टीईटी-2026 आवेदन अब और आसान: एसबीआई के ‘ई-पे’ गेटवे से होगा सुरक्षित व नि:शुल्क भुगतान

*शिक्षा सेवा चयन आयोग और एसबीआई के बीच एमओयू, डिजिटल प्रणाली से पारदर्शिता व सुविधा बढ़ेगी

प्रयागराज/लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी)-2026 के अभ्यर्थियों के लिए आवेदन प्रक्रिया को और सरल, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग और भारतीय स्टेट बैंक के बीच गुरुवार को एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

एलनगंज स्थित आयोग कार्यालय में चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन आयोजित कार्यक्रम में हुए इस समझौते के तहत भारतीय स्टेट बैंक द्वारा आयोग को अत्याधुनिक डिजिटल भुगतान समाधान उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अंतर्गत ‘ई-पे’ भुगतान गेटवे को सफलतापूर्वक एकीकृत किया गया है, जिससे टीईटी-2026 के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों का पंजीकरण शुल्क अब तेज, सुरक्षित और सहज तरीके से जमा किया जा सकेगा।

विशेष बात यह है कि यह सेवा अभ्यर्थियों के लिए पूरी तरह निशुल्क होगी, जिससे उन्हें किसी अतिरिक्त शुल्क का भुगतान नहीं करना पड़ेगा। यह व्यवस्था न केवल अभ्यर्थियों की सुविधा बढ़ाएगी, बल्कि डिजिटल लेनदेन को भी प्रोत्साहित करेगी।

समारोह में आयोग के सचिव मनोज कुमार और बैंक के उपमहाप्रबंधक पवन कुमार अरोरा ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसके पश्चात आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशान्त कुमार एवं बैंक के मुख्य महाप्रबंधक दीपक कुमार डे (लखनऊ सर्किल) ने एमओयू का औपचारिक आदान-प्रदान किया। इस अवसर पर बैंक के महाप्रबंधक राजीव कुमार, सहायक महाप्रबंधक स्वदेश श्रीवास्तव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।एमओयू के सफल समन्वय में मुख्य प्रबंधक गरिमा श्रीवास्तव एवं शाखा प्रबंधक राजेश कुमार साहू (कर्नलगंज) की अहम भूमिका रही।

आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशान्त कुमार ने कहा कि यह पहल अभ्यर्थियों को पारदर्शी, सुरक्षित और कुशल भुगतान प्रणाली उपलब्ध कराने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। इससे आवेदन प्रक्रिया और अधिक आसान होगी और डिजिटल इंडिया के लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम में आयोग और बैंक के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद रहे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अयोध्या में श्रीराम यंत्र की की प्रतिष्ठापना, रामलला के किए दर्शन

* चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ अनुष्ठान, राज्यपाल और मुख्यमंत्री भी रहे मौजूद

अयोध्या/लखनऊ। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिवस पर गुरुवार को अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रीराम यंत्र की विधि-विधान से प्रतिष्ठापना की। इस अवसर पर उन्होंने रामलला के चरणों में शीश झुकाकर आरती उतारी और देश की सुख-समृद्धि की कामना की।
इस दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी राष्ट्रपति के साथ पूजा-अर्चना कर रामलला के दर्शन किए। सभी ने मंदिर परिसर में विभिन्न देवस्थलों पर श्रद्धा अर्पित की और मंदिर की भव्य संरचना का अवलोकन किया।
* वैदिक विधि से हुई प्रतिष्ठापना
पूज्य संतों की उपस्थिति में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर मंदिर के द्वितीय तल पर श्रीराम यंत्र की स्थापना की गई। यह यंत्र वैदिक गणित और ज्यामितीय आकृतियों पर आधारित है, जिसे सकारात्मक ऊर्जा का केंद्र माना जाता है। इस यंत्र को दो वर्ष पूर्व जगद्गुरु शंकराचार्य विजयेंद्र सरस्वती द्वारा शोभायात्रा के माध्यम से अयोध्या लाया गया था। इसके लिए नौ दिवसीय वैदिक अनुष्ठान पूर्व से ही चल रहा था।
* महापौर ने राष्ट्रपति को सौंपी नगर की चाबी
राष्ट्रपति के अयोध्या आगमन पर महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी ने उनका स्वागत करते हुए नगर की चाबी भेंट की। इसे शहरवासियों की ओर से दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान माना जाता है। महर्षि वाल्मीकि एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत के साथ राष्ट्रपति का अभिनंदन किया गया।
* दूसरी बार अयोध्या पहुंचीं राष्ट्रपति
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का यह अयोध्या का दूसरा दौरा है। उनके साथ इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, बृजेश पाठक सहित जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
डॉ. हेडगेवार के आदर्शों से ही सशक्त भारत का निर्माण संभव: केशव प्रसाद मौर्य

