्केट में नए बेंचमार्क सेट करता है

वैल्यू और प्राइड ऑफ ओनरशिप: बिल्कुल नए फ्रंट और रियर डिज़ाइन, पूरी रेंज में असली, टर्बो-चार्ज्ड ऑटोमैटिक्स, स्टैंडर्ड के तौर पर एलईडी हेडलैंप और टेललैंप, सीक्वेंशियल रियर टर्न इंडिकेटर्स, एलॉय व्हील्स, इलेक्ट्रिक सनरूफ, क्लाइमेट्रॉनिक ऑटो एसी, टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट और स्कोडा सुपर केयर जैसे कई फीचर्स के साथ।
बिना किसी समझौते के सेफ्टी: ग्लोबल एनसीएपी 5-स्टार रेटेड सेफ्टी जिसमें 40+ सेफ्टी फीचर्स हैं, अब रेन-सेंसिंग वाइपर, रियर वाइपर और डिफॉगर, स्टैंडर्ड के तौर पर ऑटो आईआरवीएम के साथ और बेहतर हो गए हैं।
नई कुशाक क्लासिक+ एक लोडेड एंट्री-लेवल वैरिएंट के तौर पर रोमांच को और बढ़ाती है।
क्लास-लीडिंग ड्राइविंग डायनामिक्स को बेस वैरिएंट से उपलब्ध सेगमेंट-फर्स्ट आठ-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक के साथ कुछ पायदान ऊपर ले जाया गया है।
सेगमेंट में पहली बार रियर सीट मसाजर के साथ शानदार आराम
नई कुशाक 1.0 टीएसआई रेंज की शुरुआती कीमत 10,69,000 रुपए है
टॉपिंग 1.5 टीएसआई प्रेस्टीज और मोंटे कार्लो रेंज अब ऑल-व्हील डिस्क ब्रेक, पैनोरमिक सनरूफ, 26.03 सीएम वर्चुअल कॉकपिट, और भी बहुत कुछ के साथ और भी आकर्षक हो गई है
परफॉर्मेंस के शौकीनों को ध्यान में रखकर, नई कुशाक 1.5 टीएसआई, जिसमें मशहूर सेवेन-स्पीड डीएसजी है, 18,79,000 रुपए से उपलब्ध है
'यू नेवर ड्राइव अलोन' का वादा 183+ शहरों में 325 टचपॉइंट पर पूरा किया गया

जबलपुर, मार्च, 2026: स्कोडा ऑटो इंडिया ने रिफ्रेश्ड और अपग्रेडेड नई कुशाक की कीमतों और कस्टमर डिलीवरी शुरू होने की घोषणा कर दी है। इस साल जनवरी में लॉन्च हुई नई कुशाक, वैल्यू, सेफ्टी, ड्राइविंग डायनामिक्स के मामले में सबसे आगे है और पूरी रेंज में यूरोपियन टेक्नोलॉजी को सबके लिए लाने की ब्रांड की स्ट्रैटेजी को आगे बढ़ाती है। सेगमेंट-फर्स्ट टेक्नोलॉजी जैसे बिल्कुल नया एट-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन, रियर सीट मसाजर, और कई नए फीचर्स के साथ-साथ स्टैंडर्ड इक्विपमेंट के साथ, नई कुशाक 1.0 टीएसआई और नई कुशाक 1.5 टीएसआई दोनों ही स्कोडा ऑटो इंडिया की यूरोपियन इंजीनियरिंग और 5-स्टार सेफ्टी को भारतीय सड़कों पर ज़्यादा आसानी से चलने वाली बनाने की स्ट्रैटेजी को फॉलो करती हैं। नई कुशाक पाँच ट्रिम्स में उपलब्ध है: क्लासिक+, सिग्नेचर, स्पोर्टलाइन, प्रेस्टीज और मोंटे कार्लो, जो मैनुअल और रियल ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के साथ टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल इंजन का ऑप्शन देती है। कस्टमर्स के पास आठ रंगों- कैंडी व्हाइट, कार्बन स्टील, ब्रिलियंट सिल्वर, लावा ब्लू, और डीप ब्लैक में से चुनने का ऑप्शन है, जिसमें तीन बिल्कुल नए रंग शामिल हैं: शिमला ग्रीन, स्टील ग्रे, और चेरी रेड।

