झारखंड सरकार युवाओं को दे रही रोजगार के अवसर; जेएसएससी सीजीएल-2023 के सफल अभ्यर्थियों ने संभाली जिम्मेदारी।

रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित CGL-2023 परीक्षा में सफलता प्राप्त कर विभिन्न अंचलों में नियुक्त हुए अंचल निरीक्षक (सर्किल इंस्पेक्टर) और कानूनगो ने सोमवार को रांची के उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री से औपचारिक मुलाकात की। समाहरणालय स्थित सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में उपायुक्त ने नए अधिकारियों का मार्गदर्शन किया।

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सरकार की नीतियों का परिणाम

उपायुक्त ने सभी नव नियुक्त कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी नियुक्ति राज्य सरकार की दूरदर्शी नीतियों और युवाओं को रोजगार देने की प्रतिबद्धता का सुखद परिणाम है। उन्होंने जोर दिया कि प्रतिभाशाली अधिकारियों के आने से जिले की प्रशासनिक व्यवस्था और अधिक सशक्त होगी।

डीसी के 4 महत्वपूर्ण गुरुमंत्र:

उपायुक्त ने नव नियुक्त अधिकारियों को संबोधित करते हुए चार प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करने को कहा:

सीखने की प्रवृत्ति: प्रशासनिक करियर की शुरुआत में निरंतर सीखना आवश्यक है। कभी भी अहंकार (ईगो) को अपने काम के बीच न आने दें।

क्षेत्रीय अनुभव: कागजी कार्यवाही के साथ-साथ फील्ड में जाकर भूमि संबंधी मामलों और राजस्व संग्रहण की बारीकियों को समझें।

जनता से व्यवहार: आम जनता के साथ शालीनता और धैर्य से पेश आएं। दुर्व्यवहार किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

ईमानदारी: अपने कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता बरतें ताकि शासन की छवि उज्ज्वल बनी रहे।

अबुआ साथी: जनता के लिए नई पहल

कार्यक्रम के दौरान रांची जिला प्रशासन के आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर 9430328080 (अबुआ साथी) का भी उल्लेख किया गया, जिसके माध्यम से जनता सीधे अपनी शिकायतें दर्ज करा सकती है। उपायुक्त ने विश्वास जताया कि ये युवा अधिकारी राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने में सेतु का काम करेंगे।

भाजपा के दबाव में कई माताओं के गोद सुनी होने से बचे....आदित्य साहू


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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने कहा कि अंश और अंशिका के बाद कल राज्य के विभिन्न स्थानों से 12 अपहृत बच्चों और आज सिलदिरी ,शंकरघाट के कन्हैया कुमार की बरामदगी भाजपा के प्रचंड दबाव और आंदोलन का परिणाम है। भाजपा के आंदोलन का नतीजा है कि कई माताओं की गोद सुनी होने से बची ।अभी सैकड़ों बच्चों को खोज निकालना बाकी है।

श्री साहू ने राज्य पुलिस को बधाई देते हुए कहा कि पुलिस का धर्म है जनता का सहारा बनना, गरीबों असहायों की सहायता करना,लेकिन जिस प्रकार से महीनों से राज्य में बच्चा अपहरण करने वाला गिरोह सक्रिय है और राज्य से सैकड़ों बच्चों का अपहरण हुआ है इससे स्पष्ट है कि पुलिस सक्रिय नहीं थी।

कहा कि जितने बच्चे गायब हुए हैं ये सभी गरीब,निर्धन परिवार के बच्चे हैं। ये पुलिस को शिकायत भी दर्ज कराने में सक्षम तक नहीं होते। कुछ दिनों तक रो बिलखकर परिजन संतोष कर लेते हैं।

कहा कि झारखंड पुलिस को राज्य की जनता के मनोभावों और उनकी परिस्थितियों के अनुकूल कार्य करने की जरूरत है। गांव के सीधे साधे लोगों के साथ ज्यादा संवेदनशील बनने की आवश्यकता राज्य पुलिस प्रशासन की है।

