धान, मक्का, बाजरा और ज्वार की सरकारी खरीद हेतु किसानों का पंजीकरण प्रारम्भ
अमर बहादुर सिंह बलिया शहर। लखनऊ:उत्तर प्रदेश सरकार ने धान, मोटे अनाज/मिलेट्स (श्री अन्न), मक्का, बाजरा एवं ज्वार की सरकारी खरीद के लिए किसानों का पंजीकरण प्रारम्भ कर दिया है। किसान खाद्य एवं रसद विभाग की वेबसाइट fcs.up.gov.in अथवा मोबाइल एप UP Kisan Mitra पर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। सरकार द्वारा स्पष्ट किया गया है कि पंजीकृत किसानों से ही इन फसलों की खरीद की जाएगी। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) इस प्रकार हैं— धान (कॉमन) : ₹2369/- प्रति क्विंटल धान (ग्रेड-ए) : ₹2389/- प्रति क्विंटल मक्का : ₹2400/- प्रति क्विंटल बाजरा : ₹2775/- प्रति क्विंटल ज्वार (हाईब्रीड) : ₹3699/- प्रति क्विंटल ज्वार (मालदंडी) : ₹3749/- प्रति क्विंटल खरीद अवधि धान (पूर्वांचल) : 1 अक्टूबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक धान (पश्चिमी उत्तर प्रदेश) : 1 नवम्बर 2025 से 28 फरवरी 2026 तक मक्का, बाजरा एवं ज्वार : 1 अक्टूबर 2025 से 31 फरवरी 2026 तक जिलों का चयन मक्का खरीद वाले जिले : बुलंदशहर, मुरादाबाद, अमरोहा, फिरोजाबाद, बरेली, अयोध्या, अंबेडकरनगर, बस्ती, बाराबंकी, बहराइच, श्रावस्ती, संतकबीरनगर, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, देवरिया, गोंडा, लखीमपुरखीरी। बाजरा खरीद वाले जिले : बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, कासगंज, एटा, मैनपुरी। ज्वार खरीद वाले जिले : कानपुर देहात, कानपुर नगर, झांसी, बांदा, चित्रकूट, महोबा, हमीरपुर, फतेहपुर, मिर्जापुर, उन्नाव, हरदोई। खरीद प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन होगी और किसानों को भुगतान PFMS प्रणाली के माध्यम से सीधे उनके बैंक खाते में किया जाएगा। खाद्य एवं रसद विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे पंजीकरण के समय आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण, भूमि संबंधी दस्तावेज और मोबाइल नंबर अपने पास रखें। विस्तृत जानकारी के लिए किसान UP Kisan Mitra App डाउनलोड कर सकते हैं अथवा टोल-फ्री नंबर 1800-1800-150 पर संपर्क कर सकते हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार ने धान, मोटे अनाज/मिलेट्स (श्री अन्न), मक्का, बाजरा एवं ज्वार की सरकारी खरीद के लिए किसानों का पंजीकरण प्रारम्भ कर दिया है। किसान खाद्य एवं रसद विभाग की वेबसाइट fcs.up.gov.in अथवा मोबाइल एप UP Kisan Mitra पर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। सरकार द्वारा स्पष्ट किया गया है कि पंजीकृत किसानों से ही इन फसलों की खरीद की जाएगी। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) इस प्रकार हैं— धान (कॉमन) : ₹2369/- प्रति क्विंटल धान (ग्रेड-ए) : ₹2389/- प्रति क्विंटल मक्का : ₹2400/- प्रति क्विंटल बाजरा : ₹2775/- प्रति क्विंटल ज्वार (हाईब्रीड) : ₹3699/- प्रति क्विंटल ज्वार (मालदंडी) : ₹3749/- प्रति क्विंटल खरीद अवधि धान (पूर्वांचल) : 1 अक्टूबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक धान (पश्चिमी उत्तर प्रदेश) : 1 नवम्बर 2025 से 28 फरवरी 2026 तक मक्का, बाजरा एवं ज्वार : 1 अक्टूबर 2025 से 31 फरवरी 2026 तक जिलों का चयन