मंझनपुर में शंख व कलश चौराहा का लोकार्पण, कई विकास कार्यों का उद्घाटन
* उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने किया नामकरण व प्रतिमाओं का अनावरण

लखनऊ/कौशांबी।  उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शनिवार को मंझनपुर में शंख चौराहा एवं कलश चौराहा का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत नामकरण एवं लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया।
उप मुख्यमंत्री ने पंचम राज्य वित्त आयोग के अंतर्गत वार्ड नंबर-10 अशोक नगर स्थित मॉडल पार्क में योगशाला निर्माण एवं पार्क सौंदर्यीकरण कार्य का लोकार्पण किया। साथ ही उन्होंने नगर पालिका परिषद मंझनपुर के भवन निर्माण कार्य का भी उद्घाटन किया।
कार्यक्रम के दौरान भगवान परशुराम, माता अवन्तीबाई लोधी, ऊदा देवी तथा संत गाडगे महाराज की प्रतिमाओं का अनावरण भी किया गया।
इस अवसर पर पूजा पाल, भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मराज मौर्य, जनपद प्रभारी अवशेध गुप्ता, पूर्व विधायक शीलता प्रसाद (पप्पू पटेल), सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं स्थानीय गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
परिवहन निगम में 2584 महिला परिचालकों की भर्ती, रोजगार मेले होंगे आयोजित
* गृह जनपद में ही मिलेगी तैनाती, 25 मार्च से शुरू होगा भर्ती अभियान

लखनऊ। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम में 2584 पदों पर संविदा के आधार पर महिला परिचालकों की भर्ती की जाएगी। यह भर्ती प्रदेश सरकार के निर्देश पर रोजगार मेलों के माध्यम से की जाएगी।
यह जानकारी परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि चयनित महिला अभ्यर्थियों को उनके गृह जनपद के अंतर्गत आने वाले डिपो में ही तैनात किया जाएगा, जिससे उन्हें कार्यस्थल पर सुविधा मिल सके।
भर्ती के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट निर्धारित की गई है, साथ ही CCC प्रमाणपत्र अनिवार्य होगा। अभ्यर्थियों का चयन इंटरमीडिएट में प्राप्त अंकों की मेरिट के आधार पर किया जाएगा।
मंत्री ने बताया कि एनसीसी ‘बी’ प्रमाणपत्र, एनएसएस, तथा भारत स्काउट एवं गाइड के राज्य या राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त अभ्यर्थियों को 5 प्रतिशत अतिरिक्त वेटेज दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि भर्ती के लिए 25 मार्च, 28 मार्च, 30 मार्च एवं 1 अप्रैल 2026 को प्रदेश के विभिन्न मंडलों में रोजगार मेले आयोजित किए जाएंगे।
* 25 मार्च: सहारनपुर, झांसी, कानपुर, चित्रकूट धाम-बांदा, प्रयागराज
* 28 मार्च: गाजियाबाद, अलीगढ़, बरेली, अयोध्या, वाराणसी
* 30 मार्च: मेरठ, इटावा, हरदोई, देवीपाटन, आजमगढ़
* 01 अप्रैल: नोएडा, आगरा, मुरादाबाद, लखनऊ, गोरखपुर

इच्छुक महिला अभ्यर्थी अपने निकटतम क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय में जाकर आवेदन कर सकती हैं। मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि चयनित महिला परिचालकों को संविदा चालकों/परिचालकों के समान पारिश्रमिक दर पर भुगतान किया जाएगा।
पीएम एफएमई योजना में उत्तर प्रदेश देश में अव्वल

* 7340 प्रस्ताव स्वीकृत, 2000 करोड़ से अधिक टर्म लोन; सूक्ष्म खाद्य उद्योगों को नई गति

