पंडित रूपनारायण त्रिपाठी की 36वीं पुण्यतिथि पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन
जौनपुर । कालजयी रचनाकार , पत्रकार पं0 रूपनारायण त्रिपाठी की 36वीं पावन पुण्य स्मृति को समर्पित ‘‘गीत रूप नमन समारोह‘‘- 2026 के अवसर पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन एवं गीत रूप नमन समारोह का आयोजन उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान लखनऊ एवं रूप सेवा संस्थान जगतगंज जौनपुर के संयुक्त तत्वाधान मे जगत नारायण इण्टर काजेज जगतगंज जौनपुर के परिसर मे आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत मानस कुम्भ से हुई जिसमें मानस मर्मज्ञ डाॅ आर0पी0 ओझा के व्याख्यान से हुआ। उन्होने मानसकृत गोस्वामी तुलसीदास जी के श्रीरामचरितमानस पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए विशेष रूप से स्व0 त्रिपाठी के मुक्तकों को उससे जोड़ते हुए सस्वर अद्भुत स्वरूप प्रस्तुत किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी डा0 दिनेश चन्द्र सिंह, पं0 रूपनारायण त्रिपाठी के चरणो मे नमन करते हुए कहा कि जौनपुर का सौभाग्य है कि स्व0 त्रिपाठी जी यहाॅ की मिट्टी में उत्पन्न हुए। उन्होने अपने साहित्यिक योगदान से पूरे हिन्दी जगत को गौरवान्वित किया। वे उस ऊॅचाई पर पहुॅचे जहाॅ कोई बिरला ही पहुॅच पाता है। उनकी रचनाएं सार्वभौमिक सर्वकालिक है। उनकी रचनाओ मे भारतीय सनातन संस्कृति के मूल्य निहित है। गीत रूप नमन समारोह के अवसर पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का शुभारम्भ प्रयागराज से पधारे डा0 श्लेष गौतम के वाणी वन्दना से हुई एवं उनकी कविता- लिखा था रह जायेगा रहता नही शशीर इसीलिये मरते नही तुलसी,सूर, कबीर सराही गयी। विनम्रसेन सिंह (प्रयागराज) ने ‘‘तरूणाई पर डगमग मन चंचल मधु छाया है। गीत का ये मौसम है अब बसन्त आया है’’ से ’’मधुमास का रंग बिखेरा’’ वीर रस ओज के यशस्वी कवि अतुल वाजपेयी (लखनऊ) ने बल-बुद्धि पराक्रम के सागर, जिनके आयुष धनु सायक है। वह पुरूषोत्तम भारत गौरव श्री राम हमारे नायक है। पंक्तियों से राष्ट्रीय उर्जा का संचार किया। ख्यातिलब्ध कवि प्रियांशु गजेन्द्र (बाराबंकी) ने ‘‘कहीं प्रशंसा कहीं पे ताली, कहीं भरा मन कहीं से खाली, जैसे-तैसे उमर बिता ली मैने तेरे प्यार में। रात-रात भर तुमकों गाया सुबह छपे अखबार में। जैसे गीतों से कवि की व्यथा का चित्रण किया। कलकत्ता से पधारे कवि डा0 सुशील साहिल ने बढ़ने लगे तरंग तो हमसे मिला करो, मन में उठे उमंग तो हमसे मिला करो। अंगरेजी देशी पौवा गटकने के बाद भी पानी से अगर हो भंग तो मुझसे मिला करो। जैसी कविताओं से लोगों को फागुन में रंग दिया। व्यग्यकार सभाजीत द्विवेदी प्रखर ने बीच-बीच में अपनी कविताओं से हास्य की छटा विखेरी। देश के शीर्षस्थ रचनाकार डा0 वुद्धिनाथ मिश्र ने यादों के गजरे कुम्हलाये, आप न आये। यह अमराई कौन अगोरे, अब तो हुए हैं भार टिकोरे, अंग-अंग महुआ गदरायें, आप न आये गीत से बिरहिणी नायिका की मनादेशा कर सजीव चित्रण किया। गीत रूप