रांची में जमीन विवाद को लेकर खूनी संघर्ष: पिस्का मोड़ पर ताबड़तोड़ फायरिंग, जमीन कारोबारी समेत 3 को लगी गोली।

रांची: जिले में शनिवार की देर रात जमीन विवाद को लेकर ताबड़तोड़ फायरिंग हुई. इस फायरिंग में तीन लोगों को गोली लगी है. सभी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है.

Image 2Image 3

क्या है पूरा मामला

रांची के पिस्का मोड़ तेलमिल गली में शनिवार की रात दो गुटों में ताबड़तोड़ फायरिंग की घटना हुई. गोलीबारी की घटना में तीन लोग घायल हो गए. घायलों में एक जमीन कारोबारी विकास सिंह, उसके भाई आकाश सिंह उर्फ मोगली के अलावा दूसरे गुट के रवि नमक युवक शामिल हैं.

घायल विकास सिंह को छाती और हाथ में कुल तीन गोली लगी है. जबकि उसके भाई को हाथ में गोली लगी है. घायलों को आनन- फानन में सदर अस्पताल ले जाया गया. जहां प्रारंभिक इलाज के बाद निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया है. चिकित्सकों के अनुसार दोनों घायल खतरे से बाहर हैं.

कई थानों की पुलिस हुई रेस

घटना की जानकारी मिलने के बाद कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय, सुखदेव नगर थाना प्रभारी और पंडरा ओपी प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस को घटनास्थल से कुछ खोखा भी मिला है. पुलिस की प्रारंभिक जांच में जमीन विवाद और पैसे के लेनदेन को लेकर अपराधियों ने घटना को अंजाम देने की बात सामने आई है. पुलिस मामले में अपराधी संजय पांडेय समेत कई लोगों को गिरफ्तार भी किया है.

बातचीत के लिए बुलाया और मार दी गोली

बताया जा रहा है कि जमीन कारोबारी विकास सिंह और उसके भाई आकाश और मोगली को शनिवार की शाम बातचीत करने के लिए संजय पांडे नामक अपराधी ने पिस्का मोड़ तेल गली में बुलाया था. दोनों भाई रात करीब 9.45 बजे तेल मिल गली पहुंचे. जहां पर पहले से अपराधी संजय पांडे अपने गुर्गो के साथ मौजूद था

बातचीत के दौरान संजय पांडे और उसके गुर्गो ने जमीन कारोबारी विकास पर गोली चलाना शुरू कर दिया. बताया जा रहा है कि अपराधियों ने विकास पर 5 से 6 राउंड फायरिंग की, जिसमें विकास को तीन और उसके भाई को एक गोली लगी. घटना के बाद संजय पांडे अपने गुर्गो के साथ मौके से फरार हो गया.

55 लाख रुपए के लेनदेन में हुई घटना

बताया जा रहा है कि सुकुरहुटू में एक चार एकड़ की जमीन है. जिस पर संजय पांडे और विकास काम कर रहे थे. काम में

विकास का संजय पांडे पर करीब 55 लाख रुपए बकाया हो गया. विकास लगातार संजय पांडे पर पैसा वापस करने का दबाव दे रहा था. इस बात को लेकर दोनों के बीच कुछ दिनों से विवाद चल रहा था.

पुलिस को आशंका है कि अपराधियों ने इसी की वजह से विकास की हत्या की नीयत से उस पर गोली चलाई है. रांची के कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय ने बताया कि गोलीबारी मामले में कई लोगों को हिरासत में लिया गया है. घटना के पीछे जमीन विवाद है या फिर कुछ और इसकी जांच की जा रही है.