स्कोडा ऑटो इंडिया के ब्रांड डायरेक्टर आशीष गुप्ता ने कहा, “स्कोडा में हमारा मिशन यूरोपियन टेक्नोलॉजी को सबके लिए उपलब्ध कराना और इसे ज़्यादा कस्टमर्स के लिए आसान बनाना है। नई कुशाक के साथ, हम सच में पूरी रेंज में वैल्यू को नए सिरे से परिभाषित करते हैं। नई कुशाक सभी वैरिएंट्स में कॉम्पिटिटिव वैल्यू प्राइसिंग, बेहतर स्टैंडर्ड सेफ्टी फीचर्स और ऑल-राउंड परफॉर्मेंस के ज़रिए सबसे आगे है। सेगमेंट में पहली बार दिए गए फीचर्स जैसे आठ-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स, रियर सीट मसाजर और ज़रूरी फीचर्स का स्टैंडर्डाइजेशन, एंट्री वैरिएंट से ही शानदार वैल्यू देते हैं। क्लास-लीडिंग सेफ्टी, बेजोड़ ड्राइविंग डायनामिक्स और ओनरशिप का गर्व नई कुशाक के साथ स्टैंडर्ड आता है, जैसा कि हर स्कोडा के साथ होता है।”
नई कुशाक 1.0 टीएसआई
नई कुशाक अपने आजमाए हुए और खास तौर पर टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल इंजन लाइन-अप के साथ जारी है। कुशाक 1.0 टीएसआई में छह-स्पीड मैनुअल और सेगमेंट में पहली बार आठ-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर के साथ सबसे अच्छी कीमत, एफिशिएंसी और टेक्नोलॉजी मिलती है, जो इस नई स्कोडा के ड्राइविंग एक्सपीरियंस को पूरी तरह से बदल देता है। यह एसयूवी अपने टर्बोचार्ज्ड इंजन से 85 किलोवाट की पॉवर और 178 एनएम का टॉर्क पैदा करती है। 1.0 टीएसआई मैनुअल 19.66 किमी/लीटर – एआरएआई की फ्यूल एफिशिएंसी देता है, जबकि 8-स्पीड ऑटोमैटिक 19.09 किमी/लीटर – एआरएआई देता है।
नई कुशाक 1.5 टीएसआई
जो कस्टमर्स ज़्यादा परफॉर्मेंस चाहते हैं, उनके लिए 1.5 टीएसआई, 110 किलोवाट और 250 एनएम का टॉर्क देता है और यह खास तौर पर सेवेन-स्पीड डीएसजी ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के साथ आता है। नई कुशाक के साथ, 1.5 टीएसआई चारों पहियों पर डिस्क ब्रेक के साथ आती है, जबकि मोंटे कार्लो में चमकदार दिखने वाले लाल ब्रेक कैलिपर्स मिलते हैं। 1.5 टीएसआई डीएसजी 18.72 किमी/लीटर – एआरएआई की फ्यूल एफिशिएंसी देती है। इसकी एक्टिव सिलेंडर टेक्नोलॉजी के साथ, जो क्रूज़िंग मोड पर दो सिलेंडर बंद कर देती है, 1.5 टीएसआई एक टेक्नोलॉजिकल टूर डे फोर्स है। यह पक्का करता है कि नई कुशाक 1.5 टीएसआई एफिशिएंसी से समझौता किए बिना शौकीनों को संतुष्ट करने वाली परफॉर्मेंस, पॉवर और टॉर्क देने की अपनी लिगेसी को जारी रखे।
स्टैंडर्ड के तौर पर आसान ओनरशिप: स्कोडा सुपर केयर
नई कुशाक, स्कोडा ऑटो इंडिया के आसान ओनरशिप एक्सपीरियंस देने के तरीके को जारी रखती है। अब यह स्कोडा सुपर केयर 4-साल या 100,000-किलोमीटर वॉरंटी, साथ ही 4 साल की रोडसाइड असिस्टेंस के साथ आती है, जो लंबे समय तक मन की शांति देती है। इसके अलावा, कस्टमर्स को दो साल या 30,000 किलोमीटर तक के लिए चार लेबर-फ्री सर्विस का फायदा मिलता है। वॉरंटी को पेड बेसिस पर आठवें साल तक बढ़ाया जा सकता है। इसके साथ छह साल की ज़ंग न लगने की वॉरंटी और तीन साल की पेंट वॉरंटी भी मिलती है।
*प्योर ईवी ने गुना में बढ़ाया कदम, ईवी क्राँति को दी नई गति*

* शोरूम में हाई-परफॉर्मेंस इलेक्ट्रिक वाहनों और प्योरपॉवर उत्पादों की पूरी रेंज, सतत मोबिलिटी के प्रति वचनबद्धता को मजबूती

*गुना, मार्च 2026:* भारत के अग्रणी इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर निर्माताओं में से एक, प्योर ने गुना में अपने नवीनतम शोरूम: 'अभिषेक कॉर्पोरेशन' के भव्य उद्घाटन की घोषणा की है। यह रणनीतिक विस्तार उत्तर भारत और मध्य प्रदेश में प्योर की उपस्थिति को मजबूत करने के मिशन में एक महत्वपूर्ण कदम है।
गल्ला मंडी, नानाखेड़ी, गुना- 473001 में स्थित इस शोरूम का नेतृत्व श्री अभिषेक प्रमोदकुमार जैन कर रहे हैं। यह आउटलेट प्योर ईवी के इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की विस्तृत श्रृंखला को प्रदर्शित करेगा, जिसमें हाई-परफॉर्मेंस ईप्लूटो 7जी मैक्स और रग्ड ईट्रिस्ट एक्स शामिल हैं, जो गुना के लोगों को इलेक्ट्रिक राइडिंग का एक बेजोड़ अनुभव प्रदान करेंगे।
अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक स्कूटरों और मोटरसाइकिलों के साथ-साथ, इस शोरूम में प्योरपॉवर को भी प्रदर्शित किया जाएगा, जो प्योर की ऊर्जा भंडारण उत्पादों की एक अभिनव श्रृंखला है। इसे स्थानीय घरों और व्यवसायों को स्वच्छ ऊर्जा के साथ आत्मनिर्भर बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
यह लॉन्च प्योर ईवी की आक्रामक विस्तार रणनीति का एक प्रमाण है, जिसका लक्ष्य पूरे भारत में अपनी उपस्थिति को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाना है। स्वदेशी अनुसंधान एवं विकास और निर्माण पर ध्यान केंद्रित करते हुए, प्योर ईवी श्री अभिषेक प्रमोदकुमार जैन जैसे भागीदारों के माध्यम से नवाचार को बढ़ावा देने और उपभोक्ताओं को स्थायी विकल्प चुनने के लिए सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
यह विस्तार अगले 30 महीनों में 250 नए डीलरशिप खोलने के प्योर के व्यापक रोडमैप का हिस्सा है, जिससे इसके राष्ट्रीय नेटवर्क का विस्तार 320 से अधिक आउटलेट्स तक हो जाएगा। इस शोरूम के लॉन्च के साथ, प्योर स्वच्छ गतिशीलता और ऊर्जा स्वतंत्रता की ओर भारत के परिवर्तन का समर्थन करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाना जारी रखे हुए है।
अदाणी एयरपोर्ट और इंडिगो की साझेदारी से ड्यूटी-फ्री खरीदारी पर मिलेंगे इंडिगो ब्लूचिप्स