नमन समारोह की अध्यक्षता पूर्व कुलपति शिक्षाविद् प्रो0 राममोहन पाठक ने किया, संचालन श्लेष गौतम ने किया। कार्यक्रम के प्रारम्भ में दीप प्रज्जवलन के पश्चात् आगन्तुको एवं अतिथि कवियों को उ0प्र0 भाषा संस्थान लखनऊ एवं रूप सेवा संस्थान लखनऊ की तरफ से संरक्षक राम कृष्ण त्रिपाठी, प्रो0 मनोज मिश्र, एवं सचिव लोकेश त्रिपाठी आभार द्वारा स्मृतिचिन्ह एवं अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर पूर्व विधायक ओम प्रकाश दूबे ’बाबा’, डा0 मनोज मिश्र जनसंचार विभागाध्यक्ष पू0वि0वि0, अशोक दूबे, पूर्व प्रमुख श्रीपति उपाध्याय, वशिष्ठ नारायण सिंह, राम दयाल द्विवेदी, शशिमोहन सिंह ’क्षेम’, डा0 प्रभाकर त्रिपाठी, डा0 अरूण कुमार मिश्रा, डा0 वी0एस0 उपाध्याय, पूर्व प्राचार्य गौरीशंकर त्रिपाठी, पूर्व पुलिस अधीक्षक राम मोहन सिंह, रमेश चन्द्र उपाध्याय एडवोकेट, गौरीशंकर मिश्र एडवोकेट, डा0 देवेश उपाध्याय, इन्द्रसेन श्रीवास्तव, दयासागर राय, संजय उपाध्याय प्रबन्धक, संजय सिंह प्रबन्धक, फूलचन्द भारती, घनश्याम ओझा एडवोकेट, बृजभूषण शुक्ल, अरविन्द सिंह ’बेहोश’, वरिष्ठ पत्रकार लोलारक दूबे, सी0बी0 त्रिपाठी एडवोकेट, अवधेश पाठक, विकेश उपाध्याय, शिवाकान्त शुक्ल एडवोकेट, रामजी त्रिपाठी, राहुल त्रिपाठी, प्रशान्त त्रिपाठी, सुनील त्रिपाठी, अनिल त्रिपाठी, प्रधानाचार्य नागेश पाठक, छविनाथ मिश्र सहित जनपद के संभ्रान्तजनों, शिक्षाविदों ने पं0 रूपनारायण त्रिपाठी की प्रतिमा पर माल्यार्पण अर्पित किया। आगन्तुकों का अभिवादन प्रो0 मनोज मिश्र एवं लोकेश त्रिपाठी ने किया। आभार पं0 रामकृष्ण त्रिपाठी ने व्यक्त किया।

जौनपुर । कालजयी रचनाकार , पत्रकार पं0 रूपनारायण त्रिपाठी की 36वीं पावन पुण्य स्मृति को समर्पित ‘‘गीत रूप नमन समारोह‘‘- 2026 के अवसर पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन एवं गीत रूप नमन समारोह का आयोजन उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान लखनऊ एवं रूप सेवा संस्थान जगतगंज जौनपुर के संयुक्त तत्वाधान मे जगत नारायण इण्टर काजेज जगतगंज जौनपुर के परिसर मे आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत मानस कुम्भ से हुई जिसमें मानस मर्मज्ञ डाॅ आर0पी0 ओझा के व्याख्यान से हुआ। उन्होने मानसकृत गोस्वामी तुलसीदास जी के श्रीरामचरितमानस पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए विशेष रूप से स्व0 त्रिपाठी के मुक्तकों को उससे जोड़ते हुए सस्वर अद्भुत स्वरूप प्रस्तुत किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी डा0 दिनेश चन्द्र सिंह, पं0 रूपनारायण त्रिपाठी के चरणो मे नमन करते हुए कहा कि जौनपुर का सौभाग्य है कि स्व0 त्रिपाठी जी यहाॅ की मिट्टी में उत्पन्न हुए। उन्होने अपने साहित्यिक योगदान से पूरे हिन्दी जगत को गौरवान्वित किया। वे उस ऊॅचाई पर पहुॅचे जहाॅ कोई बिरला ही पहुॅच पाता है। उनकी रचनाएं सार्वभौमिक सर्वकालिक है। उनकी रचनाओ मे भारतीय सनातन संस्कृति के मूल्य निहित है। गीत रूप नमन समारोह के अवसर पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का शुभारम्भ प्रयागराज से पधारे डा0 श्लेष गौतम के वाणी वन्दना से हुई एवं उनकी कविता- लिखा था रह जायेगा रहता नही शशीर इसीलिये मरते नही तुलसी,सूर, कबीर सराही गयी। विनम्रसेन सिंह (प्रयागराज) ने ‘‘तरूणाई पर डगमग मन चंचल मधु छाया है। गीत का ये मौसम है अब बसन्त आया है’’ से ’’मधुमास का रंग बिखेरा’’ वीर रस ओज के यशस्वी कवि अतुल वाजपेयी (लखनऊ) ने बल-बुद्धि पराक्रम के सागर, जिनके आयुष धनु सायक है। वह पुरूषोत्तम भारत गौरव श्री राम हमारे नायक है। पंक्तियों से राष्ट्रीय उर्जा का संचार किया। ख्यातिलब्ध कवि प्रियांशु गजेन्द्र (बाराबंकी) ने ‘‘कहीं प्रशंसा कहीं पे ताली, कहीं भरा मन कहीं से खाली, जैसे-तैसे उमर बिता ली मैने तेरे प्यार में। रात-रात भर तुमकों गाया सुबह छपे अखबार में। जैसे गीतों से कवि की व्यथा का चित्रण किया। कलकत्ता से पधारे कवि डा0 सुशील साहिल ने बढ़ने लगे तरंग तो हमसे मिला करो, मन में उठे उमंग तो हमसे मिला करो। अंगरेजी देशी पौवा गटकने के बाद भी पानी से अगर हो भंग तो मुझसे मिला करो। जैसी कविताओं से लोगों को फागुन में रंग दिया। व्यग्यकार सभाजीत द्विवेदी प्रखर ने बीच-बीच में अपनी कविताओं से हास्य की छटा विखेरी। देश के शीर्षस्थ रचनाकार डा0 वुद्धिनाथ मिश्र ने यादों के गजरे कुम्हलाये, आप न आये। यह अमराई कौन अगोरे, अब तो हुए हैं भार टिकोरे, अंग-अंग महुआ गदरायें, आप न आये गीत से बिरहिणी नायिका की मनादेशा कर सजीव चित्रण किया। गीत रूप नमन समारोह की अध्यक्षता पूर्व कुलपति शिक्षाविद् प्रो0 राममोहन पाठक ने किया, संचालन श्लेष गौतम ने किया। कार्यक्रम के प्रारम्भ में दीप प्रज्जवलन के पश्चात् आगन्तुको एवं अतिथि कवियों को उ0प्र0 भाषा संस्थान लखनऊ एवं रूप सेवा संस्थान लखनऊ की तरफ से संरक्षक राम कृष्ण त्रिपाठी, प्रो0 मनोज मिश्र, एवं सचिव लोकेश त्रिपाठी आभार द्वारा स्मृतिचिन्ह एवं अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया गया।

जौनपुर। अवकाशप्राप्त मानद कैप्टन अशोक उपाध्याय ने जिलाधिकारी से मिलकर चकबन्दी प्रक्रिया पुन: प्रारम्भ कराने एवं सड़क निर्माण को लेकर ज्ञापन सौंपा। यह मांग जनपद के खुटहन क्षेत्र के बीरमपुर गांव की मूलभूत समस्याओं को लेकर की गयी है। जिलाधिकारी को दिये गये ज्ञापन के माध्यम से श्री उपाध्याय ने बताया कि उक्त गांव में लगभग 25 वर्ष पहले चकबन्दी प्रक्रिया प्रारम्भ हुई थी किन्तु विगत वर्ष बिना चकबन्दी पूर्ण हुये ही अभिलेख पुन: तहसील को वापस कर दिये गये। वर्तमान में गांव से सम्बन्धित समस्याओं के समाधान हेतु समुचित समन्वय एवं मार्गदर्शन के अभाव में ग्रामवासियों के हित से जुड़े कार्य अपेक्षित रूप से पूर्ण नहीं हो पा रहे हैं। श्री उपाध्याय ने बताया कि इसके अलावा गांव में सड़क मार्ग का अभाव है जिसके चलते ग्रामवासियों को आवागमन में अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। वहीं सड़क न होने से स्वास्थ्य सेवाओं, विद्यालय सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं तक पहुंचना भी कठिन हो जाता है। शिकायतकर्ता के अनुसार उक्त गांव सैनिक बाहुल ग्राम है जहां तमाम युवक भारतीय सेना, वायु सेना सहित अन्य सुरक्षा बलों में सेवा देकर देश की रक्षा कर रहे हैं। इसके बावजूद ग्रामवासी आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। कैप्टन अशोक उपाध्याय का ज्ञापन लेते हुये जिलाधिकारी डा. दिनेश चन्द्र ने तत्काल सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस पर त्वरित कार्यवाही की जाय।
जौनपुर। भारत जैसे विशाल और विविधता से भरे देश के लिए उसकी सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा पीढ़ी है।आज का भारत युवाओं का देश है, जहाँ लगभग 65 प्रतिशत जनसंख्या 35 वर्ष से कम उम्र की है। यह एक सुनहरा अवसर है, क्योंकि युवा किसी भी देश की रीढ़ होते हैं। वे जितने सक्षम, जागरूक, शिक्षित और जिम्मेदार होंगे, देश का भविष्य उतना ही उज्ज्वल होगा। युवा समाजसेवी सतीश तिवारी के नेतृत्व में मिलने आई युवा टीम द्वारा सम्मानित किए जाने के बाद बदलापुर विधानसभा के पूर्व विधायक ओमप्रकाश दुबे उर्फ बाबा दुबे ने उपरोक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि युवाओं के सपनों को पूरा करना सरकार की जिम्मेदारी है, परंतु दुर्भाग्य से सरकार UGC जैसे कानून लाकर युवाओं का भविष्य बर्बाद करने में लगी है। युवा शक्ति का आपसी टकराव देश को विनाश के रास्ते पर ले जाएगा। इस कानून से सभी का नुकसान होगा। उन्होंने पिछले दिनों सतीश तिवारी द्वारा 25 प्राथमिक स्कूलों के 5000 बच्चों को बाटी गई शैक्षणिक सामग्री की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, श्रीकृष्ण तिवारी, वैभव कृष्ण तिवारी, सुजल तिवारी, उत्कर्ष तिवारी, सचिन तिवारी तथा प्रमोद गिरी उपस्थित रहे। बाबा दुबे ने सभी को उज्जवल भविष्य की शुभकामना देते हुए बाबा कुंज में आने के लिए धन्यवाद दिया।
जौनपुर। महराजगंज क्षेत्र के हनुमान जी माता दुर्गा मंदिर फक्तूपुर के प्रांगण में चल रही पांच दिवसीय श्री राम कथा के आज चतुर्थ दिन वाराणसी की धरती से पधारी मानस कोकिला पूज्य कथा व्यास डॉ. सुधा पांडे द्वारा बड़े ही मार्मिक ढंग से श्री राम कथा सुनाई जा रही है प्रह्लाद द्वारा विष्णु भक्ति करने पर हिरण्यकशिपु ने उन्हें मारने के कई प्रयास किए, जिसमें होलिका दहन का प्रयास भी शामिल था, जिसमें होलिका जल गई और प्रह्लाद बच गए।नरसिंह अवतार का वध: भगवान विष्णु ने नरसिंह रूप में अवतरित होकर, सांझ के समय, दहलीज पर, अपनी जांघों पर रखकर, नाखूनों से उसका वध किया।पौराणिक कथाओं के अनुसार, हिरण्यकशिपु और उसका भाई हिरण्याक्ष भगवान विष्णु के द्वारपाल 'जय' और 'विजय' थे, जो शाप के कारण राक्षस बने। वही शबरी और श्रीराम जी कथा का वर्णन करते हुए कहा कि नवधा भक्ति राम जी ने सुनाया लेकिन मैया शबरी रहती है कि है भगवान मैं बहुत बड़ी आत्मा हूं अधमा हूं वही सभी से निवेदन करते हुए यह कहा कि भगवान श्री रामचंद्र जी कहते हैं कि अगर कोई हमारी भक्ति करना नहीं जानता है भगवान ने कहा हमारे