'वृहद रोजगार मेला–2026' का शुभारंभ, 15 हजार से अधिक पदों पर युवाओं को मिलेगा मौका

* राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने लॉन्च किए ‘कौशल दृष्टि’, ‘कौशल दर्पण’ और ‘कौशल दोस्त’ डिजिटल प्लेटफॉर्म

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बुधवार को ‘वृहद रोजगार मेला–2026’ का उद्घाटन किया। इस मेले के माध्यम से हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान कौशल विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘कौशल दृष्टि’, ‘कौशल दर्पण’ और ‘कौशल दोस्त’ नामक तीन डिजिटल प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किए गए। ‘कौशल दृष्टि’ एक मोबाइल एप्लिकेशन है, जो प्रशिक्षण केंद्रों की रियल-टाइम निगरानी करने में मदद करेगा। वहीं ‘कौशल दर्पण’ एक एआई आधारित डैशबोर्ड है, जो कौशल विकास से जुड़ी विभिन्न जानकारियों को एकीकृत करेगा। इसके अलावा ‘कौशल दोस्त’ एक चैटबॉट है, जो उपयोगकर्ताओं को तत्काल सहायता और मार्गदर्शन प्रदान करेगा।
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता के लिए कौशल के साथ आत्मविश्वास और प्रभावी संचार कौशल भी आवश्यक हैं। उन्होंने युवाओं को धैर्य रखने और बेहतर अवसर मिलने से पहले नौकरी छोड़ने से बचने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को केवल नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला उद्यमी बनाना है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार रोबोटिक्स, ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, 3डी प्रिंटिंग, सोलर एनर्जी और इलेक्ट्रिक वाहनों जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण उपलब्ध करा रही है।
मंत्री ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में लगभग 350 आईटीआई संचालित हैं। इनमें से 22 नई आईटीआई शुरू हो चुकी हैं, जबकि अगले सत्र में 30 और आईटीआई शुरू करने की योजना है।रोजगार मेले में डिजिटल पंजीकरण के लिए क्यूआर कोड आधारित व्यवस्था लागू की गई है। इस दौरान 15 हजार से अधिक रिक्त पदों के लिए चयन प्रक्रिया आयोजित की गई, जिसमें करीब 2,500 युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है। विशेष रूप से दिव्यांगजन, महिलाओं और ‘जीरो पॉवर्टी’ श्रेणी के अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी गई।
मैनपुरी में बड़ा हादसा : रात में कच्ची दीवार गिरने से मां और दो बच्चों की मृत्यु, पिता समेत दो बेटियां घायल

लखनऊ ।  उत्तर प्रदेश के जनपद मैनपुरी में बीती रात टीन शेड कच्ची दीवार और ऊपर लगी टीन शेड के गिरने से नीचे साे रही मां रूबी और दो बच्चों की मौत हो गई जबकि पिता ब्रजेश व दाे बेटियां गंभीर रूप से घायल हैं। घायलाें काे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मैनपुरी के थानाक्षेत्र कुरावली अंतर्गत ग्राम अठ पुरा में मंगलवार को देर रात्रि करीब 12 बजे ब्रजेश (50) पुत्र लाल सिंह के घर की कच्ची दीवार व टीनशेड अचानक गिर गयी । तीन शेड के नीचे बृजेश, बृजेश की पत्नी और चार छोटे बच्चे सो रहे थे। कच्ची दीवार और तीन शेड अचानक गिरने से गहरी नींद में सो रहे परिवार को संभलने का मौका नहीं मिला और दीवार व टीनशेड के नीचे दबकर ब्रजेश की पत्नी रूबी (40) , बेटा दिलीप (08) और बेटी देवी (13) की मौके पर मौत हो गई। चीख पुकार से ग्रामीण व पड़ोसी ब्रजेश के घर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।

