“गोरखपुर में अंतरिक्ष कार्यशाला: नासा साइन्टिस्ट डॉ. हाशिमा हसन के साथ विद्यार्थियों को मिली प्रेरणा”
गोरखपुर । राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर, संस्कृति विभाग, उ0प्र0 एवं सुष्मिता सिंह बक्की, स्पेस आर्टिस्ट, उ0प्र0 के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 10 फरवरी, 2026 को अन्तरिक्ष में मानव विषयक एक दिवसीय कार्यशाला सह प्रतियोगिता सम्पन्न हुई। उक्त कार्यक्रम में  मुख्य अतिथि डाॅ0 हाशिमा हसन, नासा साइन्टिस्ट (भारतीय मूल) रहीं। विशिष्ट अतिथि खगोलविद् अमर पाल सिंह, नक्षत्रशाला (तारामण्डल), गोरखपुर भी उपस्थित रहें। उक्त कार्यक्रम में तीन विद्यालयों-सरमाउण्ट इण्टरनेशनल स्कूल, गौतम बुद्धा एकेडमी तथा एन0पी0ए0 एकेडमी, गोरखपुर के कुल 80 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। जिसमें से सफल प्रतिभागियों को मुख्य अतिथि के हाथों प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय सहित दो सान्त्वना पुरस्कार/प्रतीक चिन्ह एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त प्रतियोगिता में अच्छा प्रयास करने वाले 38 छात्र-छात्राओं को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया गया। प्रथम पुरस्कार अनुष्का यादव, द्वितीय पुरस्कार रितिका मार्य, एन0पी0ए0 एकेडमी तथा तृतीय एवं सान्त्वना पुरस्कार सरमाउण्ट इण्टरनेशनल स्कूल के अश्विन पाण्डेय व आदित्य त्रिपाठी को प्राप्त हुआ। दूसरा सान्त्वना पुरस्कार गौतम बुद्ध एकेडमी दिव्यनगर, खोराबार के कुमार चैतन्य को प्राप्त हुआ।

कार्यक्रम संयोजक एवं स्पेस आर्टिस्ट  सुष्मिता सिंह बक्की ने कहा कि मुख्य अतिथि नासा साइन्टिस्ट डाॅ0 हाशिमा हसन, नासा के स्पेस सेन्टर से चलकर दिनांक 09 फरवरी, 2026 को सीधे गोरखपुर पहुॅंची और आज बौद्ध संग्रहालय द्वारा आयोजित उक्त कार्यक्रम सम्मिलित हुईं। जोकि हम सबके लिए बड़े ही सौभाग्य की बात है। सुश्री बक्की ने कार्यक्रम एवं मुख्य अतिथि का सक्षिप्त परिचय एवं रूप-रेखा भी प्रस्तुत किया।

उक्त अवसर पर मुख्य अतिथि डाॅ0 हाशिमा हसन, नासा साइन्टिस्ट ने जीवन संघर्षों के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि मैनें जिस दौर में पढ़ाई की, जिसमें लड़कियों को घर से बाहर निकलना मुश्किल था। फिर भी मैंने अपने सपनों को साकार करने के लिए निरन्तर प्रयासरत रही एवं अपने सपनों को हमेशा अपने अन्दर जीवन्त रखा। आज जो कुछ भी है, मेरे हिम्मत और लगन तथा आत्मविश्वास का ही परिणाम है। इसलिए आज की विद्यार्थियों एवं युवा पीढ़ी को यह संदेश है कि अपने सपनों को पूरा करने के लिए कभी हौसले को कम न होने दें। आपको अपनी मंजिल अवश्य मिलेगी। हमेशा सकारात्मक प्रयास करें। असफलताओं से घबराये नहीं।

कार्यक्रम संयोजक सुष्मिता सिंह बक्की की योग्यता एक कंप्युटर साइंस इंजीनियर हैं। जबकि इनका मुख्य रूचि स्पेस आर्ट में होने के कारण एक स्पेस आर्टिस्ट हैं। जो भारत के उत्तर प्रदेश के खलीलाबाद, संतकबीर नगर से हैं। इनके द्वारा बनाई गई स्पेस आर्ट ‘‘इसरो‘‘ में भी प्रदर्शित है सुष्मिता पिछले सात सालों से एक स्पेस आर्टिस्ट के तौर पर सक्रिय हैं। इस बार सुष्मिता एक ऐसी रोचक सीरीज पर काम कर रही हैं जो  अंतरिक्ष में भारत के योगदान को दुनिया के सामने रखता है।

