उत्तर भारत में फिर बढ़ने वाली है ठंड, बारिश के भी आसार, इन राज्यों के लिए चेतावनी*

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दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में घने कोहरे से राहत मिल गई है।बीते कुछ दिनों से धूप खिल रही है और दिन के समय हल्की गर्मी महसूस हो रही है। जिससे लोगों ने हाड़ कंपाने वाली सर्दी से राहत की सांस ली है। हालांकि, मौसम का मिजाज एक बार फिर बिगड़ने वाला है।

पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 19 जनवरी से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसके चलते दिल्ली, यूपी, बिहार सहित कई राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पहाड़ों पर भारी हिमपात और मैदानी इलाकों में ओलावृष्टि के साथ बारिश की चेतावनी जारी की गई है. पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में 22 और 23 जनवरी को भारी बर्फबारी और बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।

10 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में देश के 10 राज्यों में भारी बारिश और तेज हवा की चेतावनी जारी कर दी है। इस बारिश के बाद 2 से 3 दिन तक कड़ाके की ठंड पड़ेगी। इसके अलावा उत्तर भारत के 26 जिलों में घने कोहरे मुश्किलें बढ़ाने वाली हैं।

इन राज्यों में तेज आंधी और बारिश के आसार

आएमडी के अनुसार 22 से 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल, उत्तराखंड, पश्चिमी राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान और 24 जनवरी को पूर्वी उत्तर प्रदेश में बिजली कड़कने और तेज हवाओं (30-50 किमी प्रति घंटा की गति) के साथ गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। 21 जनवरी को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश तो 22-26 जनवरी के दौरान पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में भारी बारिश-बर्फबारी होने की संभावना है।

बांग्लादेश से संबंधों में और तल्खी, भारत ने राजनयिकों के परिवार को वापस बुलाया

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भारत ने बांग्लादेश में खराब होती सुरक्षा स्थिति को देखते हुए बड़ा कदम उठाया है। भारत सरकार ने वहां तैनात भारतीय राजनयिकों के परिवारों को वापस बुलाने का फैसला किया है।कूटनीतिक तनातनी के बीच भारत ने सुरक्षा कारणों से बांग्लादेश को नॉन फैमिली श्रेणी में डाल कर वहां विभिन्न मिशनों में तैनात राजनयिकों के परिवार के सदस्यों को वापस बुला लिया है।

भारत ने अगले महीने बांग्लादेश में होने वाले आम चुनाव के दौरान संभावित हिंसा के मद्देनजर यह फैसला किया है।राजनयिकों के परिवार के सभी सदस्य 15 जनवरी तक भारत वापस लौट चुके हैं। माना जा रहा है कि आम चुनाव के नतीजे आने के बाद भारत बांग्लादेश की स्थिति की समीक्षा कर अपने फैसले पर पुनर्विचार करेगा। बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव होने हैं। इसी दिन जनमत संग्रह भी होना तय है।

इन देशों पर 'नॉन फैमिली' लागू

अब तक भारतीय विदेश मंत्रालय ने 'नॉन फैमिली' की यह श्रेणी सिर्फ़ कुछ ही देशों पर लागू की थी, जिनमें इराक, अफगानिस्तान, पाकिस्तान और दक्षिण सूडान शामिल हैं। इस ताजा फैसले के बाद अब बांग्लादेश को भी इस सूची में शामिल कर लिया गया है।

शेख हसीना के बाद बिगड़े संबंध

बांग्लादेश को नॉन फैमिली श्रेणी में अचानक या हड़बड़ी में शामिल नहीं किया गया है। दरअसल, शेख हसीना की सत्ता जाने के बाद से दोनों देशों में तल्खी बढ़ी है। भारत पहले ही बांग्लादेश के लिए वीजा सेवा बंद कर चुका है। हिंदुओं की लगातार हत्या के कारण भी तनातनी बढ़ी है।