चरणों में गिर करके निश्चल भाव से स्तुति वंदना करना नहीं जानता तो शरणागत होकर केवल इतना कह दे की मैं आपकी स्तुति करना नहीं जानता हूं वही सबसे बड़ी स्तुति होगी तथा यह भी कहा भगवान के सामने अहंकार लेकर जाओगे तो कुछ नहीं मिलेगा जिसके जीवन में भक्ति नहीं उसके जीवन में कुछ नहीं हनुमान जी की कथा सुनाते हुए कहा कि लंका दहन करते समय उन्होंने अशोक वाटिका को नहीं जलाया था, क्योंकि वहां सीताजी रहती थीं। इसी तरह उन्होंने रावण के भाई विभीषण का भवन भी नहीं जलाया, क्योंकि विभीषण के भवन के द्वार पर तुलसी का पौधा लगा था। साथ ही भगवान विष्णु के चिन्ह शंख, चक्र और गदा भी बने हुए थे। सबसे महत्वपूर्ण बात यह थी कि विभीषण के घर के ऊपर राम नाम अंकित था। उसी क्षण से विभीषण, हनुमान जी के प्रिय हो गए थे। यही कारण है कि जब विभीषण श्री राम की शरण में आये और सुग्रीव ने उनके प्रति आशंका प्रकट करते हुए दंड देने का सुझाव दिया, तो हनुमानजी ने उन्हें शिष्ट मान कर शरण में लेने का अनुरोध किया था और प्रभु राम ने उसे स्वीकार कर लिया था। वही वृंदावन की धरती से पधारे कथा व्यास माधव दास जी महाराज द्वारा भक्तों को सुंदर कथा सुनाई जा रही है जिसका सभी ने बखान किया कथा मंच का कुशल संचालन आशीष द्विवेदी द्वारा किया जा रहा है वहीं कथा प्रांगण में पहुंचे पत्रकार अमित पांडे का डा. सुधा पाण्डेय ने बखान कर आशीर्वाद दिया और कहा कि हर धार्मिक आयोजन में उपस्थित सराहनीय है। इस मौके पर कथा समिति के अध्यक्ष संदीप सिंह सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया इस मौके पर दिनेश सिंह, धर्मेंद्र सिंह, अजय प्रताप सिंह, सुनील सिंह, चंदन सिंह, राहुल सिंह, मंदिर पुजारी ओंकार नाथ मिश्रा, गिरीश चंद्र उपाध्याय, विनोद सेठ सच्चिदानंद त्रिपाठी, राजेश तिवारी सहित सैकड़ो की संख्या में कथा प्रेमी उपस्थित रहे।
जौनपुर। बिजली विभाग के मछलीशहर डिवीजन में अधिशासी अभियंता द्वारा किए गए घोटाले की जांच के लिए दो सदस्यीय एक टीम मछलीशहर कार्यालय पहुंची। जहाँ पीड़ित संविदा लाइनमैन अखिलेश कुमार ने अपने गलत तरीके से किए गए निष्कासन के मामले की सुनवाई के लिए जाँच टीम से पुरजोर मांग की। मुंगरा बादशाहपुर के धौरहरा गांव निवासी पवन कुमार पाण्डेय ने अधिशासी अभियंता मछलीशहर राजन कुमार द्वारा किए गए बिजली विभाग के राजस्व घोटाले का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री सहित विद्युत उच्चाघिकारियों को शिकायती पत्र के साथ साक्ष्य सहित शपथ पत्र देते हुए आरोप लगाया है जिसमे दस लोगों के साथ हुए इस भ्रष्टाचार को प्रमुखता से उठाया गया है। इन उपभोक्तओं का 1 लाख का बिजली बिल महज 5 हजार लेकर एक्स ई एन मछलीशहर द्वारा खत्मकर दिया गया हैं। पी.डी. करने के बाद उसी नाम से उसी परिसर में नया कनेक्शन दे दिया गया हैं।अधिशासी अभियंता की शिकायत कि जाँच के लिए अधिशासी अभियंता मीटर व लेखाकार की टीम मछलीशहर पहुँची। उधर पवन का यह भी आरोप है कि वहाँ
सतीश तिवारी द्वारा 5000 बच्चों को शैक्षणिक सामग्री वितरित
