25 हजार रुपये रिश्वत मांगने पर दरोगा मिनहाज सिद्दीकी निलंबित
*आग लगाने के मुकदमे में कर रहे थे डील

गोंडा।पुलिस अधीक्षक द्वारा रिश्वत मांगने के मामले में दरोगा मिनहाज सिद्दीकी को निलंबित कर दिया गया है।दरोगा पर एक मुकदमे में आरोपियों को लाभ पहुंचाने के लिए 25 हजार रुपए रिश्वत मांगने का आरोप है।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने एक वीडियो सामने आने पर यह कार्रवाई किया है।मामला जिले के मोतीगंज थाने में तैनात उपनिरीक्षक मिनहाज सिद्दीकी से जुड़ा है।उन पर छाछपारा मतवल्ली गांव की आरती देवी द्वारा छप्पर में आग लगने के संबंध में दर्ज मुकदमे की विवेचना के दौरान आरोपियों का नाम हटाने के लिए 25 हजार रुपए मांगने का आरोप है।यह रकम शांति देवी से मांगी जा रही थी।मिनहाज सिद्दीकी द्वारा बार बार पैसे मांगे जाने से परेशान होकर शांति देवी की बेटी ने अपने मोबाइल से एक वीडियो बनाया था।यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।आरती देवी ने गांव के ही भारत चौहान, धन प्रकाश, भगेलू और खूंटी के खिलाफ 10 मई 2025 को अपने छप्पर में आग लगाने का मुकदमा दर्ज कराया था,जिसकी विवेचना दरोगा मिनहाज सिद्दीकी कर रहे थे।वायरल वीडियो 6 जून 2025 का बताया जा रहा है।वायरल वीडियो में दरोगा मिनहाज सिद्दीकी महिला से कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि मेरे द्वारा जांच की जा रही है आवश्यकता पड़ने पर आपको   25 से 30 हजार रुपए देना पड़ेगा।इस पर महिला ने अपनी गरीबी का हवाला दिया।दरोगा फिर कहते हैं कि हम प्रयास करेंगे कि कम से कम दाम में तुम्हारा काम हो जाएगा।वीडियो में सिद्दीकी यह भी कहते हैं कि तुम 25 हजार उठाकर कहीं रख देना,मुझे कसम है कि मैं तुम्हारा एक भी रुपया लूं।जो अधिकारी को देना है मैं तुमसे वही पैसा मांग रहा हूँ,मुझे उससे एक पैसे ज्यादा नहीं चाहिए,मुझे तुम्हारे पैसे का चाय नहीं पीना है।
आक्सीजन लगाने व रिफर करने को लेकर हुए विवाद के बाद डाक्टर व वार्ड ब्वाय से मारपीट
*महिला की रास्ते में मौत

