बदायूं हत्याकांड के बाद बड़ा एक्शन, कई जिलों के पुलिस कप्तान बदले
लखनऊ । उत्तर प्रदेश सरकार ने बदायूं में दो अधिकारियों की हत्या की सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। Hindustan Petroleum Corporation Limited (एचपीसीएल) के दो अधिकारियों की हत्या के बाद राज्य सरकार ने बदायूं के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. बृजेश कुमार सिंह को पद से हटा दिया है। उन्हें डीजीपी मुख्यालय की लॉजिस्टिक शाखा में तैनात किया गया है।
सरकार ने इस मामले के बाद कई जिलों के पुलिस कप्तानों के तबादले करते हुए नई नियुक्तियां की हैं। कासगंज की पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा को बदायूं का नया एसएसपी बनाया गया है। वहीं फतेहपुर के पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार सिंह को उनके पद से हटाकर डीजीपी मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
इसके अलावा भदोही के पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक को फतेहपुर का नया एसपी बनाया गया है। वहीं एसपी लॉजिस्टिक ओम प्रकाश सिंह प्रथम को कासगंज जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रशासनिक फेरबदल के तहत गोरखपुर में तैनात अपर पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी को भदोही का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। वहीं गाजियाबाद में तैनात आईपीएस अधिकारी पाटिल निमिष दशरथ को गोरखपुर भेजा गया है।
सरकार का कहना है कि कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से यह प्रशासनिक बदलाव किए गए हैं। बदायूं में हुई दो अधिकारियों की हत्या की घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस और प्रशासन को सख्त निर्देश भी दिए गए हैं कि मामले की जांच तेजी से पूरी की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
यूपी में उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा आज से, 1090 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच होगी परीक्षा
लखनऊ । उत्तर प्रदेश में उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती–2025 की लिखित परीक्षा शनिवार से शुरू हो रही है। परीक्षा को निष्पक्ष और सकुशल संपन्न कराने के लिए राज्य सरकार और पुलिस विभाग ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के निर्देशों के अनुपालन में पुलिस महानिदेशक Rajeev Krishna के आदेश पर प्रदेश के सभी कमिश्नरेट और जनपदों में बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है।
प्रदेश भर में बनाए गए 1090 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा से संबंधित सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं के लिए 372 राजपत्रित अधिकारी, 2142 निरीक्षक, 7640 उपनिरीक्षक, 8479 मुख्य आरक्षी और 12,969 आरक्षियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा 749 होमगार्ड भी तैनात किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए पीएसी की 4 कंपनियां और 2 प्लाटून जनपदों में तथा 3 प्लाटून पीएसी जीआरपी को दी गई हैं। इसके अतिरिक्त सभी जिलों में एलआईयू और यातायात पुलिस बल भी पर्याप्त संख्या में लगाया गया है।
उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों की यह लिखित परीक्षा शनिवार और रविवार को प्रदेश के सभी जिलों में आयोजित की जाएगी। परीक्षा दो पालियों में होगी। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित होगी। अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र पढ़ने, उपस्थिति पत्रक भरने और अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के लिए निर्धारित परीक्षा समय के अतिरिक्त पांच मिनट का अतिरिक्त समय भी दिया जाएगा।