* जयंती पर उप मुख्यमंत्री ने अर्पित की श्रद्धांजलि, राष्ट्रसेवा और संगठन शक्ति को बताया प्रेरणास्रोत

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास 7-कालिदास मार्ग पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक एवं प्रथम सरसंघचालक डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार की जयंती के अवसर पर उनके स्मृति चित्र पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर श्री मौर्य ने कहा कि डॉ. हेडगेवार का सम्पूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, संगठन शक्ति और सांस्कृतिक जागरण के लिए समर्पित रहा। उनके विचार आज भी एक सशक्त, संगठित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने लोगों से उनके आदर्शों को अपनाकर समाज में एकता, समरसता और राष्ट्रहित की भावना को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. हेडगेवार द्वारा स्थापित मूल्यों के अनुरूप कार्य करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अंत्योदय के सिद्धांत पर कार्य करते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
एमकेआईटीएम में होम-स्टे संचालकों को आधुनिक प्रशिक्षण, ग्रामीण पर्यटन को मिलेगा नया बल

* पांच दिवसीय कार्यक्रम में प्रदेश भर से आए प्रतिभागियों ने सीखे आतिथ्य, डिजिटल प्रबंधन और व्यवसाय विकास के गुर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पर्यटन विभाग के अंतर्गत संचालित मान्यवर कांशीराम इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म मैनेजमेंट (एमकेआईटीएम) में होम-स्टे मालिकों के लिए पांच दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम आयोजित किया गया। 16 से 20 मार्च तक चल रहे इस प्रशिक्षण में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए 31 प्रतिभागियों को आधुनिक आतिथ्य सेवाओं, प्रबंधन कौशल और होम-स्टे संचालन की बारीकियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए नवाचार और कौशल विकास पर विशेष जोर दे रही है। उन्होंने बताया कि होम-स्टे मॉडल न केवल पर्यटकों को किफायती और घरेलू अनुभव प्रदान करता है, बल्कि ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देकर स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करता है।
* आधुनिक प्रबंधन के गुर सीखे
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को होम-स्टे की अवधारणा, कम लागत में बेहतर संचालन, टैरिफ प्लान, बजट प्रबंधन और सेवा गुणवत्ता सुधार के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही इंटीरियर सज्जा, रखरखाव और समस्या समाधान की तकनीकों से भी अवगत कराया गया।
* डिजिटल और प्रोफेशनल दृष्टिकोण पर जोर
होम-स्टे संचालकों को पारंपरिक तरीके छोड़कर आधुनिक और पेशेवर कार्यशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। प्रशिक्षण में सोशल मीडिया उपयोग, डिजिटल पेमेंट, अतिथि पंजीकरण और ग्राहक सेवा के बेहतर तरीकों की जानकारी दी गई। साथ ही साफ-सफाई और जिम्मेदार पर्यटन (रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म) के महत्व पर भी जोर दिया गया।
* ऊर्जा संरक्षण और व्यक्तित्व विकास पर फोकस
कार्यक्रम में ऊर्जा संरक्षण, वैकल्पिक ऊर्जा के उपयोग, आतिथ्य प्रबंधन, खाद्य मानकीकरण और स्थानीय उत्पादों के प्रोत्साहन जैसे विषयों पर भी प्रशिक्षण दिया गया। चार दिन के सैद्धांतिक सत्रों के बाद पांचवें दिन फील्ड विजिट के माध्यम से व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी।
* ग्रामीण पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
लखनऊ, वाराणसी, लखीमपुर खीरी, बरेली, सिद्धार्थनगर, अम्बेडकर नगर, शाहजहांपुर, कासगंज और उन्नाव से आए प्रतिभागियों ने इस पहल को ग्रामीण पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण बताया। प्रतिभागियों ने कहा कि इस प्रशिक्षण से उन्हें अपने होम-स्टे व्यवसाय को बेहतर ढंग से संचालित करने में मदद मिलेगी। प्रदेश सरकार का मानना है कि आने वाले समय में होम-स्टे पर्यटन क्षेत्र की मजबूत नींव बनेंगे और महंगे होटलों का किफायती विकल्प साबित होंगे। ‘आतिथ्य से आत्मनिर्भरता’ के संकल्प के साथ यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा देगी।
अयोध्या में इतिहास रचा गया: राष्ट्रपति मुर्मू की मौजूदगी में राम मंदिर के द्वितीय तल पर श्रीराम यंत्र की स्थापना
लखनऊ । अयोध्या आज एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक क्षण का साक्षी बना, जब द्रौपदी मुर्मू ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के द्वितीय तल पर श्रीराम यंत्र की विधिवत स्थापना और पूजन किया।राष्ट्रपति ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अभिजीत मुहूर्त में इस अनुष्ठान में भाग लिया। इससे पहले उन्होंने राम दरबार के दर्शन कर आरती उतारी और मंदिर परिसर में पारंपरिक तरीके से पूजा-अर्चना की। इस आयोजन को राम मंदिर के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।इस मौके पर योगी आदित्यनाथ, आनंदीबेन पटेल, राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी और कई संत-धर्माचार्य मौजूद रहे। वैदिक आचार्यों के निर्देशन में पूरे विधि-विधान से श्रीराम यंत्र की स्थापना संपन्न कराई गई।

