छात्रवृत्ति वितरण में देरी पर कल्याण मंत्री चमरा लिंडा सख्त, बोकारो, चतरा, गिरिडीह के अधिकारियों को लगाई फटकार


रांची/

कल्याण मंत्री श्री चमरा लिंडा ने सोमवार (01 दिसंबर 2025) को राज्य में छात्रवृत्ति योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने साफ कहा कि छात्रों को छात्रवृत्ति मिलने में किसी भी हाल में देर नहीं होनी चाहिए।

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धीमी गति पर चिंता और फटकार

मंत्री श्री लिंडा ने बोकारो, चतरा, और गिरिडीह जिलों में प्री-मैट्रिक (कक्षा 1-8 और 9-10) और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के वितरण की धीमी गति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में शत-प्रतिशत छात्रवृत्ति वितरण सुनिश्चित किया जाना चाहिए था।

इस धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए, उन्होंने बोकारो, चतरा, और गिरिडीह के जिला कल्याण पदाधिकारियों से कारण पृच्छा (कारण बताओ नोटिस) करने का भी निर्देश दिया।

शैक्षणिक सत्र समाप्त होने से पहले भुगतान का सख्त आदेश

कल्याण मंत्री श्री लिंडा ने जिला कल्याण पदाधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे यथाशीघ्र वर्तमान शैक्षणिक सत्र समाप्त होने से पहले छात्रवृत्ति भुगतान संबंधी सभी कार्रवाई सुनिश्चित करें।

इसके साथ ही, उन्होंने सभी जिलों के उपायुक्तों (DCs) को निर्देश दिया कि वे ससमय जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित करें और लंबित छात्रवृत्ति के आवेदनों पर तुरंत स्वीकृति प्रदान करने की कार्रवाई पूरी करें, ताकि छात्रों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सके।

झारखंड के पूर्व CM चंपाई सोरेन ने असम सरकार की तारीफ़ की, CM हिमंत सरमा को दिया धन्यवाद

झारखंड/रांची।

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने असम सरकार और वहाँ के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की जमकर सराहना की है। सोरेन ने असम विधानसभा द्वारा पारित किए गए एक संशोधन बिल की तारीफ की, जिसके तहत चाय बागान कर्मचारियों को उनकी जमीन का मालिकाना हक (Ownership Rights) प्रदान किया जाएगा।

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चाय बागान कर्मचारियों को मिलेगा मालिकाना हक

असम विधानसभा ने शुक्रवार को एक संशोधन बिल पारित किया है, जो असम सरकार को चाय बागानों की 'लेबर लाइन्स' में रहने वाले कर्मचारियों के बीच घर बनाने के लिए जमीन का वितरण करने और उन्हें उसका मालिकाना हक देने की अनुमति देगा।

ऐतिहासिक फैसले से लाखों आदिवासियों को फायदा

झारखंड के सरायकेला विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी विधायक चंपाई सोरेन ने शनिवार को एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा कि असम सरकार के इस फैसले से लाखों आदिवासियों और अन्य कर्मचारियों को फायदा होगा, जो पिछले 200 सालों से असम में बसे हुए हैं।

सोरेन ने उस प्रस्ताव का भी स्वागत किया, जिसे असम कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इस प्रस्ताव में चाय बागान के कर्मचारियों, जिनमें अधिकांश झारखंड की मिट्टी से जुड़े आदिवासी शामिल हैं, को अनुसूचित जनजाति (Schedule Tribe - ST) कैटेगरी में शामिल करने की बात कही गई है।

कांग्रेस पर अधिकारों को नकारने का आरोप

चंपाई सोरेन ने आरोप लगाया कि असम में पूर्व की कांग्रेस सरकारों ने इन कर्मचारियों के अधिकारों को हमेशा नकार दिया था, जो कई सदियों से पूर्वोत्तर राज्य में रह रहे हैं। उन्होंने कहा, "लेकिन वहाँ की बीजेपी सरकार ने इन कर्मचारियों के दशकों पुराने संघर्ष का सम्मान करते हुए उनकी मांग पूरी करने की दिशा में एक मजबूत कदम उठाया है।"

सोरेन ने आदिवासी समाज की ओर से, इन "ऐतिहासिक फैसलों" के लिए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को तहे दिल से धन्यवाद दिया।