सुष्मिता सिंह बक्की द्वारा उक्त अवसर पर संग्रहालय में स्पेस आर्ट से सम्बन्धित चित्रों का भी प्रदर्शन किया गया। उक्त आयोजन के इस सीरीज में बनाई गई पहली पेंटिंग दस महाविद्या और ब्रम्ह्माण्ड की ऊर्जा को बताती है। ये पेंटिंग हाल ही मे कुछ कला प्रदर्शनियों का हिस्सा रही है। वहीं इस श्रृंखला की दूसरी पेंटिंग डॉ0 क्षितिज के ब्रम्हाण्ड का हिस्सा बनने जा रही है, जो आधुनिक बिग बैंग थ्योरी और पौराणिक हिरण्यगर्भ जैसे विषय पर बन रही है।

इसी दौरान नक्षत्रशाला के खगोलविद् अमर पाल सिंह ने कहा कि ब्रहमाण्ड सभी के लिए है और डाॅ0 हाशिमा हसन जैसे व्यक्तित्व की लगन, समर्पण और रिसर्च से प्रेरणा लेकर के विद्यार्थियों को भावी भविष्य के वैज्ञानिक बनने के लिए एक मार्गदर्शक के तौर पर उनका व्यक्तित्व एवं कृतित्व अपने आप में बहुत कुछ सीखने, जानने एवं समझने योग्य है। जैसे कि उन्होंने हबल स्पेस टेलीस्कोप एवं जेम्स बेव स्पेस टेलीस्कोप जैसे प्रोजेक्ट में बतौर सीनियर साइन्टिस्ट कार्य करते हुए जे.डब्ल्यू. एस.टी. से प्राप्त अन्तरिक्ष की तस्वीरों आदि को अन्वेषित करके दुनिया को वह दिखाया है जो शायद हम कभी नहीं देख पाते।

कार्यक्रम के अन्त में संग्रहालय के उप निदेशक डाॅ0 यशवन्त सिंह राठौर ने कहा कि संग्रहालय विद्यार्थियों के लिए समय-समय पर विविध शैक्षिक कार्यक्रमों का आयोजन करता रहता है। इसी कड़ी में सुष्मिता सिंह बक्की के प्रयासों से आज नासा की साइन्टिस्ट डाॅ0 हाशिमा हसन से समन्वय स्थापित कर बौद्ध संग्रहालय में अन्तरिक्ष में मानव से सम्बन्धित विषय पर इस तरह ही कार्यशाला का आयोजन में मुख्य अतिथि के तौर पर बुलवाना अपने आप में एक अद्वितीय एवं सराहनीय प्रयास रहा है। जो निश्चय ही खासकर छात्राओं के लिए एक प्रेरणात्मक पहल है। डाॅ0 राठौर ने कहा कि डाॅ0 हाशिमा हसन जैसी प्रतिभाओं का नासा से गोरखपुर बौद्ध संग्रहालय में आना और छात्र-छात्राओं के मध्य  सीधा संवाद करना तथा अन्तरिक्ष सम्बन्धी प्रश्नों से सम्बन्धित जिज्ञासाओं को शांत करना निश्चित तौर पर हम सब अन्तरिक्ष पे्रमियों के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। कार्यक्रम का संचालन श्री शिवनाथ एवं श्री प्रभाकर शुक्ला द्वारा किया गया। उक्त अवसर पर विभिन्न विद्यालयों के अध्यापकों सहयोग उल्लेखनीय रहा।
राजकीय बौद्ध संग्रहालय गोरखपुर में सात दिवसीय अभिलेख-मुद्रा कार्यशाला का समापन, 70 प्रतिभागियों को मिले प्रमाणपत्र