भारत  17 मार्च, 2026: भारत की पसंदीदा एयरलाइन इंडिगो और देश की सबसे बड़ी निजी एयरपोर्ट ऑपरेटर कंपनी अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (एएएचएल) ने एक रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है। इस साझेदारी के तहत अब इंडिगो ब्लूचिप के सदस्य एएएचएल द्वारा संचालित एयरपोर्ट्स पर ड्यूटी-फ्री खरीदारी करने पर भी रिवॉर्ड कमा सकेंगे।
इस साझेदारी के तहत सदस्य अदाणी प्लेटफॉर्म के जरिए पहले से बुक किए गए ड्यूटी-फ्री प्रोडक्ट्स पर हर 100 रुपए खर्च करने पर पांच इंडिगो ब्लूचिप्स अर्जित कर सकेंगे। यात्री यात्रा से पहले ऑनलाइन प्रोडक्ट्स देख सकते हैं, उन्हें रिज़र्व और भुगतान कर सकते हैं, और फिर एयरपोर्ट पर आसानी से अपनी खरीदारी प्राप्त कर सकते हैं।
नीतन चोपड़ा, चीफ डिजिटल और इंफॉर्मेशन ऑफिसर, इंडिगो, ने कहा, "इंडिगो में हम अपने लॉयल्टी प्रोग्राम को और बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। अदाणी ड्यूटी-फ्री के साथ यह साझेदारी उड़ानों से आगे बढ़कर ग्राहकों को उपयोगी रिवॉर्ड देने की हमारी प्रतिबद्धता को मजबूत करती है, जिससे यात्रा का हर कदम यात्रियों के लिए और फायदेमंद बनता है। इंडिगो के व्यापक नेटवर्क और अदाणी के प्रीमियम ड्यूटी-फ्री अनुभव को साथ लाकर हमें खुशी है कि हम देशभर के लाखों यात्रियों को ज्यादा सुविधा, विकल्प और बेहतर अनुभव दे पा रहे हैं।"
सुचित बंसल, चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (सीईओ)- नॉन-एरो, एएएचएल, ने कहा, "हम अदाणी प्लेटफॉर्म के जरिए डिजिटल सर्च, प्री-ऑर्डर की सुविधा और आसान कलेक्शन को जोड़कर एयरपोर्ट पर खरीदारी के तरीके को बदल रहे हैं। इंडिगो के साथ हमारी यह साझेदारी भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन

और देश के सबसे बड़े निजी एयरपोर्ट ऑपरेटर को एक साथ लाती है, जिससे यात्रियों को ज्यादा जुड़ा हुआ और फायदेमंद ट्रैवल रिटेल अनुभव मिलेगा।"
ग्राहक एक खास पोर्टल के जरिए लॉग-इन कर सकते हैं, अपनी इंडिगो ब्लूचिप मेंबरशिप आईडी लिंक कर सकते हैं और खरीदारी पूरी करने के 24-48 घंटे के भीतर अपने खर्च के आधार पर ब्लूचिप्स प्राप्त कर सकते हैं। इस पहल का उद्देश्य डिजिटल सुविधा, लॉयल्टी लाभ और एयरपोर्ट रिटेल को एक साथ जोड़कर यात्रियों को और सहज यात्रा अनुभव प्रदान करना है।
इस कार्यक्रम के तहत ड्यूटी-फ्री स्टोर्स अभी मुंबई, अहमदाबाद, तिरुवनंतपुरम, जयपुर, मंगलुरु और लखनऊ के एयरपोर्ट पर उपलब्ध हैं। जल्द ही इसे गुवाहाटी के लोकप्रिया गोपीनाथ बोरदोलोई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एलजीबीआईए) और नए शुरू हुए नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एनएमआईए) पर भी शुरू करने की योजना है।
इंडिगो हर दिन 2,000 से अधिक उड़ानों का संचालन करती है और दुनिया भर के 140 से ज्यादा डेस्टिनेशंस को जोड़ती है, जिनमें 95 से अधिक डोमेस्टिक और 40 से अधिक इंटरनेशनल डेस्टिनेशंस शामिल हैं। इसी के साथ, फ्लीट के आकार और यात्री संख्या के आधार पर यह भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन है।
एएएचएल भारत में आठ एयरपोर्ट संचालित करता है, जिनमें मुंबई, अहमदाबाद, लखनऊ, मंगलुरु, जयपुर, गुवाहाटी और तिरुवनंतपुरम शामिल हैं, साथ ही नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एनएमआईए) भी, जो भारत के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट्स में से एक है और जहाँ 25 दिसंबर 2025 से व्यावसायिक संचालन शुरू हो चुका है।
इन सभी एयरपोर्ट्स पर हर साल करोड़ों यात्री आते-जाते हैं, जिससे एएएचएल भारत का सबसे बड़ा निजी एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म बन गया है।


यह साझेदारी दोनों कंपनियों के उस व्यापक प्रयास को भी दर्शाती है, जिसके तहत वे डिजिटल ट्रैवल सिस्टम को और मजबूत बनाना चाहती हैं, ताकि यात्रियों को बुकिंग, यात्रा और एयरपोर्ट सेवाओं के दौरान एक ज्यादा जुड़ा हुआ और आसान अनुभव मिल सके।
*पैनासोनिक ने पेश की नई स्मार्ट और बिजली बचाने वाली एसी रेंज; 2028 तक 20 लाख यूनिट बिक्री का लक्ष्य*