श्री साहू ने कहा कि जिनके बच्चे गायब हो जाते हैं वे माता पिता गहरे मानसिक दबाव और पीड़ा में रहते हैं।

कहा कि बच्चों के परिजनों को मानवीय संवेदनाओं,चिकित्सा और आर्थिक मदद की जरूरत होती है।

कहा कि पकड़े गए बच्चा अपहरण गिरोहों से कड़ाई से पूछ ताछ हो,कठोर कानूनी कार्रवाई हो तो झारखंड के सभी बच्चे बरामद हो सकते हैं,उनका पता चल सकता है।

उन्होंने प्रशासन और राज्य पुलिस से इस अभियान को जारी रखने का आग्रह किया।

साथ ही अविलंब जमशेदपुर के अपहृत व्यवसायी पुत्र कैरव गांधी और तिलैया से अपहृत बच्चे को भी शीघ्र पता लगाने का आग्रह किया।

श्री साहू ने कहा कि राज्य सरकार बच्चों की पढ़ाई लिखाई,परिजनों की चिकित्सा जांच की चिंता करते हुए आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराए।

श्री साहू ने भाजपा के कार्यकर्ताओं का भी आभार व्यक्त किया जिनके आंदोलन प्रयासों से अपहृत बच्चे बरामद हो रहे।

बोकारो में हाथियों का खूनी तांडव: मारुति वैन से खींचकर सब्जी व्यवसाई को उतारा मौत के घाट,

बोकारो/गोमिया: झारखंड के बोकारो जिले अंतर्गत गोमिया प्रखंड में जंगली हाथियों ने एक बार फिर कहर बरपाया है। महुआटांड़ थाना क्षेत्र के सिमराबेडा महतो टोला में हाथियों के एक झुंड ने सब्जी व्यवसाई रवींद्र दांगी की नृशंस हत्या कर दी। हाथियों का गुस्सा इस कदर था कि उन्होंने मृतक को उनकी मारुति वैन से खींचकर बाहर निकाला और पटक-पटक कर मार डाला।

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बाजार से लौटते वक्त हुआ हमला

मृतक रवींद्र दांगी मूल रूप से रामगढ़ जिले के मुराम कलां गांव के निवासी थे। वे अपनी पत्नी के साथ गोमिया के कंडेर गांव में जमीन लीज पर लेकर सब्जी की खेती करते थे। शनिवार रात लगभग 8 बजे, जब वे गोला बाजार से सब्जी बेचकर अपनी वैन से वापस लौट रहे थे, तभी मुख्य सड़क पर हाथियों के झुंड ने उन्हें घेर लिया। हाथियों ने न केवल रवींद्र की जान ली, बल्कि उनकी वैन को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया।

वन विभाग की कार्रवाई और अपील

घटना की सूचना मिलते ही बोकारो वन विभाग की टीम मौके पर पहुँची। वन अधिकारी संदीप शिंदे ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मृतक के परिजनों को सरकारी प्रावधान के तहत तत्काल मुआवजा राशि दे दी गई है। शेष राशि दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रदान की जाएगी।

क्षेत्र में बढ़ा खतरा

वन विभाग ने बताया कि वर्तमान में गोमिया रेंज में दो से चार हाथियों का झुंड लगातार विचरण कर रहा है। स्थिति को देखते हुए दो क्विक रिस्पांस टीमें (QRT) तैनात की गई हैं। विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि जब तक हाथियों का झुंड क्षेत्र से बाहर नहीं निकल जाता, तब तक रात के समय अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें।

अंश-अंशिका सहित अन्य बच्चे की रिकवरी झारखंड पुलिस की काबिलियत पर गर्व-बधाई, SIT टीम प्रशस्ति पत्र के हकदार : कैलाश यादव

आज दिनांक 19/1/26 को धुर्वा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान संबोधित करते हुए अंश-अंशिका बचाओ समिति के संयोजक सह प्रदेश राजद प्रवक्ता कैलाश यादव ने रांची पुलिस पदाधिकारी सहित झारखंड पुलिस टीम के द्वारा बाल तस्करी के अभियुक्तों को गिरफ्त में लेने तथा जनहित की सुरक्षा में आए सफल कार्यशैली पर सराहना करते हुए सभी को तहे दिल से कोटि कोटि बधाई दिया है !

