*आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट (आईएटी) 2026 का रजिस्ट्रेशन 5 मार्च से शुरू; परीक्षा 7 जून को होगी*
* सभी 7 आईआईएसईआर में प्रवेश का आधार सिर्फ आईएटी स्कोर होगा, जेईई स्कोर के आधार पर प्रवेश नहीं |
*लखनऊ, मार्च 2026* : इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (आईआईएसईआर) ने आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट (आईएटी) 2026 के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। आईएटी शैक्षिक वर्ष 2026-27 के लिए सभी आईआईएसईआर कैंपस के अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम में प्रवेश के लिए एकमात्र और अनिवार्य परीक्षा है।
ऑनलाइन आवेदन की आरंभिक तिथि 5 मार्च, 2026 (गुरुवार) है और एप्टीट्यूड टेस्ट 7 जून, 2026 (रविवार) को होगा।
विज्ञान पढ़ने के इच्छुक उम्मीदवार इस अनिवार्य एप्टीट्यूड टेस्ट के लिए रजिस्टर कर सकते हैं। इस परीक्षा से सभी 7 आईआईएसईआर कैंपस में किसी में भी विश्वस्तरीय शोध एवं प्रशिक्षण का प्रवेश द्वार खुल जाएगा। आईआईएसईआर की स्थापना भारत सरकार ने उच्च गुणवत्ता के साथ आधारभूत विज्ञान की शिक्षा और शोध संवर्धन के लिए किया। ये देश के प्रमुख स्वयात्त शिक्षा संस्थान हैं।
आईआईएसईआर बरहामपुर, आईआईएसईआर भोपाल, आईआईएसईआर कोलकाता, आईआईएसईआर मोहाली, आईआईएसईआर पुणे, आईआईएसईआर तिरुवनंतपुरम और आईआईएसईआर तिरुपति- किसी भी आईआईएसईआर में प्रवेश के इच्छुक उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट https://www.iiseradmission.in/ पर साल 2026 के लिए रजिस्टर कर सकते हैं। वेबसाइट पर परीक्षा केंद्र के विवरण भी दिए जाएँगे।
आईएटी 2026 की पूरी प्रवेश प्रक्रिया में उम्मीदवारों की सहायता के लिए एक हेल्पडेस्क (टेली. $91 7205457461 (कार्य दिवस में दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे के बीच); ईमेल: का प्रावधान किया गया है।
आईआईएसईआर के प्लेसमेंट रिकॉर्ड बहुत अच्छे रहे हैं। पूरी दुनिया के टॉप ग्लोबल फर्मों, रिसर्च इंस्टिट्यूशन्स और पीएचडी प्रोग्राम्स में आईआईएसईआर के ग्रेजुएट्स अपनी जगह बना रहे हैं। विद्यार्थियों को इंटर्नशिप, इंडस्ट्री कोलेबोरेशन और इंटरनेशनल एक्सचेंज प्रोग्राम के माध्यम से सीखने के पर्याप्त अवसर मिलते हैं। उनके लिए शिक्षा जगत, उद्योग और अन्य क्षेत्रों में अच्छा करियर बनाना आसान होता है।
आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट (आईएटी) ‘सर्वोपरि विज्ञान’ का मार्ग प्रशस्त करता है। यह इसे खास पहचान देता है। विद्यार्थियों को उनकी विशेषज्ञता का विषय चुनने से पहले कई विषयों को जानने का अवसर देता है। प्रवेश परीक्षा में सफल आवेदकों को एक वाइब्रेंट कम्युनिटी मिलती है, जहाँ बायोलॉजिकल, केमिकल, मैथमेटिकल, फिजिकल और अर्थ साइंसेज में अत्याधुनिक शोध हो रहे हैं।
आईआईएसईआर के विद्यार्थियों को रिसर्च, कॉन्सेप्चुअल ट्रेनिंग, इंटरडिसिप्लिनरी और हायर स्टडीज़ (एमएस / पीएचडी) के लिए अधिक फ्लेक्सिबिलिटी और फिर आर एण्ड डी, एकेडेमिया, डीप टेक और साइंटिफिक इनोवेशन में करियर के लिए बेहतर अनुकूलन का दीर्घकालिक लाभ मिलता है।
आईएटी 2026 के लिए योग्यता मानक
आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट (आईएटी) 2026 में आवेदन के लिए उम्मीदवार का साइंस स्ट्रीम में कक्षा 12 / समकक्ष परीक्षा या न्यूनतम 3 साल का डिप्लोमा प्रोग्राम (2024, 2025 या 2026 में) न्यूनतम 60 प्रतिशत अंकों (एससी / एसटी / पीडब्ल्यू के लिए 55 प्रतिशत) के साथ पास होना अनिवार्य है। यह आकलन सभी विषयों को ध्यान में रख कर किया गया हो।
उम्मीदवार ने बायोलॉजी, केमिस्ट्री, मैथमेटिक्स और फिजिक्स में से कम से कम तीन विषयों की पढ़ाई की हो। आईआईएसईआर कोलकाता के बीएस-एमएस कम्प्यूटेशनल और डेटा साइंस प्रोग्राम, आईआईएसईआर भोपाल के बी.टेक / बीएस इकोनॉमिक साइंस प्रोग्राम और आईआईएसईआर तिरुपति के बीएस इकोनॉमिक और स्टैटिस्टिकल साइंस प्रोग्राम के लिए मैथमेटिक्स अनिवार्य है।
विशेष सूचना- दिसंबर 2023 के जेकेबीओएसई कश्मीर / लद्दाख के विद्यार्थियों को 2024 में पास माना जाएगा; कश्मीरी माइग्रेंट्स अपने डोमिसाइल सर्टिफिकेट अपलोड करें; आरक्षण भारत सरकार की नीतियों के अनुसार उपलब्ध हैं। (एससी 15 प्रतिशत, एसटी 7.5 प्रतिशत, ओबीसी-एनसीएल 27 प्रतिशत, पीडब्ल्यूडी 5 प्रतिशत, ईडब्ल्यूएस 10 प्रतिशत तक, कश्मीरी माइग्रेंट्स के लिए सुपरन्यूमरेरी)।
*उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स अनुसार आईएटी 2026 में आवेदन करें-*
स्टेप 1 - आईआईएसईआर एडमिशन 2026 के लिए वेबसाइट https://iiseradmission.in/ पर जाएँ।
स्टेप 2 - होमपेज पर ‘अप्लाई फॉर आईएटी-2026’ पर जाएँ
स्टेप 3 - अगले पेज पर रजिस्टर कर यूजर आईडी और पासवर्ड प्राप्त करें
स्टेप 4 - सफलतापूर्वक रजिस्ट्रेशन के बाद अनिवार्य डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें और उचित राशि भुगतान कर आवेदन पत्र पूरा भरें।