गोंडा।जिले के कटरा बाजार क्षेत्र स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आक्सीजन लगाने और मरीज को रिफर करने को लेकर विवाद हो गया।इस दौरान सीएचसी अधीक्षक डाक्टर इंदू राणा के पति डाक्टर अरुण कुमार सिंह व वार्ड ब्वाय सुधीर कुमार पाण्डेय के साथ मरीज के तीमारदारों ने मारपीट किया,जिसमें डाक्टर अरुण कुमार सिंह व वार्ड ब्वाय सुधीर कुमार पाण्डेय को चोटें आई हैं।जिनका मेडिकल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटरा बाजार में कराया गया है।डाक्टर अरुण कुमार सिंह की तहरीर पर कटरा बाजार थाना क्षेत्र के चरेरा निवासी नरेंद्र तिवारी के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दिया है।घटना कटरा बाजार थाने के ठीक बगल स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हुई है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी नरेंद्र तिवारी अपने मित्र की 60 वर्षीय दादी नइका को सांस लेने में दिक्कत होने के कारण इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटरा बाजार लेकर पहुंचे थे।नइका की हालत गंभीर थी और डाक्टरों द्वारा उनका इलाज किया जा रहा था कि इसी दौरान नरेंद्र तिवारी नइका को आक्सीजन लगाकर रिफर करने की मांग किया।इसी बात को लेकर डाक्टर अरुण कुमार सिंह व नरेंद्र तिवारी के बीच कहासुनी हुई,जिसके बाद नरेंद्र तिवारी ने डाक्टर सिंह व वार्ड ब्वाय सुधीर कुमार पाण्डेय के साथ मारपीट किया।घटना की सूचना मिलते ही अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाक्टर आदित्य वर्मा और उपजिलाधिकारी नेहा मिश्रा मौके पर पहुंचे और प्रकरण के संबंध में जानकारी प्राप्त किया।उन्होंने सीएचसी कटरा बाजार का निरीक्षण कर मरीजों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का भी जायजा लिया।इस संबंध में डाक्टर अरुण कुमार सिंह ने बताया कि वे ओपीडी देख रहे थे,तभी उन्हें सूचना मिली कि एक गंभीर मरीज नइका आई है।उन्होंने यह भी बताया कि डाक्टर प्रियंका द्वारा मरीज को एक घंटा पहले ही रेफर किया जा चुका था, परन्तु तीमारदार उसे ले जाने के स्थान पर विवाद कर रहे थे।जब उन्होंने जानकारी लेनी चाही तो नरेंद्र तिवारी ने उनके और उनके कर्मचारियों के साथ मारपीट किया।इस संबंध में कटरा बाजार थानाध्यक्ष विवेक कुमार त्रिवेदी ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।
अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी द्वारा थाना कोतवाली देहात का अर्द्धवार्षिक निरीक्षण, फरियादियों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के दिये निर्देश
गोण्डा। आजअपर पुलिस अधीक्षक गोण्डा पूर्वी श्री मनोज कुमार रावत द्वारा थाना कोतवाली देहात का अर्द्धवार्षिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान सर्वप्रथम थाना परिसर में गार्द की सलामी ली गयी। इसके उपरांत थाना परिसर, कार्यालय, मालखाना, शस्त्रागार, बैरक, भोजनालय कक्ष, विवेचना कक्ष, महिला हेल्प डेस्क, हवालात एवं आवासीय परिसर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान थाना परिसर की साफ-सफाई, अभिलेखों के सुव्यवस्थित एवं अद्यावधिक रख-रखाव के संबंध में प्रभारी निरीक्षक को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

शस्त्रागार में शस्त्रों के रख-रखाव तथा भोजनालय कक्ष में पुलिस कर्मियों को स्वच्छ एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के संबंध में भी निर्देशित किया गया। मिशन शक्ति केन्द्र/महिला हेल्प डेस्क का निरीक्षण कर वहां नियुक्त महिला पुलिसकर्मियों से वार्ता की गयी तथा महिलाओं व बालिकाओं से संबंधित शिकायतों को संवेदनशीलता के साथ सुनकर त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही अपराध रजिस्टर एवं लंबित विवेचनाओं का अवलोकन कर अपराध नियंत्रण हेतु पुलिस गश्त बढ़ाने एवं संदिग्ध व्यक्तियों की नियमित चेकिंग करने के निर्देश दिए गए।इस अवसर पर प्रशिक्षु आइपीएस प्रदीप कुमार, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली देहात  शमशेर बहादुर सिंह सहित अन्य अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने की पेट्रोलियम पदार्थों के व्यवस्थापन के संबंध में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक

बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनपद के किसी एजेंसियों के द्वारा गैस का ब्लैक/ गलत वितरण किया गया तो होगी एफआईआर