हिमंत सरमा ने जताया आभार

चंपाई सोरेन के पोस्ट का जवाब देते हुए, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को उनकी प्रेरक बातों के लिए सराहना की। सरमा ने कहा कि चाय समुदाय और आदिवासी समाज के अधिकारों को मजबूत करना "हमारी सरकार की सबसे बड़ी प्रतिबद्धता" है। उन्होंने आगे कहा, "आपकी शुभकामनाएं चाय बागान के सभी कर्मचारी परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए हमें प्रेरित करती रहेंगी।"

भारत ने साउथ अफ्रीका को हराया, विराट-कुलदीप और हर्षित ने रांची में दिलाई जीत

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साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में बुरी तरह हारने वाली टीम इंडिया ने वनडे सीरीज में जोरदार आगाज करते हुए पहले मैच में जीत दर्ज कर ली. रांची में खेले गए पहले वनडे में टीम इंडिया ने विराट कोहली के शानदार और रिकॉर्डतोड़ शतक की मदद से 349 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया. इसके बाद हर्षित राणा के पहले ओवर और कुलदीप यादव के बीच के ओवर में किए करिश्मे से साउथ अफ्रीका को 332 रन पर रोक दिया. इस तरह भारत ने 17 रन से जीत दर्ज करते हुए 3 मैच की सीरीज में 1-0 की बढ़त ले ली.

कोहली का शतक, रोहित-राहुल भी चमके

रांची के JSCA क्रिकेट स्टेडियम में टीम इंडिया ने पहले बैटिंग की और शहर की खुशनुमा दोपहर में फैंस के लिए ये कदम अच्छा साबित हुआ. रांची के दर्शकों को विराट कोहली और रोहित शर्मा की बेहतरीन साझेदारी देखने का मौका मिला. एक महीने पहले सिडनी में कमाल की मैच जिताऊ पार्टनरशिप करने वाले दोनों दिग्गजों ने यहां भी शतकीय साझेदारी की और 136 रन जोड़े. रोहित (57) ने जहां अर्धशतक जमाया तो वहीं विराट ने शतक जड़कर ही दम लिया.

कोहली ने वनडे करियर का 52वां शतक जमाया और इस तरह सचिन तेंदुलकर के एक फॉर्मेट में सबसे ज्यादा शतक के रिकॉर्ड को तोड़ दिया. तेंदुलकर ने टेस्ट में 51 शतक लगाए थे. वहीं रांची के मैदान पर कोहली का ये तीसरा शतक था. उन्होंने सिर्फ 120 गेंदों में 135 रन ठोके, जिसमें 11 चौके और 7 छक्के थे. वहीं कप्तान केएल राहुल (60) ने भी अर्धशतक जमाया, जबकि रवींद्र जडेजा (32) ने भी तेज पारी खेली. साउथ अफ्रीका के लिए कॉर्बिन बॉश समेत 4 तेज गेंदबाजों ने 2-2 विकेट लिए.

हर्षित-कुलदीप ने 3-3 गेंदों में किया खेल

टीम इंडिया की पारी के बाद ये साफ था कि साउथ अफ्रीका के लिए भी रन बनाना ज्यादा मुश्किल नहीं होगा. मगर दूसरे ही ओवर में हर्षित राणा (3/65) ने कहर बरपा दिया. अपने ओवर की पहली गेंद पर उन्होंने रायन रिकल्टन को बोल्ड किया और तीसरी गेंद पर क्विंटन डिकॉक को आउट कर दिया. दोनों ही खाता नहीं खोल सके. फिर अर्शदीप सिंह (2/64) ने तीसरी सफलता दिलाते हुए कप्तान एडन मार्करम को पवेलियन लौटाया. सिर्फ 11 रन पर ही 3 विकेट गिर गए थे लेकिन इसके बावजूद साउथ अफ्रीका के बल्लेबाजों ने हमला जारी रखा और अहम साझेदारी करते हुए भारत को आसानी से आगे नहीं आने दिया.

खास तौर पर मैथ्यू ब्रीत्जकी (72) और मार्को यानसन (70) की 97 रन की तूफानी साझेदारी ने टीम इंडिया को मुश्किल में डाल दिया था. मगर यहीं पर 34वें ओवर में कुलदीप यादव (4/68) ने तीन गेंदों के अंदर इन दोनों को पवेलियन लौटाते हुए टीम इंडिया की वापसी करवा दी. हालांकि इसके बाद भी साउथ अफ्रीका ने आसानी से हथियार नहीं डाले. कॉर्बिन बॉश (67) ने धुआंधार बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 40 गेंदों में अर्धशतक जमा दिया. आखिरी ओवर में साउथ अफ्रीका को 18 रन की जरूरत थी लेकिन प्रसिद्ध कृष्णा ने दूसरी गेंद पर बॉश को आउट करते हुए साउथ अफ्रीका की उम्मीदों को खत्म किया.