Uttar Pradesh Police Recruitment and Promotion Board ने परीक्षा के सुचारु संचालन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिलों में प्रश्नपत्र पहुंचने के बाद उन्हें डबल लॉक में सुरक्षित रखा गया है और परीक्षा शुरू होने से पहले कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा। वहीं, शुक्रवार से ही परीक्षा केंद्रों पर पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।
परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए सॉल्वर गैंग और पेपर लीक गिरोहों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। इसके लिए एसटीएफ समेत सभी सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट किया गया है।
भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष डीजी एसबी शिरडकर ने अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने बताया कि महिला अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उन्हें उनके गृह जनपद के मंडल के भीतर ही परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए हैं, ताकि उन्हें आने-जाने में परेशानी न हो।
इस भर्ती प्रक्रिया के तहत उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस और समकक्ष पदों के कुल 4543 पदों को भरा जाएगा। इसके लिए कुल 15,75,760 अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन किया है, जिनमें 11,66,386 पुरुष और 4,09,374 महिला अभ्यर्थी शामिल हैं। इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए हैं, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सके।
यूपी में दो दर्दनाक सड़क हादसे, बुलंदशहर में महिला और गोरखपुर में किशोर की मौत
लखनऊ । उत्तर प्रदेश के Bulandshahr और Gorakhpur में शुक्रवार को हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों में एक महिला और एक किशोर की मौत हो गई। दोनों घटनाओं के बाद परिजनों में कोहराम मच गया और पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।
बुलंदशहर के नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित डीएवी तिराहे के पास शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। जानकारी के मुताबिक फराह नाम की महिला अपने पति के साथ मोटरसाइकिल से गैस सिलिंडर भरवाने जा रही थी। इसी दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने से वह बाइक से गिरकर सड़क पर जा गिरी। तभी पीछे से आ रहा एक मालवाहक वाहन उसे कुचलते हुए निकल गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा भरकर उसे जिला अस्पताल की मोर्चरी भेज दिया। पुलिस ने मालवाहक वाहन के चालक को हिरासत में ले लिया है और वाहन को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। महिला की मौत की खबर मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंच गए, जहां उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया और पूरे परिवार में मातम छा गया।
वहीं दूसरी घटना गोरखपुर जिले के Bansgaon थाना क्षेत्र के करहल गांव में हुई। यहां सड़क हादसे में 14 वर्षीय किशोर आयुष साहनी की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि आयुष गैस सिलिंडर लेने के लिए सुदामा गैस एजेंसी गया था। एजेंसी पर ओटीपी जांच की प्रक्रिया चल रही थी और वह अपना मोबाइल घर पर भूल गया था। मोबाइल लेने के लिए घर लौटते समय रास्ते में एक अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
स्थानीय लोगों ने उसे तत्काल बांसगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतक के बाबा चौथी साहनी ने बताया कि आयुष के पिता बिहारी साहनी बंगलूरू में काम करते हैं। परिवार में उसकी मां सीमा और छोटा भाई पीयूष है। आयुष एक निजी कॉलेज में छठवीं कक्षा का छात्र था। उसकी अचानक मौत से पूरे परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है।
थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि अज्ञात वाहन की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है और मामले की जांच जारी है।