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यादव ने सर्व प्रथम राज्य के डीजीपी तदाशा मिश्रा को बधाई दिया है और कहा कि इनके द्वारा अपहृत अंश और अंशिका की सकुशल वापसी के लिए बनाई गई SIT टीम को नेतृत्व कर रहे एडीजीपी मनोज कौशिक, रांची की सीनियर एसपी राकेश रंजन, ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर, सिटी एसपी पारस राणा एवं ट्रैफिक एसपी राकेश कुमार व ग्रुप डीएसपी तथा ग्रुप इंस्पेक्टर एवं तकनीकी सेल के पदाधिकारियों के साथ कार्य करने की कार्यशैली को अत्यंत सराहनीय एवं सफल कदम बताया है !

यादव ने कहा कि पुलिस की विशेष जांच कमिटी ने राज्य में बढ़ते अपराध के बीच सुनियोजित रूप से अपहरण करने वाले बाल तस्करों की टीम का पता लगाना और उसके तह तक सफल पूर्वक पहुंचना पुलिस प्रशाशन की काबिलियत को दर्शाता है ! झारखंड पुलिस ने विगत दिनों अंश और अंशिका की खोज करने को लेकर ऐतिहासिक कदम उठाया ,राज्य भर में पुलिसिया दबिश के तहत वृहत पैमाने पर बच्चा चोर अपराधियों को दबोचने का काम किया है इसकी जितनी प्रशंसा की जाय बहुत कम होगा !

विदित है रांची के सीनियर एसपी राकेश रंजन ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर सिटी एसपी पारस राणा ट्रैफिक एसपी राकेश कुमार सहित अन्य पुलिस पदाधिकारियों ने विभिन्न क्षेत्रों से विगत समय से अपहृत दर्जन सहित अनेकों बच्चों को सकुशल वापस किया गया है और हर्ष का विषय है कि ओरमांझी से लापता कन्हैया कुमार को आज सकुशल बरामद कर लिया गया है !

ज्ञातव्य है कि बच्चे चोर अपहरणकर्ता गिरोह में चौकस प्रशासन द्वारा टारगेटेड कार्यक्रम के दौरान विगत दिनों से पुलिस ने काफी सजग होकर गंभीरता दिखाई है हम उम्मीद करते हैं कि ऐसे ही लगनशीलता के कथा कार्य करने से राज्य में बच्चा चोर गिरोह का जल्द खात्मा हो जाएगा !

झारखंड छोटा राज्य है यहां ज्यादातर मजदूर कश और मेहनत कर कमाने खाने वाले निम्न-माध्यम परिवार निवास करते है ! लोगों की भावुकता और मेल जोल स्थानीय स्तर एक ग्रामीण व भावनात्मक परिवार के तरह है ऐसे माहौल में अन्य राज्यों के मानव व बाल तस्कर गिरोह का झारखंड में सक्रिय होना अत्यंत चिंतनीय विषय है, इस स्थिति पर प्रशासन को बहुत करीब से जांच प्रताल करने की आवश्यकता है और अंतराज्यीय गिरोह का खुलासा करने की जरूरत है !

यादव ने रांची पुलिस प्रशासन और डीजीपी सहित झारखंड पुलिस को बच्चे को अपहरण करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करने एवं अपहृत अंश-अंशिका सहित अन्य बच्चों की सकुशल वापसी कर गौरवमई कार्य के लिए पुनः बधाई देते हैं और सरकार की ध्यान आकृष्ट कराते हुए विशेष पुलिस टीम में शामिल सभी लोगों को प्रशस्ति पत्र का हकदार के तहत सम्मानित करने का आग्रह करते हैं !