दावोस में गूंजेगा 'जोहार': झारखंड के पर्यटन में निवेश के लिए दुनिया को आमंत्रण, प्रकृति और आध्यात्म का वैश्विक हब बनेगा राज्य।

रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड अब वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक विशिष्ट स्थान बनाने की ओर अग्रसर है। विश्व आर्थिक मंच (WEF) के मंच से झारखंड दुनिया को एक ऐसी यात्रा का निमंत्रण देगा, जो प्रकृति, संस्कृति, आध्यात्म और रोमांच का अद्भुत संगम है। राज्य सरकार का लक्ष्य निवेश के माध्यम से पर्यटन क्षेत्र में रोजगार और विकास के नए अवसरों को सृजित करना है।

Image 2Image 3

विविध भौगोलिक पहचान और आकर्षण

छोटा नागपुर पठार की गोद में बसे झारखंड की भौगोलिक बनावट इसे एक बेजोड़ पर्यटन स्थल बनाती है।

झरनों का शहर: हुंडरू, दशम, जोन्हा और लोध जैसे भव्य जलप्रपात पर्यटकों को मंत्रमुग्ध करते हैं।

पहाड़ों की रानी: नेतरहाट की पहाड़ियाँ और सनसेट व्यू वैश्विक स्तर पर सराहे जा रहे हैं।

विशिष्ट धरोहर: 'मैक्लुस्कीगंज' जैसे गांव अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विशिष्टता के लिए जाने जाते हैं।

आदिवासी विरासत और कला का जीवंत अनुभव

झारखंड का पर्यटन इसकी आदिवासी संस्कृति में रचा-बसा है। सरहुल, करम और सोहराय जैसे त्योहारों के साथ-साथ डोकरा आर्ट, पैतकर पेंटिंग और छऊ नृत्य जैसे कला रूप पर्यटकों को एक गहरा अनुभव प्रदान करते हैं। इसके साथ ही देवघर का बैद्यनाथ धाम और मलूटी के मंदिर समूह राज्य के आध्यात्मिक महत्व को दर्शाते हैं।

एडवेंचर और वाइल्डलाइफ टूरिज्म में संभावनाएं

साहसिक खेलों के शौकीनों के लिए झारखंड अब पैराग्लाइडिंग, रॉक क्लाइम्बिंग और वॉटरफॉल रैपलिंग जैसे अवसर प्रदान कर रहा है। पलामू टाइगर रिजर्व और दलमा हाथी अभयारण्य जैसे वन्यजीव केंद्र इसे वन्यजीव प्रेमियों की पहली पसंद बना रहे हैं।

दावोस में 'जोहार' का संदेश

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन विश्व आर्थिक मंच में बताएंगे कि कैसे झारखंड का पर्यटन मॉडल "सहअस्तित्व और निरंतरता" पर आधारित है। राज्य सरकार निजी निवेशकों को ईको-टूरिज्म, वेलनेस सेंटर और एडवेंचर पार्क विकसित करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है, ताकि स्थानीय समुदायों की आजीविका को भी मजबूती मिले।

दावोस में 'पधारो झारखंड': मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने किया झारखंड पवेलियन का निरीक्षण, 19 जनवरी से दुनिया देखेगी राज्य की ताकत।

दावोस (स्विट्जरलैंड): झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम-2026 में शामिल होने के लिए दावोस पहुँच चुका है। शनिवार को मुख्यमंत्री ने 'इंडियन पवेलियन' परिसर में विशेष रूप से तैयार किए गए 'झारखंड पवेलियन' का भ्रमण और निरीक्षण किया।

Image 2Image 3

19 से 23 जनवरी तक सजेगा वैश्विक मंच

झारखंड राज्य के गठन के 25 वर्ष पूरे होने के बाद यह पहला मौका है जब राज्य सरकार का कोई आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल दावोस की इस प्रतिष्ठित वैश्विक बैठक में भाग ले रहा है। मुख्यमंत्री ने पवेलियन के निरीक्षण के दौरान तैयारियों को अंतिम रूप दिया और यह सुनिश्चित किया कि झारखंड की औद्योगिक एवं सांस्कृतिक छवि दुनिया के सामने प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत हो।

भागीदारी के 5 मुख्य स्तंभ:

इस वर्ष दावोस में झारखंड की भागीदारी मुख्य रूप से निम्नलिखित पाँच विषयों पर केंद्रित होगी:

इलेक्ट्रिक मोबिलिटी: ईवी (EV) क्षेत्र में राज्य की संभावनाओं को पेश करना।

ऊर्जा सुरक्षा: ऊर्जा के स्रोतों के स्थायी प्रबंधन पर चर्चा।

पर्यावरण एवं वन: राज्य के हरित आवरण और प्रकृति संरक्षण का मॉडल।

जैव-अर्थव्यवस्था (Bio-economy): जैविक संसाधनों के आर्थिक लाभ और समावेशिता।

महिला सशक्तिकरण: राज्य की महिलाओं के आर्थिक सुदृढ़ीकरण की सफलता।

वैश्विक चर्चाओं में झारखंड का स्थान:

प्रतिनिधिमंडल का लक्ष्य झारखंड को सतत विकास (Sustainable Development) और न्यायसंगत परिवर्तन (Just Transition) के रास्तों पर वैश्विक चर्चाओं में अग्रणी स्थान दिलाना है। इस दौरान मुख्यमंत्री विभिन्न अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के सीईओ और नीति निर्माताओं के साथ बैठकें भी करेंगे।

झारखंड बंद का असर, आदिवासी संगठन कोई लीपापोती नहीं, सोमा मुंडा के हत्यारों का गर्दन चाहिए़ - निशा भगत

Image 2Image 3

रांची : झारखंड में बेखौफ है अपराधि आए दिन किसी को उठा लेते हर तो किसी को मार देते है। ऐसी ही एक घटना खूंटी जिला में हुई थी जहां अपराधियों ने आदिवासी नेता सह पड़हा राजा सोमा मुंडा की ताबड़तोड़ गोली मारकर हत्या कर दी। जिसके बाद अगले ही दिन खूंटी बंद रहा, आदिवासी संगठनों के विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने 7 लोगों को गिरफ्तार किया। लेकिन मुख्य आरोपी अभी भी फरार है। इधर आदिवासी संगठन विरोध जताते हुए आज झारखंड बंद का आवाहन किया है। आज सुबह ही कुछ जगह पर इसका विरोध प्रदर्शन देखने को मिला वही कुछ जगहों पर सामान्य गाड़िया चलती रही। दोपहर 1 बजे अल्बर्ट एक्का चौक पर लोग बंद कराने सड़क पर उतरे। इस बीच निशा भगत भी अपने समर्थकों के साथ सड़क पर उतरी। इस बीच आम लोगों से भी उलझी..

इस बीच निशा भगत ने सोमा मुंडा हत्याकांड में कहा कि लीपापोती नहीं हमें इंसाफ चाहिए आदिवासी संगठन की यही मांग है। हेमंत सरकार को भी खरीखौटी सुनाई और आदिवासी विरोधी बताया।

अन्य जिला की बात करे तो खूंटी और चाईबासा में सुबह होते ही बंद समर्थक सड़कों पर उतर गये और ट्रैफिक सिस्टम को ठप कर दिया। रांची में बस टर्मिनल सुनसान रहा। खूंटी सिमडेगा तोड़पा के लिए बसे बंद रही वहां जाने वाले यात्री परेशान रहे। वही लंबी दूरी जो राज्य से बाहर जाती है उसमें में यात्रियों की संख्या कम रही। आदिवासी संगठनों के द्वारा झारखंड बंद बुलाने का मिलाजुला असर देखने को मिला है।

एनएच-33 पर 'महाजाम': बुंडू टोल प्लाजा पर 5 घंटे तक फंसी रहीं हजारों गाड़ियां, पानी-भोजन को तरसे यात्री।