गोरखपुर।राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर में आयोजित सात दिवसीय “प्राचीन भारतीय अभिलेख एवं मुद्राएं–अभिरुचि कार्यशाला” का समापन एवं प्रमाण-पत्र वितरण कार्यक्रम सोमवार को भव्य रूप से संपन्न हुआ। समापन सत्र के मुख्य अतिथि दीदउ गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन रहीं, जिन्होंने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि मुद्राएं संस्कृति का कोड होती हैं, जिनसे इतिहास, राजनीति, अर्थव्यवस्था और धार्मिक परंपराओं की महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है। उन्होंने प्रतिभागियों को मुद्राओं के संग्रह, उनके बदलते स्वरूप और उनसे प्राप्त ऐतिहासिक सूचनाओं के महत्व से अवगत कराया। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग और राजकीय बौद्ध संग्रहालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह कार्यशाला शोधार्थियों और विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुई है, जिससे शोध की गुणवत्ता में वृद्धि होती है। कार्यक्रम के दौरान कुलपति द्वारा कार्यशाला में भाग लेने वाले 70 सफल प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। वहीं उत्कृष्ट रिपोर्ट प्रस्तुति के लिए गायत्री सिंह, अनुराधा सिंह, वैष्णवी दुबे, प्रिया राव, संदीप कुमार सरोज और मुनील कुमार को प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं सांत्वना पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।कार्यशाला के अंतर्गत राष्ट्रीय व्याख्यान श्रृंखला में दीदउ गोरखपुर विश्वविद्यालय की विभागाध्यक्ष प्रो. प्रज्ञा चतुर्वेदी ने “अभिलेखों एवं मुद्राओं के आलोक में वैष्णव धर्म का विकास” विषय पर विस्तृत व्याख्यान दिया। अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. राजवंत राव ने सभी सफल प्रतिभागियों को बधाई देते हुए विषय विशेषज्ञों का आभार व्यक्त किया।कार्यशाला संयोजक डॉ. यशवंत सिंह राठौर ने सात दिवसीय कार्यशाला की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस दौरान अभिलेख एवं मुद्राओं से जुड़े इतिहास पर कुल 09 व्याख्यान आयोजित किए गए, साथ ही प्रतिभागियों को संग्रहालय की विभिन्न वीथिकाओं का शैक्षिक भ्रमण भी कराया गया। समापन कार्यक्रम में काशी हिंदू विश्वविद्यालय की प्रो. सुजाता सहित गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रो. रामप्यारे मिश्र, प्रो. दिग्विजयनाथ मौर्य, प्रो. कमलेश गौतम, डॉ. पद्मजा, डॉ. विनोद कुमार, डॉ. मणिन्द्र यादव सहित अनेक शिक्षाविदों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। प्रतिभागियों ने भी कार्यशाला के अपने अनुभव साझा किए।
खिचड़ी महापर्व पर गोरखनाथ मंदिर में आस्था का महासंगम
* गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ब्रह्म मुहूर्त में चढ़ाई पवित्र खिचड़ी



गोरखपुर। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को ब्रह्म मुहूर्त में महायोगी गुरु गोरखनाथ को नाथपंथ की परंपरा के अनुसार पवित्र खिचड़ी अर्पित कर लोकमंगल और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। सीएम योगी के खिचड़ी अर्पण के साथ ही गोरखनाथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए, जिसके बाद मंदिर परिसर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा।

नाथ योगियों, साधु-संतों और देश-विदेश से आए लाखों श्रद्धालुओं ने श्रद्धा की अंजुरी में खिचड़ी लेकर बाबा गोरखनाथ के चरणों में शीश नवाया। लोकमान्यता के अनुसार त्रेतायुग से चली आ रही बाबा का खप्पर भरने की परंपरा का इस अवसर पर विधिवत पालन किया गया। नेपाल राजपरिवार की ओर से भेजी गई खिचड़ी भी श्रद्धापूर्वक अर्पित की गई।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गर्भगृह में जमीन पर बैठकर, सीटी बजाकर गुरु गोरखनाथ से आदेश लिया और विधिविधान से श्रीनाथ जी को खिचड़ी अर्पित की। इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर में स्थित अन्य देवी-देवताओं, योगिराज बाबा गंभीरनाथ, दादागुरु महंत दिग्विजयनाथ, गुरुदेव महंत अवेद्यनाथ एवं अन्य नाथ योगियों की प्रतिमाओं के समक्ष भी खिचड़ी भोग अर्पित किया।