मक्का खरीद वाले जिले : बुलंदशहर, मुरादाबाद, अमरोहा, फिरोजाबाद, बरेली, अयोध्या, अंबेडकरनगर, बस्ती, बाराबंकी, बहराइच, श्रावस्ती, संतकबीरनगर, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, देवरिया, गोंडा, लखीमपुरखीरी। बाजरा खरीद वाले जिले : बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, कासगंज, एटा, मैनपुरी। ज्वार खरीद वाले जिले : कानपुर देहात, कानपुर नगर, झांसी, बांदा, चित्रकूट, महोबा, हमीरपुर, फतेहपुर, मिर्जापुर, उन्नाव, हरदोई। खरीद प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन होगी और किसानों को भुगतान PFMS प्रणाली के माध्यम से सीधे उनके बैंक खाते में किया जाएगा। खाद्य एवं रसद विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे पंजीकरण के समय आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण, भूमि संबंधी दस्तावेज और मोबाइल नंबर अपने पास रखें। विस्तृत जानकारी के लिए किसान UP Kisan Mitra App डाउनलोड कर सकते हैं अथवा टोल-फ्री नंबर 1800-1800-150 पर संपर्क कर सकते हैं। 
नगर की रामलीला में पांचवें दिन गुरूवार की शाम रामलीला मैदान में जयंत पक्षी का अंग-भंग, मुनी मिलन एवं सती अनुसुइया के विभिन्न प्रसंगों केका कलाकारों ने जीवंत तथा भावपूर्ण अभिनय किया। इसे देख दर्शक भाव-विह्वल हो उठे। वन गमन के दौरान जब मां जानकी डा अपनी कुटियां के बाहर बैठी हुई थी कि की उसी समय इंद्रदेव का पुत्र जयंत पक्षी नी का वेश धारण कर जानकी के पैरो में । चोंच मारकर लहुलूहान कर दिया। यह की देख भगवान श्रीराम उस पक्षी के मारने ह के तीर छोड़ दिए। जयंत पक्षी अपनी जान बचाने के लिए विभिन्न देवी में देवताओं सहित नारद जी के शरण में डीं गया, जहां उनके द्वारा बताया गया कि डी तुमने मां सीता के पैरों में चोंच मारकर नघोर पाप किया है। इसके लिए तुम्हें प्रभु श्रीराम के चरणों में गिरकर माफी र मांगनी होगी। जब तक जयंत श्रीराम से के माफी मांगता, तब तक उनके द्वारा का छोड़ा गया तीर उसकी एक आंख को भंग कर दिया। तत्पश्चात श्रीराम, सीता एवं लक्ष्मण जंगल में विचरण करने चल दिए। इस दौरान वहां तपस्या कर रहे यत्री मुनी एवं भारद्वाज मुनी से मुलाकात हुई, जहां दोनों मुनियों ने तपस्या पस्या के दौरान राक्षसों के अत्याचार के बारे में बताया गया। इस पर श्रीराम ने उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिया। साथ ही यत्री मुनी की धर्मपत्नी सती अनुसुइया ने सीता को नारी धर्म, पति धर्म सहित अनेक प्रसंगों पर ज्ञान प्रदान किया। इन तीनों प्रसंगों को देखने के लिए हजारों की भीड़ रामलीला मैदान में जमी रही। मुनि आगमन व ताड़का वध का मंचन नगरा। सार्वजनिक रामलीला समिति के तत्वावधान में जनता इण्टर कालेज के प्रांगण में चल रहे रामलीला में मुनि आगमन एवं ताड़का वध का मंचन किया गया। राक्षसों के उत्पात एवं अत्याचार से दुखी मुनि श्रीराम को मनाने चित्रकूट पहुंच गये भरत नगरा। प्राचीन आदर्श रामलीला कमेटी के तत्वावधान में पुरानी दुर्गा मंदिर प्रांगण में आयोजित रामलीला में राजा दशरथ के देहावसान पर दाह संस्कार के बाद श्रीराम को मनाने भरत चित्रकूट गए, जहां श्रीराम ने भरत को पिता को दिए वचन का पालन करने को कहा। भरत के हठ करने पर श्रीराम ने अपनी खड़ाऊ देकर उन्हें लौटने के लिए कहा। इसके बाद भरत खड़ाऊ लेकर लौट