झारखंड के विकास को मिलेगी वैश्विक गति: दावोस में सीएम हेमंत सोरेन और हिताची के बीच उच्च स्तरीय बैठक

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मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में झारखण्ड सरकार के आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल ने हिताची के रीजनल हेड श्री भारत कौशल एवं कंपनी के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ दावोस में बैठक की। इस दौरान पावर सिस्टम, पावर ट्रांसमिशन, उन्नत अवसंरचना तथा स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में हिताची के प्रतिनिधियों ने जानकारी दी कि वर्तमान में देश की 9 मेट्रो रेल परियोजनाओं का पावर सिस्टम हिताची द्वारा संचालित किया जा रहा है, जो बड़े पैमाने पर शहरी परिवहन और ऊर्जा प्रबंधन में कंपनी की तकनीकी दक्षता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी बताया कि पावर इलेक्ट्रॉनिक्स को लेकर हिताची ने एक विशेष डिजिटल डैशबोर्ड विकसित किया है तथा धनबाद में हिताची का एक सेंटर पहले से संचालित है, जो झारखंड के साथ कंपनी के निरंतर जुड़ाव को दर्शाता है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री को श्री कौशल ने हिताची के मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के दौरे का औपचारिक आमंत्रण दिया। साथ ही यह प्रस्ताव भी रखा गया कि फरवरी–मार्च के दौरान देश एवं झारखण्ड में स्थित हिताची की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स तथा अन्य जापानी कंपनियों के साथ संयुक्त बैठकें आयोजित की जाएँ, जिनमें शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म प्रोजेक्ट्स पर चर्चा कर ठोस सहयोग के क्षेत्रों की पहचान की जा सके।

हिताची ने यह भी अवगत कराया कि पावर ट्रांसमिशन परियोजनाओं में भूमि की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती होती है, जिसके समाधान के लिए उनके पास ऐसी उन्नत तकनीक उपलब्ध है, जिससे कम भूमि में प्रभावी ट्रांसमिशन संभव हो सकता है। कंपनी ने झारखण्ड में इन तकनीकों को लागू कर राज्य की पावर और ट्रांसमिशन अवसंरचना को सशक्त बनाने की इच्छा जताई।

बैठक में हैवी व्हीकल सेक्टर से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई, जिसमें राज्य में एक हाई-स्किल्ड हैवी व्हीकल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट स्थापित करने का प्रस्ताव शामिल रहा। इसका उद्देश्य युवाओं को उन्नत तकनीकी कौशल से लैस कर उनकी रोजगार क्षमता को बढ़ाना है।

प्रस्तावों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखण्ड सरकार ऊर्जा, अवसंरचना और स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्रों में वैश्विक तकनीकी साझेदारियों को और सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि राज्य में सतत, समावेशी और भविष्य-उन्मुख विकास को गति दी जा सके।यह बैठक झारखंड में ऊर्जा सुरक्षा, आधुनिक पावर ट्रांसमिशन सिस्टम और उच्च कौशल मानव संसाधन विकास को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

दावोस में झारखंड-स्वीडन की 'जुगलबंदी': वोल्वो जैसी दिग्गज कंपनियों के साथ अप्रैल में होगी राउंडटेबल मीटिंग; अर्बन मोबिलिटी पर बढ़ेगा सहयोग।

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दावोस/रांची: स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (WEF) 2026 के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और झारखंड विधानसभा की महिला एवं बाल विकास समिति की अध्यक्ष सह विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन ने स्वीडन-इंडिया बिज़नेस काउंसिल की मुख्य प्रतिनिधि सेसिलिया ओल्डने से मुलाकात की। इस उच्चस्तरीय शिष्टाचार भेंट में झारखंड और स्वीडन के बीच व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाई देने पर सहमति बनी।

अप्रैल में होगी 'स्पेशल राउंडटेबल' बैठक

मुख्यमंत्री के पिछले वर्ष के स्वीडन दौरे और वहां वोल्वो (Volvo) जैसी कंपनियों के साथ हुई चर्चाओं को आगे बढ़ाते हुए आगामी अप्रैल माह में एक विशेष राउंडटेबल बैठक का आयोजन किया जाएगा। इस बैठक का मुख्य केंद्र अर्बन मोबिलिटी (Urban Mobility) और शहरी परिवहन की फाइनेंसिंग से जुड़े विषय होंगे। सेसिलिया ओल्डने ने बताया कि भारत में पहले से सक्रिय 50 से अधिक स्वीडिश कंपनियों के लिए झारखंड एक आकर्षक निवेश गंतव्य बन सकता है।