देशभर से जुटे श्रद्धालु और संत

कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालु, संत और राम मंदिर आंदोलन से जुड़े लोग शामिल हुए। विशेष रूप से विभिन्न राज्यों से आए भक्तों ने इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनकर आध्यात्मिक वातावरण को और भी भव्य बना दिया।

सुरक्षा के बीच सीमित रहे दर्शन

राष्ट्रपति के कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए आम श्रद्धालुओं के दर्शन पर रोक लगाई गई। हालांकि, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर के दर्शन समय को बढ़ाया गया।

चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था

पूरे आयोजन को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। शहर को कई जोन और सेक्टर में बांटकर लगभग 3000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई। एयरपोर्ट से लेकर मंदिर परिसर और प्रमुख मार्गों तक कड़ी निगरानी रखी गई।

यातायात व्यवस्था में बदलाव

आवागमन को सुचारु रखने के लिए भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई और रूट डायवर्जन लागू किया गया, जिससे वीआईपी मूवमेंट और आम जनता दोनों को सुविधा मिल सके।राष्टपति का यह दौरा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि राम मंदिर के निर्माण और उससे जुड़े लंबे आंदोलन के एक अहम पड़ाव के रूप में भी याद किया जाएगा।
कोटेदार और पूर्ति निरीक्षक की मिली भगत से  जमकर की जा रही है कालाबाजारी
लखनऊ। - राशनिंग क्षेत्र हशनगंज में कोटेदार  मुनींद्र कुमार और पूर्ति निरीक्षक राजनरायन मिश्रा की मिली भगत से राशन की बिक्री मे  कालाबाजरी करके जमकर धन उगाही की जा रही है। बताते चले हशनगंज   राशनिंग क्षेत्र के अंतर गत आने वाली राशन की दुकान जो मुनेन्द्र केनाम अवांटित है उसपर मानक से ज्यादा राशनकार्ड  बनवाने व वितरण मे धांधली की चर्चा आम होना सुना जा रहा है  हो क्यो न जब युक्त दुकान्दार के  ऊपर  पूर्ति निरीक्षण राज रायण मिश्रा का बरद हस्त प्राप्त है ।