खिचड़ी चढ़ाने का सिलसिला पूरे दिन अनवरत चलता रहा। तड़के तीन बजे से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें मंदिर परिसर से बाहर तक लग गई थीं। अलग-अलग गेटों और बैरिकेडिंग के माध्यम से भीड़ को नियंत्रित किया गया। उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली सहित अन्य राज्यों और पड़ोसी देश नेपाल से आए श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर बाबा को खिचड़ी चढ़ाई।

मकर संक्रांति के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर परिसर में खिचड़ी सहभोज का भी आयोजन किया गया, जिसमें अमीर-गरीब, जाति-वर्ग का भेदभाव भुलाकर सभी ने प्रसाद ग्रहण किया। सहभोज में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों, उद्यमियों और गणमान्य नागरिकों की बड़ी सहभागिता रही।

पूरे आयोजन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं व्यवस्थाओं पर नजर बनाए रहे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए मंदिर प्रशासन व जिला प्रशासन की ओर से व्यापक प्रबंध किए गए। दिनभर मंदिर परिसर ‘गुरु गोरखनाथ की जय’ के उद्घोष से गूंजता रहा।

नाथपंथ के अध्येता डॉ. प्रदीप कुमार राव के अनुसार, महायोगी गुरु गोरखनाथ नेपाल के राजगुरु माने जाते हैं और मकर संक्रांति पर नेपाल राजपरिवार की ओर से खिचड़ी अर्पित करने की परंपरा आज भी निभाई जाती है। मान्यता है कि गोरखनाथ मंदिर में खिचड़ी चढ़ाने की परंपरा त्रेतायुग से चली आ रही है, जो आज भी श्रद्धा और सामाजिक समरसता का अनुपम उदाहरण बनी हुई है।
विश्व पुस्तक मेले में गोरखपुर के राजल की 16 पुस्तकें दिखेंगीं
10 जनवरी से दिल्ली में प्रारम्भ हों रहे विश्व पुस्तक मेले में गोरखपुर के युवा लेखक राजल की अलग-अलग भाषाओं में 16 पुस्तकें दिखेंगीं।राजल अब तक 6 पुस्तकें लिख चुकें हैँ जिनमे राजल नीति टाइम मैनेजमेंट, राजल नीति स्ट्रेस मैनेजमेंट और राजल नीति लोकव्यवहार प्रमुख है।
राजल टाइम मैनेजमेंट पर सबसे अधिक अनुवाद किये जाने वाले भारतीय लेखक भी हैँ।
राजल नीति पुस्तकों का विमोचन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ,उत्तर प्रदेश के तत्कालीन राज्यपाल राम नाइक और हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला कर चुके हैँ और उन्हें उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल,गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी और भारत के तत्कालीन उपराष्ट्रपति वेंकेया नायडू भी शुभकामनाएं दे चुकें हैँ। 
राजल नीति को चाचा चौधरी प्रकाशित करने वाली देश की अग्रणी प्रकाशन कम्पनी डायमंड बुक्स द्वारा प्रकाशित किया गया है। इन पुस्तकों का अनुवाद  हिंदी, अंग्रेजी, बांग्ला, मराठी, गुजरती, ओड़िया, पंजाबी इत्यादि भाषाओं में हो चुका है ।
मुख्यमंत्री योगी दो दिवसीय दौरे पर गोरखपुर पहुंचे, गोरखनाथ मंदिर में की पूजा-अर्चना
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज अपने दो दिवसीय दौरे पर गोरखपुर पहुंचे। गोरखपुर पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने गोरखनाथ मंदिर में गुरु गोरक्षनाथ की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।

इसके उपरांत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने गुरु अवैद्यनाथ की समाधि स्थल पर पहुंचकर श्रद्धा सुमन अर्पित किए तथा उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान मंदिर परिसर में आध्यात्मिक वातावरण बना रहा। मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान गोरखपुर में विभिन्न विकास कार्यों एवं प्रशासनिक कार्यक्रमों में शामिल होने की भी संभावना है।
प्रचंड ठंड में भी जारी रहा सीएम योगी का जनसेवा अनुष्ठान, गोरखनाथ मंदिर में 150 फरियादियों से मिले



