राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने माँ पाटेश्वरी राज्य विश्वविद्यालय के निर्माणाधीन परिसर का किया निरीक्षण, एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम में लिया भाग
एचपीवी टीकाकरण को लेकर राज्यपाल महोदया ने दिया जागरूकता का संदेश
स्वस्थ, शिक्षित और विकसित भारत के लक्ष्य पर जोर
बलरामपुर 10 फरवरी राज्यपाल आनंदीबेन पटेल आज मंगलवार को माँ पाटेश्वरी राज्य विश्वविद्यालय, बलरामपुर के निर्माणाधीन परिसर का निरीक्षण करने पहुंचीं।
इस अवसर पर राज्यपाल ने विश्वविद्यालय परिसर स्थित कुलाधिपति वाटिका में मौलिसरी का पौधरोपण किया। साथ ही विश्वविद्यालय परिसर में निर्माणाधीन सरोवर का नामकरण कुलाधिपति सरोवर के रूप में किया गया।
राज्यपाल ने प्रशासनिक भवन, अकादमिक भवन, कुलपति आवास सहित अन्य निर्माणाधीन संरचनाओं का स्थलीय निरीक्षण करते हुए निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त करते हुए आवश्यक सुधारात्मक निर्देश भी दिए।
राज्यपाल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी ढंग से पूर्ण किए जाएं तथा विश्वविद्यालय को उच्च शिक्षा के एक सशक्त केंद्र के रूप में विकसित किया जाए।
इसके उपरांत राज्यपाल ने कलेक्ट्रेट में एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए कैंप में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया।आयोजित एचपीवी टीकाकरण कैंप में 100 बच्चियों का टीकाकरण किया गया।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि बेटियों को स्वस्थ रखने के लिए सरकार द्वारा विशेष अभियान चलाकर एचपीवी वायरस के विरुद्ध टीकाकरण कराया जा रहा है।उन्होंने बताया कि 9 से 14 वर्ष की आयु की बच्चियों को एचपीवी टीके की दो डोज लगाए जाने से वे लगभग 95 प्रतिशत तक सुरक्षित रह सकती हैं। यह टीका 26 वर्ष की आयु तक लगाया जा सकता है।
राज्यपाल ने कहा कि ऐसे जनकल्याणकारी कार्यक्रमों में इंडस्ट्री एवं निजी कंपनियों का सहयोग भी प्राप्त किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने परिवारों से अपील की कि वे जागरूक बनें और अपनी बच्चियों का टीकाकरण अवश्य कराएं।
उन्होंने कहा कि 3 वर्ष का बच्चा अनिवार्य रूप से आंगनबाड़ी जाए तथा 6 वर्ष का बच्चा विद्यालय अवश्य जाए। विकसित भारत का लक्ष्य तभी साकार होगा जब कोई भी बच्चा न तो बीमार रहे और न ही अशिक्षित।
उच्च शिक्षा में किए गए सुधारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के निर्देशन में शिक्षा व्यवस्था को अधिक लचीला बनाया गया है, जिससे अब विद्यार्थी फिजिक्स के साथ संगीत और केमिस्ट्री के साथ भाषा जैसे विषयों का भी अध्ययन कर सकते हैं।
राज्यपाल ने एक अभिभावक के रूप में बच्चियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपना मार्ग स्वयं तय करें, पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करें और उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करें। उन्होंने बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं पर रोक लगाने के लिए सभी को जागरूक रहने का आह्वान किया।
उन्होंने ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि परिवारों को ऐसे बच्चों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं करना चाहिए। सभी को समान सम्मान मिले और सरकार की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचे।
इस दौरान राज्यपाल ने बच्चियों को पोषण किट एवं टीबी मरीजों को पोषण पोटली का वितरण किया।
इस अवसर पर मंडलायुक्त शशि भूषण लाल सुशील, कुलपति प्रोफेसर रवि शंकर सिंह, जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन, पुलिस अधीक्षक विकास कुमार, मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ज्योति राय, अपर जिलाधिकारी न्यायिक , मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश रस्तोगी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
1 hour and 1 min ago
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