राजनयिकों की सुरक्षा चिंता बढ़ी

बता दें हाल के वक्त में भारत और बांग्लादेश के बीच राजनयिक असहजता भी देखने को मिली है। बीते दिनों छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या के बाद बांग्लादेश में भारतीय उच्चायोग के सामने विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिले । बांग्लादेश में भारतीय मिशन और राजनयिकों की सुरक्षा भारत के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी। इस मसले पर भारत ने दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायुक्त रियाज हामिदुल्लाह को तलब भी किया था।

सुनीता विलियम्स ने स्पेस करियर को कहा अलविदा, सबसे ज्यादा स्पेसवॉक टाइम का है रिकॉर्ड

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भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स 60 साल की आयु पूरी होने पर अंतरिक्ष एजेंसी- नासा से रिटायर हो गईं। सुनीता विलियम्स ने 27 साल की लंबी सेवा के बाद नासा से रिटायरमेंट ले ली है।

नासा ने सुनीता विलियम्स के रिटायरमेंट की जानकारी दी। स्पेस एजेंसी ने मंगलवार को बताया कि उनका रिटायरमेंट दिसंबर के आखिर में लागू हो गया था। उनकी सेवानिवृत्ति 27 दिसंबर 2025 से मानी जाएगी। नासा के नए एडमिनिस्ट्रेटर जेरेड आइज़कमैन ने उन्हें मानव अंतरिक्ष उड़ान में एक राह दिखाने वाली कहा। उन्होंने रिटायरमेंट की बधाई दी।

हाल ही में अंतरिक्ष से वापस आई हैं विलियम्स

नासा की स्टार एस्ट्रोनॉटस रहीं सुनीता विलियम्स हाल ही में अंतरिक्ष से वापस आई हैं, जो महीने तक इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर फंसी हुई थीं। दरअसल, बोइंग के नाकाम कैप्सूल टेस्ट फ्लाइट में सुनीता विलियम्स के क्रू मेंबर बुच विलमोर ने पिछले साल गर्मियों में NASA छोड़ दिया था। दोनों को 2024 में स्पेस स्टेशन भेजा गया था। ये बोइंग के नए स्टारलाइनर क्रू कैप्सूल में उड़ान भरने वाले पहले लोग थे। उनका मिशन सिर्फ एक हफ्ते का होना चाहिए था, लेकिन स्टारलाइनर की दिक्कतों की वजह से यह नौ महीने से ज़्यादा लंबा खिंच गया। आखिर में वे पिछले मार्च में SpaceX के साथ घर वापस आए।

अंतरिक्ष में कुल 608 दिन बिताए

अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर उन्होंने तीन मिशन पूरे किए और इस दौरान उनका करियर बेहद शानदार रहा। सुनीता विलियम्स ने अंतरिक्ष उड़ानों में कई बड़े रिकॉर्ड बनाए। उन्होंने अंतरिक्ष में कुल 608 दिन बिताए, जो किसी नासा अंतरिक्ष यात्री द्वारा बिताया गया दूसरा सबसे ज्यादा कुल समय है।

27 साल से भी ज्यादा समय नासा से जुड़ी रहीं

सुनीत विलियम्स का जन्म 19 सितंबर 1965 को अमेरिका के ओहायो के यूक्लिड में हुआ था। उनके पिता दीपक पांड्या एक न्यूरो साइंटिस्ट थे, उनका संबंध गुजरात के मेहसाणा से है। जबकि उनकी मां उर्सुलीन बोनी पांड्या स्लोवेनियाई-अमेरिकी मूल की हैं। उनके पति माइकल जे विलियम्स हैं। सुनीता ने अपने करियर की शुरुआत अमेरिकी सेना से की थी। उसके बाद उन्होंने अंतरिक्ष विज्ञान का रुख किया था। सुनीता को जून 1998 में नासा ने अपने साथ जोड़ा था। यानी उन्होंने 27 साल से भी ज्यादा का समय इस संस्थान में बिताया।