स्कूली बच्चों के लिए 'ई-साइकिल' का विजन

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शिक्षा के प्रति अपनी संवेदनशीलता दिखाते हुए एक अभिनव प्रस्ताव रखा। उन्होंने बताया कि झारखंड सरकार हर साल लाखों विद्यार्थियों को साइकिल उपलब्ध कराती है। अब सरकार इसका स्तर बढ़ाते हुए 'ई-साइकिल' की संभावनाओं पर विचार कर रही है। मुख्यमंत्री ने काउंसिल से अनुरोध किया कि वे राज्य के विद्यार्थियों के लिए ई-साइकिल की उपयोगिता और पहुंच पर एक फिजिबिलिटी रिपोर्ट (Feasibility Report) तैयार करें।

महिला एवं बाल विकास पर जोर

बैठक में विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन की उपस्थिति ने यह स्पष्ट किया कि राज्य सरकार स्वीडिश तकनीक और सहयोग का उपयोग महिला एवं बाल विकास के क्षेत्रों में भी करना चाहती है। स्वीडन की पर्यावरण अनुकूल परिवहन तकनीकों को झारखंड की भौगोलिक स्थितियों के अनुरूप ढालने पर विस्तृत चर्चा हुई।

दावोस में रचा गया इतिहास: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को मिला प्रतिष्ठित 'व्हाइट बैज'; WEF में सम्मानित होने वाले पहले आदिवासी निर्वाचित नेता बने।

दावोस/रांची: स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (WEF) की वार्षिक बैठक 2026 में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जिसने झारखंड को वैश्विक मानचित्र पर नई ऊंचाई दी है। मुख्यमंत्री को विश्व आर्थिक मंच द्वारा 'व्हाइट बैज' (White Badge) प्रदान कर सम्मानित किया गया है। यह सम्मान पाने वाले वे भारत के पहले आदिवासी निर्वाचित नेता बन गए हैं।

क्या है 'व्हाइट बैज' का महत्व?

व्हाइट बैज विश्व आर्थिक मंच द्वारा केवल चुनिंदा वैश्विक नेताओं, राष्ट्राध्यक्षों और सरकार के प्रमुखों को दिया जाने वाला एक अत्यंत विशिष्ट सम्मान है। इस बैज के माध्यम से मुख्यमंत्री को WEF कांग्रेस सेंटर और सभी हाई-प्रोफाइल कार्यक्रमों में पूर्ण प्रवेश प्राप्त होगा। गौरतलब है कि इसी केंद्र में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित दुनिया के कई अन्य शक्तिशाली देशों के प्रमुखों की भागीदारी भी हो रही है।

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झारखंड के साथ दीर्घकालिक साझेदारी की पहल

WEF के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में झारखंड में हो रहे विकास कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि झारखंड के साथ क्रिटिकल मिनरल्स, समावेशी समाज और ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर एक मजबूत और दीर्घकालिक साझेदारी विकसित करने के लिए WEF उत्सुक है। मुख्यमंत्री द्वारा भेजे गए औपचारिक पत्र को झारखंड की स्पष्ट विकास दृष्टि का परिचायक बताया गया।

वैश्विक मंच पर झारखंड की धमक

बैठक के दौरान WEF अध्यक्ष की ओर से मुख्यमंत्री को साइट भ्रमण और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तृत संवाद के लिए आमंत्रित किया गया। यह सम्मान दर्शाता है कि झारखंड अब केवल एक भारतीय राज्य नहीं, बल्कि जलवायु कार्रवाई (Climate Action) और सतत विकास के क्षेत्र में एक वैश्विक खिलाड़ी के रूप में उभर रहा है।

दावोस में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का बड़ा 'मीडिया इन्टरैक्शन': ब्लूमबर्ग के जरिए दुनिया ने जाना झारखंड के अगले 25 वर्षों का विजन।