गोरखपुर, उत्तर प्रदेश। जनता के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रचंड ठंड के बावजूद सोमवार को जनसेवा का अनुष्ठान जारी रखा। गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने करीब 150 फरियादियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान का भरोसा दिलाया।

जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने फरियादियों से आत्मीय संवाद करते हुए कहा, “घबराइए मत, हर समस्या का समाधान कराया जाएगा। सरकार सबकी भरपूर मदद करेगी।” उन्होंने मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत पर संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्रवाई करते हुए समयबद्ध एवं पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

सोमवार सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर स्थित महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में आयोजित जनता दर्शन में मुख्यमंत्री स्वयं कुर्सियों पर बैठे लोगों के पास पहुंचे और एक-एक कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने प्रार्थना पत्र अधिकारियों को सौंपते हुए निर्देश दिया कि हर मामले का निस्तारण त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिप्रद होना चाहिए।

जमीन पर अवैध कब्जे से जुड़ी शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि दबंगों और माफियाओं के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए। गरीबों को उजाड़ने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा न जाए। जहां पैमाइश की आवश्यकता हो, वहां तत्काल पैमाइश कराकर विवाद का समाधान कराया जाए। पारिवारिक विवादों के मामलों में दोनों पक्षों से संवाद कर सौहार्दपूर्ण समाधान निकालने के निर्देश भी दिए गए।

जनता दर्शन में इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग लेकर पहुंचे लोगों को मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि धन की कमी इलाज में बाधा नहीं बनेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अस्पताल के इस्टीमेट की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर प्रस्ताव शासन को भेजा जाए, ताकि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से इलाज के लिए पर्याप्त सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
भीषण शीतलहर का कहर: यूपी में 12वीं तक के सभी स्कूल 1 जनवरी तक बंद, सीएम योगी के सख्त निर्देश
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड और भीषण शीतलहर के प्रकोप को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी बोर्डों—ICSE, CBSE और यूपी बोर्ड—के कक्षा 12वीं तक के सभी स्कूलों को 1 जनवरी तक बंद रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि शीतलहर के दौरान बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

* मैदान में उतरेंगे अफसर, व्यवस्थाओं की होगी निगरानी


मुख्यमंत्री ने शासन और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे स्वयं क्षेत्रों में भ्रमण कर जमीनी हालात का जायजा लें। ठंड के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए प्रत्येक जिले में सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलाने और जरूरतमंदों के लिए कंबलों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं।

* ‘कोई भी खुले में न सोए’: योगी


रैन बसेरों के संचालन को लेकर मुख्यमंत्री ने विशेष निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोई भी व्यक्ति कड़ाके की ठंड में खुले में सोने को मजबूर न हो। सभी रैन बसेरों में बिछौने, कंबल, स्वच्छता और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि जरूरतमंदों को समय पर राहत सामग्री और सुरक्षित आश्रय मिल सके।

प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि शीतलहर के दौरान लगातार निगरानी रखी जाए और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए।
उर्स-ए-ख़्वाजा ग़रीब नवाज़ पर मानव सेवा की मिसाल
ग़ौसे आज़म फाउंडेशन ने गोरखपुर में लगाया विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर

गोरखपुर। उर्स-ए-ख़्वाजा ग़रीब नवाज़ के मुबारक अवसर पर, ग़ौसे आज़म फाउंडेशन की ओर से रविवार, 28 दिसम्बर को ग़ौसिया जामा मस्जिद, जामिया नगर, गोरखनाथ, गोरखपुर में विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक सफलतापूर्वक संचालित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया।

शिविर के दौरान ब्लड प्रेशर (बीपी), शुगर और यूरिक एसिड की जांच पूरी तरह निःशुल्क की गई, जबकि अन्य सभी आवश्यक जांचों पर 50 से 60 प्रतिशत तक की विशेष छूट प्रदान की गई। इस पहल को जनता ने, समाजसेवा की एक सराहनीय मिसाल बताया।