गोण्डा। 12 मार्च, 2026
जिला पंचायत सभागार, गोण्डा में जिलाधिकारी  प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में पेट्रोलियम पदार्थों के व्यवस्थापन एवं सुचारु वितरण के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ-साथ गैस एजेंसियों एवं पेट्रोल पंप संचालकों के पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक का उद्देश्य जनपद में पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा उनके वितरण में पारदर्शिता बनाए रखना था।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी  प्रियंका निरंजन ने सभी संबंधित एजेंसियों के पदाधिकारियों एवं अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद में पेट्रोलियम पदार्थों के वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता या कालाबाजारी (ब्लैक मार्केटिंग) किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी गैस एजेंसी द्वारा गलत तरीके से गैस वितरण या कालाबाजारी की शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित एजेंसी के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कराते हुए कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देशित किया कि जनपद की सभी गैस एजेंसियों के कनेक्शनों का विवरण तथा गैस बुकिंग से संबंधित सभी आवश्यक डिटेल्स तत्काल उपलब्ध कराई जाएं, जिससे वितरण प्रणाली की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि सभी एजेंसियां निर्धारित नियमों एवं मानकों के अनुसार ही कार्य करें तथा उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

बैठक के दौरान पेट्रोल पंप संचालकों के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि जनपद में पेट्रोल एवं डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है और किसी प्रकार की कमी नहीं है। इस संबंध में जिलाधिकारी ने आमजन से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से पेट्रोलियम पदार्थों का संग्रहण न करें।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद में पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था पर सतत निगरानी बनाए रखी जाए, ताकि आमजन को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि प्रशासन जनपद में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार रावत, नगर मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा, उपजिलाधिकारी सदर, उपजिलाधिकारी करनैलगंज, उपजिलाधिकारी तरबगंज, पुलिस क्षेत्राधिकारी मनकापुर, पुलिस क्षेत्राधिकारी सदर, जिला पूर्ति अधिकारी सहित सभी एजेंसियों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
अपर पुलिस अधीक्षक गोण्डा द्वारा पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा के दृष्टिगत परीक्षा केन्द्रों का किया गया निरीक्षण
गोण्डा। आज  12.03.2026 को पुलिस अधीक्षक गोण्डा  विनीत जायसवाल के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक गोण्डा  मनोज कुमार रावत द्वारा आगामी 14 व 15 मार्च 2026 को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड, लखनऊ द्वारा आयोजित पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के दृष्टिगत जनपद के विभिन्न परीक्षा केन्द्रों का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक द्वारा परीक्षा कक्षों, सीसीटीवी कैमरों, प्रवेश द्वार, अभ्यर्थियों की चेकिंग व्यवस्था तथा सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। इस दौरान केन्द्र व्यवस्थापकों, सेक्टर मजिस्ट्रेटों एवं ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों को परीक्षा को शुचितापूर्ण, सकुशल एवं शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
साथ ही निर्देशित किया गया कि परीक्षा केन्द्रों पर अभ्यर्थियों की सघन चेकिंग की जाए तथा किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि पर सतर्क दृष्टि रखी जाए।

जनपद स्तर पर स्थापित कंट्रोल रूम द्वारा भी सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से परीक्षा के दौरान लगातार निगरानी रखी जाएगी तथा सोशल मीडिया सेल द्वारा विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर भी सतत् मॉनिटरिंग की जा रही है।
गोण्डा पुलिस द्वारा जनपद के समस्त थानों में यक्ष-एप के माध्यम से अपराधियों का वृहद सत्यापन अभियान चलाया गया, कुल 7872 अपराधियों का किया गया सत्य

गोण्डा। पुलिस अधीक्षक गोण्डा के कुशल निर्देशन में जनपद में अपराध नियंत्रण एवं कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाये रखने के उद्देश्य से एक विशेष सत्यापन अभियान चलाया गया। उक्त अभियान के अंतर्गत जनपद के समस्त थानों द्वारा चिन्हित अपराधियों एवं अभियुक्तों का मौके पर जाकर यक्ष-एप (Yaksh App) के माध्यम से भौतिक सत्यापन किया गया।