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दावोस/रांची: स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (WEF) 2026 के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया समूह ब्लूमबर्ग एशिया-पैसिफिक की मैनेजिंग डायरेक्टर सुनीता राजन के साथ एक उच्चस्तरीय संवाद किया। इस मुलाकात में मुख्यमंत्री ने झारखंड के अगले 25 वर्षों के विकास विजन और वैश्विक सहभागिता के रोडमैप को दुनिया के सामने रखा।

युवा झारखंड का वैश्विक सामर्थ्य

मुख्यमंत्री ने संवाद के दौरान स्पष्ट किया कि 25 वर्ष का झारखंड अब अपनी पारंपरिक छवि को पीछे छोड़ चुका है। उन्होंने कहा, "झारखंड अब केवल खनिज-आधारित अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं है। हम ग्रीन इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट, स्वच्छ ऊर्जा और मानव संसाधन विकास के क्षेत्र में नई पहचान बना रहे हैं।" मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार का ध्यान अब संतुलित और रोजगार-केंद्रित विकास मॉडल पर है।

ब्लूमबर्ग का बड़ा ऑफर: 'ग्लोबल स्पेशल राउंडटेबल'

संवाद के दौरान ब्लूमबर्ग एशिया-पैसिफिक ने मुख्यमंत्री को एक महत्वपूर्ण वैश्विक मंच पर आमंत्रित किया है। आगामी अक्टूबर माह में भारत में 'ग्लोबल स्पेशल राउंडटेबल' का आयोजन किया जाएगा, जिसमें:

फॉर्च्यून 500 कंपनियों के सीईओ।

वैश्विक उद्योग जगत के बड़े नेता।

न्यूयॉर्क के पूर्व मेयर और अंतरराष्ट्रीय नीति-निर्माता शामिल होंगे। ब्लूमबर्ग की एमडी सुनीता राजन ने मुख्यमंत्री को इस कार्यक्रम में भाग लेने का औपचारिक निमंत्रण दिया है।

विकास का 'विजन 2050'

मुख्यमंत्री ने ब्लूमबर्ग को बताया कि झारखंड अगले 25 वर्षों के लिए एक ऐसा टिकाऊ ढांचा तैयार कर रहा है, जहाँ वैश्विक निवेश और आधुनिक तकनीक का सीधा लाभ स्थानीय युवाओं और श्रमिकों को मिले। उन्होंने ब्लूमबर्ग जैसे वैश्विक नेटवर्क के साथ इस संवाद को झारखंड की विकास यात्रा के लिए एक मील का पत्थर बताया।

दावोस में झारखंड का ऐतिहासिक 'ग्रीन स्टील' समझौता: टाटा स्टील निवेश करेगी ₹11,100 करोड़; कार्बन उत्सर्जन में होगी 80% तक की कमी।

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दावोस/रांची: स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (WEF) 2026 के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और टाटा स्टील के एमडी एवं सीईओ टी. वी. नरेंद्रन के बीच एक ऐतिहासिक 'लेटर ऑफ इंटेंट' (LoI) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता झारखंड को ₹11,100 करोड़ के भारी निवेश के माध्यम से अगली पीढ़ी के औद्योगिक ढांचे और हरित विनिर्माण (Green Manufacturing) के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।

कार्बन-न्यूट्रल भविष्य की ओर बड़ा कदम

इस निवेश का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा HISARNA और EASyMelt जैसी क्रांतिकारी तकनीकें हैं। ₹7,000 करोड़ की लागत से बनने वाला HISARNA प्लांट कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को 80% तक कम करने की क्षमता रखता है। यह तकनीक स्वदेशी कोयले और निम्न श्रेणी के अयस्क का उपयोग कर आयात पर निर्भरता खत्म करेगी। टाटा स्टील 2030 तक जमशेदपुर में इसका कमर्शियल प्लांट स्थापित करेगी।

ITI संस्थानों को गोद लेगी टाटा स्टील

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के युवाओं के कौशल विकास पर जोर देते हुए टाटा स्टील को प्रस्ताव दिया कि वे राज्य के ITI संस्थानों को गोद लें ताकि शिक्षा को बाजार और रोजगार उन्मुख बनाया जा सके। टाटा स्टील ने इस प्रस्ताव पर अपनी सैद्धांतिक सहमति दे दी है।