*दिल्ली, 06 फरवरी 2026:* विविध क्षेत्रों में काम करने वाली प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनी, पैनासोनिक लाइफ सॉल्‍यूशन्‍स इंडिया ने आज देश की भीषण गर्मी और बदलते मौसम से निपटने के लिए विशेष रूप से तैयार की गई अपनी वर्ष 2026 की 'रेजिडेंशियल एयर कंडीशनर्स' की श्रृंखला पेश की है। भरोसेमंद प्रदर्शन के लिए डिज़ाइन की गई यह नई रेंज, भारतीय घरों की जरूरतों के अनुसार टिकाऊ, ऊर्जा-कुशल और हर तरह की जलवायु में कूलिंग देने के पैनासोनिक के फोकस को दर्शाती है।

भारतीय घरों में एसी की कार्यक्षमता को प्रभावित करने वाली धूल की सबसे बड़ी समस्या को हल करते हुए, इस नई रेंज में पैनासोनिक की 'डस्टबस्टर टेक्नोलॉजी' शामिल की गई है। इसमें एक "ऑटो रिवर्स-फ्लो" फैन मैकेनिज्म है, जो आउटडोर यूनिट से धूल को अपने आप बाहर निकाल देता है। इससे लगातार बेहतर कूलिंग, अधिक दक्षता और लंबे समय तक टिकाऊ प्रदर्शन सुनिश्चित होता है। इस तकनीक के साथ, पैनासोनिक ने भारत की कठिन जलवायु परिस्थितियों में भी भरोसेमंद प्रदर्शन करने वाले एयर कंडीशनर देने के अपने संकल्प को और मजबूत किया है।

वर्ष 2026 के इस पोर्टफोलियो में कुल 57 नए मॉडल शामिल हैं, जो अलग-अलग सेगमेंट और कीमतों में उपलब्ध होंगे। इन मॉडल्स में प्रदर्शन, बिजली की बचत और स्मार्ट फीचर्स का बेहतरीन संतुलन रखा गया है, ताकि देशभर के उपभोक्ताओं की बदलती जरूरतों को पूरा किया जा सके।

इस लॉन्च पर टिप्पणी करते हुए श्री हीरोकाजु कामोडा, प्रबंध निदेशक, पैनासोनिक एचवीएसी एंड सीसी इंडिया ने कहा, “भारत का एयर कंडीशनिंग बाजार एक निर्णायक मोड़ पर है, जो तेजी से शहरीकरण, बढ़ती आकांक्षाओं और अत्यधिक मौसम की स्थितियों से आकार ले रहा है। हमारी 2026 की आरएसी रेंज के साथ, हम अधिक स्मार्ट, मजबूत और ऊर्जा-कुशल एयर कंडीशनर पेश कर रहे हैं, जो केवल कूलिंग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि भारतीय परिवारों के लिए स्वस्थ और अधिक आरामदायक वातावरण तैयार करते हैं। इस लॉन्च के साथ, हम वित्त वर्ष 2028 तक अपनी बिक्री को लगभग 20 लाख यूनिट तक ले जाने का लक्ष्य रखते हैं। इसे हमारे विस्तारित पोर्टफोलियो, तकनीक व मैन्युफैक्चरिंग में निरंतर निवेश और उभरते बाजारों में मजबूत उपस्थिति के जरिए हासिल किया जाएगा।”

श्री अभिषेक वर्मा, हेड- प्रोडक्ट मार्केटिंग एवं प्लानिंग, पैनासोनिक एचवीएसी एंड सीसी इंडिया ने कहा, “इस लॉन्च के साथ, हम भारत भर में एसी के प्रदर्शन को प्रभावित करने वाली गर्मी, धूल और कठिन मौसम की चुनौतियों का सीधा समाधान करके कूलिंग के मानकों को फिर से परिभाषित कर रहे हैं। वर्ष 2026 में 57 नए मॉडल्स के साथ हम उद्योग में सबसे व्यापक पोर्टफोलियो में से एक पेश कर रहे हैं, जिसमें इन्वर्टर, फिक्स्ड-स्पीड, स्मार्ट, हॉट एंड कोल्ड और हाई-कैपेसिटी समाधान शामिल हैं। यह रेंज 'मेक इन इंडिया', फोकस्ड आरएंडडी, और मेट्रो के साथ-साथ टियर 2 और टियर 3 बाजारों में हमारी गहरी पहुंच के संकल्प को और मजबूत करती है।”

नई रेंज में पैनासोनिक के 5-स्टार, 4-स्टार और 3-स्टार इन्वर्टर एसी शामिल हैं। इसमें 5-स्टार सीरीज को प्रीमियम ‘अमेज फेसिया’ डिजाइन दिया गया है, जो डार्क ग्रे और क्रोम डेको के साथ आता है। यह शानदार डिजाइन हाई-परफॉर्मेंस कूलिंग के साथ-साथ आपके घर की खूबसूरती को भी बढ़ाता है। इस नई रेंज की शुरुआती कीमत 32,490 रुपए है और यह सभी प्रमुख रिटेल स्टोर्स, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स और पैनासोनिक ब्रांड शॉप पर उपलब्ध है।

कंपनी इस लॉन्च को अपने टीवीसी कैम्‍पेन के जरिए प्रमोट करेगी, जिसमें ब्रांड एंबेसडर और भारत के ‘कैप्टन कूल’ एमएस धोनी नजर आएँगे। यह अभियान भारतीय घरों में हर मौसम में भरोसेमंद और टिकाऊ कूलिंग देने के ब्रांड वादे को और मजबूत करता है।