यूपी में मौसम का यू-टर्न: बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी, कई जिलों में ओले गिरने की संभावना
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में तेज गर्मी के बीच मौसम अचानक करवट लेने जा रहा है। तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के बाद प्रदेश में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसके प्रभाव से कई जिलों में बारिश, तेज हवाएं और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार 15 मार्च को प्रदेश के तराई और पश्चिमी इलाकों के करीब 26 जिलों में गरज-चमक के साथ 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं 15 और 16 मार्च को तराई व पश्चिमी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया गया है।
* ओलावृष्टि का भी अलर्ट
पूर्वी तराई के कुशीनगर, महाराजगंज और सिद्धार्थनगर समेत छह जिलों में ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है। मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पूर्वी और पश्चिमी दोनों संभागों के लगभग 35 जिलों में गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी हो सकती है।
* मध्यांचल में बढ़ेगी बादलों की सक्रियता
मध्यांचल के जिलों में तेज हवाओं के साथ बादलों की आवाजाही बढ़ने की संभावना है, जिससे तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
अयोध्या में चैत्र नवरात्र और रामनवमी मेला 19 मार्च से, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू रहेंगी मुख्य अतिथि
लखनऊ/अयोध्या। अयोध्या में चैत्र नवरात्र और रामनवमी मेले का शुभारंभ 19 मार्च से होने जा रहा है। इसी दिन श्रीराम मंदिर में विधि-विधान के साथ श्रीराम यंत्र की स्थापना भी की जाएगी। इस भव्य समारोह में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। कार्यक्रम में देश-विदेश से पांच हजार से अधिक विशिष्ट अतिथियों के शामिल होने की संभावना है।
* एक घंटा पहले खुलेंगे राम मंदिर के कपाट
समारोह को देखते हुए 19 मार्च को राम मंदिर को सामान्य समय से एक घंटा पहले सुबह 6 बजे खोलने का निर्णय लिया गया है, ताकि श्रद्धालु दर्शन कर सकें। यह पहला अवसर होगा जब किसी वीआईपी कार्यक्रम के दौरान भी श्रद्धालुओं के दर्शन की व्यवस्था लगभग सुचारु रूप से जारी रहेगी। राम मंदिर ट्रस्ट के अनुसार राष्ट्रपति के मंदिर परिसर में रहने के दौरान ही थोड़ी देर के लिए दर्शन रोके जाएंगे। फिलहाल सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक दर्शन प्रतिबंधित रखने का प्रस्ताव है, हालांकि अंतिम निर्णय कार्यक्रम के दिन लिया जाएगा।
* 20 मार्च से बदलेगा दर्शन का समय
चैत्र प्रतिपदा से राम मंदिर के दर्शन समय में भी बदलाव किया जाएगा। 20 मार्च से श्रद्धालु सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दोपहर 1 बजे से रात 9 बजे तक दर्शन कर सकेंगे।
* देश-दुनिया में होगा सीधा प्रसारण
19 मार्च को होने वाले श्रीराम यंत्र स्थापना कार्यक्रम और 27 मार्च को रामजन्मोत्सव व सूर्य तिलक के आयोजन का सीधा प्रसारण किया जाएगा। इससे देश और दुनिया भर के श्रद्धालु घर बैठे इस ऐतिहासिक आयोजन के साक्षी बन सकेंगे।
एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी पर योगी सरकार का बड़ा एक्शन, 1483 स्थानों पर छापे; 24 एफआईआर, 6 गिरफ्तार
लखनऊ। प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर खाद्य एवं रसद विभाग तथा जिला प्रशासन द्वारा प्रदेशभर में आपूर्ति व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है। कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए बड़े पैमाने पर निरीक्षण और छापेमारी अभियान चलाया गया है।
* कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई
प्रदेश में शुक्रवार को प्रवर्तन टीमों ने 1,483 स्थानों पर निरीक्षण और छापेमारी की कार्रवाई की। इस दौरान एलपीजी वितरकों के खिलाफ 4 एफआईआर दर्ज की गईं, जबकि गैस की कालाबाजारी में संलिप्त अन्य लोगों के विरुद्ध 20 एफआईआर दर्ज कराई गईं। मौके से 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 19 व्यक्तियों के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई की गई।
प्रदेश में कार्यरत 4,108 एलपीजी वितरकों के माध्यम से उपभोक्ताओं को उनकी बुकिंग के अनुरूप रिफिल की डिलीवरी सुनिश्चित की जा रही है। वितरकों के यहां घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आवश्यकता के अनुसार उपभोक्ताओं को गैस उपलब्ध कराई जा रही है।
* व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए 20% आवंटन
भारत सरकार द्वारा वाणिज्यिक सिलेंडरों की कुल खपत के 20 प्रतिशत तक आवंटन की अनुमति दी गई है। इससे होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में गैस आपूर्ति प्रभावित नहीं होगी।
* 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम
आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी और समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए खाद्यायुक्त कार्यालय में 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। यहां खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा होम कंट्रोल रूम तथा प्रदेश के सभी जिलों में भी कंट्रोल रूम स्थापित कर दिए गए हैं, जो लगातार काम कर रहे हैं।
* मैदान में उतरा प्रशासन
एलपीजी की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला पूर्ति अधिकारी और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी लगातार फील्ड में भ्रमण कर रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के किसी भी हिस्से में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति बाधित न हो और आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
सवर्ण नेता मंत्री सांसद विधायक का घेरा डालो डेरा डालो आंदोलन करेगा सवर्ण : सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रीय अध्यक्ष


लखनऊ। भाजपा सवर्णों के आंदोलन के आयोजन से भयभीत नहीं है, उसे भय इस बात का है कि एक बार आंदोलन के चलते यूजीसी का मुद्दा छा गया, घर-घर तक ये बात पहुँच गई कि नरेंद्र मोदी ने गत 11 वर्षों में कैसा तुष्टिकरण किया है, तो उनका बनाया हुआ अवतारी पुरुष हिन्दू हृदय सम्राट का तिलस्म तो खत्म होगा ही, साथ में अमित शाह का किला भी भरभरा कर गिर सकता है। वो इस खबर को, विषय को यहीं रोकना चाहते हैं क्योंकि संघ से लेकर भाजपा के अंदरूनी सर्कल में अब समझ सबको आ गया है कि ये विषय उतना छोटा नहीं था। क्योंकि जब UGC अधिनियम आया और लोगों ने विरोध करना शुरू किया तब भाजपा और संघ के नेताओं का अंदरुनी कहना था कि इस विरोध से कुछ होने जाने को नहीं है। चार लोग सड़क पर नहीं आएगा।
किन्तु जब लोगों ने सड़कों पर उतरना शुरू किया तब हाउस अरेस्ट किया गया और राजधानी आने वाले लोगों को प्रदर्शन स्थल पर प्रदर्शन न करने की पूरी ताकत झोंक दी गई। प्रदर्शन करियो को चारों तरफ से घेर कर गिरफ्तार करने लगे इससे सवर्ण का हौसला बढ़ता गया बसे कम हो गई ये सवर्ण विरोधी बीजेपी सरकार को उखाड़ कर फेंकना है का संकल्प लेना होगा सनातन धर्म आदि गुरु शंकराचार्य अतिमुक्तेश्वरा सरस्वती जी का अपमान करने वाले भाजपाई को सवर्ण किन्हीं भी परिस्थित में माफ़ नहीं करेगी आप सभी का आवाहन करता हु कि सवर्ण नेता मंत्री सांसद विधायक जहां भी मिले घेराव करो उनसे सवाल पूछो कि यूजीसी बिल पर क्यों नहीं बोल रहे हैं उनको बहिष्कृत करो सवर्ण के पास राजनीतिक विकल्प भी आ गया है एडवोकेट अनिल मिश्रा जी पूर्व आई पी एस जुगल किशोर तिवारी जी अलंकार अग्निहोत्री जी एक राजनीतिक दल का गठन कर रहे हैं उक्त बाते सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरज प्रसाद चौबे आज सोनभद्र के बघुआरी में सवर्ण की बैठक में कही बैठक में जिला अध्यक्ष पंकज कुमार शुक्ला,जिला संरक्षक अखिलेश पाण्डेय , सुरेंद्र सिंह,अमित कुमार,शशांक ,अवधेश कुमार , जितेन्द्र कुमार पाठक आदि रहे सभी ने एक सुर में कहा कि यूजीसी बिल वापस नहीं हुआ तो भाजपा को सरकार अब नहीं रहेगी।