हादसे में घायल ब्रजेश , गुडिया (15 ) एवं पल्लवी (05 वर्ष) काे पुलिस द्वारा मौके पर पहुॅचकर घायलों को इलाज हेतु जिला चिकित्सालय भेजा गया । मृतकों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस द्वारा विधिक कार्यवाही की जा रही हैं। गाँव में एक ही परिवार के तीन लोगों की एक साथ मृत्यु हो जाने के बाद गांव में माहौल बहुत गमगीन है। पीड़ित परिवार के पड़ोसियों ने बताया कि बृजेश के घर में पुरानी कच्ची दीवार पर टीन शेड पड़ा हुआ था। इस दीवार को पक्की बनाने के लिए कच्ची दीवार के निकट ही नींव खोदी गई थी,जिसमें पानी भरा था। इस पानी की सीलन के चलते ही दीवार गिरने की बात कही जा रही है।

इंस्पेक्टर कुरावली ललित भाटी ने बताया कि एक ही परिवार में एक महिला व उसके दो बच्चों की दीवार में दबने से मृत्यु हो गई है मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम हेतु मोर्चरी भेज दिया गया है।घायलों को अस्पताल में भर्ती कर दिया है जहां उनका इलाज चल रहा है।
यूपी रेरा ने 13 जिलों की 24 रियल एस्टेट परियोजनाओं को दी मंजूरी, ₹6,800 करोड़ से अधिक का निवेश
* 7,830 आवासीय- व्यावसायिक यूनिट्स विकसित होंगी; निवेश और परियोजनाओं में गौतमबुद्ध नगर सबसे आगे

लखनऊ। उत्तर प्रदेश भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने राज्य में रियल एस्टेट क्षेत्र को गति देने की दिशा में बड़ा फैसला लेते हुए 13 जिलों की 24 नई रियल एस्टेट परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं में कुल ₹6,841.85 करोड़ का अनुमानित निवेश होगा और इनके माध्यम से लगभग 7,830 आवासीय व व्यावसायिक यूनिट्स विकसित की जाएंगी। इससे प्रदेश में नियोजित शहरी विकास को बढ़ावा मिलने के साथ आवास और व्यावसायिक अवसंरचना का विस्तार होने की उम्मीद है।
इन परियोजनाओं को मंजूरी यूपी रेरा की 198वीं प्राधिकरण बैठक में दी गई, जो प्राधिकरण मुख्यालय में अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न जिलों से आए प्रस्तावों की विस्तृत समीक्षा के बाद उन्हीं परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई, जो नियामकीय मानकों और आवश्यक अनुपालन शर्तों पर खरी उतरीं।
स्वीकृत परियोजनाओं में आवासीय, व्यावसायिक और मिक्स्ड-यूज़ प्रोजेक्ट शामिल हैं। इनमें प्लॉट, विला और दुकानों का विकास किया जाएगा, जिससे शहरी ढांचे को मजबूती मिलने के साथ आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की संभावना है।

* गौतमबुद्ध नगर निवेश में अव्वल
स्वीकृत परियोजनाओं में गौतमबुद्ध नगर निवेश, परियोजनाओं की संख्या और विकसित होने वाली यूनिट्स के मामले में सबसे आगे रहा। यहां ₹5,218.41 करोड़ के निवेश वाली 5 परियोजनाओं को मंजूरी मिली है, जिनमें 2,969 यूनिट्स विकसित की जाएंगी। इनमें 3 व्यावसायिक, 1 आवासीय और 1 मिक्स्ड-यूज़ परियोजना शामिल है।

* लखनऊ दूसरे स्थान पर
राजधानी लखनऊ परियोजनाओं की संख्या और यूनिट्स के मामले में दूसरे स्थान पर रहा। यहां ₹132.65 करोड़ के निवेश वाली 4 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिनके तहत 651 यूनिट्स विकसित की जाएंगी। इनमें 3 आवासीय और 1 व्यावसायिक परियोजना शामिल है।

