पालतू श्वान की बहादुरी: बाघ से भिड़कर मालिक की बचाई जान, खुद हो गया शहीद

रामनगर (नैनीताल)। उत्तराखंड के नैनीताल जिले के तराई पश्चिमी वन प्रभाग से सटे ग्राम मदनपुर गैबुआ में एक दिल छू लेने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पालतू श्वान ने स्वामी भक्ति की मिसाल पेश करते हुए अपने मालिक की जान बचाने के लिए खूंखार बाघ से सीधे टक्कर ली और अंतिम सांस तक संघर्ष किया। इस बहादुरी में श्वान की मौत हो गई, लेकिन मालिक सुरक्षित बच निकले।
घटना के अनुसार, ग्राम मदनपुर गैबुआ निवासी रक्षित पांडे अपने पालतू कुत्ते के साथ खेत की ओर गन्ना खाने गए थे। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे बाघ ने अचानक रक्षित पर हमला करने की कोशिश की। खतरे को भांपते ही वफादार श्वान बाघ पर झपट पड़ा और उसे उलझाए रखा। दोनों के बीच जोरदार भिड़ंत हुई, जिसमें बाघ ने श्वान पर घातक हमला कर दिया। श्वान की मौके पर ही मौत हो गई, लेकिन उसकी बहादुरी से रक्षित पांडे सुरक्षित बच निकले।
घटना के बाद रक्षित पांडे ने तुरंत परिजनों और ग्रामीणों को सूचना दी। सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे। मामले की जानकारी भाजपा नेता विपिन कांडपाल को दी गई, जिन्होंने तराई पश्चिमी वन प्रभाग के डीएफओ प्रकाश चंद्र आर्य को अवगत कराया।
वन विभाग की टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर मृत श्वान का पोस्टमार्टम कराया। डीएफओ ने क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और बाघ की गतिविधियों पर सतर्क नजर रखने का आश्वासन दिया है।
भाजपा नेता विपिन कांडपाल ने बताया कि बाघ की लगातार गतिविधियों से गांव में भय का माहौल बना हुआ है। शाम होते ही ग्रामीण घरों से बाहर निकलने से डरते हैं। उन्होंने वन विभाग से मांग की है कि बाघ को जल्द पकड़कर आबादी से दूर सुरक्षित स्थान पर भेजा जाए। वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने और अकेले खेतों की ओर न जाने की अपील की है।
यह घटना एक बार फिर इंसान और जंगली जानवरों के बीच बढ़ते संघर्ष को उजागर करती है, साथ ही पालतू कुत्ते की वफादारी और बहादुरी की मिसाल पेश करती है। रक्षित पांडे ने आंसुओं के साथ कहा कि उनका कुत्ता मरते दम तक उनके लिए लड़ा और उन्हें कोई आंच नहीं आने दी।
उत्तराखंड : पूर्व बीजेपी विधायक सुरेश राठौर पर एक और मुकदमा
* धोखाधड़ी और जान से मारने की धमकी का आरोप


हरिद्वार, उत्तराखंड। भाजपा से निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कानूनी मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े वायरल ऑडियो-वीडियो विवाद के बीच अब उनके खिलाफ एक नया मुकदमा दर्ज किया गया है। ज्वालापुर कोतवाली पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर पूर्व विधायक सुरेश राठौर के विरुद्ध धोखाधड़ी और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में प्रकरण दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, यह मुकदमा हरिलोक कॉलोनी निवासी राजेश कुमार गौतम की शिकायत पर आधारित है। शिकायतकर्ता ने बताया कि उनके और सुरेश राठौर के पुराने संबंध थे। कुछ समय पहले राठौर ने उनसे उनकी गाड़ी मांगकर ली थी। काफी समय बीत जाने के बाद भी गाड़ी वापस नहीं की गई। जब राजेश ने बार-बार गाड़ी लौटाने की मांग की, तो पूर्व विधायक टालमटोल करने लगे।
आरोप है कि विरोध करने पर सुरेश राठौर ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। साथ ही गाड़ी वापस करने से भी साफ इनकार कर दिया। पीड़ित ने पहले पुलिस में शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर उन्होंने अदालत का रुख किया। कोर्ट के निर्देश पर ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इस नए मुकदमे के साथ ही सुरेश राठौर के खिलाफ अब हरिद्वार जिले में तीन और देहरादून में एक कुल चार मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। गौरतलब है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े वायरल ऑडियो और अभिनेत्री उर्मिला सनावर के दावों के बाद से पूर्व विधायक सुर्खियों में बने हुए हैं। इनमें से पहले दर्ज मामलों में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा रखी है।
यह घटना अंकिता भंडारी प्रकरण के बाद से सुरेश राठौर की बढ़ती कानूनी और राजनीतिक चुनौतियों को दर्शाती है, जहां कांग्रेस सहित विपक्षी दल इस मुद्दे को जमकर उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा सीबीआई जांच की सिफारिश के बाद भी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। मामले की जांच जारी है।
अंकिता भंडारी हत्याकांड: सीबीआई जांच पर कांग्रेस-बीजेपी में रार जारी