*यक्ष-एप (Yaksh App)-* उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा विकसित एक आधुनिक डिजिटल एप्लीकेशन है, जिसके माध्यम से अपराधियों, हिस्ट्रीशीटरों तथा वांछित अभियुक्तों का त्वरित सत्यापन, उनकी वर्तमान स्थिति का अद्यतन रिकॉर्ड तथा उनकी गतिविधियों की निगरानी ऑनलाइन की जाती है। इस एप के माध्यम से पुलिस कर्मी मौके पर ही अपराधियों की पहचान, फोटो, लोकेशन व अन्य विवरण को अपडेट कर सकते हैं, जिससे अपराधियों पर प्रभावी निगरानी रखना, उनकी गतिविधियों का विश्लेषण करना तथा आवश्यक होने पर त्वरित पुलिस कार्रवाई करना अधिक सरल एवं प्रभावी हो जाता है। यह व्यवस्था पुलिस कार्य को अधिक पारदर्शी, त्वरित एवं तकनीक आधारित बनाती है।

इस अभियान के दौरान जनपद के विभिन्न थानों द्वारा कुल *7872* अपराधियों का सत्यापन किया जा चुका है। थाना वार सत्यापन का विवरण निम्नवत है—
• कोतवाली नगर – 880
• कोतवाली देहात – 861
• खरगूपुर – 426
• इटियाथोक – 498
• मोतीगंज – 389
• धानेपुर – 490
• मनकापुर – 549
• छपिया – 350
• खोड़ारे – 260
• कर्नलगंज – 553
• कटरा बाजार – 394
• परसपुर – 426
• कौड़िया – 262
• तरबगंज – 359
• नवाबगंज – 446
• वजीरगंज – 487
• उमरीबेगमगंज – 242
पुलिस अधीक्षक गोण्डा के निर्देशानुसार यह अभियान निरंतर जारी है। समस्त थानों द्वारा शेष चिन्हित अपराधियों का सत्यापन कार्य भी तीव्र गति से कराया जा रहा है। इस कार्यवाही का मुख्य उद्देश्य अपराधियों की वर्तमान स्थिति एवं गतिविधियों की जानकारी प्राप्त कर उन पर प्रभावी निगरानी रखना है, जिससे जनपद में शांति, कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।
फर्जी स्कीम का लालच देकर किया ठगी,आधा दर्जन लोगों ने पुलिस अधीक्षक से किया शिकायत
*पुलिस ने दिए जांच के आदेश