Image 2Image 3

रांची: आदिवासी नेता सोमा मुंडा की हत्या के खिलाफ आदिवासी संगठनों के झारखंड बंद का मिलाजुला असर देखने को मिला है. खूंटी और चाईबासा में सुबह होते ही बंद समर्थक सड़कों पर उतर गये और ट्रैफिक सिस्टम को ठप कर दिया. वहीं दिन चढ़ते ही कई अन्य जिलों में भी बंद समर्थक सड़कों पर आ गये. इसकी वजह से आम यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी. सबसे ज्यादा खराब स्थिति जमशेदपुर-रांची एनएच पर दिखी. इसकी वजह से टोल प्लाजा के दोनों ओर एनएच पर हजारों गाड़ियां जाम में फंस गई. एनएच पर जाम का सिलसिला करीब 5 घंटे तक चला. सुबह करीब 11 बजे प्रदर्शनकारी टोल प्लाजा पहुंचे और प्रदर्शन कर लगे. इसकी वजह से जाम लग गया.

बुंडू टोल प्लाजा की घेराबंदी से यात्री रहे परेशान

इस दौरान बुंडू के एसडीएम, डीएसपी, सीओ और थाना प्रभारी लोगों को समझाते रहे. अंत में करीब 5 घंटे बाद 3 बजकर 20 मिनट के करीब प्रदर्शनकारी टोल प्लाजा से हट गये. अब एनएच पर गाड़ियों का आवाजाही शुरु हो गई है. लेकिन पांच घंटे तक जाम की वजह से लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी. आम यात्री पानी और भोजन के लिए तरसते रहे. क्योंकि बुंडू नगर पंचायत की दुकानें बंद थीं. हालांकि इस दौरान सिर्फ एंबुलेंस और सेना की गाड़ी को जाने दिया जा रहा था.

एक महिला यह कहकर जाने देने की दरख्वास्त करती रहीं कि उनके ससुर की मृत्यु हो गई है. उनको घर पहुंचना बेहद जरूरी है. लेकिन प्रदर्शनकारी मानने को तैयार नहीं थे. इस दौरान एक महिला सड़क पर ही रोने लगीं. उनको रांची में फ्लाइट पकड़ना था. काफी मनुहार के बाद उन्हें जाने दिया गया. प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने कहा कि उनके पड़हा राजा की दिनदहाड़े हत्या हुई है. आदिवासी अस्मिता खतरे में है. अभी तक हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं हुई है. पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला है. इसलिए यात्रियों की परेशानी से वाकिफ होने के बावजूद ऐसा करना पड़ रहा है. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बिना रोड जाम किए हमारी आवाज सरकार तक नहीं पहुंचेगी.

प्रशासन जाम हटाने के लिए करता रहा आग्रह

बुंडू टोल प्लाजा पर जाम लगते ही बुंडू के एसडीएम क्रिस्टोफर कुमार बेसरा, बुंडू के डीएसपी ओमप्रकाश, थाना प्रभारी रामकुमार वर्मा, अंचल अधिकारी हंस हेंब्रम पुलिस फोर्स के साथ वहां पहुंच गये थे. इस दौरान बंद समर्थकों को लगातार समझाने की कोशिश की जाती रही. लोगों को समझाने में करीब 5 घंटे लग गये. तबतक यात्री जाम में फंसे रहे. एसडीएन ने बताया कि ग्रामीणों ने एक ज्ञापन दिया है. सोमा मुंडा के परिवार को सरकारी नौकरी देने, फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए अपराधियों को सजा दिलाने, पांच करोड़ रु. बतौर मुआवजा देने की मांग की गई है. उन्होंने बताया कि मांगों से सरकार को अवगत कराया जाएगा.

दरअसल, 7 जनवरी को खूंटी में जमुवादाग के पास आदिवासी नेता सोमा मुंडा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. हत्या के विरोध में आदिवासी संगठनों ने 8 जनवरी को खूंटी बंद किया था, जिसका व्यापक असर दिखा था. खूंटी पुलिस इस मामले सात लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है. पुलिस ने हत्या के पीछे जमीन विवाद को कारण बताया था. लेकिन आदिवासी संगठनों का कहना है कि अबतक शूटर और मुख्य साजिशकर्ता की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई है.