* अन्य जिलों में भी परियोजनाएं
आगरा में ₹162.75 करोड़ के निवेश से 3 आवासीय परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं, जिनमें 312 यूनिट्स विकसित होंगी।
गाजियाबाद में ₹83.85 करोड़ के निवेश से 3 परियोजनाओं को मंजूरी मिली है, जिनमें 468 यूनिट्स विकसित की जाएंगी।

इसके अलावा:
* मथुरा – ₹9.13 करोड़ की 1 आवासीय परियोजना (136 यूनिट्स)
* सहारनपुर – ₹324.95 करोड़ की 1 आवासीय परियोजना (803 यूनिट्स)
* मेरठ – ₹183.63 करोड़ की 1 आवासीय परियोजना (167 यूनिट्स)
* बागपत – ₹11.25 करोड़ की 1 व्यावसायिक परियोजना (97 यूनिट्स)
* गोरखपुर – ₹30 करोड़ की 1 आवासीय परियोजना (182 यूनिट्स)
* वाराणसी – ₹11.20 करोड़ की 1 आवासीय परियोजना (65 यूनिट्स)
* बांदा – ₹86.84 करोड़ की 1 आवासीय परियोजना (501 यूनिट्स)
* हापुड़ – ₹128.10 करोड़ की 1 व्यावसायिक परियोजना (912 यूनिट्स)
- बाराबंकी – ₹459.09 करोड़ की 1 आवासीय परियोजना (567 यूनिट्स)

* रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
इन परियोजनाओं में ₹6,800 करोड़ से अधिक के निवेश से निर्माण कार्यों के दौरान और उसके बाद भी बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। साथ ही निर्माण सामग्री, परिवहन, इंजीनियरिंग सेवाओं और अन्य सहायक क्षेत्रों में भी मांग बढ़ेगी।
* निवेशकों का भरोसा बढ़ा
प्रदेश में रियल एस्टेट क्षेत्र में बढ़ता निवेश राज्य सरकार की नीतियों और यूपी रेरा की निगरानी का परिणाम माना जा रहा है। पारदर्शी स्वीकृति प्रक्रिया और सख्त नियामकीय व्यवस्था से निवेशकों और गृहखरीदारों का भरोसा मजबूत हुआ है।
* अध्यक्ष का बयान
यूपी रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने कहा कि प्राधिकरण रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता, नियामकीय अनुपालन और परियोजनाओं के समयबद्ध पूरा होने को सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि पारदर्शी और सुव्यवस्थित स्वीकृति प्रक्रिया जिम्मेदार विकास को बढ़ावा देती है और निवेशकों व गृहखरीदारों दोनों का विश्वास मजबूत करती है।
सुप्रीम कोर्ट से सहारा को झटका, ‘सहारा शहर’ पर यूपी सरकार का कब्ज़ा बरकरार
दिल्ली/लखनऊ। सहारा इंडिया को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने सहारा शहर की लीज़ रद्द किए जाने के खिलाफ दाखिल सहारा की याचिका को खारिज कर दिया है।
दरअसल, उत्तर प्रदेश सरकार ने लखनऊ स्थित ‘सहारा शहर’ की लीज़ रद्द करते हुए परिसर को अपने कब्ज़े में ले लिया था। इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए सहारा इंडिया ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था।
मामले की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सहारा की याचिका को खारिज कर दिया, जिसके बाद सहारा शहर पर उत्तर प्रदेश सरकार का कब्ज़ा बरकरार रहेगा। कोर्ट के इस फैसले को राज्य सरकार के पक्ष में एक कानूनी जीत माना जा रहा है।
ऐशबाग स्क्वायर में फ्लैट्स के लिए अब 15 अप्रैल तक करा सकेंगे पंजीकरण
- *लखनऊ विकास प्राधिकरण ने पंजीकरण अवधि एक माह के लिए बढ़ायी*