बदलता झारखंड: क्षेत्रीय भागीदारी से वैश्विक सहभागिता की ओर बढ़ा राज्य; टिकाऊ निवेश और भविष्य की तकनीकी उन्नति पर मुख्यमंत्री का फोकस।

दावोस/रांची: स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (WEF) 2026 की वार्षिक बैठक के उद्घाटन समारोह के साथ ही झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य की आर्थिक प्रगति के लिए वैश्विक स्तर पर मोर्चा संभाल लिया है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में झारखंड का प्रतिनिधिमंडल अंतरराष्ट्रीय व्यापार परिषदों और संस्थागत भागीदारों के साथ सुनियोजित वार्ताओं की एक श्रृंखला शुरू कर रहा है।

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प्रमुख कंपनियों के साथ उच्च स्तरीय संवाद:

बैठक के पहले दिन मुख्यमंत्री कई बड़ी ग्लोबल कंपनियों के प्रमुखों और रणनीतिक संस्थानों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे:

टाटा स्टील: भारत के औद्योगीकरण में झारखंड की ऐतिहासिक भूमिका और टिकाऊ विनिर्माण (Sustainable Manufacturing) पर चर्चा।

हिताची इंडिया: बुनियादी ढांचे के विकास, ऊर्जा प्रणालियों और आधुनिक तकनीकी समाधानों पर विमर्श।

टेक महिंद्रा: आईटी हब के रूप में झारखंड का विकास, डिजिटल नवाचार और तकनीकी इकोसिस्टम की स्थापना।

वैश्विक मंचों के साथ संस्थागत सहयोग:

मुख्यमंत्री ब्लूमबर्ग APAC, स्वीडन इंडिया बिजनेस काउंसिल और यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप फोरम (USISPF) के प्रतिनिधियों के साथ भी बैठक करेंगे। इन वार्ताओं का मुख्य उद्देश्य राज्य में निवेश को सुगम बनाना और झारखंड को वैश्विक बाजार के साथ एकीकृत करना है।

समावेशी विकास और तकनीक पर जोर:

झारखंड केवल भारी उद्योगों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि महिला सशक्तिकरण और समावेशी नेतृत्व को भी शासन के अभिन्न अंग के रूप में वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करेगा। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री टेक्नोलॉजी पवेलियनों का दौरा कर भविष्य के उन नवाचारों को समझेंगे जिन्हें झारखंड के औद्योगिक विकास के साथ जोड़ा जा सकता है।

विजन 2050 की ओर बढ़ते कदम:

25 वर्ष पूरे करने के बाद, झारखंड अब 'Vision 2050' की ओर अग्रसर है। दावोस में हो रही ये बैठकें इस बात का स्पष्ट संकेत हैं कि राज्य अब जिम्मेदार निवेश आकर्षित करने और अपनी अर्थव्यवस्था को भविष्य के लिए तैयार (Future-Ready) बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

दावोस में सीएम हेमन्त कई ग्लोबल कंपनियों के प्रमुखों से करेंगे मुलाकात, झारखण्ड में निवेश का देंगे न्यौता

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में झारखण्ड का प्रतिनिधिमंडल वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की वार्षिक बैठक के दौरान दावोस में एक मजबूत और स्पष्ट उद्देश्य के साथ शामिल होगा। इस मंच के जरिए झारखण्ड खुद को स्थिरता, ऊर्जा बदलाव, समावेशी विकास और औद्योगिक प्रगति जैसे वैश्विक मुद्दों पर एक जिम्मेदार और भविष्य के लिए तैयार राज्य के रूप में खुद को प्रस्तुत करेगा। वर्ल्ड फोरम पर उच्च-स्तरीय बैठकों, विचार-विमर्श सत्रों और द्विपक्षीय चर्चाओं के माध्यम से वैश्विक उद्योग जगत के नेताओं, नीति निर्माताओं, बहुपक्षीय संस्थानों और निवेशकों से संवाद करेगा।

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प्रकृति के साथ संतुलन में विकास है मूल दृष्टि