फाउंडेशन के जिला अध्यक्ष समीर अली ने कहा कि उर्स-ए-ख़्वाजा ग़रीब नवाज़ का पैग़ाम मोहब्बत, इंसानियत और ख़िदमत-ए-ख़ल्क़ का है और उसी सोच के तहत, ग़ौसे आज़म फाउंडेशन लगातार जनहित के कार्यक्रम आयोजित करता आ रहा है।

इस अवसर पर रहमतनगर अध्यक्ष मोहम्मद फैज़, सैयद शहाबुद्दीन, मोहम्मद फैज़, हाफ़िज़ मोहम्मद शारिक, अमान अहमद, हाफ़िज़ मोहम्मद सैफ, इम्तियाज़ अहमद तथा मुस्कान सहित अनेक कार्यकर्ता व समाजसेवी उपस्थित रहे और शिविर को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।

स्थानीय नागरिकों ने ग़ौसे आज़म फाउंडेशन के इस प्रयास की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए इसे ज़रूरतमंदों के लिए अत्यंत लाभकारी बताया और भविष्य में भी ऐसे शिविर आयोजित करने की मांग की।
राजमिस्त्री का बेटा खेलेगा आईपीएल
पंजाब किंग्स ने विशाल निषाद को 30 लाख में खरीदा, संघर्ष से सफलता तक की प्रेरक कहानी गोरखपुर।गोरखपुर के लिए यह गर्व का क्षण है। एक साधारण परिवार से निकलकर गोरखपुर के युवा क्रिकेटर विशाल निषाद ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में जगह बनाकर इतिहास रच दिया है। आईपीएल ऑक्शन में पंजाब किंग्स (PBKS) ने विशाल निषाद को उनकी बेस प्राइस 30 लाख रुपये में अपनी टीम में शामिल किया। 21 वर्षीय विशाल एक राइट आर्म मिस्ट्री स्पिन गेंदबाज हैं और अपनी घातक गेंदबाजी के लिए पहचाने जाते हैं। विशाल निषाद बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखते हैं। वह राजघाट थाना क्षेत्र के जंगल अयोध्या प्रसाद लहसड़ी गांव के निवासी हैं। उनके पिता उमेश निषाद पेशे से राजमिस्त्री हैं, जबकि मां सुनीता देवी गृहिणी हैं। आर्थिक तंगी के बावजूद विशाल ने कभी अपने सपनों से समझौता नहीं किया। वह कई बार अपने पिता के साथ मजदूरी के काम में हाथ बंटाते थे, लेकिन दिल में क्रिकेटर बनने का जज्बा हमेशा जिंदा रहा। विशाल की मेहनत और लगन को देखते हुए उनके पिता ने सीमित आय के बावजूद क्रिकेट प्रशिक्षण दिलाने का साहसिक निर्णय लिया। क्रिकेट अकादमी की फीस, किट और आने-जाने के खर्चों को किसी तरह पूरा किया गया। माता-पिता के इस संघर्ष और समर्थन ने विशाल को आगे बढ़ने की ताकत दी। विशाल ने यूपी-टी20 लीग में गोरखपुर लायंस की ओर से खेलते हुए शानदार प्रदर्शन किया। इसी दौरान उन्होंने अनुभवी बल्लेबाज नीतीश राणा को पवेलियन भेजकर क्रिकेट विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींचा। उनकी जादुई मिस्ट्री स्पिन गेंदबाजी के चलते यह माना जाने लगा था कि आईपीएल में उन पर जरूर बोली लगेगी। वर्तमान में विशाल संस्कृति क्रिकेट एकेडमी में प्रशिक्षण ले रहे हैं, जहां उन्हें कोच कल्याण सिंह का मार्गदर्शन मिल रहा है। कोच का कहना है कि विशाल में एक बड़े खिलाड़ी बनने की पूरी क्षमता है और आने वाले समय में वह पंजाब किंग्स के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकते हैं। आईपीएल में चयन की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों ने मिठाइयां बांटी और विशाल की सफलता को संघर्ष और मेहनत की जीत बताया। विशाल निषाद आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं।
झुग्गी-झोपड़ीवासियों के वेरिफिकेशन से मचा हड़कंप

*फुटपाथ दुकानदारों ने डीएम कार्यालय पहुंचकर सौंपा ज्ञापन, प्रशासन ने स्पष्ट की स्थिति*