जौनपुर। यूपी के जौनपुर में नईगंज स्थित कंचन कॉम्प्लेक्स में शनिवार को शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पहुंचे। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. प्रमोद कुमार ने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ उनका भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम के बाद शंकराचार्य ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए गौ रक्षा और वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर अपने विचार रखे।उन्होंने कहा कि गौ माता की रक्षा और सम्मान के लिए चल रहे आंदोलन को “गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध सभा” नाम दिया गया है। इस अभियान के तहत वह 11 मार्च को लखनऊ पहुंचेंगे और सरकार से जवाब मांगेंगे। उन्होंने कहा कि गौ माता पूरे विश्व की माता हैं और हर व्यक्ति को इसकी जानकारी और सम्मान होना चाहिए।शंकराचार्य ने कहा कि संत समाज का उद्देश्य धर्म और समाज की रक्षा करना है।
जौनपुर । माता-पिता की सेवा करने से जीवन में सुख, शांति, सफलता, आयु, विद्या, बल और यश मिलता है, साथ ही ईश्वर की कृपा होती है और आत्मिक संतोष की प्राप्ति होती है; यह धरती पर स्वर्ग के समान है और इसे भगवान की सेवा से भी बढ़कर माना जाता है। इससे समाज में अच्छे संस्कार और आपसी रिश्ते मजबूत होते हैं। बदलापुर थाना अंतर्गत स्थित कमालपुर गांव में आयोजित श्रीमद भागवत धर्म कथा के दूसरे दिन कथा व्यास से बोलते हुए अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक संतोष जी महाराज ने उपरोक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों का अपमान करके कोई व्यक्ति आगे नहीं बढ़ सकता। मुख्य यजमान के रूप में दुर्गावती तिवारी पत्नी राधेश्याम तिवारी तथा कमलेश तिवारी पत्नी घनश्याम तिवारी प्रतिदिन पूजा और आरती कर रही हैं। कार्यक्रम का आयोजन लाल बिहारी तिवारी, डॉ राजेश्वर तिवारी और समस्त तिवारी परिवार की तरफ से किया गया है। जयप्रकाश तिवारी, प्रमोद तिवारी ,नरेंद्र ,विनय, मनोज, संजय, अरविंद, संतोष, आनंद, शिवम, आकाश, आशीष, अथर्व, आयुष ,सांची तथा प्रेया आगंतुकों का स्वागत सम्मान कर रहे हैं। कल कथा के पहले दिन सांसद सीमा द्विवेदी, राजेंद्र प्रसाद तिवारी, त्रिवेणी तिवारी, जयप्रकाश तिवारी, अशोक तिवारी, नंदलाल, रामपाल तिवारी, रवींद्र तिवारी, महेंद्र तिवारी, दशरथ यादव, पंडित यादव, दिनेश तिवारी, नन्हकू तिवारी शामिल हुए। आज की कथा में उपस्थित प्रमुख लोगों में वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, बंशीधर तिवारी,रामकृष्ण दुबे, रंगराज दुबे, बद्री दुबे ,पूर्व प्रमुख सूर्यनाथ शुक्ला, अखिलेश दुबे,अशोक कुमार पांडे, हृदय प्रकाश तिवारी, शशिधर तिवारी, रामफेर पांडे, सागर दुबे, जोखन प्रसाद तिवारी, लालता प्रसाद तिवारी, रमेश तिवारी, काशीनाथ तिवारी, पन्नालाल तिवारी, सुभाष सेठ, संतोष दुबे, अच्छे लाल दुबे आदि का समावेश रहा।
1 hour and 39 min ago
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