मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने औरंगाबाद में जन संवाद कार्यक्रम को संबोधित किया, विकास की उपलब्धियों और भविष्य के लक्ष्यों पर रखा जोर

औरंगाबाद मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज समृद्धि यात्रा के तहत औरंगाबाद जिला के बारूण, मुंशी बिगहा में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम में लोगों से संवाद किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने बिहार में 2005 से लेकर अब तक हुए विकास कार्यों का विस्तार से उल्लेख किया और आगामी पांच वर्षों के लिए योजनाओं का भी परिचय दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2005 से पहले बिहार की स्थिति चिंताजनक थी। कानून का शासन स्थापित करना, शिक्षा सुधार, स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, सड़क एवं पुल निर्माण जैसी प्राथमिकताओं पर ध्यान दिया गया। उन्होंने बताया कि शिक्षा में सुधार हेतु बड़े पैमाने पर स्कूल खोले गए, नियोजित शिक्षकों की बहाली की गई और सरकारी शिक्षकों की संख्या 5 लाख 24 हजार तक पहुँच गई है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में मरीजों की संख्या बढ़ी है, मेडिकल कॉलेजों की संख्या अब 12 हो गई है और सभी जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के प्रयास जारी हैं। सड़क, पुल, रेल ओवरब्रिज और एलिवेटेड रोड निर्माण से राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में यातायात सुगम हुआ है। कृषि रोड मैप के तहत अनाज, फल, सब्जी, दूध और मछली उत्पादन में वृद्धि हुई है, जिससे किसान आत्मनिर्भर हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने सात निश्चय और सात निश्चय-2 योजनाओं के तहत ग्रामीण विकास, रोजगार, महिला सशक्तिकरण, बिजली, पेयजल और स्वच्छता जैसे क्षेत्रों में हुई प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अगले पांच वर्षों में सात निश्चय-3 के तहत औद्योगिकीकरण, रोजगार सृजन, कृषि विकास, स्वास्थ्य और शिक्षा में और तेजी लाने का लक्ष्य रखा गया है।

विशेष रूप से महिलाओं को रोजगार हेतु आर्थिक सहायता, जिले में आदर्श विद्यालय और डिग्री कॉलेजों की स्थापना, खेलों के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना और स्वास्थ्य केंद्रों का विकास किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने औरंगाबाद में वर्तमान और पूर्व में हुए विकास कार्यों का भी उल्लेख किया।

जिले में सड़कें, पुल, पावर प्लांट, आईटीआई, मेडिकल कॉलेज और आवासीय विद्यालयों की स्थापना की गई है। प्रगति यात्रा के दौरान चिन्हित 8 नई योजनाओं पर काम शुरू हो चुका है। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी, जल संसाधन मंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, लघु जल संसाधन सह औरंगाबाद जिले के प्रभारी मंत्री श्री संतोष कुमार सुमन, कई विधायक और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार लगातार विकास की ओर बढ़ रहा है और केंद्र सरकार का भी पूरा सहयोग मिल रहा है। अगले पांच वर्षों में राज्य और अधिक प्रगतिशील बनेगा और देश के विकसित राज्यों में शामिल होगा।

औरंगाबाद से धिरेन्द्र पाण्डेय

औरंगाबाद समृद्धि यात्रा से विकास को मिलेगी नई गति: संजीव सिंह

,औरंगाबाद। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा को लेकर जदयू नेता संजीव कुमार सिंह ने जोरदार सराहना की है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राज्य के समग्र विकास को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण पहल है।

संजीव सिंह ने बताया कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है, ताकि अंतिम व्यक्ति तक विकास का प्रभाव सुनिश्चित किया जा सके।

संजीव कुमार सिंह ने कहा कि बिहार सरकार संतुलित और सतत विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

औरंगाबाद समेत पूरे राज्य में आधारभूत संरचना को मजबूत करने, शिक्षा व्यवस्था में सुधार, स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में चल रही योजनाएं आम लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि “समृद्धि यात्रा” के माध्यम से सरकार जमीनी स्तर पर योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन कर रही है।