राजनारायण मिश्रा घूस खोरी और अवैध धन उगाही के  चक्कर मे बाराबंकी से हटाये गए है  लखनऊ मे आकर दुकानदारों से बितरण रजिस्टर बेरीफीकेसन का 1500 रुपये प्रतेक - रजिस्टर के हिसाब से रेट फिक्स कर दिये है  और तो और राशनकार्ड बनवाने के नाम पर हजार रुपये  के साथ साथ रजनी गंधा तो देना ही पड़ेगा   साहब तो रजनी गंधा के दीवाने जो है। क्षेत्र की  जनता पूरी तरह उड्डेलित  है यदि आपूर्ति निरीक्षक को युक्त  बितरण क्षेत्र से अविलंब हटाये  जाने की मांग किये है।
'वृहद रोजगार मेला–2026' का शुभारंभ, 15 हजार से अधिक पदों पर युवाओं को मिलेगा मौका

* राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने लॉन्च किए ‘कौशल दृष्टि’, ‘कौशल दर्पण’ और ‘कौशल दोस्त’ डिजिटल प्लेटफॉर्म

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बुधवार को ‘वृहद रोजगार मेला–2026’ का उद्घाटन किया। इस मेले के माध्यम से हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान कौशल विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘कौशल दृष्टि’, ‘कौशल दर्पण’ और ‘कौशल दोस्त’ नामक तीन डिजिटल प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किए गए। ‘कौशल दृष्टि’ एक मोबाइल एप्लिकेशन है, जो प्रशिक्षण केंद्रों की रियल-टाइम निगरानी करने में मदद करेगा। वहीं ‘कौशल दर्पण’ एक एआई आधारित डैशबोर्ड है, जो कौशल विकास से जुड़ी विभिन्न जानकारियों को एकीकृत करेगा। इसके अलावा ‘कौशल दोस्त’ एक चैटबॉट है, जो उपयोगकर्ताओं को तत्काल सहायता और मार्गदर्शन प्रदान करेगा।
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता के लिए कौशल के साथ आत्मविश्वास और प्रभावी संचार कौशल भी आवश्यक हैं। उन्होंने युवाओं को धैर्य रखने और बेहतर अवसर मिलने से पहले नौकरी छोड़ने से बचने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को केवल नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला उद्यमी बनाना है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार रोबोटिक्स, ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, 3डी प्रिंटिंग, सोलर एनर्जी और इलेक्ट्रिक वाहनों जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण उपलब्ध करा रही है।
मंत्री ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में लगभग 350 आईटीआई संचालित हैं। इनमें से 22 नई आईटीआई शुरू हो चुकी हैं, जबकि अगले सत्र में 30 और आईटीआई शुरू करने की योजना है।रोजगार मेले में डिजिटल पंजीकरण के लिए क्यूआर कोड आधारित व्यवस्था लागू की गई है। इस दौरान 15 हजार से अधिक रिक्त पदों के लिए चयन प्रक्रिया आयोजित की गई, जिसमें करीब 2,500 युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है। विशेष रूप से दिव्यांगजन, महिलाओं और ‘जीरो पॉवर्टी’ श्रेणी के अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी गई।
मैनपुरी में बड़ा हादसा : रात में कच्ची दीवार गिरने से मां और दो बच्चों की मृत्यु, पिता समेत दो बेटियां घायल

लखनऊ ।  उत्तर प्रदेश के जनपद मैनपुरी में बीती रात टीन शेड कच्ची दीवार और ऊपर लगी टीन शेड के गिरने से नीचे साे रही मां रूबी और दो बच्चों की मौत हो गई जबकि पिता ब्रजेश व दाे बेटियां गंभीर रूप से घायल हैं। घायलाें काे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मैनपुरी के थानाक्षेत्र कुरावली अंतर्गत ग्राम अठ पुरा में मंगलवार को देर रात्रि करीब 12 बजे ब्रजेश (50) पुत्र लाल सिंह के घर की कच्ची दीवार व टीनशेड अचानक गिर गयी । तीन शेड के नीचे बृजेश, बृजेश की पत्नी और चार छोटे बच्चे सो रहे थे। कच्ची दीवार और तीन शेड अचानक गिरने से गहरी नींद में सो रहे परिवार को संभलने का मौका नहीं मिला और दीवार व टीनशेड के नीचे दबकर ब्रजेश की पत्नी रूबी (40) , बेटा दिलीप (08) और बेटी देवी (13) की मौके पर मौत हो गई। चीख पुकार से ग्रामीण व पड़ोसी ब्रजेश के घर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।