पैनासोनिक एसी की प्रमुख विशेषताएँ:
टेक्नोलॉजी: स्मार्ट और कनेक्टेड अनुभव
पैनासोनिक एसी में उन्नत और भविष्य के लिए तैयार तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जो आपको स्मार्ट और पर्सनलाइज्ड कूलिंग का अनुभव देती है।
मिराई™ स्मार्ट इकोसिस्टम: पैनासोनिक का यह आईओटी प्लेटफॉर्म आपको रिमोट ऑपरेशन की सुविधा देता है। यह एआई की मदद से कमरे के तापमान को खुद एडजस्ट करता है, आपकी पसंद के अनुसार 'स्लीप प्रोफाइल' सेट करता है और आपके पास आते ही एसी कंट्रोल को आसान बनाता है। इसके जरिए आप बिजली की खपत को ट्रैक कर सकते हैं, फिल्टर-क्लीनिंग अलर्ट पा सकते हैं और स्मार्ट डायग्नोसिस, वारंटी मैनेजमेंट व वन-टच सर्विस सपोर्ट जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं।
मैटर-इनेबल्ड कनेक्टिविटी: सभी वाई-फाई कनेक्टेड मॉडल 'मैटर' तकनीक को सपोर्ट करते हैं। इससे अलग-अलग स्मार्ट-होम प्लेटफॉर्म्स और डिवाइसेज के साथ आसान, सुरक्षित और भरोसेमंद कनेक्शन मिलता है।
नैनो™ एक्टिव एयर प्यूरिफिकेशन: पैनासोनिक की यह पेटेंट तकनीक हवा में मौजूद प्रदूषकों और दुर्गंध को कम करने में मदद करती है, जिससे आपके घर के अंदर की हवा अधिक साफ और स्वस्थ रहती है।

विश्वसनीयता: कठिन मौसम के लिए तैयार

इन्हें भारत की भीषण गर्मी, धूल और कठिन मौसम की स्थितियों को झेलने के लिए खास तौर पर डिजाइन किया गया है।
शील्ड ब्लू+: यह एंटी-करोजन कोटिंग हीट एक्सचेंजर को जंग से बचाकर उसकी उम्र और मजबूती बढ़ाती है।
100% कॉपर कॉइल्स: तेज हीट ट्रांसफर और लंबे समय तक भरोसेमंद प्रदर्शन सुनिश्चित करती हैं।
425+ क्वालिटी टेस्ट: हर एसी को 425 से अधिक सख्त गुणवत्ता और प्रदर्शन परीक्षणों से गुजरना पड़ता है।
इको टफ डिज़ाइन: यह नमी, तेज गर्मी और धूल भरी बाहरी परिस्थितियों में भी टिकाऊ कूलिंग देने के लिए बनाया गया है।
स्टेबलाइज़र-फ्री ऑपरेशन: वोल्टेज के भारी उतार-चढ़ाव में भी सुरक्षित और बिना किसी रुकावट के काम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

अल्ट्रा-एफिशिएंट: स्मार्ट कूलिंग और बिजली बचत

इन एसी को समझदारी से बिजली बचाते हुए आरामदायक ठंडक देने के लिए ऑप्टिमाइज़ किया गया है।
कनवर्टि8™ टेक्नोलॉजी: केवल एक बटन दबाकर आप कूलिंग क्षमता को 40% से लेकर 100% से भी ऊपर तक एडजस्ट कर सकते हैं। यह जरूरत के हिसाब से आराम और बिजली बचत के बीच सही संतुलन बनाता है।
एआई-पॉवर एडैप्टिव थर्मल कम्फर्ट: यह कमरे के अंदर और बाहर के तापमान के अनुसार एसी का मोड, तापमान और फैन स्पीड खुद सेट कर देता है।
डस्टबस्टर टेक्नोलॉजी: पैनासोनिक का यह खास फीचर इस्तेमाल के बाद फैन की दिशा बदलकर आउटडोर यूनिट में धूल जमने को अपने आप कम करता है।
क्रिस्टल क्लीन: यह सेल्फ-क्लीनिंग इंडोर कॉइल तकनीक कॉइल को साफ रखकर कूलिंग क्षमता बनाए रखती है और एसी की उम्र बढ़ाती है।

शानदार कूलिंग: रहने की जगहों में तेज़, गहरी और एक समान ठंडक पहुँचाने के लिए खास तौर पर डिज़ाइन किया गया।
55°C तक के भारी बाहरी तापमान में भी प्रभावी ढंग से काम करने के लिए डिज़ाइन किया गया।
48°C जैसे अत्यधिक तापमान पर भी 100% कूलिंग क्षमता देने में सक्षम (परीक्षण परिस्थितियों के तहत)।
बड़ा एयर इंटेक, हाई-परफॉर्मेंस फैन और 4-वे स्विंग फीचर, जो कमरे के हर कोने तक समान ठंडक पहुँचाना सुनिश्चित करते हैं।