देहरादून। उत्तराखंड में चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 9 जनवरी 2026 को मामले की सीबीआई जांच की संस्तुति दे दी है। यह फैसला अंकिता के माता-पिता की मांग और लंबे समय से चल रहे जन-आंदोलनों के दबाव में लिया गया है। हालांकि, इस घोषणा के बावजूद कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक रार थमने का नाम नहीं ले रही है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने सीएम धामी के फैसले का स्वागत करते हुए इसे जन-भावनाओं के अनुरूप बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने शुरू से ही निष्पक्ष जांच की और दोषियों को जेल भेजा। अब सीबीआई जांच से विपक्ष के झूठ और दुष्प्रचार का पर्दाफाश होगा। भट्ट ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे अंकिता के नाम पर समाज को बांटने और माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने सभी पक्षों से राजनीति बंद करने की अपील की और नर्सिंग कॉलेज के नाम परिवर्तन पर कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक झूठ करार दिया।
भाजपा का कहना है कि यह फैसला पीड़ित परिवार की इच्छा का सम्मान है और सरकार ने पहले भी पूरी पारदर्शिता से कार्रवाई की थी।

उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सीबीआई जांच की संस्तुति को जनता के संघर्ष की जीत बताया, लेकिन इसे अधूरी करार दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य दोनों में भाजपा की सरकार होने से सीबीआई की निष्पक्षता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। गोदियाल ने मांग की कि जांच हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में होनी चाहिए, तभी सच्चाई सामने आएगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने यह फैसला देकर अपनी पिछली जांच में बड़ी चूक स्वीकार कर ली है। कांग्रेस का संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक कथित वीआईपी का नाम नहीं खुलता, बुलडोजर चलाने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होती और दोषियों को सजा नहीं मिलती। गोदियाल ने जांच को टाइम-बाउंड बनाने की भी मांग की ताकि न्याय में देरी न हो।

यह मामला 2022 का है, जब अंकिता भंडारी (19) एक रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थीं। विशेष जांच दल (SIT) ने तीन आरोपियों को उम्रकैद की सजा दिलाई थी। हाल ही में वायरल ऑडियो-वीडियो और कथित वीआईपी एंगल के खुलासे से विवाद फिर भड़क गया, जिसके बाद प्रदर्शन तेज हो गए।
अब केंद्र सरकार को इस संस्तुति पर अंतिम फैसला लेना है। दोनों दल एक-दूसरे पर राजनीति करने का आरोप लगा रहे हैं, जबकि पीड़ित परिवार को पूर्ण न्याय की उम्मीद बंधी है।
कॉर्बेट में बुजुर्ग महिला की मौत के बाद संदिग्ध बाघ ट्रेंकुलाइज


रामनगर, उत्तराखंड। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में 2 जनवरी को 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला की जान लेने वाले संदिग्ध बाघ को पार्क प्रशासन ने तड़के करीब 2:30 बजे सफलतापूर्वक ट्रेंकुलाइज कर लिया। बेहोश किए जाने के बाद बाघ को कॉर्बेट की ढेला रेंज स्थित रेस्क्यू सेंटर भेजा गया है, जहां वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ. दुष्यंत शर्मा और उनकी टीम द्वारा उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है।

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक राहुल मिश्रा ने बताया कि 2 जनवरी को रिजर्व क्षेत्र के अंतर्गत सांवल्दे गांव के जंगल में लकड़ी काटने गई एक बुजुर्ग महिला पर बाघ ने हमला कर दिया था। बाघ महिला को घसीटते हुए जंगल के भीतर ले गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। मृतका की पहचान 60 वर्षीय सखियां देवी पत्नी चंदू सिंह, निवासी सांवल्दे गांव के रूप में हुई थी। घटना के बाद से क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ था।

घटना के बाद पार्क प्रशासन ने इलाके में लगातार निगरानी शुरू की। घटनास्थल के आसपास कैमरा ट्रैप लगाए गए और बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरा भी लगाया गया। कैमरा ट्रैप में जिस बाघ की गतिविधियां बार-बार रिकॉर्ड हो रही थीं, उसी के आधार पर उसे ट्रेंकुलाइज किया गया। उपनिदेशक ने बताया कि पकड़ा गया बाघ नर (मेल टाइगर) है, जिसकी उम्र करीब 5 से 7 वर्ष के बीच आंकी गई है और फिलहाल वह पूरी तरह स्वस्थ है।