हादसे में घायल ब्रजेश , गुडिया (15 ) एवं पल्लवी (05 वर्ष) काे पुलिस द्वारा मौके पर पहुॅचकर घायलों को इलाज हेतु जिला चिकित्सालय भेजा गया । मृतकों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस द्वारा विधिक कार्यवाही की जा रही हैं। गाँव में एक ही परिवार के तीन लोगों की एक साथ मृत्यु हो जाने के बाद गांव में माहौल बहुत गमगीन है। पीड़ित परिवार के पड़ोसियों ने बताया कि बृजेश के घर में पुरानी कच्ची दीवार पर टीन शेड पड़ा हुआ था। इस दीवार को पक्की बनाने के लिए कच्ची दीवार के निकट ही नींव खोदी गई थी,जिसमें पानी भरा था। इस पानी की सीलन के चलते ही दीवार गिरने की बात कही जा रही है।

इंस्पेक्टर कुरावली ललित भाटी ने बताया कि एक ही परिवार में एक महिला व उसके दो बच्चों की दीवार में दबने से मृत्यु हो गई है मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम हेतु मोर्चरी भेज दिया गया है।घायलों को अस्पताल में भर्ती कर दिया है जहां उनका इलाज चल रहा है।
यूपी रेरा ने 13 जिलों की 24 रियल एस्टेट परियोजनाओं को दी मंजूरी, ₹6,800 करोड़ से अधिक का निवेश
* 7,830 आवासीय- व्यावसायिक यूनिट्स विकसित होंगी; निवेश और परियोजनाओं में गौतमबुद्ध नगर सबसे आगे

लखनऊ। उत्तर प्रदेश भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने राज्य में रियल एस्टेट क्षेत्र को गति देने की दिशा में बड़ा फैसला लेते हुए 13 जिलों की 24 नई रियल एस्टेट परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं में कुल ₹6,841.85 करोड़ का अनुमानित निवेश होगा और इनके माध्यम से लगभग 7,830 आवासीय व व्यावसायिक यूनिट्स विकसित की जाएंगी। इससे प्रदेश में नियोजित शहरी विकास को बढ़ावा मिलने के साथ आवास और व्यावसायिक अवसंरचना का विस्तार होने की उम्मीद है।
इन परियोजनाओं को मंजूरी यूपी रेरा की 198वीं प्राधिकरण बैठक में दी गई, जो प्राधिकरण मुख्यालय में अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न जिलों से आए प्रस्तावों की विस्तृत समीक्षा के बाद उन्हीं परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई, जो नियामकीय मानकों और आवश्यक अनुपालन शर्तों पर खरी उतरीं।
स्वीकृत परियोजनाओं में आवासीय, व्यावसायिक और मिक्स्ड-यूज़ प्रोजेक्ट शामिल हैं। इनमें प्लॉट, विला और दुकानों का विकास किया जाएगा, जिससे शहरी ढांचे को मजबूती मिलने के साथ आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की संभावना है।

* गौतमबुद्ध नगर निवेश में अव्वल
स्वीकृत परियोजनाओं में गौतमबुद्ध नगर निवेश, परियोजनाओं की संख्या और विकसित होने वाली यूनिट्स के मामले में सबसे आगे रहा। यहां ₹5,218.41 करोड़ के निवेश वाली 5 परियोजनाओं को मंजूरी मिली है, जिनमें 2,969 यूनिट्स विकसित की जाएंगी। इनमें 3 व्यावसायिक, 1 आवासीय और 1 मिक्स्ड-यूज़ परियोजना शामिल है।