निकलने ही वाली थी बारात, दूल्हे ने कर लिया सुसाइड… फंदे से लटका मिला शव, ये थी वजह

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झारखंड की राजधानी रांची के एक इलाके में उस समय सन्नाटा पसर गया, जब बारात निकलने से कुछ ही घंटों पहले दूल्हे ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. देखते ही देखते ही कुछ ही मिनटों पर खुशियां मातम और चीख-पुकार में तब्दील हो गई. पीड़ित पिता ने बेटे की पूर्व प्रेमिका और कुछ अन्य लोगों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है.

दरअसल, यह पूरा मामला रांची के सुखदेव नगर थाना क्षेत्र के तहत आने वाले न्यू मधुकम इलाके का है. यहां रहने वाले उदित पांडेय के बेटे नीतेश पांडेय की शादी लातेहार जिले में तय हुई थी. नीतेश भारतीय रेलवे में ट्रेन मैनेजर के पद पर तैनात थे. शनिवार को उनकी बारात निकलनी थी, लेकिन इससे एक घंटे पहले ही उन्होंने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. फंदे पर झूलते बेटे को देखते ही परिवार की चीख-पुकार निकल गई. घर में चारों तरफ छाई खुशियां अचानक मातम में बदल गईं.

टीचर संग प्रेम संबंध में था नीतेश

जानकारी के अनुसार, साल 2017 में नीतेश बिहार में टीचर के पद पर तैनात एक युवती के साथ प्रेम संबंध में था. दोनों के बीच धीरे-धीरे प्यार बढ़ता चला गया. इस दौरान उनके बीच शारीरिक संबंध भी बने. दोनों ने एक दूसरे से शादी करने का वादा भी किया. हालांकि, इस बीच नितेश अपने वादे से मुकर गया और परिवार की मर्जी से शादी करने के लिए तैयार हो गया. इस बात की जानकारी होते ही प्रेमिका का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया.

तिलक कार्यक्रम में युवक को उठा ले गई थी पुलिस

प्रेमिका ने सुखदेवनगर थाने में प्रेमी नितेश पांडे के खिलाफ यौन शोषण सहित कई गंभीर धाराओं में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस की गंभीरता को समझते हुए तत्काल जांच में जुट गई. 25 नवंबर को नितेश का तिलक कार्यक्रम चल रहा था, तभी पुलिस मौके पर पहुंच गई. वह उसे लेकर थाने ले आई. परिजनों का आरोप है कि इस दौरान पैसे लेकर पुलिस ने नितेश को छोड़ दिया था. इसके बाद शादी के अन्य मांगलिक कार्यक्रम जारी रहे.

शनिवार को नितेश की बारात निकलनी थी कि इससे पहले ही उनसे सुसाइड कर लिया. घटना के बाद मृतक के परिजनों ने पुलिस और पूर्व प्रेमिका के खिलाफ मानसिक प्रताड़ना की शिकायत दर्ज कराते हुए कार्रवाई की मांग की है.

रांची में विराट कोहली ने जमाया रंग, 52वां शतक जड़कर तोड़ा सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड

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जब बार-बार सवाल उठें, काबिलियत पर शक किया जाने लगे, तब जवाब देने का एक ही तरीका होता है- दमदार प्रदर्शन. भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज और पूर्व कप्तान विराट कोहली ने बस यही किया है. हर मैच के साथ जहां कोहली के वनडे क्रिकेट में भविष्य को लेकर आशंका जताई जा रही है, वहीं विराट अब अपने बल्ले से जवाब दे रहे हैं. साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज के पहले मैच में कोहली ने एक शानदार शतक लगाकर आलोचकों और यहां तक कि BCCI में फैसला लेने वालों को भी जवाब दे दिया.

ऑस्ट्रेलिया दौरे पर वनडे सीरीज के साथ इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी करने वाले विराट कोहली के लिए वो सीरीज तो खास नहीं रही थी लेकिन रांची में साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहले ही वनडे मैच में उन्होंने एक लाजवाब शतक जमाकर फैंस को खुश कर दिया. रांची के JSCA क्रिकेट स्टेडियम में पहले ही 2 वनडे शतक लगा चुके पूर्व भारतीय कप्तान ने इस मैदान के साथ अपने शानदार सफर को जारी रखा और यहां अपना तीसरा शतक ठोक दिया.