सुनीता फिलहाल भारत दौरे पर

दिलचस्प बात ये है कि सुनीता फिलहाल भारत दौरे पर हैं। उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अपने ढाई दशक से अधिक लंबे करियर में मिले अंतरिक्ष से जुड़े अनुभवों को साझा किया। उन्होंने हरियाणा से ताल्लुक रखने वाली दिवंगत अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला की मां और उनकी बहन से भी मुलाकात की।

क्या भारत पर लगेगा 500% टैरिफ? रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर ट्रंप के मंत्री का बड़ा बयान

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भारत के रूस से तेल खरीदने को लेकर अमेरिका ने एक बार फिर बयान दिया है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि वॉशिंगटन उन देशों पर 500 प्रतिशत तक का कड़ा दंडात्मक शुल्क लगाने पर विचार रहा है, जो अभी भी रूसी कच्चा तेल खरीद रहे हैं। हालांकि उन्होंने साफ किया कि इस बार टैरिफ की धमकी का मुख्य निशाना चीन है, न कि भारत। बेसेंट ने दावा किया कि ट्रंप प्रशासन द्वारा भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के बाद भारत ने रूसी तेल की खरीद बंद कर दी है।

भारत ने रूसी तेल खरीदना बंद कर दिया?

स्कॉट बेसेंट ने मंगलवार को दावा किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से 25 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के बाद भारत ने रूसी तेल खरीदना बंद कर दिया है। फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में स्कॉट बेसेंट ने कहा, 'संघर्ष शुरू होने के बाद भारत ने रूसी तेल खरीदना शुरू किया। वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से 25 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के बाद भारत ने रूसी तेल की खरीद कम कर दी है और उसे बंद कर दिया है।'

धमकी का मुख्य निशाना चीन

स्कॉट बेसेंट ने चीन पर जोरदार निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन चीन जैसे अन्य खरीदारों पर कहीं ज्यादा बड़ा दंड लगाने पर विचार कर रहा है। स्कॉट बेसेंट ने चीन को रूस का सबसे बड़ा तेल खरीदार बताया और कहा कि अमेरिका लंबे समय से चीन पर 500% तक टैरिफ लगाने की योजना बना रहा है क्योंकि वह रूस से सस्ता तेल खरीदकर युद्ध को आर्थिक मदद दे रहा है।

रूसी तेल खरीदने वालों पर 500 प्रतिशत टैरिफ प्रस्ताव

रूस प्रतिबंध बिल पर बेसेंट ने कहा, रूसी तेल खरीदने वालों पर 500 प्रतिशत टैरिफ लगाने का प्रस्ताव सीनेट (लिंडसे) ग्राहम ने सीनेट के सामने रखा है। हमें नहीं लगता कि राष्ट्रपति ट्रंप को उस अथॉरिटी की जरूरत है। वह IEPA के तहत ऐसा कर सकते हैं, लेकिन सीनेट उन्हें अधिकार देना चाहती है।

रूस प्रतिबंध बिल पर ट्रंप की सहमति

अमेरिकी सीनेट में रखे गए बिल को ट्रंप के करीबी रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने तैयार किया है। इसमें रूसी तेल खरीदने वाले पर देशों से आने वाले सामान पर 500 प्रतिशत का भारी शुल्क लगाने की बात कही गई है। रूस प्रतिबंध बिल पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही अपनी सहमति जता दी है।

बीजेपी अध्यक्ष बनते ही नितिन नवीन को मिली Z कैटेगरी की सुरक्षा, जानें कैसा होगा सुरक्षा घेरा?