इससे यह पता चल रहा है कि किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है और किन योजनाओं को और प्रभावी बनाया जा सकता है। संजीव सिंह के अनुसार, यह पहल प्रशासन को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाने में भी सहायक सिद्ध हो रही है।

अंत में संजीव कुमार सिंह ने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री की यह यात्रा बिहार के विकास को नई गति देगी और राज्य को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगी।

जदयू नेता संजीव सिंह ने मुख्यमंत्री से एनटीपीसी नबीनगर के पास मेडिकल कॉलेज निर्माण करने की मांग

 औरंगाबाद: जिले में मेडिकल कॉलेज के लिए जगह तलाश एक बार फिर चर्चा में है। इस बार जदयू नेता संजीव कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि एनटीपीसी नबीनगर के समीप सलैया स्टेशन के पास मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जाए। संजीव सिंह ने बताया कि सलैया एनटीपीसी स्टेशन के पास लगभग 100 एकड़ जमीन उपलब्ध है, जो मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए पूरी तरह उपयुक्त है। उन्होंने कहा कि यह जगह दो सबसे बड़े ऊर्जा प्रोजेक्ट, एनटीपीसी और एनपीजीसी के पास स्थित है, जिससे यह क्षेत्र पर्याप्त सुरक्षित और सुविधाजनक है।

सिंह ने यह भी बताया कि इस इलाके की भौगोलिक स्थिति मेडिकल कॉलेज के लिए आदर्श है। एक तरफ से कोलकाता-वाराणसी एक्सप्रेसवे गुजर रही है, दूसरी ओर जीटी रोड और राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 139 से भी संपर्क आसान है। इसके अलावा, रेलवे का फ्रेट कॉरिडोर भी इस क्षेत्र से होकर गुजरता है। इस तरह चारों ओर से आने-जाने की सुविधाएं मौजूद हैं, जिससे मेडिकल कॉलेज में दाखिले लेने वाले छात्रों और आम लोगों दोनों के लिए सुविधा होगी। जदयू नेता ने कहा कि औरंगाबाद के लोगों के लिए भी यह कॉलेज आसानी से सुलभ होगा। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा के दौरान वह इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाएंगे, ताकि राज्य सरकार जल्दी निर्णय ले सके। संजीव सिंह की इस मांग से जिले में मेडिकल शिक्षा की स्थिति सुधारने की उम्मीद बढ़ गई है। उनका मानना है कि सही स्थान पर कॉलेज बनने से स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

यह प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज जिले के विकास में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है और इसे लेकर जनता और प्रशासन दोनों की निगाहें अब इस स्थल पर टिकी हैं।

औरंगाबाद से धिरेन्द्र पाण्डेय

जयमाल के दौरान भरभराकर गिरा छज्जा, दो की मौत, 25 घायल

औरंगाबाद। जिले के दाउदनगर थाना क्षेत्र के मंझियावां गांव में रविवार को एक शादी समारोह उस समय मातम में बदल गया, जब जयमाल कार्यक्रम के दौरान अचानक मकान का छज्जा (पोर्टिको) भरभराकर गिर पड़ा। इस दर्दनाक हादसे में मलबे के नीचे दबकर दो लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 25 लोग घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालकर विभिन्न अस्पतालों में पहुंचाया। घायलों का इलाज दाउदनगर और ओबरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा गंभीर रूप से घायल कुछ लोगों को हायर सेंटर रेफर किया गया है। मृतकों की पहचान सत्यनारायण सिंह और अखिलेश्वर यादव के रूप में हुई है। बताया जाता है कि अखिलेश्वर यादव झारखंड के धनबाद में ऑपरेटर के पद पर कार्यरत थे, जबकि सत्यनारायण सिंह खेती-किसानी करते थे। दोनों मृतक रिश्ते में दुल्हन के भाई बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार मंझियावां गांव निवासी रामव्यास सिंह की बेटी की शादी थी। बारात गोह थाना क्षेत्र के पकड़ी गांव से आई थी। द्वारपूजा के बाद जयमाल का कार्यक्रम चल रहा था, जिसमें बड़ी संख्या में गांव के लोग मौजूद थे। इसी दौरान कार्यक्रम स्थल के पास बना छज्जा अचानक भरभराकर गिर पड़ा। छज्जा गिरने से नीचे बैठे कई लोग मलबे में दब गए।