पहले बैटिंग कर रही टीम इंडिया ने चौथे ओवर में ही ओपनर यशस्वी जायसवाल का विकेट गंवा दिया था और यहां से विराट कोहली की एंट्री हुई. क्रीज पर आने के साथ ही कोहली ने रन बरसाने शुरू कर दिए. इस बार तो वो चौकों के साथ ही छक्के बरसाने पर भी ध्यान दे रहे थे और अर्धशतक पूरा करने तक ही उन्होंने 3 छक्के जमा दिए थे. इस दौरान कोहली ने रोहित शर्मा के साथ 136 रन की बेहतरीन साझेदारी भी की. मगर रोहित के आउट होने के बाद जल्दी-जल्दी 3 विकेट गिर गए लेकिन कोहली दूसरी ओर से टिके रहे.

फिर आया 38वां ओवर, जिसमें कोहली ने चौका जमाकर अपना शानदार शतक पूरा कर लिया. कोहली ने 102 गेंदों में वनडे क्रिकेट में अपना 52वां शतक पूरा किया और इसके साथ ही सचिन तेंदुलकर का एक फॉर्मेट में सबसे ज्यादा शतकों का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया. सचिन ने टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा 51 शतक जड़े थे लेकिन अब कोहली ने 306 वनडे मैच में उनका ये रिकॉर्ड तोड़ते हुए खुद नंबर-1 बन गए हैं. कोहली का इस साल ये दूसरा शतक है. इससे पहले उन्होंने फरवरी में पाकिस्तान के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी में शतक जमाया था.

कोहली के पास दोहरा शतक लगाने का मौका थ लेकिन कुछ थकान और पीठ का दर्द उन पर हावी होता दिखा और 43वें ओवर में बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में कैच दे बैठे. फिर भी कोहली ने रांची के दर्शकों का बेहतरीन मनोरंजन किया और स्टेडियम में मौजूद फैंस ने भी पवेलियन लौटते हुए उन्हें पूरा सम्मान दिया. कोहली ने 120 गेंदों में 135 रन की लाजवाब पारी खेली, जिसमें 11 चौके और 7 छक्के शामिल थे.

झारखंड में 'PM फसल बीमा योजना' की शुरुआत: रबी फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित

प्रीमियम का बड़ा हिस्सा राज्य सरकार वहन करेगी; बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर

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झारखंड सरकार ने किसानों को प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए रबी फसलों हेतु प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शुरुआत कर दी है। इस योजना के तहत किसानों को बीमा के लिए भारी-भरकम प्रीमियम नहीं देना होगा, क्योंकि प्रीमियम का बड़ा हिस्सा राज्य सरकार वहन करेगी, जबकि शेष राशि किसान को देनी होगी।

लागू जिले और अधिसूचित फसलें

लागू जिले (11): धनबाद, दुमका, गिरिडीह, गुमला, हजारीबाग, जामताड़ा, पाकुड़, रांची, सरायकेला-खरसावां, सिमडेगा और खूंटी।

अधिसूचित फसलें (मौसम 2025-26): आलू, सरसों, चना और गेहूं।

बीमा कवर और भुगतान

कवर: कम बारिश, अत्यधिक बारिश, खेतों में 14 दिन तक पानी भरा रहने या सूखे जैसी आपदा की स्थिति में किसानों का दावा मान्य होगा और उन्हें क्षतिपूर्ति दी जाएगी।

भुगतान: बीमा का भुगतान सीधे किसानों के बैंक खाते में किया जाएगा।

अंतिम तिथि और आवेदन प्रक्रिया

बीमा कराने की अंतिम तिथि: 31 दिसंबर।

आवेदन माध्यम: किसान अपनी फसलों का बीमा नजदीकी सेंटरों और ऑनलाइन माध्यम से करा सकेंगे।

अनिवार्य दस्तावेज: आवेदन के लिए आधार कार्ड, राशन कार्ड, भूमि संबंधी कागजात और बैंक खाता अनिवार्य होगा।

भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका (पहला ODI, रांची) में भारत को लगा पहला झटका

रांची। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच जारी पहले एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय (ODI) मैच में भारत को शुरुआती झटका लगा है। सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल अपना विकेट गंवाकर पवेलियन लौट चुके हैं।