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भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने जा रहे नितिन नवीन की सुरक्षा अब पहले से कहीं ज्यादा मजबूत कर दी गई है। भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को केंद्र सरकार की ओर से ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान उनकी सुरक्षा में तैनात किए गए हैं। ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा देश की उच्चतम सुरक्षा व्यवस्थाओं में से एक मानी जाती है, जिसमें कमांडो स्तर के सुरक्षाकर्मी शामिल रहते हैं।

जिम्मेदारियों के साथ सुरक्षा का स्तर भी बढ़ा

45 साल की उम्र में राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने जा रहे नितिन नवीन इस पद को संभालने वाले सबसे युवा नेताओं में शामिल हैं, और इसी के साथ उनकी जिम्मेदारियों के साथ सुरक्षा का स्तर भी बढ़ा दिया गया है। अब बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष सीआरपीएफ की सुरक्षा घेरे में रहेंगे।

आईबी की रिपोर्ट के आधार पर फैसला

सूत्रों के मुताबिक, नितिन नवीन को Z कैटेगरी की सुरक्षा कुछ दिन पहले ही दे दी गई थी। यह निर्णय इंटेलिजेंस ब्यूरो की ओर से तैयार की गई थ्रेट परसेप्शन रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है। रिपोर्ट में उनके लिए संभावित खतरों का आकलन किया गया था, जिसके बाद गृह मंत्रालय को सुरक्षा बढ़ाने की सिफारिश भेजी गई। गृह मंत्रालय ने इस पर मुहर लगाते हुए Z श्रेणी की सुरक्षा को मंजूरी दे दी।

सीआरपीएफ पर 200 वीआईपी की सुरक्षा की जिम्मेदारी

नवीन के पूर्ववर्ती जेपी नड्डा को भी सरकार की ओर से इसी तरह की सुरक्षा दी गई थी, जिसकी व्यवस्था सीआरपीएफ के वीआईपी सुरक्षा शाखा करती थी। सीआरपीएफ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, गांधी परिवार और कई अन्य नेताओं तथा विशिष्ट व्यक्तियों को सुरक्षा प्रदान करता है। वर्तमान में सीआरपीएफ लगभग 200 वीआईपी की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहा है।

क्या होती है Z कैटेगरी की सुरक्षा?

Z कैटेगरी की सुरक्षा भारत में दी जाने वाली प्रमुख वीआईपी सुरक्षा व्यवस्थाओं में से एक है। इसे देश की तीसरी सबसे ऊंची सुरक्षा श्रेणी माना जाता है। इस सुरक्षा में आमतौर पर करीब 22 सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं, जो 24 घंटे व्यक्ति की सुरक्षा में लगे रहते हैं। इनमें 4 से 6 बेहद प्रशिक्षित कमांडो शामिल होते हैं, जबकि बाकी जवान सीआरपीएफ या राज्य पुलिस से होते हैं।

तमिलनाडु विधानसभा में राष्‍ट्रगान का अपमान? गवर्नर का बिना स्पीच सदन से वॉकआउट

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तमिलनाडु में राज्यपाल और सरकार के बीच टकराव एक बार फिर खुलकर सामने आया है। राज्‍यपाल आरएन रवि ने सदन में राष्‍ट्रगान का अपमान होने का आरोप लगाते हुए अभिभाषण दिए बगैर ही चलते बने। इससे पहले भी तमिलनाडु की स्‍टालिन सरकार और गवर्नर रवि के बीच टकराव के मामले सामने आ चुके हैं।

तमिलनाडु विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन मंगलवार 20 जनवरी 2026 को राज्यपाल आरएन रवि ने परंपरागत अभिभाषण देने से इनकार करते हुए सदन से वॉकआउट कर लिया। राज्यपाल ने आरोप लगाया कि उन्हें बोलने नहीं दिया गया और उनका माइक बार-बार बंद किया गया। विवाद की जड़ राजकीय गान के साथ राष्ट्रीय गान बजाने के मुद्दे को लेकर बताई गई है, जिसे लेकर राज्यपाल ने पहले भी आपत्ति जताई थी।