इंडस्ट्रियल टूरिज्म और औद्योगिक विस्तार

समझौते के तहत केवल विनिर्माण ही नहीं, बल्कि झारखंड की समृद्ध औद्योगिक विरासत को दुनिया को दिखाने के लिए 'औद्योगिक पर्यटन' (Industrial Tourism) पर भी एक अलग एमओयू हुआ है। इसके अतिरिक्त:

टिनप्लेट विस्तार: ₹2,600 करोड़ का निवेश।

कॉम्बी मिल: ₹1,500 करोड़ का निवेश।

प्रकृति और प्रगति का सामंजस्य

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्पष्ट किया कि झारखंड का विकास पर्यावरण की कीमत पर नहीं होगा। उन्होंने कहा, "25 वर्ष का युवा झारखंड अब खनिज आधारित अर्थव्यवस्था से निकलकर हरित नवाचार की ओर बढ़ रहा है।" टाटा स्टील के सीईओ टी. वी. नरेंद्रन ने मुख्यमंत्री के विजन की सराहना करते हुए उन्हें 'टाटा डोम' में रात्रिभोज के लिए आमंत्रित किया।

निवेश का डिजिटल खाका (Investment Blueprint)

परियोजना/तकनीक निवेश राशि प्रमुख विशेषता

HISARNA तकनीक ₹7,000 करोड़ कार्बन उत्सर्जन में 80% की कमी।

EASyMelt तकनीक (HISARNA के साथ) कोक की खपत कम, 50% कम CO

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टिनप्लेट विस्तार ₹2,600 करोड़ उच्च-तकनीकी रोजगार सृजन।

कॉम्बी मिल ₹1,500 करोड़ रणनीतिक औद्योगिक मजबूती।

कुल निवेश ₹11,100 करोड़ लक्ष्य: नेट जीरो और ग्रीन इकोनॉमी।

दावोस में झारखंड का 'ग्रीन धमाका': मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी में टाटा स्टील का 11,000 करोड़ के निवेश का संकल्प।

दावोस/रांची: स्विट्जरलैंड के दावोस में विश्व आर्थिक मंच (WEF) 2026 के दौरान झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के औद्योगिक और आर्थिक भविष्य को लेकर कई ऐतिहासिक समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इस यात्रा की सबसे बड़ी उपलब्धि टाटा स्टील द्वारा झारखंड में 11,000 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता रही, जो पूरी तरह से 'ग्रीन स्टील टेक्नोलॉजी' पर आधारित होगी।

टाटा स्टील का मेगा निवेश: पर्यावरण और विकास का संगम

मुख्यमंत्री और टाटा स्टील के एमडी एवं सीईओ टी. वी. नरेंद्रन के बीच हुई बैठक में तीन बड़ी परियोजनाओं पर सहमति बनी:

हिरसाना ईज़ी एंड मेल्ट टेक्नोलॉजी: 7,000 करोड़ रुपये का निवेश।

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टिनप्लेट विस्तार परियोजना: 2,600 करोड़ रुपये का निवेश।

कॉम्बी मिल परियोजना: 1,500 करोड़ रुपये का निवेश। ये सभी इकाइयां नीदरलैंड और जर्मनी की उन्नत तकनीकों का उपयोग कर शून्य या न्यूनतम प्रदूषण के साथ स्टील का उत्पादन करेंगी।

WEF का 'व्हाइट बैज' और ग्लोबल नेटवर्किंग

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को विश्व आर्थिक मंच द्वारा 'व्हाइट बैज' प्रदान किया गया, जो वैश्विक नेतृत्व में उनकी सक्रिय भूमिका को दर्शाता है। राज्य सरकार ने WEF के साथ क्रिटिकल मिनरल्स, नई ऊर्जा और जैव विविधता संरक्षण जैसे विषयों पर ज्ञान-विनिमय के लिए सहयोग पत्र सौंपा है। मुख्यमंत्री का 'विजन 2050' अब वैश्विक विशेषज्ञों की निगरानी में क्रियान्वित होगा।

स्वीडन और हिताची के साथ नई राहें

स्वीडन: पिछले वर्ष की स्वीडन यात्रा के सफल परिणाम सामने आए हैं। स्वीडन ने झारखंड के अर्बन ट्रांसपोर्ट में निवेश की इच्छा जताई है। इसके लिए अप्रैल 2026 में भारत और स्वीडन के बीच एक 'राउंड टेबल मीटिंग' आयोजित की जाएगी।