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जायसवाल के आउट होने के बाद अब टीम इंडिया की पारी को संभालने की जिम्मेदारी भारत के सबसे अनुभवी बल्लेबाजों के कंधों पर आ गई है।

क्रीज पर: रोहित शर्मा और अनुभवी बल्लेबाज विराट कोहली अब क्रीज पर मौजूद हैं।

लक्ष्य: दोनों दिग्गज खिलाड़ियों का लक्ष्य अब पारी को मजबूती देना और एक बड़ी साझेदारी करना होगा।

बनहरदी कोयला खनन परियोजना: 5.35 एकड़ अधिग्रहित भूमि का प्रथम भौतिक कब्जा सफलतापूर्वक पूरा

PVUNL ने बोर्ड स्थापित कर औपचारिक रूप से किया अधिग्रहण; पतरातू संयंत्र को कोयला आपूर्ति होगी सुनिश्चित

लातेहार, 30 नवंबर 2025। पीवीयुएनएल (PVUNL) की बनहरदी कोयला खनन परियोजना द्वारा आज (29.11.2025) खदान क्षेत्र में स्थित ग्राम एटे की 5.35 एकड़ अधिग्रहित भूमि का प्रथम भौतिक कब्जा सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया। इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया को औपचारिक रूप से सम्पन्न करने हेतु उक्त भूमि पर बनहरदी कोयला खनन परियोजना-पीवीयुएनएल का बोर्ड स्थापित किया गया।

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परियोजना नेतृत्व और उपस्थिति

यह अधिग्रहण प्रक्रिया श्री एन. के. मल्लिक, महाप्रबंधक (बनहरदी सीएमपी) के नेतृत्व में और श्री अशोक कुमार सहगल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (पीवीयुएनएल) के मार्गदर्शन में पूरी की गई।

इस ऐतिहासिक अवसर पर परियोजना के अन्य अधिकारीगण (श्री एम. चन्द्रशेगर, श्री आर.बी. सिंह, श्री अमरेश चंद्र राउल), तथा भूमि स्वामी श्री लाल रंजन नाथ शाहदेव, ग्रामवासियों और पंचायत प्रतिनिधियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

परियोजना का महत्व

बनहरदी कोल ब्लॉक पीवीयुएनएल (एनटीपीसी लिमिटेड की सहायक कंपनी और जेबीवीएनएल का संयुक्त उपक्रम) का एक कैप्टिव कोल ब्लॉक है।

इस खदान से कोयले की आपूर्ति हाल ही में चालू हुए पतरातू संयंत्र को की जाएगी।

पतरातू विद्युत प्लांट से उत्पन्न बिजली का 85% हिस्सा झारखंड राज्य को आवंटित है।

आगे की योजना

परियोजना द्वारा CBA एक्ट के माध्यम से अर्जित भूमि का मुआवजा भुगतान के बाद कब्जा शुरू करने का MOU लक्ष्य समय सीमा में हासिल कर लिया गया है। प्रबंधन को उम्मीद है कि आगे भी अर्जित भूमि का कब्जा प्राप्त करने के उपरांत खदान से कोयला उत्पादन शीघ्र ही प्रारंभ किया जा सकेगा।

IND vs SA: रोहित-विराट की जोड़ी बनेगी नंबर-1, भारतीय क्रिकेट के इतिहास में पहली बार होगा ऐसा

रांची के JSCA स्टेडियम में भारत और साउथ अफ्रीका के बीच खेला जाने वाला वनडे सीरीज का पहला मैच रोहित शर्मा और विराट कोहली के लिए काफी खास होगा. जब दोनों टीमों के बीच मुकाबला शुरू होगा, तब मैदान पर सिर्फ क्रिकेट ही नहीं, इतिहास भी बनेगा. भारतीय क्रिकेट के दिग्गज रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे ही इस मैच में एक साथ उतरेंगे, तो वह एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लेंगे. ये पल हर एक क्रिकेट फैन के लिए काफी खास रहने वाला है.

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जोड़ी नंबर-1 बनने से एक कदम दूर रोहित-विराट

याद कीजिए, 18 अगस्त 2008 का दिन. दांबुला में श्रीलंका के खिलाफ वनडे मैच में 20 साल के रोहित शर्मा और 19 साल के युवा विराट कोहली पहली बार भारतीय टीम के साथ मैदान पर उतरे थे. उस दिन किसी ने नहीं सोचा था कि यही दो लड़के 17 साल बाद भारतीय क्रिकेट की सबसे लंबे समय तक साथ चलने वाली जोड़े बन जाएंगी. दरअसल, रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे ही रांची के मैदान में एक साथ उतरेंगे, तो वह भारत के लिए सबसे ज्यादा इंटरनेशनल मैच खेलने वाली जोड़ी बन जाएंगी.