- *अपार्टमेंट में लगभग 1900 वर्गफिट क्षेत्रफल के कुल 384 फ्लैट्स होंगे*

लखनऊ विकास प्राधिकरण के ऐशबाग स्क्वायर अपार्टमेंट में फ्लैट्स के लिए अब 15 अप्रैल, 2026 तक पंजीकरण कराया जा सकेगा। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने जन सामान्य की मांग पर पंजीकरण अवधि 01 माह के लिए बढ़ा दी है। इस रेजिडेंशियल अपार्टमेंट में लगभग 1900 वर्गफिट क्षेत्रफल के कुल 384 प्रीमियम फ्लैट्स होंगे।

   पंजीकरण सिर्फ और सिर्फ एलडीए की वेबसाइट के माध्यम से ही कराया जा सकेगा। इसके लिए फ्लैट के अनुमानित मूल्य की 05 प्रतिशत धनराशि बतौर पंजीकरण शुल्क जमा करनी होगी, जोकि आरक्षित वर्ग के लिए 2.5 प्रतिशत होगी। फ्लैटों का आवंटन पारदर्शी प्रक्रिया के तहत लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा।

   अपर सचिव सी0पी0 त्रिपाठी ने बताया कि ऐशबाग में मिल रोड पर बनने वाले इस ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट की कनेक्टिविटी और लोकेशन काफी प्राइम होगी। यह पुराने लखनऊ के घनी आबादी वाले क्षेत्र में बनेगा, जहां वर्तमान में आवासीय जरूरतें पूरी करने के लिए ऐसी जगह मिलना मुश्किल है। योजना से कुछ ही दूरी पर चारबाग रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशन और नाका, आलमबाग एवं अमीनाबाद जैसे महत्वपूर्ण बाजार मिल जाएंगे।

*27 मंजिला के 04 टावर बनेंगे*
कुल 17,910 वर्गमीटर क्षेत्रफल में बनने वाले ऐशबाग स्क्वायर में कुल 04 टावर होंगे, प्रत्येक टावर 27 मंजिल का होगा। अपार्टमेंट में 03 बीएचके एवं स्टडी श्रेणी के कुल 384 फ्लैट होंगे। प्रत्येक फ्लैट लगभग 1900 वर्गफिट क्षेत्रफल का होगा, जिसकी कीमत 1.11 करोड़ रूपये से शुरू होगी।

*सोसाइटी में स्वीमिंग पूल, 600 वाहनों की पार्किंग* 
सोसाइटी में स्वीमिंग पूल, पार्क, क्लब हाउस, किड्स प्ले-एरिया, पावर बैकअप, 600 से अधिक वाहनों की पार्किंग आदि की सुविधा होगी। साथ ही लोगों की व्यावसायिक जरूरतें पूरी करने के लिए कैम्पस में ही कॉमर्शियल दुकानें भी बनेंगी।

*03 वर्ष में पूरा होगा प्रोजेक्ट*
ऐशबाग स्क्वायर का निर्माण 03 वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है और 05 वर्ष के भीतर आवंटियों को फ्लैट का कब्जा प्रदान कर दिया जाएगा। फ्लैट के लिए पंजीकरण कराने वाले आवेदकों को आवंटन के पश्चात 36 महीने की किश्तों में पूर्ण धनराशि जमा करनी होगी। वहीं, 45 से 90 दिनों में पूर्ण धनराशि जमा करने पर 6 से 4 प्रतिशत की छूट मिलेगी।
बरेली में सास-साले की हत्या करने वाला आरोपित मुठभेड़ में ढेर
लखनऊ /बरेली । उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में इज्जतनगर थाना क्षेत्र स्थित गांव रहपुरा चौधरी में सोमवार को सास और साले की हत्या में फरार आरोपित आज सुबह पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। दो सिपाही घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिया अस्पताल भेजा गया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अनुराग आर्य ने बताया कि सोमवार को रहपुरा चौधरी गांव में पारिवारिक विवाद सुलझाने के लिए पंचायत बुलाई गई थी। इस दौरान आरोपित अफसर खां उर्फ बौरा ने सास आसमां (50), साले आदिल (22) की चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी। बीच बचाव में पत्नी सायमा (30) घायल हो गई। आरोपित वारदात के बाद मौके से फरार हो गया था। आरोपित की तलाश में तीन टीमें लगाई गई थीं। मंगलवार सुबह सूचना मिली कि आरोपित अफसर उर्फ बौरा सहारा ग्राउंड के पास मौजूद है। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी की। खुद को घिरता देखकर आरोपित ने पुलिस पर फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से वह घायल होकर गिर पड़ा। मौके से उसे घायल अवस्था में अस्पताल भेजा गया, लेकिन उसकी मौत हो गई। उसके पास से एक पिस्टल, कारतूस, हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू बरामद हुआ है। इस कारवाई में सिपाही अनुराग और रूपेंद्र घायल हुए जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा हैं।