आये। श्रीराम के वन से लौटने तक भरत ने खड़ाऊ को सिंहासन पर रखकर शासन किया। यह दृश्य देखकर लोगों की आंखें छलक पड़ी। इस मौके पर राजकुमार गोंड, सपा नेता उमाशंकर राम, गोविन्द खरवार, राम सनेही गोंड, अमित सिंह सप्पू, सभासद संजय सिंह, दीपू पाठक, रविप्रकाश पाठक, उमेश पाठक, पवन पाठक, रवि पाठक आदि मौजूद रहे। विश्वामित्र राजा दशरथ के दरबार में पहुंचे और राक्षसी अत्याचार को बताते हुए रक्षा हेतु श्रीराम एवं लक्ष्मण को मांगा। राजा दशरथ काफी सोच में पड़ जाते है, लेकिन वशिष्ठ मुनि के समझाने पर वह तैयार हो जाते है। श्रीराम-लक्ष्मण अपने माता-पिता का आशीर्वाद लेकर मुनि विश्वामित्र के साथ चल दिए। वन में पहुंचते ही श्रीराम-लक्ष्मण मुनि विश्वामित्र का आदेश पाकर ताड़का वध, मारिच संहार, सुबाहु वध करते है। इस दौरान दर्शक जय श्रीराम का नारा लगाने लगे। इसके पहले मुख्य सेवक मनमोहन सिंह एवं विनय यादव ने संयुक्त रुप से श्रीराम का पूजन अर्चन कर आरती उतारी। इस मौके पर पूर्व प्रमुख निर्भय प्रकाश, राजेश दीपू, ओके जायसवाल, हरेराम, रामायण ठाकुर, काशीनाथ टेका जायसवाल, जयप्रकाश जायसवाल, गणपति मुन्ना, अजीत चौहान, मुन्नी लाल, रिंकू, राहुल ठाकुर, राजकुमार आदि मौजूद रहे।
धन केंद्र नगरा पर ब्लॉक स्तरीय गणित ओलंपियाड का आयोजन किया गया। जिसमें विकासखंड नगरा के कंपोजिट/ उच्च प्राथमिक विद्यालय एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय से दो प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले कुल 90 बच्चों की परीक्षा संपन्न हुई । जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पकवाइनार बलिया की प्रवक्ता किरण सिंह डायट मेंटर ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण, पुष्पांजलि ,दीप प्रज्ज्वलन एवं सुगंध अर्पण के साथ प्रतियोगिता का आरंभ कराया। कार्यक्रम राम प्रताप सिंह खंड शिक्षा अधिकारी नगरा के दिशा निर्देश में प्रतियोगिता 11:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक संपन्न हुई तथा कुल 20 शिक्षकों ने उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया जिसमें अधिकतम अंक प्राप्त करने वाले क्रमशः 10 बच्चों का चयन हुआ जिन्हें डायट प्रवक्ता किरण सिंह जी द्वारा उपहार एवं माल्यार्पण कर उत्साहवर्धित एवं पुरस्कृत किया गया ।कार्यक्रम में दयाशंकर, विसुनदेव राम, परशुराम तिवारी, राम प्रवेश वर्मा, अशोक वर्मा, अशोक शर्मा, पुष्पांजलि श्रीवास्तव, मीना मिश्रा, बच्चा लाल आदि शिक्षकों ने उल्लेखनीय सहयोग किया । दस विजेता प्रतिभागियों में क्रमशः करण चौहान, मयंक पांडेय ,रागिनी चौहान ,राकेश, अंशु यादव, आयुष वर्मा, नीलम , प्रियांशु ,राजकुमार पांडेय ,दीपक गौड़ थे। कार्यक्रम का प्रबंधन ए आर पी दयाशंकर तथा संचालन राम कृष्ण मौर्य ने किया।
सार्वजनिक रामलीला समिति के तत्वाधान में चल रहे रामलीला महोत्सव का चौथा दिन भक्तिमय और भावपूर्ण रहा। मंचन में भगवान श्रीराम के चरणों से अहिल्या का उद्धार हुआ और माँ गंगा के अवतरण की कथा प्रस्तुत की गई। इसके बाद प्रभु राम का मिथिला नगर आगमन दर्शकों के लिए उत्साह और श्रद्धा का क्षण बना। कथा अनुसार, अहिल्या को इंद्रदेव के छल के कारण श्राप मिला और वे शिला बन गई थीं। श्रीराम के चरण स्पर्श मात्र से अहिल्या पुनः जीवित हो गईं, जिससे रामलीला मैदान "जय