आक्रोश की गूँज: मशाल जुलूस से दी गई आंदोलन की चेतावनी; सोमा मुंडा हत्याकांड के आरोपियों की गिरफ्तारी पर अड़े आदिवासी संगठन।

खूंटी: आदिवासी नेता सह पड़हा राजा सोमा मुंडा की हत्या के विरोध में आदिवासी संगठनों द्वारा आहूत 'एक दिवसीय झारखंड बंद' को लेकर खूंटी जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। बंद के मद्देनजर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला मुख्यालय से लेकर प्रखंडों तक सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं।

Image 2Image 3

मशाल जुलूस से बंद की शुरुआत

बंद से पूर्व शुक्रवार देर शाम खूंटी की सड़कों पर मशाल जुलूस निकाला गया। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए न्याय की मांग की। संगठनों ने स्पष्ट किया कि यदि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो यह आंदोलन और उग्र रूप लेगा।

42 दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति

खूंटी एसडीओ ने कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कुल 42 दंडाधिकारियों की तैनाती की है। ये अधिकारी शनिवार सुबह 8 बजे से ही अपने-अपने मोर्चा संभाल चुके हैं।

मुख्य फोकस क्षेत्र: हुटार, बिरहू, तमाड़ मोड़, कर्रा रोड, और चुकरु मोड़ जैसे संवेदनशील इलाकों में विशेष चौकसी बरती जा रही है।

प्रखंडों में निगरानी: मुरहू, कर्रा, तोरपा, रनिया और अड़की के प्रमुख चौराहों पर भी प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई है।

प्रशासनिक सतर्कता और निर्देश

जिला प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अग्निशमन विभाग (Fire Brigade) को किसी भी अप्रिय घटना (जैसे सड़क पर टायर जलाना या आगजनी) के लिए अलर्ट रहने को कहा है। साथ ही, सिविल सर्जन को आपातकालीन चिकित्सा दल तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।

सोमा मुंडा हत्याकांड: झारखंड बंद का खूंटी और रांची में व्यापक असर, सड़कों पर उतरी भारी भीड़, टायर जलाकर किया प्रदर्शन।

Image 2Image 3

रांची: आदिवासी नेता सह पड़हा राजा सोमा मुंडा की हत्या के विरोध में आदिवासी संगठनों के आज झारखंड बंद का मिला जुला असर दिख रहा है. हालांकि खूंटी में इसका असर ज्यादा दिख रहा है. सुबह से ही बंद समर्थक सड़कों पर उतरे हुए हैं. कई जगह सड़कों पर टायर जलाकर बंद की नारेबाजी कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों की मांग है कि सोमा मुंडा के हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी हो और पीड़ित परिवार को न्याय मिले.

खूंटी में बंद का असर

खूंटी जिला से गुजरने वाले मुख्य मार्गों पर आवागन प्रभावित हुआ है. कई जगह लंबी दूरी की गाड़ियों की लंबी कतार लग गई है. खूंटी शहर में बंद का असर दिख रहा है. शहर के सभी प्रतिष्ठान और दुकानें बंद हैं. एनएच पर हुटार चौक के पास लोग प्रदर्शन कर रहे हैं. जिला के सभी चौक चौराहों पर प्रदर्शनकारी घूम घूमकर बंद करा रहे हैं. इस क्षेत्र के पेट्रोल पंप भी बंद हैं.