भरोसेमंद गुणवत्ता: पैनासोनिक की वैश्विक विरासत और इंजीनियरिंग उत्कृष्टता का अटूट भरोसा।
100 से अधिक वर्षों की ब्रांड विरासत और एयर कंडीशनिंग के क्षेत्र में 67 से अधिक वर्षों का विशेषज्ञ अनुभव।
बेहतरीन गुणवत्ता, टिकाऊपन और शानदार प्रदर्शन के लिए दुनिया भर के लाखों उपभोक्ताओं का भरोसा।
*आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट (आईएटी) 2026 का रजिस्ट्रेशन 5 मार्च से शुरू; परीक्षा 7 जून को होगी*
* सभी 7 आईआईएसईआर में प्रवेश का आधार सिर्फ आईएटी स्कोर होगा, जेईई स्कोर के आधार पर प्रवेश नहीं |
*लखनऊ, मार्च 2026* : इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (आईआईएसईआर) ने आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट (आईएटी) 2026 के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। आईएटी शैक्षिक वर्ष 2026-27 के लिए सभी आईआईएसईआर कैंपस के अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम में प्रवेश के लिए एकमात्र और अनिवार्य परीक्षा है।
ऑनलाइन आवेदन की आरंभिक तिथि 5 मार्च, 2026 (गुरुवार) है और एप्टीट्यूड टेस्ट 7 जून, 2026 (रविवार) को होगा।
विज्ञान पढ़ने के इच्छुक उम्मीदवार इस अनिवार्य एप्टीट्यूड टेस्ट के लिए रजिस्टर कर सकते हैं। इस परीक्षा से सभी 7 आईआईएसईआर कैंपस में किसी में भी विश्वस्तरीय शोध एवं प्रशिक्षण का प्रवेश द्वार खुल जाएगा। आईआईएसईआर की स्थापना भारत सरकार ने उच्च गुणवत्ता के साथ आधारभूत विज्ञान की शिक्षा और शोध संवर्धन के लिए किया। ये देश के प्रमुख स्वयात्त शिक्षा संस्थान हैं।
आईआईएसईआर बरहामपुर, आईआईएसईआर भोपाल, आईआईएसईआर कोलकाता, आईआईएसईआर मोहाली, आईआईएसईआर पुणे, आईआईएसईआर तिरुवनंतपुरम और आईआईएसईआर तिरुपति- किसी भी आईआईएसईआर में प्रवेश के इच्छुक उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट https://www.iiseradmission.in/ पर साल 2026 के लिए रजिस्टर कर सकते हैं। वेबसाइट पर परीक्षा केंद्र के विवरण भी दिए जाएँगे।
आईएटी 2026 की पूरी प्रवेश प्रक्रिया में उम्मीदवारों की सहायता के लिए एक हेल्पडेस्क (टेली. $91 7205457461 (कार्य दिवस में दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे के बीच); ईमेल: का प्रावधान किया गया है।
आईआईएसईआर के प्लेसमेंट रिकॉर्ड बहुत अच्छे रहे हैं। पूरी दुनिया के टॉप ग्लोबल फर्मों, रिसर्च इंस्टिट्यूशन्स और पीएचडी प्रोग्राम्स में आईआईएसईआर के ग्रेजुएट्स अपनी जगह बना रहे हैं। विद्यार्थियों को इंटर्नशिप, इंडस्ट्री कोलेबोरेशन और इंटरनेशनल एक्सचेंज प्रोग्राम के माध्यम से सीखने के पर्याप्त अवसर मिलते हैं। उनके लिए शिक्षा जगत, उद्योग और अन्य क्षेत्रों में अच्छा करियर बनाना आसान होता है।
आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट (आईएटी) ‘सर्वोपरि विज्ञान’ का मार्ग प्रशस्त करता है। यह इसे खास पहचान देता है। विद्यार्थियों को उनकी विशेषज्ञता का विषय चुनने से पहले कई विषयों को जानने का अवसर देता है। प्रवेश परीक्षा में सफल आवेदकों को एक वाइब्रेंट कम्युनिटी मिलती है, जहाँ बायोलॉजिकल, केमिकल, मैथमेटिकल, फिजिकल और अर्थ साइंसेज में अत्याधुनिक शोध हो रहे हैं।
आईआईएसईआर के विद्यार्थियों को रिसर्च, कॉन्सेप्चुअल ट्रेनिंग, इंटरडिसिप्लिनरी और हायर स्टडीज़ (एमएस / पीएचडी) के लिए अधिक फ्लेक्सिबिलिटी और फिर आर एण्ड डी, एकेडेमिया, डीप टेक और साइंटिफिक इनोवेशन में करियर के लिए बेहतर अनुकूलन का दीर्घकालिक लाभ मिलता है।
आईएटी 2026 के लिए योग्यता मानक
आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट (आईएटी) 2026 में आवेदन के लिए उम्मीदवार का साइंस स्ट्रीम में कक्षा 12 / समकक्ष परीक्षा या न्यूनतम 3 साल का डिप्लोमा प्रोग्राम (2024, 2025 या 2026 में) न्यूनतम 60 प्रतिशत अंकों (एससी / एसटी / पीडब्ल्यू के लिए 55 प्रतिशत) के साथ पास होना अनिवार्य है। यह आकलन सभी विषयों को ध्यान में रख कर किया गया हो।
उम्मीदवार ने बायोलॉजी, केमिस्ट्री, मैथमेटिक्स और फिजिक्स में से कम से कम तीन विषयों की पढ़ाई की हो। आईआईएसईआर कोलकाता के बीएस-एमएस कम्प्यूटेशनल और डेटा साइंस प्रोग्राम, आईआईएसईआर भोपाल के बी.टेक / बीएस इकोनॉमिक साइंस प्रोग्राम और आईआईएसईआर तिरुपति के बीएस इकोनॉमिक और स्टैटिस्टिकल साइंस प्रोग्राम के लिए मैथमेटिक्स अनिवार्य है।