श्रीराम" के नारों से गूंज उठा। मंचन में ऋषि विश्वामित्र ने माँ गंगा के अवतरण की कथा भी सुनाई। बताया गया कि भगीरथ के तप और भगवान शिव की कृपा से गंगा स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई और अपने पवित्र जल से पापियों का उद्धार करती हैं। भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और गुरु विश्वामित्र के मिथिला नगर आगमन पर नगरवासियों ने भव्य स्वागत किया। मुख्य सेवक मनोज पांडे ने भगवान श्री राम को माला पहनाकर कर तिलक एवं आरती की, जबकि पूर्व ब्लॉक प्रमुख निर्भय प्रकाश ने उन्हें अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में राजेश गुप्ता, शशि प्रकाश,हरे राम गुप्ता,राजू चौहान, रामायण ठाकुर, गणपति, मुन्ना, रिंकू गुप्ता, सुनील गुप्ता, राहुल ठाकुर, राजकुमार यादव, केपी यादव, राजू सोनी, राकेश गुप्ता सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अयोध्या से आए हुये रामलीला कालकारों ने बताया कि यह प्रसंग श्रद्धा, धर्म और प्रभु के चरण-स्पर्श की महिमा का प्रतीक है।
आचार्य ओम प्रकाश वर्मा नगरा। बलिया साइबर अपराधियों ने नगर पंचायत क्षेत्र के एक प्रतिष्ठित स्कूल के प्रधानाचार्य के खाते से एक लाख रुपये के निकासी कर ली। यह जानकारी मिलते ही प्रिंसिपल के होश उड़ गए। घटना की चर्चा पूरे क्षेत्र में होने लगी कि प्रशासनिक दावों के बावजूद साइबर अपराधियों का जाल लगातार बढ़ रहा है और लोग शिकार हो रहे हैं। नगर पंचायत स्थित नेशनल कान्वेंट स्कूल के प्रधानाचार्य नफीस हाशमी ने बताया कि उनका खाता सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया शाखा नगरा में संचालित है। सोमवार को उनके मोबाइल पर दो बार में निकासी का मैसेज आया। पहला मैसेज 49 हजार रुपये का और दूसरा 50 हजार रुपये का था। बैंक जाकर जांच करने पर स्पष्ट हुआ कि खाते से 99 हजार रुपये उड़ा लिए गए हैं। जांच में सामने आया कि यह रकम सात अलग-अलग खातों में स्थानांतरित की गई है। प्रिंसिपल ने इसकी लिखित शिकायत साइबर क्राइम ब्रांच को दी है। सूचना मिलते ही साइबर सेल आवश्यक कार्रवाई में जुट गया है और कुछ गोपनीय जानकारी भी जुटाई गई है।
नगरा (बलिया) प्राचीन दुर्गा रामलीला कमेटी नगरा (पुरानी दुर्गा मंदिर) के तत्वावधान में चल रही रामलीला में आज का मंचन अत्यंत भावुक कर देने वाला रहा। प्रसंग में भरत अपने गुरुजनों एवं मंत्रियों संग चित्रकूट पर्वत पहुँचे और बड़े भाई श्रीराम से अयोध्या लौटने की विनती की। श्रीराम ने भरत को समझाया कि पिता के वचन और धर्मपालन सर्वोपरि है, ऐसे में वनवास पूर्ण होने से पूर्व अयोध्या लौटना संभव नहीं। इस पर भरत ने प्रभु श्रीराम की खड़ाऊँ लेकर नंदीग्राम में उन्हें राजसिंहासन पर विराजमान मानकर राज्य संचालन का संकल्प लिया। भरत-राम मिलन" के इस भावनात्मक मंचन ने दर्शकों को भी भावविह्वल कर दिया। पूरा परिसर भाईचारे के अद्वितीय दृश्य से गूंज उठा और दर्शकों की आंखें नम हो गईं। इस अवसर पर समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। व्यास की भूमिका रमेश पाठक ने निभाई। आयोजन में सहयोगी के रूप में संजय सिंह (सभासद), दीपू पाठक, रवि प्रकाश पाठक, उमेश पाठक, पवन पाठक, राजकुमार आदि सक्रिय रहे।