घटना होते ही वहां मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए तुरंत मलबा हटाना शुरू किया और घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। शादी समारोह में शामिल कुणाल प्रताप सिंह और अभिमन्यु यादव ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस हादसे के बाद शादी की खुशियां पलभर में मातम में बदल गईं।

मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। परिवारिक जानकारी के अनुसार अखिलेश्वर यादव अपने भाइयों में दूसरे स्थान पर थे। उनकी एक बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि एक बेटी और बेटे की शादी अभी बाकी थी। वहीं सत्यनारायण सिंह की दो बेटियों की शादी हो चुकी है।

घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है और लोग इस दर्दनाक हादसे से स्तब्ध हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की जांच और पीड़ित परिवारों को सहायता देने की मांग की है।

बारुण–नवीनगर पथ पर भारी वाहनों के लिए अस्थायी मार्ग परिवर्तन


औरंगाबाद, समाहरणालय और जिला सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, बारुण–नवीनगर पथ के केशव विगहा मोड़ (NH-2) से एनीकट तक पथ निर्माण विभाग द्वारा मरम्मति कार्य कराए जाने के कारण मार्ग पर यातायात में अस्थायी बदलाव किया गया है। पथ मरम्मति कार्य के दौरान दिनांक 15 मार्च से 18 मार्च 2026 तक बारुण–नवीनगर पथ पर हाइवा, बस और अन्य भारी वाहनों के परिचालन पर अस्थायी प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन ने भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए हैं। बारुण से नवीनगर की ओर जाने वाले वाहन अब औरंगाबाद–अम्बा मार्ग से होकर नवीनगर पहुँचेंगे, जबकि नवीनगर से बारुण की ओर आने वाले भारी वाहन अम्बा या नवीनगर–चतरा मार्ग से होकर बारुण पहुँचेंगे। जिला प्रशासन ने बताया कि संबंधित मार्गों पर यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यकतानुसार पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है। प्रशासन ने आमजन और वाहन चालकों से अनुरोध किया है कि वे निर्धारित वैकल्पिक मार्ग का पालन करें और मरम्मति कार्य के दौरान सहयोग दें।

साथ ही, पथ निर्माण विभाग ने जनता से अपील की है कि वे कार्य क्षेत्र में सुरक्षा नियमों का पालन करें और मार्ग परिवर्तन के कारण होने वाली असुविधा को धैर्यपूर्वक सहन करें। प्रशासन ने यह भी कहा कि मरम्मति कार्य के बाद मार्ग पूरी तरह चालू हो जाएगा और यातायात सामान्य स्थिति में लौट आएगा। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से सहयोग की अपेक्षा जताई है, ताकि मरम्मति कार्य समय पर पूरा हो और यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो।

तीसरे चरण की समृद्धि यात्रा से पहले औरंगाबाद प्रशासन ने तैयारियों में तेज़ी लाई, डीएम ने निरीक्षण कर दिए सुरक्षा और सुविधा संबंधी निर्देश

,औरंगाबाद तीसरे चरण की समृद्धि यात्रा के तहत 20 मार्च के मुख्यमंत्री औरंगाबाद आ सकते है। यात्रा की संभावित तारीख तय होते ही औरंगाबाद जिला प्रशासन ने तैयारी में युद्ध स्तरीय तेजी ला दी है। यात्रा की तैयारी को लेकर ही औरंगाबाद की जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने शनिवार को समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा दौरा किए जानेवाले स्थलों पर की जा रही तैयारी का जायजा लिया। इसी कड़ी में डीएम ने बारुण प्रखंड के मुंशी बिगहा में कार्यक्रम स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर की जा रही तैयारियों का बारीकी से अवलोकन किया तथा संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने सभा स्थल, पार्किंग स्थल, बैरिकेडिंग, सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल, संपर्क पथ, हेलीपैड, विभिन्न विभागों की योजनाओं के प्रदर्शनी स्टॉल के लिए निर्धारित स्थल, विभागीय बैठक स्थल तथा आम नागरिकों के बैठने की व्यवस्था सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि कार्यक्रम के दौरान आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा सभी व्यवस्थाएं समय से पूर्व पूर्ण कर ली जाए। जिलाधिकारी ने सभा स्थल पर हेलीपैड को प्रदर्शनी स्टॉल क्षेत्र से पर्याप्त दूरी पर बनाने का निर्देश दिया, ताकि सुरक्षा एवं आवागमन की दृष्टि से कोई समस्या उत्पन्न न हो। साथ ही पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता को कार्यक्रम स्थल के आसपास की सड़कों की आवश्यक मरम्मत शीघ्र कराने का निर्देश दिया, जिससे कार्यक्रम में आने वाले लोगों को सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।