उम्मीदवार सभी विवरण सही से और ध्यानपूर्वक दें। आवेदन पत्र सबमिट करने के बाद विवरण नहीं बदल सकते हैं।
*महत्वपूर्ण तिथियाँ*
5 मार्च, 2026 - एप्लीकेशन पोर्टल खुलेगा
13 अप्रैल, 2026 - एप्लीकेशन पोर्टल बंद होगा
16-18 अप्रैल, 2026 - एप्लीकेशन फॉर्म में करेक्शन
24 मई, 2026 - एग्जाम हॉल टिकट जारी होगा
7 जून, 2026 - आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट (आईएटी) 2026 परीक्षा की तिथि (सुबह 9:00 बजे - दोपहर 12:00 बजे आईएसटी)
उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि किसी अपडेट के लिए नियमित रूप से ऑफिशियल एडमिशन पोर्टल देखें- https://www.iiseradmission.in/#admission_important_dates
एनेक्सर
*प्रो. अशोक कुमार गांगुली, निदेशक, आईआईएसईआर बरहामपुर, ओडिशा, ने कहा,* “आईआईएसईआर बरहामपुर का शांत, सुकून भरा और स्वच्छ प्राकृतिक परिवेश उन्मुक्त सोच और सर्जना का संवर्धन करता है। साथ ही सबसे आधुनिक उपकरण देता है, ताकि अब तक अज्ञात पहलुओं को समझने और इनोवेशन करने का अवसर मिले। हमने विद्यार्थियों को शिक्षा का अद्वितीय अनुभव प्रदान करने के लिए सर्वश्रेष्ठ मानव संसाधन हासिल करने का लक्ष्य रखा है। हम स्पोर्ट्स, कल्चरल और आउटरीच / सोशल एक्टिविटीज़ को पर्याप्त महत्व देते हैं, क्योंकि ये विद्यार्थियों के व्यक्तित्व के बहुआयामी विकास के लिए जरूरी हैं।“
*प्रो. गोवर्धन दास, निदेशक, आईआईएसईआर भोपाल, ने कहा,* “आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट एक प्रवेश परीक्षा से बढ़ कर आईआईएसईआर भोपाल के डायनामिक रिसर्च इकोसिस्टम का प्रवेश मार्ग है। हमारा कैंपस विद्यार्थियों को नई जानकारियाँ हासिल करने, परीक्षण और सर्जन करने की प्रेरणा देता है। आईआईएसईआर भोपाल कई खूबियों की वजह से खास है, जैसे यहाँ साइंस, इंजीनियरिंग, इकोनॉमिक्स और ह्यूमैनिटीज़ का अनोखा तालमेल है। श्रेष्ठ शिक्षा का इंटरडिसिप्लिनरी परिवेश है। यह शिक्षा के अलावा कैंपस लाइफ के ज़रूरी स्पोर्ट्स और कल्चरल एक्टिविटीज़ को बढ़ावा देता है। खेल का अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और सभी सुविधाएँ देता है। कुल मिला कर विद्यार्थियों का मानसिक और शारीरिक विकास में पूरा योगदान देता है।”
*प्रो. सुनील कुमार खरे, निदेशक, आईआईएसईआर कोलकाता, ने कहा,* “आईआईएसईआर कोलकाता में हम आगामी पीढ़ी के लीडर्स को प्रशिक्षण देने के लिए कृतसंकल्प हैं, ताकि वे देश को साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथेमेटिक्स के शिखर पर ले जाएँ। साल 2006 में संस्थान के शुभारंभ के बाद हम ने रिसर्च, टीचिंग और इनोवेशन में श्रेष्ठ कार्य करने का वाइब्रेंट इकोसिस्टम स्थापित किया है। कैंपस में सब के समावेश और प्रगतिशील परिवेश के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएँ दी है। हमारे फैकल्टी अपने क्षेत्र में जाने-माने नाम हैं, जो क्यूरियोसिटी, लीडरशिप और इंटरडिसिप्लिनरी सोच को बढ़ावा देते हैं। हम शैक्षिक मार्गदर्शन के अलावा विद्यार्थियों को सत्यनिष्ठ, ज़िम्मेदार और भविष्य के तैयार बनाते हैं। बड़े बदलाव के विज़न के साथ उन्हें समाज में सार्थक योगदान देने के लिए तैयार करते हैं।”
*प्रो. अनिल कुमार त्रिपाठी, निदेशक, आईआईएसईआर मोहाली, ने कहा* , “आईआईएसईआर मोहाली हिमालय की तराई में बसी नॉलेज सिटी मोहाली में है, जहाँ नागरिकों के लिए बेहतरीन परिवेश है। यहाँ विद्यार्थियों की जिज्ञासा को एक उद्देश्य मिलता है, आश्चर्य भाव से ज्ञान सृजन होता है, विज्ञान का जुनून समझदारी और इनोवेशन का रूप लेता है और ज्ञान मनुष्य की प्रगति का संबल बनता है। हम विज्ञान की उत्कृष्ट शिक्षा पर ज़ोर देते हैं। साथ ही स्पोर्ट्स और कल्चरल जानने का उत्साह भरते हैं, क्योंकि यह विद्यार्थियों के सम्रग विकास के लिए जरूरी है। इस तरह हम विद्यार्थियों की करिकुलर और एक्स्ट्रा करिकुलर सभी गतिविधियों में मदद करते हैं।”
*प्रो. सुनील एस. भागवत, निदेशक, आईआईएसईआर पुणे, ने कहा,* “आईआईएसईआर पुणे में दुनिया की कुछ सबसे अच्छी यूनिवर्सिटीज़ की तरह इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएँ हैं। अत्याधुनिक शोधों में संलग्न फैकल्टी हैं। सही अर्थों में शानदार प्रतिभाएँ तैयार करने का आदर्श परिवेश है। संस्थान पुणे शहर में है और इसके चारों ओर उच्च स्तरीय शोध संस्थान और उद्योग केंद्र हैं। आईआईएसईआर पुणे सीखने, नई खोज और प्रगति करने का जीवंत और उत्साहवर्धक माहौल देता है। साथ ही, कल्चरल और स्पोर्ट्स एक्टिविटीज़ के साथ सभी के समावेश का परिवेश देता है।”