गोंडा।जिले में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी का मामला सामने आया है।कैनविज इंफ्रा कारपोरेशन इंडिया और कैनविज इंडस्ट्रीज नामक कंपनियों पर फर्जी स्कीम चलाकर सैकड़ो लोगों को ठगने का आरोप है।बुधवार को छ: पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और अपनी जमा पूंजी वापस दिलाने की गुहार लगाई है।शिकायतकर्ताओं में सुरेंद्र कुमार, रेनू सिंह और सुरेंद्र प्रताप सिंह शामिल हैं ने बताया कि कन्हैया गुलाटी,राधिका गुलाटी और उनके सहयोगियों ने एक संगठित गिरोह बनाकर ग्रामीणों को लुभावनी योजनाओं का झांसा दिया।कंपनी ने कथित तौर पर दावा किया था कि 16000 रुपये जमा करने पर तीन साल बाद 32000 रुपये मिलेंगे।वहीं 24000 रुपये जमा करने पर 30 महीने तक हर महीने 2000 रुपये देने का लालच दिया गया।प्रार्थना पत्र के अनुसार सुरेंद्र कुमार ने 36 लाख रुपये का निवेश किया था,जिसमें से उन्हें मात्र 20 लाख रुपए वापस मिले हैं,जबकि 16 लाख रुपया अभी तक बकाया है।रेनू सिंह ने एक लाख इक्यावन हजार रुपए,सुरेंद्र प्रताप सिंह ने पांच लाख रुपये और जय प्रकाश ने 36 लाख रुपए का निवेश किया।अन्य पीड़ितों में कौशलेंद्र सिंह ने एक लाख रुपए,शिव शंकर गुप्ता ने तीन लाख रुपये,शिव कुमार गुप्ता ने दो लाख रुपये,अविनाश सोनकर ने एक लाख रुपये,विपिन और अमरेश ने तीन लाख रुपये,राकेश कुमार ने दो लाख पचास हजार रुपये,प्रमोद वर्मा ने तीन लाख नब्बे हजार रुपये,राम किशन यादव ने छत्तीस लाख रुपये,राधेश्याम वर्मा ने छ: लाख रुपये और संजय वर्मा ने 1200000 लाख रुपये लगाए।इसके अतिरिक्त जंगली प्रसाद, राम निहोर वर्मा,बजरंगी, गुड़िया देवी,गौरी प्रसाद साहू,रीना देवी, जमुना प्रसाद,सुधीर कुमार, अशोक कुमार,कृपाशंकर, राम जनक,राम श्रृंगार चतुर्वेदी,बीना मिश्रा, जय श्री पांडेय,रामजियावन,रामदेव,सुनील कुमार, गिरजा प्रसाद मिश्रा,मनीष कुमार मिश्रा, मंजू देवी,राम सुंदर, राम सिद्ध,मिठाई लाल,कुन्नू लाल सहित कई अन्य लोगों ने भी कंपनी में 16-16 हजार रुपए का निवेश किया था।बैंक जाने पर पता चला कि संबंधित खातों में पैसे ही नहीं हैं और चेक पूरी तरह फर्जी है।पीड़ितों का आरोप है कि जब उन्होंने अपने पैसे के लिए दबाव बनाया तो आरोपियों ने फोन बंद कर लिए।व्हाट्सअप काल के जरिये संपर्क करने पर आरोपियों ने निवेशकों को भद्दी भद्दी गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी।पीड़ितों का दावा है कि यह गिरोह केवल गोंडा ही नहीं बल्कि प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी करोड़ों की ठगी कर चुका है।शिकायतकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन से मांग किया है कि आरोपियों कन्हैया गुलाटी,राधिका गुलाटी,गोपाल गुलाटी,आशीष गुलाटी आदि के खिलाफ समुचित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए और पीड़ितों की राशि वापस दिलाई जाए।फिलहाल इन सभी शिकायती पत्रों का संज्ञान लेते हुए पुलिस द्वारा पूरे मामले की जांच शुरू कर दिया गया है और इन सभी लोगों से साक्ष्य मांगा है।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने इस पूरे मामले में पुलिस को जांच करके कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
ट्रेन के आगे कूदकर किराना व्यवसाई ने दिया जान,पटरी पर बिखरे मिले शव के टुकड़े
*मृतक के भाई ने बताया मानसिक रूप से था परेशान