साइबर अपराध से मुकाबले के लिए लखनऊ पुलिस की बड़ी पहल, महिला पुलिस कर्मियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण
लखनऊ । राजधानी में साइबर अपराधों से निपटने के लिए पुलिस कर्मियों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। पुलिस आयुक्त Amrendra Kumar Sengar के आदेश पर रिजर्व पुलिस लाइन्स स्थित संगोष्ठी सदन में एक दिवसीय साइबर जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।यह कार्यशाला संयुक्त पुलिस आयुक्त अपर्णा कुमार तथा संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध एवं मुख्यालय बबलू कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित हुई। कार्यक्रम का संचालन पुलिस उपायुक्त मुख्यालय अनिल कुमार यादव के निर्देशन और सहायक पुलिस आयुक्त सौम्या पाण्डेय के पर्यवेक्षण में किया गया।

इसमें लगभग 80 प्रतिभागियों ने भाग लिया

कार्यशाला में महिला हेल्प डेस्क और पिंक बूथ पर तैनात महिला पुलिस कर्मियों को साइबर अपराधों की नई प्रवृत्तियों, साक्ष्य संकलन की तकनीक और पीड़ितों को त्वरित सहायता प्रदान करने के तरीकों के बारे में प्रशिक्षण दिया गया। इसमें लगभग 80 प्रतिभागियों ने भाग लिया।साइबर सेल की टीम ने प्रशिक्षण के दौरान पुलिस कर्मियों को डिजिटल ठगी, संदिग्ध मोबाइल अनुप्रयोगों से होने वाले धोखाधड़ी के तरीकों और इंटरनेट के माध्यम से होने वाले अपराधों की पहचान करने के तरीके बताए। साथ ही साइबर अपराध होने की स्थिति में हेल्पलाइन संख्या 1930 पर शिकायत दर्ज कराने और राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल के उपयोग की जानकारी भी दी गई।

आपत्तिजनक सामग्री हटाने की प्रक्रिया पर भी विस्तार से प्रशिक्षण दिया

इसके अलावा मोबाइल खोने या चोरी होने की स्थिति में संचार साथी और मोबाइल पहचान बंद कराने वाली व्यवस्था के उपयोग, वित्तीय लेनदेन का पता लगाने तथा सामाजिक माध्यमों पर आपत्तिजनक सामग्री हटाने की प्रक्रिया पर भी विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य महिला पुलिस कर्मियों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना है, ताकि वे महिला पीड़ितों को साइबर अपराध के मामलों में तुरंत सहायता दे सकें और प्रारंभिक स्तर पर ही प्रभावी कार्रवाई कर सकें।कार्यशाला के अंत में प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि लखनऊ पुलिस नागरिकों की डिजिटल सुरक्षा और साइबर अपराध की रोकथाम के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
अलविदा की नमाज़ को लेकर लखनऊ में ट्रैफिक प्लान जारी, कई रास्तों पर रहेगा डायवर्जन
लखनऊ । माह रमजान का आखिरी जुमा (अलविदा) के अवसर पर मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा भारी संख्या में मस्जिदों में एकत्र होकर नमाज अदा की जायेगी। जिसमें मुख्य रूप से समय 12.30 बजे आसिफी मस्जिद बड़ा इमामबाड़ा एवं समय 13.00 बजे टीले वाली मस्जिद पर नमाज अदा की जायेगी।

उक्त अवसर पर यातायात/डायवर्जन व्यवस्था निम्नानुसार की जायेगी

- सीतापुर रोड की तरफ से आने वाला डालीगंज रेलवे क्रांसिग तिराहे से कोई भी यातायात पक्के पुल (टीले वाली मस्जिद) की ओर नहीं जा सकेंगे, बल्कि यह यातायात डालीगंज रेलवे क्रासिंग ओवरब्रिज से बांये मुड़कर चौराहा नं0 8 निरालानगर से आई0टी0 चौराहा की ओर होकर जा सकेंगे।
-पक्का पुल खदरा साईड तिराहा से सामान्य यातायात पक्का पुल (टीले वाली मस्जिद) की ओर की नही जा सकेंगे बल्कि यह यातायात पक्कापुल से पहले तिराहे से बन्धा रोड या नया पुल से होकर अपने गन्तव्य को जा सकेंगे।