प्रदर्शनकारियों ने अल्बर्ट एक्का चौक को किया जाम

रांची-जमशेदपुर एनएच 33 पर बुंडू में भी बंद का असर दिख रहा है. रांची से कर्रा, रांची से खूंटी, रांची से चुकरु मोड़, खूंटी से चाईबासा और सिमडेगा की तरह जाने वाले रास्तों पर परिचालन प्रभावित हुआ है. रांची के ग्रामीण इलाके में बंद को लेकर सुबह से ही संगठन के लोग सड़कों पर उतर आए. रांची के चिरौंदी, चान्हो, रातू, खलारी, तुपुदाना, कांके और पिठोरिया में सड़क जाम और आगजनी कर कई जगह बंद को सफल बनाने की कोशिश की गई. कई जगहों पर टायर जलाकर प्रदर्शन किया गया.

रांची के सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया है. प्रदर्शनकारियों को समझा बुझाकर सड़क से हटाने का प्रयास जारी है. कई इलाकों में आवागमन आंशिक रूप से ठप है. वहीं, बंद समर्थकों ने शहर में घुसकर अल्बर्ट एक्का चौक को पूरी तरह से जाम कर दिया. इधर, बंद को देखते हुए रांची, खूंटी समेत कई जिलों में शुक्रवार को एहतियातन स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई.

क्या है संगठनों की मांगें

बंद समर्थक आदिवासी संगठनों ने सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि सोमा मुंडा की हत्या व्यक्तिगत दुश्मनी का मामला नहीं, बल्कि जमीन, जंगल और जल की रक्षा के लिए उठने वाली संघर्षपूर्ण आवाज को कुचलने की सुनियोजित साजिश है. संगठनों ने इसे आदिवासी अधिकारों पर हमला करार दिया है.

चाईबासा में बंद का असर

पहड़ा राजा सोमा मुंडा की हत्या के विरोध में पश्चिमी सिंहभूम जिले में बंद का असर दिख रहा है. चाईबासा, जगन्नाथपुर, नोवामुण्डी अदीनू क्षेत्रों में जगह-जगह चौक चौराहों पर टायर जलाकर मानकी मुण्डाओं नें विरोध प्रदर्शन किया. यहां लंबी दूरी और लोकल बसें नहीं चल रही हैं. राहगीरों को परेशानी हो रही है.

अन्य जिलों में बंद का हाल

रामगढ़ के कुज्जू थानाक्षेत्र के नया मोड़ में आदिवासी समाज के लोगों ने एनएच 33 को कुछ देर के लिए जाम किया. पाकुड़ में बंद का कोई असर नहीं दिख रहा है. चतरा में जनजीवन सामान्य है. साहिबगंज में भी बंद का कोई असर फिलहाल नहीं है. गुमला में भी स्थिति सामान्य है. गिरिडीह में भी कोई असर नहीं दिख रहा है. दुमका में आम दिनों की तरह दुकानें और प्रतिष्ठान खुले हुए हैं. सिमडेगा में एनएच 143 को जाम करने की कोशिश की गई लेकिन प्रशासन ने थोड़ी देर में ही जाम हटवा दिया. सरायकेला में भी बंद का कोई असर नहीं दिख रहा है. गोड्डा में भी आवागमन सामान्य है. इसके अलावा पलामू, गढ़वा, लोहरदगा और लातेहार में भी स्थिति सामान्य है.

बता दें कि 7 जनवरी को खूंटी में जमुआदाहा के पास आदिवासी नेता सोमा मुंडा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस घटना से पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है. इस हत्या के विरोध में आदिवासी संगठनों ने 8 जनवरी को खूंटी बंद बुलाया था, जिसका व्यापक असर दिखा था. हालांकि खूंटी पुलिस ने हत्या के पीछे जमीन विवाद को कारण बताते हुए पिछले दिनों सात आरोपियों को गिरफ्तार भी किया था. लेकिन लोगों का कहना है कि शूटर और मुख्य साजिशकर्ता की गिरफ्तारी क्यों नहीं हो रही हैं.

