औरंगाबाद में मासूम की दर्दनाक मौत: पानी भरे गड्ढे में डूबकर चार साल की बच्ची ने गंवाई जान, निर्माण एजेंसी पर लापरवाही के आरोप
,औरंगाबाद जिले के अंबा थाना क्षेत्र के भलुआड़ी बरवाडीह गांव में शनिवार की शाम एक हृदयविदारक हादसा सामने आया, जिसमें चार साल की मासूम बच्ची राधा प्रिया की मौत हो गई। पानी से भरे गड्ढे में गिरकर डूबने के कारण उसकी जान चली गई। गांव में पसरा मातम और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल इस हादसे की गंभीरता को बयां करता है। बताया जाता है कि गांव के पास सड़क निर्माण कार्य के दौरान संबंधित एजेंसी ने जेसीबी से मिट्टी काटकर एक गहरा गड्ढा बनाया था। गड्ढे में बारिश और नाली का पानी भर गया था। स्थानीय लोगों के अनुसार, ग्रामीणों की सुरक्षा की कोई व्यवस्था किए बिना इसे खुला छोड़ दिया गया था। इसी बीच, शनिवार शाम राधा अन्य बच्चों की तरह घर के पास खेल रही थी। खेल-खेल में वह पानी से भरे उसी गड्ढे की ओर चली गई और अनजाने में उसमें गिर पड़ी। काफी देर तक घर न लौटने पर परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की। खोज के दौरान जब बच्ची पानी भरे गड्ढे में मिली, तो परिजन उसे तुरंत सदर अस्पताल ले गए। उन्होंने उसे जिंदा समझकर इलाज की उम्मीद में दौड़ लगाई, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। बच्ची की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई।
निर्माण एजेंसी पर आरोप, कर्मी मौके से फरार
ग्रामीणों ने इस हादसे के लिए भारत माला परियोजना के तहत वाराणसी–कोलकाता ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य में लगी पीएनसी कंपनी पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि गांव से निकलने वाली नाली का पानी सड़क किनारे न बह सके, इसके लिए घर के पास ही अस्थायी गड्ढा खोदा गया था, जिसकी कोई सुरक्षा घेराबंदी नहीं की गई थी। लगातार पानी भरने से यह दुर्घटना का कारण बना। घटना के बाद निर्माण कार्य में लगे सभी कर्मी मौके से फरार हो गए। इससे ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ गया। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक निर्माण एजेंसी सुरक्षित कार्य नहीं करेगी, ग्रामीण काम बंद कराने को मजबूर होंगे। स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कंपनी के वाहन चालक भी बिना किसी नियम-कानून की परवाह किए तेज रफ्तार में वाहनों का संचालन करते हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
पुलिस की कार्रवाई जारी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे परिजनों को सौंप दिया। अंबा थानाध्यक्ष राहुल राज ने बताया कि परिजनों को लिखित आवेदन देने को कहा गया है। आवेदन मिलते ही प्राथमिकी दर्ज कर मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई पूरी गंभीरता से की जाएगी। राधा प्रिया की मौत न सिर्फ एक परिवार का उजड़ना है, बल्कि यह निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की बड़ी कीमत भी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कंपनी समय रहते सुरक्षा इंतजाम करती, तो यह मासूम आज जीवित होती। अब गांव के लोग न्याय की मांग कर रहे हैं और उम्मीद जता रहे हैं कि प्रशासन इस लापरवाही पर सख्त कदम उठाएगा।







3 hours ago
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