उन्होंने पुलिस उपाधीक्षक (यातायात) को निर्देश दिया कि जिन मार्गों पर मरम्मत कार्य प्रगति पर है, वहां यातायात को वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट किया जाए, ताकि मरम्मत कार्य बाधित न हो तथा यातायात व्यवस्था भी सुचारु बनी रहे। इसके अतिरिक्त सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था एवं अन्य व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित अधिकारियों को समन्वय स्थापित कर कार्य करने का निर्देश दिया।

जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि समृद्धि यात्रा के दौरान विभिन्न विभागों की योजनाओं से संबंधित स्टॉलों के माध्यम से आम जनता को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इन योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त अनन्या सिंह, अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह, अपर समाहर्ता (आपदा) उपेंद्र पंडित, सदर अनुमंडल पदाधिकारी संतन कुमार सिंह, सदर डीसीएलआर श्वेतांक लाल, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्वेता प्रियदर्शी, उपसमाहर्ता रितेश कुमार यादव, बेबी प्रिया, डीआरडीए के निदेशक अनुपम कुमार, संबंधित विभागों के कार्यपालक अभियंता, बारूण के प्रखंड विकास पदाधिकारी बारुण सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे।

रिश्वत लेते वीडियो वायरल: नप गए बारुण थाने के दरोगा अभिजीत कुमार हुए निलंबित

,औरंगाबाद। जिले के बारुण थाना में पदस्थापित दरोगा अभिजीत कुमार को रिश्वत लेने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के आधार पर की गई है, जिसमें दरोगा को वाहन छोड़ने के एवज में पैसे लेते हुए देखा जा रहा है।

मामले पर त्वरित संज्ञान लेते हुए औरंगाबाद के पुलिस अधीक्षक ने जांच कराई। जांच के दौरान यह सामने आया कि वायरल वीडियो उस समय का है जब सबइंस्पेक्टर अभिजीत कुमार हसपुरा थाना में 2023 पदस्थापित थे। वर्तमान में वे बारुण थाना में तैनात हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन-यापन भत्ता दिया जाएगा। पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार इस मामले की विस्तृत जांच के लिए पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय-1) को जांच प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश दिया गया है। एसपी ने स्पष्ट कहा कि विभागीय अनुशासन के विरुद्ध किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

क्या है पूरा मामला

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दरोगा अभिजीत कुमार को थाने में एक व्यक्ति से पांच हजार रुपये लेते हुए देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो हसपुरा थाना क्षेत्र का है, जहां दरोगा ने एक दुर्घटनाग्रस्त वाहन को छोड़ने के बदले पैसे मांगे थे। वीडियो में वह 20 हजार रुपये की मांग करते हुए भी सुनाई दे रहे हैं।

वीडियो में दरोगा यह कहते नजर आते हैं कि पास में खड़े एक ट्रैक्टर को छोड़ने के लिए 20 हजार रुपये लिए गए हैं।

इस पर वाहन मालिक कहता है कि वह बालू से जुड़ा मामला था, जबकि उसका मामला दुर्घटना का है। इसके जवाब में दरोगा कहते हैं कि सभी मामलों में एक ही “चार्ज” लगता है।बताया जा रहा है कि यह वीडियो वर्ष 2023 के अक्टूबर-नवंबर का है, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सामने आया है। फिलहाल पुलिस विभाग ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