*प्रो. जारुगु नरसिम्हा मूर्ति, निदेशक, आईआईएसईआर तिरुवनंतपुरम, ने कहा,* “आईआईएसईआर तिरुवनंतपुरम में हम विद्यार्थियों को ऐसा परिवेश देने के लिए कृतसंकल्प हैं, जिसमें उत्सकुता से प्रेरित जिज्ञाशा वैज्ञानिक प्रशिक्षण को संपूर्णता प्रदान करती करती है। केरल के वेस्टर्न घाट की शांत पृष्ठभूमि में हमारा कैंपस एक प्रेरक परिवेश देता है, ताकि विभिन्न विषयों में जिज्ञाशा, सर्जना और सार्थक सहयोग का संवर्धन हो। साल 2008 में संस्थान की शुरुआत के बाद से हम ने उच्च गुणवत्ता के शोध और शिक्षण की मजबूत नींव बनाई है। हमारे पास अत्याधुनिक लैब्स और अध्ययन-अध्यापन की वाइब्रेंट कम्युनिटी है। हम उत्कृष्ट प्रतिभाओं को आकर्षित करने और उन्हें दुनिया की वास्तविक चुनौतियाँ पार कर शिखर छूने के लिए तैयार करते हैं। इस तरह वे देश-दुनिया की ज्वलंत समस्याओं के समाधान देने में सक्षम होते हैं। हमारे एकेडमिक प्रोग्राम्स इसलिए खास हैं, क्योंकि हम उन्हें इंटरडिसिप्लिनरी बनाते हैं। हम प्रतिभा प्रशिक्षण पर जोर देकर देश के भविष के लिए तैयार एक मजूबत वैज्ञानिक कार्यबलब बना रहे हैं। यह एनर्जी सेक्युरिटी, एडवांस्ड मटीरियल, मॉडर्न मेडिसिन, क्वांटम कंप्यूटिंग आदि आधुनिक कार्य क्षेत्रों की चुनौतियों के समाधान देंगे।”
*प्रो. शांतनु भट्टाचार्य, निदेशक, आईआईएसईआर तिरुपति, ने कहा* , “आईआईएसईआर तिरुपति एक अग्रगण्य शोध-उन्मुख संस्थान है (यह वर्ष 2015 में स्थापित और आईआईएसईआर सीरीज़ का 6ठा संस्थान है)। आईआईएसईआर तिरुपति का 5-साल का इंटरडिसिप्लिनरी बीएस-एमएस प्रोग्राम मौलिक विज्ञान का शोध-उन्मुख शिक्षा से बेजोड़ तालमेल करता है। संस्थान के पास अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, सबसे बड़ा आईआईएसईआर कैंपस, उच्च कोटि के इंस्ट्रूमेंट्स, स्वयं सीख कर वैज्ञानिक जिज्ञासा बढ़ाने पर जोर और उच्च गुणवत्ता के फैकल्टी के मार्गदर्शन में शिक्षण-प्रशिक्षण जैसे सभी फीचर्स हैं। यहाँ मेजर और माइनर्स के कई ऑप्शन हैं। साथ ही पूरी दुनिया में मान्य डुअल डिग्री के अवसर भी हैं। आईआईएसईआर तिरुपति में हम भविष्य सँवारने में सक्षम जिज्ञाशा का सम्मान करते हैं। हमें चुनौती देते सवालों, हमें प्रेरित करते एक्सपेरिमेंट्स और उन खोजों को अहमियत देते हैं, जो हमारी दुनिया बदलने में सक्षम दिखते हैं। यह रिसर्चर्स, स्कॉलर्स और उन लोगों के लिए है, जिनके सपने हैं, जो हर दिन ज्ञान की नई सीमाएँ बना रहे हैं।”
*इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (आईआईएसईआर) का संक्षिप्त परिचय*
इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (आईआईएसईआर) विज्ञान की शिक्षा और शोध दोनों क्षेत्रों में बेहतरीन काम करने के अपने मजबूत इरादों के लिए मशहूर हैं। ये संस्थान बरहमपुर, भोपाल, कोलकाता, मोहाली, पुणे, तिरुवनंतपुरम और तिरुपति में हैं। इन संस्थानों में शिक्षा का अद्वितीय परिवेश है, जहाँ विभिन्न विषयों के तालमेल से सीखने और शोध करने को बढ़ावा दिया जाता है। अत्याधुनिक प्रयोगशालाएँ, शोध केंद्र और कैंपस का प्रगतिशील माहौल है। इस तरह आईआईएसईआर अपने विद्यार्थियों को नई खोज, इनोवेशन और शैक्षिक उपलब्धियों के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
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8 मार्च को दिल्ली के जंतर मंतर में एडवोकेट अनिल मिश्रा जी के नेतृत्व में विशाल प्रदर्शन करेंगे
लखनऊ । सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरज प्रसाद चौबे ने सवर्ण समाज के लोगों से  होलिका दहन के दिन आए लोगों से कहा कि हम जंतर मंतर नई दिल्ली में यूजीसी के विरोध में न्याय संगत समाधान प्राप्त करने हेतु, सामान्य वर्ग के बच्चों के भविष्य की रक्षा करने और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए हमारी  प्रयास करना प्राथमिकता है हम अपने अधिकार की मांग करने के लिए 8 मार्च को दिल्ली के जंतर मंतर में एडवोकेट अनिल मिश्रा पूर्व अध्यक्ष बार असोसिएशन एव राष्ट्रीय संरक्षक सवर्ण आर्मी भारत के नेतृत्व में 40 सवर्ण संगठनों के साथ इकठ्ठा होगे और अपने भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है,हम सभी से अनुरोध करते हैं कि जाति पाती भेदभाव छोड़ कर हमारे बच्चों के समर्थन खड़े हो और हमे उनके भविष्य के लिए लड़ने में सहयोग करे,समस्या यूजीसी ही नहीं है अनेक समस्याओं से सवर्ण समाज को छुटकारा चाहिए जाती गत आरक्षण ,जो सवर्ण के होनहार छात्र के प्रतिभा का हत्या कर रहा है, एससीएसटी एक्ट समाप्त करना होगा ।
लखनऊ में अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के प्रबुद्ध सम्मेलन में अलंकार अग्निहोत्री जी को बोलने से जब रोका गया तो कितना दुर्भाग्य हैं वह बैठे सवर्ण समाज के लोगों ने जबरजस्त विरोध किया क्यों कि भीड़ अनिल मिश्रा एडवोकेट और अलंकार अग्निहोत्री को सुनने गई थी आज यह सिद्ध हो गया है कि सवर्ण समाज का उपयोग और संगठन का प्रयोग राजनीतिक दलों के लिए करेंगे समाज इसे समाज के नेताओं को भगा दे रही है अनिल मिश्रा एडवोकेट जैसे ही यूजीसी बिल वापस लेने हेतु बोलना शुरू किया पूरा हाल अनिल मिश्रा जिंदाबाद के नारे से गज गया वहां बैठे पूर्व उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा मंच से चले गए भाजपा के दिग्गज नेताओं के सामने सवर्ण समाज ने दिखा दिया कि अब भाजपा के गुलाम नहीं है उसके नेता अनिल मिश्रा एडवोकेट है ।
*एसके रायपुर मैराथन 2026: सुबह 4.30 बजे फ्लैग ऑफ के साथ दौड़े दस हज़ार से अधिक धावक*

*स्वच्छता और साइबर सुरक्षा का संदेश देते हुए सफलतापूर्वक संपन्न हुआ एसके रायपुर मैराथन*

*रणविजय की चीयरिंग के साथ 25 शहरों से शामिल हुए धावकों का रायपुर ने किया स्वागत*

*रायपुर | 1 मार्च 2026:* रविवार की सुबह रायपुर की सड़कों पर ऐसा माहौल दिखाई दिया मानो पूरा रायपुर फिटनेस और खेल भावना के उत्सव में शामिल हो गया हो। संस्कृति युवा संस्था और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इवेंट मैनेजमेंट (आईआईईएमआर) द्वारा एसके फाइनेंस और साउथ ईस्टर्न कोल फील्ड के सहयोग से आयोजित एसके रायपुर मैराथन 2026 ने शहर को ऊर्जा, अनुशासन और उत्साह से भर दिया। सुबह तड़के 4 बजे से ही शहर की इस भव्य आयोजन में 25 शहरों से आए 10000 धावकों ने विभिन्न श्रेणियों में भाग लिया।

एसके रायपुर मैराथन का फ्लैग ऑफ छत्तीसगढ़ पुलिस के आईजी बद्रीनारायण मीणा तथा इनकम टैक्स कमिश्नर श्रवण मीणा के साथ यूथ आइकन रणविजय ने किया। इस अवसर पर आईआईईएमआर के निदेशक मुकेश मिश्रा सहित एसके फाइनेंस के नेशनल बिजनेस हेड प्रशांत चौरे  उपस्थित रहे। आयोजन का विशेष आकर्षण रहे यूथ आइकन रणविजय जिन्होंने धावकों को चीयर कर उनका उत्साहवर्धन किया।

इस अवसर पर एसके फाइनेंस के नेशनल बिजनेस हेड प्रशांत चौरे ने कहा: “एसके रायपुर मैराथन जैसे आयोजन सिर्फ खेल तक सीमित नहीं होते, बल्कि समाज को फिटनेस, अनुशासन और जागरूकता के लिए प्रेरित करते हैं। इतनी बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी यह दर्शाती है कि रायपुर स्वस्थ और जिम्मेदार भविष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है।”

इसी कड़ी में एसके रायपुर मैराथन के आयोजक और आईआईईएमआर के निदेशक मुकेश मिश्रा ने सभी धावकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा: “एसके रायपुर मैराथन 2026 में धावकों का उत्साह और ऊर्जा अभूतपूर्व रही। हमारी कोशिश रही कि प्रतिभागियों को विश्वस्तरीय अनुभव मिले और सुरक्षित व व्यवस्थित वातावरण में वे अपनी दौड़ पूरी करें। यह आयोजन रायपुर की बढ़ती फिटनेस संस्कृति का मजबूत संकेत है।”

आयोजन के दौरान मैराथन के रूट पर ज़ुंबा, डांस तथा चीयरिंग ज़ोन भी बनाए गए तथा प्रतिभागियों की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। मेडिकल टीम, एम्बुलेंस, जलपान केंद्र, ट्रैफिक प्रबंधन और स्वयंसेवकों की व्यापक व्यवस्था के चलते सभी दौड़ें समयबद्ध और सुचारू रूप से संपन्न हुईं।

*विभिन्न कैटेगरी के विजेता*

*प्रतियोगिता में 21 किमी पुरुष वर्ग*
प्रथम:  अजीत बेंदे, समय 1:08:18
द्वितीय: पुकेश्वर लाल, समय 1:08:20
तृतीय: विकास बिश्ने, समय 1:11:35

*महिला वर्ग*
प्रथम: चंद्रिका यादव, समय 1:28:02
द्वितीय: भीमेश्वरी ठाकुर, समय 1:31:05
तृतीय: रुक्मिणी साहू, समय 1:44:25

*10 किमी पुरुष वर्ग*
प्रथम: मनीष पाथे, समय 00:33:13
द्वितीय: लिलेश्वर, समय 00:33:15
तृतीय: साहिल कुमार, समय 00:35:43

*10 किमी महिला वर्ग*
प्रथम: बेदोमति यादव, समय 00:4:536
द्वितीय: लक्ष्मी, समय 00:46:08
तृतीय: लक्ष्मी, समय 00:47:52

आयोजकों ने विश्वास जताया कि एसके रायपुर मैराथन आने वाले वर्षों में फिटनेस, स्वच्छता और सामाजिक जागरूकता को जन-आंदोलन का रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। ऊर्जा, अनुशासन और खेल भावना से भरपूर इस आयोजन ने एक बार फिर साबित किया कि रायपुर केवल आयोजन का शहर नहीं, बल्कि स्वस्थ और जागरूक समाज की दिशा में निरंतर आगे बढ़ता हुआ शहर है। इस सफल आयोजन के साथ शहर में फिटनेस और जागरूकता की नई ऊर्जा देखने को मिली, जो भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के लिए प्रेरणा बनेगी।
*एसके रायपुर मैराथन 2026: सुबह 4.30 बजे रायपुर दौड़ेगा फिटनेस के जज़्बे के साथ*

* एसके रायपुर मैराथन 2026 के रूट और फ्लैग-ऑफ टाइमिंग घोषित*

*धावकों का हौसला बढ़ाएंगे यूथ आइकन रणविजय*

*रायपुर, 27 फरवरी 2026:* फिटनेस, ऊर्जा और जागरूकता के संदेश को लेकर रायपुर एक बार फिर दौड़ने के लिए तैयार है। एसके रायपुर मैराथन 2026 के रूट मैप और फ्लैग-ऑफ टाइमिंग की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है। संस्कृति युवा संस्था और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इवेंट मैनेजमेंट (आईआईईएमआर) द्वारा एसके फाइनेंस और साउथ ईस्टर्न कोल फील्ड के सहयोग से आयोजित यह बहुप्रतीक्षित मैराथन 1 मार्च 2026 (रविवार) को शहर में उत्साह और जोश के साथ आयोजित होगी। मैराथन का पोस्टर छत्तीसगढ़ के आईजी बद्रीनारायण मीणा द्वारा लॉन्च किया गया।

आईआईईएमआर के निदेशक और मैराथन के आयोजक मुकेश मिश्रा ने कहा: “लेट्स रन टुवर्ड्स अ हेल्थियर इंडिया एंड अ सेफर डिजिटल इंडिया थीम के साथ आयोजित इस मैराथन में फिटनेस के साथ सामाजिक जागरूकता का संदेश भी प्रमुख रहेगा। आयोजन में सेलिब्रिटी गेस्ट रणविजय सिंघा की मौजूदगी प्रतिभागियों के लिए खास आकर्षण होगी।"

*रूट रहेगा जोश से भरपूर*

एसके रायपुर मैराथन 2026 का रूट स्प्री वॉक मरीन ड्राइव, तेलीबांधा से शुरू होगा, जहां से धावक लाइन-अप एरिया से आगे बढ़ते हुए मरीन ड्राइव से निकलकर कमल विहार चौराहा, कटोरा तालाब चौराहा, पीडब्ल्यूडी ब्रिज चौराहा, अमलीडीह चौक, राजेन्द्र नगर चौराहा और कमल विहार फ्लायओवर तक पहुंचेंगे। यहां निर्धारित टर्निंग पॉइंट से प्रतिभागी यू-टर्न लेकर उसी मार्ग से वापस लौटेंगे और फिर से कमल विहार चौराहा होते हुए स्प्री वॉक मरीन ड्राइव पहुंचेंगे, जहां रेस का फिनिश पॉइंट रखा गया है। 10 किमी रन इसी निर्धारित रूट पर होगी, जबकि 21 किमी हाफ मैराथन के लिए इसी रूट के दो लूप पूरे किए जाएंगे, और 3 किमी ड्रीम रन धावक जल विहार चौराहे से वापस लौटेंगे।

*फ्लैग-ऑफ और रेस टाइमिंग*

• एसके रायपुर हाफ मैराथन (21 किमी) – रिपोर्टिंग: सुबह 4:00 बजे | फ्लैग-ऑफ: सुबह 4:30 बजे
• एसके 10 किमी रन – रिपोर्टिंग: सुबह 6:00 बजे | फ्लैग-ऑफ: सुबह 6:30 बजे
• एसके 3 किमी ड्रीम रन – रिपोर्टिंग: सुबह 6:30 बजे | फ्लैग-ऑफ: सुबह 7:00 बजे

बिब एक्सपो और किट कलेक्शन
पंजीकृत प्रतिभागियों के लिए बिब एक्सपो एवं किट कलेक्शन 28 फरवरी 2026 को सुबह 11:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक मरीन ड्राइव स्थित स्प्री वॉक, तेलीबांधा में आयोजित किया जाएगा।

आयोजकों ने सभी धावकों से अपील की है कि वे समय पर पहुंचकर आयोजन का हिस्सा बनें और रायपुर को फिटनेस और जागरूकता के इस बड़े उत्सव का साक्षी बनाएं।
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने 583 करोड़ रुपए के सरकारी भुगतान के साथ कायम रखा भरोसा

हरियाणा सरकार के विभाग ने सिद्धांत आधारित दृष्टिकोण के लिए आईडीएफसी फर्स्ट बैंक का आभार जताया


मुंबई, फरवरी, 2026: आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने चंडीगढ़ स्थित अपनी एक शाखा में हरियाणा सरकार के कुछ विभागों के खातों से जुड़े हालिया मामले पर अपनी पूर्व जानकारी का संदर्भ दिया है।
प्रारंभिक जाँच में संकेत मिले हैं कि शाखा के कुछ कर्मचारियों ने कथित रूप से जाली दस्तावेज़ों और भुगतान निर्देशों को क्लियर करने में धोखाधड़ी की और संभव है कि इसमें बाहरी लोगों की मिलीभगत भी रही हो। मामले की फिलहाल संबंधित प्राधिकरणों द्वारा जाँच की जा रही है।
जाँच जारी रहने के बावजूद, बैंक ने तुरंत कदम उठाते हुए हरियाणा सरकार के संबंधित विभागों द्वारा दावा की गई मूल राशि और ब्याज का 100% भुगतान कर दिया है, जिसकी कुल राशि 583 करोड़ रुपए है। अंतिम राशि में आगे किसी अतिरिक्त दावे या मिलान प्रक्रिया के आधार पर बदलाव हो सकते हैं।
हरियाणा सरकार के संबंधित विभागों ने इस मामले में बैंक के सिद्धांत आधारित रुख, त्वरित कार्रवाई और पेशेवर आचरण की सराहना करते हुए, आभार व्यक्त किया है।
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने हरियाणा सरकार और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के पूर्ण सहयोग से यह स्पष्ट किया है कि वह धोखाधड़ी में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और उन्हें न्याय के कटघरे तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
बैंक वित्तीय रूप से मजबूत और बेहतर पूँजी स्थिति में है। 31 दिसंबर, 2025 तक बैंक को फिक्स्ड डिपॉजिट्स के लिए क्रिसिल द्वारा एएए रेटिंग प्राप्त है, जबकि दीर्घकालिक रेटिंग में क्रिसिल, आईसीआरए, इंडिया रेटिंग्स और केयर से एए+ रेटिंग प्राप्त है। बैंक का कुल ग्राहक व्यवसाय (ऋण और जमा) 5,62,090 करोड़ रुपए पर पहुँच गया है, जो साल-दर-साल 22.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। एसेट क्वालिटी मजबूत बनी हुई है, जिसमें ग्रॉस एनपीए 1.69 प्रतिशत और नेट एनपीए 0.53 प्रतिशत है। बैंक का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो 16.22 प्रतिशत और सीएएसए रेशियो 51.6 प्रतिशत है।
बैंक की यूनिट इकोनॉमिक्स मजबूत है। वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में इसका नेट इंटरेस्ट मार्जिन 5.76 प्रतिशत रहा, जो स्वस्थ स्तर को दर्शाता है। बैंक फिलहाल निवेश चरण में है और भविष्य का एक बड़ा व विविधीकृत बैंक बनने के लिए प्रोडक्ट्स, टेक्नोलॉजी, डिस्ट्रीब्यूशन, ब्रांचेस, एटीएम, ग्रामीण बैंकिंग, कॉर्पोरेट बैंकिंग, कैश मैनेजमेंट, ट्रेड, एनआरआई, क्रेडिट कार्ड्स और अन्य यूनिवर्सल बैंकिंग सॉल्यूशंस में निवेश कर रहा है। आने वाले वर्षों में इन निवेशों का परिचालन लाभ वित्त वर्ष 27 से आय और अधिक मजबूत मुनाफे के रूप में दिखाई देने की उम्मीद है।
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक आधुनिक टेक्नोलॉजी आर्किटेक्चर और उन्नत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर आधारित है, जो बेहतर ग्राहक अनुभव को समर्थन देता है। इसके मोबाइल बैंकिंग प्लेटफॉर्म को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त रिसर्च फर्म फॉरेस्टर ने वैश्विक स्तर पर दूसरे स्थान पर रैंकिंग हासिल की है। साथ ही, इसे गूगल पर 4.9 और आईओएस प्लेटफॉर्म पर 4.8 की उच्च ग्राहक रेटिंग प्राप्त है।
भारत–यूरोप कनेक्टिविटी के लिए अदाणी पोर्ट्स और मार्सेईल फॉस पोर्ट की रणनीतिक साझेदारी*
*अहमदाबाद, 18 फरवरी 2026* : दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट यूटिलिटी, अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) और फ्रांस का प्रमुख पोर्ट एवं भूमध्यसागर का प्रमुख प्रवेश द्वार, पोर्ट ऑफ़ मार्सेईल फॉस ने व्यापार सुगमता, पोर्ट इनोवेशन और एनर्जी ट्रांजीशन के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
यह साझेदारी आईएमईसी पोर्ट्स क्लब बनाने का प्रस्ताव रखती है, जिसका उद्देश्य इंडिया–मिडिल ईस्ट–यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (आईएमईसी) मार्ग पर मुख्य पोर्ट्स के बीच समन्वय को मजबूत करना है, और भारत तथा यूरोपीय यूनियन के बीच कनेक्टिविटी को और मजबूत बनाना है। यह भारत-ईयू ट्रेड के लिए आईएमईसी मार्ग को पूरा करता है, जिसे भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच एफटीए ने और बढ़ावा दिया है, जिसे भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 'द मदर ऑफ़ ऑल डील' कहा है।
यह एमओयू फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन के दौरे के दौरान किया गया, जो भारत–फ्रांस रणनीतिक साझेदारी के विस्तार को दर्शाता है और इसे व्यापक आईएमईसी व भारत–ईयू ट्रेड दृष्टिकोण के साथ जोड़ता है। 2023 के जी20 शिखर सम्मेलन में नई दिल्ली में लॉन्च किया गया इंडिया–मिडिल ईस्ट–यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (आईएमईसी) 6,000 किलोमीटर लंबा मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट है, जो भारत और यूरोप को एकीकृत समुद्री मार्गों, रेल नेटवर्क, डिजिटल सिस्टम और क्लीन एनर्जी मार्गों के माध्यम से जोड़ता है।
आईएमईसी के पूर्वी प्रवेश द्वार पर, एपीएसईजेड के मुंद्रा और हाजीरा पोर्ट एक मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब का निर्माण करते हैं, जो दक्षिण एशिया को पश्चिम एशिया से जोड़ता है। इस एमओयू के माध्यम से, मार्सेईल फॉस कॉरिडोर के पश्चिमी यूरोपीय प्रवेश द्वार को मजबूत करता है, लगभग 70 मिलियन टन की अतिरिक्त क्षमता जोड़ता है और आईएमईसी की पहुँच को यूरोप के अंदर और गहराई तक बढ़ाता है। मार्सेईल फॉस यूरोप के सबसे बड़े इंटीग्रेटेड मल्टीमॉडल पोर्ट सिस्टम में से एक है। यह साझेदारी भारत–ईयू ट्रेड को सुगम बनाने के लिए एक अधिक व्यवस्थित और समन्वित मार्ग स्थापित करती है।
एपीएसईजेड के होल-टाइम डायरेक्टर और सीईओ अश्वनी गुप्ता ने कहा, "भारत ने इस कॉरिडोर को आगे बढ़ाने में पहले ही नेतृत्व की भूमिका निभाई है, और भारत–ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के पूरा होने के साथ, भाग लेने वाले देशों के बीच व्यापार कई गुना बढ़ने की उम्मीद है। एपीएसईजेड में, भारत के पश्चिमी तट पर हमारे हाजीरा और मुंद्रा पोर्ट्स ने कॉरिडोर के पहले और मध्य हिस्सों में एक निर्बाध मार्ग स्थापित कर लिया है। फ्रांस के पोर्ट ऑफ़ मार्सेईल फॉस के साथ इस एमओयू के जरिये, हमने अब यूरोप तक अंतिम चरण को सफलतापूर्वक जोड़ दिया है। यह साझेदारी सभी भाग लेने वाले देशों के बीच सूचना और सामग्री के आदान-प्रदान को तेजी से बढ़ाएगी, और आर्थिक सहयोग तथा सप्लाई-चेन की मजबूती को और सशक्त करेगी।"
पोर्ट ऑफ़ मार्सेईल फॉस के सीईओ हर्वे मार्टल ने कहा, "हमें खुशी है कि हम एपीएसईजेड के साथ अपनी साझेदारी को और मजबूत कर रहे हैं, ऐसे समय में जब आईएमईसी कॉरिडोर निर्णायक चरण में प्रवेश कर रहा है। भारत और मार्सेईल इस भविष्य के व्यापार मार्ग के दोनों छोर पर स्थित हैं, जिससे दोनों पोर्ट्स पर इस नए मार्ग को संरचित और सक्रिय करने की बड़ी जिम्मेदारी है। हम साथ मिलकर शामिल पोर्ट्स को सक्रिय करने और एकजुट करने का इरादा रखते हैं, और अपने क्षेत्रों के बीच एक अधिक कुशल,  टिकाऊ कनेक्शन के लिए मजबूत समर्थन करेंगे।"
यह साझेदारी निम्नलिखित क्षेत्रों पर केंद्रित होगी:
• आईएमईसी मार्ग को यूरेशियन ट्रेड के लिए एक टिकाऊ, सुरक्षित और प्रतिस्पर्धी विकल्प के रूप में बढ़ावा देना, जिसमें संयुक्त अभियान, इंटरनेशनल ट्रेड फेयर्स और रोडशो में भागीदारी, तथा लक्षित बी2बी जुड़ाव शामिल हैं।
• पोर्ट डिजिटलाइजेशन, स्मार्ट पोर्ट प्लेटफ़ॉर्म, डेटा इंटरऑपरेबिलिटी, साइबर सिक्योरिटी, वैकल्पिक ईंधन, शोर पावर सप्लाई और कम कार्बन बंकरिंग में तकनीकी आदान-प्रदान और क्षमता निर्माण शामिल हैं।
• मुंद्रा–मार्सेईल फॉस ग्रीन मेरिटाइम कॉरिडोर का विकास।
• आईएमईसी पोर्ट्स क्लब की सह-स्थापना, ताकि कॉरिडोर के पोर्ट्स के बीच संवाद संस्थागत हो और आईएमईसी इंफ्रास्ट्रक्चर का समर्थन करने वाली नीति चर्चाओं और इन्वेस्टमेंट फ्रेमवर्क के लिए समन्वय सुनिश्चित हो।
मीडिया संपर्क -
एआई युग में प्लेटफॉर्म गवर्नेंस की चुनौतियों पर चर्चा के लिए ग्लोबल साउथ विशेषज्ञों को एक मंच पर लाया एसएफएलसी.इन (SFLC.in)

दिल्ली एनसीआर, फरवरी 2026: एसएफएलसी.इन (SFLC.in) ने मानवाधिकार, प्रौद्योगिकी नीति और इंटरनेट शासन के क्षेत्र में कार्यरत ब्रिटेन की संस्था ग्लोबल पार्टनर्स डिजिटल के साथ मिलकर विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को एक मंच पर एकत्रित किया। विशेषज्ञों ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जेनरेटिव एआई की तीव्र वृद्धि से उत्पन्न विनियमन, जवाबदेही और मानवाधिकारों की सुरक्षा से जुड़ी वैश्विक बहस के बदलते स्वरूप पर विचार-विमर्श किया।
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के साथ आयोजित इस बैठक में लगभग 40 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इनमें कानून निर्माता, नीति-निर्माता, नागरिक समाज के नेता, उद्योग प्रतिनिधि, शोधकर्ता तथा प्रौद्योगिकी शासन विशेषज्ञ शामिल थे। वे कृत्रिम बुद्धिमत्ता और प्लेटफॉर्म शासन से संबंधित नई चुनौतियों पर चर्चा के लिए एशिया, अफ्रीका, लैटिन अमेरिका, यूरोप और अन्य क्षेत्रों से एकत्र हुए थे।
प्रारंभिक चर्चाओं में यह सामने आया कि कई प्लेटफ़ॉर्म शासन नियम ग्लोबल साउथ की परिस्थितियों से अलग बनाए गए हैं और वे स्थानीय सामाजिक-राजनीतिक स्थितियों, भाषाई विविधता तथा सीमित संस्थागत क्षमता के अनुरूप पूरी तरह उपयुक्त नहीं हैं। जैसे-जैसे जेनरेटिव और एजेंट-आधारित एआई प्रणालियाँ डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म का हिस्सा बन रही हैं, नए प्रश्न उभर रहे हैं। इनमें स्वचालित सामग्री संयमन की जिम्मेदारी किसकी होगी, दायित्व का निर्धारण कैसे किया जाएगा, चुनावों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी और उपयोगकर्ताओं की रक्षा कैसे की जाएगी, जैसे प्रश्न शामिल हैं।
ग्लोबल पार्टनर्स डिजिटल की पॉलिसी और एडवोकेसी प्रमुख मारिया पाज़ ने कहा, "नियामक अब भी उन प्लेटफॉर्म के लिए पुराने मध्यस्थ दायित्व नियमों का उपयोग करने का प्रयास कर रहे हैं, जो अब जेनरेटिव एआई का व्यापक रूप से इस्तेमाल करते हैं। ग्लोबल साउथ के अनुभव दर्शाते हैं कि अस्पष्ट मॉडरेशन (संयमन) प्रणालियाँ और स्वचालित निर्णय कमजोर समुदायों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। अलग-अलग और असंगठित राष्ट्रीय नीतियों के बजाय अधिकार-आधारित तथा सहयोगात्मक दृष्टिकोण की आवश्यकता है।”
राज्यसभा सांसद श्री साकेत गोखले ने एक जनप्रतिनिधि के रूप में अपनी राय साझा की। उन्होंने मतदाता डेटा, अनुवाद प्रणालियों और चुनावी मानचित्रण में एआई उपकरणों के बढ़ते उपयोग पर प्रकाश डाला। उन्होंने चेतावनी दी कि पारदर्शिता और प्रभावी निगरानी के बिना स्वचालित प्रणालियों का उपयोग लोकतंत्र में विश्वास को कमज़ोर कर सकता है। उन्होंने कहा, “हमें एआई विनियमन को उसी गंभीरता से देखने की आवश्यकता है, जैसे हम जलवायु परिवर्तन को देखते हैं।” उन्होंने बड़े वैश्विक चुनावों से पूर्व लोकतांत्रिक देशों के बीच सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया।
बैठक में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार के बी-टेक परियोजना की सलाहकार इसाबेल एबर्ट द्वारा व्यवसाय और मानवाधिकार पर एक प्रस्तुति दी गई। संयुक्त राष्ट्र के व्यवसाय और मानवाधिकार संबंधी मार्गदर्शक सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए उन्होंने तीन प्रमुख बिंदुओं पर बल दिया—पहला, नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना सरकारों की जिम्मेदारी है; दूसरा, मानवाधिकारों का सम्मान करना कंपनियों का दायित्व है; और तीसरा, अधिकारों के उल्लंघन की स्थिति में प्रभावी समाधान उपलब्ध कराना आवश्यक है।
क्षेत्रीय गोलमेज चर्चाओं में विभिन्न क्षेत्रों की विशिष्ट शासन चुनौतियों पर प्रकाश डाला गया। दक्षिण-पूर्व एशिया में काज़िया के एक प्रतिनिधि ने बताया कि इंडोनेशिया में कुछ संगठनों को महिलाओं से संबंधित डीपफेक सामग्री के कारण अस्थायी प्रतिबंध का सामना करना पड़ा। इससे स्पष्ट होता है कि एआई किस प्रकार लैंगिक आधार पर होने वाले नुकसान को बढ़ा सकता है। यद्यपि इंडोनेशिया में ऑनलाइन सामग्री को विनियमित करने के नियम मौजूद हैं, परंतु एआई से उत्पन्न जोखिमों से निपटने के लिए कोई विशिष्ट ढांचा नहीं है, जिससे दोषियों को दंडित करना कठिन हो जाता है।
लैटिन अमेरिका से ब्राज़ील स्थित इंटरनेटलैब में शोध प्रमुख कैमिला अकेमी ने जेनरेटिव एआई उपकरणों की तीव्र वृद्धि और चुनावी निष्पक्षता पर उनके प्रभावों पर चर्चा की। वहीं अफ्रीका से पैराडाइम इनिशिएटिव के सानी सुलेमान ने नीतिगत कमियों, सीमित आधारभूत संरचना, तकनीकी विशेषज्ञता की कमी तथा सरकारों और बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों के बीच शक्ति असंतुलन जैसी प्रमुख चुनौतियों को दर्शाया।
एसएफएलसी.इन ने कहा कि जैसे-जैसे जेनरेटिव एआई डिजिटल प्लेटफॉर्म का अभिन्न अंग बनता जा रहा है, शासन प्रणालियों को पारंपरिक इंटरनेट कानूनों से आगे बढ़ना होगा। ग्लोबल साउथ के दृष्टिकोण को शामिल करना और तीव्र गति से विकसित हो रही प्रौद्योगिकी के साथ जवाबदेही सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।
बैठक में प्रतिभागियों ने सहमति व्यक्त की कि समावेशी और अधिकार-आधारित एआई शासन प्रणाली के निर्माण हेतु विभिन्न देशों के बीच निरंतर सहयोग और सशक्त वैश्विक साझेदारी की सख्त आवश्यकता है।
एसएफएलसी.इन ने डिजिटल अधिकारों पर ध्यान केंद्रित करते हुए, ग्लोबल साउथ के सुझावों को प्रमुखता देने और यह सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि एआई तथा सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी विनियमन मानवता और जवाबदेही पर आधारित रहें।
*योगी आदित्यनाथ ने ‘शतक’ की सराहना करते हुए कहा, “आरएसएस की 100 वर्षों की यात्रा पर बनी यह फिल्म एक प्रेरणादायी पहल है”*

यूपी,फरवरी, 2026: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर फिल्म निर्माता वीर कपूर से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्षों की प्रेरणादायी यात्रा पर आधारित फिल्म ‘शतक-संघ के 100 वर्ष’ को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। इस मुलाकात से जुड़ी तस्वीर भी उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर साझा कीं।

मुख्यमंत्री ने फिल्म की सराहना करते हुए ‘शतक’ की पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा, “ऐसी फिल्में समाज को संगठन के इतिहास, उसके मूल विचारों और राष्ट्र निर्माण में उसके योगदान से परिचित कराती हैं।“

फिल्म निर्माता वीर कपूर ने मुख्यमंत्री को फिल्म के निर्माण से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह फिल्म संघ की 100 वर्षों की यात्रा, उसके वैचारिक आधार और समाज सेवा के विभिन्न कार्यों को दर्शाती है। भेंट के दौरान फिल्म का पोस्टर भी प्रस्तुत किया गया। यह मुलाकात सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई।
एमएसएमई के लिए कम बिजली खर्च और स्वच्छ ऊर्जा की ओर आसान रास्ता

नागपुर,  फरवरी, 2026: बढ़ती ऊर्जा लागत के दौर में एमएसएमई ऐसे समाधान चाहते हैं, जो खर्च घटाने के साथ भविष्य को भी सुरक्षित बनाएँ। रूफटॉप सोलर इसी दिशा में एक कारगर विकल्प बनकर उभरा है, जो कारोबार को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाने में मदद करता है। इसी सोच के तहत, एक्सिस बैंक ने एमएसएमई के लिए रूफटॉप सोलर फाइनेंस की शुरुआत की है। इस खास वित्तीय समाधान के जरिए एमएसएमई 10 लाख रुपए से 2 करोड़ रुपए तक का बिना जमानत ऋण ले सकते हैं, जिसकी चुकौती अवधि 4 से 7 वर्षों तक रखी गई है। इसका उद्देश्य यह है कि उद्यम अपने बैलेंस शीट या कार्यशील पूंजी पर अतिरिक्त दबाव डाले बिना सोलर सिस्टम में निवेश कर सकें।

स्वयं के स्वामित्व वाला रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने से एमएसएमई को बिजली खर्च कम करने, ऊर्जा लागत पर बेहतर नियंत्रण पाने और लंबे समय में वित्तीय मजबूती हासिल करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही यह पहल भारत के स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन में भी योगदान देगी।

यह सुविधा एक्सिस बैंक के देशभर में फैले शाखा नेटवर्क के माध्यम से उपलब्ध होगी। बेहतर क्रियान्वयन के लिए बैंक ने प्रमुख ओईएम और एक टेक्नोलॉजी पार्टनर के साथ साझेदारी की है, जिससे एमएसएमई को लागत, अनुमानित बचत और समय-सीमा जैसी जानकारियों में पूरी पारदर्शिता मिल सके।
होंडा मोटरसाइकल एण्‍ड स्‍कूटर इंडिया ने मध्‍य प्रदेश के ग्‍वालियर में सुरक्षित भविष्‍य के लिए रोड सेफ्टी कन्‍वेंशन का आयोजन किया
100 से अधिक स्‍कूलों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों ने इस कन्‍वेंशन में हिस्‍सा लिया

ग्वालियर : होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया (एचएमएसआई) ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक रोड सेफ्टी कन्वेंशन आयोजित किया, जिसमें 100 से अधिक स्कूलों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों ने हिस्‍सा लिया। यह पहल एचएमएसआई के चल रहे प्रोजेक्ट - हमारी भावी पीढ़ी के लिए माइंडसेट डेवलपमेंट का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य बच्चों में कम उम्र से ही सुरक्षित सड़क आदतें विकसित करना है।
श्री पुष्पा डोदी, डीईओ इंचार्ज, ग्वालियर; डॉ. के. पी. एस. तोमर, ट्रैफिक इंस्पेक्टर, ग्वालियर; और श्री शिशिर चतुर्वेदी, जनरल मैनेजर – सेफ्टी राइडिंग, होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से इस कन्वेंशन की शोभा बढ़ाई।
सत्रों में शिक्षकों को किड्स माइंडसेट चेंज अवेयरनेस मॉड्यूल्स से परिचित कराया गया। ये मॉड्यूल इस तरह बनाए गए हैं कि बच्चे छोटी उम्र से ही सड़क पर सुरक्षित रहने की आदतें सीख सकें। कन्वेंशन का मुख्य मकसद यह है कि स्कूल इन मॉड्यूल को अपनी पढ़ाई में शामिल करें और सड़क सुरक्षा की शिक्षा को जोर-शोर से बढ़ावा दें। एक खास पोर्टल के जरिए स्कूलों को ये मॉड्यूल हमेशा मिलते रहेंगे। इस पोर्टल पर समय-समय पर नए अपडेट भी आते रहेंगे, ताकि बच्चों को सड़क सुरक्षा की ताजा और सही जानकारी मिलती रहे। स्कूल चाहें तो इन सत्रों को लाइव देख सकते हैं या डाउनलोड करके बाद में इस्तेमाल कर सकते हैं। यह सुविधा इसलिए है कि हर स्कूल को आसानी हो। साथ ही, ये मॉड्यूल कई भाषाओं में उपलब्ध हैं, ताकि अलग-अलग इलाकों के बच्चे आसानी से समझ सकें।
अब तक, एचएमएसआई ने भारत भर में सफलतापूर्वक 21 रोड सेफ्टी कन्वेंशन्स आयोजित किए हैं, जिनमें 2600+ स्कूलों तक पहुंच बनाई गई है और 11 लाख से अधिक छात्रों को संवेदनशील बनाया गया है। एचएमएसआई ने इस व्‍यापक पहुंच को देखते हुए इस वर्ष कार्यक्रम को और विस्तार देने का लक्ष्य तय किया है ताकि देश भर में और अधिक स्कूलों तथा समुदायों तक पहुंचा जा सके। प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को सीधे शामिल करके, कंपनी सुनिश्चित करती है कि सुरक्षा का संदेश कक्षाओं के माध्यम से बढ़ता रहे, जिससे आखिरकार परिवारों और पूरे समाज पर प्रभाव पड़े।
एचएमएसआई के ‘सेफ्टी फॉर एव्‍रीवन’ के वैश्विक संदेश के तहत, एक जिम्मेदार रोड यूजर्स की पीढ़ी विकसित करने पर केंद्रित है। इस कन्वेंशन का मुख्य लक्ष्य है कि सड़क सुरक्षा की सीख को और बढ़ाया जाए। ताकि बच्चे छोटी उम्र से ही सुरक्षित तरीके से व्यवहार करना सीखें और यह उनकी आदत बन जाए। शिक्षकों, स्कूल के प्रबंधकों और स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम करके, कंपनी लगातार कोशिश करती है कि भारत की आने वाली पीढ़ियों के लिए सड़क सुरक्षा को सबकी जिम्मेदारी और जिंदगी जीने का एक तरीका बनाया जाए।

सड़क पर सुरक्षा के लिये होंडा मोटरसाइकल एण्‍ड स्‍कूटर इंडिया की सीएसआर को लेकर प्रतिबद्धता:
2021 में होंडा ने साल 2050 के लिये अपना ‘ग्‍लोबल विज़न स्‍टेटमेंट’ घोषित किया था कि वह होंडा मोटरसाइकल्‍स और ऑटोमो‍बाइल्‍स से यातायात दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को शून्‍य पर लाने का प्रयास करेगी। भारत में एचएमएसआई 2030 तक ऐसी मौतों की संख्‍या को आधा करने की अपनी सोच और भारत सरकार के निर्देश के अनुसार काम कर रही है। 

इस लक्ष्‍य को हासिल करने का एक महत्‍वपूर्ण पहलू यह भी है कि कंपनी साल 2030 तक बच्‍चों में सड़क पर सुरक्षा के लिये एक सकारात्‍मक सोच विकसित करने के बाद भी उन्‍हें लगातार शिक्षित करना चाहती है। स्‍कूलों और कॉलेजों में सड़क पर सुरक्षा की शिक्षा केवल जागरूकता पैदा करने के लिये नहीं है, बल्कि बच्‍चों को सुरक्षा की संस्‍कृति से अवगत कराने और उन्‍हें ‘रोड सेफ्टी एम्‍बेसेडर्स’ बनाने के लिये भी है। इससे भविष्‍य की पीढि़याँ जिम्‍मेदार बनने और अधिक सुरक्षित समाज में बड़ा योगदान देने के लिये सशक्‍त होती हैं।

एचएमएसआई ऐसी कंपनी बनना चाहती है, जिसे समाज पसंद करे और वह समाज के सभी वर्गों के बीच सड़क पर सुरक्षा का प्रचार करने पर मजबूती से ध्‍यान दे रही है। स्‍कूली बच्‍चों से लेकर कॉर्पोरेट्स और बड़े पैमाने पर समाज तक, हर वर्ग के लिये उसके पास अनूठे आइडिया हैं।

एचएमएसआई के कुशल सुरक्षा प्रशिक्षक भारत में हमारे द्वारा गोद लिये गये 10 ट्रैफिक ट्रेनिंग पार्क्‍स (टीटीपी) और 6 सेफ्टी ड्राइविंग एज्‍युकेशन सेंटर्स (एसडीईसी) में रोजाना कार्यक्रम चलाते हैं। यह काम सड़क पर सुरक्षा की शिक्षा को समाज के हर हिस्‍से तक पहुँचाने के लिये होता है और इस पहल ने 10 मिलियन से ज्‍यादा भारतीयों तक पहुँच बनाई है। एचएमएसआई के राष्‍ट्रीय सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम ने निम्‍नलिखित माध्‍यमों से शिक्षा को मजेदार एवं वैज्ञानिक बनाया है:

सीखने का वैज्ञानिक तरीका: होंडा के कुशल प्रशिक्षकों ने सड़क के संकेतों और चिन्‍हों, सड़क पर ड्राइवरों के कर्तव्‍यों, राइडिंग के गियर तथा मुद्रा समझाने और सुरक्षित राइडिंग के आचरण पर सैद्धांतिक सत्रों की बुनियाद तैयार की है।