झारखण्ड इस बैठक में “प्रकृति के साथ संतुलन में विकास” के दृष्टिकोण के साथ शामिल हो रहा है। यह सोच आर्थिक विकास को पर्यावरण की रक्षा, लोगों के कल्याण और लंबे समय तक टिकाऊ विकास के साथ जोड़ती है। अपने गठन के 25 वर्ष पूरे कर चुके युवा राज्य के रूप में झारखण्ड खुद को केवल खनिज संसाधनों वाला राज्य नहीं, बल्कि बेहतर शासन और भविष्य की जरूरतों के अनुसार विकास का रास्ता बनाने वाले राज्य के तौर पर पेश होगा।

वैश्विक कंपनियों और संस्थानों के प्रमुखों के साथ संवाद

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान मुख्यमंत्री टाटा स्टील, हिताची, श्नाइडर इलेक्ट्रिक, इंफोसिस, वेलस्पन, एबी इनबेव, ब्लूमबर्ग, टेक महिंद्रा, अल्फानार, रामकी ग्रुप, एवरस्टोन ग्रुप सहित स्वीडन, अमेरिका और यूरोप की वैश्विक व्यापार परिषदों और संस्थानों के प्रमुख के साथ बैठक करेंगे। इन बैठकों में टिकाऊ उद्योग, हरित ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, आधुनिक बुनियादी ढाँचा, डिजिटल तकनीक और जलवायु के अनुकूल औद्योगिक विकास में निवेश के अवसरों पर चर्चा होगी। मुख्यमंत्री ऊर्जा बदलाव, क्षेत्रीय नेतृत्व, बड़े पैमाने पर स्थिरता, महत्वपूर्ण खनिजों और मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं में भारत की भूमिका से जुड़े उच्च-स्तरीय मंत्रिस्तरीय संवाद और पैनल चर्चाओं में भी भाग लेंगे। इन मंचों पर झारखण्ड यह बात सामने रखेगा कि भूमि, श्रम, संसाधन और जलवायु परिवर्तन के प्रबंधन में राज्य सरकार की भूमिका कितनी अहम है और कैसे राज्य स्तर से वैश्विक समाधान निकलते हैं।

झारखण्ड मंडप का उद्घाटन होना रहेगा महत्वपूर्ण

झारखण्ड प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा झारखण्ड पेवेलियन का उद्घाटन है। पेवेलियन का उद्घाटन 20 जनवरी को होगा। यह पेवेलियन राज्य की निवेश संभावनाओं, नीतिगत सुधारों और दीर्घकालिक विकास योजना को प्रस्तुत करने का एक समर्पित मंच होगा। इसके माध्यम से झारखण्ड अपनी खनन और औद्योगिक पहचान से आगे बढ़कर हरित विकास, मूल्यवर्धित उत्पादन, जिम्मेदार संसाधन प्रबंधन और समावेशी रोजगार की दिशा में अपनी यात्रा को दिखाने की कोशिश करेगा।

झारखण्ड का विकास मॉडल लोगों, प्रकृति और स्थिरता पर आधारित

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन का मानना है कि राज्य का विकास मॉडल लोगों, प्रकृति और स्थिरता पर आधारित होना चाहिए। राज्य जिम्मेदार खनन, नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग, समुदायों की भागीदारी, महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यम और कौशल विकास को प्राथमिकता दे रहा है, ताकि विकास का लाभ सभी तक पहुँचे। दावोस में झारखण्ड की भागीदारी के दौरान वैश्विक और भारतीय मीडिया से भी व्यापक बातचीत होगी। इसके जरिए राज्य यह संदेश देने का प्रयास करेगा कि विकास के साथ जिम्मेदारी भी जरूरी है। जैसे-जैसे दुनिया में ऊर्जा, संसाधन और प्रतिभा की मांग बढ़ रही है, झारखण्ड खुद को एक भरोसेमंद भागीदार के रूप में स्थापित कर रहा है, जो पारदर्शिता, स्थिरता और लंबे समय तक मूल्य देने में सक्षम है। विजन 2050 की ओर देखते हुए, वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में झारखण्ड की यह भागीदारी एक महत्वपूर्ण मोड़ है। यह 25 साल के युवा राज्य को आत्मविश्वास के साथ वैश्विक मंच पर ले जाती है और “प्रकृति के साथ संतुलन” के सिद्धांत पर आधारित सतत, समावेशी और भविष्य की ओर बढ़ते विकास के नए दौर की शुरुआत करती है।