हिताची इंडिया: कंपनी ने झारखंड में उन्नत ग्रिडिंग और विद्युत अवसंरचना (Infrastructure) के क्षेत्र में निवेश का प्रस्ताव दिया है।

महिला नेतृत्व पर वैश्विक चर्चा

मुख्यमंत्री ने वर्ल्ड विमेन लीडर्स फोरम की अध्यक्ष सुश्री सिलवाना कोच-मेहरिन से भी मुलाकात की। फोरम ने झारखंड की महिला राजनीतिक प्रतिनिधियों के लिए एक साझा मंच बनाने और हाशिये पर रहने वाले वर्गों की महिलाओं को सशक्त करने के लिए सहयोगात्मक ढांचे का प्रस्ताव रखा।

झारखंड सरकार युवाओं को दे रही रोजगार के अवसर; जेएसएससी सीजीएल-2023 के सफल अभ्यर्थियों ने संभाली जिम्मेदारी।

रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित CGL-2023 परीक्षा में सफलता प्राप्त कर विभिन्न अंचलों में नियुक्त हुए अंचल निरीक्षक (सर्किल इंस्पेक्टर) और कानूनगो ने सोमवार को रांची के उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री से औपचारिक मुलाकात की। समाहरणालय स्थित सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में उपायुक्त ने नए अधिकारियों का मार्गदर्शन किया।

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सरकार की नीतियों का परिणाम

उपायुक्त ने सभी नव नियुक्त कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी नियुक्ति राज्य सरकार की दूरदर्शी नीतियों और युवाओं को रोजगार देने की प्रतिबद्धता का सुखद परिणाम है। उन्होंने जोर दिया कि प्रतिभाशाली अधिकारियों के आने से जिले की प्रशासनिक व्यवस्था और अधिक सशक्त होगी।

डीसी के 4 महत्वपूर्ण गुरुमंत्र:

उपायुक्त ने नव नियुक्त अधिकारियों को संबोधित करते हुए चार प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करने को कहा:

सीखने की प्रवृत्ति: प्रशासनिक करियर की शुरुआत में निरंतर सीखना आवश्यक है। कभी भी अहंकार (ईगो) को अपने काम के बीच न आने दें।

क्षेत्रीय अनुभव: कागजी कार्यवाही के साथ-साथ फील्ड में जाकर भूमि संबंधी मामलों और राजस्व संग्रहण की बारीकियों को समझें।

जनता से व्यवहार: आम जनता के साथ शालीनता और धैर्य से पेश आएं। दुर्व्यवहार किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

ईमानदारी: अपने कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता बरतें ताकि शासन की छवि उज्ज्वल बनी रहे।

अबुआ साथी: जनता के लिए नई पहल

कार्यक्रम के दौरान रांची जिला प्रशासन के आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर 9430328080 (अबुआ साथी) का भी उल्लेख किया गया, जिसके माध्यम से जनता सीधे अपनी शिकायतें दर्ज करा सकती है। उपायुक्त ने विश्वास जताया कि ये युवा अधिकारी राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने में सेतु का काम करेंगे।

भाजपा के दबाव में कई माताओं के गोद सुनी होने से बचे....आदित्य साहू


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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने कहा कि अंश और अंशिका के बाद कल राज्य के विभिन्न स्थानों से 12 अपहृत बच्चों और आज सिलदिरी ,शंकरघाट के कन्हैया कुमार की बरामदगी भाजपा के प्रचंड दबाव और आंदोलन का परिणाम है। भाजपा के आंदोलन का नतीजा है कि कई माताओं की गोद सुनी होने से बची ।अभी सैकड़ों बच्चों को खोज निकालना बाकी है।

श्री साहू ने राज्य पुलिस को बधाई देते हुए कहा कि पुलिस का धर्म है जनता का सहारा बनना, गरीबों असहायों की सहायता करना,लेकिन जिस प्रकार से महीनों से राज्य में बच्चा अपहरण करने वाला गिरोह सक्रिय है और राज्य से सैकड़ों बच्चों का अपहरण हुआ है इससे स्पष्ट है कि पुलिस सक्रिय नहीं थी।

