दावोस में 'पधारो झारखंड': मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने किया झारखंड पवेलियन का निरीक्षण, 19 जनवरी से दुनिया देखेगी राज्य की ताकत।
दावोस (स्विट्जरलैंड): झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम-2026 में शामिल होने के लिए दावोस पहुँच चुका है। शनिवार को मुख्यमंत्री ने 'इंडियन पवेलियन' परिसर में विशेष रूप से तैयार किए गए 'झारखंड पवेलियन' का भ्रमण और निरीक्षण किया।
19 से 23 जनवरी तक सजेगा वैश्विक मंच
झारखंड राज्य के गठन के 25 वर्ष पूरे होने के बाद यह पहला मौका है जब राज्य सरकार का कोई आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल दावोस की इस प्रतिष्ठित वैश्विक बैठक में भाग ले रहा है। मुख्यमंत्री ने पवेलियन के निरीक्षण के दौरान तैयारियों को अंतिम रूप दिया और यह सुनिश्चित किया कि झारखंड की औद्योगिक एवं सांस्कृतिक छवि दुनिया के सामने प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत हो।
भागीदारी के 5 मुख्य स्तंभ:
इस वर्ष दावोस में झारखंड की भागीदारी मुख्य रूप से निम्नलिखित पाँच विषयों पर केंद्रित होगी:
इलेक्ट्रिक मोबिलिटी: ईवी (EV) क्षेत्र में राज्य की संभावनाओं को पेश करना।
ऊर्जा सुरक्षा: ऊर्जा के स्रोतों के स्थायी प्रबंधन पर चर्चा।
पर्यावरण एवं वन: राज्य के हरित आवरण और प्रकृति संरक्षण का मॉडल।
जैव-अर्थव्यवस्था (Bio-economy): जैविक संसाधनों के आर्थिक लाभ और समावेशिता।
महिला सशक्तिकरण: राज्य की महिलाओं के आर्थिक सुदृढ़ीकरण की सफलता।
वैश्विक चर्चाओं में झारखंड का स्थान:
प्रतिनिधिमंडल का लक्ष्य झारखंड को सतत विकास (Sustainable Development) और न्यायसंगत परिवर्तन (Just Transition) के रास्तों पर वैश्विक चर्चाओं में अग्रणी स्थान दिलाना है। इस दौरान मुख्यमंत्री विभिन्न अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के सीईओ और नीति निर्माताओं के साथ बैठकें भी करेंगे।



दावोस (स्विट्जरलैंड): झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम-2026 में शामिल होने के लिए दावोस पहुँच चुका है। शनिवार को मुख्यमंत्री ने 'इंडियन पवेलियन' परिसर में विशेष रूप से तैयार किए गए 'झारखंड पवेलियन' का भ्रमण और निरीक्षण किया।








2 hours and 2 min ago
- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
0- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
0.1k