-हरदोई रोड/बालागंज से आने वाला यातायात बड़े इमामबाड़े व टीले वाली मस्जिद के तरफ नहीं जा सकेंगे, बल्कि यह यातायात कोनेश्वर मंदिर चौराहे से दाहिने चौक चौराहा, मेडिकल कालेज चौराहा होकर अपने गन्तव्य को जा सकेंगे।
-कोनेश्वर चौराहे से सामान्य यातायात घण्टाघर होते हुए बडा इमामबाडा, टीले वाली मस्जिद की ओर नही जा सकेंगे, बल्कि यह यातायात कोनेश्वर मंदिर चौराहे से चौक चौराहा, मेडिकल क्रास (कमला नेहरू), शाहमीना तिराहा या नीबू पार्क (रूमी गेट चौकी) चौराहे से नया पुल होकर अपने गन्तव्य को जा सकेंगे।
-नीबू पार्क (रूमीगेट चौकी) चौराहे से सामान्य यातायात बड़ा इमामबाड़ा व टीले वाली मस्जिद की तरफ नहीं जा सकेंगे, बल्कि यह यातायात कोनेश्वर चौराहा या नींबू पार्क के पीछे नया पुल होकर अपने गंतव्य को जा सकेंगे।
-नीबू पार्क ओवरब्रिज से उतरने वाला यातायात रूमी गेट की तरफ नही जा सकेंगे, बल्कि यह यातायात चौक चौराहा, ठाकुरगंज होकर अथवा चरक चौराहा होकर अपने गन्तव्य को जा सकेंगे।
-चौक तिराहा से सामान्य यातायात नीबू पार्क (रूमी गेट चौकी) चौराहा की ओर नही जा सकेंगे, बल्कि यह यातायात कोनेश्वर चौराहा या मेडिकल क्रास (कमला नेहरू) होकर अपने गन्तव्य को जा सकेंगे।
- मेडिकल क्रास (कमला नेहरू) चौराहे से सामान्य यातायात फूलमण्डी, खुन-खुन जी गर्ल्स कालेज होकर नीबू पार्क (रूमी गेट चौकी) चौराहे की ओर नही जा सकेंगे, बल्कि यह यातायात मेडिकल कालेज चौराहा या चौक चौराहा, कोनेश्वर चौराहा होकर अपने गन्तव्य को जा सकेंगे।
-शाहमीना तिराहे से सामान्य यातायात पक्कापुल (टीले वाली मस्जिद) की ओर नही जा सकेंगे, बल्कि यह यातायात मेडिकल कालेज, या डालीगंज पुल, आई0टी0 होकर अपने गन्तव्य को जा सकेंगे।
-डालीगंज पुल चौराहे से सीतापुर रोड की ओर जाने वाले रोडवेज/सिटी बसे व अन्य वाहन पक्का पुल (टीले वाली मस्जिद) की ओर नहीं जा सकेंगे, बल्कि यह यातायात आई0टी0, कपूरथला, पूरनिया होकर अपने गन्तव्य को जा सकेंगे।
-शाहमीना तिराहे से कैसरबाग की ओर से हरदोई रोड की ओर जाने वाले रोडवेज, सिटी बस पक्का पुल, बडा इमामबाडा की ओर नही जा सकेंगे, बल्कि यह शाहमीना तिराहे से बांये मेडिकल कालेज, चौक चौराहा, कोनेश्वर चौराहा होकर अपने गंतव्य को जा सकेंगे।

केवल इन वाहनों को रहेगी छूट

सामान्य यातायात हेतु प्रदान डायवर्जन मार्ग के अतिरिक्त यदि किसी जन-सामान्य की चिकित्सकीय अपरिहार्यता की स्थिति में वैकल्पिक मार्ग के अभाव में प्रतिबन्धित मार्ग पर भी एम्बुलेन्स, फायर सर्विस, स्कूली वाहन, शव वाहन इत्यादि को ट्रैफिक पुलिस/स्थानीय पुलिस द्वारा कार्यक्रम के दौरान अनुमन्य रहेगा। इसके लिए ट्रैफिक कन्ट्रोल नंम्बर-9454405155 पर सम्पर्क किया जा सकता है।
बदायूं में डबल मर्डर: हिंदुस्तान पेट्रोलियम प्लांट में DGM और असिस्टेंट मैनेजर की गोली मारकर हत्या
लखनऊ/ बदायूं। उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम प्लांट के भीतर शुक्रवार को सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड से हड़कंप मच गया। प्लांट के डिप्टी जनरल मैनेजर (DGM) सुधीर गुप्ता और असिस्टेंट मैनेजर हर्षित गुप्ता की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वेंडर अजय प्रताप उर्फ रामू अपनी फर्म को ब्लैकलिस्ट किए जाने से नाराज चल रहा था। इसी रंजिश के चलते उसने प्लांट परिसर में दोनों अधिकारियों को निशाना बनाते हुए गोलियां चला दीं, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि आरोपी पहले से ही अधिकारियों को धमकियां दे रहा था। धमकियों से भयभीत होकर DGM सुधीर गुप्ता ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) भी ले ली थी और पुलिस से सुरक्षा की मांग की थी। हालांकि, समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी।
घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश की जा रही है। अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं।