दिल्ली को दहलाने की साजिश, लश्कर ए तैयबा के निशाने पर लाल किला और चांदनी चौक का मंदिर

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देश की राजधानी दिल्ली में एक बार आतंकियों के साए में है। राजधानी में संभावित आतंकी हमले को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने अलर्ट जारी किया है। खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, लाल किले के आसपास के इलाकों और चांदनी चौक क्षेत्र में आतंकी हमले का खतरा मंडरा रहा है। पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा द्वारा इस क्षेत्र को निशाना बनाए जाने की आशंका जताई जा रही है।

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चांदनी चौक का इलाका निशाने पर

खुफिया विभाग के सूत्रों ने एक हाई अलर्ट जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि लश्कर-ए-तैयबा के आंतकी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के सामने आईईडी हमले की साजिश रच रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान स्थित इस आतंकी संगठन ने चांदनी चौक इलाके में स्थित प्रमुख मंदिरों को भी टारगेट करने की योजना बनाई है।

बिलाल मस्जिद हमले का बदला लेने की साजिश

खुफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्रों सूत्रों का कहना है कि लश्कर पाकिस्तान के इस्लामाबाद में 6 फरवरी को हुए एक मस्जिद विस्फोट के बाद भारत में बड़ा आतंकी हमला करने की फिराक में है। खुफिया सूत्रों ने कहा, आतंकवादी चांदनी चौक में एक मंदिर को निशाना बना सकते हैं। लश्कर-ए-तैयबा आईईडी हमले की साजिश रच रहा है। 6 फरवरी को पाकिस्तान के इस्लामाबाद स्थित एक मस्जिद में हुए विस्फोट के बाद यह संगठन भारत में बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है।

10 नवंबर 2025 को हुआ था धमाका

यह अलर्ट ऐसे समय आया है जब नवंबर 2025 में लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट की जांच अभी चल रही है, जिसमें 13 लोगों की मौत हुई थी। 10 नवंबर 2025 को शाम के समय दिल्ली के लाल किले के पास एक बड़ा धमाका हुआ था। इस धमाके में कई गाड़ियां जलकर खाक हो गई थीं। इस घटना में कई लोगों की मौत भी हुई थी और कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। जांच में सामने आया था कि धमाका एक कार में हुआ था। यह कार धमाके से पहले करीब तीन घंटे तक लाल किला इलाके की पार्किंग में खड़ी रही थी।

पीएम मोदी जा रहे इजराइल, कितना अहम होगा ये दौरा?*

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजरायल के दौरे पर जाने वाले हैं। पीएम मोदी 25-26 फरवरी को दो दिन के इजरायल दौरे पर जा रहे हैं। यह दौरा सुरक्षा, काउंटर-टेररिज़्म और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी नई टेक्नोलॉजी में आपसी रिश्तों को मजबूत करने की कोशिशों के बीच हो रहा है। यह इसीलिए भी खास है क्योंकि पीएम मोदी 2017 के बाद, यानी 9 सालों में पहली बार इजरायल जा रहे हैं।

संसद को संबोधित करेंगे मोदी

प्रधानमंत्री मोदी 25 फरवरी को दो दिवसीय दौरे पर इजराइल पहुंचेंगे। इस दौरान वह नेसेट (संसद) को संबोधित कर सकते हैं। पीएम मोदी नेतन्याहू और राष्ट्रपति इसाक हर्जोग से मुलाकात करेंगे।

पीएम मोदी के दौरे को लेकर क्या बोले नेतन्याहू

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दौरे से उत्साहित उनके इजराइली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा अगले सप्ताह एक बेहद शक्तिशाली देश के प्रधानमंत्री इजराइल का दौरा करेंगे। नेतन्याहू ने कहा, वर्षों से इजराइल और भारत के बीच एक मजबूत गठबंधन है। हम हर तरह के सहयोग पर चर्चा करने जा रहे हैं। आप जानते हैं, भारत कोई छोटा देश नहीं है। इसकी आबादी 1.4 अरब है। भारत बेहद शक्तिशाली और बेहद लोकप्रिय है।

नई रक्षा तकनीक साझा करने को सहमत

हिन्दुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक, इजराइल भारत को नई रक्षा तकनीक देने के लिए तैयार है। इसमें लेजर आधारित डिफेंस सिस्टम, लंबी दूरी की मिसाइलें और ड्रोन शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इजरायल इस बार ऐसी तकनीक भी साझा कर सकता है, जो उसने पहले नहीं दी थी। भारत और इजरायल मिलकर एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम पर काम कर सकते हैं। यह भारत के मिशन सुदर्शन का अहम हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देश को दुश्मन की लंबी दूरी की मिसाइलों से बचाना है। इजराइल के पास एरो, डेविड स्लिंग और आयरन डोम जैसे मजबूत रक्षा सिस्टम हैं।

लंबी दूरी की मिसाइलें खरीदने पर विचार

भारत लंबी दूरी की मिसाइलें और ऐसे ड्रोन खरीदने पर भी विचार कर रहा है, जो दुश्मन की सीमा के अंदर तक मार कर सकें। भारत पहले भी रैंपेज मिसाइल और अन्य हथियारों का उपयोग कर चुका है। नौसेना भी अपने जहाजों की सुरक्षा के लिए बराक मिसाइल सिस्टम के नए वर्जन को खरीदने पर विचार कर रही है।

2017 के बाद पहली इजरायल यात्रा

भारतीय प्रधानमंत्री की यह वर्ष 2017 के बाद पहली इजरायल यात्रा होगी। पीएम बेंजामिन नेतान्याहू जनवरी, 2018 में नई दिल्ली आये थे। उसके बाद कम से कम दो बार उनकी भारत यात्रा की तैयारियां की गई हैं लेकिन अंतिम समय में किसी न किसी वजह से उन्हें रद करना पड़ा। हालांकि इसका द्विपक्षीय संबंधों पर कोई असर नहीं पड़ा है।

सत्ताधारी पार्टी के नेता ही राज्य में सुरक्षित नहीं है, कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल

JMM नेता की हत्या का मामला पहुंचा सदन, बिगड़ती कानून व्यवस्था पक्ष विपक्ष आमने सामने

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झारखंड में सत्ता पक्ष के नेता ही अब सुरक्षित नहीं है। गिरिडीह के पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष सह झामुमो के कददवार नेता राकेश महतो की हत्या कर दी गई। जंगल में मिली अधजली लाश के बाद इलाके मे सनसनी फैली हुई है।

अब यह मामला सदन में भी उठा विपक्ष की ओर से आजसू के विधायक निर्मल महतो ने सवाल उठा रहे है कि जब सत्ता पक्ष के नेता ही सुरक्षित नहीं है तो आम जनता कैसे सुरक्षित रहेगी। वही मंत्री सह गिरिडीह के विधायक सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि अपराधी जल्द पकड़े जाएंगे।

गिरिडीह जिला परिषद के पूर्व अध्यक्ष राकेश महतो की हत्या कर दी गई

राकेश का अधजला शव खांखी जंगल में मिला

त्या के बाद शव को पेड़ के पत्तों से जलाने का प्रयास भी किया गया

ह*त्याकांड का मामला पहुंचा विधानसभा सदन तक

सरकार पर फिर उठ रहा है बिगड़ती कानून व्यवस्था पर सवाल

सुप्रीम कोर्ट से ट्रंप को लगा झटका, तिलमिलाए यूएस प्रेसिडेंट ने 10 प्रतिशत ग्लोबल टैरिफ का किया ऐलान

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ लगाने के फैसले को पलट दिया है। इसके बाद से ट्रंप भड़के हुए हैं। ट्रंप ने सेक्शन 122 के तहत दुनिया पर 10 परसेंट टैरिफ लगाया है।

मौजूदा टैरिफ के अतिरिक्त होगा

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए सभी देशों पर 10 प्रतिशत का वैश्विक टैरिफ लगाने का एलान कर दिया है। ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सभी देशों पर 10 प्रतिशत वैश्विक टैरिफ लगाने का आदेश साइन किया। यह शुल्क मौजूदा टैरिफ के अतिरिक्त होगा और 24 फरवरी से लागू होगा। ट्रंप ने कहा कि यह टैरिफ लगभग तुरंत प्रभाव से लागू होगा।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के ट्रंप का फैसला

ट्रंप ने यह कदम अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के कुछ घंटे बाद उठाया है, जिसमें टॉप कोर्ट ने दुनिया भर में लगाए गए उनके टैरिफ को गैरकानूनी करार दिया था। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर नए टैरिफ के बारे में जानकारी दी। उन्होंने लिखा, 'यह मेरे लिए बहुत गर्व की बात है कि मैंने ओवल ऑफिस से सभी देशों पर ग्लोबल 10% टैरिफ पर हस्ताक्षर कर दिया है, जो लगभग तुरंत लागू होगा।' ट्रंप की पोस्ट का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए वॉइट हाउस के एक्स हैंडल पर लिखा गया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सभी देशों पर 10% ग्लोबल टैरिफ लगाया है।

भारत समेत सभी देशों पर असर

व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया कि भारत सहित सभी देशों पर यह 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लागू होगा। ट्रंप ने कहा कि यह टैरिफ अगले 150 दिनों तक लागू रहेगा। यह पहले से वसूले जा रहे शुल्कों के ऊपर जोड़ा जाएगा। यानी मौजूदा टैरिफ के अलावा 10 प्रतिशत अतिरिक्त देना होगा।

AI समिट में यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन, टी-शर्ट उतारकर पीएम मोदी के खिलाफ नारेबाजी

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राष्ट्रीय राजधानी के भारत मंडपम में एआई इंपैक्ट समिट चल रहा है। समिट के दौरान इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भारत मंडपम में टॉपलेस होकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मोदी विरोधी नारे भी लगाए। यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने जिस तरह बिना शर्ट के प्रदर्शन किया उसे लेकर राजनीति गरमा गई है।

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पुलिस ने 4 लोगों को किया गिरफ्तार

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद यूथ कांग्रेस कार्यकता AI समिट में घुस आए। उन्होंने अपने टीशर्ट उतार कर प्रदर्शन किया। अचानक नारेबाजी शुरू होने से कुछ समय के लिए कार्यक्रम का माहौल तनावपूर्ण हो गया। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए प्रदर्शनकारियों को कंट्रोल किया और स्थिति को सामान्य किया। दिल्ली पुलिस ने कहा है कि सभी को हिरासत में ले लिया गया है और FIR दर्ज की जाएगी। पुलिस ने इस मामले में 4 लोगों ने गिरफ्तार किया है।

सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाया

इंडियन यूथ कांग्रेस ने एक्स पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा और उनकी सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाया। यूथ कांग्रेस ने कहा, 'जब विदेश नीति में झुकाव, कॉरपोरेट दबाव और चुप्पी हावी हो तो साफ है पीएम मोदी COMPROMISED हैं। इसी सच्चाई को बेनकाब करने भारतीय युवा कांग्रेस के जाबांज कार्यकर्ता AI Summit पहुंचे और Compromised PM के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। देश की अस्मिता से कोई समझौता नहीं। इंकलाब जिंदाबाद।'

बीजेपी का कांग्रेस पर करारा वार

बीजेपी ने विपक्षी पार्टी कांग्रेस पर सवाल उठाए बीजेपी नेता अमित मालवीय ने एक्स पर पोस्ट में कांग्रेस पर करारा वार किया। उन्होंने पोस्ट में लिखा, 'राष्ट्रीय शर्म, ऐसे समय में जब भारत एक प्रतिष्ठित वैश्विक एआई शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपने नवाचार और नेतृत्व का प्रदर्शन कर रहा है। कांग्रेस पार्टी ने गरिमा की जगह व्यवधान का रास्ता चुना है। राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शिखर सम्मेलन स्थल पर नग्न होकर हंगामा किया, जो स्पष्ट रूप से भारत को विश्व मंच पर शर्मिंदा करने के उद्देश्य से किया गया कृत्य था।

क्या है “पैक्स सिलिका” जिसमें आज शामिल होगा भारत, यूएस के साथ एक और डील

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भारत और अमेरिका व्‍यापार समझौते को जल्द ही अंतिम रूप दिया जाने वाला है। ट्रेड डील पर अंतिम साइन से ठीक पहले अमेरिका के टॉप लेवल के अधिकारी भारत पहुंच रहे हैं। अमेरिकी आर्थिक मामलों के अंडर सेक्रेटरी जैकब हेलबर्ग भारत दौरे पर आ रहे हैं। यह दौरा सिर्फ कूटनीतिक औपचारिकता नहीं माना जा रहा बल्कि वैश्विक टेक्नोलॉजी और सप्लाई-चेन की नई राजनीति की ओर इशारा है।

दरअसल, भारत आज औपचारिक रूप से अमेरिका की अगुवाई वाली पहल 'पैक्स सिलिका' में शामिल होने जा रहा है। यह पहल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और सप्लाई चेन (आपूर्ति श्रृंखला) सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बनाई गई है। यह घोषणा दिल्ली में चल रहे ग्लोबल एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान की गई है।

पिछले महीने हुई थी गठबंधन में शामिल होने का घोषणा

अमेरिका ने दिसंबर 2025 में पैक्स सिलिका की शुरूआत की थी। पैक्स सिलिका सम्मेलन 12 दिसंबर को वाशिंगटन में हुआ था, जहां साझेदार देशों ने पैक्स सिलिका घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए थे। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने पिछले महीने नई दिल्ली को रणनीतिक गठबंधन में शामिल होने के लिए आमंत्रित करने की घोषणा की।

घोषणा पर किन देशों ने किया हस्ताक्षर?

इस घोषणा पर हस्ताक्षर करने वाले देशों में ऑस्ट्रेलिया, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन, यूएई, सिंगापुर, इस्राइल, कतर और ग्रीस शामिल हैं। जबकि कनाडा, यूरोपीय संघ, नीदरलैंड्स और ताइवान जैसे देश इसमें भागीदार के रूप में जुड़े हैं।

चीन पर निर्भरता कम करने की रणनीति

कहा जा रहा है कि यह गठबंधन चीन के तकनीकी प्रभुत्व को कम करने के लिए बनाया गया है। ग्लोबल सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन में चीन की बड़ी भूमिका रही है। अब अमेरिका अपने सहयोगियों के साथ नया आर्थिक गठबंधन खड़ा कर रहा है। यह पहल अमेरिका की इंडो-पैसिफिक रणनीति और टेक्नोलॉजी-आधारित साझेदारी मॉडल का हिस्सा मानी जा रही है।

ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' की बैठक में ऑब्जर्वर के रूप में शामिल हुआ भारत, क्यों नहीं ली पूर्ण सदस्यता?

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भारत ने गुरुवार को वॉशिंगटन में गाजा बोर्ड ऑफ पीस की पहली मीटिंग में ऑब्जर्वर के तौर पर हिस्सा लिया। ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने के निमंत्रण की समीक्षा के एक सप्ताह बाद भारत ने 19 फरवरी को पहली बैठक में एक पर्यवेक्षक देश के रूप में भाग लिया। अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में भारतीय दूतावास में तैनात भारत के चार्ज डी' अफेयर्स नामग्या सी खम्पा ने देश का प्रतिनिधित्व किया।

अमेरिका ने की 10 अरब डॉलर के योगदान की घोषणा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को ‘बोर्ड ऑफ पीस’ नामक एक नए वैश्विक मंच की शुरुआत की और गाजा में युद्ध के बाद स्थिरीकरण और राहत प्रयासों के लिए अमेरिका की ओर से 10 अरब डॉलर के योगदान की घोषणा की। यह बैठक संयुक्त राज्य अमेरिका शांति संस्थान में आयोजित की गई। ट्रंप ने उद्घाटन सत्र में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और बोर्ड सदस्य जारेड कुशनर के साथ मंच साझा किया। उन्होंने कहा, “हम जो कर रहे हैं, वह एक सरल शब्द है- शांति। इसे कहना आसान है, लेकिन हासिल करना कठिन। लेकिन हम इसे हासिल करेंगे।

कौन-कौन हुआ शामिल?

वॉशिंगटन स्थित यूएस इंस्टीट्यूट ऑफ पीस में आयोजित बैठक में लगभग 50 देशों के अधिकारियों ने भाग लिया। इनमें 27 देश बोर्ड के सदस्य हैं, जिनमें अजरबैजान, बेलारूस, मिस्र, हंगरी, इंडोनेशिया, इजराइल, जॉर्डन, मोरक्को, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, तुर्किये, संयुक्त अरब अमीरात, उज्बेकिस्तान और वियतनाम शामिल हैं। भारत और यूरोपीय संघ सहित अन्य देश पर्यवेक्षक के रूप में इसमें शामिल हुए।

बोर्ड ऑफ पीस क्या है?