लोक भवन बोला- राष्ट्रीय गान का फिर से ‘अपमान’ हुआ

लोक भवन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि राष्ट्रीय गान का फिर से ‘अपमान’ हुआ है और संविधान द्वारा निर्धारित मौलिक कर्तव्य की अनदेखी की गई है। बयान में आरोप लगाया गया कि सदन में प्रस्तुत सरकारी भाषण में कई तथ्यात्मक गलतियां और भ्रामक दावे शामिल हैं तथा आम लोगों से जुड़े कई अहम मुद्दों की पूरी तरह अनदेखी की गई है।

राज्य सरकार के निवेश दावों पर उठाया सवाल

राज्यपाल ने राज्य सरकार के निवेश दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि तमिलनाडु में 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश आकर्षित करने के दावे जमीनी हकीकत से दूर हैं। बयान में कहा गया कि कई समझौता ज्ञापन केवल कागजों तक सीमित हैं और वास्तविक निवेश इसका बहुत छोटा हिस्सा है। आंकड़ों का हवाला देते हुए राजभवन ने कहा कि कुछ साल पहले तक विदेशी प्रत्यक्ष निवेश प्राप्त करने वाले राज्यों में तमिलनाडु चौथे स्थान पर था, लेकिन अब वह छठे स्थान पर बने रहने के लिए संघर्ष कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने की आलोचना

राज्यपाल के जाने के बाद मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने उनकी कड़ी आलोचना की। स्टालिन ने कहा कि राज्यपाल ने नियमों और परंपराओं को तोड़ा है। यह उस ऊंचे पद की गरिमा के खिलाफ है जिस पर वह बैठे हैं। उन्होंने इसे सदन और जनता का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि मैं सीएन अन्नादुराई की बात याद दिलाना चाहूंगा जिन्होंने पहले कहा था, "बकरे को दाढ़ी की क्या जरूरत है, और राज्य को गवर्नर की क्या जरूरत है।

राज्यपाल का हर साल ऐसा करना ठीक नहीं-स्टालिन

स्टालिन ने कहा कि राज्यपाल का हर साल ऐसा करना ठीक नहीं है। रवि ने 2021 के बाद चौथी बार ऐसा किया है। सीएम ने कहा कि जब राज्यपाल बार-बार परंपरा तोड़ते हैं, तो इस नियम की जरूरत ही क्या है? इसलिए डीएमके संसद में दूसरी पार्टियों की मदद से इस नियम को हटाने की कोशिश करेगी। स्टालिन ने सोशल मीडिया पर भी लिखा कि राज्यपाल के भाषण को गैर-जरूरी बनाने के लिए संविधान में बदलाव होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि एक अंग्रेजी अखबार ने राज्यपाल को अड़ियल कहा था और आज उनके बर्ताव ने इसे सही साबित कर दिया।

नितिन नवीन बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित, पीएम मोदी ने माला पहनाकर किया अभिनंदन

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भारतीय जनता पार्टी में नितिन नवीन को आज आधिकारिक रूप से पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया है। बीजेपी के राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी डॉ के लक्ष्मण ने नितिन नवीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की घोषणा की। नितिन नवीन की राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में घोषणा किए जाने के बाद प्रधानमंत्री ने माला पहनाकर उनका अभिनंदन किया।

नितिन नवीन बने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष

भाजपा मुख्यालय के मंच से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर नितिन नवीन के नाम का आधिकारिक एलान किया गया। नितिन नवीन के नाम का एलान पीएम मोदी की मौजूदगी में किया गया। पीएम मोदी ने नितिन नवीन को भाजपा अध्यक्ष के तौर पर पदभार संभालने के लिए शुभकामनाएं दी और उन्हें पुष्पमाला पहनाई।