एसएसपी ने बताया कि सगे मामा की हत्या में आरोपित अफसर खां को 2009 में उसे उम्रकैद की सजा हुई थी। जमानत पर छुटकर वापस आया तो वर्ष 2017 में चचेरी बहन सायमा (30) से प्रेम विवाह किया था। उसके दो बच्चे फैज (8) और आइशा (5) हैं।
यूजीसी कोइ फुंसी नहीं है एक कैंसर है जो 2018 से पल रहा था दिखा आज: सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रीय अध्यक्ष


लखनऊ। 17 मार्च को एडवोकेट अनिल मिश्रा ग्वालियर जो कि सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय संरक्षक है का आगमन मिर्जापुर हो रहा है के स्वागत अभिनंदन की समीक्षा बैठक मे बोलते हुए सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने कहा कि हिंदू एक्टिविस्ट साध्वी ऋत्मभरा ने UGC के जातिगत दिशा निर्देशों के मुद्दे की तुलना एक फुंसी से करते हुए कहा कि फुंसी का इलाज़ करना चाहिए, न कि आत्महत्या करना i, इस पर सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने कहा कि UGC कोई फुंसी नहीं है एक कैसर है जो 2018 से पल रहा था दिखा आज, ब्राह्मण घूसखोर और अवसर वादी ठाकुर अत्याचारी वैश्य गरीबो का खून चूसने वाले पूजी पति,इन दो वर्गों को पाठ्यपुस्को से लेकर सामाजिक सरोकारों तक में जिस संगठित तरीके से नकारात्मक चित्र करने की मानसिकता बन चुकी है इसकी बुनियाद बदलने की आवश्यकता है सामाजिक संरचना मे ये वर्ग ( ब्राह्मण क्षत्रिय, लाला वैश्य) लक्षित तरीके से निरंतर अपमानित किए जा रहे हैं और हर एक मामले में कुछ अपवाद को छोड़ कर सरकार द्वारा मात्र  औपचारिकता पूर्ण जवाब दे कर पल्ला झाड़ लिया जा रहा है    इसका कारण ये भी है राजनीतिक और कानूनी रूप से सवर्ण इतना निशक्त कर दिया गया गया है सवर्ण के लिए न कोई  आयोग है न कोई एक्ट को बाकियों के लिए उनका अपमान करना सबसे आसान रहा है, मोदी जी ने कहा था कि जब मौका मिलेगा तो बदला लेना ही है आज सवर्ण के साथ बदला ही लिया जा रहा है।
MSME योजनाओं की प्रगति पर मंत्री राकेश सचान ने की समीक्षा, बजट का पूरा उपयोग करने के निर्देश
* विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत कारीगरों को प्रशिक्षण व टूलकिट वितरण तेज करने पर जोर, औद्योगिक परियोजनाओं को समयबद्ध पूरा करने के निर्देश