विशेष सूचना- दिसंबर 2023 के जेकेबीओएसई कश्मीर / लद्दाख के विद्यार्थियों को 2024 में पास माना जाएगा; कश्मीरी माइग्रेंट्स अपने डोमिसाइल सर्टिफिकेट अपलोड करें; आरक्षण भारत सरकार की नीतियों के अनुसार उपलब्ध हैं। (एससी 15 प्रतिशत, एसटी 7.5 प्रतिशत, ओबीसी-एनसीएल 27 प्रतिशत, पीडब्ल्यूडी 5 प्रतिशत, ईडब्ल्यूएस 10 प्रतिशत तक, कश्मीरी माइग्रेंट्स के लिए सुपरन्यूमरेरी)।
*उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स अनुसार आईएटी 2026 में आवेदन करें-*
स्टेप 1 - आईआईएसईआर एडमिशन 2026 के लिए वेबसाइट https://iiseradmission.in/ पर जाएँ।
स्टेप 2 - होमपेज पर ‘अप्लाई फॉर आईएटी-2026’ पर जाएँ
स्टेप 3 - अगले पेज पर रजिस्टर कर यूजर आईडी और पासवर्ड प्राप्त करें
स्टेप 4 - सफलतापूर्वक रजिस्ट्रेशन के बाद अनिवार्य डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें और उचित राशि भुगतान कर आवेदन पत्र पूरा भरें।
उम्मीदवार सभी विवरण सही से और ध्यानपूर्वक दें। आवेदन पत्र सबमिट करने के बाद विवरण नहीं बदल सकते हैं।
*महत्वपूर्ण तिथियाँ*
5 मार्च, 2026 - एप्लीकेशन पोर्टल खुलेगा
13 अप्रैल, 2026 - एप्लीकेशन पोर्टल बंद होगा
16-18 अप्रैल, 2026 - एप्लीकेशन फॉर्म में करेक्शन
24 मई, 2026 - एग्जाम हॉल टिकट जारी होगा
7 जून, 2026 - आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट (आईएटी) 2026 परीक्षा की तिथि (सुबह 9:00 बजे - दोपहर 12:00 बजे आईएसटी)
उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि किसी अपडेट के लिए नियमित रूप से ऑफिशियल एडमिशन पोर्टल देखें- https://www.iiseradmission.in/#admission_important_dates
एनेक्सर
*प्रो. अशोक कुमार गांगुली, निदेशक, आईआईएसईआर बरहामपुर, ओडिशा, ने कहा,* “आईआईएसईआर बरहामपुर का शांत, सुकून भरा और स्वच्छ प्राकृतिक परिवेश उन्मुक्त सोच और सर्जना का संवर्धन करता है। साथ ही सबसे आधुनिक उपकरण देता है, ताकि अब तक अज्ञात पहलुओं को समझने और इनोवेशन करने का अवसर मिले। हमने विद्यार्थियों को शिक्षा का अद्वितीय अनुभव प्रदान करने के लिए सर्वश्रेष्ठ मानव संसाधन हासिल करने का लक्ष्य रखा है। हम स्पोर्ट्स, कल्चरल और आउटरीच / सोशल एक्टिविटीज़ को पर्याप्त महत्व देते हैं, क्योंकि ये विद्यार्थियों के व्यक्तित्व के बहुआयामी विकास के लिए जरूरी हैं।“
*प्रो. गोवर्धन दास, निदेशक, आईआईएसईआर भोपाल, ने कहा,* “आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट एक प्रवेश परीक्षा से बढ़ कर आईआईएसईआर भोपाल के डायनामिक रिसर्च इकोसिस्टम का प्रवेश मार्ग है। हमारा कैंपस विद्यार्थियों को नई जानकारियाँ हासिल करने, परीक्षण और सर्जन करने की प्रेरणा देता है। आईआईएसईआर भोपाल कई खूबियों की वजह से खास है, जैसे यहाँ साइंस, इंजीनियरिंग, इकोनॉमिक्स और ह्यूमैनिटीज़ का अनोखा तालमेल है। श्रेष्ठ शिक्षा का इंटरडिसिप्लिनरी परिवेश है। यह शिक्षा के अलावा कैंपस लाइफ के ज़रूरी स्पोर्ट्स और कल्चरल एक्टिविटीज़ को बढ़ावा देता है। खेल का अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और सभी सुविधाएँ देता है। कुल मिला कर विद्यार्थियों का मानसिक और शारीरिक विकास में पूरा योगदान देता है।”
*प्रो. सुनील कुमार खरे, निदेशक, आईआईएसईआर कोलकाता, ने कहा,* “आईआईएसईआर कोलकाता में हम आगामी पीढ़ी के लीडर्स को प्रशिक्षण देने के लिए कृतसंकल्प हैं, ताकि वे देश को साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथेमेटिक्स के शिखर पर ले जाएँ। साल 2006 में संस्थान के शुभारंभ के बाद हम ने रिसर्च, टीचिंग और इनोवेशन में श्रेष्ठ कार्य करने का वाइब्रेंट इकोसिस्टम स्थापित किया है। कैंपस में सब के समावेश और प्रगतिशील परिवेश के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएँ दी है। हमारे फैकल्टी अपने क्षेत्र में जाने-माने नाम हैं, जो क्यूरियोसिटी, लीडरशिप और इंटरडिसिप्लिनरी सोच को बढ़ावा देते हैं। हम शैक्षिक मार्गदर्शन के अलावा विद्यार्थियों को सत्यनिष्ठ, ज़िम्मेदार और भविष्य के तैयार बनाते हैं। बड़े बदलाव के विज़न के साथ उन्हें समाज में सार्थक योगदान देने के लिए तैयार करते हैं।”