जेपी नड्डा ने दीं नितिन नबीन को दीं शुभकामनाएं

पूर्व भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने नितिन नवीन को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर नितिन नवीन पदभार संभाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह महान पार्टी, जिसे श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नेतृत्व में जनसंघ के तौर पर आगे बढ़ने का सौभाग्य मिला। इसी को आगे अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, कुशाभाऊ ठाकरे ने भाजपा के तौर पर आगे बढ़ाया। जेपी नड्डा ने कहा कि आज बहुत ही ऐतिहासिक अवसर है, जब दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में हमारे नौजवान, ऊर्जावान, प्रतिभावान नितिन नवीन ये पदभार संभाल रहे हैं।

मंच पर मौजूद रहे ये बड़े नेता

भाजपा मुख्यालय में मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आदि मौजूद रहे।

बीजेपी के नए 'बॉस' बने नितिन नवीन, भाजपा की कमान संभालने से पहले की पूजा-अर्चना

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भारतीय जनता पार्टी को आज नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिलने वाला है। नितिन नवीन को निर्विरोध बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया है, जिसका आज औपचारिक ऐलान किया जाएगा। नितिन नवीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए एकमात्र उम्मीदवार घोषित किया। उनके पक्ष में 37 नामांकन पत्र दाखिल किए गए, जिनमें प्रधानमंत्री मोदी का प्रस्ताव भी शामिल था।

भारतीय जनता पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन अब पार्टी के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे। वे अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालने से पहले मंदिर पहुंचे और पूजा अर्चना की। नवनिर्वाचित भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने दिल्ली के झंडेवालान मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद नवीन दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा के साथ वाल्मीकि मंदिर में दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। साथ ही कनॉट प्लेस इलाके में स्थित हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की। मंदिरों में दर्शन के बाद नितिन नवीन ने दिल्ली के गुरुद्वारा बंगला साहिब में पहुंचकर प्रार्थना की।

पीएम मोदी की मौजूदगी में ग्रहण करेगे कार्यभार

अध्यक्ष पद का कार्यभार सौंपने का समारोह सुबह 11:30 बजे पार्टी मुख्यालय में आयोजित किया जाएगा। इस विशेष मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे।

45 साल में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष

नितिन नवीन 26 साल की उम्र में पहली बार विधायक बने और अब 45 वर्ष की उम्र में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने जा रहे हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में उनकी पदोन्नति भाजपा में पीढ़ीगत बदलाव का संकेत है, क्योंकि पार्टी राष्ट्रीय राजनीति पर अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहती है। शांत स्वभाव वाले नवीन को इस साल अप्रैल में तमिलनाडु, केरल और असम सहित कई राज्यों में विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी की कमान संभालनी है।

बीजेपी अध्यक्ष के लिए नितिन नवीन ने किया नामांकन, जानें क्या होगी आगे की प्रकिया?

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बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए आधिकारिक तौर पर अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। उनके नामांकन के प्रस्तावक के रूप में गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शामिल रहे। नामांकन प्रक्रिया के दौरान बीजेपी के मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। इस मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, विभिन्न राज्यों के पार्टी अध्यक्ष, सांसद और अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद के लिए नामांकन दोपहर 2 बजे किया गया। पूरी चुनाव प्रक्रिया देश की राजधानी में पार्टी हेडक्वार्टर में हुई।नामांकन पेपर की जांच नामांकन फाइल करने की विंडो बंद होने के तुरंत बाद, शाम 4 बजे से 5 बजे के बीच होगी।

कल होगा राष्ट्रीय अध्यक्ष का शपथ ग्रहण

पार्टी सूत्रों के अनुसार, नितिन नवीन को निर्विरोध भारतीय जनता पार्टी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना जाना तय है। वे कल सुबह 11:30 बजे औपचारिक रूप से अध्यक्ष पद की शपथ लेंगे। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, जेपी नड्डा, नितिन गडकरी, बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और संगठन मंत्री मौजूद रहेंगे।

