होली मिलन समारोह–बाल संस्कार केंद्र, हथियानाला,श्मशानघाट*
सुल्तानपुर,नर सेवा ही नारायण सेवा है इस पवित्र भाव को हृदय में धारण कर सेवा भारती समाज के वंचित,पीड़ित और उपेक्षित बंधुओं के जीवन में आशा,सम्मान और आत्मविश्वास जगाने का सतत कार्य कर रही है।
सेवा भारती का उद्देश्य केवल सहायता देना नहीं, बल्कि समाज में आत्मसम्मान, संस्कार और स्वावलंबन की भावना को जागृत करना है। इसी सेवा और समरसता की भावना के साथ हथियाला श्मशानघाट स्थित बाल संस्कार केंद्र पर रंगों का पावन पर्व होली बड़े उत्साह, प्रेम और भाईचारे के साथ मनाया गया। बच्चों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर प्रेम, सद्भाव और सामाजिक समरसता का सुंदर संदेश दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ हुई। इस अवसर पर मेहंदी प्रशिक्षण केंद्र तथा किशोरी विकास केंद्र का भी विधिवत शुभारंभ किया गया। इन केंद्रों के माध्यम से बालिकाओं और महिलाओं को कौशल विकास, स्वास्थ्य जागरूकता तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सुल्तानपुर के सह जिला कार्यवाह श्री शक्ति प्रकाश ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को देवी का स्वरूप माना गया है। जहाँ महिलाओं का सम्मान होता है, वहीं सुख, समृद्धि और देवत्व का वास होता है। मातृशक्ति समाज और राष्ट्र की सशक्त आधारशिला है। स्वावलंबन एवं समाज निर्माण में मातृशक्ति को भी आगे आना चाहिए। इस अवसर पर विभाग महामंत्री डॉ. सुनील त्रिपाठी जी ने कहा कि सेवा भारती का कार्य समाज में सेवा, संस्कार और समरसता की भावना को बढ़ाना है। बाल संस्कार केंद्र बच्चों में अच्छे संस्कार, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम का निर्माण करते हैं।
कार्यक्रम में ज्योति तिवारी जी, डॉ. राजीव त्रिपाठी जी, डॉ. अभिषेक पांडेय जी, विभाग सेवा प्रमुख दयाराम जी, सत्रुधन जी, विवेक जी, राहुल जी, केंद्र के शिक्षक दान बहादुर जी, अखिल प्रताप जी, शिखर पाठक जी तथा नगर प्रचारक सुशील जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता शालिनी तिवारी जी ने की। साथ ही रश्मि जी, नीलम जी, केंद्र की शिक्षिका आरती विश्वकर्मा जी तथा मेहंदी केंद्र की शिक्षिका दीपा जी सहित अनेक समाजसेवी एवं धर्मानुरागी व्यक्तियों ने कार्यक्रम में सहभागिता की। पूरे कार्यक्रम में सेवा, समरसता, प्रेम और सहयोग का अत्यंत प्रेरणादायी वातावरण देखने को मिला। यह आयोजन केवल होली का उत्सव नहीं, बल्कि समाज में सेवा, संस्कार और एकता का संदेश देने वाला प्रेरक कार्यक्रम सिद्ध हुआ।
3 hours ago
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