अबुआ दिशोम बजट 2026-27: 'आम आदमी' के सुझावों से सजेगा झारखंड का बजट, मिलेट्स और महुआ की ब्रांडिंग पर जोर।

रांची: झारखंड सरकार के आगामी 'अबुआ दिशोम बजट 2026-27' को लेकर आयोजित दो दिवसीय बजट पूर्व गोष्ठी शुक्रवार को संपन्न हो गई। वित्त मंत्री श्री राधाकृष्ण किशोर ने स्पष्ट किया कि इस बार का बजट पूरी तरह लोकतांत्रिक होगा और जनता की उम्मीदों को ध्यान में रखकर बनाया जाएगा।

Image 2Image 3

वित्त एवं राजस्व: टैक्स और सुधार

वित्त मंत्री ने राजस्व संग्रह बढ़ाने और टैक्स प्रणाली में सुधार पर जोर दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि असंगठित ठेकेदारों और ट्रांसपोर्टरों को जीएसटी के दायरे में लाया जाए और टैक्स विसंगतियों को दूर करने के लिए 'माफी योजना' लाई जाए।

स्वास्थ्य क्षेत्र: कैंसर और आधुनिक तकनीक

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने हेल्थ सेक्टर को अंतरराष्ट्रीय मानकों पर लाने का संकल्प दोहराया। गोष्ठी में महिलाओं में बढ़ते ब्रेस्ट कैंसर की रोकथाम के लिए सभी मेडिकल कॉलेजों और सदर अस्पतालों में मैमोग्राफी मशीन की स्थापना और विशेषज्ञों की नियुक्ति का सुझाव प्रमुख रहा। रिम्स-2 और सभी जिलों में 10 आईसीयू बेड की सुविधा पर भी चर्चा हुई।

कृषि एवं खाद्य सुरक्षा: मिलेट्स और पीडीएस

खाद्य आपूर्ति विभाग को सुझाव दिया गया कि राशन कार्ड (PDS) के जरिए केवल अनाज ही नहीं, बल्कि मिलेट्स (मोटा अनाज), दाल, सरसों तेल और अंडा भी उपलब्ध कराया जाए। साथ ही, अनाज की मात्रा 5 किलो से बढ़ाकर 7 किलो करने का प्रस्ताव भी रखा गया।

शिक्षा और आदिवासी कल्याण

मंत्री सुदिव्य कुमार ने बताया कि राज्य में प्राथमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर लगभग शून्य हो गई है। उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बिरसा मुंडा विश्वविद्यालय की स्थापना और मैट्रिक पास युवाओं को स्वरोजगार के लिए बैंकों से आसान ऋण दिलाने की योजना पर कार्य होगा।

नवाचार: महुआ और जीआई टैगिंग

विशेषज्ञों ने झारखंड के महुआ की क्षमता को पहचानते हुए इसे गोवा की 'फैनी' की तरह ब्रांड करने का सुझाव दिया। साथ ही, राज्य की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प और मक्का-मशरूम की जीआई टैगिंग (GI Tagging) के लिए एक समर्पित पोर्टल बनाने पर सहमति बनी।

बजट गोष्ठी के 5 क्रांतिकारी सुझाव

क्षेत्र मुख्य प्रस्ताव

खाद्य सुरक्षा PDS में मिलेट्स और दाल शामिल करना, ग्रीन कार्ड का दायरा बढ़ाना।

ऊर्जा अगले 10 वर्षों के लिए 'ग्रीन एनर्जी' रोडमैप तैयार करना।

रोजगार युवाओं को स्वरोजगार के लिए बैंकों से सुलभ ऋण (Sovereign Guarantee)।

संस्कृति आदिवासी भाषाओं में साइंस की पढ़ाई और महुआ की ब्रांडिंग।

सुरक्षा महिलाओं और बच्चों की 'चाइल्ड ट्रैफिकिंग' रोकने के लिए सख्त प्रावधान।

ज्यूरिख में सीएम हेमंत सोरेन से मिले राजदूत मृदुल कुमार: वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में झारखंड की ऐतिहासिक भागीदारी पर हुई विस्तृत चर्चा।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख में भारत के राजदूत मृदुल कुमार से मुलाकात की। इस उच्चस्तरीय बैठक में राजदूत ने मुख्यमंत्री को दावोस में आयोजित होने वाले वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) 2026 की तैयारियों और आगामी सत्रों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।