लखनऊ। प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने सोमवार को निर्यात भवन, कैसरबाग में विभागीय योजनाओं के वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट और प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन, बजट व्यय और लंबित परियोजनाओं की स्थिति पर चर्चा की गई।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले सभी योजनाओं में बजट का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी लक्ष्य तय समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं। अधिकारियों ने जानकारी दी कि 31 मार्च तक शेष बजट व्यय करने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है।
बैठक में विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत पारंपरिक कारीगरों को प्रशिक्षण और आधुनिक टूलकिट उपलब्ध कराने की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत बढ़ई, लोहार, कुम्हार, दर्जी और मोची सहित विभिन्न पारंपरिक कारीगरों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है और उन्हें आधुनिक टूलकिट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मंत्री ने निर्देश दिया कि प्रशिक्षण और टूलकिट वितरण की प्रक्रिया को और तेज किया जाए, ताकि अधिक से अधिक कारीगर इस योजना का लाभ उठा सकें।
बैठक में मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान और एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के माध्यम से बड़ी संख्या में युवाओं को बैंक ऋण और मार्जिन मनी उपलब्ध कराकर स्वरोजगार के अवसर प्रदान किए गए हैं।
इसके अलावा ओडीओपी वित्त पोषण सहायता योजना के अंतर्गत हजारों उद्यमियों को आर्थिक सहायता दी गई है। साथ ही प्रशिक्षण और टूलकिट कार्यक्रमों के माध्यम से उत्पादों की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मंत्री राकेश सचान ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि औद्योगिक आस्थानों, क्लस्टर पार्कों और यूनिटी मॉल जैसी परियोजनाओं की प्रगति में तेजी लाई जाए और उन्हें समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों के विकास से प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और स्थानीय उद्यमियों को भी नई संभावनाएं मिलेंगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सरकार का उद्देश्य उद्यमिता को प्रोत्साहित कर युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
मंत्री सचान ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं की नियमित निगरानी की जाए और अगले छह महीनों में लंबित परियोजनाओं को पूरा करने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि प्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक विकास को और गति मिल सके।
जनता दर्शन में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य बोले – हर व्यक्ति की समस्या का होगा हर संभव समाधान

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को अपने कैम्प कार्यालय 7, कालीदास मार्ग पर आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए फरियादियों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि हर व्यक्ति की समस्या का हर संभव समाधान किया जाएगा और अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का त्वरित एवं संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
जनसुनवाई के दौरान उपमुख्यमंत्री ने एक-एक व्यक्ति की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समस्याओं के समाधान में संबंधित अधिकारियों की स्पष्ट जवाबदेही तय की जानी चाहिए, ताकि पीड़ित व्यक्ति को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
उपमुख्यमंत्री ने विशेष रूप से उत्पीड़न, भूमि पर अवैध कब्जे और अतिक्रमण से जुड़े मामलों को अत्यंत गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां आवश्यक हो, वहां दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
जनता दर्शन में महिलाओं, दिव्यांगजनों और बुजुर्गों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुनते हुए उनके त्वरित समाधान के निर्देश भी दिए गए। कार्यक्रम में भूमि विवाद, दुर्घटना से संबंधित मामले, अवैध कब्जे, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास आवंटन, सड़क निर्माण, विद्युत आपूर्ति, अभियुक्तों की गिरफ्तारी और उत्पीड़न जैसी विभिन्न समस्याएं लोगों द्वारा उठाई गईं।
उपमुख्यमंत्री स्वयं फरियादियों के पास जाकर उनकी समस्याएं सुनते रहे और सीधे संवाद के माध्यम से समाधान का भरोसा दिलाया। जनता दर्शन में सैकड़ों लोगों ने अपनी शिकायतें और समस्याएं रखीं।
समस्याओं के समाधान के संबंध में उपमुख्यमंत्री ने बुलंदशहर, मिर्जापुर, अंबेडकरनगर, शामली, प्रतापगढ़ और फर्रुखाबाद के जिलाधिकारियों के साथ ही सम्भल, चित्रकूट, ललितपुर, बदायूं, शामली, रायबरेली और बहराइच के पुलिस अधीक्षकों तथा शासन के उच्च अधिकारियों से दूरभाष पर वार्ता कर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
जब मास्क लगाकर मरीजों की कतार में खड़े हुए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक
* चिनहट सीएचसी में गंदगी पर भड़के डिप्टी सीएम
* नोटिस व एक हफ्ते का भुगतान काटने के दिए निर्देश
* वार्ड में बिना चादर के बेड और शौचालय की बदहाली पर जताई नाराजगी