गोरखपुर। शहर के विभिन्न इलाकों—जटाशंकर गुरुद्वारे के सामने, रेलवे स्टेशन के सामने सहित अन्य प्रमुख स्थानों पर अवैध तरीके से झुग्गी-झोपड़ी डालकर रह रहे लोगों और फुटपाथ पर दुकान लगाने वालों का मामला एक बार फिर चर्चा में है। वर्षों से इन स्थानों पर रह रहे इन लोगों के बारे में न तो यह स्पष्ट है कि वे किस जनपद, किस प्रदेश अथवा किस देश के निवासी हैं और न ही अब तक उनका समुचित सत्यापन किया गया है। शासन के निर्देश के बाद पुलिस प्रशासन द्वारा वेरिफिकेशन अभियान शुरू होते ही इन झुग्गी-झोपड़ीवासियों की परेशानियां बढ़ गई हैं। इसी क्रम में आज सैकड़ों महिलाएं और पुरुष जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और डीएम कार्यालय में ड्यूटी पर तैनात अधिकारी (डे अफसर) को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि वे लोग माध्यमिक शिक्षा परिषद क्षेत्रीय कार्यालय, कैंपस रोड के पास प्रत्येक मंगलवार को अपनी दुकान लगाकर रोजी-रोटी का इंतजाम करते थे, लेकिन अब पुलिस द्वारा उन्हें वहां से हटाया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पुलिस यह स्पष्ट नहीं कर रही है कि उन्हें किस कारण से हटाया जा रहा है, जिससे उनमें भय और असमंजस की स्थिति बनी हुई है। डीएम कार्यालय में मौजूद ड्यूटी अफसर ने इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि शासन के निर्देश पर पुलिस प्रशासन शहर में अवैध रूप से रह रहे लोगों का सत्यापन कर रहा है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि जो भी व्यक्ति जिस जनपद, प्रदेश या स्थान का निवासी है, उसका वैध साक्ष्य पुलिस विभाग को उपलब्ध कराए। वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद वे नियमानुसार अपनी दुकान लगाकर रोजी-रोटी चला सकते हैं और किसी को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाएगा। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जटाशंकर गुरुद्वारे के सामने और रेलवे स्टेशन के आसपास वर्षों से बड़ी संख्या में लोग झुग्गी-झोपड़ी डालकर रह रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि इतने लंबे समय तक रहने के बावजूद अब तक उनका विधिवत सत्यापन नहीं कराया गया। अब जब शासन के निर्देश पर पुलिस प्रशासन सक्रिय हुआ है और पहचान व पते की जांच शुरू की गई है, तो स्वाभाविक रूप से इन लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जांच के दौरान कुछ ऐसे भी मामले सामने आए हैं, जिनमें झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों ने कथित तौर पर फर्जी तरीके से अपने नाम मतदाता सूची में दर्ज करवा लिए हैं। डीएम कार्यालय पहुंचे कुछ लोगों ने दावा किया कि उनके पास राशन कार्ड है और वोटर लिस्ट में भी उनका नाम दर्ज है। किसी ने खुद को गुजरात का निवासी बताया, तो किसी ने मेरठ अथवा अन्य जनपदों का रहने वाला होने की बात कही। अलग-अलग बयानों से प्रशासन के सामने कई सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन अब यह जांच कर रहा है कि आखिर इन लोगों ने राशन कार्ड और मतदाता पहचान पत्र किस आधार पर और किन प्रक्रियाओं के तहत बनवाए। इसके लिए संबंधित विभागों से रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं और जरूरत पड़ने पर दस्तावेजों की गहन जांच कराई जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता या फर्जीवाड़ा सामने आता है, तो जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस और प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि किसी को भी बिना कारण परेशान करने का उद्देश्य नहीं है, लेकिन शहर की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक पारदर्शिता के लिए यह जरूरी है कि शहर में रह रहे प्रत्येक व्यक्ति की पहचान और पृष्ठभूमि स्पष्ट हो। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र लोगों को नियमों के तहत जीवनयापन करने की अनुमति दी जाएगी, जबकि अवैध रूप से रह रहे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला गोरखपुर में चर्चा का विषय बना हुआ है और प्रशासनिक जांच के नतीजों पर सबकी नजर टिकी है।