रामेश्वर प्रजापति नगरा(बलिया)। सार्वजनिक रामलीला समिति के तत्वावधान में चल रही रामलीला के तीसरे दिन का मंचन दर्शकों के लिए अत्यंत रोचक और भावपूर्ण रहा। लीला में विश्वामित्र ऋषि ने राजा दशरथ से भगवान श्रीराम और लक्ष्मण को अपने यज्ञ की रक्षा हेतु साथ ले जाने का आग्रह किया। मार्ग में ताड़का नामक भयानक राक्षसी का प्रकट होना हुआ, जिसने ऋषि-मुनियों को लंबे समय से सताया था। भगवान श्रीराम ने अपने पराक्रम से ताड़का का वध कर ऋषियों को भयमुक्त किया। इसके उपरांत यज्ञ स्थल पर मारीच और सुबाहु राक्षसों का आगमन हुआ। श्रीराम ने अपने दिव्य बाणों से उनका भी संहार कर यज्ञ की सफल रक्षा की। इस प्रसंग में राम-लक्ष्मण की वीरता और धर्मरक्षा की झलक ने दर्शकों को अत्यधिक प्रभावित किया। रामलीला मंचन देखने के लिए नगर एवं आसपास के क्षेत्रों से भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। इस अवसर पर राजेश गुप्ता, रामायण ठाकुर, शशि प्रकाश कुशवाहा, रिंकू गुप्ता, राजू चौहान, हरे राम गुप्ता आदि गणमान्य लोग मौजूद रहे। मुख्य सेवक के रूप में मनमोहन सिंह एवं विनय यादव ने संयुक्त रूप से भगवान श्रीराम की आरती की। समिति के पदाधिकारियों द्वारा सेवक के रूप में आए हुए सेवकों को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
25 सितम्बर 2025 – जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय, बलिया के कुलपति प्रो. संजीत कुमार गुप्त के मार्गदर्शन एवं निदेशक शैक्षणिक डॉ. पुष्पा मिश्रा के निर्देशन में समाज कार्य विभाग द्वारा "स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा 2025" के अंतर्गत वृद्धा आश्रम गड़वार में विशेष जागरूकता एवं सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य वृद्धजनों को स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता प्रदान करना तथा उन्हें सेवा और सहयोग का अनुभव कराना था। आश्रम में रह रहे वृद्धजनों को फल वितरित किए गए और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि स्वच्छता केवल व्यक्तिगत जीवन तक सीमित नहीं है बल्कि यह समाज के प्रत्येक वर्ग की जिम्मेदारी है। साफ-सफाई से न केवल व्यक्ति का स्वास्थ्य बेहतर होता है बल्कि संपूर्ण समाज में स्वस्थ वातावरण का निर्माण भी संभव होता है। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकगण और छात्रों ने वृद्धजनों के साथ समय बिताया और उनके अनुभवों को सुना। इससे छात्र-छात्राओं में बुजुर्गों के प्रति संवेदनशीलता और सेवा भावना का विकास हुआ। इस अवसर पर डॉ. प्रेम भूषण यादव, डॉ. रूबी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, डॉ. सौम्या तिवारी सहित समाज कार्य विभाग के शिक्षकगण मौजूद रहे। वहीं छात्र-छात्राओं में अमर बहादुर सिंह, राजू यादव, अविनाश पांडेय, निशांत, धर्मेंद्र, शिम्पी सिंह, शालू, पूजा और प्रेमा लता की सक्रिय भागीदारी रही। इस कार्यक्रम ने न केवल वृद्धजनों को अपनापन और सहयोग का एहसास कराया, बल्कि युवाओं को भी समाज सेवा की ओर प्रेरित किया। स्वच्छता एवं सेवा के इस संयुक्त अभियान ने विश्वविद्यालय की सामाजिक प्रतिबद्धता को मजबूत किया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय प्रशासन और समाज कार्य विभाग के संयुक्त प्रयासों से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
Sep 27 2025, 17:33
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