*प्रो. अनिल कुमार त्रिपाठी, निदेशक, आईआईएसईआर मोहाली, ने कहा* , “आईआईएसईआर मोहाली हिमालय की तराई में बसी नॉलेज सिटी मोहाली में है, जहाँ नागरिकों के लिए बेहतरीन परिवेश है। यहाँ विद्यार्थियों की जिज्ञासा को एक उद्देश्य मिलता है, आश्चर्य भाव से ज्ञान सृजन होता है, विज्ञान का जुनून समझदारी और इनोवेशन का रूप लेता है और ज्ञान मनुष्य की प्रगति का संबल बनता है। हम विज्ञान की उत्कृष्ट शिक्षा पर ज़ोर देते हैं। साथ ही स्पोर्ट्स और कल्चरल जानने का उत्साह भरते हैं, क्योंकि यह विद्यार्थियों के सम्रग विकास के लिए जरूरी है। इस तरह हम विद्यार्थियों की करिकुलर और एक्स्ट्रा करिकुलर सभी गतिविधियों में मदद करते हैं।”
*प्रो. सुनील एस. भागवत, निदेशक, आईआईएसईआर पुणे, ने कहा,* “आईआईएसईआर पुणे में दुनिया की कुछ सबसे अच्छी यूनिवर्सिटीज़ की तरह इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएँ हैं। अत्याधुनिक शोधों में संलग्न फैकल्टी हैं। सही अर्थों में शानदार प्रतिभाएँ तैयार करने का आदर्श परिवेश है। संस्थान पुणे शहर में है और इसके चारों ओर उच्च स्तरीय शोध संस्थान और उद्योग केंद्र हैं। आईआईएसईआर पुणे सीखने, नई खोज और प्रगति करने का जीवंत और उत्साहवर्धक माहौल देता है। साथ ही, कल्चरल और स्पोर्ट्स एक्टिविटीज़ के साथ सभी के समावेश का परिवेश देता है।”
*प्रो. जारुगु नरसिम्हा मूर्ति, निदेशक, आईआईएसईआर तिरुवनंतपुरम, ने कहा,* “आईआईएसईआर तिरुवनंतपुरम में हम विद्यार्थियों को ऐसा परिवेश देने के लिए कृतसंकल्प हैं, जिसमें उत्सकुता से प्रेरित जिज्ञाशा वैज्ञानिक प्रशिक्षण को संपूर्णता प्रदान करती करती है। केरल के वेस्टर्न घाट की शांत पृष्ठभूमि में हमारा कैंपस एक प्रेरक परिवेश देता है, ताकि विभिन्न विषयों में जिज्ञाशा, सर्जना और सार्थक सहयोग का संवर्धन हो। साल 2008 में संस्थान की शुरुआत के बाद से हम ने उच्च गुणवत्ता के शोध और शिक्षण की मजबूत नींव बनाई है। हमारे पास अत्याधुनिक लैब्स और अध्ययन-अध्यापन की वाइब्रेंट कम्युनिटी है। हम उत्कृष्ट प्रतिभाओं को आकर्षित करने और उन्हें दुनिया की वास्तविक चुनौतियाँ पार कर शिखर छूने के लिए तैयार करते हैं। इस तरह वे देश-दुनिया की ज्वलंत समस्याओं के समाधान देने में सक्षम होते हैं। हमारे एकेडमिक प्रोग्राम्स इसलिए खास हैं, क्योंकि हम उन्हें इंटरडिसिप्लिनरी बनाते हैं। हम प्रतिभा प्रशिक्षण पर जोर देकर देश के भविष के लिए तैयार एक मजूबत वैज्ञानिक कार्यबलब बना रहे हैं। यह एनर्जी सेक्युरिटी, एडवांस्ड मटीरियल, मॉडर्न मेडिसिन, क्वांटम कंप्यूटिंग आदि आधुनिक कार्य क्षेत्रों की चुनौतियों के समाधान देंगे।”
*प्रो. शांतनु भट्टाचार्य, निदेशक, आईआईएसईआर तिरुपति, ने कहा* , “आईआईएसईआर तिरुपति एक अग्रगण्य शोध-उन्मुख संस्थान है (यह वर्ष 2015 में स्थापित और आईआईएसईआर सीरीज़ का 6ठा संस्थान है)। आईआईएसईआर तिरुपति का 5-साल का इंटरडिसिप्लिनरी बीएस-एमएस प्रोग्राम मौलिक विज्ञान का शोध-उन्मुख शिक्षा से बेजोड़ तालमेल करता है। संस्थान के पास अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, सबसे बड़ा आईआईएसईआर कैंपस, उच्च कोटि के इंस्ट्रूमेंट्स, स्वयं सीख कर वैज्ञानिक जिज्ञासा बढ़ाने पर जोर और उच्च गुणवत्ता के फैकल्टी के मार्गदर्शन में शिक्षण-प्रशिक्षण जैसे सभी फीचर्स हैं। यहाँ मेजर और माइनर्स के कई ऑप्शन हैं। साथ ही पूरी दुनिया में मान्य डुअल डिग्री के अवसर भी हैं। आईआईएसईआर तिरुपति में हम भविष्य सँवारने में सक्षम जिज्ञाशा का सम्मान करते हैं। हमें चुनौती देते सवालों, हमें प्रेरित करते एक्सपेरिमेंट्स और उन खोजों को अहमियत देते हैं, जो हमारी दुनिया बदलने में सक्षम दिखते हैं। यह रिसर्चर्स, स्कॉलर्स और उन लोगों के लिए है, जिनके सपने हैं, जो हर दिन ज्ञान की नई सीमाएँ बना रहे हैं।”
*इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (आईआईएसईआर) का संक्षिप्त परिचय*
इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (आईआईएसईआर) विज्ञान की शिक्षा और शोध दोनों क्षेत्रों में बेहतरीन काम करने के अपने मजबूत इरादों के लिए मशहूर हैं। ये संस्थान बरहमपुर, भोपाल, कोलकाता, मोहाली, पुणे, तिरुवनंतपुरम और तिरुपति में हैं। इन संस्थानों में शिक्षा का अद्वितीय परिवेश है, जहाँ विभिन्न विषयों के तालमेल से सीखने और शोध करने को बढ़ावा दिया जाता है। अत्याधुनिक प्रयोगशालाएँ, शोध केंद्र और कैंपस का प्रगतिशील माहौल है। इस तरह आईआईएसईआर अपने विद्यार्थियों को नई खोज, इनोवेशन और शैक्षिक उपलब्धियों के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
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