उन्होंने बताया कि ट्रेंकुलाइज किए गए बाघ और मृतक महिला के सैंपल डीएनए जांच के लिए सीसीएमबी हैदराबाद भेजे जाएंगे, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि महिला पर हमला करने वाला बाघ यही था या नहीं।

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने बताया कि घटना वाले क्षेत्र में कई अन्य बाघों की भी मौजूदगी थी, लेकिन कैमरा ट्रैप में बार-बार उसी इलाके में दिखाई देने के कारण इसी बाघ को पकड़ने का निर्णय लिया गया। उल्लेखनीय है कि बीते एक सप्ताह से ग्रामीण लगातार बाघ को पकड़ने की मांग कर रहे थे। बाघ के ट्रेंकुलाइज होने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे जंगल की ओर जाते समय सतर्क रहें और वन विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
अंकिता भंडारी केस में पीएम-सीएम की डीपफेक वीडियो वायरल, देहरादून साइबर थाने में दो मुकदमे दर्ज
देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े एक संवेदनशील मामले में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डीपफेक तकनीक के दुरुपयोग का गंभीर मामला सामने आया है। एआई के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की फर्जी (डीपफेक) वीडियो बनाए जाने के आरोप में देहरादून साइबर क्राइम थाने में दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं।

पहले मामले में सहस्त्रधारा रोड निवासी रोहित ने शिकायत दर्ज कराई है। रोहित ने बताया कि वह पेशे से व्यापारी हैं और उनका किसी भी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने एक सजग नागरिक के रूप में शिकायत दर्ज कराई है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड जैसे संवेदनशील विषय पर तकनीक का दुरुपयोग कर भ्रामक और आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित करना घृणित कृत्य है।

शिकायत के अनुसार, ‘सुमित्रा भुल्लर’ नाम की फेसबुक प्रोफाइल के माध्यम से सुनियोजित साजिश के तहत एआई और डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल कर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के चेहरे व आवाज की हूबहू नकल तैयार की गई। इस फर्जी वीडियो में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर तथ्यहीन और आपत्तिजनक बयान दिखाए गए, जो वास्तविकता से परे हैं।

वहीं दूसरे मामले में ऋषिकेश के गुमानीवाला निवासी संजय राणा ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक्स (पूर्व में ट्विटर) प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध ग्रोक एआई के जरिए गंभीर, आपत्तिजनक और कानून-विरोधी गतिविधियां की जा रही हैं। संजय राणा ने बताया कि उन्होंने इसकी सत्यता जांचने के लिए अपनी सामान्य फोटो ग्रोक एआई पर अपलोड की, जिसके बाद एआई द्वारा उनकी अश्लील तस्वीर बना दी गई। इस संबंध में उन्होंने स्क्रीनशॉट को साक्ष्य के रूप में साइबर क्राइम पुलिस को सौंपा है।

पीड़ित ने इस कृत्य को डिजिटल यौन उत्पीड़न, निजता का उल्लंघन, महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाला और अपराध को बढ़ावा देने वाला बताया है।
एसटीएफ के एसएसपी नवनीत भुल्लर ने बताया कि दोनों मामलों में अलग-अलग मुकदमे दर्ज कर लिए गए हैं और जांच के लिए विशेषज्ञ टीम गठित की गई है। जांच के बाद एआई तकनीक के दुरुपयोग में शामिल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और अन्य जिम्मेदार तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उत्तराखंड कांग्रेस का ऐलान: मनरेगा का नाम बदलने के विरोध में 10 जनवरी से प्रदेशव्यापी आंदोलन