लखनऊ। चिनहट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में सोमवार को सफाई व्यवस्था, वार्डों की बदहाली और लापरवाही पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भड़क उठे। निरीक्षण के दौरान जनरल वार्ड में कई बेड पर चादर नहीं मिली और अस्पताल परिसर में गंदगी देख उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। डिप्टी सीएम ने जिम्मेदारों को नोटिस देने और सफाई एजेंसी का एक सप्ताह का भुगतान काटने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि जब तक अस्पताल में साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त नहीं होगी, तब तक संबंधित अधिकारी घर नहीं जाएंगे।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक सोमवार को अचानक चिनहट सीएचसी पहुंच गए। मुंह पर मास्क लगाकर सबसे पहले पर्चा काउंटर पर मरीजों के बीच जाकर कतार में खड़े हो गए। इस दौरान उन्होंने मरीजों से अस्पताल की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी भी ली। इसके बाद वह पैथोलॉजी विभाग पहुंचे। यहां मरीजों की लंबी कतार लगी थी। उन्होंने टेक्नीशियन से पूछा कि एक मरीज का रक्त नमूना लेने में कितना समय लगता है? जवाब मिलने के बाद उन्होंने जांच प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। ताकि मरीजों को ज्यादा देर तक इंतजार न करना पड़े।
निरीक्षण के दौरान एक्स-रे कक्ष के आसपास धूल-गर्दा दिखाई दी। इस पर उन्होंने तुरंत सफाई कराने के निर्देश दिए। उन्होंने वहां रखी अलमारी खोलकर स्टॉक भी जांचा। इसके बाद वह ओपीडी कक्ष नंबर 5 में पहुंचे और डॉक्टर से अस्पताल की व्यवस्थाओं और मरीजों की संख्या के बारे में जानकारी ली।
डिप्टी सीएम जब जनरल वार्ड नंबर 28 पहुंचे तो वहां की स्थिति देखकर नाराज हो गए। वार्ड में कई बेड पर चादर नहीं बिछी थी। साफ-सफाई भी संतोषजनक नहीं थी। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि मरीजों की देखभाल में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने शौचालयों की स्थिति भी देखी, जो संतोषजनक नहीं मिली। इस पर उन्होंने अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। हालांकि फायर एस्टिंग्यूसर सिलेंडर की एक्सपायरी डेट जांचने पर वह सही पाई गई।
* मोबाइल दुरुस्त करने के दिए निर्देश
केंद्र के सभागार में उस समय आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा था। आशाओं ने डिप्टी सीएम को बताया कि उनके मोबाइल फोन खराब हैं। जिससे काम में दिक्कत हो रही है। इस पर डिप्टी सीएम ने तुरंत सीएमओ डॉ. एनबी सिंह को फोन लगाकर मोबाइल ठीक कराने या बदलने के निर्देश दिए। साथ ही आशा कार्यकर्ताओं का बकाया भुगतान भी तत्काल कराने को कहा। सीएमओ को तत्काल सीएचसी पहुंचकर समस्याओं के निस्तारण के निर्देश दिए।
* पीने के पानी पर जताई नाराजगी
निरीक्षण के दौरान पीने के पानी की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली। पानी की पाइप को जाली से बांधकर रखा गया था और आसपास गंदगी थी। इस पर डिप्टी सीएम ने सख्त नाराजगी जताते हुए कहा कि अस्पताल में साफ-सफाई और मूलभूत सुविधाओं से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त होने तक वे अस्पताल परिसर से नहीं जाएं। दवाओं के काउंटर पर कतार लंबी लगी थी। सीएचसी अधीक्षक को व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश कहा। उन्होंने कहा कि पांच मिनट के भीतर मरीजों को दवा मिल जानी चाहिए।