बोर्ड ऑफ पीस को ट्रंप ने पिछले महीने वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम की सालाना बैठक में दावोस में पेश किया था। उस समय ट्रंप ने कहा था कि हर कोई इस संगठन का हिस्सा बनना चाहता है। उन्होंने यह भी कहा था कि यह संगठन आगे चलकर संयुक्त राष्ट्र (UN) को टक्कर दे सकता है। शुरुआत में इस बोर्ड का मकसद गाजा में इजरायल और हमास के बीच युद्धविराम की निगरानी करना था। साथ ही गाजा के पुनर्निर्माण और वहां के प्रशासन में भूमिका निभाने की बात थी। लेकिन बाद में ट्रंप की योजना इससे कहीं बड़ी हो गई। इसके चार्टर के अनुसार यह दुनिया के अन्य संघर्ष क्षेत्रों में भी शांति और स्थिरता के लिए काम कर सकता है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद इस बोर्ड के चेयरमैन हैं।

ब्रिटेन किंग चार्ल्स के छोटे भाई एंड्रयूज माउंटबेटन गिरफ्तार, एपस्टीन फाइल्स मामले में बड़ी कार्रवाई

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अमेरिका के दोषी यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से संबंधों के मामले में ब्रिटेन में बड़ी कार्रवाई हुई है। इस मामले में पुलिस ने किंग चार्ल्स के छोटे भाई एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर को गिरफ्तार किया है। उन्हें नॉरफोक के सैंड्रिंघम एस्टेट में स्थित ‘वुड फार्म’ से हिरासत में लिया गया है।

यह गिरफ्तारी कुख्यात अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़े हालिया खुलासों के बाद हुई है। एपस्टीन फाइल्‍स से संकेत मिले थे कि जब एंड्रयू ब्रिटेन के ट्रेड एनवॉय यानी ट्रेड मामलों के राजदूत थे, तब उन्होंने एपस्टीन को कुछ गोपनीय सरकारी दस्तावेज भेजे थे।

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटिश पुलिस ने उनको अपने पद के दुरुपयोग करने के संदेह में गिरफ्तार किया है। उनको तब गिरफ्तार किया गया, जब वह 66वां जन्मदिन मना रहे थे। बीते सप्ताह एंड्रयू के खिलाफ थेम्स वैली पुलिस को पद के दुरुपयोग को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई थी। राजशाही के विरोधी कार्यकर्ता ने उनके खिलाफ शिकायत तब की थी, जब उन पर कथित तौर पर एपस्टीन के साथ बिजनेस संबंधी डॉक्यूमेंट शेयर करने के आरोप लगे थे। नियमों के तहत ट्रेड राजदूतों को अपनी यात्रों की जानकारी गुप्त रखना होता है, चाहें वह उस पद पर न भी हो।

एंड्रयू लंबे समय से एपस्टीन के साथ अपने संबंधों को लेकर विवादों में रहे हैं। पिछले साल ही किंग चार्ल्स ने उनके सभी शाही खिताब और सम्मान छीन लिए थे और उन्हें विंडसर एस्टेट के शाही बंगले से भी बेदखल करने का फैसला किया था। एंड्रयू ने हमेशा किसी भी गलत काम से इनकार किया है, लेकिन नई फाइल्स में सामने आई तस्वीरों और ईमेल्स ने उन पर शिकंजा कस दिया है।

बांग्लादेश में नई सरकार बनते ही स्पाइसजेट पर लगा 'बैन', जानें पूरा मामला

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बांग्लादेश की तारिक रहमान सरकार ने भारतीय एयरलाइन स्पाइसजेट को अपने एयरस्पेस (हवाई क्षेत्र) के उपयोग से रोक दिया है। बांग्लादेश ने कथित बकाया भुगतान न चुकाने के कारण बजट एयरलाइन स्पाइसजेट को अपने हवाई क्षेत्र के उपयोग से रोक दिया है। एयरस्पेस उपलब्ध न होने के चलते कोलकाता से गुवाहाटी और इम्फाल जाने वाली कुछ उड़ानों को अब लंबा रूट अपनाना पड़ रहा है। इससे उड़ान के समय और ऑपरेशनल लागत पर असर पड़ सकता है।

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स्पाइसजेट ने क्या कहा?