रांची पुलिस की बड़ी कामयाबी: 'गुलगुलिया गैंग' का पर्दाफाश; 12 बच्चे बरामद, गिरोह के 13 सदस्य गिरफ्तार।

रांची: झारखंड की राजधानी रांची में पुलिस ने एक अंतरराज्यीय बच्चा चोर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। रांची एसएसपी राकेश रंजन ने प्रेस वार्ता कर जानकारी दी कि पुलिस ने गिरोह के चंगुल से 12 बच्चों को सुरक्षित बरामद किया है और गिरोह के 13 सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा, करीब दो दर्जन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

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अंश-अंशिका केस से खुला राज

एसएसपी ने बताया कि धुर्वा क्षेत्र से लापता हुए जुड़वा बच्चों अंश और अंशिका की तलाश के दौरान पुलिस को इस बड़े नेटवर्क का सुराग मिला। 'गुलगुलिया गैंग' के नाम से चर्चित यह गिरोह पिछले 10 वर्षों से सक्रिय है। पुलिस की दबिश की वजह से आरोपी अंश और अंशिका का सौदा करने में नाकाम रहे।

भयावह है गिरोह का काम करने का तरीका

तफ्तीश में सामने आया है कि यह गैंग चोरी किए गए बच्चों का इस्तेमाल कई घृणित कार्यों में करता था:

भीख मंगवाना और पॉकेटमारी: बच्चों को जबरन अपराध की दुनिया में धकेला जाता था।

देह व्यापार: चोरी की गई बच्चियों का इस्तेमाल देह व्यापार के लिए किया जाता था।

मानव अंग व्यापार: पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह के तार मानव अंगों के अवैध व्यापार से भी जुड़े हो सकते हैं, जिसकी गहन जांच जारी है।

DNA टेस्ट से होगी परिजनों की पहचान

बरामद किए गए बच्चे बोकारो, धनबाद, चाईबासा और रांची के विभिन्न इलाकों से चोरी किए गए थे। फिलहाल सभी बच्चों को धुर्वा थाना में रखा गया है। चूंकि बच्चे अलग-अलग समय पर चोरी हुए थे, इसलिए उनके असली माता-पिता की पहचान सुनिश्चित करने के लिए पुलिस वैज्ञानिक पद्धति यानी DNA टेस्ट का सहारा लेगी।

गिरोह का नेटवर्क: एक नज़र में (At a Glance)

विवरण जानकारी

गैंग का नाम गुलगुलिया गैंग (अंतरराज्यीय नेटवर्क)

बरामदगी 12 बच्चे (सुरक्षित)

गिरफ्तारी 13 सदस्य (24 हिरासत में)

नेटवर्क का विस्तार झारखंड, बिहार, ओडिशा, बंगाल और उत्तर प्रदेश

प्रमुख अपराध बच्चा चोरी, भीख मंगवाना, देह व्यापार, अंग तस्करी (संभावित)

रांची में जमीन विवाद को लेकर खूनी संघर्ष: पिस्का मोड़ पर ताबड़तोड़ फायरिंग, जमीन कारोबारी समेत 3 को लगी गोली।

रांची: जिले में शनिवार की देर रात जमीन विवाद को लेकर ताबड़तोड़ फायरिंग हुई. इस फायरिंग में तीन लोगों को गोली लगी है. सभी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है.

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क्या है पूरा मामला

रांची के पिस्का मोड़ तेलमिल गली में शनिवार की रात दो गुटों में ताबड़तोड़ फायरिंग की घटना हुई. गोलीबारी की घटना में तीन लोग घायल हो गए. घायलों में एक जमीन कारोबारी विकास सिंह, उसके भाई आकाश सिंह उर्फ मोगली के अलावा दूसरे गुट के रवि नमक युवक शामिल हैं.