कहा कि जितने बच्चे गायब हुए हैं ये सभी गरीब,निर्धन परिवार के बच्चे हैं। ये पुलिस को शिकायत भी दर्ज कराने में सक्षम तक नहीं होते। कुछ दिनों तक रो बिलखकर परिजन संतोष कर लेते हैं।

कहा कि झारखंड पुलिस को राज्य की जनता के मनोभावों और उनकी परिस्थितियों के अनुकूल कार्य करने की जरूरत है। गांव के सीधे साधे लोगों के साथ ज्यादा संवेदनशील बनने की आवश्यकता राज्य पुलिस प्रशासन की है।

श्री साहू ने कहा कि जिनके बच्चे गायब हो जाते हैं वे माता पिता गहरे मानसिक दबाव और पीड़ा में रहते हैं।

कहा कि बच्चों के परिजनों को मानवीय संवेदनाओं,चिकित्सा और आर्थिक मदद की जरूरत होती है।

कहा कि पकड़े गए बच्चा अपहरण गिरोहों से कड़ाई से पूछ ताछ हो,कठोर कानूनी कार्रवाई हो तो झारखंड के सभी बच्चे बरामद हो सकते हैं,उनका पता चल सकता है।

उन्होंने प्रशासन और राज्य पुलिस से इस अभियान को जारी रखने का आग्रह किया।

साथ ही अविलंब जमशेदपुर के अपहृत व्यवसायी पुत्र कैरव गांधी और तिलैया से अपहृत बच्चे को भी शीघ्र पता लगाने का आग्रह किया।

श्री साहू ने कहा कि राज्य सरकार बच्चों की पढ़ाई लिखाई,परिजनों की चिकित्सा जांच की चिंता करते हुए आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराए।

श्री साहू ने भाजपा के कार्यकर्ताओं का भी आभार व्यक्त किया जिनके आंदोलन प्रयासों से अपहृत बच्चे बरामद हो रहे।

बोकारो में हाथियों का खूनी तांडव: मारुति वैन से खींचकर सब्जी व्यवसाई को उतारा मौत के घाट,

बोकारो/गोमिया: झारखंड के बोकारो जिले अंतर्गत गोमिया प्रखंड में जंगली हाथियों ने एक बार फिर कहर बरपाया है। महुआटांड़ थाना क्षेत्र के सिमराबेडा महतो टोला में हाथियों के एक झुंड ने सब्जी व्यवसाई रवींद्र दांगी की नृशंस हत्या कर दी। हाथियों का गुस्सा इस कदर था कि उन्होंने मृतक को उनकी मारुति वैन से खींचकर बाहर निकाला और पटक-पटक कर मार डाला।

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बाजार से लौटते वक्त हुआ हमला

मृतक रवींद्र दांगी मूल रूप से रामगढ़ जिले के मुराम कलां गांव के निवासी थे। वे अपनी पत्नी के साथ गोमिया के कंडेर गांव में जमीन लीज पर लेकर सब्जी की खेती करते थे। शनिवार रात लगभग 8 बजे, जब वे गोला बाजार से सब्जी बेचकर अपनी वैन से वापस लौट रहे थे, तभी मुख्य सड़क पर हाथियों के झुंड ने उन्हें घेर लिया। हाथियों ने न केवल रवींद्र की जान ली, बल्कि उनकी वैन को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया।

वन विभाग की कार्रवाई और अपील

घटना की सूचना मिलते ही बोकारो वन विभाग की टीम मौके पर पहुँची। वन अधिकारी संदीप शिंदे ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मृतक के परिजनों को सरकारी प्रावधान के तहत तत्काल मुआवजा राशि दे दी गई है। शेष राशि दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रदान की जाएगी।

क्षेत्र में बढ़ा खतरा

वन विभाग ने बताया कि वर्तमान में गोमिया रेंज में दो से चार हाथियों का झुंड लगातार विचरण कर रहा है। स्थिति को देखते हुए दो क्विक रिस्पांस टीमें (QRT) तैनात की गई हैं। विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि जब तक हाथियों का झुंड क्षेत्र से बाहर नहीं निकल जाता, तब तक रात के समय अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें।

अंश-अंशिका सहित अन्य बच्चे की रिकवरी झारखंड पुलिस की काबिलियत पर गर्व-बधाई, SIT टीम प्रशस्ति पत्र के हकदार : कैलाश यादव