यह दोनों खिलाड़ियों का एक साथ 392वां मैच होगा, जिसके साथ वह सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ की मशहूर जोड़ी के 391 मैचों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ देंगे. सचिन-द्रविड़ की जोड़ी ने 1996 से 2012 तक 391 मैच साथ खेले थे. उस दौर में उन्होंने न सिर्फ रन बनाए बल्कि भारतीय बल्लेबाजी की रीढ़ बने. अब रोहित और कोहली ने उस महान रिकॉर्ड को अपने नाम करने जा रहे हैं. खास बात यह है कि यह जोड़ी अभी भी सक्रिय है और आने वाले समय में 400 मैचों का आंकड़ा भी छू सकती है.

9 महीने बाद होगी वापसी

रोहित शर्मा और विराट कोहली के लिए ये मैच कई मायनों में खास है. ये दोनों खिलाड़ी टेस्ट और टी20I से संन्यास ले चुके हैं और सिर्फ भारतीय वनडे टीम का हिस्सा हैं. जिसके चलते वह टीम इंडिया की जर्सी ने 9 महीने के लंबे इंतजार के बाद भारत में खेलने उतरेंगे. इन दोनों खिलाड़ियों ने भारत में आखिरी मैच साल की शुरुआत में अहमदाबाद में इंग्लैंड की टीम के खिलाफ खेला था. यानी फैंस को ये लंबा इंतजार भी आज खत्म हो जाएगा.

रांची में अंधविश्वास की आड़ में ठगी: 'आपका बेटा मर जाएगा' कहकर महिला से लूटे ₹15 लाख के गहने


रांची, झारखंड। झारखंड की राजधानी रांची के नामकुम क्षेत्र अंतर्गत जोरार से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ दो शातिर ठगों ने अंधविश्वास और भय का फायदा उठाकर एक महिला से लाखों रुपये के गहने ठग लिए।

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ठगों ने उठाया त्रासदी का फायदा

पीड़ित: जोरार क्षेत्र की निवासी रानी देवी, जिन्होंने हाल ही में अपने पति और छोटे बेटे को खो दिया था।

घटना: शुक्रवार को रानी देवी घर से थोड़ी दूर सब्जियां खरीदने बाजार गई थीं, तभी उन्हें दो अनजान व्यक्ति मिले। उन्होंने पता पूछने के बहाने रानी देवी से बात करनी शुरू कर दी।

भय का जाल: शातिर ठगों ने रानी देवी से कहा कि वह बहुत परेशान लग रही हैं और उनके परिवार पर बहुत बड़ा संकट आने वाला है। उन्होंने सीधे रानी देवी के बड़े बेटे की जान को खतरा बताते हुए कहा कि अगर उपाय नहीं किया गया, तो उसकी कभी भी मौत हो सकती है।

गहनों के 'शुद्धिकरण' का झांसा

ठगों ने रानी देवी के डर का फायदा उठाकर उनसे कहा कि एक उपाय करने से घर की खुशियां वापस लौट आएंगी और संकट दूर हो जाएंगे।

गहने लाने को कहा: उन्होंने रानी देवी से घर के सारे गहने लाने को कहा, यह बताते हुए कि उनका शुद्धिकरण करना होगा।

उपाय की शर्त: ठगों ने कहा कि शुद्धिकरण के बाद उन्हें गहनों की पोटली ठगों को देनी होगी और 51 कदम बिना पीछे मुड़े आगे चलना होगा। इसके बाद वापस आकर गहने वापस ले जाकर घर में रखने से सारी तकलीफें दूर हो जाएंगी।

ठग ₹15 लाख के गहने लेकर फरार

रानी देवी ने डरकर उनकी बात मान ली और घर से करीब 15 लाख रुपये के कीमती गहने लाकर पोटली उन्हें सौंप दी। जैसे ही वह 51 कदम पूरे करके वापस लौटीं, दोनों युवक गहने लेकर वहाँ से फरार हो चुके थे।

रानी देवी ने नामकुम थाना में अपने साथ हुई ठगी के मामले में केस दर्ज कराया है और पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है।