Image 2Image 3

25 वर्षों में पहली बार ऐतिहासिक भागीदारी:

झारखंड राज्य के निर्माण के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में यह पहला अवसर है, जब राज्य का एक उच्चस्तरीय आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल दावोस में आयोजित विश्व के इस सबसे बड़े आर्थिक मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है। इसे राज्य की आर्थिक स्वायत्तता और वैश्विक पहचान की दिशा में एक बड़ी छलांग माना जा रहा है।

मूल मंत्र: 'प्रकृति के साथ सामंजस्य में विकास'

दावोस में झारखंड की भागीदारी का मुख्य विषय "प्रकृति के साथ सामंजस्य में विकास" रखा गया है। यह विषय वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के उस वैश्विक उद्देश्य से पूरी तरह मेल खाता है, जो सतत विकास, आपसी विश्वास और दीर्घकालिक आर्थिक परिवर्तन (Long-term Economic Transformation) पर केंद्रित है।

वैश्विक निवेशकों का आकर्षण:

राजदूत मृदुल कुमार के साथ हुई इस चर्चा में इस बात पर भी जोर दिया गया कि कैसे झारखंड अपनी खनिज संपदा और पर्यावरण के संतुलन को वैश्विक निवेशकों के सामने एक 'प्रीमियम निवेश डेस्टिनेशन' के रूप में पेश कर सकता है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि झारखंड का विकास समावेशी होगा, जिसमें राज्य की प्रकृति और यहाँ के मूलवासियों के हितों की सुरक्षा सर्वोपरि होगी।

ऑक्सफोर्ड में गूँजेगी झारखंड की आवाज़: 23 जनवरी को 'ब्लावटनिक स्कूल ऑफ़ गवर्नमेंट' में अपनी विजन रखेंगे सीएम हेमंत सोरेन।

रांची/यूके: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी आगामी यूनाइटेड किंगडम (UK) की आधिकारिक यात्रा के दौरान एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच को संबोधित करेंगे। आगामी 23 जनवरी 2026 को शाम पांच बजे, वे विश्व के प्रतिष्ठित ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के 'ब्लावटनिक स्कूल ऑफ़ गवर्नमेंट' में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे।

Image 2Image 3

चर्चा का मुख्य विषय:

मुख्यमंत्री का संबोधन इस जटिल प्रश्न पर केंद्रित होगा कि— "एक आदिवासी बहुल और संसाधन-समृद्ध राज्य (जैसे झारखंड), टिकाऊ और हरित औद्योगीकरण, जिम्मेदार खनिज विनिर्माण और समावेशी विकास को कैसे आगे बढ़ा सकता है?"

वैश्विक विशेषज्ञों के साथ संवाद:

इस सत्र में मुख्यमंत्री के साथ दो प्रख्यात शिक्षाविद भी चर्चा में शामिल होंगी:

प्रोफेसर अल्पा शाह: ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में सामाजिक मानवशास्त्र की प्रोफेसर और ऑल सोल्स कॉलेज की फेलो।

प्रोफेसर माया ट्यूडर: ब्लावटनिक स्कूल ऑफ गवर्नमेंट में राजनीति और लोक नीति की विशेषज्ञ।

झारखंड के लिए महत्व:

यह चर्चा मुख्यमंत्री की "प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण विकास" की दूरगामी सोच के अनुरूप है। इस मंच के माध्यम से झारखंड यह संदेश देगा कि खनिज संपदा का उपयोग पर्यावरण को नुकसान पहुँचाए बिना और आदिवासी समुदायों के हितों को सुरक्षित रखते हुए कैसे किया जा सकता है। यह दौरा राज्य में निवेश आकर्षित करने और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।