कैसे होता है राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव

बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव एक इलेक्टोरल कॉलेज के जरिए होता है, जिसमें पार्टी की राष्ट्रीय परिषद के साथ-साथ राज्य परिषदों के प्रतिनिधि भी शामिल होते हैं। पार्टी के संविधान में संगठन के सबसे बड़े पद के लिए उम्मीदवारों के लिए साफ योग्यता के नियम बताए गए हैं। एक उम्मीदवार को किसी राज्य के इलेक्टोरल कॉलेज के कम से कम 20 सदस्यों द्वारा प्रस्तावित किया जाना चाहिए। इसके अलावा, उम्मीदवार ने एक सक्रिय पार्टी सदस्य के तौर पर कम से कम चार कार्यकाल पूरे किए हों और भाजपा में कम से कम 15 साल की लगातार सदस्यता हो।

अपर्णा यादव को तलाक देंगे अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक, इंस्‍टाग्राम पोस्‍ट ने मचाई हलचल

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समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के परिवार में एक बार फिर सियासी और पारिवारिक घमासान सामने आया है। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव ने अपनी पत्नी और बीजेपी नेता अपर्णा यादव से तलाक लेने का ऐलान कर दिया है।

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प्रतीक यादव का यह बयान उनके इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए सामने आया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इंस्टाग्राम पोस्ट में प्रतीक यादव ने अपर्णा यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रतीक ने कहा कि मैं इस स्वार्थी महिला से जल्द से जल्द तलाक लूंगा, इन्होंने मेरे पारिवारिक रिश्तों को बर्बाद कर दिया।

प्रतीक यादव ने इंस्टाग्राम पोस्ट से सनसनी

अखिलेश के भाई प्रतीक यादव ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर लिखा, "मैं इस मतलबी औरत को जल्द से जल्द तलाक देने जा रहा हूँ, उसने मेरे परिवार के रिश्ते खराब कर दिए। वह बस मशहूर और असरदार बनना चाहती है। अभी मेरी मेंटल हेल्थ बहुत खराब है और उसे कोई फर्क नहीं पड़ता। क्योंकि उसे सिर्फ अपनी ही चिंता है। मैंने इतनी बुरी औरत कभी नहीं देखी और मैं बदकिस्मत था कि मेरी शादी उससे हुई।"

कौन हैं अपर्णा यादव

अपर्णा यादव समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू हैं। उनके पिता अरविंद सिंह पत्रकार रहे हैं और उनकी मां लखनऊ नगर निगम में अधिकारी के पद पर हैं। अपर्णा यादव ने साल 2017 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में लखनऊ कैंटोनमेंट सीट से सपा (समाजवादी पार्टी) के टिकट पर चुनाव लड़ा था लेकिन वह हार गईं थीं।

यूपी राज्‍य महिला आयोग की उपाध्‍यक्ष हैं अपर्णा यादव

अपर्णा ने जनवरी 2022 में अचानक समाजवादी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ली थी। अपर्णा यादव का यह फैसला अखिलेश यादव के लिए बड़ा झटका माना जा रहा था। हालांकि अपर्णा यादव ने बीजेपी में शामिल होने पर कहा था कि वह पारिवारिक राजनीति नहीं, राष्ट्रवाद को चुनती हैं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कार्यशैली से प्रभावित हैं। बीजेपी नेता अपर्णा यादव इस समय यूपी राज्‍य महिला आयोग की उपाध्‍यक्ष भी हैं।

2011 में हुई थी शादी

सोशल मीडिया पर प्रतीक यादव का इंस्‍टाग्राम पोस्‍ट तेजी के साथ वायरल हो रहा है। लोग इसको लेकर तरह-तरह की चर्चा कर रहे हैं। बता दें कि अपर्णा यादव और प्रतीक ने एक दूसरे को 11 साल तक डेट किया। इसके बाद साल 2011 में परिवार की रजामंदी से दोनों की लव मैरिज हुई थी। अपर्णा और प्रतीक की शादी बेहद हाई प्रोफाइल शादी थी।