देहरादून, उत्तराखंड। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का नाम बदलकर VB–G RAM-G किए जाने के फैसले के खिलाफ उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस ने 10 जनवरी से प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है। कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र की भाजपा सरकार मनरेगा की आत्मा और ग्रामीणों के रोजगार के अधिकार को खत्म करना चाहती है। कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा ने कहा कि यह केवल नाम बदलने का मामला नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकारों को कमजोर करने की साजिश है। उन्होंने बताया कि एआईसीसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में हुई कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में इस मुद्दे पर आंदोलन का निर्णय लिया गया। कुमारी शैलजा ने कहा कि यूपीए सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई मनरेगा योजना दुनिया की एक ऐतिहासिक और पाथ ब्रेकिंग योजना रही है, जिसने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की गारंटी दी। इस योजना ने करोड़ों लोगों को गरीबी से बाहर निकाला और कोविड-19 जैसी महामारी के दौरान लाखों लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए। कांग्रेस का आरोप है कि मोदी सरकार इस जनकल्याणकारी योजना को कमजोर करने की दिशा में काम कर रही है। * आंदोलन का चरणबद्ध कार्यक्रम 10 जनवरी: प्रत्येक जिले में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर मनरेगा का नाम बदले जाने की सच्चाई जनता के सामने रखी जाएगी। 11 जनवरी: महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर जिला स्तर पर एक दिवसीय अनशन। इसमें पार्टी नेता और मनरेगा से जुड़े ग्रामीण शामिल होंगे। 12 से 29 जनवरी: पंचायत स्तर पर गांवों में चौपाल लगाकर लोगों को योजना की स्थिति और बदलावों की जानकारी दी जाएगी। 30 जनवरी (शहीदी दिवस): शांतिपूर्ण धरना देकर अमन, चैन, शांति और काम करने के अधिकार का संदेश। 31 जनवरी से 6 फरवरी: सभी जिला मुख्यालयों पर “मनरेगा बचाओ” धरना। 7 से 15 फरवरी: तिथि तय कर विधानसभा घेराव। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के पत्र ग्राम प्रधानों, पूर्व प्रधानों, रोजगार सेवकों और आम जनता तक पहुंचाएंगे। कांग्रेस का कहना है कि वह बड़े पैमाने पर जन-जन तक पहुंचकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जागरूकता फैलाएगी और ग्रामीणों के रोजगार के अधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।
देहरादून में अवैध मजार पर चला बुलडोजर, सरकारी जमीन कराई गई मुक्त
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देशों के बाद प्रदेश में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। इसी क्रम में देहरादून शहर के घंटाघर स्थित एचएनबी कॉम्प्लेक्स में सरकारी भूमि पर बनी एक अवैध मजार को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।

बीती रात नगर प्रशासन, एमडीडीए और नगर निगम की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। मजार के साथ वहां मौजूद टीन शेड और मलबे को भी हटाया गया। अभियान के दौरान नगर मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह, एसडीएम हरिगिरि, पुलिस अधीक्षक नगर प्रमोद कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

नगर मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर पहले संरचना का सर्वे कराया गया था। इसके बाद एमडीडीए की ओर से भूमि और निर्माण से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी किया गया, लेकिन वैध कागजात नहीं दिखाए जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि हटाने की कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार के अवशेष नहीं मिले।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में देहरादून जिला प्रशासन के साथ बैठक में सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। प्रशासन के अनुसार, देहरादून शहर और आसपास दो दर्जन से अधिक अवैध मजारें सरकारी जमीन पर बनी हुई हैं, जिन पर चरणबद्ध कार्रवाई की जा रही है।

गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत अब तक करीब 11 हजार एकड़ सरकारी भूमि को मुक्त कराया जा चुका है। साथ ही, पूरे प्रदेश में 573 अवैध मजारों को हटाया जा चुका है। सरकार का कहना है कि बीते वर्षों में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे कर मस्जिद और मजारें बनाई गईं, जिनमें से कुछ को वक्फ बोर्ड में भी दर्ज करा दिया गया था। अब ऐसे सभी अवैध निर्माणों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
उत्तराखंड में बदला मौसम का मिजाज

* पहाड़ों में बारिश-बर्फबारी के आसार, मैदानी इलाकों में घने कोहरे का येलो अलर्ट


देहरादून। उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम करवट लेने जा रहा है। प्रदेश के कई जिलों में आज बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के आसार बने हुए हैं। वहीं मैदानी क्षेत्रों में घने कोहरे के चलते जनजीवन प्रभावित हो सकता है। मौसम विभाग ने इसे देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है।

देहरादून स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। इसके साथ ही 2800 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने की संभावना है। प्रदेश के अन्य जिलों में मौसम शुष्क बना रह सकता है।

मौसम विभाग ने हरिद्वार, नैनीताल, पौड़ी, चंपावत, देहरादून और उधम सिंह नगर जिलों में घने कोहरे की चेतावनी जारी की है। साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों में पाला पड़ने की आशंका भी जताई गई है, जिसको लेकर येलो अलर्ट लागू किया गया है।

राजधानी देहरादून में हल्के से मध्यम कोहरे के साथ अधिकतम तापमान लगभग 20 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 8 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

नैनीताल के मैदानी इलाकों में सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई। कोहरे के कारण ठंड में इजाफा दर्ज किया गया है। दफ्तर जाने वाले कर्मचारी, स्कूली बच्चे और मॉर्निंग वॉक पर निकलने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