नबीनगर में विवाहिता की मौत, फांसी या हत्या? जांच में जुटी पुलिस

औरंगाबाद प्रताड़ना से तंग आकर विवाहिता ने रविवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना औरंगाबाद के नबीनगर प्रखंड में माली थाना क्षेत्र के मोहर कर्मा गांव की है। मृतका की पहचान मोहर कर्मा गांव निवासी आनंद कुमार की पत्नी श्वेता देवी(29) के रूप में की गई है। मामले में पुलिस शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई में जुटी है।

मिली जानकारी के अनुसार विवाहिता द्वारा फंदा लगाए जाने के तुरंत बाद ससुराली फंदे से उतारकर उसे लेकर इलाज कराने औरंगाबाद सदर अस्पताल आए, जहां डॉक्टरो ने उसे देखते ही मृत घोषित कर दिया। वही ससुरालियों की सूचना पर जब मृतका के मायकेवाले सदर अस्पताल पहंचे तो उन्होने हत्या करने का आरोप लगाना शुरू किया। इसके बाद ससुराली मौके से फरार हो गए।

मृतका के बड़े भाई प्रिंस कुमार सिंह ने बताया कि उनकी बहन श्वेता की शादी 2020 में मोहर कर्मा निवासी सूर्यवंश सिंह के पुत्र आनंद कुमार के साथ हुई थी।

शादी के वक्त क्षमता के अनुसार उपहार भी दिए गए थे। इसके बावजूद ससुरालियों द्वारा उसे आए दिन प्रताड़ित किया जा रहा था और अंततः ससुरालियों ने बहन की गला दबाकर हत्या कर दी। मृतका के भाई ने पति, ससुर, सास और ननद पर मिलकर गला दबाकर हत्या करने का आरोप लगाया। कहा कि बहन की नाक पर चोट और गले पर दबाए जाने के निशान है, जिससे उन्हे लगता है कि मेरी बहन की गला दबाकर हत्या की गई है। कहा कि बहन की हत्या से उसकी चार साल की बेटी लक्ष्मी और डेढ़ साल की गौरी अनाथ हो गई है।

वही मामले की सूचना मिलने पर सदर अस्पताल पहुंची औरंगाबाद नगर थाना की पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराने में जुटी है। मामले में माली थानाध्यक्ष दीपक कुमार राय ने बताया कि पुलिस को विवाहिता द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने की जानकारी मिली है। घटना को लेकर उन्हे औरंगाबाद नगर थाना से फर्दबयान या मायकेवालो की ओर से अभी लिखित शिकायत नही मिली है। फर्दबयान या लिखित शिकायत मिलने पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।

होली पर बच्चे को थप्पड़ मारने वाले कांस्टेबल निलंबित, विभागीय कार्रवाई शुरू*

बड़ेम थाना क्षेत्र के ओबीपुर गांव में होली के दिन हुए विवाद में 10 वर्षीय बालक इशांक कुमार के साथ अनुचित व्यवहार करने वाले कांस्टेबल धनंजय सिंह को एसपी अम्बरीष राहुल ने तुरंत निलंबित कर दिया है। घटना के अनुसार, बालक इशांक ने शिकायत में बताया कि होली के दिन रंग खेलते समय कांस्टेबल ने उन पर थप्पड़ मार दिया।

एसपी अम्बरीष राहुल ने बालक की शिकायत को गंभीरता से लिया और मामले की त्वरित जांच सुनिश्चित की। बालक द्वारा प्रस्तुत फोटो और अन्य पहचान के आधार पर कांस्टेबल धनंजय सिंह की पहचान की गई और उन्हें तुरंत सेवा से निलंबित कर दिया गया। साथ ही विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

इस घटना ने स्थानीय लोगों और बच्चों के अभिभावकों में चिंता की लहर पैदा कर दी है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों के साथ इस प्रकार का व्यवहार न केवल अनुचित है बल्कि पुलिस की छवि पर भी असर डालता है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

एसपी अम्बरीष राहुल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पुलिस विभाग बच्चों और नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी अधिकारी कानून और अनुशासन के दायरे से बाहर नहीं है। इस मामले में विभागीय कार्रवाई पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