आज दिनांक 19/1/26 को धुर्वा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान संबोधित करते हुए अंश-अंशिका बचाओ समिति के संयोजक सह प्रदेश राजद प्रवक्ता कैलाश यादव ने रांची पुलिस पदाधिकारी सहित झारखंड पुलिस टीम के द्वारा बाल तस्करी के अभियुक्तों को गिरफ्त में लेने तथा जनहित की सुरक्षा में आए सफल कार्यशैली पर सराहना करते हुए सभी को तहे दिल से कोटि कोटि बधाई दिया है !

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यादव ने सर्व प्रथम राज्य के डीजीपी तदाशा मिश्रा को बधाई दिया है और कहा कि इनके द्वारा अपहृत अंश और अंशिका की सकुशल वापसी के लिए बनाई गई SIT टीम को नेतृत्व कर रहे एडीजीपी मनोज कौशिक, रांची की सीनियर एसपी राकेश रंजन, ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर, सिटी एसपी पारस राणा एवं ट्रैफिक एसपी राकेश कुमार व ग्रुप डीएसपी तथा ग्रुप इंस्पेक्टर एवं तकनीकी सेल के पदाधिकारियों के साथ कार्य करने की कार्यशैली को अत्यंत सराहनीय एवं सफल कदम बताया है !

यादव ने कहा कि पुलिस की विशेष जांच कमिटी ने राज्य में बढ़ते अपराध के बीच सुनियोजित रूप से अपहरण करने वाले बाल तस्करों की टीम का पता लगाना और उसके तह तक सफल पूर्वक पहुंचना पुलिस प्रशाशन की काबिलियत को दर्शाता है ! झारखंड पुलिस ने विगत दिनों अंश और अंशिका की खोज करने को लेकर ऐतिहासिक कदम उठाया ,राज्य भर में पुलिसिया दबिश के तहत वृहत पैमाने पर बच्चा चोर अपराधियों को दबोचने का काम किया है इसकी जितनी प्रशंसा की जाय बहुत कम होगा !

विदित है रांची के सीनियर एसपी राकेश रंजन ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर सिटी एसपी पारस राणा ट्रैफिक एसपी राकेश कुमार सहित अन्य पुलिस पदाधिकारियों ने विभिन्न क्षेत्रों से विगत समय से अपहृत दर्जन सहित अनेकों बच्चों को सकुशल वापस किया गया है और हर्ष का विषय है कि ओरमांझी से लापता कन्हैया कुमार को आज सकुशल बरामद कर लिया गया है !

ज्ञातव्य है कि बच्चे चोर अपहरणकर्ता गिरोह में चौकस प्रशासन द्वारा टारगेटेड कार्यक्रम के दौरान विगत दिनों से पुलिस ने काफी सजग होकर गंभीरता दिखाई है हम उम्मीद करते हैं कि ऐसे ही लगनशीलता के कथा कार्य करने से राज्य में बच्चा चोर गिरोह का जल्द खात्मा हो जाएगा !

झारखंड छोटा राज्य है यहां ज्यादातर मजदूर कश और मेहनत कर कमाने खाने वाले निम्न-माध्यम परिवार निवास करते है ! लोगों की भावुकता और मेल जोल स्थानीय स्तर एक ग्रामीण व भावनात्मक परिवार के तरह है ऐसे माहौल में अन्य राज्यों के मानव व बाल तस्कर गिरोह का झारखंड में सक्रिय होना अत्यंत चिंतनीय विषय है, इस स्थिति पर प्रशासन को बहुत करीब से जांच प्रताल करने की आवश्यकता है और अंतराज्यीय गिरोह का खुलासा करने की जरूरत है !

यादव ने रांची पुलिस प्रशासन और डीजीपी सहित झारखंड पुलिस को बच्चे को अपहरण करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करने एवं अपहृत अंश-अंशिका सहित अन्य बच्चों की सकुशल वापसी कर गौरवमई कार्य के लिए पुनः बधाई देते हैं और सरकार की ध्यान आकृष्ट कराते हुए विशेष पुलिस टीम में शामिल सभी लोगों को प्रशस्ति पत्र का हकदार के तहत सम्मानित करने का आग्रह करते हैं !