* लखनऊ दूसरे स्थान पर
राजधानी लखनऊ परियोजनाओं की संख्या और यूनिट्स के मामले में दूसरे स्थान पर रहा। यहां ₹132.65 करोड़ के निवेश वाली 4 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिनके तहत 651 यूनिट्स विकसित की जाएंगी। इनमें 3 आवासीय और 1 व्यावसायिक परियोजना शामिल है।

* अन्य जिलों में भी परियोजनाएं
आगरा में ₹162.75 करोड़ के निवेश से 3 आवासीय परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं, जिनमें 312 यूनिट्स विकसित होंगी।
गाजियाबाद में ₹83.85 करोड़ के निवेश से 3 परियोजनाओं को मंजूरी मिली है, जिनमें 468 यूनिट्स विकसित की जाएंगी।

इसके अलावा:
* मथुरा – ₹9.13 करोड़ की 1 आवासीय परियोजना (136 यूनिट्स)
* सहारनपुर – ₹324.95 करोड़ की 1 आवासीय परियोजना (803 यूनिट्स)
* मेरठ – ₹183.63 करोड़ की 1 आवासीय परियोजना (167 यूनिट्स)
* बागपत – ₹11.25 करोड़ की 1 व्यावसायिक परियोजना (97 यूनिट्स)
* गोरखपुर – ₹30 करोड़ की 1 आवासीय परियोजना (182 यूनिट्स)
* वाराणसी – ₹11.20 करोड़ की 1 आवासीय परियोजना (65 यूनिट्स)
* बांदा – ₹86.84 करोड़ की 1 आवासीय परियोजना (501 यूनिट्स)
* हापुड़ – ₹128.10 करोड़ की 1 व्यावसायिक परियोजना (912 यूनिट्स)
- बाराबंकी – ₹459.09 करोड़ की 1 आवासीय परियोजना (567 यूनिट्स)

* रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
इन परियोजनाओं में ₹6,800 करोड़ से अधिक के निवेश से निर्माण कार्यों के दौरान और उसके बाद भी बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। साथ ही निर्माण सामग्री, परिवहन, इंजीनियरिंग सेवाओं और अन्य सहायक क्षेत्रों में भी मांग बढ़ेगी।
* निवेशकों का भरोसा बढ़ा
प्रदेश में रियल एस्टेट क्षेत्र में बढ़ता निवेश राज्य सरकार की नीतियों और यूपी रेरा की निगरानी का परिणाम माना जा रहा है। पारदर्शी स्वीकृति प्रक्रिया और सख्त नियामकीय व्यवस्था से निवेशकों और गृहखरीदारों का भरोसा मजबूत हुआ है।
* अध्यक्ष का बयान
यूपी रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने कहा कि प्राधिकरण रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता, नियामकीय अनुपालन और परियोजनाओं के समयबद्ध पूरा होने को सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि पारदर्शी और सुव्यवस्थित स्वीकृति प्रक्रिया जिम्मेदार विकास को बढ़ावा देती है और निवेशकों व गृहखरीदारों दोनों का विश्वास मजबूत करती है।
सुप्रीम कोर्ट से सहारा को झटका, ‘सहारा शहर’ पर यूपी सरकार का कब्ज़ा बरकरार
दिल्ली/लखनऊ। सहारा इंडिया को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने सहारा शहर की लीज़ रद्द किए जाने के खिलाफ दाखिल सहारा की याचिका को खारिज कर दिया है।
दरअसल, उत्तर प्रदेश सरकार ने लखनऊ स्थित ‘सहारा शहर’ की लीज़ रद्द करते हुए परिसर को अपने कब्ज़े में ले लिया था। इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए सहारा इंडिया ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था।
मामले की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सहारा की याचिका को खारिज कर दिया, जिसके बाद सहारा शहर पर उत्तर प्रदेश सरकार का कब्ज़ा बरकरार रहेगा। कोर्ट के इस फैसले को राज्य सरकार के पक्ष में एक कानूनी जीत माना जा रहा है।