स्पाइसजेट के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ‘ये उद्योग से जुड़े सामान्य मुद्दे हैं और हम इनका शीघ्र समाधान निकालने के लिए रचनात्मक रूप से काम कर रहे हैं। हमारी उड़ान सेवाएं अप्रभावित हैं और हम नियामक आवश्यकताओं के अनुरूप अपनी निर्धारित सेवाएं जारी रखे हुए हैं।’ हालांकि, विशिष्ट विवरणों का खुलासा नहीं किया गया।

वैकल्पिक और लंबे रूट का सहारा

बता दें कि यात्रियों पर फिलहाल इसका सीधा असर नहीं पड़ा है। हालांकि एयरस्पेस बंद होने से कुछ उड़ानों को वैकल्पिक रूट से जाना पड़ रहा है। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के अनुसार स्पाइसजेट की कुछ उड़ानें बांग्लादेशी एयरस्पेस से बचते हुए वैकल्पिक और लंबा मार्ग अपना रही हैं।

स्पाइसजेट के शेयर में गिरावट

इस बीच बीएसई में दोपहर के कारोबार के दौरान स्पाइसजेट के शेयर में करीब 1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। कंपनी ने हाल ही में दिसंबर 2025 तिमाही में 269.27 करोड़ रुपये का घाटा भी दर्ज किया था, जिसका कारण बढ़ती लागत और एकमुश्त खर्च बताए गए हैं।

भारत नई टेक्नोलॉजी बनाता भी है और उसे अपनाता भी है”, AI इम्पैक्ट समिट में बोले पीएम मोदी

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राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के भारत मंडपम में हो रहे 'इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026' को पीएम मोदी संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने इंडिया एआई समिट 2026 का मकसद बताया। पीएम मोदी ने एआई के लिए दुनिया को भारत का मंत्र दिया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत नई टेक्नोलॉजी बनाता भी है, और उसे अभूतपूर्व तेजी से अपनाता भी है।

भारत को एआई में भय नहीं भविष्य दिखता है-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा, भारत दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी का देश है। सबसे बड़े टैग टैलेंट पूल का केंद्र है। उन्होंने कहा कि भारत को एआई में भय नहीं, भाग्य और भविष्य दिखता है।

एआई को डेमोक्रेटाइज करना होगा-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि एआई को मानव इतिहास का ट्रांसफॉर्मेशन है। हालांकि, इस दौरान पीएम मोदी ने दुनिया को संदेश देते हुए साफ-साफ कहा कि एआई को डेमोक्रेटाइज करना होगा। भविष्य में नहीं, बल्कि वर्तमान में इसकी दिशा तय होनी चाहिए।

एआई एक ट्रांसफॉर्मेशन है-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, मानव इतिहास में हर कुछ शताब्दियों के बाद एक टर्निंग पॉइंट आता है और वो टर्निंग पॉइंट सभ्यता की दिशा रिसेट करता है और वहीं से विकास की रफ्तार बदलती है। सोचने, समझने और काम करने के परिणाम बदलते हैं। किसी ने कल्पना नहीं की थी कि एक दिन पूरी दुनिया रियल टाइम में कनेक्ट होगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मानव इतिहास का ऐसा ही ट्रांसफॉर्मेशन है। आज जो हम देख रहे हैं जो प्रेडिक्ट कर रहे हैं वो इसके इंपैक्ट का सिर्फ प्रारंभिक संकेत है।

एआई मशीनों को इंटेलीजेंट बना रही-पीएम मोदी

पीएम ने कहा एआई मशीनों को इंटेलीजेंट बना रही है। लेकिन उससे भी अधिक मानव सामर्थ्य को कई गुना बढ़ा रही है। पहले टेक्नोलॉजी दिखने में दशकों लगते थे, आज मशीन लर्निंग से लर्निंग मशीन तक का सफर तेज भी है, गहरा भी है, व्यापक भी है। इसलिए हमें विजन भी रखना है और जिम्मेदारी भी बढ़ानी है।

ग्लोबल साउथ के लिए गर्व का विषय- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा इस समिट का होना पूरे ग्लोबल साउथ के लिए गर्व का विषय है। यहां दुनिया के कोने-कोने से आए मेहमान इसकी सफलता को नई ऊंचाई पर ले जा रहे हैं। यंग जेनरेशन की उपस्थिति नया विश्वास पैदा करती है। पीएम ने कहा एआई समिट में यंग टैलेंट बहुत बड़ी संख्या में आया।