कांस्टेबल धनंजय सिंह के निलंबन के बाद पुलिस विभाग ने सभी थानों को निर्देशित किया है कि नागरिकों, विशेषकर बच्चों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। एसपी ने यह भी कहा कि जनता की शिकायतों को नजरअंदाज करना पुलिस की छवि के लिए हानिकारक है और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई आवश्यक है। इस घटना ने यह संदेश भी दिया कि वर्तमान प्रशासन बालकों और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए सजग है और किसी भी अनुचित व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

औरंगाबाद में मेडिकल स्टोर संचालक की गोली मारकर हत्या, जमीन विवाद में बदमाशों का तांडव

,औरंगाबाद जिले में शुक्रवार देर रात बेखौफ अपराधियों ने एक मेडिकल स्टोर संचालक की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी। घटना नवाडीह मोड़ के पास रात करीब 11 बजे की है। मृतक की पहचान नवाडीह निवासी मो. खलील अहमद के 40 वर्षीय बेटे मो. जुनैद के रूप में हुई है।

बताया जा रहा है कि जुनैद दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान वे पास की दुकान पर पान खाने रुके थे, तभी बाइक पर सवार दो अपराधी वहां पहुंचे और ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। अपराधियों ने चार से पांच राउंड गोलियां चलाईं, जिनमें दो गोलियां जुनैद को लगीं—एक सीने में और दूसरी पीठ में। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।

इलाज के दौरान रास्ते में मौत

स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से गंभीर रूप से घायल जुनैद को सदर अस्पताल लाया गया। प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने उन्हें हायर सेंटर रेफर किया। परिजन उन्हें जमुहार मेडिकल कॉलेज ले जा रहे थे, लेकिन डिहरी ऑन सोन पहुंचने से पहले ही रास्ते में उनकी मौत हो गई। इसके बाद शव को वापस सदर अस्पताल लाया गया, जहां शनिवार सुबह करीब 3 बजे पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

जमीन विवाद में हत्या की आशंका

पुलिस के अनुसार हत्या का कारण पुराना जमीन विवाद बताया जा रहा है। परिजनों का कहना है कि यह विवाद करीब एक साल पुराना है। मृतक के भाई शकील अहमद ने बताया कि पड़ोसी दानिश और वसन के साथ सड़क पर पाइप हटाने को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद उनके घर पर 50-60 लोगों ने हमला किया था। इस मामले में एफआईआर दर्ज हुई थी और केस कोर्ट में चल रहा है।

परिजनों का आरोप है कि इसी रंजिश में हत्या की गई है। शकील अहमद के अनुसार, आरोपियों ने पहले भी जान से मारने की धमकी दी थी, यहां तक कि डीएसपी कार्यालय में भी धमकी दी गई थी।

पहले भी हो चुका है जानलेवा हमला

मृतक के मौसेरे भाई मिनहाज ने बताया कि चार महीने पहले उन्हीं अपराधियों ने उन्हें भी गोली मारी थी, लेकिन वे बच गए थे। उस मामले में दो आरोपी जेल में हैं, जबकि एक को बेल मिल चुकी है। परिजनों का आरोप है कि बेल पर छूटने के बाद ही दूसरी वारदात को अंजाम दिया गया।

पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल

परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पहले की घटनाओं में नामजद शिकायत देने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे अपराधियों का मनोबल बढ़ा और वे दोबारा हत्या जैसी वारदात को अंजाम देने में सफल रहे।

सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस

घटना की सूचना मिलते ही सदर एसडीपीओ-1 संजय कुमार पांडेय, सर्किल इंस्पेक्टर फहीम आजाद खान और नगर थाना प्रभारी प्रशांत कुमार सदर अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के दौरान मृतक के शरीर से 9 एमएम की दो गोलियां बरामद की गई हैं।

एसपी अम्बरीष राहुल ने घटनास्थल का निरीक्षण कर इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। पुलिस का कहना है कि आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और जल्द ही अपराधियों की गिरफ्तारी की जाएगी।

परिवार में मातम, इलाके में आक्रोश

जुनैद की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। वे अपने पीछे पत्नी, 9 और 5 साल के दो बेटे और 4 महीने की एक बेटी को छोड़ गए हैं। दवा विक्रेता संघ और स्थानीय लोगों में घटना को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों ने अपराधियों की अविलंब गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की है।

औरंगाबाद से धीरेन्द्र पाण्डेय