लखनऊ। उत्तर प्रदेश ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन (PMFME) योजना के क्रियान्वयन में देशभर में पहला स्थान हासिल किया है। केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को नई ऊर्जा मिली है और राज्य तेजी से आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
योजना के प्रभावी संचालन के तहत प्रदेश में विभिन्न बैंकों द्वारा 2000 करोड़ रुपये से अधिक का टर्म लोन स्वीकृत किया जा चुका है, जो उद्योग स्थापना के प्रति बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 7340 प्रस्तावों की स्वीकृति के साथ उत्तर प्रदेश देश में शीर्ष स्थान पर है। इस दौरान 98 प्रतिशत का स्ट्राइक रेट दर्ज किया गया, जो राष्ट्रीय स्तर पर एक उत्कृष्ट उपलब्धि है।
योजना के अंतर्गत औसत स्वीकृति समय 100 दिन, औसत टर्म लोन 10 लाख रुपये तथा प्रति इकाई औसत अनुदान 4 लाख रुपये निर्धारित किया गया है। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक जनपद में जनपदीय रिसोर्स पर्सन (डीआरपी) की तैनाती की गई है, जिन्हें प्रत्येक इकाई की स्थापना में सहयोग हेतु 20 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 267.25 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं, जो योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाता है। राष्ट्रीय स्तर पर तुलना करें तो 7293 प्रस्तावों के साथ बिहार दूसरे और 5695 प्रस्तावों के साथ महाराष्ट्र तीसरे स्थान पर हैं।
उल्लेखनीय है कि पीएम एफएमई योजना के अंतर्गत असंगठित खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के उन्नयन के लिए परियोजना लागत का 35 प्रतिशत (अधिकतम 10 लाख रुपये तक) क्रेडिट लिंक्ड अनुदान दिया जाता है। स्वयं सहायता समूहों, एफपीओ एवं सहकारिताओं को कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए अधिकतम 3 करोड़ रुपये तक अनुदान की व्यवस्था है। इसके अलावा, समूहों के प्रति सदस्य को 40,000 रुपये कार्यशील पूंजी तथा उत्पादों की ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग के लिए 50 प्रतिशत तक सहायता प्रदान की जाती है।
अब तक योजना के तहत 24,197 से अधिक इकाइयों को अनुदान की स्वीकृति दी जा चुकी है, जिससे राज्य में रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिली है।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को सशक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस योजना के माध्यम से खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में आत्मनिर्भरता, मूल्य संवर्धन एवं रोजगार के अवसरों को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों तक पारदर्शिता के साथ समयबद्ध रूप से पहुंचाया जाए।
नगरीय निकायों में लघु उद्योगों को बढ़ावा देने पर जोर
* नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा की अध्यक्षता में संगम सभागार में हुई अहम बैठक

लखनऊ। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा की अध्यक्षता में नगरीय निकायों में लघु उद्योगों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से लखनऊ स्थित संगम सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर विकास विभाग एवं लघु उद्योग भारती के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने के लिए नगरीय क्षेत्रों में लघु उद्योगों का सशक्तिकरण बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शहरों में छोटे उद्योगों के विकास से न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होंगे।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नगरीय निकायों में उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग कर लघु उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि आधारभूत सुविधाओं, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, स्वच्छता व्यवस्था तथा सरल लाइसेंसिंग एवं कर प्रणाली के माध्यम से उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा।
श्री शर्मा ने कहा कि लघु उद्योग प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और इनके सुदृढ़ीकरण से ही आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। सरकार इस दिशा में लगातार ठोस कदम उठाती रहेगी, जिससे नगरीय क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिले और विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।
बैठक में प्रमुख सचिव नगर विकास पी. गुरु प्रसाद, सचिव रविंद्र कुमार, विशेष सचिव सत्य प्रकाश पटेल, अतिरिक्त ऊर्जा निदेशक इंद्रजीत सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मथुरा बवाल पर बड़ा खुलासा: हादसे में हुई ‘फरसा वाले बाबा’ की मौत, सीएम योगी ने हिंसा पर सख्त कार्रवाई के आदेश
लखनऊ /मथुरा । यूपी के मथमें ‘फरसा वाले बाबा’ की मौत के बाद हुए बवाल को लेकर प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। आगरा रेंज के डीआईजी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि गौ-रक्षक की मौत सड़क हादसे में हुई है और इसमें किसी भी प्रकार की गो-तस्करी या गोवंश की पुष्टि नहीं हुई है।डीआईजी के अनुसार, घटना के बाद फैली अफवाहों के कारण लोगों में आक्रोश बढ़ा और आगरा-दिल्ली हाईवे पर जाम लगाकर पथराव किया गया।

हिंसा में शामिल कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया

फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और हिंसा में शामिल कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उपद्रव करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।वहीं, इस पूरे घटनाक्रम पर योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाया है। सीएम के निर्देश के बाद पुलिस पूरी तरह अलर्ट हो गई है और बवाल में शामिल लोगों की पहचान कर गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। हाईवे पर छोड़ी गई बाइकों को भी जब्त कर थानों में खड़ा कराया जा रहा है।प्रशासन के अनुसार, घटना के समय घना कोहरा था। ‘फरसा वाले बाबा’ एक संदिग्ध कंटेनर की जांच कर रहे थे, जिसमें दैनिक उपयोग का सामान जैसे साबुन, फिनाइल और शैम्पू भरा था।

पुलिस की अपील, वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें

इसी दौरान पीछे से आ रहे राजस्थान नंबर के तार लदे ट्रक ने टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में ट्रक चालक भी घायल हुआ है और वाहन क्षतिग्रस्त हो गया।घटना के बाद बाबा का पार्थिव शरीर अंजनोख स्थित गोशाला पहुंचाया गया, जहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। छाता-बरसाना मार्ग पर जाम जैसे हालात बन गए और दूर-दूर से लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे।फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है और लोगों से अपील की जा रही है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें।
अवंती बाई लोधी को श्रद्धांजलि अर्पित की ___________________________

*लखनऊ।* अमर शहीद वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी के बलिदान दिवस पर उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक वरिष्ठ भाजपा नेता डॉक्टर नीरज सिंह भाजपा लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी और महापौर सुषमा खर्कवाल ने लोधी समाज और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ कैपिटल तिराहा, भाजपा मुख्यालय के सामने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और पुष्पांजलि अर्पित की।

उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने  उनका स्मरण करते हुए कहा कि 168वें बलिदान दिवस के अवसर पर प्रदेश के आम जनमानस और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से अवंती बाई लोधी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। उन्होंने कहा कि वीरांगना अवंती बाई लोधी का सनातन संस्कृति की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान रहा है, जिसे हम सभी आज याद कर रहे हैं।

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि सभी को महारानी अवंती बाई लोधी के जीवन और संघर्ष को पढ़ना चाहिए तथा उनके विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लेना चाहिए।

डॉक्टर नीरज सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि रानी अवंतीबाई लोधी ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ अदम्य साहस के साथ संघर्ष करते हुए देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उनका जीवन त्याग, वीरता और देशप्रेम का अनुपम उदाहरण है, जो आज भी हमको राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करता है।

महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी ने कहा कि वीरांगना के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने और राष्ट्रहित में सदैव समर्पित रहने के लिए भारतीय जनता पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता संकल्पित है।

मीडिया प्रभारी प्रवीण गर्ग ने बताया कि इस अवसर पर प्रदेश मंत्री शंकर लाल लोधी, संजय लोधी, किशन कुमार लोधी, राम शंकर राजपूत, विपिन सोनकर, घनश्याम अग्रवाल, मानवेंद्र सिंह सीता नेगी, विजय भुर्जी, विनायक पांडे सहित बड़ी संख्या में लोगों ने प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
5,148 करोड़ रूपये से शहर में आवासीय योजनाओं व विकास कार्यों को गति देगा एलडीए

*शारदा नगर विस्तार में 200 करोड़ रूपये की लागत से बनेंगे 848 अफोर्डेबल हाउस*

- *लखनऊ विकास प्राधिकरण बोर्ड की 187वीं बैठक में प्रस्ताव को मिली मंजूरी*

- *वेलनेस सिटी, आईटी सिटी, नैमिष नगर और वरूण विहार के लिए भी बजट जारी*

- *400 करोड़ रूपये से ग्रीन काॅरिडोर को रफ्तार, अवैध निर्माण पर तेज होगी कार्रवाई*

लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण इस वित्तीय वर्ष में 5,148 करोड़ रूपये से शहर में आवासीय योजनाओं, इन्फ्रास्ट्रक्चर, विकास एवं सौंदर्यीकरण आदि के कार्यों को गति देगा। मण्डलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में आज पारिजात सभागार में हुयी प्राधिकरण बोर्ड की 187वीं बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट को मंजूरी मिल गयी है।

इसमें शारदा नगर विस्तार योजना में अफार्डेबल हाउसिंग स्कीम भी शामिल है, जिसमें लगभग 200 करोड़ रूपये की लागत से 848 बजट फ्रेंडली भवन विकसित किये जाएंगे।

बैठक में एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार, सचिव विवेक श्रीवास्तव, अपर सचिव ज्ञानेन्द्र वर्मा एवं सीपी त्रिपाठी, वित्त नियंत्रक दीपक सिंह, मुख्य नगर नियोजक केके गौतम, मुख्य अभियंता मानवेन्द्र सिंह, प्राधिकरण बोर्ड के सदस्य पीएन सिंह एवं पुष्कर शुक्ला समेत अन्य अधिकारी व अभियंता उपस्थित रहे।

एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि डालीबाग स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल आवासीय योजना के लोकार्पण के समय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आम नागरिकों के लिए बजट फ्रेंडली आवास उपलब्ध कराने के निर्देश दिये थे। इसके अनुपालन में शारदा नगर विस्तार योजना में लगभग 200 करोड़ रूपये की लागत से अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम लांच की जाएगी। जिसके निर्माण के लिए प्रधानमंत्री आवास कालोनी के पास 12,494 वर्गमीटर भूमि चिन्हित की गयी है। योजना में 12 मंजिल के 04 टाॅवरों में कुल 848 फ्लैट्स निर्मित किये जाएंगे। इसमें 01 बीएचके के 156 फ्लैट होंगे, प्रत्येक फ्लैट लगभग 40 वर्गमीटर क्षेत्रफल का होगा। इसी तरह 02 बीएचके के 692 फ्लैट्स 55 वर्गमीटर क्षेत्रफल के होंगे। योजना में स्वच्छ जल एवं विद्युत आपूर्ति, स्टिल्ट पार्किंग, लिफ्ट, पार्क, किड्स प्ले एरिया समेत अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

*आवासीय योजनाओं के लिए खरीदी जाएगी जमीन*
उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि आईटी सिटी, वेलनेस सिटी, नैमिष नगर व वरूण विहार के लिए जमीन खरीदने एवं अर्जन की कार्यवाही के लिए 1,600 करोड़ रूपये का बजट स्वीकृत किया गया है। इससे शहर में नयी आवासीय योजनाओं को धरातल पर उतारने और अधूरी योजनाओं को पूरा करने में बल मिलेगा। साथ ही शहर के विस्तार और निवेश के नये अवसर खुलेंगे। इसी तरह आवासीय योजनाओं में विकास एवं अनुरक्षण कार्यों के लिए 1,298 करोड़ रूपये का बजट पास किया गया है। वहीं, अवस्थापना सुविधाओं के लिए 200 करोड़ रूपये स्वीकृत किये गये हैं।

*400 करोड़ से ग्रीन काॅरिडोर को रफ्तार*

लखनऊ विकास प्राधिकरण की महत्वकांक्षी परियोजना ग्रीन काॅरिडोर को भी रफ्तार मिलेगी। प्राधिकरण बोर्ड ने ग्रीन काॅरिडोर के लिए 400 करोड़ रूपये का बजट जारी किया है। इसी तरह शहर में नये पार्क विकसित करने और पुराने पार्कों के अनुरक्षण के लिए 60 करोड़ रूपये का बजट स्वीकृत किया गया है। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना-2.0 के अंतर्गत नये भवनों के निर्माण के लिए भी बजट आवंटित किया गया है। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि शहर में अवैध निर्माण के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए मशीनरी पर होने वाले व्यय के लिए भी 02 करोड़ रूपये का बजट निर्धारित किया गया है।

*गोमती नगर विस्तार में सामुदायिक केंद्र*
गोमती नगर विस्तार में सरस्वती अपार्टमेंट के पास उपलब्ध अतिरिक्त भूमि को सामुदायिक केंद्र में बदलने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दी गयी है। इसके अलावा सेक्टर-6 में कुछ भूखंडों के सामने प्रस्तावित 45 मीटर चैड़ी सड़क को घटाकर 9 मीटर करने तथा शेष भूमि को व्यावसायिक और आवासीय उपयोग हेतु नियोजित करने के प्रस्ताव पर भी बोर्ड ने मुहर लगा दी है। 

*पारिजात एवं पंचशील अपार्टमेंट के दाम फ्रीज*
गोमती नगर योजना में अपना आशियाना बनाने की चाहत रखने वाले लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। एलडीए ने गोमती नगर स्थित पारिजात अपार्टमेंट और पंचशील अपार्टमेंट के फ्लैटों की कीमत को 01 वर्ष के लिए फ्रीज कर दिया है। इससे नये वित्तीय वर्ष में इन अपार्टमेंट के फ्लैटों की कीमत में किसी भी तरह की बढ़ोत्तरी नहीं की जाएगी और लोग पुरानी दरों पर भवन खरीद सकेंगे। इसके अलावा एलडीए से आवंटित इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की संपत्ति पर निर्माण के लिए नई भवन निर्माण उपविधि-2025 के नियम लागू करने का प्रस्ताव पास किया गया है।

*अनंत नगर के प्रभावितों को राहत*
एलडीए की अनंत नगर (मोहान रोड) आवासीय योजना से प्रभावित लोगों को एलडीए बड़ी राहत देने जा रहा है। दरअसल, योजना से आच्छादित ग्राम-कलियाखेड़ा एवं प्यारेपुर में कुछ  लोगों द्वारा प्राधिकरण की अर्जित भूमि पर अवैध रूप से भवनों का निर्माण करा लिया गया था। योजना के विकास के दौरान प्राधिकरण द्वारा उक्त अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया। अब प्राधिकरण उक्त भवनों में निवास करने वाले परिवारों को देवपुर पारा स्थित अटल नगर आवासीय योेजना में निर्धारित नियम व शर्तों पर आवासीय सुविधा उपलब्ध कराएगा। बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव पर सहमति मिल गयी है।

*ले-आउट संशोधन से विकास को गति*
सीजी सिटी, ऐशबाग योजना और रिफा-ए-आम योजना के लेआउट (तलपट मानचित्र) में संशोधन और पुनर्नियोजन के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गयी है। वहीं अंसल प्रॉपर्टीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर की हाईटेक टाउनशिप में एफएसआई के तहत बेचे गए भूखंडों के मानचित्रों को मंजूरी देने का प्रस्ताव भी पास किया गया है। इसके अलावा ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम (ओबीपास) में मानचित्र स्वीकृति शुल्क को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए संशोधित करने का प्रस्ताव भी पास हुआ है। इसके अलावा उ0प्र0 शहरी पुनर्विकास नीति-2026 लागू करने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई है।
'कृषि पर क्षेत्रीय सम्मेलन' 17 अप्रैल को- सूर्य प्रताप शाही
लखनऊ में प्रस्तावित इस सम्मेलन में उत्तर भारतीय राज्यों के कृषि मंत्री होंगे शामिल लखनऊ। प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा लखनऊ में 'कृषि पर क्षेत्रीय सम्मेलन' (जोनल कॉन्फ्रेंस ऑन एग्रीकल्चर) का आयोजन किया जा रहा है। उत्तरी क्षेत्र के लिए प्रस्तावित यह महत्वपूर्ण सम्मेलन आगामी 17 अप्रैल, 2026 को आयोजित होगा। इस आयोजन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, दिल्ली, चंडीगढ़, जम्मू और कश्मीर तथा लद्दाख राज्यों के कृषि मंत्रियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों को भी आमंत्रित किया गया है।श्री शाही ने कहा कि वर्तमान में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा कई महत्वपूर्ण योजनाओं का कार्यान्वयन किया जा रहा है। इन पहलों का मुख्य
उद्देश्य केंद्र और राज्यों के समन्वित प्रयासों के माध्यम से कृषि उत्पादकता को बढ़ाना, किसानों की आजीविका को सुदृढ़ करना और कृषि क्षेत्र का सतत
विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इन लक्ष्यों की प्राप्ति में
राज्यों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण और निर्णायक है।कृषि मंत्री ने बताया कि यह सम्मेलन कृषि और संबद्ध क्षेत्रों से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श करने, महत्वपूर्ण योजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा करने और राज्यों के बीच सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को साझा करने के लिए एक प्रभावशाली मंच प्रदान करेगा। इस सम्मेलन का विस्तृत कार्यक्रम शीघ्र ही साझा किया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों की उपस्थिति एवं उनके बहुमूल्य सुझाव सम्मेलन की चर्चाओं को अत्यंत समृद्ध बनाएंगे।
भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 में यूपी की दमदार प्रस्तुति, ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा प्रदेश: ए के शर्मा

लखनऊ। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 में भाग लेते हुए उत्तर प्रदेश की ऊर्जा क्षेत्र में उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया। यह समिट यशोभूमि, नई दिल्ली में भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय द्वारा आयोजित किया गया।
अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ऊर्जा प्रबंधन के क्षेत्र में तेजी से देश का अग्रणी राज्य बनता जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार सस्ती, सतत और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उच्च मानकों पर कार्य कर रही है।
मंत्री ने जानकारी दी कि बीते वर्ष गर्मी के दौरान प्रदेश ने देश की सर्वाधिक पीक डिमांड को सफलतापूर्वक पूरा किया और इस वर्ष उससे भी अधिक मांग को पूरा करने की तैयारी की गई है। बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए पिछले एक वर्ष में करीब 4000 मेगावाट अतिरिक्त क्षमता जोड़ी गई है, जबकि इस वर्ष 5000 मेगावाट से अधिक नई क्षमता स्थापित करने की दिशा में कार्य जारी है।
सौर ऊर्जा के क्षेत्र में प्रदेश की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि PM Surya Ghar Yojana के तहत उत्तर प्रदेश प्रतिदिन सोलर इंस्टॉलेशन में देश में प्रथम स्थान पर है। साथ ही, यूटिलिटी स्केल सोलर पार्क, पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट (PSP) और बैटरी स्टोरेज सिस्टम पर तेजी से काम किया जा रहा है।
ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर पर बोलते हुए मंत्री ने बताया कि Green Energy Corridor Phase II में उत्तर प्रदेश ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है और Green Energy Corridor Phase III को शीघ्र स्वीकृति देने का अनुरोध किया गया है।
उन्होंने कहा कि राज्य के पावर प्लांट्स को अब तक के उच्चतम पीएलएफ (85%) पर संचालित किया जा रहा है और वितरण हानियों (AT&C Losses) में उल्लेखनीय कमी आई है। प्रदेश में लगभग 20% उपभोक्ताओं के यहां प्री-पेड स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिला है।
इस अवसर पर केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर, अपर मुख्य सचिव (ऊर्जा) नरेन्द्र भूषण, चेयरमैन आशीष गोयल  एवं प्रबंध निदेशक पंकज कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रत्येक उपभोक्ता को सस्ती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराना है, जिसके लिए ऊर्जा क्षेत्र में निरंतर सुधार, नवाचार और निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
चित्रकूट में रिश्वत कांड: SHO श्याम प्रताप पटेल लाइन हाजिर, ऑनलाइन ट्रांसफर से 90 हजार लेने का आरोप
लखनऊ/ चित्रकूट। चित्रकूट जिले में पुलिस महकमे की कार्यशैली पर सवाल खड़े करने वाला एक मामला सामने आया है। कोतवाली प्रभारी श्याम प्रताप पटेल को 90 हजार रुपये की कथित रिश्वत लेने के आरोप में लाइन हाजिर कर दिया गया है।
आरोप है कि एक ओवरलोड ट्रक चालक से कार्रवाई से बचाने के बदले रिश्वत मांगी गई। चालक के पास नकद धनराशि न होने पर उसे कथित तौर पर एक तीसरे व्यक्ति की आईडी पर ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहा गया। मामला उजागर होने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। उच्च अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से संबंधित कोतवाली प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया।
बताया जा रहा है कि पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई है और आरोपों की पुष्टि होने पर आगे कड़ी विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे पुलिस विभाग की छवि पर भी असर पड़ा है।