मैदानी क्षेत्रों में दृश्यता घटकर करीब 50 मीटर रह गई है। मौसम विभाग ने वाहन चालकों को सतर्कता बरतने और सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की सलाह दी है।
साध्वी प्राची ने की हरिद्वार को 'अमृत क्षेत्र' घोषित करने की मांग कहा, गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर लगे प्रतिबंध


हरिद्वार, उत्तराखंड। हिंदूवादी नेता साध्वी प्राची ने धर्मनगरी हरिद्वार को 'अमृत क्षेत्र' घोषित करने और गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग उठाई है। प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में साध्वी प्राची ने कहा कि हरकी पैड़ी हिंदुओं का प्रमुख पवित्र तीर्थ स्थल है। इसकी पवित्रता और मान-मर्यादा को बनाए रखने के लिए गैर-धर्मावलंबियों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाना चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि तीर्थ क्षेत्र में गैर-हिंदुओं द्वारा संपत्ति खरीदने पर भी रोक लगाई जाए। साध्वी प्राची ने उदाहरण देते हुए बताया कि ईसाइयों की वेटिकन सिटी और मुस्लिमों के मक्का-मदीना में अन्य धर्मों के लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध है। इसी तर्ज पर हरिद्वार में भी ऐसा नियम लागू किया जाना चाहिए।

साध्वी प्राची ने नगर निगम द्वारा बनाए गए बायलॉज का सख्ती से पालन करने की अपील की। उन्होंने हरिद्वार और हरकी पैड़ी को 'अमृत क्षेत्र' घोषित करने के साथ-साथ गैर-धर्मावलंबियों पर रोक लगाने की मांग दोहराई।

उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सराहना करते हुए कहा कि वे हिंदू संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इस संदर्भ में बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों की जांच कर उन्हें चिन्हित कर बाहर करने की भी मांग की।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार हरिद्वार के गंगा घाटों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश को नियंत्रित करने पर विचार कर रही है, खासकर आगामी अर्धकुंभ मेले को देखते हुए।
देहरादून नगर निगम के विकास कार्यों की टेंडर सूची में गड़बड़ी, सभी टेंडर पर रोक


देहरादून, उत्तराखंड। देहरादून नगर निगम में विकास कार्यों के टेंडर को लेकर सामने आए विवाद के बाद अब प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। टेंडर सूची में गड़बड़ी की जांच रिपोर्ट में अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद नगर आयुक्त नमामि बंसल ने सभी विकास कार्यों के टेंडर पर फिलहाल रोक लगा दी है। साथ ही प्रस्तावित कार्यों का भौतिक सत्यापन भी शुरू कर दिया गया है।

नगर निगम की ओर से कराई गई जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि कुछ विकास कार्य गलत तरीके से टेंडर सूची में शामिल किए गए थे। जांच रिपोर्ट के अनुसार, कुछ कार्य ऐसे थे जो अन्य विभागों द्वारा पहले ही पूरे किए जा चुके हैं, जबकि कुछ कार्य नगर निगम द्वारा पहले ही संपन्न किए जा चुके थे। इसके बावजूद उन्हें दोबारा टेंडर सूची में दर्शाया गया, जिससे गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।

गौरतलब है कि पिछले सप्ताह महापौर कोटे से नगर निगम के सभी 100 वार्डों में प्रस्तावित विकास कार्यों की टेंडर सूची जारी की गई थी। इसके बाद कई पार्षदों ने सूची पर आपत्ति जताई। पार्षदों का आरोप था कि कुछ वार्डों में जहां 20 से 22 लाख रुपये के कार्य स्वीकृत किए गए हैं, वहीं कुछ वार्डों में 70 से 80 लाख रुपये तक के कार्य शामिल कर दिए गए, जिससे असमानता साफ झलकती है।

विवाद बढ़ने पर महापौर सौरभ थपलियाल और नगर आयुक्त नमामि बंसल ने शिकायतों का संज्ञान लेते हुए टेंडर सूची की जांच के आदेश दिए थे। जांच समिति की रिपोर्ट सामने आने के बाद गड़बड़ियों की पुष्टि हुई, जिसके चलते सभी विकास कार्यों के टेंडर पर रोक लगाने का फैसला किया गया।

नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी विकास कार्यों का भौतिक सत्यापन और पूरी जांच प्रक्रिया समाप्त होने के बाद ही नए सिरे से टेंडर जारी किए जाएंगे। प्रशासन का कहना है कि पारदर्शिता बनाए रखने और किसी भी तरह की अनियमितता को रोकने के लिए यह कदम जरूरी था।