गोंडा।जिले के इटियाथोक थाना क्षेत्र अंतर्गत अर्जुनपुर गांव के पास एक किराना व्यवसाई ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर लिया।घटना के बाद रेलवे ट्रैक पर शव के कई टुकड़े बिखरे मिले,जिससे इलाके में सनसनी फैल गयी।घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दिया है।पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान विशुनपुर संगम ग्राम पंचायत निवासी राजेश सिंह के रूप में हुई है।घटनास्थल के पास से पुलिस को एक टूटा हुआ मोबाइल फोन और सिम कार्ड मिला।सिम कार्ड के जरिये संपर्क करने पर मृतक की पहचान हो सकी।हालांकि घटनास्थल पर मृतक की मोटरसाइकिल नहीं मिली है।मृतक के भाई संजय सिंह ने बताया कि राजेश शिवपुरिया चौराहे पर किराने की दुकान करते थे और बुधवार सुबह वह घर से मोटरसाइकिल से दुकान जाने की बात कहकर निकले थे कि इसी दौरान अर्जुनपुर गांव के पास गोरखपुर बांद्रा एक्सप्रेस (15067) के सामने कूदकर उन्होंने अपनी जान दे दिया।परिजनों के अनुसार राजेश सिंह पिछले कुछ दिनों से मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे,हालांकि आत्महत्या के स्पष्ट कारणों का अभी पता नहीं चला है।वहीं इटियाथोक थानाध्यक्ष कृष्ण गोपाल राय ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले में आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।
हिजाब पहनकर चचेरी बहन के स्थान पर परीक्षा देती पकड़ी गई छात्रा संदेह होने पर कक्ष निरीक्षक ने किया जांच,मुकदमा दर्ज
गोंडा।जिले में यूपी बोर्ड हाईस्कूल के चित्रकला की परीक्षा के दौरान एक चचेरी बहन को बड़ी बहन के स्थान पर परीक्षा देते पकड़ा गया है।यह मामला परसपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत देवदत्त नगर स्थित इंडियन पब्लिक स्कूल में हुई है।जहाँ कक्ष निरीक्षक ने हिजाब पहनकर फातिमा की जगह परीक्षा दे रही अनसिया नामक छात्रा को पकड़ा,संदेह होने पर जब कक्ष निरीक्षक ने परीक्षा दे रही छात्रा का हिजाब हटवाया तो मामला सामने आया।जिसके बाद अनसिया को परसपुर थाने ले जाया गया।विद्यालय की प्रधानाचार्य शशि सिंह की तहरीर पर अनसिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया है।बताया जाता है कि अनसिया अपनी बड़ी बहन की खराब तबियत के कारण उसके स्थान पर परीक्षा देने आई थी और उसको इस बात की जानकारी नहीं थी कि दूसरे की जगह परीक्षा देना एक अपराध है।जिला प्रशासन व विद्यालय ने अनसिया की गोपनीयता बरकरार रखने के लिए उसकी कोई भी फोटो मीडिया में जारी नहीं किया है।मामले की पुष्टि करते हुए परसपुर थानाध्यक्ष कमल शंकर चतुर्वेदी ने बताया कि अनसिया को फातिमा के स्थान पर परीक्षा देते पकड़ा गया था, जिसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।वहीं जिला विद्यालय निरीक्षक डाक्टर रामचंद्र ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि हाईस्कूल परीक्षा के अंतिम दिन यह मामला सामने आया है और कार्रवाई की गई है,साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चचेरी बहन ही परीक्षा दे रही थी न कि कोई अन्यत्र व्यक्ति।
अपर जिलाधिकारी ने की “नागरिक सुरक्षा कोर कमेटी की बैठक, अधिकारियों को दिये आवश्यक दिशा निर्देश
*गोण्डा 10 मार्च,2026*।जिलाधिकारी गोण्डा श्रीमती प्रियंका निरंजन के निर्देशानुसार कलेक्ट्रेट सभागार में अपर जिलाधिकारी श्री आलोक कुमार की अध्यक्षता में “नागरिक सुरक्षा कोर कमेटी” की बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपद में नागरिक सुरक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं की समीक्षा करना तथा आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित और प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करना।
बैठक में नागरिक सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कमेटी के पदाधिकारियों ने प्रतिभाग किया। बैठक के दौरान नागरिक सुरक्षा से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए वर्तमान व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई तथा आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए। अपर जिलाधिकारी श्री आलोक कुमार ने कहा कि नागरिक सुरक्षा व्यवस्था किसी भी आपदा या आपात स्थिति में जनसामान्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसलिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें।
उन्होंने कहा कि नागरिक सुरक्षा से जुड़े स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए तथा समय-समय पर प्रशिक्षण एवं मॉक ड्रिल का आयोजन कर उनकी दक्षता बढ़ाई जाए, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया दी जा सके। साथ ही जनसामान्य को भी नागरिक सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने पर जोर दिया गया।
बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि आपदा प्रबंधन से संबंधित संसाधनों की उपलब्धता तथा उनकी कार्यक्षमता का नियमित रूप से परीक्षण किया जाए। विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर किसी भी आकस्मिक स्थिति में प्रभावी ढंग से कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
अपर जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि नागरिक सुरक्षा से जुड़े कार्यों को गंभीरता से लेते हुए समयबद्ध रूप से कार्यों का क्रियान्वयन करें तथा निर्धारित दिशा-निर्देशों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित करें। सभी अधिकारियों ने नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए अपने सुझाव भी प्रस्तुत किए।

बैठक में एआरटीओ (प्रशासन) आर.सी. भारतीय, जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारीगण एवं नागरिक सुरक्षा कोर कमेटी के पदाधिकारी उपस्थित रहे।