घायल विकास सिंह को छाती और हाथ में कुल तीन गोली लगी है. जबकि उसके भाई को हाथ में गोली लगी है. घायलों को आनन- फानन में सदर अस्पताल ले जाया गया. जहां प्रारंभिक इलाज के बाद निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया है. चिकित्सकों के अनुसार दोनों घायल खतरे से बाहर हैं.

कई थानों की पुलिस हुई रेस

घटना की जानकारी मिलने के बाद कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय, सुखदेव नगर थाना प्रभारी और पंडरा ओपी प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस को घटनास्थल से कुछ खोखा भी मिला है. पुलिस की प्रारंभिक जांच में जमीन विवाद और पैसे के लेनदेन को लेकर अपराधियों ने घटना को अंजाम देने की बात सामने आई है. पुलिस मामले में अपराधी संजय पांडेय समेत कई लोगों को गिरफ्तार भी किया है.

बातचीत के लिए बुलाया और मार दी गोली

बताया जा रहा है कि जमीन कारोबारी विकास सिंह और उसके भाई आकाश और मोगली को शनिवार की शाम बातचीत करने के लिए संजय पांडे नामक अपराधी ने पिस्का मोड़ तेल गली में बुलाया था. दोनों भाई रात करीब 9.45 बजे तेल मिल गली पहुंचे. जहां पर पहले से अपराधी संजय पांडे अपने गुर्गो के साथ मौजूद था

बातचीत के दौरान संजय पांडे और उसके गुर्गो ने जमीन कारोबारी विकास पर गोली चलाना शुरू कर दिया. बताया जा रहा है कि अपराधियों ने विकास पर 5 से 6 राउंड फायरिंग की, जिसमें विकास को तीन और उसके भाई को एक गोली लगी. घटना के बाद संजय पांडे अपने गुर्गो के साथ मौके से फरार हो गया.

55 लाख रुपए के लेनदेन में हुई घटना

बताया जा रहा है कि सुकुरहुटू में एक चार एकड़ की जमीन है. जिस पर संजय पांडे और विकास काम कर रहे थे. काम में

विकास का संजय पांडे पर करीब 55 लाख रुपए बकाया हो गया. विकास लगातार संजय पांडे पर पैसा वापस करने का दबाव दे रहा था. इस बात को लेकर दोनों के बीच कुछ दिनों से विवाद चल रहा था.

पुलिस को आशंका है कि अपराधियों ने इसी की वजह से विकास की हत्या की नीयत से उस पर गोली चलाई है. रांची के कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय ने बताया कि गोलीबारी मामले में कई लोगों को हिरासत में लिया गया है. घटना के पीछे जमीन विवाद है या फिर कुछ और इसकी जांच की जा रही है.

दावोस में गूंजेगा 'जोहार': झारखंड के पर्यटन में निवेश के लिए दुनिया को आमंत्रण, प्रकृति और आध्यात्म का वैश्विक हब बनेगा राज्य।

रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड अब वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक विशिष्ट स्थान बनाने की ओर अग्रसर है। विश्व आर्थिक मंच (WEF) के मंच से झारखंड दुनिया को एक ऐसी यात्रा का निमंत्रण देगा, जो प्रकृति, संस्कृति, आध्यात्म और रोमांच का अद्भुत संगम है। राज्य सरकार का लक्ष्य निवेश के माध्यम से पर्यटन क्षेत्र में रोजगार और विकास के नए अवसरों को सृजित करना है।

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विविध भौगोलिक पहचान और आकर्षण

छोटा नागपुर पठार की गोद में बसे झारखंड की भौगोलिक बनावट इसे एक बेजोड़ पर्यटन स्थल बनाती है।

झरनों का शहर: हुंडरू, दशम, जोन्हा और लोध जैसे भव्य जलप्रपात पर्यटकों को मंत्रमुग्ध करते हैं।

पहाड़ों की रानी: नेतरहाट की पहाड़ियाँ और सनसेट व्यू वैश्विक स्तर पर सराहे जा रहे हैं।

विशिष्ट धरोहर: 'मैक्लुस्कीगंज' जैसे गांव अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विशिष्टता के लिए जाने जाते हैं।

आदिवासी विरासत और कला का जीवंत अनुभव

झारखंड का पर्यटन इसकी आदिवासी संस्कृति में रचा-बसा है। सरहुल, करम और सोहराय जैसे त्योहारों के साथ-साथ डोकरा आर्ट, पैतकर पेंटिंग और छऊ नृत्य जैसे कला रूप पर्यटकों को एक गहरा अनुभव प्रदान करते हैं। इसके साथ ही देवघर का बैद्यनाथ धाम और मलूटी के मंदिर समूह राज्य के आध्यात्मिक महत्व को दर्शाते हैं।

एडवेंचर और वाइल्डलाइफ टूरिज्म में संभावनाएं

साहसिक खेलों के शौकीनों के लिए झारखंड अब पैराग्लाइडिंग, रॉक क्लाइम्बिंग और वॉटरफॉल रैपलिंग जैसे अवसर प्रदान कर रहा है। पलामू टाइगर रिजर्व और दलमा हाथी अभयारण्य जैसे वन्यजीव केंद्र इसे वन्यजीव प्रेमियों की पहली पसंद बना रहे हैं।

दावोस में 'जोहार' का संदेश

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन विश्व आर्थिक मंच में बताएंगे कि कैसे झारखंड का पर्यटन मॉडल "सहअस्तित्व और निरंतरता" पर आधारित है। राज्य सरकार निजी निवेशकों को ईको-टूरिज्म, वेलनेस सेंटर और एडवेंचर पार्क विकसित करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है, ताकि स्थानीय समुदायों की आजीविका को भी मजबूती मिले।

दावोस में 'पधारो झारखंड': मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने किया झारखंड पवेलियन का निरीक्षण, 19 जनवरी से दुनिया देखेगी राज्य की ताकत।

दावोस (स्विट्जरलैंड): झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम-2026 में शामिल होने के लिए दावोस पहुँच चुका है। शनिवार को मुख्यमंत्री ने 'इंडियन पवेलियन' परिसर में विशेष रूप से तैयार किए गए 'झारखंड पवेलियन' का भ्रमण और निरीक्षण किया।

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19 से 23 जनवरी तक सजेगा वैश्विक मंच

झारखंड राज्य के गठन के 25 वर्ष पूरे होने के बाद यह पहला मौका है जब राज्य सरकार का कोई आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल दावोस की इस प्रतिष्ठित वैश्विक बैठक में भाग ले रहा है। मुख्यमंत्री ने पवेलियन के निरीक्षण के दौरान तैयारियों को अंतिम रूप दिया और यह सुनिश्चित किया कि झारखंड की औद्योगिक एवं सांस्कृतिक छवि दुनिया के सामने प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत हो।

भागीदारी के 5 मुख्य स्तंभ:

इस वर्ष दावोस में झारखंड की भागीदारी मुख्य रूप से निम्नलिखित पाँच विषयों पर केंद्रित होगी:

इलेक्ट्रिक मोबिलिटी: ईवी (EV) क्षेत्र में राज्य की संभावनाओं को पेश करना।

ऊर्जा सुरक्षा: ऊर्जा के स्रोतों के स्थायी प्रबंधन पर चर्चा।

पर्यावरण एवं वन: राज्य के हरित आवरण और प्रकृति संरक्षण का मॉडल।

जैव-अर्थव्यवस्था (Bio-economy): जैविक संसाधनों के आर्थिक लाभ और समावेशिता।

महिला सशक्तिकरण: राज्य की महिलाओं के आर्थिक सुदृढ़ीकरण की सफलता।

वैश्विक चर्चाओं में झारखंड का स्थान:

प्रतिनिधिमंडल का लक्ष्य झारखंड को सतत विकास (Sustainable Development) और न्यायसंगत परिवर्तन (Just Transition) के रास्तों पर वैश्विक चर्चाओं में अग्रणी स्थान दिलाना है। इस दौरान मुख्यमंत्री विभिन्न अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के सीईओ और नीति निर्माताओं के साथ बैठकें भी करेंगे।